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                <title>beneficiaries - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सर्वर डाउन, गेहूं वितरण में अड़चन, राशन की दुकानों पर दूसरे दिन भी लगी लंबी कतारें</title>
                                    <description><![CDATA[दुकानदार मशीनें रीस्टार्ट करते रहे, लेकिन फिंगरप्रिंट मशीनें नेटवर्क फेल का संदेश देती रहीं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/server-down--disruption-in-wheat-distribution--long-queues-at-ration-shops-for-the-second-consecutive-day/article-131484"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(3)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन वितरण में तकनीकी खामी दूसरे दिन भी दूर नहीं हो सकी। मंगलवार को भी जिलेभर में सर्वर डाउन रहने से गेहूं वितरण बाधित रहा। कई राशन दुकानों पर लाभार्थी सुबह से ही लाइन में खड़े रहे, लेकिन मशीनों में फिंगरप्रिंट या ओटीपी वेरिफिकेशन न होने के कारण वितरण शुरू नहीं हो सका। लोगों को पसीने में तरबतर होकर घंटों इंतजार करना पड़ा। सर्वर डाउन रहने से कोटा जिले में गेहूं वितरण का काम बाधित रहा। लाभार्थियों को लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ा, जबकि दुकानदारों की भी दिनभर मशक्कत जारी रही। विभागीय स्तर पर समस्या के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। </p>
<p><strong>दुकानों पर सुबह से ही उमड़ी भीड़</strong><br />सुबह करीब आठ बजे से ही शहर के प्रमुख इलाकों जैसे नयापुरा, तलवंडी, अनंतपुरा, दादाबाड़ी, गुमानपुरा और रेलवे कॉलोनी क्षेत्र की दुकानों पर लाभार्थी पहुंचने लगे। महिलाएं और बुजुर्ग बोरे व थैले लेकर पहुंचे, मगर सर्वर डाउन की सूचना मिलते ही कई लोग निराश होकर वापस लौट गए। दुकानदार मशीनें बार-बार रीस्टार्ट करते रहे, लेकिन फिंगरप्रिंट मशीनें नेटवर्क फेल का संदेश देती रहीं। राशन डीलरों ने बताया कि कल थोड़ी देर के लिए सर्वर चला था, लेकिन आज तो सुबह से अब तक कुछ भी नहीं हुआ। हर लाभार्थी की पहचान आॅनलाइन वेरिफिकेशन से होती है, सर्वर बंद हो तो कुछ नहीं कर सकते हैं।</p>
<p><strong>लाभार्थियों की परेशानी बढ़ी</strong><br />गुमानपुरा निवासी शारदा बाई ने कहा, सुबह नौ बजे आई थी, दोपहर हो गई लेकिन नंबर नहीं आया। सर्वर ठीक नहीं चल रहा। अब घर जाकर दोबारा आना पड़ेगा। दादाबाड़ी क्षेत्र के रामलाल मीणा बोले, बच्चे स्कूल गए हैं, घर में काम है, लेकिन गेहूं जरूरी है। रोज यही सर्वर की समस्या आती है। सरकार को इसका स्थायी हल निकालना चाहिए। इस सम्बंध में रसद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्तर पर सॉफ्टवेयर अपडेट जारी किया गया है, जिसके कारण सर्वर सिंकिंग में दिक्कत आ रही है। टीम लगातार काम कर रही है, जल्द ही सर्वर पूरी तरह बहाल हो जाएगा। तब तक दुकानदारों को लाभार्थियों को टोकन देकर प्राथमिकता से वितरण करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p><strong>पोस मशीनों में नया साफ्टेयर किया है अपलोड</strong><br />खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से पोस मशीनों में नया सॉफ्टवेयर अपलोड करने के कारण जिले में दो दिन तक गेहूं का वितरण नहीं हो पाया था।  योजना के लाभार्थियों को जानकारी नहीं होने से वे रोजाना राशन की दुकानों पर चक्कर लगा रहे थे। जैसे ही सिस्टम चालू हुआ तो सोमवार को कुछ दुकानों पर गेहूं का वितरण शुरू किया गया था। गेहूं वितरण की जानकारी मिलते ही शहर और ग्रामीण इलाकों की राशन दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कई स्थानों पर तो कार्डधारक सुबह से ही लाइन में लग गए थे। मंगलवार को भी दुकानों पर कतारें लगी रही। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Nov 2025 15:49:29 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - पेंशनर मनाएंगे होली उल्लास से, खातों में आई तीन माह की राशि </title>
                                    <description><![CDATA[सरकार ने जिले के लाभार्थियों को राहत देते हुए बकाया तीन माह की पेंशन एक साथ उनके खातों में हस्तांतरित कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-impact-of-the-news---pensioners-will-celebrate-holi-with-joy--three-months--amount-received-in-their-accounts/article-106742"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(5)9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । जिले के सामाजिक सुरक्षा योजना से जुड़े लाभार्थियों के लिए गुरुवार का दिन खुशियां लेकर आया। सरकार ने एक साथ तीन माह की पेंशन लाभार्थियों के खाते में जमा कर दी है। इससे अब पेंशनर होली का त्यौहार उमंग और उत्साह के साथ मना सकेंगे। जिले में सामाजिक सुरक्षा योजना से जुड़े लाभार्थियों को  पेंशन नहीं मिलने के कारण परेशानियों से गुजरना पड़ रहा था। किसी को चार माह से तो किसी को दो माह  से पेंशन नहीं मिलने के कारण चक्कर काटना पड़ रहा था। कुछ बुजुर्गों के लिए जेब खर्च का जरिया बनी यह रकम नहीं मिलने से उनको अपनी जरूरतों को नजर अंदाज करने की स्थिति बनी हुई थी। विधवा महिलाओं को भी जरूरत के लिए बेटों के आगे हाथ फैलाना पड़ रहा था। सरकार ने जिले के लाभार्थियों को राहत देते हुए बकाया तीन माह की पेंशन एक साथ उनके खातों में हस्तांतरित कर दी है।</p>
