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                <title>आसमान में बिगड़ी यात्री की तबीयत, जयपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग</title>
                                    <description><![CDATA[मुम्बई से देहरादून जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट की सोमवार को जयपुर एयरपोर्ट पर प्रायोरिटी लैंडिंग कराई गई। सफर के दौरान 59 वर्षीय यात्री हरि सिंह नेगी को हाई बीपी की गंभीर शिकायत हुई। एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत एम्बुलेंस से उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जिसके बाद फ्लाइट देहरादून के लिए रवाना हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/passengers-health-worsens-in-the-sky-emergency-landing-of-flight/article-154989"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/airport.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुम्बई से देहरादून जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में सोमवार को एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ने से मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति बन गई। यात्री की हालत गंभीर होने पर विमान को जयपुर एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की अनुमति के बाद फ्लाइट की प्रायोरिटी लैंडिंग कराई गई। विमान दोपहर करीब 12:40 बजे सुरक्षित रूप से जयपुर एयरपोर्ट पर उतरा। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, 59 वर्षीय यात्री हरि सिंह नेगी को फ्लाइट के दौरान हाई बीपी की शिकायत हुई थी। उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही विमान में मौजूद क्रू ने प्राथमिक उपचार दिया और तुरंत जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन को मेडिकल इमरजेंसी की जानकारी दी।</p>
<p>फ्लाइट के उतरते ही एयरपोर्ट पर पहले से तैयार एम्बुलेंस के जरिए यात्री को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। मेडिकल इमरजेंसी के कारण फ्लाइट को कुछ समय जयपुर एयरपोर्ट पर रोका गया। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद विमान करीब डेढ़ घंटे बाद अन्य यात्रियों को लेकर देहरादून के लिए रवाना हो गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 18:35:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>NEET पेपर लीक पर बड़ा फैसला: परीक्षा रद्द, CBI करेगी जांच; NTA ने मानी जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[NTA ने पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोपों के बाद NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया है। 22.79 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर है। व्हाट्सऐप पर प्रश्न पत्र लीक होने के सबूत मिलने के बाद केंद्र ने जांच CBI को सौंप दी है। दोबारा परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान जल्द होने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-on-neet-paper-leak-exam-canceled-cbi-will/article-153595"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/nta.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। NEET UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बड़ा कदम उठाते हुए परीक्षा रद्द कर दी है। 3 मई को आयोजित हुई इस परीक्षा में करीब 22.79 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। अब परीक्षा दोबारा कराई जाएगी और नई तारीख का ऐलान अगले 6 से 8 दिनों में किया जा सकता है। NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने माना कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी की जिम्मेदारी एजेंसी की है। वहीं केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। CBI ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>जांच में सामने आया है कि परीक्षा से पहले एक कथित “क्वेश्चन बैंक” व्हाट्सऐप के जरिए कई लोगों तक पहुंचा था। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से अधिक सवाल मौजूद थे, जिनमें से करीब 150 सवाल परीक्षा में हूबहू पूछे गए। