<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/private/tag-5914" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>private - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/5914/rss</link>
                <description>private RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अब कोटा के प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के बच्चों का रिकॉर्ड खंगालेगा प्रशासन, जिला कलक्टर के आदेश से निजी स्कूल संचालकों में मचा हड़कम्प</title>
                                    <description><![CDATA[22 अप्रैल तक स्कूलों का भौतिक सत्यापन कर जांच करनी होगी पूरी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/administration-to-scrutinize-records-of-rte-students-in-kota-s-private-schools--district-collector-s-order-sparks-panic-among-private-school-operators/article-149995"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-600-px)18.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत हुए मुफ्त प्रवेश की सच्चाई अब सबके सामने आएगी। जिला कलक्टर ने 25% आरक्षित सीटों पर पढ़ रहे बच्चों का भौतिक सत्यापन कराने के शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। साथ ही सख्त चेतावनी भी दी है कि निर्धारित समय सीमा में जांच पूरी नहीं होने व कार्य में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें, आरटीई के तहत कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश और शिक्षा दी जाती है। इधर, जिला कलक्टर कार्यालय से शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत निजी स्कूलों में आरक्षित सीटों पर पढ़ रहे बच्चों का भौतिक सत्यापन कराने के आदेश जारी होते ही निजी स्कूल संचालकों में हड़कम्प मच गया।</p>
<p><strong>नए व प्रमोटी सभी बच्चों का होगा सत्यापन</strong><br />जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में आरक्षित 25% सीटों पर पढ़ रहे नए और प्रमोट किए गए सभी बच्चों के रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाएगा। एक वीर कालीबाई भील, मुख्यमन्त्री पुनर्भरण योजना में अध्ययनरत बालक-बालिकाओं का वेरीफिकेशन किया जाना है, जिसके लिए प्रशासन द्वारा विभिन्न टीमों का गठन कर आॅर्ब्जवर नियुक्त कर दिए हैं।</p>
<p><strong>कलक्टर के सामने पेश करनी होगी रिपोर्ट</strong><br />सत्यापन के लिए गठित टीमों को अपने-अपने क्षेत्र के आवंटित स्कूलों में जाकर 22 अप्रैल तक भौतिक जांच पूरी करनी होगी। इसकी रिपोर्ट मुख्य जिला शिक्षाधिकारी (सीडीईओ) कोटा को जमा करानी होगी। इसके बाद मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को 25 अप्रैल तक सभी रिपोर्टों की जांच कर अंतिम रिपोर्ट जिला कलक्टर को प्रस्तुत करनी होगी।</p>
<p><strong>लापरवाही पर अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई</strong><br />प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेशों की अनदेखी करने व कार्य में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस आदेश की पालना सुनिश्चित कर समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करवाएं।</p>
<p><strong>कोटा के 976 प्राइवेट स्कूलों की होगी जांच</strong><br />कोटा जिले में 976 प्राइवेट स्कूल हैं, जिनमें आरटीई के तहत बच्चे नि:शुल्क शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों का सत्यापन करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक विद्यालय पर संबंधित इलाके के राजकीय स्कूल के प्राचार्य को निरीक्षणकर्ता और एक-एक प्रशासनिक अधिकारियों को आॅर्ब्जवर नियुक्त किया है।</p>
<p><strong>प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने जताया विरोध</strong><br />जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत हुए मुफ्त प्रवेश की जांच करवाने का आदेश जारी होते ही प्राइवेट स्कूल संचालकों में खलबली मच गई। निजी स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी खुलकर आदेश के विरोध में आ गए।</p>
<p><strong>स्कूल बंद कर देंगे, अधिकारियों को घुसने नहीं देंगे</strong><br />कोटा में 900 से ज्यादा स्कूलों की जांच के लिए जिला कलक्टर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगा रखी है। उनके इस निर्णय की प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन को कोई जानकारी नहीं है। इस तरह की जांच का औचित्य क्या है और कोटा जिले में ही क्यों करवाई जा रही है। ऐसा क्या कारण हो गया कि जिलाधिकारी को यह जांच करवानी पड़ रही है। जबकि, शिक्षा विभाग पहले ही इसकी जांच कर चुका है। यदि, प्रशासन को कोई बात करनी है तो हमारे प्रतिनिधिमंडल को बुलाएं, बात करें तभी समाधान निकलेगा। इसके बिना हम किसी भी अधिकारी को जांच के लिए स्कूलों में घुसने नहीं देंगे, भले ही हमें स्कूल बंद करना ही क्यों न पड़े।<br /><strong>-संजय शर्मा, अध्यक्ष प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसायटी</strong></p>
<p>राजस्थान में केवल कोटा में ही यह आरटीई निरीक्षण का आदेश जारी किया है। जबकि, आरटीई दिशा निर्देश 2025-26 में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि जिला कलक्टर निजी विद्यालयों का आरटीई से संबंधित भौतिक सत्यापन करवाएंगे। इसके बावजूद इस तरह का आदेश जारी होना निजी स्कूल संचालकों के साथ अन्याय है। हम इसका विरोध करते हैं।<br /><strong>-जमना शंकर प्रजापति, जिलाध्यक्ष निजी स्कूल संचालक संघ कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/administration-to-scrutinize-records-of-rte-students-in-kota-s-private-schools--district-collector-s-order-sparks-panic-among-private-school-operators/article-149995</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/administration-to-scrutinize-records-of-rte-students-in-kota-s-private-schools--district-collector-s-order-sparks-panic-among-private-school-operators/article-149995</guid>
                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 15:01:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/1200-x-600-px%2918.png"                         length="1900725"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हे भगवान, जान की कीमत पैसों से ज्यादा कब होगी,कोटा शहर में  लगभग 80 बसें रजिस्टर्ड, सुरक्षा नियमों की नहीं कर रहे पालना</title>