<p><strong>नवज्योति बनी आवाज तो दिया धन्यवाद</strong><br />अमृतधाम कॉलोनी निवासी दशरथ सिंह, रायपुरा निवासी भगवान सिंह गुर्जर, शम्भू सिंह राजावत व रामावतार नागर ने बताया कि सरकार की ओर से मिलने वाली राशि ही उनके घर का खर्च चल पा रहा था। बीमारी में उपचार और दवा की व्यवस्था भी पेंशन राशि से होती थी। पिछले अब तीन माह से पेंशन राशि नहीं मिलने के कारण दवा भी नहीं ला पा रहे थे। इससे सरकारी अस्पतालों में जाकर उपचार कराना पड़ रहा था। इस सम्बंध में दैनिक नवज्योति ने उनकी पीड़ा को समझा और समाचार के माध्यम से सरकार तक उनकी बात पहुंचाई। इस कारण उनकों तीन माह की बकाया पेंशन मिल गई। इसके लिए वह नवज्योति को धन्यवाद देते हैं। अब वह होली का त्यौहार धूमधाम के साथ मना सकेंगे। </p>
<p><strong>इन लाभार्थियों को भी मिलेगी राहत</strong><br />जिले में दस्तावेजों की त्रुटियों के चलते भी कई पेंशनरों की पेंशन नहीं मिल पा रही है। इस सम्बंध में अब नगर निगम की ओर से कैम्प लगाकर राहत देने का निर्णय किया है। नगर निगम कोटा दक्षिण में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनान्तर्गत त्रुटियों के निपटान के लिए निम्नानुसार तीन दिवसीय कैम्प आयोजन किया जा रहा है। नगर निगम कोटा दक्षिण द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनान्तर्गत कतिपय पेंशनर्स के बैक विवरण एवं आईएफएफसी कोड की त्रुटि के कारण विगत कुछ महिनो से ऐसे पेंशनर्स को पेंशन का भुगतान नही हो पा रहा है। इस संबंध में 7, 8 व 10 मार्च को तीन दिवसीय कैम्प नगर निगम कोटा दक्षिण के ब्लॉक बी में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जाएगा। जिसमें सभी पेंशनर्स के जन आधार पर बैंक विवरण अद्यतन करवाया जाएगा। </p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />कोटा जिले में कुल पेंशनधारी-    222000 <br />जिले में वृद्धावस्था पेंशनधारी-    141000<br /> जिले में एकल नारी पेंशनधारी-    61000<br /> जिले में दिव्यांगजन पेंशनधारी-    15236<br /> जिले में कृषक वृद्धजन पेंशनधारी-3952</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br /> सरकार ने जिले के लाभार्थियों को राहत देते हुए बकाया तीन माह की पेंशन एक साथ उनके खातों में हस्तांतरित कर दी है। विभाग की ओर से समय पर इनके बिल निदेशालय में भेज दिए गए थे। बजट जारी होते ही पेंशन राशि का भुगतान कर दिया गया है।<br /><strong>- सविता कृष्णिया, संयुक्त निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Mar 2025 15:27:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - अब फ्री गेहूं से नहीं होंगे वंचित, बढ़ाई वितरण की तिथि</title>
                                    <description><![CDATA[नया आदेश जारी होने से लाभार्थियों को काफी राहत मिली है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---now-they-will-not-be-deprived-of-free-wheat--distribution-date-extended/article-106145"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(7)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पोस मशीन के सॉफ्टवेयर को अपडेट करने के बाद फ्री गेहूं के वितरण में बाधा उत्पन्न हो रही है। करीब एक पखवाड़े से पोस मशीनों में लाभार्थी के फिंगर शो होने में समय लग रहा है। इस कारण लाभार्थियों को गेहूं लेने के लिए काफी इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में जिले में करीब 30 प्रतिशत लाभार्थियों को फरवरी माह का गेहूं वितरित नहीं हो पाया था। सरकार ने लाभार्थियों की परेशानी को देखते हुए अब फरवरी माह में वंचित लाभार्थियों को दस मार्च तक गेहूं वितरित करने के निर्देश दिए हैं। पोस मशीनों के कारण जिले में फरवरी माह के कोटे का 70 फीसदी गेहूं का ही वितरण हो पाया था। नया आदेश जारी होने से लाभार्थियों को काफी राहत मिली है। राशन की दुकानों पर आॅनलाइन तकनीक के हिसाब से ही गेहूं का वितरण किया जाता है।</p>
<p><strong>लम्बी कतारों में लगने की मजबूरी</strong><br />राशन डीलरों के अनुसार लाभार्थियों को पोस मशीनों में फिंगर का इन्द्राज होने के बाद प्रति यूनिट के हिसाब से फ्री गेहूं का वितरण किया जा रहा है। इन दिनों के सरकार की ओर से गिव अभियान और राशनकार्डो में नाम जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। वहीं आधार सीडिंग का काम भी राशन की दुकानों पर पोस मशीनों के माध्यम से हो रहा है। इसके चलते एक पखवाडेÞे पहले जयपुर में पोस मशीन के साफ्टवेयर को अपडेट किया गया था। इसके बाद ही यहां पर पोस मशीन में सर्वर डाउन होने की दिक्कत आ गई है। एक लाभार्थी के ही मशीन में फिंगर शो में होने से करीब पन्द्रह से बीस मिनट लग रहे हैं। ऐसे में लाभार्थियों को गेहूं के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। शनिवार को राशन की दुकानों की बाहर लाभार्थियों की लम्बी कतारें लगी रही।</p>