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी गाइड या प्रश्न बैंक से कुछ सवाल मिलना सामान्य हो सकता है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में प्रश्नों का मेल होना गंभीर मामला है। इस मामले के तार राजस्थान, महाराष्ट्र और केरल तक जुड़ते नजर आ रहे हैं। नासिक में एक युवक को हिरासत में लिया गया है, जो मेडिकल काउंसलिंग एजेंसी चलाने की जानकारी सामने आई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 18:04:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>शादी की सालगिरह के दिन पूर्व मंत्री महेश जोशी गिरफ्तार: मेडिकल जांच के बाद ACB कोर्ट में पेश, एजेंसी ने मांगा पुलिस रिमांड </title>
                                    <description><![CDATA[एसीबी (ACB) ने राजस्थान के पूर्व मंत्री महेश जोशी को भ्रष्टाचार के आरोपों में उनके आवास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी उनकी शादी की 49वीं सालगिरह के दिन हुई। खुद को निर्दोष बताते हुए जोशी ने कोर्ट में पेशी से पहले मंदिर में पूजा की। फिलहाल, एजेंसी उनसे गहन पूछताछ के लिए रिमांड की तैयारी में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/former-minister-mahesh-joshi-arrested-on-wedding-anniversary-after-medical/article-153012"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/mahesh.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्व मंत्री महेश जोशी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार सुबह उनके घर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए Jaipuria Hospital लाया गया, जहां जांच पूरी होने के बाद दोबारा ACB मुख्यालय ले जाया गया। इसके बाद दोपहर करीब 12:30 बजे उन्हें ACB कोर्ट में पेश किया गया, जहां एजेंसी ने पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की है। गिरफ्तारी के दौरान महेश जोशी ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा, “मैं निर्दोष हूं, मेरी कोई गलती नहीं है।” खास बात यह रही कि ACB ने उन्हें उनकी शादी की 49वीं सालगिरह के दिन गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि आज विभिन्न मंदिरों में उनके दर्शन और पूजा का कार्यक्रम भी निर्धारित था। </p>
<p>जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 5 बजे ACB की टीम महेश जोशी के निवास पर पहुंची और उन्हें हिरासत में लिया। इस दौरान जोशी ने स्नान और भगवान शिव के मंदिर में जल चढ़ाने की अनुमति मांगी। टीम ने उनकी धार्मिक भावना का सम्मान करते हुए उन्हें पहले शिव मंदिर में पूजा-अर्चना करने की अनुमति दी, जिसके बाद वे ACB अधिकारियों के साथ मुख्यालय पहुंचे। गौरतलब है कि इससे पहले ED की कार्रवाई के दौरान महेश जोशी की पत्नी का निधन हो गया था। मेडिकल जांच के बाद जोशी को फिर से ACB मुख्यालय लाया गया। उनकी कोर्ट में पेशी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 14:54:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बांग्लादेश में खसरे से हाहाकार : एक दिन में 17 लोगों की मौत; तेजी से बढ़ रहे केस, सरकार ने जारी किया अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[बांग्लादेश में खसरे (Measles) ने कोहराम मचा रखा है, जहाँ एक ही दिन में 17 लोगों की जान चली गई। 15 मार्च से अब तक संदिग्ध मामलों की संख्या 41,000 के पार पहुंच चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने ढाका में सर्वाधिक मौतों की पुष्टि की है। टीकाकरण और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के जरिए इस संक्रामक बीमारी को रोकने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/outcry-due-to-measles-in-bangladesh-17-people-died-in/article-152714"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/11.png" alt=""></a><br /><p>ढाका। बांग्लादेश में खसरा और खसरा से संबंधित जटिलताओं के कारण एक ही दिन में 17 लोगों की मौत हो गई। मार्च में इस अत्यधिक संक्रामक लेकिन रोकथाम योग्य बीमारी के प्रकोप की शुरुआत के बाद से एक दिन में दर्ज मौत की यह सबसे अधिक संख्या है। यह जानकारी मीडिया रिपोर्टों से मंगलवार को प्राप्त हुई। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के अनुसार, सोमवार सुबह आठ बजे तक दर्ज की गई 17 मौतों में से दो की पुष्टि खसरा से होने जबकि अन्य 15 को संदिग्ध मामलों के रूप में वर्गीकृत किया गया।</p>
