<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/digital-arrest-fraud/tag-59007" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>digital arrest fraud - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/59007/rss</link>
                <description>digital arrest fraud RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राजस्थान में सड़क हादसों की तीन बड़ी घटनाओं में 88 लोगों की मौत, जयपुर हादसे में भी नशे में ड्राइविंग प्रमुख कारण</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने जयपुर में डिजिटल अरेस्ट और आतंकवादी गतिविधियों का डर दिखाकर बुजुर्ग दंपती से हुई 76 लाख रुपये की साइबर ठगी मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 50 लाख रुपये होल्ड करा दिए हैं। पुलिस ने बैंक खाते उपलब्ध कराने और ठगी की रकम ट्रांसफर कराने के आरोपी अखंड प्रताप सिंह और सतपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/88-people-died-in-three-major-incidents-of-road-accidents/article-163644"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/road.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में वर्ष 2025 के दौरान हुई कुछ बड़ी सड़क दुर्घटनाओं ने वाहन सुरक्षा, सड़क इंजीनियरिंग, प्रवर्तन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमियों को उजागर किया। सड़क सुरक्षा संबंधी निष्पादन लेखापरीक्षा में दुर्घटनाओं के कई मामलों का अध्ययन किया गया। इनमें जैसलमेर, फलोदी और जयपुर में हुई तीन गंभीर दुर्घटनाएं शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन घटनाओं में मानवीय लापरवाही के साथ सड़क और वाहन सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थागत कमियां भी सामने आईं।</p>
<p><strong>जैसलमेर में चलती बस में लगी आग, 28 की मौत </strong></p>
<p>4 अक्टूबर 2025 को जैसलमेर में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर एक नव-पंजीकृत यात्री बस में चलते समय आग लग गई। हादसे में 28 लोगों की मौत हुई और सात यात्री गंभीर घायल हुए। जांच में आग लगने का कारण एसी गैस का रिसाव और शॉर्ट सर्किट बताया गया। रिपोर्ट में बस में गंभीर विद्युत दोष, निम्न गुणवत्ता के बॉडी फैब्रिकेशन और अनिवार्य अग्नि पहचान और अग्निशमन प्रणाली की कमी का उल्लेख किया गया। इसके अलावा सीटों की गलत स्थिति से आपातकालीन निकास बाधित था। बस में अग्निशामक और सुरक्षा हथौड़े भी उपलब्ध नहीं थे। रिपोर्ट ने इसे वाहन सुरक्षा मानकों के अनुपालन और पंजीकरण के बाद निरीक्षण व्यवस्था से जुड़ी गंभीर कमी के रूप में रेखांकित किया।</p>
<p>फलोदी में खड़े ट्रेलर से टकराया टेम्पो ट्रैवलर </p>
<p>2 नवंबर 2025 को फलोदी के निकट राष्टÑीय राजमार्ग-754-के पर टेम्पो ट्रैवलर और ट्रेलर के बीच भीषण दुर्घटना हुई। ट्रेलर को सड़क के कैरिजवे की लेन में अवैध रूप से खड़ा किया गया था। इसी क्षेत्र में भारतीय राष्टÑीय राजमार्ग प्राधिकरण के मार्गाधिकार क्षेत्र के भीतर एक अनधिकृत ढाबा भी स्थित था। ओवरटेक करते समय ट्रैवलर चालक खड़े ट्रेलर को नहीं देख पाया और पीछे से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में 45 लोगों की मौत हुई, जिनमें 40 महिलाएं और चार बच्चे शामिल थे। दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए।</p>
<p>सड़क सुरक्षा आॅडिट और समन्वित कार्रवाई की जरूरत</p>
<p>रिपोर्ट में इन घटनाओं से परिवहन, पुलिस और राजमार्ग प्राधिकरणों के बीच बेहतर समन्वय, मजबूत अनुपालन व्यवस्था, सड़क सुरक्षा आॅडिट और प्रभावी प्रवर्तन की जरूरत रेखांकित की गई है। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर समय पर सुधारात्मक कदम उठाने और वाहन सुरक्षा मानकों की नियमित जांच को भी महत्वपूर्ण माना गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/88-people-died-in-three-major-incidents-of-road-accidents/article-163644</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/88-people-died-in-three-major-incidents-of-road-accidents/article-163644</guid>
