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                <title> Bihar Elections - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description> Bihar Elections RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बिहार में आखिरी रण की तैयारी : नेपाल सीमा 72 घंटे के लिए सील, झारखंड-यूपी-बंगाल बॉर्डर पर सिक्योरिटी चौकस </title>
                                    <description><![CDATA[बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान (11 नवंबर) से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। भारत-नेपाल सीमा 72 घंटे के लिए सील कर दी गई है। 20 जिलों की 122 सीटों पर 3.7 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे। डीजीपी ने बताया कि 1,650 कंपनियां केंद्रीय बलों की तैनात की गई हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/preparation-for-the-last-battle-in-bihar-nepal-border-sealed/article-132051"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/111-(3)11.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में सुरक्षा की जबर्दस्त तैयारी की गई है। भारत-नेपाल सीमा को सील कर दिया गया है। इस दौरान बॉर्डर पर एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) हाई अलर्ट पर है। बताया गया कि बॉर्डर पर 72 घंटे के लिए आवागमन बंद कर दिया गया है। बिहार के बथनाहा, रक्सौल, मधुबनी, सीतामढ़ी, पश्चिमी चंपारण और पूर्वी चंपारण जिलों में भारत-नेपाल सीमाओं पर एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) हाई अलर्ट पर है, क्योंकि बिहार चुनाव का दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि दूसरे चरण में केंद्रीय सुरक्षा बलों की कुल 1,650 कंपनियां तैनात की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त राज्य पुलिस बल की अतिरिक्त टुकड़ियां भी प्रत्येक जिले में भेजी गई हैं ताकि हर मतदान केंद्र पर शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया जा सके।</p>
<p><strong>कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 7.43 करोड़ : </strong>बिहार विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को मतदान होगा। इस चरण में 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान होगा। इन सीटों में 101 सामान्य, 19 अनुसूचित जाति और 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। चुनाव के इस चरण में कुल 3 करोड़ 70 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मत का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को जारी किए जाएंगे। बिहार में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 7.43 करोड़ है। इनमें लगभग 3.92 करोड़ पुरुष और करीब 3.50 महिला मतदाता हैं।1,725 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। करीब 7.2 लाख दिव्यांग मतदाता और 4.04 लाख 85 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक भी वोटर सूची में हैं, जबकि 100 साल से अधिक उम्र के मतदाताओं की संख्या 14 हजार है। फर्स्ट टाइम वोटर लगभग 14 लाख हैं।</p>
<p><strong>बिहार की अंतर्राष्ट्रीय सीमा सील :</strong></p>
<p>बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने रविवार को कहा कि विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान को लेकर सुरक्षा इंतजाम पूरी तरह से पुख्ता कर दिए गए हैं और पहले चरण की तुलना में इस बार सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी की गई है। डीजीपी ने बताया कि 11 नवंबर को होने वाले दूसरे चरण के मतदान के लिए सभी जिलों में सुरक्षा बलों की व्यापक तैनाती की गई है।</p>
<p><strong>2020 चुनाव के आंकड़े भी जानिए :</strong></p>
<p>2020 में हुए पिछले विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने 125 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया था, जबकि महागठबंधन ने 110 सीटें जीती थीं। राजद 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Nov 2025 14:44:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बिहार विधासनभा चुनाव-2025 : नीतीश का अनुभव या तेजस्वी की युवा शक्ति, बिहार में दूसरा चरण तय करेगा पाटलिपुत्र की गद्दी का हकदार कौन ?</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 20 जिलों की 122 सीटों पर वोटिंग सत्ता की दिशा तय करेगी। 2020 में एनडीए ने 66 और महागठबंधन ने 49 सीटें जीती थीं। इस बार आरजेडी के 71, भाजपा के 53 और जदयू के 44 उम्मीदवार मैदान में हैं। मुकाबला अनुभव बनाम युवा नेतृत्व का है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bihar-assembly-elections-2025-nitishs-experience-or-tejashwis-youth-power-will/article-132025"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/111-(4)6.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का सेकंड फेज सिर्फ वोटिंग डेट नहीं, बल्कि सत्ता की दिशा तय करने वाला निर्णायक रण है। 20 जिलों की 122 सीटों पर होने वाला ये मुकाबला न सिर्फ नीतीश कुमार की सियासी साख की परीक्षा है, बल्कि बिहार की जनता के मूड को भी साफ-साफ दिखाएगा कि राज्य पुराने अनुभव पर भरोसा रखेगा या नई उम्मीद के तौर पर उभर रहे तेजस्वी यादव को मौका देगा। ये चरण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछली बार 2020 में इन्हीं 122 सीटों पर एनडीए ने 66 और महागठबंधन ने 49 सीटें जीती थीं। दोनों गठबंधनों की पूरी रणनीति इन इलाकों पर केंद्रित है, क्योंकि ये दूसरा चरण चुनावी भविष्य की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। तीन दर्जन सीटों पर बेहद कम अंतर से हुई पिछली जीत-हार ने इस बार मुकाबले को और रोमांचक बना दिया है।</p>
<p><strong>सेकंड राउंड से तय होगा कुर्सी किसकी ?</strong></p>
<p>बिहार चुनाव का दूसरा चरण सत्ता का दरवाजा साबित हो सकता है। 2020 के चुनाव में एनडीए के प्रमुख घटक भाजपा ने 42 और जदयू ने 20 सीटें जीती थीं, जबकि महागठबंधन की ओर से राजद को 33 और कांग्रेस को 11 सीटों पर जीत मिली थी। इस बार, जिन सीटों पर जीत का फासला कम था, वे सबसे बड़ी चुनौती पेश कर रही हैं। राजनीति के जानकारों के मुताबिक, इस चरण के परिणाम से ये लगभग तय हो जाएगा कि बिहार में सत्ता किसकी ओर झुकेगी। पहले चरण में मतदाताओं की बड़ी संख्या में भागीदारी ने मुकाबले को और भी रोमांचक बना दिया है।</p>