<p>ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, संदिग्ध मौतों में से सबसे अधिक 10 मौतें ढाका जिले में दर्ज की गईं। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, देश में खसरा से होने वाली पुष्ट मौतों की कुल संख्या बढ़कर 52 हो गई है। इसके अलावा, 15 मार्च से दर्ज किए जा रहे आंकड़ों के अनुसार इस बीमारी से संबंधित संदिग्ध मौतों की संख्या वर्तमान में 259 है। डीजीएचएस के अधिकारियों ने बताया कि इसी अवधि के दौरान खसरे के लगभग 1,302 संदिग्ध मामले दर्ज किए गए, जिससे 15 मार्च से अब तक संदिग्ध मामलों की कुल संख्या 41,793 हो गयी है।</p>
<p>ढाका ट्रिब्यून ने कहा कि इसी अवधि के दौरान, खसरा के 154 नए पुष्ट मामले सामने आए जिससे पुष्ट संक्रमणों की कुल संख्या 5,467 हो गई। प्राप्त रिपाेर्ट के अनुसार 15 मार्च तक खसरा के संदिग्ध मामलों में से 28,832 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से 25,151 मरीज स्वस्थ हो गये और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गयी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 12:41:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जटिल एवं विशाल सिर के ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, एसएमएस मेडिकल कॉलेज की टीम ने रचा नया इतिहास </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के डॉक्टरों ने 30 वर्षीय महिला के सिर से 4 किलोग्राम का विशाल ट्यूमर निकालकर नया जीवन दिया। यह सर्जरी अत्यंत जटिल थी क्योंकि ट्यूमर मस्तिष्क तक पहुँच चुका था। डॉ. आर.के. जैन और उनकी टीम ने इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर चिकित्सा जगत में मिसाल कायम की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/successful-operation-of-complex-and-huge-head-tumor-sms-medical/article-152531"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/sms.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने एक महत्वपूर्ण चिकित्सकीय उपलब्धि हासिल करते हुए 30 वर्षीय मरीज कृष्णा के सिर से लगभग 4 किलोग्राम वजनी जटिल एवं विशाल ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालने में सफलता प्राप्त की है। यह सर्जरी ट्यूमर के असाधारण आकार, जटिल स्थिति तथा मस्तिष्क एवं महत्वपूर्ण नसों से जुड़े होने के कारण अत्यंत चुनौतीपूर्ण थी। मरीज लंबे समय से सिर पर अत्यधिक बड़े ट्यूमर से पीड़ित थी, जिसका आकार सिर से लगभग दोगुना हो चुका था। </p>
<p>ट्यूमर के कारण उसे चलने-फिरने में भी कठिनाई हो रही थी तथा दुर्गंध के चलते उसकी दैनिक जीवनशैली गंभीर रूप से प्रभावित हो चुकी थी। जानकारी के अनुसार, मरीज ने कई बड़े अस्पतालों में परामर्श लिया, लेकिन ट्यूमर की जटिलता—खोपड़ी की हड्डियों को पार कर मस्तिष्क तक पहुंचने—के कारण अधिकांश स्थानों पर ऑपरेशन से मना कर दिया गया। अंततः यह चुनौतीपूर्ण केस न्यूरोसर्जरी विभाग से प्लास्टिक सर्जरी विभाग को रेफर किया गया, जहां डॉ. आरके जैन (विभागाध्यक्ष, प्लास्टिक सर्जरी) के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने इस जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। </p>
<p>इस सर्जरी में प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. अंकित गोयल, डॉ. सौरभ शर्मा, डॉ. दिलप्रीत, डॉ. अंकित एवं डॉ. संधू शामिल रहे। चूंकि ट्यूमर मस्तिष्क के भीतर तक पहुंच चुका था, इसलिए न्यूरोसर्जरी विशेषज्ञ डॉ. अशोक गांधी का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. राजीव शर्मा ने किया, जिसमें डॉ. रजनी एवं डॉ. गोपा</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 17:03:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एमआरआई करवाना जंग जीतने जैसा, मरीज हो रहे परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[एमबीएस , जेके लोन और रामपुरा जैसे बड़े सरकारी अस्पतालों में भी एमआरआई सुविधा नहीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/getting-an-mri-at-kota-medical-college-hospital-is-like-winning-a-battle/article-140714"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/ेलल्े्.