<p><strong>दैनिक नवज्योति बनी लाभार्थियों की आवाज</strong><br />जिले में पोस मशीन के कारण गेहूं लेने में लाभार्थियों को रही परेशानी के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 28 फरवरी के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया था कि कोटा जिले में राशन की दुकानों के माध्यम से हर माह लाभार्थियों को करीब ढाई लाख मीट्रिक टन गेहूं का वितरण किया जाता है। वितरण पखवाड़ा शुरू होते ही पोस मशीनों में सर्वर डाउन होने की समस्या आ गई। जिससे एक ही दिन में चुनिंदा लाभार्थियों को गेहूं का वितरण होने लगा। फरवरी माह समाप्त होने में केवल एक ही दिन बचा है। अब तक 70 फीसदी गेहूं का वितरण हो पाया है। शेष 30 फीसदी गेहंंू एक दिन में नहीं बंट सकता है। ऐसे में अब लाभार्थियों को इस माह का गेहूं लेने के लिए करीब एक पखवाड़े का इंतजार करना पड़ेगा। इसके बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने शनिवार को आदेश जारी कर 10 मार्च तक वंचित लाभार्थियों को गेहूं वितरित करने का आदेश जारी किया।</p>
<p>पोस मशीन के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। दो दिन तक कतार में लगने के बाद भी उसे गेहूं नहीं मिल पाया। अब सरकार की ओर से गेहूं वितरित करने की तिथि 10 मार्च तक बढ़ाने से काफी राहत मिली है। अब सभी को गेहूं मिल जाएगा।<br /><strong>- भूरी बाई, लाभार्थी</strong></p>
<p>खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पोस मशीन के सॉफ्टवेयर को अपडेट करने के बाद फ्री गेहूं के वितरण में बाधा उत्पन्न होने की समस्या आ रही थी। सरकार ने लाभार्थियों की परेशानी को देखते हुए अब फरवरी माह में वंचित लाभार्थियों को दस मार्च तक गेहूं वितरित करने के निर्देश दिए हैं।<br /><strong>- कुशल बिलाला, जिला रसद अधिकारी द्वितीय</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 15:25:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सॉफ्टवेयर अपडेट से हुई गड़बड़, पोस मशीन नहीं पहचान रही फिंगर</title>
                                    <description><![CDATA[राशन की दुकानों पर आॅनलाइन तकनीक के हिसाब से गेहूं का वितरण किया जाता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/glitch-due-to-software-update--pos-machine-is-not-recognizing-finger/article-105872"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer113.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पोस मशीन के सॉफ्टवेयर को अपडेट करने के बाद फ्री गेहूं के वितरण में बाधा उत्पन्न होने लगी है। कोटा जिले में करीब एक पखवाड़े से पोस मशीनों में लाभार्थी के फिंगर शो होने में समय लग रहा है। इस कारण लाभार्थियों को गेहूं लेने के लिए काफी इंतजार करना पड़ रहा है। अभी तक जिले में इस माह के कोटे का 70 फीसदी गेहूं का ही वितरण हो पाया है। अब केवल एक दिन शेष है। ऐसे में एक ही दिन में शेष 30 फीसदी गेहूं का वितरण सम्भव नहीं है। जिससे लाभार्थियों को इस माह का गेहूं का लेने के लिए और इंतजार करना पड़ेगा। राशन की दुकानों पर आॅनलाइन तकनीक के हिसाब से ही गेहूं का वितरण किया जाता है।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />जिले में कुल लाभार्थी    - 9,07,495 <br />जिले में बीपीएल लाभार्थी    - 245068<br />जिले में नॉन बीपीएल लाभार्थी    - 633227<br />जिले में अंत्योदय लाभार्थी    - 29429 <br />जिले में कुल राशनकार्ड    - 2,43,551 </p>
<p><strong>यह आ रही दिक्कत</strong><br />राशन डीलरों के अनुसार लाभार्थियों को पोस मशीनों में फिंगर का इन्द्राज होने के बाद प्रति यूनिट के हिसाब से फ्री गेहूं का वितरण किया जा रहा है। इन दिनों के सरकार की ओर से गिव अभियान और राशनकार्डो में नाम जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। वहीं आधार सीडिंग का काम भी राशन की दुकानों पर पोस मशीनों के माध्यम से हो रहा है। इसके चलते एक पखवाडेÞे पहले जयपुर में पोस मशीन के साफ्टवेयर को अपडेट किया गया था। इसके बाद ही यहां पर पोस मशीन में सर्वर डाउन होने की दिक्कत आ गई है। एक लाभार्थी के ही मशीन में फिंगर शो में होने से करीब पन्द्रह से बीस मिनट लग रहे हैं। ऐसे में लाभार्थियों को गेहूं के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं कई बार तो समय समाप्त होने से अधिकांश को तो बैरंग तक लौटना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>अब तक केवल 70 फीसदी गेहूं बंटा</strong><br />जानकारी के अनुसार कोटा जिले में राशन की दुकानों के माध्यम से हर माह लाभार्थियों को करीब ढाई लाख मीट्रिक टन गेहूं का वितरण किया जाता है। इस माह की 15 तारीख से गेहूं वितरण का कार्य शुरू किया गया था। वितरण पखवाड़ा शुरू होते ही पोस मशीनों में सर्वर डाउन होने की समस्या आ गई। जिससे एक ही दिन में चुनिंदा लाभार्थियों को गेहूं का वितरण होने लगा। यह समस्या कोटा सहित पूरे प्रदेश में पोस मशीनों में आ रही है। अब फरवरी माह समाप्त होने में केवल एक ही दिन बचा है। अब तक 70 फीसदी गेहूं का वितरण हो पाया है। शेष 30 फीसदी गेहंंू एक दिन में नहीं बंट सकता है। ऐसे में अब लाभार्थियों को इस माह का गेहूं लेने के लिए करीब एक पखवाड़े का इंतजार करना पड़ेगा।</p>