                                    <description><![CDATA[परिवहन विभाग ने की पांच बसों पर कार्रवाई, मानक अनुरूप नहीं थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/oh-god--when-will-life-be-more-valuable-than-money--nearly-80-buses-are-registered-in-kota-city--yet-they-are-not-following-safety-rules/article-129846"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/5246.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जैसलमेर-जोधपुर मार्ग पर एसी बस में शॉर्ट-सर्किट से लगी आग में 22 यात्रियों की मौत के बाद प्रशासन नींद से जागा है। वहीं, परिवहन विभाग ने कोटा सहित पूरे राजस्थान में सभी परमिटधारी बसों की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि  दैनिक नवज्योति ने कई प्रमुख खबरों का प्रकाशन कर ऐसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए नकारा संसाधन निजी बसों की मनमानी को लेकर चेताया था। वहीं कोटा शहर में स्लीपर और एसी बसों की सुरक्षा हालात अभी भी चिंताजनक हैं। दैनिक नवज्योति ने जब जांच-पड़ताल की, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कई बसें बिना परमिट या अपूर्ण फिटनेस सर्टिफिकेट के सड़कों पर दौड़ रही थीं। फायर सेफ्टी उपकरण का अभाव, संकरी गैलरी और ठीक से न खुलने वाले शटर यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। बता दें कि कोटा शहर में लगभग 80 बसें रजिस्टर्ड है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निजी बसों में जान-माल का सर्वाधिक खतरा बना रहता है। डीटीओ सुरेन्द्रसिंह राजपुरोहित ने बताया कि कोटा में जांच की गई बसों में इमरजेंसी गेट या निकासी द्वार पर अवरोध पाया गया। नाकाबंदी के दौरान ऐसे बसों पर कार्रवाई की जा रही है। बुधवार को हुई नाकाबंदी में पांच बसों को यात्रियों की सुविधा के अनुरूप न पाए जाने पर कार्रवाई की गई।</p>
<p><strong> दैनिक नवज्योति लगातार चेता रहा, नहीं दिया जा रहा ध्यान</strong><br />दैनिक नवज्योति निजी स्लीपर बसों में दुर्घटना के खतरे को लेकर दो साल से लगातार चेता रहा है। स्थिति  यह है कि 8 जुलाई 2023 को ही दैनिक नवज्योति ने अलर्ट प्रकाशित किया था, एक पल में मौत की नींद सुला सकती हैं बसें शीर्षक से खबर प्रकाशित कर संभावित खतरे से आगाह किया था। इसके बाद 16 दिसम्बर को फिर स्लीपर बसों में मुसाफिरों की जान खतरे में शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इतना ही नहीं इसके बाद लगातार नवज्योति ने इस मुद्दे पर यातायात प्रशासन और बस मालिक, चालक, यात्री सभी की सुरक्षा को लेकर संभावित खतरा टालने को कई समाचार प्रकाशित किए।   </p>
<p><strong>बिना सेफ्टी दौड रही बसों को रोकने की जिम्मेदारी किस की? कैसे चल रही थी? </strong><br />राज्य में हाल ही में हुई बस दुर्घटनाओं के बाद सुरक्षा जांच और मानकों को लेकर बस संचालकों ने विरोध जताया है। बस संचालकों का कहना है कि उनकी सभी बसों में इमरजेंसी गेट और फायर सेफ्टी उपकरण मौजूद हैं। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि जो भी कमी हो, उन्हें बताई जाए ताकि वे उसे सुधार सकें। बस यूनियन के सत्यनारायण शाहू ने नवज्योति से विशेष बातचीत में बताया कि वर्तमान में बीएस-6 और यूरो-6 इंजन की वायरिंग इतनी जटिल हो गई है कि स्पार्किंग से आग लग सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई बस मानक पर खरी नहीं उतरती, तो उसे पास नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी गेट हटाकर सीट बढ़ाना गलत है और इसके विरोध में हैं। उन्होंने बताया कि एक दुर्घटना के कारण पूरे राजस्थान के बस संचालकों को परेशान किया जा रहा है, जबकि दीपावली के मौके पर यात्रियों को आवागमन में परेशानी हो रही है। बुधवार को जोधपुर, जैसलमेर और जयपुर की कई बसें रद्द हो चुकी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनके विरोध को नहीं सुना गया तो पूरे राजस्थान में चक्का जाम किया जाएगा।</p>
<p><strong>फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी</strong><br />- बस में कम से कम दो अलग-अलग प्रकार के फायर एक्सटिंग्विशर अनिवार्य हैं।<br />- सभी फायर एक्सटिंग्विशरों की जांच हर छह महीने में जरूरी है।<br />- बस में धुआं और आग का अलार्म होना चाहिए।<br />- कम से कम दो आपातकालीन दरवाजे और खिड़कियां होनी चाहिए, जो आसानी से खुलने योग्य हों।<br />- दरवाजे और खिड़कियों के रास्ते में शटर या जंजीर जैसी बाधाएं नहीं होनी चाहिए। <br />- चालक और स्टाफ को फायर सेफ्टी और आपातकालीन निकासी का प्रशिक्षण अनिवार्य है।<br />- आग बुझाने और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का नियमित अभ्यास होना चाहिए।<br />- आपातकालीन निकास के पास स्पष्ट संकेत और निर्देश होने चाहिए।<br />- दिव्यांग यात्रियों के लिए सर्विस गेट के पास आरक्षित सीट अनिवार्य है।</p>
<p><strong>स्लीपर बसों में खतरे के कई कारण</strong><br />- ड्राइवर की थकावट भी हादसों की बड़ी वजह है। रातभर 300-1000 किमी की दूरी तय करने वाले ड्राइवर अक्सर नींद में गायब हो जाते हैं।<br />- अधिकांश बसों में ड्राउजीनेस अलर्ट सिस्टम नहीं होता।<br />- स्लीपर बसें आरामदायक सोने की सुविधा देती हैं, लेकिन हिलने-डुलने की जगह बेहद कम होती है।<br />- बसों की ऊंचाई भी खतरे का कारण बनती है। अतिरिक्त लगेज डिग्गी लगने से ऊंचाई 10-12 फीट तक बढ़ जाती है।</p>
<p><strong>इमरजेंसी गेट हटाकर लगाई अतिरिक्त सीटें</strong><br />नवज्योति ने बस के ड्राइवर से इमरजेंसी गेट के बारे में पूछा, तो बताया कि गेट पीछे की ओर है। लेकिन, कई बसों में इसे बंद करवाकर अतिरिक्त सीटें लगा दी गई हैं। दोनों तरफ सीटें होने से बस की गैलरी संकरी हो जाती है। आगजनी की स्थिति में यात्रियों के लिए खिड़कियों से कूदना ही एकमात्र विकल्प बचता है, जो जानलेवा हो सकता है।</p>