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभाग के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों को एमआरआई जांच के लिए एक से 2 महीने तक का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। स्थिति तब और बदतर हो जाती है, जब मरीजों को शहर के प्रमुख एमबीएस अस्पताल से करीब 10 किलोमीटर का सफर तय कर मेडिकल कॉलेज पहुंचना पड़ता है, लेकिन वहां भी तारीख एक महीने बाद की मिल रही है। शहर के सरकारी स्वास्थ्य क्षेत्र में केवल एक एमआरआई मशीन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ही उपलब्ध है, जबकि एमबीएस अस्पताल में यह सुविधा ही नहीं है। नतीजतन, मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक केंद्रों पर 2000 से 4,000 रुपये खर्च कर एमआरआई करवानी पड़ रही है। ग्रामीण और गरीब तबके के मरीजों की इस पीड़ा को सुनने वाला कोई नहीं है।</p>
<p><strong>हाड़ौतीभर से आते मरीज, हो रहे परेशान</strong><br />मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एमआरआई मशीन की कमी और लंबी प्रतीक्षा सूची ने मरीजों को निजी केंद्रों की ओर धकेल दिया है। लंबी प्रतीक्षा और और अत्यधिक भीड़ के चलते मरीजो को मजबूरन निजी केंद्रो की ओर रुख करना पड़ रहा है, जहां 4 से 5 हजार की चपत लग रही है।</p>
<p><strong>प्रतिदिन 90 से ज्यादा होती है एमआरआई</strong><br />मेडिकल कॉलेज अस्पताल से बाली जानकारी के अनुसार यहां प्रतिदिन 90 से ज्यादा मरी जांच की जाती है गत वर्ष 23 हजार 62 एमआरआई जांचे की गई है। हाडोतीभर से यहां बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। निजी केन्द्रों पर महंगे दमों पर यह जांच होने से मरीजों का अत्यधिक भार मेडिकल कॉलेज अस्पताल पर पड़ता है। ऐसे में यहां एमआरआई करवाना चुनौती बना हुआ है।</p>
<p><strong>एक ही मशीन पर सारा भार</strong><br />सरकारी क्षेत्र में एमआरआई की नए अस्पताल में ही मशीन है। यहां कोटा संभागभर से मरीज इलाज के लिए पहुंचते है। सरकार की ओर से नि:शुल्क जांच की सुविधा देने की घोषणा के साथ ही मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। इससे एक ही मशीन पर सारा भार आ गया है।</p>
<p><strong>मरीज को झेलनी पड़ रही दोहरी मार</strong><br />मेडिकल कॉलेज अस्पताल में केवल एक एमआरआई मशीन होने के कारण मरीजों को समय पर जांच नहीं हो पा रही। इधर एमबीएस अस्पताल, जो कोटा का प्रमुख सरकारी अस्पताल होने के बावजूद एमआरआई मशीन की अनुपस्थिति मरीजों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को शहर में आने-जाने और निजी केंद्रों पर खर्च करने की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।<br /><strong>- एड. बीटा स्वामी</strong></p>
<p><strong>लंबी प्रतीक्षा और सीमित सुविधाए बनी चुनौती</strong><br />ग्रामीण व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीज इस स्थिति से सबसे अधिक प्रभावित हैं। कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल शहर में ही है, लेकिन लंबी प्रतीक्षा और सीमित सुविधायें मरीजों के लिए चुनौती बन गई है। स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकतार्ओं ने सरकार से मांग की है कि एमबीएस अस्पताल में एमआरआई मशीन स्थापित की जाए ।<br /><strong>- कुशाल सेन, समाजसेवी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक ही एमआरआई मशीन है, जो काफी पुरानी है। ऐसे में उच्च गुणवत्तायुक्त मशीन स्थापित होनी चाहिए। हालांकि इसके लिए प्रपोजल दिया हुआ है। अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लगातार प्रयास किया जा रहे हैं।<br /><strong>- डॉ. आशुतोष शर्मा, अधीक्षक मेडिकल कॉलेज अस्पताल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 17:22:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> असर खबर का : नैनवां उपजिला चिकित्सालय में मेडिकल उपभोक्ता स्टोर चालू</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news---medical-consumer-store-reopens-at-nainwa-sub-district-hospital/article-135728"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(1)20.png" alt=""></a><br /><p>नैनवां। लंबे समय बाद नैनवां उपजिला चिकित्सालय में मेडिकल उपभोक्ता स्टोर चालू कर दिया गया है। चार माह से बंद पड़े इस स्टोर को पुन: शुरू करने में दैनिक नवज्योति द्वारा प्रकाशित समाचार ह्लनैनवां उपभोक्ता मेडिकल स्टोर चार माह से बंदह्व ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समाचार के प्रकाशन के तुरंत बाद बूंदी उपभोक्ता भंडार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्टोर की आईडी को सक्रिय कर दिया।