<p><strong>यह अभियान चल रहे आॅनलाइन</strong><br />खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) से वंचित पात्र परिवारों एवं व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभान्वित करने के लिए इन दिनों नाम जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा सरकार ने गिव अप अभियान भी चला रखा है। इसके तहत अपात्रों को अपना नाम योजना से हटवाने के लिए प्रार्थना पत्र देना होता है। इस प्रार्थना पत्र को आॅनलाइन अपलोड करना पड़ता है। वहीं आधार सीडिंग का काम भी इन दिनों चल रहा है। यह प्रक्रिया एक साथ चलने के कारण पोर्टल पर दबाव आ गया है। इस कारण साफ्टवेयर को अपडेट किया गया था। इसके बाद ही राशन डीलरों को परेशानी हो रही है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />पोस मशीन में गड़बड़ी के कारण गेहूं मिलने में काफी समय लग रहा है। वह अन्य महिलाओं के साथ गेहूं लेने के लिए गई थी। वहां पर पोस मशीन में उसकी अंगुलियों के निशान काफी देर तक नहीं आ पाए हैं। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।<br /><strong>- रोशनी देवी, लाभार्थी</strong></p>
<p>करीब एक पखवाड़े से पोस मशीनों में लाभार्थी के फिंगर शो होने में समय लग रहा है। इस कारण लाभार्थियों को गेहूं लेने के लिए काफी इंतजार करना पड़ता है। जयपुर से साफ्टवेयर को अपडेट करने के बाद यह समस्या आई है। तकनीकी टीम इसे ठीक करने में लगी हुई है।<br /><strong>- रईस खान, राशन डीलर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Feb 2025 15:50:44 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>गरीबों के सपनों के आशियाने का काम बीच में अटका</title>
                                    <description><![CDATA[पैसे के अभाव में मकान से वंचित हो रहे ग्रामीण।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/work-on-the-dream-house-of-the-poor-stuck-in-the-middle/article-97795"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/11.png" alt=""></a><br /><p>अरनेठा। प्रधानमंत्री आवास योजना की तीसरी किस्त में देरी से ग्रामीणों को अपने सपनों का आशियाना बनाने में देरी हो रही है। योजना के तहत 15 हजार की पहली और 45 हजार की दूसरी किस्त तो समय पर मिल जाती है। लेकिन 60 हजार की तीसरी किस्त में देरी हो रही है। ऐसे में ग्रामीण की तीसरी किस्त जारी में संशोधन करने की मांग की है। ताकि अपने अधूरे पड़े आवास का काम समय पर पूरा करवाया जा सके। आवास पूरा नहीं बनने के कारण गरीब रहने योग्य मकान भी तैयार नहीं करवा पा रहा। गौरतलब है कि पीएम आवास योजना के तहत निर्माण से पूर्व ही पहली किश्त के 15 हजार मिलते है। जबकि 45 हजार की दूसरी किस्त दासा लेवल बनने पर मिलती है। 60 हजार की  तीसरी किश्त आवास का छत निर्माण के बाद मिलता है। तीसरी किस्त में देरी होने पर आवास का काम अटक जाता है। </p>
<p><strong>लाभार्थियों का दर्द</strong><br />लाभार्थी पार्वती बाई उर्फ पारी बाई माली ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास स्वीकृत की सूचना प्राप्त हुई थी तत्पश्चात आवश्यक दस्तावेज जमा करने पर प्रथम किस्त जारी हो गई जिससे आवास योजना कार्य प्रारंभ कर दिया गया। इसके बाद नींव से ऊपर दासा लेवल तक कार्य कर दिया गया । उसके बाद आवश्यक दस्तावेज जमा करवा दिए तो दूसरी किस्त जारी हो गई। दूसरी किस्त की प्राप्त राशि में आवास का कार्य छत लेवल से ऊपर हो गया है जो दूसरी किश्त राशि प्राप्त हुई थी। उसमें छत लेवल तक ही कार्य हो पाया हैं । दूसरी किस्त की संपूर्ण राशि समाप्त हो गई । ऐसे में  तीसरी किश्त आवास की छत बनने से पहले ही मिलनी चाहिए ताकि लाभार्थी उन पैसों से छत भी डलवाकर अपने आवास को रहने योग्य बना सके । लेकिन तीसरी किस्त की प्रक्रिया संपूर्ण आवास निर्माण के बाद जारी की जा रही है। जो कि गरीबों के हित में बिल्कुल भी नजर नहीं आ रहा है। समस्त जनप्रतिनिधियों ,प्रशासन एवं सरकार से आग्रह है मामले पर गहनता से अध्ययन कर तीसरी किस्त की राशि डालने के नियम में आवश्यक संशोधन करते हुए  प्रथम एवं द्वितीय प्रक्रिया की तरह अपनाते हुए आवास के छत बनाने से पूर्व  ही तीसरी किस्त डाल दी जावे ताकि गरीब का आवास का निमार्ण कार्य बीच में लटकाना बंद हो जाए। </p>
<p>इसी प्रकार अन्य लाभार्थी जगदीश रेगर ने बताया आवास योजना की प्रथम किस्त आते ही आवास निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है। आवास निर्माण प्रगतिरत हैं। दूसरी किस्त की आवश्यकता है। तीसरी किस्त की राशि भी प्रथम किस्त एवं द्वितीय किस्त के नियम की तरह डालना आवश्यक है ताकि अन्य व्यक्तियों से उधार लेने की आवश्यकता नहीं पड़े। इसी प्रकार प्रभुलाल मालव ने बताया प्रधानमंत्री आवास योजना का कार्य प्रगति पर हैं। प्रथम किस्त आते ही कार्य प्रारंभ कर दिया था। दूसरी किस्त आने का इंतजार है। तीसरी किस्त के नियम में थोड़ा संशोधन की आवश्यकता है ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />इस प्रकार के मामले की मुझे लिखित में दिलवा दे । इस मामले को सरकार तक पहुंचा देंगे । <br /><strong>- रवि वर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद बूंदी</strong></p>