<p> सभी बसों की मानक अनुरूप मापदंड को लेकर चैकिंग की जा रही है। अब तक पांच बसों पर कार्रवाई की गई है। इन बसों की जांच में यह पाया गया कि ये मानक के अनुरूप नहीं हैं। इन बसों में इमरजेंसी गेट या निकासी द्वार पर अवरोध था। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। <br /><strong>    -सुरेन्द्रसिंह राजपुरोहित, डीटीओ, कोटा</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/oh-god--when-will-life-be-more-valuable-than-money--nearly-80-buses-are-registered-in-kota-city--yet-they-are-not-following-safety-rules/article-129846</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/oh-god--when-will-life-be-more-valuable-than-money--nearly-80-buses-are-registered-in-kota-city--yet-they-are-not-following-safety-rules/article-129846</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Oct 2025 15:39:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-10/5246.png"                         length="541263"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बंद रोडवेज बसों ने बढ़ाई यात्रियों की मुश्किल, निजी वाहनों का किराया मंहगा</title>
                                    <description><![CDATA[खानपुर में बारां-झालावाड़ मेगा हाइवे पर बस स्टैण्ड की दरकार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/roadways-buses-have-been-suspended--increasing-passenger-hardship--and-private-vehicle-fares-have-become-more-expensive/article-129013"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/roadways1.png" alt=""></a><br /><p> खानपुर। खानपुर में कोरोना काल से रोडवेज की कुछ बसें बंद चल रही थी जिसके चलते राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी अनुसार खानपुर में बारां झालावाड़ मेगा हाइवे पर ना तो कोई बस स्टैंड बना हुआ है और ना ही यात्रियों को बसों की सुविधा मिल पा रही है। रोडवेज की कुछ बसें ऐसी है जो पहले चलती थी जैसे हिंडौन गाड़ी जो की खानपुर से सुबह 5 रवाना होती थी और उधर से कोटा से आते समय लगभग 6:30 बजे कोटा से रवाना होती थी।  इससे व्यापारी कृषक व विद्यार्थी भी सुबह से जाने वाला विद्यार्थी शाम को घर वापस आ जाता था उसके लिए हिंडौन गाड़ी बहुत ही अच्छी गाड़ी थी क्योंकि उसमें कोटा जाने वाला व्यापारी पूरा कार्य करके और 9 बजे भी तैयार होकर वहां से बैठ जाता था और खानपुर पहुंच जाता था। मजबूरन रोजाना झालावाड़ या कोटा जाने वालों को निजी वाहनों में सफर करना पड़ रहा है और निजी वाहनों का किराया भारी पड़ता है जो एक गरीब व्यक्ति उसका वहन नहीं कर सकता। निजी वाहन में सफर करना महंगा और असुरक्षित है परिवहन की बसों की गारंटी है निजी वाहनों की कोई सुरक्षा नहीं है। खानपुर कस्बे वासियों का कहना है की जो बसें बंद हुई है अगर वह बसे वापस चालू हो जाती है जैसे हिंडौन बस झालावाड़ से रात्रि सेवा सुविधा और भी कुछ बसे हैं जो पहले चलती थी तो यात्रियों को थोड़ी <br />राहत मिलेगी। </p>
<p>इधर से तो हम कोटा चले जाते हैं लेकिन कोटा से खरीदारी करने के बाद जब वापस आते हैं तो उधर से आने के लिए कोई बस नहीं है इसलिए हिंडौन गाड़ी वापस चालू की जाए।<br /><strong>-बंटी गौतम, कस्बेवासी </strong></p>
<p>अभी बीच में झालावाड़ जाने के लिए खानपुर से सुबह 7 बजे दो या तीन महीने पहले बस चल रही थी लेकिन वह बस बंद हो गई है उसे चालू किया जाए।<br /><strong>-मुकेश मालव, कस्बेवासी </strong></p>
<p>कोटा से रात को आने के लिए हिंडौन बस चलती थी वह बस खानपुर के लिए एक बहुत अच्छी सेवा थी उसे सेवा को वापस चालू की जाए।<br /><strong>-टोनी मीणा, कस्बेवासी</strong></p>
<p>कोरोना काल के बाद कुछ बसें खानपुर से बंद हो गई है उन बंद बसों को चालू किया जाए ताकि यात्री परिवहन की बस में सफर कर सके।<br /><strong>-राजाराम गुर्जर, कस्बेवासी</strong></p>
<p>बच्चों को खानपुर से झालावाड़ कॉलेज भी जाना पड़ता है और कोई आॅफिसर खानपुर से झालावाड़ डेली अप डाउन भी करता है तो उनको परेशानी का सामना करना पड़ता है अत: बंद बसों को चालू करने की कृपा करें।<br /><strong>-पपला गुर्जर, कस्बेवासी</strong></p>
<p>कोरोना के बाद कुछ बसें बंद हो गई थी उन बसों को सुचारू रूप से चालू की जाए ताकि निजी वाहनों से बचकर परिवहन की बसों में यात्रा कर सके।<br /><strong>-नरेंद्र मालव, कस्बेवासी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />रोडवेज बस जो कुछ समय पहले बंद हो गई थी, वह संसाधन तुरंत चालू किए जाएंगे और जहां तक हो सके तो फरवरी में स्थाई रूप से खानपुर में बस स्टैंड भी बन जाएगा।  खानपुर में हमें जमीन भी मिल गई है बाउंड्री को रोडवेज के नाम करवा लिया है इसलिए हो सके तो बस स्टैंड फरवरी में लगभग बन सकता है इसका पट्टा भी बन चुका है।<br /><strong>-पवन सैनी यातायात प्रबंधक, झालावाड़</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/roadways-buses-have-been-suspended--increasing-passenger-hardship--and-private-vehicle-fares-have-become-more-expensive/article-129013</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/roadways-buses-have-been-suspended--increasing-passenger-hardship--and-private-vehicle-fares-have-become-more-expensive/article-129013</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Oct 2025 16:27:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-04/roadways1.png"                         length="186913"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - सुबह 7.30 से 11 बजे तक खुलेंगे स्कूल, 16 मई तक बदला समय</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति की खबर पर कलक्टर ने बदला स्कूलों का समय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---schools-will-open-from-7-30-am-to-11-am/article-111593"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer-(1)15.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रदेश में भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सोमवार को कोटा के सभी स्कूलों का समय बदल दिया है। सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में अब प्री-प्राइमरी से 8वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों का स्कूल समय सुबह 7:30 से 11 बजे तक का रहेगा। इस संबंध में जिला कलक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी ने आदेश जारी कर दिए हैं। बता दें, दैनिक नवज्योति ने 18 अप्रेल को 43 डिग्री तापमान में लू से झुलस रहा बचपन...शीर्षक से खबर प्रकाशित कर प्रशासन को अभिभावकों की चिंता व बच्चों की तकलीफों से रुबरू करवाया था। इस पर जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए स्कूलों का समय बदलने के आदेश जारी किए। </p>