<br />राजस्थान पेंशनर्स मंच नैनवां ब्लॉक अध्यक्ष शंभू सिंह सोलंकी ने बताया कि लंबे समय से उपभोक्ता की दुकान बंद पड़ी थी। उन्होंने उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने और एमडी उपभोक्ता बूंदी से बार-बार संपर्क करने के प्रयासों के बाद स्टोर चालू कराने में सफलता प्राप्त की। इसके चलते सेवा निवृत्त वरिष्ठ नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ गई।</p>
<p>अब आरजेएचएस के अंतर्गत उप जिला चिकित्सालय परिसर में उपभोक्ता स्टोर चालू हो गया है। सभी सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक दवाइयों का लाभ सीधे स्टोर से ले सकेंगे। पेंशनर्स मंच के पदाधिकारियों ने दैनिक नवज्योति का आभार व्यक्त किया और अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कदम से उपजिला चिकित्सालय में आने वाले वरिष्ठ नागरिकों को दवाइयों की आपूर्ति में आसानी हुई है और उनकी सुविधा सुनिश्चित हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Dec 2025 15:13:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेडिकल विभाग का नया फरमान जारी, जो भामाशाहों पर पडेगा भारी : जूली ने कहा- दान या सेवा, प्रदाता की स्वेच्छा से दिए जाते हैं</title>
                                    <description><![CDATA[जूली ने बताया कि भाजपा सरकार आमजन की सुविधा के लिए पूर्ववर्ती सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने में विफल रही है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/draft-add-your-title-the-new-decree-of-the-medical/article-117314"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/tikaram-jully.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्वयंसेवी संस्थाओं, दानदाताओं और ‘जनप्रतिनिधियों’ द्वारा दिए जाने वाले मेडिकल उपकरण, एंबुलेंस, फर्नीचर आदि के साथ उनके चालक, ईंधन व रखरखाव पर होने वाले 5 वर्ष तक के वित्तीय भार थोपे जाने वाले आदेश की आलोचना करते हुए इसे समाजसेवी, भामाशाह और जनप्रतिनिधियों को हतोत्साहित करने वाला आदेश बताया है। </p>
<p>जूली ने बताया कि भाजपा सरकार आमजन की सुविधा के लिए पूर्ववर्ती सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने में विफल रही है। सरकार की गलत नीतियों और कुप्रबंध के कारण आरजीएचएस, चिरंजीवी और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाएं दम तोड़ रही हैं, ऐसे में मेडिकल विभाग द्वारा जारी नया फरमान स्वयंसेवी संस्थाओं, दानदाताओं, भामाशाहों और जनप्रतिनिधियों को हतोत्साहित करने वाला साबित होगा। उन्होंने कहा कि दान या सेवा, प्रदाता की स्वेच्छा से दिए जाते हैं, उनसे रखरखाव, संचालन आदि के नाम पर जबरन वसूली किया जाना न तो व्यवहारिक है और नहीं नैतिक रूप से सही है। </p>
<p>प्रदेश में 19 हजार से अधिक हैल्थ सेंटर हैं, जहां रोगियों की तुलना में मेडिकल उपकरण, फर्नीचर आदि आवश्यक सुविधाओं का अभाव बना रहता है, ऐसे में स्वयंसेवी संस्थाओं और दानदाताओं द्वारा प्रतिवर्ष 50 से अधिक मशीनें, एंबुलेंस सहित अन्य मेडिकल उपकरण दानस्वरूप अस्पतालों को प्राप्त होते हैं, जिनसे आमजन को राहत मिलती है, लेकिन नए फरमान में दान स्वीकार करने के लिए ‘दान स्वीकार्य समिति’ बनाया जाना और दान के साथ दानदाताओं से मेडिकल उपकरणों को 5 साल तक चलाने के लिये उनके रखरखाव आदि पर होने वाली राशि तथा एंबुलेंस की स्थिति में वाहन चालक का वेतन और ईंधन पर व्यय होने वाले राशि वसूल किया जाना ठीक नहीं है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विपरीत प्रभाव पडे़गा। जूली ने सरकार से मांग की है कि सरकार आमजन को मिलने वाली राहत में बाधक इस फरमान को तत्काल वापस ले।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Jun 2025 18:27:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर के युवा इनोवेटर्स ने विकसित किया चेक्सपर्ट एप</title>