<p>सभी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निमार्णाधीन आवासों का निरीक्षण करना प्रारंभ कर दिया हैं । इस वर्ष अरनेठा में कुल 25 आवास स्वीकृत हुए हैं। प्रथम , द्वितीय एवं तृतीय लेवल की जानकारी रजिस्टर देखकर ही बता पाऊंगा। <br /><strong>- रमेश वर्मा , कनिष्ठ सहायक ग्राम पंचायत अरनेठा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Dec 2024 18:59:23 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सस्ता गैस सिलेंडर पाने की दौड़ में कोटा अव्वल</title>
                                    <description><![CDATA[अब तक 91.00 प्रतिशत लाभार्थियों की हुई ई-केवाईसी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-tops-in-the-race-to-get-cheap-gas-cylinders/article-96892"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/9930400-sizee-(2)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राज्य सरकार की ओर से आगामी दिनों में खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़े लाभार्थियों के लिए रसोई गैस सिलेंडर सब्सिडी योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को मात्र 450 रुपए में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए राशनकार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य किया गया है। ऐसे में सस्ता सिलेंडर पाने के लिए कोटा जिले के लाभार्थियों में होड़ मची हुई। पूरे प्रदेश में कोटा जिला गैस सब्सिडी के लिए ई-केवाईसी में पहले पायदान पर पहुंच गया है। अभी तक जिले में 91 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों की ई-केवाईसी हो चुकी है। वहीं बारां जिला इस मामले में फिसड्डी साबित हो रहा है। यहां पर अभी तक 80.40 प्रतिशत की ही ई-केवाईसी हो पाई है।</p>
<p><strong>10 दिसंबर तक का समय, फिर होंगे वंचित</strong><br />प्रदेश में 1 करोड़ 7 लाख 54 हजार 362 राशन कार्डधारकों में से ज्यादातर सस्ती दर पर गैस सिलेंडर की बाट जोह रहे हैं। इसमें से करीब 14.55 प्रतिशत उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके सस्ते रसोई गैस सिलेंडर पर संकट है। इन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी कंपलीट नहीं है। ऐसे में 10 दिसंबर के बाद इनके राशन पर ब्रेक लग सकता है। साथ ही 450 रुपए में रसोई गैस मिलना भी दूर है। सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा कि कि ई-केवाईसी नहीं कराने वालों को राशन रुक जाएगा और उपभोक्ता को रसोई गैस सिलेंडर कंपनी की दर पर लेना होगा। राज्य सरकार द्वारा रसोई गैस सिलेंडर देने के लिए पोर्टल तैयार किया गया है। इस पर डाटा अपलोड किया जा रहा है।</p>
<p><strong>बारां जिला सबसे फिसड्डी साबित</strong><br />गैस सब्सिडी योजना के तहत कोटा जिला 91.00 प्रतिशत लाभार्थियों की ई-केवाईसी होने से अव्वल बना हुआ है। इसके बाद दूसरे स्थान पर संभाग का बूंदी जिला है। यहां पर 90.10 प्रतिशत ई-केवाईसी हो चुकी है। ई-केवाईसी कराने में प्रदेश में बारां जिला सबसे फिसड्डी साबित हो रहा है। इसका कारण यह है कि अभी तक यहां 80.40 प्रतिशत का ही ई केवाईसी हुआ है। प्रदेश की राजधानी जयपुर भी इस मामले में 31वें स्थान पर पहुंच गया है। रसद विभाग के आंकड़ों के अनुसार ई-केवाईसी के मामले में ज्यादा अंतर नहीं है। प्रदेश में सबसे ज्यादा और सबसे कम ई-केवाईसी में केवल दस प्रतिशत का ही अंतर आ रहा है।  </p>
<p><strong>17 अंकों की एलपीजी आईडी की सीडिंग जरूरी </strong><br />सरकार ने खाद्य सुरक्षा लाभार्थियों को लाभ देने के लिए सीडिंग अभियान चलाकर रसोई गैस सिलेंडर 450 रुपए में उपलब्ध कराने की योजना का विस्तार किया है। लाभार्थियों को गैस सिलेण्डर की सब्सिडी जनाधार से जुड़े उनके बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी। इसके लिए लाभार्थी की राशन डीलर को गेहूं वितरण से पहले एलपीजी की 17 अंकों की आईडी की सीडिंग करनी होगी। कोटा जिले में ढाई लाख राशनकार्ड बने हुए हैं। सीडिंग के लिए पूर्व में 30 नवम्बर तक का समय दिया गया था, लेकिन शत प्रतिशत सीडिंग नहीं होने के कारण अब तिथि को बढ़ाकर 10 दिसंबर कर दिया गया है। </p>
<p><strong>प्रदेश के टॉप टेन जिले          प्रतिशत</strong><br />कोटा                                  91.00 <br />बूंदी                                    90.10<br />जयपुर                                89.10<br />टोंक                                   88.50<br />नागौर                                 88.12<br />प्रतापगढ़                             87.83<br />झालावाड़                             87.38<br />अजमेर                                87.21<br />हनुमानगढ़                          87.13<br />गंगानगर                            86.97<br /><br /></p>