<p><strong>16 मई तक बदला समय</strong><br />आदेश के तहत 22 अप्रेल से 16 मई तक जिले के सभी सरकारी तथा गैर सरकारी (आरबीएससी व सीबीएसई) सभी स्कूलों का समय सुबह 7.30 से 11 बजे रहेगा। जिन स्कूलों में मिड डे मील संचालित है, उन स्कूलों द्वारा मिड डे मील भोजन व दूध पिलाने की व्यवस्था सुबह 10:30 बजे से पहले ही किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों में शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कार्मिक अपने निर्धारित विभागीय समय अनुसार स्कूल में उपस्थित देंगे। निदेर्शों की अवहेलना करने वाले सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।</p>
<p><strong>मौसम विभाग ने जारी किया हीटवेव का अलर्ट </strong><br /> इधर, मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 25-26 अप्रेल से तापमान में अन्य दिनों की अपेक्षा तेजी से वृद्धि होगी जिससे टेम्प्रेचर 45 डिग्री पर पहुंचने की संभावना जताई है। जिसके चलते 23 अप्रेल को राज्य के कई जिलों में हीटवेव चलने का येलो अलर्ट भी जारी किया है।</p>
<p><strong>एक ही पारी में हो राज्य स्तरीय समान परीक्षा  </strong><br />माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर द्वारा 24 अप्रेल से आयोजित की जा रही राज्य स्तरीय समान परीक्षा  का समय में भी बदलाव किया जाना चाहिए। कक्षा 9 व 11वीं के विद्यार्थियों की परीक्षा दो पारियों में आयोजित करवाई जाएगी। प्रथम पारी सुबह 7:45 से 11 बजे तक तथा द्वितीय पारी 11:30 से दोपहर 2:45 तक रहेगी। जबकि, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भारी गर्मी और तापमान में वृद्धि का अलर्ट जारी किया हैं, जिसके चलते शिक्षा विभाग को दोनों कक्षाओं की परीक्षा पहली पारी में ही आयोजित करनी चाहिए। ताकि, विद्यार्थियों को भीषण गर्मी से राहत मिल सके। वहीं, छोटे विद्यार्थियों का स्कूल का समय सुबह 7:30 बजे से 11 बजे तक किए जाने की आवाज उठाने पर दैनिक नवज्योति का आभार। <br /><strong>-मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान</strong></p>
<p>जिले में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों का समय बदल दिया गया है। मंगलवार से सुबह 7.30 बजे से 11 बजे तक विद्यालय संचालित होंगे। जिला कलक्टर के आदेश की पालना सुनिश्चित करवाई जाएगी। निर्देशों की अवहेलना करने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong>-योगेश पारीक, मुख्य जिला शिक्षाधिकारी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---schools-will-open-from-7-30-am-to-11-am/article-111593</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---schools-will-open-from-7-30-am-to-11-am/article-111593</guid>
                <pubDate>Tue, 22 Apr 2025 14:27:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-04/rtrer-%281%2915.png"                         length="583890"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गार्डन संचालक कूट रहे चांदी, हो रहा राजस्व का नुकसान </title>
                                    <description><![CDATA[मैरिज गार्डनों में विवाह आयोजन व अन्य समारोह होने पर संचालकों द्वारा रोजाना का लाखों रुपए किराए के हिसाब से वसूल किया जा रहा है। जबकि उन मैरिज गार्डनों में न तो पार्किंग की सुविधा है और न ही पंजीयन है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/garden-operators-are-pounding-silver--loss-of-revenue/article-33730"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/garden-sanchalak-koot-rahe-chandi,-ho-raha-rajasva-ka-nuksaan...kota-news..30.12.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के हर क्षेत्र में निजी मैरिज गार्डन तो बने हुए हैं लेकिन उनमें से अधिकतर बिना रजिस्ट्रेशन के ही संचालत हो रहे हैं। इसका कारण वे पंजीयन में पार्किंग की शर्त को पूरा नही कर पा रहे है। बरसों से यह शर्त न तो पूरी हो पा रही है और न ही पंजीयन। इससे मैरिज गार्डन सचालक तो  चांदी कूट रहे हैं और नगर निगम को हर साल लाखों रुपए राजस्थान का नुकसान हो रहा है। शहर में शुरुआत में जहां गिनती के ही मैरिज गार्डन बने हुए थे। लेकिन शहर के विकास व विस्तार के साथ ही मैजिज गार्डनों की संख्या में भी कई गुना बढ़ोतरी हो चुकी है। शहर का कोई क्षेत्र ऐसा नहीं हैं जहां मैरिज गार्डन नहीं हैं। बूंदी रोड हो या बारां रोड, झालावाड़ रोड हो या शहर के अंदरूनी क्षेत्र का नदी पार इलाका। वह भी छोटे-छोटे मैरिज गार्डन नहीं काफी बड़े क्षेत्र में ये बनाए जा रहे हैं। जिनमें खुला स्थान लोन और  कमरे व हॉल तक की सुविधाएं बनाई गई हैं। उन मैरिज गार्डनों में विवाह आयोजन व अन्य समारोह होने पर संचालकों द्वारा रोजाना का लाखों रुपए किराए के हिसाब से वसूल किया जा रहा है। जबकि उन मैरिज गार्डनों में न तो पार्किंग की सुविधा है और न ही पंजीयन है। </p>
<p><strong>इस कारण नहीं हो रहा पंजीयन</strong><br />मैरिज गार्डनों का पंजीयन नगर निगम में होता है। नगर निगम में 5 साल के लिए पंजीयन करवाने का शुल्क निर्धारित है। उसके साथ ही अनुमति भी निगम से लेनी होती है। जिसका भी वर्गफुट के हिसाब से शुल्क जमा होता है। लेकिन हालत यह है कि करोड़ों रुपए के मैरिज गार्डन बनाने के बाद भी उनका निगम में पंजीयन तक नहीं है। इसका कारण शहर में जितने भी मैरिज गार्डन हैं उनमें से मात्र 5 फीसदी के पास भी पार्किंग की सुविधा नहीं है। वह भी नियमानुसार गार्डन के कुल स्थान का 25 फीसदी स्थान में पार्किंग होनी चाहिए। अधिकतर मैरिज गार्डन सचालक इस शर्त को पूरा नहीं कर पा रहे हैं जिससे उनका पंजीयन नहीं हो पा रहा है। बिना पंजीयन के भी मैरिज गार्डन संचालक आयोजकों से एक आयोजन के लाखों रुपए वसूल कर रहे हैं। जिससे  वे तो चांदी कूट रहे है जबकि निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है। </p>
