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                <title>imports - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>imports RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार समझौता: अमेरिका ने बांग्लादेशी वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाकर 19% किया, द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूती पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-बांग्लादेश के बीच नए व्यापार समझौते से आयात शुल्क घटेगा। वस्त्र, कृषि, ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा, जिससे द्विपक्षीय आर्थिक संबंध मजबूत होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/us-bangladesh-trade-agreement-us-reduced-import-duty-on-bangladeshi-goods/article-142561"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)8.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका और बांग्लादेश के बीच एक पारस्परिक व्यापार समझौता हुआ है, जो बांग्लादेश वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाकर 19 प्रतिशत कर देगा और कुछ वस्त्र एवं परिधान उत्पादों पर छूट प्रदान करेगा और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय ने बताया कि यह समझौता एक ऐसा तंत्र स्थापित करेगा जिसके तहत बांग्लादेश के कुछ कपड़ों और परिधान एवं उत्पादों को शून्य पारस्परिक आयात शुल्क प्रदान किया जाएगा। इसके तहत अमेरिकी मूल की सामग्रियों का उपयोग करके बनाए गए कुछ कपड़ा और परिधान उत्पादों के लिए भी छूट दिया गया है। पात्रा आयात की मात्रा का निर्धारण बांग्लादेश द्वारा उपयोग किये गये कपास और मानव निर्मित फाइबर के साथ-साथ अमेरिकी सामग्री के इस्तेमाल के आधार पर किया जाएगा।</p>
<p>व्हाइट हाउस के बयान में बताया गया है कि बांग्लादेश लगभग 3.5 अरब डॉलर के अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद करेगा, जिसमें गेहूं, सोया, कपास और मक्का शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 15 वर्षों में लगभग 15 अरब डॉलर ऊर्जा उत्पादों की भी खरीददारी बांग्लादेश द्वारा की जाएगी। साथ ही इसमें अमेरिकी विमानों के खरीद का भी उल्लेख किया गया है।</p>
<p>यह समझौता 2013 में हस्ताक्षरित अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार और निवेश सहयोग मंच समझौते (टीआईसीएफए) पर आधारित है। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे एक-दूसरे के बाजारों तक अभूतपूर्व पहुंच के रूप में वर्णित किया है। अमेरिका और बांग्लादेश ने कहा कि इस समझौते का उद्देश्य द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को गहरा करना और दोनों देशों के निर्यातकों के लिए बाजार पहुंच का विस्तार करना है।</p>
<p>सौदे के तहत, बांग्लादेश, अमेरिकी औद्योगिक और कृषि सामानों के लिए महत्वपूर्ण तरजीही बाजार पहुंच प्रदान करेगा, जिसमें रसायन, चिकित्सा उपकरण, मशीनरी, मोटर वाहन और पुर्जे, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी उपकरण, ऊर्जा उत्पाद, सोयाबीन, डेयरी उत्पाद, गोमांस, पोल्ट्री, ट्री नट्स और फल शामिल हैं।</p>
<p>दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को प्रभावित करने वाली गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है, जिसमें बांग्लादेश, अमेरिकी वाहन सुरक्षा और उत्सर्जन मानकों को स्वीकार करने, चिकित्सा उपकरणों और फार्मास्यूटिकल्स के लिए अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) प्रमाणपत्रों को मान्यता देने और अमेरिकी पुनर्मानिर्मित वस्तुओं और पुर्जों पर प्रतिबंध हटाने के लिए सहमत हुआ है।</p>