<p><strong>दूसरे चरण में आरजेडी के सबसे ज्यादा कैंडिडेट :</strong></p>
<p>इस चरण में महागठबंधन की सबसे बड़ी घटक पार्टी राजद ने सबसे ज्यादा 71 उम्मीदवार उतारे हैं। इसके बाद भाजपा के 53 और जदयू के 44 उम्मीदवार मैदान में हैं। सेकंड फेज की एक खास बात महिला प्रतिनिधित्व का मजबूत होना है। महागठबंधन की 15 महिला प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि एनडीए के 25 महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ रही हैं। ये आंकड़ा बिहार चुनाव में महिला प्रतिनिधित्व का अब तक का सबसे मजबूत प्रदर्शन माना जा रहा है।</p>
<p><strong>अब की बार अनुभव बनाम युवा शक्ति :</strong></p>
<p>नीतीश कुमार के लिए ये चरण सत्ता में लौटने का एक तरह से परीक्षण है, जहां उन्हें अपने पिछले कार्यकाल के अनुभवों और विकास कार्यों के आधार पर जनता का भरोसा दोबारा जीतना होगा। दूसरी ओर, तेजस्वी यादव के लिए ये मौका है युवा नेतृत्व को स्थापित करने का। जनता के सामने ये स्पष्ट विकल्प है, पुराने और अनुभवी नेतृत्व पर कायम रहना या नई उम्मीद के तौर पर उभर रहे युवा नेता को मौका देना।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Nov 2025 10:53:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार विधानसभा के दूसरे फेज का मतदान : दूसरे चरण का चुनाव प्रचार समाप्त, 122 सीटों पर 11 को मतदान, नवरत्नों से लेकर स्टार कैंडिडेट्स की किस्मत का होगा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 20 जिलों की 122 सीटों पर 11 नवंबर को मतदान होगा। कुल 1302 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें 136 महिलाएं शामिल हैं। 3.7 करोड़ मतदाता 45,399 बूथों पर वोट डालेंगे। मतदान खत्म होने के बाद मतगणना 14 नवंबर को होगी। भारत-नेपाल सीमा 11 नवंबर तक सील रहेगी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/voting-for-the-second-phase-of-bihar-assembly-campaign-for/article-131940"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/111-(7).png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे फेज की 20 जिलों की 122 सीटों पर चुनाव प्रचार खत्म हो गया। इन सीटों पर वोटिंग 11 नंवबर को होगी। सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। चुनाव आयोग ने 14 नवंबर को मतगणना की तारीख तय की है। बिहार में दूसरे चरण के मतदान से पहले भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है। भारत-नेपाल बॉर्डर को 11 नवंबर की रात तक सील कर दी गई है। इस दौरान सीमा पर लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है।</p>
<p><strong>दूसरे चरण की रण में 1302 प्रत्याशी :</strong></p>
<p>बिहार में दूसरे चरण की रण में 20 जिलों की 122 विधानसभा सीट पर 11 नवंबर को सुबह सात बजे से मतदान होगा। इस चरण में 1302 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें 136 महिलाएं, 1165 पुरुष और एक थर्ड जेंडर कैंडिडेट शामिल हैं। कुल 3,70,13,556 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इस चरण में 45,399 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 40,073 ग्रामीण और 5326 शहरी बूथ हैं।</p>
<p><strong>20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान :</strong></p>
<p>    <strong>गयाजी : </strong>(10 सीटें) बेलागंज, गया टाउन, बोधगया, टिकारी, शेरघाटी, बाराचट्टी (एससी), अतरी, इमामगंज (एससी), गुरुवा, वजीरगंज<br />   <strong> कैमूर :</strong> (4 सीटें)- चैनपुर, मोहनिया, भभुआ, रामगढ़<br />    <strong>रोहतास : </strong>(7 सीटें) नोखा, डेहरी, काराकाट, करगहर, सासाराम, चेनारी, दिनारा<br />   <strong> औरंगाबाद : </strong>(6 सीटें) गोह, ओबरा, नवीनगर, कुटुम्बा (एससी), औरंगाबाद, रफीगंज<br />    <strong>अरवल : </strong>(2 सीटें) अरवल, कुर्था<br />    <strong>जहानाबाद :</strong> (3 सीटें) जहानाबाद, मखदुमपुर (एससी), घोसी<br />    <strong>नवादा :</strong> (5 सीटें) हिसुआ, नवादा, गोविंदपुर, वारसलीगंज, रजौली (एससी)<br />    <strong>भागलपुर : </strong>(7 सीटें) बिहपुर, गोपालपुर, पीरपैंती (एससी), कहलगांव, भागलपुर, सुल्तानगंज, नाथनगर<br />   <strong> बांका : (</strong>5 सीटें) बांका, अमरपुर, कटोरिया (एसटी), धोरैया (एससी), बेलहर<br />    <strong>जमुई :</strong> (4 सीटें) सिकंदरा (एससी), जमुई, झाझा, चकाई<br />   <strong> सीतामढ़ी :</strong> (8 सीटें) बेलसंड, बथनाहा (एससी), परिहार, सुरसंड, रीगा, सीतामढ़ी, रून्नीसैदपुर, बाजपट्टी<br />   <strong> शिवहर :</strong> (1 सीट) शिवहर<br />    <strong>मधुबनी : </strong>(10 सीटें) हरलाखी, बेनीपट्टी, खजौली, बाबूबरही, बिस्फी, मधुबनी, राजनगर, झंझारपुर, फुलपरास, लौकहा<br />   <strong> सुपौल : </strong>(5 सीटें) त्रिवेणीगंज (एससी), छातापुर, निर्मली, सुपौल, पिपरा<br />    <strong>पूर्णिया :</strong> (7 सीटें) अमौर, कसबा, बनमनखी (एससी), रूपौली, धमदाहा, पूर्णिया, बायसी<br />   <strong> अररिया :</strong> (6 सीटें) नरपतगंज, रानीगंज (एससी), फारबिसगंज, अररिया, जोकीहाट, सिकटी<br />    <strong>कटिहार : </strong>(7 सीटें) बरारी, कोढ़ा, कटिहार, कदवा, बलरामपुर, प्राणपुर, मनिहारी<br />   <strong> किशनगंज : </strong>(4 सीटें) ठाकुरगंज, किशनगंज, बहादुरगंज, कोचाधामन (एससी)<br />    <strong>पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) : </strong>(12 सीटें) रक्सौल, सुगौली, नरकटिया, हरसिद्धि, गोबिन्दगंज, केसरिया, कल्याणपुर, पीपरा, मोतिहारी, मधुबन, चिरैया, ढाका<br />   <strong> पश्चिमी चंपारण (बेतिया) : </strong>(9 सीटें) वाल्मीकिनगर, रामनगर, नरकटियागंज, बगहा, लौरिया, नौतन, चनपटिया, बेतिया, सिकटा।</p>
<p><strong>पहले फेज में भारी पड़ी महिलाएं :</strong></p>