                                    <description><![CDATA[हेल्थकेयर वर्ल्ड में बदलाव लाने के साझा जुनून से प्रेरित होकर, जयपुर के जयश्री पेरीवाल इंटरनेशनल स्कूल के छात्र दर्श, कन्हव, नक्षत्र और ऋषभ ने स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों  से निपटने के लिए एक क्रान्तिकारी निदान मेडिकल चेक्सपर्ट विकसित किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/young-innovators-of-jaipur-developed-checkpert-app/article-77030"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(3)8.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हेल्थकेयर वर्ल्ड में बदलाव लाने के साझा जुनून से प्रेरित होकर, जयपुर के जयश्री पेरीवाल इंटरनेशनल स्कूल के छात्र दर्श, कन्हव, नक्षत्र और ऋषभ ने स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों  से निपटने के लिए एक क्रान्तिकारी निदान मेडिकल चेक्सपर्ट विकसित किया है। यह पेशकश मरीजों और डॉक्टर्स के संवाद को एक क्रांतिकारी कदम के रूप में आगे ले जाएगा। इस चेक्सपर्ट एप से मरीजों और मेडिकल प्रोफेशनल्स को त्वरित मदद मिल सकेगी। सरलता और दृढ़ संकल्प के उल्लेखनीय प्रदर्शन में, जयपुर के जयश्री पेरीवाल इंटरनेशनल स्कूल के 12वीं कक्षा के छात्रों के एक समूह ने हेल्थ केयर चैलेन्जेस का सामना करने के लिए यह गेम चेंजिंग सॉल्यूशन लॉन्च किया है। मेडिकल चेक्सपर्ट एक ऐसा अभूतपूर्व एप है, जो मरीजों और डॉक्टरों के बीच बातचीत के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए तैयार किया गया है।</p>
<p><strong>एप के बारे में</strong><br />एप के बारे में जानकारी देते हुए इन युवा इनोवेटर्स ने बताया कि यह यूजर फ्रेण्डली इंटरफेस और मजबूत सुविधाओं के साथ, ऐप मेडिकल रिकॉर्ड के मैनेजमेंट और मरीजों और डॉक्टरों के बीच स्पष्ट संचार की सुविधा के लिए एक केंद्रीकृत मंच प्रदान करता है। गहन शोध, हेल्थ केयर एक्सपर्ट्स के साथ साक्षात्कार और संस्थानों के साथ परामर्श एवं साझेदारी के माध्यम से, इन प्रतिभाशाली किशोरों ने हेल्थ केयर में वास्तविक दुनिया की जरूरतों को समझने और संबोधित करने के प्रति प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है।</p>
<p><strong>स्वास्थ्य सेवा के भविष्य को आकार दे रहे</strong> <br />उनका यह एप प्रोसेज को सुव्यवस्थित करने, चिकित्सा जानकारी तक पहुंच में सुधार करने और अंतत: ओवरऑल पेशेन्ट एक्सपीरिएंस को बढ़ाने का वादा करता है। ये युवा इनोवेटर्स सिर्फ एक एप नहीं बना रहे, अपितु वे स्वास्थ्य सेवा के भविष्य को भी आकार दे रहे हैं। सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए इनोवेशन महत्वाकांक्षा और युवाओं की शक्ति सेलिब्रेट करने के लिए उनके साथ शामिल हों और आज ही मेडिकल चेक्सपर्ट डाउनलोड करें और इस अविश्वसनीय सफर का हिस्सा बनें। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 May 2024 10:53:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>दो चिकित्सकों के भरोसे सवा लाख मरीजों का स्वास्थ्य</title>
                                    <description><![CDATA[एक चिकित्सक के सरकारी काम से इधर-उधर जाने से एक ही चिकित्सक पर मरीजों का भार रहता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/health-of-1-25-lakh-patients-depends-on-two-doctors/article-70747"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/transfer-(10)4.jpg" alt=""></a><br /><p>चौमहला। चौमहला क्षेत्र के 116 गांवों के करीब सवा लाख लोगों को चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने वाला चौमहला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मात्र दो चिकित्सकों के भरोसे चल रहा है। चिकित्सालय में स्वास्थ सेवाओं सहित मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। यहां सोनोग्राफी, ईसीजी की जांच मशीनें खराब पड़ी हुई हंै। मजबूरन लोगों को जांच बाहर करवानी पड़ रही है। प्राइवेट लैब वाले मरीजों से मनमाने दाम वसूल कर रहे हैं।चिकित्सालय में महिला चिकित्सक सहित विशेषज्ञ चिकित्सक सहित अन्य सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। कस्बे के बाशिन्दों द्वारा चिकित्सालय को 30 बेड की बजाय 50 बेड का करने की मांग भी की जा रही है। 