<p>बांग्लादेश ने विश्वसनीय सीमाओं के पार डेटा के मुफ्त हस्तांतरण की अनुमति देने और विश्व व्यापार संगठन में इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण पर सीमा शुल्क पर स्थायी रोक का समर्थन करने पर भी सहमति जतायी है। साथ ही कृषि आयात के लिए विज्ञान और जोखिम-आधारित मानकों को अपनाने, बीमा क्षेत्र में बाधाओं को कम करने, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने और अच्छी नियामक प्रथाओं को लागू करने की भी प्रतिबद्धता जताई है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त बांग्लादेश ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त श्रम अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया है, जिसमें जबरन श्रम से उत्पादित वस्तुओं के आयात को प्रतिबंधित करना और श्रम कानूनों में संशोधन करके संघों की स्वतंत्रता और सामूहिक सौदेबाजी की पूरी तरह से रक्षा करना एवं प्रवर्तन को मजबूत करना शामिल है। समझौते में पर्यावरण संरक्षण, भ्रष्टाचार विरोधी उपाय, बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा और सब्सिडी तथा राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों के कारण होने वाली विकृतियों को दूर करने की प्रतिबद्धताएं भी शामिल हैं। बांग्लादेश भौगोलिक संकेतों पर महत्वपूर्ण प्रावधानों पर सहमत हुआ है, विशेष रूप से पनीर और मांस उत्पादों के लिए।</p>
<p>दोनों देशों ने यह भी कहा कि वे आपूर्ति श्रृंखला की लचीलापन बढ़ाने, शुल्क चोरी का मुकाबला करने, निर्यात नियंत्रण पर सहयोग करने और निवेश पर जानकारी साझा करने के लिए आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे। राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि अमेरिका के निर्यात-आयात बैंक और अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय विकास वित्त निगम सहित अमेरिकी संस्थान पात्रता और कानून के अधीन बांग्लादेश में महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश का समर्थन करने पर विचार करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 11:49:57 +0530</pubDate>
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                <title>भारत ने न्यूजीलैंड से मिलाया हाथ, अब कोटा में सस्ती होगी कीवी</title>
                                    <description><![CDATA[थोक बाजार में लागत कम होगी और खुदरा ग्राहकों को भी सस्ती दरों पर कीवी मिल सकेगी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/india-and-new-zealand-join-hands--kiwis-to-become-cheaper-in-kota/article-137621"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) का सीधा फायदा आगामी दिनों में आम उपभोक्ताओं को मिलने जा रहा है। इस समझौते के बाद न्यूजीलैंड से आयात होने वाली कई वस्तुओं पर आयात शुल्क शून्य कर दिया जाएगा, जिनमें कीवी फल भी शामिल है। इससे कोटा सहित देशभर के बाजारों में कीवी की कीमतों में बड़ी गिरावट आने की उम्मीद है। अब तक न्यूजीलैंड से आने वाले कीवी फल पर करीब 33 फीसदी आयात शुल्क लगाया जाता था, जिससे इसकी कीमत काफी बढ़ जाती थी। एफटीए लागू होने के बाद यह टैक्स घटकर 0 फीसदी हो जाएगा। इससे थोक बाजार में लागत कम होगी और खुदरा ग्राहकों को भी सस्ती दरों पर कीवी मिल सकेगी।</p>
<p><strong>आयात सस्ता, बाजार में बढ़ेगी उपलब्धता</strong><br />कोटा की थोक फल मंडी के व्यापारी शौभागमल ने बताया कि अब तक न्यूजीलैंड से आने वाला कीवी फल आयात शुल्क, परिवहन लागत और अन्य करों के कारण महंगा पड़ता था। फ्री ट्रेड डील के बाद आयात प्रक्रिया आसान होने के साथ-साथ शुल्क में राहत मिलेगी। जिससे आगामी दिनों में थोक बाजार में कीवी की कीमत कम होती चली जाएगी। इसका फायदा खुदरा ग्राहकों तक पहुंचना तय माना जा रहा है। फल व्यापारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कीवी की आवक बढ़ेगी। अभी तक कीवी एक महंगा फल माना जाता था, लेकिन दाम घटने से अब मध्यम वर्ग के ग्राहक भी इसे नियमित रूप से खरीद सकेंगे।</p>