<p><strong>बजट में प्रावधान लेकिन लक्ष्य पूरा नहीं</strong><br />नगर निगम में विवाह स्थल पंजीयन व वार्षिक शुल्क के लिए बजट का प्रावधान किया गया है।  नगर निगम कोटा उत्तर में वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 में इस मद में एक-एक करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। जिसमें से न तो गत वित्तीय वर्ष में और न ही इस वर्ष अभी तक एक रुपए भी शुल्क जमा हुआ है। इसी तरह से कोटा दक्षिण में इस मद में वित्तीय वर्ष 2021-22 व 2022-23 में 50-50 लाख रुपए का प्रावधान किया गया था। जिसमें गत वित्तीय वर्ष में मात्र 5 लाख रुपए शुल्क जमा हुआ है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है इस मद में आय के लिए न तो नगर निगम के अधिकारी गम्भीर हैं और न ही मैरिज गार्डन संचालक। </p>
<p><strong>भरतपुर में हुई घटना के बाद जोड़ी शर्त</strong><br />जानकारों के अनुसार क साल पहले भरतपुर के मैरिज गार्डन में हादसा हुआ था। वहां भगदड़ मचने से कई लोगो की जान चली गई थी। उस हादसे के बाद राज्य सरकार ने सभी मैरिज गार्डनों के पंजीयन के लिए कुल स्थान का 25 फीसदी पार्किंग स्थान व स्ट्रक्चर स्टेटस प्रमाण पत्र लेना आवश्यक कर दिया है। जिसकी पालना कोई भी मैरिज गार्डन संचालक नहीं कर रहा है।  जानकारों के अनुसार नगर निगम कोटा उत्तर की तुलना में कोटा दक्षिण निगम क्षेत्र में मैरिज गार्डन अधिक हैं। </p>
<p><strong>सड़कों पर पार्किंग, यातायात बाधित</strong><br />हालत यह है कि सावों के समय में मैरिज गार्डनों में रोजाना आयोजन होते हैं। जिनमें हर मैरिज गार्डन में सैकड़ों लोग आते हैं। ऐसे में अधिकर लोग तो चार पहिया वाहनों से आते है और कई लोग दो पहिया वाहनों से। ऐसे में सभी वाहन मैरिज गार्डनों के बाहर सड़क पर ही खड़े होते हैं। जिससे सड़क पर जाम और यातायात बाधित होता है। अगले महीने 14 जनवरी से फिर सावे शरू होने के बाद यही स्थिति बनने वाली है। </p>
<p><strong>गिनती के पंजीयन उनका भी समय पूरा</strong><br />निगम सूत्रों के अनुसार कोटा में एक नगर निगम के समय वर्ष 2015-16 में कुछ मैरिज गार्डन सचालकों ने पंजीयन कराया था। वह पंजीयन 5 साल के लिए हुआ था। उसकी अवधि भी वर्ष 2020 में पूरी हो चुकी है। अब गिनती के ही मैरिज गार्डन ऐसे हैं जिनका पंजीयन है। उनमें अधिकतर बड़े गार्डन शामिल है। जबकि अधिकतर बिना पंजीयन के लिए सचालित हो रहे हैं। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />मैरिज गार्डन पंजीयन के लिए बॉयलॉज में दो शर्त हैं जिनमें से सबसे बडी शर्त मैरिज में कुल स्थान का 25 फीसदी स्थान पार्किंग के लिए निर्धारित होना चाहिए। यह शर्त भरतपुर में हुए हादसे के बाद जोड़ी गई है। लेकिन अधिकतर मैरिज गार्डन इस शर्त को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। जिससे उनका पंजीयन नहीं हो पा रहा है। हालांकि वर्ष 2018 में भी सरकार के पास नियमों में शिथिलता देने का प्रस्ताव भेजा गया था। जिससे मैरिज गार्डनों का पंजीयन हो सके। इस प्रस्ताव को दोबारा से भेजा जाएगा।  <br /><strong>- दिनेश शर्मा, उपायुक्त राजस्व, नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/garden-operators-are-pounding-silver--loss-of-revenue/article-33730</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/garden-operators-are-pounding-silver--loss-of-revenue/article-33730</guid>
                <pubDate>Fri, 30 Dec 2022 15:21:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-12/garden-sanchalak-koot-rahe-chandi%2C-ho-raha-rajasva-ka-nuksaan...kota-news..30.12.2022.jpg"                         length="228538"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निजी कॉलेज संचालकों की मनमानी: परीक्षार्थियों से अवैध वसूली</title>
                                    <description><![CDATA[वैर। बृज यूनिवर्सिटी भरतपुर के द्वारा स्नातक स्तर की परीक्षाएं 20 जून से प्रारंभ की गई है जिनके लिए तीन पारियों में परीक्षा संचालित है। प्रात: 8 बजे से 9.30 तक 11 बजे से 12.30 व 2 बजे से 3.30 तक , जिसमें कस्बा वैर स्थित निजी कॉलेजों में यूनिवर्सिटी द्वारा परीक्षा केंद्र आवंटित किये गए है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/arbitrariness-of-private-college-operators-illegal-recovery-from-candidates/article-11880"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/weir-(-bharatpur).jpg" alt=""></a><br /><p><br />वैर। बृज यूनिवर्सिटी भरतपुर के द्वारा स्नातक स्तर की परीक्षाएं 20 जून से प्रारंभ की गई है जिनके लिए तीन पारियों में परीक्षा संचालित है। प्रात: 8 बजे से 9.30 तक 11 बजे से 12.30 व 2 बजे से 3.30 तक , जिसमें कस्बा वैर स्थित निजी कॉलेजों में यूनिवर्सिटी द्वारा परीक्षा केंद्र आवंटित किये गए है। आस पास के क्षेत्रों से परीक्षार्थी वैर स्थित निजी कॉलेजों में परीक्षा देने आते हैं। निजी कॉलेज संचालकों के द्वारा अतिरिक्त शुल्क के रूप में परीक्षार्थियों से 100 रुपए की अवैध वसूली का प्रकरण सामने आया है।वैर स्थित निजी कॉलेज संचालक परीक्षार्थियों से अवैध रूप से 100 रुपए लिए जा रहे हैं, परीक्षार्थियों को अतिरिक्त 100 रुपये दिये जाने के लिए बाध्य किया जा रहा है।</p>
<p>वहीं परीक्षार्थियों को परीक्षा से वंचित करने के लिये धमकी दी जाती है। उक्त समस्या को लेकर परीक्षार्थियों ने अपने परिजनों को अवगत कराया तो उन्होंने प्रकरण को लेकर कॉलेज व्यवस्थापकों से बात की तो उन्होंने अतिरिक्त शुल्क का हवाला देते हुए कहा कि हम परीक्षार्थियों को ठंडा पानी व स्वच्छ टॉयलेट की व्यवस्था करने में इस अतिरिक्त शुल्क का उपयोग करते हैं। जबकि इस अतिरिक्त शुल्क की किसी भी प्रकार की रसीद नहीं दी जाती है। इस तरह की अवैध तरीके की कॉलेज संचालकों द्वारा वसूली को लेकर परीक्षार्थियों व परिजनों ने कॉलेज संचालकों के प्रति आक्रोश प्रकट किया है। उनका कहना है कि सभी शुल्क परीक्षा से पहले ही जमा करा दिए गए हैं। परिजनों ने इस संबंध में उपखंड अधिकारी को अवगत कराया तो उन्होंने आश्वस्त कराया कि इस तरह की कोई समस्या है तो हम व्यवस्थापकों को बोल देंगे व परीक्षार्थियों को इस तरह की कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।  <br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>भरतपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/arbitrariness-of-private-college-operators-illegal-recovery-from-candidates/article-11880</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/arbitrariness-of-private-college-operators-illegal-recovery-from-candidates/article-11880</guid>