<p>पहले चरण में महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा मतदान किया। कुल मतदान प्रतिशत 65.08 फीसदी रहा। महिलाओं का मतदान प्रतिशत 69.04 जबकि पुरुषों का 61.56 फीसद रहा। मीनापुर सीट पर सबसे ज्यादा 77.54 प्रतिशत मतदान हुआ।</p>
<p><strong>इस चरण में 9 मंत्रियों की किस्मत दांव पर :</strong></p>
<p>इस चरण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कई मंत्री चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें सुपौल से बिजेंद्र प्रसाद यादव, चकाई से सुमित कुमार सिंह, झंझारपुर से नीतीश मिश्रा, अमरपुर से जयंत राज, छातापुर से नीरज कुमार सिंह बबलू, बेतिया से रेणु देवी, धमदाहा से लेशी सिंह, हरसिद्धि से कृष्णनंदन पासवान और चैनपुर से जमा खान शामिल हैं।</p>
<p><strong>महागठबंधन के इन स्टार चेहरों के लिए परीक्षा की घड़ी :</strong></p>
<p>वहीं, दूसरे चरण में महागठबंधन की ओर से राजद के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, कटिहार की कदवा सीट से कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान, तथा भाकपा (माले) विधायक दल के नेता महबूब आलम उम्मीदवार हैं।</p>
<p><strong>दूसरे फेज में एनडीए और महागठबंधन की कैंडिडेट लिस्ट को समझिए :</strong></p>
<p>दूसरे चरण में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों के भारतीय जनता पार्टी के 53 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है। पहले चरण में भाजपा के 48 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो चुकी है। जनता दल (यूनाइटेड) के 44, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 15, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के चार और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के छह उम्मीदवार भी दूसरे चरण में चुनावी मैदान में हैं। दूसरी ओर, महागठबंधन में राजद 72 सीटों, कांग्रेस 37 सीटों, विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) 10 सीटों और अन्य सहयोगी दल पांच सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं।</p>
<p><strong>सबसे छोटे और सबसे बड़े विधानसभा क्षेत्र के बारे में जानिए :</strong></p>
<p>क्षेत्रफल के लिहाज से इस चरण का सबसे छोटा विधानसभा क्षेत्र भागलपुर (23.887 वर्ग किमी) है, जबकि सबसे बड़ा चैनपुर (1814.15 वर्ग किमी) है। मतदाताओं की संख्या के अनुसार मखदुमपुर में सबसे कम 2,47,574, और हिसुआ में सबसे अधिक 3,67,667 मतदाता हैं।</p>
<p><strong>इन सीटों पर दोपहर 3, शाम 4 और शाम 5 बजे तक ही होगी वोटिंग :</strong></p>
<p>दूसरे चरण में सर्वाधिक संवेदनशील विधानसभा क्षेत्रों और बूथ की पहचान की गई है। इमामगंज विधानसभा क्षेत्र के सात बूथ पर मतदान अपराह्न तीन बजे तक, और 354 बूथ पर चार बजे तक होगा। बोधगया की 200 बूथ पर चार बजे तक और 106 बूथ पर शाम पांच बजे तक मतदान होगा। वहीं चैनपुर, रजौली, गोविंदपुर, सिकंदर, जमुई, झाझा और चकाई की सभी बूथों पर शाम चार बजे तक वोटिंग कराई जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Nov 2025 12:02:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>औरंगाबाद की 6 सीटों पर महागठबंधन की अग्निपरीक्षा, जातीय समीकरण से कटेगी जीत की फसल</title>
                                    <description><![CDATA[औरंगाबाद जिले की छह सीटों पर 11 नवंबर को मतदान होगा। कुल 76 प्रत्याशी मैदान में हैं। 2020 में सभी सीटें महागठबंधन ने जीती थीं, पर इस बार समीकरण बदले हैं। गोह, रफीगंज और कुटुंबा में त्रिकोणीय मुकाबले हैं। एनडीए के बागियों से स्थिति जटिल बनी है, जिससे कई सीटों पर कांटे की टक्कर संभावित है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/grand-alliances-litmus-test-on-6-seats-of-aurangabad-victory/article-131655"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/111-(1).png" alt=""></a><br /><p>औरंगाबाद। औरंगाबाद की छह सीटों पर एनडीए और महागठबंधन की अग्निपरीक्षा है। जिले के औरंगाबाद, ओबरा, गोह, रफीगंज, कुटुंबा एवं नबीनगर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव हो रहा है। कुल 76 प्रत्याशी मैदान में हैं। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में कुल 79 प्रत्याशी मैदान में थे। यहां दूसरे चरण में 11 नवंबर को मतदान होना है। वर्ष 2015 के चुनाव में महागठबंधन को तीन एवं एनडीए को तीन सीट मिली थी। वर्ष 2020 के चुनाव में एनडीए का यहां खाता नहीं खुला था। सभी सीटों पर महागठबंधन ने कब्जा कर लिया था। दो सीट पर कांग्रेस एवं चार सीट पर राजद विजयी बना था।</p>
<p>हालांकि, इस बार चुनावी समीकरण अलग हो गया है। एनडीए के दो प्रत्याशी यहां बागी हो गए हैं। टिकट कटने से प्रत्याशी व उनके समर्थक नाराज रहे हैं। एनडीए से जदयू के दो, बीजेपी के दो, लोजपा से एक एवं हिंदुस्तानी आवागम मोर्चा से एक प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।</p>
<p><strong>दिग्गजों के बीच त्रिकोणीय मुकाबला :</strong></p>
<p>गोह विधानसभा में इस बार तीन दिग्गजों के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। भाजपा से डॉ. रणविजय कुमार, राजद से अमरेंद्र कुशवाहा एवं जन सुराज से सीताराम दुखारी चुनावी मैदान में डटे हैं। जदयू से तीन बार विधायक रहे डॉ. रणविजय के भाजपा से आने के कारण एनडीए के कार्यकर्ता एकजुट हैं। यहां राजनीति किस करवट बैठेगी कहना मुश्किल हो गया है।</p>
<p><strong>रफीगंज में रोचक दिख रहा मुकाबला :</strong></p>
<p>रफीगंज विधानसभा क्षेत्र में मुकाबला रोचक हो गया है। चुनाव से पहले लोजपा रामविलास में रहे प्रमोद कुमार सिंह के टिकट मिलने से पार्टी कार्यकर्ता नाराज हैं। विरोध कर रहे हैं। राजद से डॉ. गुलाम शाहिद चुनावी जंग में हैं। यहां मुकाबला को रोचक बनाने में जन सुराज के विकास कुमार सिंह उर्फ बबलू सिंह मैदान में हैं। रफीगंज से कुल 12 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं।</p>
<p><strong>आसान नहीं जीत, 15 प्रत्याशी मैदान में :</strong></p>
<p>औरंगाबाद विधानसभा क्षेत्र से इस बार 15 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। भाजपा से त्रिविक्रम नारायण सिंह एवं कांग्रेस से आनंद शंकर सिंह के अलावा जन सुराज से नंदकिशोर यादव मैदान में हैं।</p>