<p>सरकार की गैस सब्सिडी योजना जरूरतमंद लोगों के लिए काफी फायदेमंद है। बाजार में सिलेंडर के दाम काफी ज्यादा होने से कमजोर वर्ग के लोगों को दिक्कत होती है। अब सरकार को जल्द से जल्द से योजना शुरू करनी चाहिए, ताकि राहत मिल सके।<br /><strong>- शम्भूदयाल बैरवा, लाभार्थी</strong></p>
<p>रसद विभाग के विशेष प्रयासों से गैस सब्सिडी योजना के तहत ई-केवाईसी में कोटा जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर है। अब तक जिले में 91 प्रतिशत लाभार्थियों की केवाईसी हो चुकी है। इसकी तिथि बढ़ाकर 10 दिसंबर कर दी गई है। शेष लाभार्थियों की केवाईसी भी जल्द हो जाएगी।<br /><strong>- कृष्ण कुमार, प्रवर्र्तन निरीक्षक, रसद विभाग </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Dec 2024 16:17:31 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सर्वर डाउन, सीडिंग फेल, निराश लौटे लाभार्थी</title>
                                    <description><![CDATA[फ्री गेहूं और 450 रुपए में सिलेंडर के लिए सीडिंग जरूरी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/server-down--seeding-failed--beneficiaries-returned-disappointed/article-94532"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/630400-sizee-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। खाद्य विभाग की ओर से रसोई गैस सिलेंडर सब्सिडी योजना का खाद्य सुरक्षा लाभार्थियों को लाभ देने के लिए सीडिंग अभियान शुरू कर रसोई गैस सिलेंडर 450 रुपए में उपलब्ध कराने की योजना का विस्तार किया गया है। लाभार्थियों को गैस सिलेण्डर की सब्सिडी जनाधार से जुड़े उनके बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी। इसके लिए लाभार्थी की राशन डीलर को गेहूं वितरण से पहले एलपीजी की 17 अंकों की आईडी की सीडिंग करनी होगी। अभियान के पहले दिन मंगलवार को काफी संख्या में लाभार्थी सीडिंग कराने के लिए राशन दुकानों पर पहुंचे, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण अधिकांश की सीडिंग नहीं हो पाई। इस कारण लाभार्थियों को बिना गेहूं लिए बैरंग लौटना पड़ा। इस माह का गेहूं लाभार्थियों को वितरित नहीं किया गया है। सीडिंग होने के बाद ही लाभार्थियों को गेहूं का वितरण किया जाएगा। </p>
<p><strong>लाभार्थियों ने काफी किया इंतजार </strong><br />योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को राशन डीलर के पास आधार सीडिंग तथा एलपीजी आईडी मैपिंग करवानी होगी। इसके लिए पांच से तीस नवम्बर तक का समय निर्धारित किया गया है। राशन डीलरों को यह काम गेहूं वितरण के दौरान करना है। मंगलवार को राशन डीलरों के यहां लाभार्थी आईडी मैपिंग करवाने पहुंचे, लेकिन पहले दिन ही सर्वर में तकनीकी समस्या के चलते अधिकांश लाभार्थियों को निराश लौटना पड़ा। जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश राशन दुकानों पर आधार सीडिंग तथा एलपीजी आईडी मैपिंग शुरू नहीं हो सकी। ऐसे में लाभार्थियों को गेहूं का वितरण भी नहीं किया गया। घंटों तक इंतजार के बाद भी सर्वर में तकनीकी खामी के चलते आधार सीडिंग तथा एलपीजी आईडी मैपिंग नहीं हो सकी। इसके चक्कर में अधिकांश लाभार्थियों को गेहूं से भी वंचित रहना पड़ा।</p>
<p><strong>राशन डीलरों को दिए यह निर्देश</strong><br />योजना के लाभ के लिए एनएफएसए राशन कार्डधारी परिवारों के सभी सदस्यों के आधार की सीडिंग अनिवार्य की गई है। इसके बाद 17 अंकों वाली एलपीजी आईडी की भी सीडिंग आवश्यक होगी। यदि राशन कार्ड पर कई सदस्यों के पास अलग-अलग गैस कनेक्शन हैं तो प्रत्येक सदस्य के गैस कनेक्शन की एलपीजी आईडी को सीडिंग किया जाएगा। गेहूं प्राप्त करने से पहले आधार सीडिंग, एलपीजी आईडी सीडिंग और ई-केवाईसी को पूरा करना अनिवार्य होगा। योजना के लाभ के लिए सभी उचित मूल्य दुकानदारों को निर्देश दिया गया है कि इन प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही गेहूं का वितरण किया जाए। साथ ही गैर.एनएफएसए परिवारों की आधार सीडिंग भी की जा सकेगी। गेहूं का वितरण भी 5 नवंबर से ही किया जाएगा। </p>
<p><strong>इनका कहना है...</strong><br />राशन डीलर की दुकान पर मंगलवार को आईडी मैपिंग करवाने गया था, लेकिन पहले दिन ही सर्वर में तकनीकी समस्या के चलते आधार सीडिंग तथा एलपीजी आईडी मैपिंग शुरू नहीं हो सकी। ऐसे में लाभार्थियों को गेहूं का वितरण भी नहीं किया गया। घंटों तक इंतजार के बाद निराश लौटना पड़ा।<br /><strong>- कंवललाल बैरवा, लाभार्थी</strong></p>
<p>लाभार्थी की राशन डीलर को गेहूं वितरण से पहले एलपीजी की 17 अंकों की आईडी की सीडिंग करनी होगी। अभियान के पहले दिन मंगलवार को काफी संख्या में लाभार्थी सीडिंग कराने के लिए राशन दुकानों पर पहुंचे, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण अधिकांश की सीडिंग नहीं हो पाई। <br /><strong>- रईस खान, राशन डीलर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Nov 2024 14:42:53 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बिना मुखिया ले रहे थे राशन, अब होगी कटौती</title>