                <pubDate>Sat, 11 Jun 2022 12:27:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/weir-%28-bharatpur%29.jpg"                         length="71030"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निगम की जमीन पर निजी टिपरों का अतिक्रमण</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम की सरकारी जमीन पर निगम संवेदक के पुराने टिपर पिछले कई सालों से खड़े हुए हैं। लेकिन निगम अधिकारियों को उसकी परवाह तक नहीं है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/encroachment-of-private-tippers-on-corporation-land/article-11212"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/tipper.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । नगर निगम की सरकारी जमीन पर निगम संवेदक के पुराने टिपर पिछले कई सालों से खड़े हुए हैं। लेकिन निगम अधिकारियों को उसकी परवाह तक नहीं है।  सीएडी रोड स्थित अम्बेडकर भवन के पीछे खाली जगह पर पिछले कई सालों से पुराने टिपर खड़े हुए हैं। वे भी एक दो नहीं करीब दो दर्जन टिपर  है। वे टिपर न तो काम में आ रहे हैं और न ही नगर निगम के हैं। वे जिस स्थिति में खड़े हुए थे उसी में अभी भी खड़े हुए हैं। <br /><br />जानकारी करने पर पता चला कि वे टिपर निजी संवेदक के हैं। लोकेश कुमार नाम के व्यक्ति का पूर्व में घर-घर कचरा संग्रहण में निगम में ठेका  था। लेकिन नगर निगम द्वारा स्वयं के टिपर क्रय करने के बाद संवेदक का ठेका खत्म हो गया। ठेके के समय भी वे टिपर यहीं खड़े हो रहे थे और ठेका खत्म होने के बाद भी वे टिपर वहीं खडें हुए हैं। सरकारी जमीन पर निजी वाहनों  के जरिय अतिक्रमण किया हुआ है। लेकिन नगर निगम के अधिकारी उन्हें न तो हटवा सके और न ही जगह को खाली करवा सके। उन टिपरों को देखकर वहां एक के बाद एक कई लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। <br /><br /><strong>दो साल पहले हुआ ठेका खत्म</strong><br />लोकेश कुमार ने बताया कि  नगर निगम द्वारा वर्ष 2018 में घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था शुरू की गई थी। उस समय उन्होंने 50 टिपर क्रय किए थे। जिन्हें ठेके पर निगम में लगाया था। लेकिन वर्ष 2020 में निगम ने स्वय के टिपर क्रय कर लिए। उसके बाद उनका ठेका समाप्त हो गया। उन्होंने 50 में से 26 टिपर तो बेच दिए। जबकि 24 टिपर हैं जो अभी भी अम्बेडकर भवन के पीछे ही ख़ड़े हुए हैं।  लोकेश ने बताया कि उनके पास जगह नहीं है और निगम अधिकािरयों ने कोई आपत्ती नहीं की इस कारण से उनके टिपर वहीं खड़े हुए हैं। <br /><br />अम्बेडकर भवन की जमीन पर निजी टिपर खड़े होने की जानकारी नहीं है। उसका पता करवाकर उन्हें हटवाया जाएगा। <br /><strong>-राजपाल सिंह, आयुक्त, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/encroachment-of-private-tippers-on-corporation-land/article-11212</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/encroachment-of-private-tippers-on-corporation-land/article-11212</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jun 2022 15:46:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/tipper.jpg"                         length="62010"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>30 हजार प्राइवेट स्कूलों में फ्री एडमिश के लिए निकली RTE लॉटरी </title>
                                    <description><![CDATA[इनमें से जरूरतमंद बच्चों को प्राइवेट स्कूलों की 1.25 लाख सीटों पर फ्री एडमिशन दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--education-news--rte-lottery-out-for-free-admission-in-30-thousand-private-schools/article-9930"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/lottery1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के 30 हजार प्राइवेट स्कूलों में फ्री एडमिश के लिए आरटीई (अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम) की लॉटरी आज निकली। प्रदेशभर में दो लाख से ज्यादा अभिभावकों ने अपने बच्चो के एडमिश के लिए आरटीई में आवेदान किया है। इनमें से जरूरतमंद बच्चों को प्राइवेट स्कूलों की 1.25 लाख सीटों पर फ्री एडमिशन दिया। शिक्षा संकुल में शिक्षामंत्री डॉ. बीडी कल्ला कम्प्यूटर के जरिए लॉटरी निकाली। वहीं अब लॉटरी के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर बच्चों को एडमिश दिया जाएगा। आरटीई के लिए 2 से 15 मई तक आवेदन मांगे गया थे। <br /> <br />आरटीई कानून के तहत प्राइवेट स्कूलों को अपने यहां एंट्री लेवल की कक्षा में कुल एडमिट हुए बच्चों की संख्या के 25 फीसदी संख्या के बराबर फ्री एडमिशन देना होता है। इन 25 फीसदी बच्चों की पढ़ाई का पैसा सरकार इन स्कूल संचालकों को देती है। जबकि अभिभावकों से स्कूल फीस नहीं वसूली जाती है। आरटीई के तहत क्लास फर्स्ट में बच्चों को एडमिशन दिया जाता है। इसके लिए बच्चे की उम्र 5 से 7 साल के बीच होनी चाहिए। जिसके लिए बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट और मूल या स्थायी निवास के दस्तावेज लगाने होते है।<br /><br /><strong>वार्ड के अनुसार प्रायोरिटी</strong><br />शिक्षा संकुल में आरटीई की लॉटरी में प्रायोरिटी लिस्ट जारी की। इसमें बच्चा जिस नगर पालिका, नगर निगम या नगर परिषद के साथ ही ग्राम पंचायत के जिस वार्ड का रहने वाला है। उसी वार्ड में मौजूद स्कूलों को प्रायोरिटी देते हुए लॉटरी निकाली जाती है। इस योजना के तहत दो केटेगिरी अल्प आय वर्ग और असुविधा समूह में आने वाले बच्चों को एडमिशन दिया जाता है। इसमें अल्प आय वर्ग में वे बच्चे जिनके माता-पिता की आय 2.50 लाख रुपए तक सालाना है।<br /><br /><strong>ये रहेगा शेड्यूल</strong><br />प्रायोरिटी लॉटरी निकलने के बाद 18 से 25 मई तक आवेदकों (अभिभावकों) को ऑनलाइन ही रिपोर्टिंग करनी होगी।<br />18 से 27 मई तक आवेदनों की जांच की जाएगी।<br />ये पूरी प्रक्रिया दो चरणों में होगी यानी पहले चरण की एडमिशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब सीटे खाली रह जाएगी। तो दूसरे चरण के आवेदन पत्रों की जांच 1 जून से शुरू होगी। ये पूरी प्रक्रिया 20 जुलाई तक चलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--education-news--rte-lottery-out-for-free-admission-in-30-thousand-private-schools/article-9930</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--education-news--rte-lottery-out-for-free-admission-in-30-thousand-private-schools/article-9930</guid>