<p><strong>सांसद लवली आनंद के पुत्र भी मैदान में :</strong></p>
<p>नबीनगर को मिनी चितौड़गढ़ कहा जाता है। यहां इस बार मुकाबला रोचक दिख रहा है। जदयू ने सांसद लवली आनंद के पुत्र शिवहर से विधायक चेतन आनंद को टिकट दिया है। राजद ने यहां से अमोद चंद्रवंशी को टिकट दिया।</p>
<p><strong>चुनावी रण में पूर्व मंत्री के पुत्र ऋषि भी :</strong></p>
<p>ओबरा विधानसभा में पूर्व मंत्री कांति सिंह के पुत्र ऋषि कुमार दूसरी बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। यहां लोजपा के टिकट पर डॉ. प्रकाश चंद्र एनडीए के उम्मीदवार हैं। यहां जन सुराज से सुधीर शर्मा एवं बसपा से संजय कुमार प्रत्याशी हैं। यहां से सबसे अधिक कुल 18 प्रत्याशी मैदान में हैं।</p>
<p><strong>कुटुंबा में दिख रहा त्रिकोणीय मुकाबला :</strong></p>
<p>कुटुंबा विधानसभा सीट आरक्षित है। यहां इस बार चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गया है। कुल 11 प्रत्याशी मैदान में हैं। जदयू से पूर्व विधायक ललन भुइयां इस बार हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्यूलर के टिकट पर मैदान में हैं। ये कांग्रेस विधायक राजेश कुमार के सामने खड़े हैं। यहां से इस बार एनडीए ने ललन भुइयां पर भरोसा जताया है। राजेश कुमार वर्ष 2015 एवं 2020 में चुनाव जीत चुके हैं। श्यामबली पासवान को जन सुराज पार्टी ने टिकट दिया है। त्रिकोणीय मुकाबला होने का आसार हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Nov 2025 13:29:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार में पीके-ओवैसी का मुस्लिम समीकरण मायावती की रणनीति जैसा : बिहार चुनाव में मुस्लिम वोटर के प्रभाव वाली हैं 11 सीटें, एनडीए ने भी 4 मुस्लिमों को दिया टिकट </title>
                                    <description><![CDATA[बिहार चुनाव के पहले चरण के मतदान दिन ही मायावती ने कैमूर के भभुआ से प्रचार शुरू किया। बीएसपी ने सभी 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। मुस्लिम प्रभाव वाली 11 सीटों पर एआईएमआईएम, जन सुराज और महागठबंधन के कई मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में हैं। इससे वोट बंटने की संभावना बढ़ी है, जिसका फायदा एनडीए को मिल सकता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pk-owaisis-muslim-equation-in-bihar-is-like-mayawatis-strategy-11/article-131649"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/1111.png" alt=""></a><br /><p>पटना। मायावती की भी बिहार चुनाव में एंट्री हो गई है और, यह ठीक उसी दिन हुआ है जब बिहार में पहले चरण का मतदान हो रहा है। मायावती ने कैमूर के भभुआ क्षेत्र का रुख किया है, ताकि उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे आसपास के इलाकों तक बीएसपी की बात पहुंचाई जा सके। बिहार की 200 से ज्यादा सीटों पर तो मायावती पहले भी चुनाव लड़ती रही हैं, 2025 के लिए पहले ही सभी 243 सीटों पर बीएसपी के चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया था। सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी करने वालों में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के अलावा आप पार्टी भी है और मकसद के हिसाब से देखें तो लब्बोलुआब सभी की भूमिका वोटकटवा से ज्यादा नजर नहीं आ रही है।</p>
<p><strong>बीएसपी पर बीजेपी की मददगार बनने का इल्जाम :</strong></p>
<p>मायावती के राजनीतिक विरोधी यूपी में बीएसपी पर बीजेपी की मददगार बनने का इल्जाम लगाते रहे हैं और, ये आरोप खासतौर पर मुस्लिम आबादी वाले इलाकों के लिए बीएसपी की रणनीति को लेकर लगता है - यूपी की ही तरह बिहार में भी ये नजारा दिखता है, खासकर तब जब प्रशांत किशोर और असदुद्दीन ओवैसी की रणनीति मुस्लिम प्रभाव वाली विधानसभा सीटों पर समझने की कोशिश करते हैं। जिस तरह से मुस्लिम आबादी वाली सीटों पर उम्मीदवार उतारे गए हैं, प्रशांत किशोर और असदुद्दीन ओवैसी भी काफी हद तक उसी रोल में नजर आते हैं, जिस तरह के बीएसपी नेता मायावती पर यूपी में आरोप लगाए जाते हैं।</p>
<p><strong>किसके कितने उम्मीदवार ?</strong></p>
<p>बिहार की अगर मुस्लिम वोटर के प्रभाव वाले 11 सीटों की बात करें।</p>
<p>हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सभी सीटों पर एआईएमआईएम के उम्मीदवार उतारे हैं। प्रशांत किशोर एक सीट छोड़कर 10 सीटों पर जन सुराज पार्टी के उम्मीदवारों को चुनाव लड़ा रहे हैं।</p>
<p>मुस्लिम आबादी वाली इन 11 सीटों में से 3 तो ऐसी हैं, जिन पर एआईएमआईएम और जन सुराज पार्टी के साथ साथ महागठबंधन और एनडीए तक ने मुस्लिम नेताओं को ही टिकट दिया है। वैसे एनडीए ने 11 में से 4 सीटों पर मुस्लिम चेहरों पर ही भरोसा किया है।</p>
<p>नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने  4 जबकि चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी-आर ने एक मुसलमान को टिकट दिया है। बीजेपी की तरफ से एक भी मुस्लिम उम्मीदवार मैदान में नहीं है।</p>
<p><strong>मुस्लिम वोटों के बंटवारे का फायदा और नुकसान :</strong></p>
<p>चुनाव से पहले प्रशांत किशोर ने मुस्लिम वोट न बंटने देने की तरफ इशारा किया था। प्रशांत किशोर का कहना था, खुद को मुसलमानों का रहनुमा बताने वाली पार्टियों से हमारा यह कहना है कि  अगर मुसलमानों की इतनी चिंता है तो वे भी घोषणा करें कि जन सुराज जहां से मुस्लिम कैंडिडेट को लड़ाएगा, वहां से महागठबंधन अपना मुस्लिम कैंडिडेट नहीं देगा। लेकिन, ऐसा हुआ नहीं। वैसे भी महागठबंधन में ही फ्रेंडली मैच चल रहा हो, तो बिहार के चुनाव मैदान में ताल ठोकने का तो सबको हक मिला हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Nov 2025 12:32:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार विधानसभा चुनाव : कैमूर की 3 सीटों पर चुनावी समर में पूर्व सांसद के पुत्र,  सियासी अखाड़े में अपने प्रतिद्धंदियों से लेंगे लोहा </title>