                                    <description><![CDATA[नए मुखिया का नाम नहीं जुड़वाने पर बंद होगा राशन। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/ration-was-being-taken-without-mukhiya--now-it-will-be-cut/article-78346"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/photo-size-(1)10.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बिना मुखिया वाले राशनकार्ड धारकों को अब मुफ्त का राशन नहीं मिलेगा।वर्तमान में जिन राशनकार्डों में मुखिया का नाम नहीं है। उन राशनकार्डों के माध्यम से होने वाले ट्रांजेक्शन को केन्द्र सरकार ने अयोग्य माना है। ऐसे में आगामी समय में इन राशनकार्ड धारकों को राष्टÑीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाले मुफ्त के राशन से वंचित किया जाएगा। कोटा जिले में लगभग 10500 राशनकार्डों में परिवार के मुखिया का नाम विभिन्न कारणों से हटाया जा चुका है। इस कारण इन लाभार्थियों को अब मुफ्त के राशन से वंचित होना पड़ेगा।   </p>
<p><strong>राशनकार्ड में बनाना होगा नया मुखिया</strong><br />जिले में काफी समय से हजारों राशनकार्ड उपभोक्ता मुखिया का नाम हटने के बावजूद केन्द्र सरकार की ओर से मिलने वाले मुफ्त के गेहूं का लाभ उठा रहे थे। अब केन्द्र सरकार ने नया आदेश जारी किया है। इसके तहत इन राशनकार्डों में  मुखिया का नाम नहीं होने वाले ट्रांजेक्शन को अयोग्य माना गया है। ऐसे में ई-मित्र केन्द्र पर जाकर नए मुखिया का फोटो आई-डी के साथ फॉर्म भरकर आवेदन करना होगा। आवेदन नहीं करने पर उक्त ट्रांजेक्शन को अयोग्य मानते हुए दी जाने वाली सब्सिडी में कटौती कर ली जाएगी व ऐसे उपभोक्ता भविष्य में खाद्य सुरक्षा के लाभ से वंचित हो जाएंगे। वर्तमान में कोटा जिले में 10500 राशनकार्डों में परिवार के मुखिया का नाम मृत्यु या अन्य कारणों की वजह से हटाया जा चुका है। </p>
<p><strong>रसद विभाग की जांच में हुआ खुलासा</strong><br />खाद्य सुरक्षा योजना के तहत ऐसे राशन कार्ड जिनमें मुखिया या किसी सदस्य की मृत्यु हो गई, तब राशन कार्ड में से मृतक सदस्य का नाम कटवाना अनिवार्य होता है, लेकिन परिवार के सदस्य नाम नहीं कटवाते। यदि मृतक सदस्य मुखिया है तो उसके स्थान पर राशन कार्ड में दर्ज अन्य सदस्य को मुखिया बनाने के लिए ई-मित्र पर आवेदन करना होता है। युवतियों की शादी होने, परिवार में नया सदस्य आने पर भी जन आधार मैपिंग जरूरी होता है, लेकिन नाम नहीं कटवाने से गेहूं उठाए जा रहे होते हैं। रसद विभाग ने जांच की तो पता चला कि अभी भी जिले में10500 राशनकार्डों में मुखिया के नाम ही नहीं हैं और वे राशन ले रहे हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />राशनकार्ड में उसके पति मुखिया थे। कुछ समय पहले उनकी हादसे में मौत हो गई थी। नए मुखिया बनाने के बारे में पहले जानकारी नहीं थी। वहीं राशन मिलने में भी कोई दिक्कत भी नहीं आ रही थी। अब पता चलने पर नया मुखिया के लिए ई-मित्र पर जाकर फार्म भर दिया है।<br /><strong>- सोहनी देवी, राशन लाभार्थी  </strong></p>
<p>राशनकार्डों में मुखिया का नाम नहीं होने वाले ट्रांजेक्शन को केन्द्र सरकार द्वारा अयोग्य माना गया है। राशनकार्ड धारक उपभोक्ता नए मुखिया का फोटो आई-डी के साथ ई-मित्र पर फॉर्म भरकर आवेदन करें अन्यथा उक्त ट्रांजेक्शन को अयोग्य मानते हुए दी जाने वाली सब्सिडी में कटौती कर ली जाएगी व ऐसे उपभोक्ता भविष्य में खाद्य सुरक्षा के लाभ से वंचित हो जाएंगे।<br /><strong>- पुष्पा हरवानी, जिला रसद अधिकारी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 May 2024 17:23:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>डीबीटी के बाद 49 लाख से अधिक फर्जी लाभार्थियों के नाम हटे</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में डीबीटी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ एवं पारदर्शी बनाने के लिए निरतंर नवाचार किए जा रहे हैं। राज्य में 98 योजनाओं को डीबीटी के तहत चिन्हित किया गया है। डीबीटी व्यवस्था के बाद 49 लाख से अधिक फर्जी या डुप्लीकेट लाभार्थियों का नाम विभिन्न योजनाओं से हटाया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-49-lakh-fake-beneficiaries-removed-after-dbt/article-9877"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/6666666-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में डीबीटी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ एवं पारदर्शी बनाने के लिए निरतंर नवाचार किए जा रहे हैं। राज्य में 98 योजनाओं को डीबीटी के तहत चिन्हित किया गया है। डीबीटी व्यवस्था के बाद 49 लाख से अधिक फर्जी या डुप्लीकेट लाभार्थियों का नाम विभिन्न योजनाओं से हटाया गया। इससे 1 हजार 156 करोड़ रूपये से अधिक की राशि की बचत हुई है। 30 जून तक सभी लाभार्थियों को जनआधार एवं आधार से लिंक कराना होगा, ताकि सभी लाभार्थियों को डी.बी.टी. का समुचित लाभ मिल सके।</p>
