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                <title>unseasonal rains - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>आसमान में बादलों और सूर्य के बीच लुकाछिपी : बिन मौसम बरसात से किसानों की बढ़ी चिंता, मौसम विभाग ने किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी</title>
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                        <![CDATA[राज्य में पश्चिमी विक्षोभ के पुन: सक्रिय होने से सोमवार को कोटा में झमाझम बारिश हुई, जबकि बूंदी में ओले गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई। बिन मौसम बरसात से कोटा शहर में कई जगह पानी भर गया और कई गांवों में पेड़ गिरने के समाचार।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/farmers-worries-increased-due-to-unseasonal-rains-impact-of-western/article-148485"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/rain2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य में पश्चिमी विक्षोभ के पुन: सक्रिय होने से सोमवार को कोटा में झमाझम बारिश हुई, जबकि बूंदी में ओले गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई। बिन मौसम बरसात से कोटा शहर में कई जगह पानी भर गया और कई गांवों में पेड़ गिरने के समाचार हैं। टोंक जिले के नगरफोर्ट में भी बारिश के साथ ओले गिरने की सूचना हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पश्चिमी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर दिनभर एक परिसंचरण तंत्र बना रहा। इससे आसमान में बादलों और सूर्य के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को बाड़मेर, जोधपुर शहर, फलौदी, अजमेर, टोंक, सीकर में कहीं कम और कही अधिक बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने 31 मार्च को भी शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर, भरतपुर व कोटा संभाग के कुछ भागों में कहीं-कहीं हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना जताई हैं। राजधानी जयपुर में दिन का तापमान 33.7 और रात का तापमान 24.7 डिग्री दर्ज हुआ। </p>
<p><strong>गुलाबी नगरी में सूर्य चमकता रहा, बूंदें गिरती रहीं</strong><br />गुलाबी नगरी के परकोटे में दोपहर करीब ढाई बीच सूर्य की तेज किरणों के बीच बूंदाबांदी हुई। कुछ पलों के लिए आसमान में बादल घिर आए और बूंदें गिरने लगी। दुपहिया वाहन चालक बारिश से बचने के लिए छांव तलाशने लगे, लेकिन कुछ पलों बाद ही बारिश थम गई।</p>
<p><strong>कैसा रहेगा मौसम का मिजाज</strong><br />मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से 1-2 अप्रैल को छिटपुट स्थानों पर मेघगर्जन व बूंदाबांदी और ज्यादातर स्थानों पर मौसम के मुख्यत: शुष्क रहने की संभावना जताई हंै। जबकि 3-5 अप्रैल को एक और नया पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पुन: राज्य के कई भागों में आंधी बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। </p>
<p><strong>मौसम विभाग ने दी किसानों को सलाह </strong><br />खुले आसमान में पक कर तैयार फसलों, कृषि मंड़ियों व धान मंडियों में खुले में रखे हुए अनाज व जिंसो को ढककर रखें या सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें ताकि उन्हें भीगने से बचाया जा सके।  </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 09:30:14 +0530</pubDate>
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                <title>किसानों पर मौसम ने बरपा कहर : बेमौसम बारिश से सोयाबीन की 60 प्रतिशत फसल नष्ट, मुआवजे की आस बाकी</title>
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                        <![CDATA[क्षेत्र बेमौसम की बरसात से सोयाबीन, मूंग व उड़द की फसल हुई नष्ट ।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/soybean-crops-are-suffering-a-double-blow--with-farmers-still-waiting-for-compensation/article-129376"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/co5py-of-news.png" alt=""></a><br /><p> देईखेड़ा। इस बार क्षेत्र के किसानों पर मौसम ने कहर बरपा दिया है। लगातार हुई बेमौसम बारिश से सोयाबीन की करीब 60 प्रतिशत फसल पहले ही नष्ट हो चुकी थी, वहीं हाल की बारिश ने खेतों में खड़ी फसल को फिर से हरा कर किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। किसान अब मजबूरी में दवा डालकर फसल सुखाने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे कटाई संभव हो सके। इस अतिरिक्त खर्च ने पहले से परेशान किसानों की आर्थिक स्थिति पर और बोझ डाल दिया है। किसानों का कहना है कि दोबारा हरियाली आने से फसल के दाने सिकुड़ने लगे हैं, जिससे उपज और वजन दोनों में कमी आने की आशंका है। </p>
<p>वहीं खेत खाली न होने से सरसों और गेहूं की बुवाई में भी देरी हो रही है। झपायता के किसान रामेश्वर नागर ने बताया कि फसल कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन बारिश ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। अब दवा डालकर किसी तरह फसल को सुखाने की कोशिश कर रहे हैं। जिला परिषद सदस्य किशनचन्द्र वर्मा ने कहा कि सरकार की ओर से अब तक सोयाबीन, मूंग और उड़द की बर्बाद हुई फसलों के लिए मुआवजे की घोषणा नहीं की गई है। वहीं लबान क्षेत्र के किसान राजेन्द्र मीणा, महेश मीणा और रामावतार मीणा ने कहा कि ह्लन राम से राहत मिली, न राज से।ह्व किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र राहत की घोषणा नहीं की गई तो अगली फसल की तैयारी भी अधर में रह जाएगी।</p>
<p>क्षेत्र बेमौसम की बरसात से सोयाबीन मूंग व उड़द की फसल नष्ट हो चुकी है, जिसके नुकसान की रिपोर्ट भी सरकार को सम्बंधित विभाग भेज चुके है। परन्तु सरकार ने भी तक भी फसल खराबे के लिये मुवावजा वितरित कर किसानों को राहत पहुंचाने की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की है, जिससे किसान अपनी आगामी फसल के लिये राहत महसूस करें।  <br /><strong>-दिनेश व्यास देईखेड़ा। </strong></p>
<p>कृषि विभाग के साथ मिलकर क्षेत्र क्रॉफ कटिंग कर फसल के नुकासान का आंकलन कर रिपोर्ट सरकार को भेजी जा चुकी है। फसल खराबे के लिये मुवावजा हेतु को दिशा निर्देश सरकार से प्राप्त नही हुए है। <br /><strong>-राजेन्द्र मीणा, तहसीलदार, इंदरगढ़।</strong></p>]]>
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                <pubDate>Sat, 11 Oct 2025 16:24:44 +0530</pubDate>
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