                                    <description><![CDATA[बिहार के कैमूर जिले की रामगढ़, मोहनिया, चैनपुर और भभुआ सीटों पर दूसरे चरण के विधानसभा चुनाव में कांटे की टक्कर है। रामगढ़ में छह बार के सांसद जगतानंद के पुत्र अजीत सिंह और भाजपा के अशोक सिंह मैदान में हैं। मोहनिया, भभुआ में पाला बदलने वाले विधायक भाजपा से चुनावी समर में, चैनपुर में जदयू और राजद के प्रत्याशी भिड़ेंगे।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/in-the-election-battle-for-3-seats-of-kaimur-in/article-131427"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/election.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार में 11 नवंबर को दूसरे चरण के 122 सीटों पर होने वाले चुनाव में कैमूर जिले की तीन सीटों रामगढ़, मोहनिया (सुरक्षित) और चैनपुर से पूर्व सांसदों के पुत्र सियासी अखाड़े में अपने प्रतिद्धंदियों से लोहा लेते नजर आएंगे।</p>
<p>कैमूर जिले में चार सीटें रामगढ़, मोहनिया (सुरक्षित), चैनपुर और भभुआ है। इनमें रामगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), मोहनिया (सुरक्षित) और भभुआ में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और चैनपुर में जनता दल यूनाईटेड (जदयू) का कब्जा है।</p>
<p>रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक अशोक सिंह चुनावी समर में उतरे हैं। राजद ने यहां पूर्व सांसद जगतानंद के पुत्र और बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह के भाई अजीत सिंह को चुनावी दंगल में उतारा है। वर्ष 2020 के चुनाव में रामगढ़ सीट पर हुये चुनाव में राजद के सुधाकर सिंह ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) उम्मीदवार अंबिका ङ्क्षसह को पराजित किया था। भाजपा प्रत्याशी अशोक सिंह तीसरे नंबर पर रहे थे। वर्ष 2024 के लोक सभा चुनाव में बक्सर सीट से सुधाकर सिंह के सांसद बनने के बाद रिक्त हुई रामगढ़ सीट पर हुए उप चुनाव में भाजपा के अशोक सिंह ने जीत दर्ज की थी।रामगढ़ सीट पर जगतानंद सिंह का दबदबा रहा है।वह यहां छह बार लगातार जीत दर्ज कर चुके हैं। वह बक्सर लोकसभा के सांसद भी रहे हैं। रामगढ़ सीट पर छह प्रत्याशी चुनावी दंगल में भाग्य आजमा रहे हैं।</p>
<p>मोहनिया (सुरक्षित) सीट से विधायक संगीता कुमारी पाला बदलकर भाजपा के टिकट पर चुनावी समर में उतरी हैं।राजद ने यहां श्वेता सुमन को चुनावी दंगल में उतारा था, लेकिन उनका नामांकन रद्द हो गया। राजद ने यहां निर्दलीय प्रत्याशी पूर्व सासंद छेदी पासवान के पुत्र रवि शंकर पासवान को समर्थन दिया है। वर्ष 2020 के चुनाव में राजद की संगीता कुमारी ने भाजपा प्रत्याशी निरंजन राम को पराजित किया था। राजद के टिकट पर चुनाव जीती संगीता कुमारी ने अब भाजपा का दामन थाम लिया है। मोहिनयां (सुरक्षित) से 12 उम्मीदवार चुनावी रणभूमि में उतरे हैं।</p>
<p>भभुआ विधानसभा क्षेत्र से विधायक भरत ङ्क्षबद भी पाला बदलकर भाजपा के खेमे में आ गये हैं। भाजपा ने यहां भरत बिंद को चुनावी अखाड़े में उतार दिया है। राजद ने यहां वीरेंद्र कुशवाहा पर दांव लगाया है। वर्ष 2020 में राजद उम्मीदवार भरत बिंद ने भाजपा की प्रत्याशी रिंकी रानी पांडेय को पराजित किया था। राजद के विधायक अरूण ङ्क्षबद ने अब भाजपा की शरण ले ली है और वह अब यहां पार्टी का कमल खिलाने की कोशिश कर रहे हैं। भभुआ से आठ प्रत्याशी चुनावी दंगल में ताल ठोक रहे हैं।</p>
<p>चैनपुर सीट से जदयू की ओर से अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खां चुनावी रण में उतरे हैं। राजद की ओर से पूर्व मंत्री बृजकिशोर बिन्द प्रत्याशी बनाये गए हैं। महागठबंधन के ही घटक दल विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के टिकट पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बाल गोविन्द बिन्द भी चुनावी अखाड़े में ताल ठोक रहे हैं, जो राजद के उम्मीदवार बृज़किशोर बिंद को चुनौती दे रहे हैं। प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने यहां पूर्व सासंद स्व.लालमुनि चौबे के पुत्र हेमंत चौबे को चुनावी अखाड़े में उतार दिया है, जो मुकाबले को रोचक बनाने में लगे हुए हैं। वर्ष 2020 के चुनाव में बसपा उम्मीदवार जमा खान ने भाजपा के बृज किशोर बिंद को चुनावी रणभूमि में मात दी थी। जमा खान ने बाद में बसपा का साथ छोड़ जनता दल यूनाईटेड (जदयू) का दामन थाम लिया था। चैनपुर सीट पर 22 प्रत्याशी चुनावी दंगल में डटे हुए हैं।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 18:32:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार में जंगलराज अब बना इतिहास, राजग सरकार विकास और नवाचार से बना रही नए कीर्तिमान : अमित शाह</title>
                                    <description><![CDATA[सीतामढ़ी में रैली के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बिहार में राजग सरकार ने जंगलराज को इतिहास बना दिया है और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने बेलसंड के स्वतंत्रता सेनानियों का स्मारक बनाने की घोषणा की। शाह ने राजद-कांग्रेस पर राम मंदिर और छठी मैया के अपमान का आरोप लगाया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/jungle-raj-has-become-history-in-bihar-under-nda-government/article-131382"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(11)1.png" alt=""></a><br /><div>सीतामढ़ी। केन्द्रीय गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार में जंगलराज इतिहास बन चुका है और राज्य में विकास के नए कीर्तिमान बन रहे हैं। शाह ने सीतामढ़ी जिले में राजग प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित रैली को संबोधित करते हुये कहा कि राजग की सरकार में जंगलराज इतिहास बन चुका है, अब राज्य में में इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन से विकास के नए कीर्तिमान बन रहे हैं। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि बेलसंड का आजादी के आंदोलन में बहुत बड़ा योगदान था। बेलसंड के 24 स्वतंत्रता सेनानियों को अंग्रेजों ने काला पानी की सजा दी थी। उन्होंने कहा कि लालू एंड कंपनी ने उन्हें भुला दिया है। उन्होंने कहा कि राजग सरकार इन 24 स्वतंत्रता सेनानियों का स्मारक बनाएगी।</div>
<div> </div>
<div><strong>राजद-कांग्रेस वाले लोग राम मंदिर के विरोधी :</strong></div>