<p>मुख्य सचिव उषा शर्मा ने कहा कि आमजन के लिए खातों में राशि ट्रांसफर की प्रक्रिया को संबंधित विभाग और अधिक सरल एवं सुगम बनाने के प्रयास करें, जिससे आमजन को विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ मिल सके। मुख्य सचिव को शासन सचिवालय में स्टेट डीबीटी एडवाइजरी बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता कर रही थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 May 2022 16:47:01 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>पक्का घर एक सम्मानजनक जीवन की है नींव : मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम आवास योजना के एक लाभार्थी सुधीर कुमार जैन के लिखे पत्र का जवाब देते हुए कहा कि पक्का घर एक सम्मानजनक जीवन की नींव है और यह हमें सुरक्षा प्रदान करता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/modi-wrote-the-letter-of-beneficiaries/article-7807"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/modi.jpg02-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम आवास योजना के एक लाभार्थी सुधीर कुमार जैन के लिखे पत्र का जवाब देते हुए कहा कि पक्का घर एक सम्मानजनक जीवन की नींव है और यह हमें सुरक्षा प्रदान करता है। मोदी ने कहा कि लाभार्थियों के जीवन में आए ये यादगार पल ही राष्ट्र की सेवा में बिना थके, बिना रुके निरंतर कार्य करते रहने की प्रेरणा और ऊर्जा देते हैं। मोदी ने मध्य प्रदेश के सागर जिले के सुधीर कुमार जैन को पत्र लिखकर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिलने पर बधाई दी है। उन्होंने उनके पत्र के जवाब में लिखा है, ''मकान केवल ईंट, सीमेंट से तैयार ढांचा नहीं बल्कि इससे हमारी भावनाएं, हमारी आकांक्षाएं जुड़ी होती हैं। घर की चहारदीवारी हमें सुरक्षा तो प्रदान करती ही है, साथ ही हमारे अंदर एक बेहतर कल का भरोसा और विश्वास भी जगाती है। अपनी छत, अपना घर पाने की खुशी अनमोल होती है।</p>
<p>मोदी ने लिखा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए आपके अपने घर का सपना साकार हुआ है। इस उपलब्धि के बाद आपके अंदर जो संतोष का भाव है उसका आभास पत्र में आपके शब्दों से सहज ही हो जाता है। आपके परिवार के गरिमापूर्ण जीवन और दोनों बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए यह घर एक नए आधार की तरह है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने पीएम आवास योजना के तहत अब तक करोड़ों लाभार्थियों को अपना पक्का घर मिलने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद परिवार को घर उपलब्ध कराने के लक्ष्य को लेकर पूरी प्रतिबद्धता के साथ तेज गति से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जन-कल्याण की विभिन्न योजनाओं के जरिए देशवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के ईमानदार प्रयास कर रही है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Apr 2022 16:50:31 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>आरजीएचएस योजना : राज्य कर्मचारियों के लिए अब रजिस्ट्रेशन अनिवार्य</title>
                                    <description><![CDATA[अवकाश के दिन भी होंगे रजिस्ट्रेशन, हेल्प डेस्क बनी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%9A%E0%A4%8F%E0%A4%B8-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE---%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%B0%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF/article-1560"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/14.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बजट 2021 की घोषणा के मुताबिक गत एक जुलाई से शुरू राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) योजना के अंतर्गत सभी राजकीय और अनुमोदित निजी चिकित्सालयों में कैशलेस चिकित्सा लाभ प्राप्त करने वाले पात्र लाभार्थियों को योजना में पंजीकरण करना आवश्यक है। इसके लिए सेवारत एवं सेवानिवृत कर्मचारियों को 31 अक्टूबर तक पंजीकरण कराना होगा। राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग जयपुर संभाग द्वितीय के अतिरिक्त निदेशक संतोष अमिताभ ने बताया कि  योजना में पंजीकरण की प्रक्रिया 10 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। सभी सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मिकों का 31 अक्टूबर तक शत प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त निदेशक जयपुर संभाग द्वितीय राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के अधिनस्थ जिला कार्यालयों अलवर, झुंझुनंू, सीकर एवं दौसा में योजना में पंजीकरण के लिए हेल्पडेस्क गठित किया है।  गया है। अवकाश के दिनों में भी रजिस्ट्रेशन होंगे। <br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 Oct 2021 11:37:46 +0530</pubDate>
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