                <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 14:02:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-08/road.png"                         length="1313902"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिजिटल अरेस्ट के दौरान पुलिस की कार्रवाई: 76 लाख की ठगी, 50 लाख होल्ड, दो गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने जयपुर में डिजिटल अरेस्ट और आतंकवादी गतिविधियों का डर दिखाकर बुजुर्ग दंपती से हुई 76 लाख रुपये की साइबर ठगी मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 50 लाख रुपये होल्ड करा दिए हैं। पुलिस ने बैंक खाते उपलब्ध कराने और ठगी की रकम ट्रांसफर कराने के आरोपी अखंड प्रताप सिंह और सतपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/police-action-during-digital-arrest-fraud-of-rs-76-lakh/article-163641"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)84.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। साइबर अपराधियों ने पुलिस, एटीएस और एनआईए अधिकारी बनकर एक बुजुर्ग दंपती को कथित आतंकवादी गतिविधियों एवं मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी देकर की गई 76 लाख की साइबर ठगी के मामले में राजस्थान स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने 50 लाख की राशि होल्ड कराई है। पुलिस ने अखंड प्रताप सिंह निवासी गौतमबुद्ध नगर उत्तर प्रदेश और सतपाल सिंह निवासी गाजीपुर दिल्ली को गिरफ्तार किया है। गत 14 अगस्त को मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने ठगी की रकम की मनी ट्रेल, आरोपियों के मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का तकनीकी विश्लेषण शुरू किया।</p>
<p>व्हाट्सएप कॉल से शुरू हुआ डिजिटल अरेस्ट का खेल: जयपुर निवासी परिवादी ने पुलिस को बताया कि 5 अगस्त को उनकी पत्नी के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आई। आरोपियों ने खुद को पुलिस, एटीएस और एनआईए का अधिकारी बताते हुए उनके आधार कार्ड से आतंकवादी गतिविधियों और करोड़ों रुपए के वित्तीय अपराध होने की बात कही। आरोपियों ने गिरफ्तारी और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ  कार्रवाई का भय दिखाया। आरोपियों ने दंपती के फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जानकारी एवं तस्वीरें मंगवाई। दबाव में आकर दंपती ने अपनी बचत को लिक्विडेट कर अलग-अलग बैंक खातों में 76 लाख ट्रांसफर कर दिए।</p>
<p><strong>बैंकिंग ट्रेल से बचाई रकम </strong></p>
<p>बैंकिंग ट्रेल में सामने आया कि ठगी की रकम एक खाते में पहुंचने के बाद उसी दिन आरटीजीएस के माध्यम से दूसरे खाते में तथा अगले दिन अन्य खाते में ट्रांसफर की गई। पुलिस टीम ने संबंधित बैंकों से समन्वय किया और ठगी की 76 लाख की रकम में से करीब 50 लाख होल्ड कराए।</p>
<p><strong>बैंक खाते उपलब्ध कराने में रही भूमिका  </strong></p>
<p>सतपाल सिंह कपड़ा निर्माण एवं सिलाई के व्यवसाय से जुड़ा है। उसने अपनी कंपनी के मैनेजर अखंड प्रताप सिंह के बैंक खातों की जानकारी साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराई। इन खातों में साइबर ठगी की 10 लाख और 7 लाख की रकम प्राप्त हुई। रकम निकलवाने और अन्य खातों में स्थानांतरित कराने में भी उसकी भूमिका सामने आई। कमीशन के लालच में साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में सहयोग किया।    </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/police-action-during-digital-arrest-fraud-of-rs-76-lakh/article-163641</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/police-action-during-digital-arrest-fraud-of-rs-76-lakh/article-163641</guid>
                <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 11:58:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-08/111200-x-600-px%2984.png"                         length="955581"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिजीटल अरेस्ट के नाम पर 7.80 लाख की धोखाधड़ी : दिल्ली में बम ब्लास्ट एवं मनी लॉ्ड्रिरंग का डर दिखाकर की ठगी, 30 घंटे तक वॉट्सएप कॉल रखा चालु</title>
                                    <description><![CDATA[साईबर ठग ने दिल्ली में बम ब्लास्ट एवं मनी लॉ्ड्रिरंग का डर दिखाकर जिले के एक परिवार से 7 लाख 80 हजार रुपए की ठगी कर दी। इस संबंध में सत्यनारायण दोसी निवासी नरसिंह मंदिर पैलेस रोड ने साईबर पुलिस थाने में रिपोर्ट देते बताया उसके मोबाईल पर अज्ञात व्यक्ति ने वाट्सएप कॉल कर अपने आप को मुंबई का बड़ा पुलिस अधिकारी बता अपना नाम प्रेम कुमार बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/banswara/fraud-of-rs-780-lakh-in-the-name-of-digital/article-133396"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/cyber-fraud.jpg" alt=""></a><br /><p>बांसवाड़ा। साईबर ठग ने दिल्ली में बम ब्लास्ट एवं मनी लॉ्ड्रिरंग का डर दिखाकर जिले के एक परिवार से 7 लाख 80 हजार रुपए की ठगी कर दी। इस संबंध में सत्यनारायण दोसी निवासी नरसिंह मंदिर पैलेस रोड ने साईबर पुलिस थाने में रिपोर्ट देते बताया कि 19 नवंबर को दोपहर 12 बजे उसके मोबाईल पर अज्ञात व्यक्ति ने वाट्सएप कॉल कर अपने आप को मुंबई का बड़ा पुलिस अधिकारी बता अपना नाम प्रेम कुमार बताया।</p>