<div> </div>
<div>शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अपमान करते-करते अब छठी मैया का अपमान कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब-जब इन लोगों ने मोदी मोदी का अपमान किया है, जनता ने उसका जवाब उन्हें हराकर दिया है। आने वाले चुनाव में सीतामढ़ी वालों को इसे याद रखना है। उन्होंने कहा कि राजद-कांग्रेस वाले लोग राम मंदिर के विरोधी हैं। मोदी ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनवाया। अब हम सीता जी का भव्य राम मंदिर बनाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस दिन सीतामढ़ी में सीता माता के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होगी, उसी दिन सीतामढ़ी से लेकर अयोध्या तक वंदे भारत ट्रेन भी चालू कर दिया जायेगा। </div>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 12:03:12 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बिहार चुनाव : सिवान में लड़ रहे हैं सबसे ज्यादा दागी उम्मीदवार, कुल 1303 उम्मीदवारों में से 423 ने खुद को आपराधिक पृष्ठभूमि वाला किया घोषित </title>
                                    <description><![CDATA[एडीआर रिपोर्ट के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में 1303 उम्मीदवारों में से 423 (32%) पर आपराधिक और 354 (27%) पर गंभीर मामले दर्ज हैं। सिवान में सबसे ज्यादा 32 दागी उम्मीदवार हैं, जबकि पटना-सारण में 31-31 राजद के 60%, कांग्रेस के 52% और माकपा के 100% प्रत्याशी गंभीर मामलों से जुड़े हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/most-tainted-candidates-are-contesting-bihar-elections-in-siwan-out/article-131368"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(5)1.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में सबसे अधिक दागी उम्मीदवार सिवान जिले में हैं। असोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले चरण में कुल 1303 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया गया, जिनमें से 423 (32%) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इनमें से 354 (27%) उम्मीदवारों पर गंभीर अपराधों के केस दर्ज हैं।</p>
<p><strong>सिवान के बाद पटना-सारण में सबसे ज्यादा दागी :</strong></p>
<p>चौंकाने वाली बात यह है कि 121 सीटों में से 91 सीटों यानी करीब 75 फीसदी सीटों पर तीन या उससे अधिक दागी उम्मीदवार मैदान में हैं। इन्हें रेड अलर्ट वाली सीटें माना गया है। जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सिवान जिले में सबसे ज्यादा 32 दागी उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। इसके बाद पटना और सारण में 31-31, जबकि मुजफ्फरपुर और दरभंगा में 29-29 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।</p>
<p>वहीं, किसी खास विधानसभा सीट की बात करें तो मुजफ्फरपुर जिले की कुढ़नी विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशी हैं।</p>
<p><strong>राजद में सबसे ज्यादा आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशी :</strong></p>
<p>गंभीर आपराधिक मामलों वाले प्रत्याशियों की संख्या के मामले में महागठबंधन ने एनडीए को पीछे छोड़ दिया है। महागठबंधन के कई दलों के आधे से ज्यादा प्रत्याशियों पर गंभीर आरोप हैं। महागठबंधन के राजद के 70 में से 42 यानी 60% प्रत्याशियों पर गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं कांग्रेस के 23 में से 12 यानी 52% प्रत्याशी ऐसे हैं जिन पर गंभीर आरोप हैं। भाकपा माले के 14 में से 9 यानी 64% प्रत्याशियों पर भी गंभीर मामले हैं। भाकपा के 5 में से 4 यानी 80% प्रत्याशी और माकपा के तो तीनों यानी 100% प्रत्याशियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह दिखाता है कि महागठबंधन में गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं की संख्या एनडीए से ज्यादा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/most-tainted-candidates-are-contesting-bihar-elections-in-siwan-out/article-131368</link>
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                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 11:05:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजद-कांग्रेस सरकार की गलतियों से लोग एक दशक तक रहे उपेक्षित : बाढ़ से इलाके में हर साल होता है बड़ा नुकसान, मोदी ने कहा- कोशी का पानी मखाना किसानों की बनेगा जिंदगी </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहरसा में चुनावी रैली में कहा कि राजद-कांग्रेस की उपेक्षा से कोशी क्षेत्र दशकों तक विकास से वंचित रहा। उन्होंने बताया कि एनडीए सरकार ने कोशी पुल का निर्माण पूरा कराया और अब 11,000 करोड़ की बाढ़ नियंत्रण परियोजनाएं चल रही हैं। मोदी ने कहा- मखाना और मत्स्य पालन कोशी की तकदीर बदल देंगे।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/due-to-the-mistakes-of-the-rjd-congress-government-people-remained/article-131347"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/6622-copy.jpg6661.jpg" alt=""></a><br /><p>सहरसा। बिहार में अपने चुनाव अभियान के दौरान सहरसा में प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद)-कांग्रेस सरकार की गलतियों से कोशी क्षेत्र के लोग एक दशक तक उपेक्षित रहे।</p>