                <pubDate>Tue, 17 May 2022 14:09:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/lottery1.jpg"                         length="40111"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अनियंत्रित होकर निजी बस पलटी, 12 यात्री घायल </title>
                                    <description><![CDATA[ झालावाड़ जिले के डग-भवानीमंडी रोड़ पर बुधवार अपराह्न को निजी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में 12 यात्री घायल हो गए। इस हादसे के बाद दो घंटे तक डग-भवानीमंडी रोड पर यातायात बाधित रहा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/private-bus-overturned-uncontrollably--12-passengers-injured/article-9573"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/132.jpg" alt=""></a><br /><p>मिश्रोली। झालावाड़ जिले के डग-भवानीमंडी रोड़ पर बुधवार अपराह्न को निजी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में 12 यात्री घायल हो गए। कुछ गंभीर घायल बताए जा रहे है। इस हादसे के बाद दो घंटे तक डग-भवानीमंडी रोड पर यातायात बाधित रहा। पुलिस ने दो घंटे बाद रोड सुचारू किया। बस चालक व परिचालक हादसे के बाद भाग निकले।<br /><br />हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन,पगारिया पुलिस प्रशासन मय जाब्ता मौके पर पहुंचा। जेसीबी की मदद से ग्रामीणों ने बस को सीधा कर फ ंसे यात्रियों को निकाला । घायल लोगों को एंबुलेंस से हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार कर झालावाड़ रेफर किया। इस बीच दो घंटे तक पुलिस जाब्ता सहित ग्रामीण समाजजनों ने डग-भवानीमंडी रोड पर आने जाने वाले वाहनों को सुरक्षित निकलवाया। मौके पर डीएसपी अरुण कुमार, एसडीएम शाहबाद, पटवारी सुभाष,सरपंच जगमाल सिंह चौहान मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/private-bus-overturned-uncontrollably--12-passengers-injured/article-9573</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/private-bus-overturned-uncontrollably--12-passengers-injured/article-9573</guid>
                <pubDate>Wed, 11 May 2022 18:46:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/132.jpg"                         length="201280"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब बड़े निजी स्कूलों में आरटीई से कर सकते हैं गरीब बच्चें भी पढ़ाई, नि:शुल्क प्रवेश के आवेदन 2 मई से</title>
                                    <description><![CDATA[ शिक्षा विभाग की ओर से ऑनलाइन आवेदन के लिए 2 से 15 मई तक मांगे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--now-poor-children-can-also-study-in-big-private-schools-through-rte--application-for-free-admission-from-may-2/article-8638"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/rte2.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। निजी स्कूलों में गरीब छात्रों के प्रवेश के लिए अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम (आरटीई) के तहत स्कूलों में एडमिशन की प्रक्रिया 2 मई से शुरू होगी। शिक्षा विभाग की ओर से ऑनलाइन आवेदन के लिए 2 से 15 मई तक मांगे हैं, जबकि 17 मई को प्राप्त होने वाले आवेदनों की लॉटरी निकालकर उनको प्राथमिकता दी जाएगी। इस प्रक्रिया में प्रदेश में करीब 25 हजार स्कूलों में करीब सवा लाख से अधिक सीटों पर गरीब बच्चों को फ्री एडमिशन दिया जाएगा। आरटीई कानून के तहत प्राइवेट स्कूलों को अपने यहां एंट्री लेवल की कक्षा में कुल संख्या में से 25 फीसदी सीटों पर फ्री प्रवेश देना होगा। बाकी 75 प्रतिशत सीटों पर वे फीस लेकर प्रवेश दे सकते हैं। दरअसल इन सीटों पर एडमिशन के लिए हर साल 2 लाख से ज्यादा आवेदन आते हैं। पिछले साल भी करीब 2.83 लाख बच्चों ने एडमिशन के लिए आवेदन किया था। <br /><br /><strong>ये बच्चे होंगे योग्य</strong><br />आरटीई के तहत क्लास फर्स्ट में बच्चों को एडमिशन मिलेगा। इसके लिए बच्चे की उम्र 5-7 साल के बीच होगी। इसके अलावा बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट और यहां के मूल या स्थाई निवास के दस्तावेज लगाने होंगे। इसमें दो केटेगिरी कमजोर वर्ग और असुविधा समूह में आने वाले बच्चों को एडमिशन मिलेगा। कमजोर वर्ग में वे बच्चे जिनके माता-पिता की आय 2.50 लाख रुपए सालाना या उससे कम हो, जबकि असुविधा समूह में एससी, एसटी वर्ग के अलावा अनाथ बच्चा, एचआईवी या कैंसर पीड़ित या इन बीमारी से प्रभावित माता-पिता के बच्चे, युद्ध विधवा के बच्चे, बीपीएल और नि:शक्त बच्चे शामिल है।<br /><br /><strong>यह है शेड्यूल</strong><br />    30 अप्रैल तक स्कूल संचालक अपने-अपने स्कूलों की प्रोफाइल (फ्री सीटों की डिटेल) आरटीई पोर्टल पर अपडेट करेंगे।<br />    17 मई को शिक्षा विभाग की ओर से प्राप्त आवेदनों की ऑनलाइन प्रायोरिटी लॉटरी निकाली जाएगी।<br />    प्रायोरिटी लॉटरी निकलने के बाद 18 से 25 मई तक आवेदकों (अभिभावकों) को ऑनलाइन ही रिपोर्टिंग करनी होगी।<br />    18 से 27 मई तक आवेदनों की जांच की जाएगी।<br />    ये पूरी प्रक्रिया दो चरणों में होगी यानी पहले चरण की एडमिशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब सीटे खाली रह जाएगी। दूसरे चरण के आवेदन पत्रों की जांच 1 जून से शुरू होगी। ये पूरी प्रक्रिया 20 जुलाई तक चलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--now-poor-children-can-also-study-in-big-private-schools-through-rte--application-for-free-admission-from-may-2/article-8638</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--now-poor-children-can-also-study-in-big-private-schools-through-rte--application-for-free-admission-from-may-2/article-8638</guid>