30 बेड की क्षमता वाले इस चिकित्सालय में महिला चिकित्सक सहित कनिष्ठ विशेषज्ञ सर्जरी, कनिष्ठ विशेषज्ञ मेडिसिन, सोनोग्राफी चिकित्सक, डेंटल चिकित्सक का पद रिक्त है। महिला चिकित्सक का पद रिक्त होने से महिलाओं को छोटी-छोटी बीमारियों के लिए भी निकटवर्ती मध्यप्रदेश के चिकित्सालय में जाना पड़ रहा है। महिला चिकित्सक के अभाव में प्रसव के दौरान स्थिति बिगड़ने पर प्रसूताओं को मजबूरन जिला चिकित्सालय झालावाड़ या भवानीमंडी, मध्यप्रदेश के नागदा, मन्दसौर, उज्जैन की ओर रुख करना पड़ता है। यहां डेंटल चिकित्सक का पद भी रिक्त है। जबकि अस्पताल में डेंटल की आधुनिक मशीन भी लगी हुई है। चिकित्सालय में चार मेल नर्स, चार वार्ड बॉय के पद रिक्त हैं।</p>
<p><strong>मौसमी बीमारियों का प्रकोप, बढ़े मरीज</strong><br />इन दिनों मौसमी बीमारियों के चलते अस्पताल में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। मंगलवार को अस्पताल में मरीजों की खासी भीड़ रही। अस्पताल में दो चिकित्सकों की नियुक्ति है। लेकिन एक चिकित्सक के सरकारी काम से इधर-उधर जाने से एक ही चिकित्सक पर मरीजों का भार रहता है।</p>
<p><strong>पांच साल से सोनोग्राफी मशीन बन्द</strong><br />सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौमहला में विगत पांच साल से सोनोग्राफी नहीं हो रही है। यह मशीन पांच साल से खराब पड़ी हुई है। मशीन खराब होने के कारण गर्भवती महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी अस्पताल में 200 रुपए में सोनाग्राफी हो जाती है। जबकि निजी चिकित्सक मनमाने दाम वसूल कर रहे हैं।</p>
<p>चिकित्सालय में महिला चिकित्सक के नहीं होने से छोटी-छोटी बीमारियों के लिए महिलाओं को बाहर जाना पड़ता है। जिस कारण काफी समय व धन बरबाद होता है। यहां महिला चिकित्सक की शीघ्र नियुक्ति हो।<br /><strong>- गुणमाला पिछोलिया, समाजसेवी</strong></p>
<p>चिकित्सालय में महिला चिकित्सक नही होंने से महिलाओं को परेशानी होती है। पुरुष चिकित्सक को महिला शर्म के कारण अपनी बीमारी ठीक से नहीं बता पाती। अस्पताल में महिला डॉक्टर होना चाहिए। सोनाग्राफी आदि जांचें शुरू होनी चाहिएं। <br /><strong>- प्रेमलता अशोक भंडारी, सरपंच, चौमहला</strong></p>
<p>चौमहला प्रमुख व्यापारिक मंडी है। बढ़ती जनसंख्या के हिसाब से यह अस्पताल 50 बेड क्षमता का होना चाहिए। सभी जांच सुविधाएं अस्पताल में होनी चाहिएं। रिक्त पदों पर चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए।<br /><strong>- पवन पिछोलिया, अध्यक्ष, खाद्य एवं किराना व्यापार संघ, चौमहला</strong></p>
<p>क्षेत्र का यह बड़ा चिकित्सालय है। यहां महिला चिकित्सक सहित विशेषज्ञ चिकित्सक भी होना चाहिए। अस्पताल को क्रमोन्नत कर 50 बेड क्षमता का करना चाहिए।<br /><strong>- सुरेन्द्र कालरा, अध्यक्ष, रेडीमेड कपड़ा व्यापार संघ</strong></p>
<p>चौमहला चिकित्सालय में महिला चिकित्सक सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। सोनाग्राफी चिकित्सक की उपलब्धता होते ही सोनोग्राफी शुरू करवा दी जाएगी। <br /><strong>- डॉ. विकास जैन, ब्लॉक चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी ,चौमहला</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Feb 2024 19:01:50 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>CM Ashok Gehlot ने दी चिकित्सा क्षेत्र को 438 करोड़ की सौगात</title>
                                    <description><![CDATA[20 नई 104 जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस व 50 नई 108 एंबुलेंसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 29 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त होने के प्रमाण पत्र भी वितरित किए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cm-ashok-gehlot-gave-a-gift-of-438-crores-to-the-medical-sector-hindi-news/article-55345"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/s-33.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को वीसी के जरिए सीएमआर से प्रदेशवासियों 438 करोड़ की परियोजनाओं को सौगातें दी। इसमें 315 करोड़ रुपये लागत के 117 नए चिकित्सा भवनों का शिलान्यास एवं 123 करोड़ के 109 चिकित्सा भवनों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 20 नई 104 जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस व 50 नई 108 एंबुलेंसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 29 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त होने के प्रमाण पत्र भी वितरित किए। </p>