<p>मोदी ने कहा कि कोशी क्षेत्र के जिलों सहरसा, पूर्णिया, सुपौल, अररिया और मधेपुरा की उपेक्षा पर सबसे पहली नजर केंद्र सरकार की पड़ी थी। इसके बाद उनकी सरकार ने 2003 कोशी पुल का शिलान्यास किया, जो इस क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था। उन्होंने कहा कि 2005 में बिहार में राजद की सरकार सत्ता से बाहर हो गई और नीतीश कुमार की सुशासन वाली सरकार ने प्रदेश मे कमान संभाला। उस समय 2004 में केंद्र की सरकार जा चुकी थी और कांग्रेस पार्टी के नेता नए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह राजद की बैशाखी ले कर सरकार चला रहे थे।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि 2005 में बिहार की सत्ता से बाहर होने के बाद आगबाबूली राजद की सरकार ने केंद्र की सरकार पर दबाव डाला कि वह बिहार में विकास की गति को अवरुद्ध कर दे और इसी वजह से कोशी नदी के ऊपर बन रहे विशाल पुल का निर्माण भी ठप हो गया। उन्होंने कहा कि 2014 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार बनने के बाद पुन: कोशी पुल का निर्माण शुरू हुआ और 2020 में इसका शुभारंभ हुआ।। उन्होंने कहा कि राजद-कांग्रेस की मिलीभगत और उपेक्षा के कारण कोशी क्षेत्र के विकास की गति बनने वाला एक पुल 17 वर्षों तक शुभारंभ की बाट जोहता रहा। उन्होंने कहा कि इस पुल के बनने के बाद कोशी के बहुत से इलाकों की मिथिला के कई इलाकों से दूरी 300 किलोमीटर तक घट गई।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि कोशी इलाके में बाढ़ सबसे बड़ी समस्या है। हर साल इस इलाके में जानमाल का बड़ा नुकसान होता है। उन्होने कहा कि करीब 11000 करोड़ की परियोजनाओं की स्वीकृति के साथ इस समस्या के निदान की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोशी, बागमती, गंडक बेसिन बनाया जा रहा है, जिसके बाद यहां एक सुरक्षा कवच बन जाएगा। उन्होंने कहा कि  अभिशाप को वरदान का रूप दिया जा रहा है और जिस पानी से लोगों की जिंदगियां चली जाती थी, उसी से करीब दो लाख हेक्टेयर जमीन की सिंचाई की जाएगी।</p>
<p>मोदी ने कहा कोशी का पानी अब मखाना किसानों की जिंदगी बनेगा। मछुआरों जो मछली पालन के अवसर देगा। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि आज मखाना की माला पहना कर उनका स्वागत किया गया है। उन्होंने कहा कि मखाना अब बिहार और हिंदुस्तान ही नही दुनिया की रसोई का भाग बनेगा। उन्होने कहा कि आजकल जब वह विदेश जाते हैं तो सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों को मखाना का एक पैकेट भेंट करते हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि मखाना उत्पादनऔर मतस्य पालन मिथिला और कोशी की तकदीर बदल देंगे। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में मखाना के विस्तार के लिए पहले ही मखाना बोर्ड की स्थापना कर दी गयी है और मतस्य उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए जुब्बा सहनी मतस्य प्रोत्साहन योजना के तहत मछुआरों को 9000 रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्ही की सरकार ने मतस्य उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए पहली बार इसके लिए नया मंत्रालय बनाया था। उन्होंने कहा मतस्य उत्पादन के क्षेत्र में केंद्र और बिहार सरकार के प्रयास साफ दिख रहे हैं और कभी मछली का आयात करने वाला प्रदेश अब उसका निर्यात कर रहा है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Nov 2025 17:56:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिवहर परिवार की विरासत संभालने चुनावी समर में उतरे नवनीत झा : राजद के टिकट पर आजमा रहे अपनी किस्मत, खुद को साबित करने की भी चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार में दूसरे चरण में 11 नवंबर को 122 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले चुनाव में शिवहर जिले की एक मात्र सीट शिवहर से राष्टीय जनता दल (राजद) प्रत्याशी नवनीत झा अपने परिवार की रानीतिक विरासत को आगे ले जाने के लिए चुनावी अखाड़े में ताल ठोक रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता नवनीत झा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के टिकट पर चुनावी दंगल में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/navneet-jha-who-has-entered-the-election-race-to-take/article-131153"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/election.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार में दूसरे चरण में 11 नवंबर को 122 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले चुनाव में शिवहर जिले की एक मात्र सीट शिवहर से राष्टीय जनता दल (राजद) प्रत्याशी नवनीत झा अपने परिवार की रानीतिक विरासत को आगे ले जाने के लिए चुनावी अखाड़े में ताल ठोक रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता नवनीत झा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के टिकट पर चुनावी दंगल में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं जनता दल यूनाईटेड ने यहां सीतामढ़ी के चिकित्सक डॉ. वरुण कुमार की पत्नी डॉक्टर श्वेता गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। </p>
<p>जदयू से बागी पूर्व विधायक मोहम्मद सरफुद्दीन बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में लगे हुए है।  शिवहर विधानसभा क्षेत्र राजद उम्मीदवार नवनीत झा के दादा और पूर्व केन्द्रीय मंत्री रघुनाथ झा का गढ़ रहा है। रघुनाथ झा ने यहां 1972 से लगतार 1995 तक लगातर छह बार जीत का परचम लहराया था। वह गोपालगंज के सांसद भी रहे हैं। वहीं रघुनाथ झा के पुत्र अजीत झा ने यहां दो बार जीत हासिल की है। पूर्व विधायक मोहम्मद सरफुद्दीन यहां दो बार वर्ष 2010 और 2015 में जीत दर्ज कर चुके हैं।  वर्ष 2020 के चुनाव में पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह की पत्नी और शिवहर की सांसद लवली आनंद के पुत्र राजद प्रत्याशी चेतन आनंद ने जदयू उम्मीदवार मोहम्मद सरफुद्दीन को चुनावी अखाड़े में मात दे दी थी। इस बार चेतन आनंद नवीनगर से जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।</p>