                <pubDate>Tue, 26 Apr 2022 12:20:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/rte2.jpg"                         length="34759"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निजी नहीं, अब महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूल बने पहली पसंद, 2019 में प्रदेश में हुई थी शुरुआत </title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में 559 अंग्रेजी स्कूल, जयपुर में 34 ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--not-private--now-mahatma-gandhi-english-school-became-the-first-choice--was-started-in-the-state-in-2019-559-english-schools-in-the-state--34-in-jaipur/article-8014"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/nid.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश में निजी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का रुझान कम हो रहा है। ऐसा इसलिए कि अब पहली पसंद निजी नहीं, महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल बन रहे हैं। शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने 2019 में प्रदेश के 33 जिलों में 33 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल शुरू किए थे। तीन साल में इनकी संख्या 559 तक पहुंच गई, इनमें से 34 स्कूल जयपुर में हैं। सरकार ने अगले एक साल में 1200 और नए अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने की घोषणा की है। मानसरोवर स्थित महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूल की प्रिंसीपल अनू चौधरी और शिक्षिका रुचि सिंह ने कहा कि प्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए सरकार ने जो शुरुआत की है, वह सच में इस क्षेत्र में एक नई क्रांति के रूप में सामने आई। आज सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे किसी भी रूप में निजी स्कूलों से कम नहीं हैं।</p>
<p><strong>प्रदेश में 559 अंग्रेजी स्कूल, जयपुर में 34 </strong><br /><strong>20 गुना तक ज्यादा आवेदन</strong><br />शिक्षित अध्यापकों और बेहतर संसाधनों के चलते ये स्कूल लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले सत्र में भी स्कूल में सीटों के मुकाबले 20 गुना तक ज्यादा आवेदन आए थे। जयपुर में अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की संख्या 34 है, इसके बावजूद आवेदन के हालात ऐसे ही बने हुए हैं।  <br /><br /><strong>छात्रों का मानना टॉप लेवल के हैं स्कूल</strong> <br />9वीं की छात्रा वर्षा चौधरी, अंशुल और यश्विनी की अंग्रेजी ऐसी है कि मानो प्रदेश के किसी टॉप लेवल की स्कूल में पढ़ने वाली छात्राएं हैं। छात्राओं ने महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के बारे में कहा कि पिछले तीन सालों से लगातार अंग्रेजी में ही पढ़ाई और पूरा संवाद हो रहा है। स्कूल में नि:शुल्क शिक्षा, भोजन, अध्यापन सामग्री मिलती है तो वहीं शिक्षक भी वेल क्वालिफाइड होने से कोई समस्या नहीं आती है। पहले कक्षा 1 से 8वीं तक ही अंग्रेजी कक्षाओं की शुरुआत की थी, जो अब 10वीं तक पहुंच गई है। 11वीं में पढ़ने वाली भारती और आरती की अंग्रेजी संवाद तो मानो लोगों का दिल जीत ले।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--not-private--now-mahatma-gandhi-english-school-became-the-first-choice--was-started-in-the-state-in-2019-559-english-schools-in-the-state--34-in-jaipur/article-8014</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--not-private--now-mahatma-gandhi-english-school-became-the-first-choice--was-started-in-the-state-in-2019-559-english-schools-in-the-state--34-in-jaipur/article-8014</guid>
                <pubDate>Sat, 16 Apr 2022 14:46:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/nid.jpg"                         length="49929"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोविशील्ड को प्रति डोज 600 के बजाए 225 रुपये में </title>
                                    <description><![CDATA[  निजी अस्पतालों को 225 रुपये में मिलेगी बूस्टर डोज के लिए  कोविशील्ड की डोज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/covishield-at-rs-225-per-dose-instead-of-rs-600--private-hospitals-will-get-the-dose-of-covishield-for-booster-dose-for-rs-225/article-7691"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/covishild-new.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पुणे की वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ने निजी अस्पतालों को बूस्टर डोज के लिए कोविड-19 की वैक्सीन कोविशील्ड को प्रति डोज 600 के बजाए 225 रुपये में आपूर्ति करने की शनिवार को घोषणा की।कंपनी ने यह फैसला सरकार से बातचीत के बाद लिया है।<br /><br />इंस्टीट्यूट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदार पूनावाला ने ट््वटर पर इसकी घोषणा करते हुए कहा कि हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि केंद्र सरकार के साथ बातचीत करने के बाद सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने निजी अस्पतालों के लिए कोविशील्ड वैक्सीन की कीमत 600 रुपये प्रति डोज से घटाकर 225 रुपये करने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि हम केंद्र सरकार के इस फैसले की पुन: सराहना करते हैं कि उसने वैक्सीन की एहतियाती खुराक 18 वर्ष से ऊपर की आबादी के लिए खोल दी है।<br /><br />उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने शुक्रवार को फैसला किया कि 10 अप्रैल से सभी वयस्क कोविड टीके की एहतियाती खुराक ले सकेंगे।  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि  कोविड का पहला और दूसरा टीका और अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं और  60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को तीसरा टीका पूर्व की भांति  सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर निशुल्क उपलब्ध होगा।<br /><br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/covishield-at-rs-225-per-dose-instead-of-rs-600--private-hospitals-will-get-the-dose-of-covishield-for-booster-dose-for-rs-225/article-7691</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/covishield-at-rs-225-per-dose-instead-of-rs-600--private-hospitals-will-get-the-dose-of-covishield-for-booster-dose-for-rs-225/article-7691</guid>
                <pubDate>Sat, 09 Apr 2022 17:11:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/covishild-new.jpg"                         length="48379"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        