<p>कुछ देर बाद प्रार्थी के वा्टसएप नंबर पर लगातार वीडियो कॉल कर बताया कि आपके खिलाफ दिल्ली में मनी लॉ्ड्रिरंग का केस हुआ है एवं दिल्ली बम ब्लास्ट में आपके मोबाईल नंबर का प्रयोग हुआ है। साईबर ठग ने 30 घंटे तक प्रार्थी व उसकी पत्नी के नंबरों पर वॉट्सएप कॉल चालु रखे और घर में ही डिजीटल अरेस्ट रखा।  इसके बाद 20 नवंबर को प्रार्थी व उसकी पत्नी को बैंक शाखा में जाने को बोला। जिस पर प्रार्थी अपनी पत्नी के साथ आजाद चौक स्थित बैंक शाखा में गये एवं एफडी तुड़वाकर राशि बचत बैंक खाते में जमा करवा दी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बांसवाड़ा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/banswara/fraud-of-rs-780-lakh-in-the-name-of-digital/article-133396</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/banswara/fraud-of-rs-780-lakh-in-the-name-of-digital/article-133396</guid>
                <pubDate>Mon, 24 Nov 2025 14:04:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-09/cyber-fraud.jpg"                         length="420454"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिजिटल अरेस्ट ठगी : 23.56 लाख की साइबर ठगी में एक और आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग निरुद्ध</title>
                                    <description><![CDATA[डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बुजुर्गाें को डराकर ठगी करने वाले साइबर गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल। 75 वर्षीय बुजुर्ग से 23.56 लाख रुपए की ठगी के मामले में गिरोह के सक्रिय सदस्य अनिल कुमार कुमावत गिरफ्तार। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी की पत्नी के खाते में चार अन्य राज्यों से भी ठगी की शिकायतें मिली। गिरफ्तार अनिल को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/digital-arrest-fraud-another-accused-arrested-in-cyber-fraud-of/article-129337"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(10)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। साइबर थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बुजुर्गाें को डराकर ठगी करने वाले साइबर गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर थाना पुलिस ने जयपुर निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग से 23.56 लाख रुपए की ठगी के मामले में गिरोह के सक्रिय सदस्य अनिल कुमार कुमावत (28) को गिरफ्तार किया, जबकि एक बाल अपचारी को निरुद्ध किया गया। उपमहानिरीक्षक पुलिस (डीआईजी) विकास शर्मा के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम शांतनु कुमार के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई हुई। डीआईजी शर्मा ने बताया कि 27 मई को मुलजिमों ने फर्जी पुलिस और सीबीआई अधिकारी बनकर बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट की धमकी दी और 23.56 लाख रुपए ठग लिए। इस मामले में पहले सुरेश कुमार, प्रहलाद कुमावत, ओमप्रकाश, भूपेश, वशुल सन्नी कुमार, रेहान मकन्दर, रितेश शर्मा और कमलेश कुमार सेरावत गिरफ्तार हो चुके हैं। </p>
<p><strong>पत्नी के खाते से करते ठगी का खेल</strong><br />पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अनिल कुमावत, नया बास रेनवाल के गिरोह के लिए लाभान्वित खाताधारक था। जांच में पता चला कि ठगी की राशि में से 63,657 रुपए उसकी पत्नी के बैंक खाते में जमा हुए। इस खाते में अन्य पीड़ितों से ठगे गए 12.50 लाख रुपए भी आए। पुलिस पूछताछ में अनिल ने स्वीकार किया कि उसने पत्नी का खाता ऑनलाइन खुलवाकर ठगों को दिया और कमीशन के लिए राशि निकालकर उन्हें सौंपी। <br />चार राज्यों से जुड़े हैं तार पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी की पत्नी के खाते में चार अन्य राज्यों से भी ठगी की शिकायतें मिली हैं। गुरुवार को गिरफ्तार अनिल को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/digital-arrest-fraud-another-accused-arrested-in-cyber-fraud-of/article-129337</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/digital-arrest-fraud-another-accused-arrested-in-cyber-fraud-of/article-129337</guid>
                <pubDate>Sat, 11 Oct 2025 11:49:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-10/copy-of-news-%2810%293.png"                         length="445343"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        