<p><strong>खुद को साबित करने की भी चुनौती</strong><br />शिवहर विधानसभा सीट से जहां राजद उम्मीदवार नवनीत झा पर परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे ले जाने के साथ ही खुद को साबित करने की भी चुनौती भी है। वहीं जदयू उम्मीदवार श्वेता गुप्ता को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सहारे चुनावी नैया पार करने की आशा है। देखना दिलचस्प होगा शिवहर के चुनावी संग्राम में कौन बाजी अपने नाम करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Nov 2025 13:22:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार विधानसभा चुनाव : सभी घटक दलों की मौजूदगी में राजग ने जारी किया 25 सूत्री संकल्प-पत्र, प्रदेश के तीव्र विकास पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जदयू और भाजपा नेतृत्व वाले राजग ने 25 सूत्री संकल्प पत्र जारी किया। पटना में आयोजित कार्यक्रम में जेपी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान, चिराग पासवान, जीतनराम मांझी और उपेन्द्र कुशवाहा सहित कई नेता मौजूद रहे। संकल्प पत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रोजगार पर जोर दिया गया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bihar-assembly-elections-in-the-presence-of-all-the-constituent/article-131111"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/6622-copy.jpg2224.jpg" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने अपना 25 सूत्री संकल्प पत्र (मेनिफेस्टो) जारी किया। राजधानी पटना में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में सुबह  इस संकल्प पत्र का विमोचन किया गया। इसमें राजग के सभी प्रमुख नेता मौजूद थे।</p>
<p>संकल्प पत्र संयुक्त रूप से जारी करने वाले नेताओं में  मुख्यमंत्री नीतीश कुनार,जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और बिहार चुनाव के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा नेता विनोद तावड़े, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम-सेक्युलर) के प्रमुख जीतनराम मांझी और राष्ट्रीय लोक जनता दल (रालोमो) के उपेन्द्र कुशवाहा शामिल थे।</p>
<p>इस संकल्प पत्र में मुख्य रूप से प्रदेश के तीव्र विकास  पर जोर देते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि , महिला सशक्तिकरण, दलित उत्थान, राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, पूंजी निवेश, लघु और कुटीर उद्योग, कौशल विकास, प्रदेश के औद्योगिकरण और रोजगार से जुड़े 25 मुख्य लक्ष्य निर्धारित किये गए हैं, जिसे  बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विस्तार से मीडिया को बताया।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Oct 2025 18:03:23 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भाजपा के लोगों में आ गया घमंड : इंडिया गठबंधन के लिए ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी जीत जरूरी; बिहार चुनाव पर और क्या-क्या बोले गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार के वरिष्ठ पर्यवेक्षक अशोक गहलोत ने कहा है कि बिहार चुनाव जीतना महागठबंधन के लिए नहीं बल्कि देश के लिए भी जरूरी है, क्योंकि यह देश को संदेश देने वाला चुनाव है कि हरियाणा, दिल्ली और महाराष्ट्र में क्या हुआ। पटना दौरे के लिए रवाना होने से पहले अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए गहलोत ने कहा कि भाजपा के लोगों में घमंड आ गया है। मुझे लगता है कि 20 साल के बाद बिहार में बदलाव होना चाहिए और महागठबंधन ने पूरी ताकत लगाई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bjp-people-have-become-arrogant-victory-is-important-not-only/article-130862"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(1)27.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार के वरिष्ठ पर्यवेक्षक अशोक गहलोत ने कहा है कि बिहार चुनाव जीतना महागठबंधन के लिए नहीं बल्कि देश के लिए भी जरूरी है, क्योंकि यह देश को संदेश देने वाला चुनाव है कि हरियाणा, दिल्ली और महाराष्ट्र में क्या हुआ। पटना दौरे के लिए रवाना होने से पहले अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए गहलोत ने कहा कि भाजपा के लोगों में घमंड आ गया है। मुझे लगता है कि 20 साल के बाद बिहार में बदलाव होना चाहिए और महागठबंधन ने पूरी ताकत लगाई है। सब लोग एकजुट हैं और हम इसमें कामयाब होंगे। गहलोत ने कहा कि कल महागठबंधन का घोषणा पत्र जारी हुआ है और उसमें भी 25 लाख रुपए का बीमा वाली घोषणा की गई है जो कि राजस्थान की सबसे पॉपुलर योजना थी। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव और मिलकर रैलियां करेंगे। कांग्रेस पार्टी और गठबंधन के अन्य लोगों भी अच्छा काम कर रहे हैं। बिहार चुनाव की घोषणा से पहले राहुल गांधी ने जिस तरह से दौरे करके एक नरेटिव बनाया था उसका फायदा भी इंडिया गठबंधन को मिलेगा।</p>
<p>नीतीश कुमार 20 साल बिहार की सत्ता में रहे लेकिन बार-बार सहयोगी दल बदलते रहे हैं। पहले जहां पर पीएम पद के दावेदार थे अब वह मुख्यमंत्री बनने के लायक भी नहीं बचे हैं। भाजपा के लोग ही उन्हें मुख्यमंत्री पद का दावेदार नहीं मानते हैं। यह लोग धनबल के जरिए सत्ता प्राप्त करना चाहते हैं, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का परिणाम लोगों के गले नहीं उतरा है जिस तरह से भाजपा ने एक तरफा जीत दर्ज की थी। लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को बढ़त मिली थी उसके कुछ महीने बाद ही महाराष्ट्र में चुनाव हुए तो एक तरफा रिजल्ट आया जो किसी के गले नहीं उतरा। भाजपा का कहना है कि हरियाणा में माइक्रो मैनेजमेंट से चुनाव जीत गए वो तो ठीक है हो सकता है कि ऐसा हुआ हो, वहां कुछ प्वाइंटों का फर्क था लेकिन महाराष्ट्र में तो चुनाव ही रहस्य बना हुआ है। गहलोत ने कहा कि बिहार के लोग राजनीतिक रूप से बहुत समझदार हैं। राहुल गांधी जाति का जनगणना कराएंगे। राहुल गांधी के आगे भाजपा सरकार को झुकना पड़ा और कैबिनेट में पास करना पड़ा कि सरकार जाति का जनगणना कराएगी। यह राहुल गांधी की बहुत बड़ी जीत है।</p>
<p>भाजपा केवल हिंदू- हिंदू करके वोटों का ध्रुवीकरण करना चाहती है जैसे की दूसरी पार्टी के लोग हिंदू है ही नहीं। आंकड़े बताते हैं कि भाजपा को एक बार 31 प्रतिशत वोट मिले थे, दूसरी बार 36 प्रतिशत और दूसरी बार 37 प्रतिशत वोट मिले हैं। इससे साफ है कि 70 फ़ीसदी लोगों ने भाजपा के खिलाफ वोट किया था तो फिर भाजपा को किस बात का घमंड है। भाजपा को चाहिए कि वह संविधान की मूल भावना के अनुसार चले, आज भाजपा और सरकार की आलोचना करने वाले को देशद्रोही कह दिया जाता है। सरकार में आलोचना सुनने का माद्दा होना चाहिए यह तमाम बातें बिहार चुनाव में नरेटिव बनेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Oct 2025 16:00:29 +0530</pubDate>
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