<p><strong>टीबी उन्मूलन में बेहतर कार्य करने वाले आठ जिला कलेक्टर सम्मानित<br /></strong>मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में जिला कलेक्टर बारां नरेंद्र गुप्ता,  भीलवाड़ा के जिला कलेक्टर आशीष मोदी, जैसलमेर के जिला कलेक्टर आशीष गुप्ता, जालौर के जिला कलेक्टर निशांत जैन, बांसवाड़ा के जिला कलेक्टर प्रकाश चंद शर्मा, चित्तौड़गढ़ के जिला कलेक्टर पियूष सांवरिया, राजसमंद की जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना, उदयपुर के जिला कलेक्टर अरविंद पोसवाल को टीवी उन्मूलन में बेहतर कार्य करने के लिए सिल्वर और कांस्य पदक से सम्मानित किया।</p>
<p><strong>अंगदान शपथ में राजस्थान ने बनाया रिकॉर्ड</strong><br />मुख्यमंत्री गहलोत तीन अगस्त को कार्यक्रम में लोगों को शपथ दिलाई थी। गहलोत को रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र सौंपा गया। कार्यक्रम में एक करोड़ से अधिक लोगो ने शपथ ली थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Aug 2023 14:18:12 +0530</pubDate>
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                <title>शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में राजस्थान में हुए अनोखे काम, पूरे देश में राजस्थान की चर्चा: गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[गहलोत ने कहा कि किसी समय में राजस्थान में केवल 6 विश्वविद्यालय थे लेकिन आज 60 विश्वविद्यालय हो चुके हैं। शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में राज्य में जिस तरह से कम हुए हैं उनके पूरे देश में आज चर्चा हो रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthans-unique-work-in-the-field-of-education-and-medicine/article-55343"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/ashok-gehlot-2-620x4002.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीएमआर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हम पहले ही आगे बढ़ चुके हैं किसी समय में राजस्थान में केवल 6 विश्वविद्यालय थे लेकिन आज 60 विश्वविद्यालय हो चुके हैं। शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में राज्य में जिस तरह से कम हुए हैं उनके पूरे देश में आज चर्चा हो रही है। हमने राइट टू हेल्थ कानून बनाया है ताकि हर आदमी को स्वास्थ्य का अधिकार मिले। यूपीए की मनमोहन सरकार ने संसद में चार कानून बनाकर जनता को अधिकार दिए थे। कोरोना के बाद अब पोस्ट कॉविड की बड़ी समस्या आ गई है युवाओं को हार्ट अटैक की समस्या हो रही है इसे लेकर पूरे मुल्क में चिंता का विषय है हालांकि इस पर अध्ययन भी हो रहे हैं। मेडिकल से जुड़ी कोई भी फाइल हमारे यहां पर रुकती नहीं है, जैसे आती है तुरंत वित्त की स्वीकृति प्रदान कर दी जाती है। केंद्र के स्वास्थ्य मंत्रालय को एक टीम भेज कर यहां अध्ययन करवाना चाहिए कि राजस्थान सरकार ने चिकित्सा के क्षेत्र में क्या-क्या कार्य किए हैं। महंगाई रात शिव रूम में एक करोड़ 90 लाख लोगों को चिकित्सा की गारंटी दी गई है। टीबी सालों से चली आ रही बीमारी है, जिसका पहलें  इलाज भी बहुत महंगा होता था, कई लोगों की इलाज के अभाव में ही मौत हो जाती थी। लेकिन अब हम स्वास्थ्य बीमा योजना में हर बीमारी का इलाज कर रहे हैं, हमारी मंशा है कि गांव-गांव में हेल्थ सेंटर हो ताकि आदमी बीमार होने पर तुरंत इलाज करवा सके हम इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मिशन 2030 पर हम राजस्थान में करीब एक करोड़ लोगों से राय ले रहे हैं, इसमें सब की भागीदारी होनी चाहिए की 2030 में राजस्थान में क्या होना चाहिए? देश में कुल जितने टीबी के रोगी हैं, उनमें 6% रोगी अकेले राजस्थान में है, हम सबको मिलकर इन लोगों को टारगेट बनाकर आगे कार्यक्रम चलाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Aug 2023 14:12:07 +0530</pubDate>
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