<p><strong>एफटीए के तहत तय हुआ आयात कोटा</strong><br />जानकारी के अनुसार एफटीए के तहत पहले चरण में न्यूजीलैंड से 6,250 टन कीवी ड्यूटी फ्री आयात करने का प्रावधान किया गया है। आने वाले कुछ वर्षों में यह कोटा बढ़ाकर 15,000 टन तक किया जाएगा। तय कोटे से ज्यादा आयात होने पर भी पहले की तुलना में कम टैक्स ही देना होगा, जिससे कीमतों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। न्यूजीलैंड कीवी का बड़ा उत्पादक देश है। साल 2025 में भारत ने कुल लगभग 55,000 टन कीवी आयात किया था, जिसमें से करीब 2,700 टन कीवी न्यूजीलैंड से आई। अब टैक्स घटने के बाद भारत न्यूजीलैंड से ज्यादा मात्रा में कीवी आयात कर सकेगा, क्योंकि यह अन्य देशों की तुलना में सस्ते दाम पर उपलब्ध होगी।</p>
<p><strong>सेहत का खजाना है कीवी</strong><br />पोषण विशेषज्ञों के अनुसार कीवी को पोषण से भरपूर फल माना जाता है। इसमें विटामिन-सी, फाइबर और एंटीआॅक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं। सस्ती कीमत पर उपलब्ध होने से अब ज्यादा लोग इसे अपने दैनिक आहार में शामिल कर सकेंगे। सस्ता होने से अब लोग इसे रोजमर्रा के आहार में शामिल कर सकेंगे, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से न केवल फलों बल्कि ऊन, लकड़ी, ड्राई फ्रूट और अन्य कृषि उत्पादों के व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद कम कीमत पर मिल सकेंगे।</p>
<p><strong>कोटा मंडी में कीवी के भाव</strong><br />बड़ी साइज कीवी 90-100 रुपए प्रति नग<br />मध्यम साइज कीवी 70-80 रुपए प्रति नग<br />छोटी साइज कीवी 55-65 रुपए प्रति नग<br />-अभी बाजार में कीवी के दाम ज्यादा होने से हम इसकी खरीदारी कम करते हैं। बीमारी के दौरान के इसका उपयोग अधिक होता है। अब कीवी के दाम कम होने से काफी राहत मिलेगी।<br />मोहिनी देवी, गृहिणी<br />-पहले कीवी सीमित ग्राहक ही लेते थे, क्योंकि दाम ज्यादा थे। अब आयात सस्ता होने से बिक्री बढ़ेगी और अधिक ग्राहक भी इस फल की ओर आकर्षित होंगे। आगामी दिनों में दाम में गिरावट होगी।<br /><strong>- शब्बीर वारसी, प्रमुख फल व्यापारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 14:41:47 +0530</pubDate>
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                <title>रूसी तेल आयात कम करेगा भारत : आने वाले महीनों में इसे धीरे-धीरे समाप्त करने की योजना, ट्रंप ने कहा- मोदी ने व्यक्तिगत तौर पर दिया आश्वासन</title>
                                    <description><![CDATA[भारत वर्तमान में अपनी कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 40 प्रतिशत रूस से प्राप्त करता है, लेकिन उनकी योजना आने वाले महीनों में इसे धीरे-धीरे समाप्त करने की है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-will-reduce-russian-oil-imports-plans-to-phase-it/article-130410"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/donald-trump5.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फिर दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें व्यक्तिगत तौर पर आश्वासन दिया है कि भारत इस वर्ष के अंत तक रूसी तेल आयात को तेजी से कम करेगा।  नाटो महासचिव मार्क रटे के साथ व्हाइट हाउस में बोलते हुए, राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि भारत वर्तमान में अपनी कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 40 प्रतिशत रूस से प्राप्त करता है, लेकिन उनकी योजना आने वाले महीनों में इसे धीरे-धीरे समाप्त करने की है। </p>
<p><strong>साल के अंत तक बंद हो जाएगा</strong><br />राष्ट्रपति ने कहा, जैसा कि आप जानते हैं, भारत ने मुझसे कहा कि वे इसे रोक देंगे। यह एक प्रक्रिया है, आप इसे तुरंत नहीं रोक सकते। लेकिन साल के अंत तक, यह लगभग शून्य हो जाएगा। यह एक बड़ी बात है। यह कमी धीरे-धीरे होगी ताकि वैश्विक बाजार स्थिर रहे। भारत का रुख बहुत अच्छा रहा है। मैंने कल प्रधानमंत्री मोदी से बात की, और वे पूरी तरह से शानदार रहे हैं।</p>
<p><strong>पहले भी किया था ऐसा ही दावा</strong><br />राष्ट्रपति ट्रम्प की टिप्पणी कुछ दिनों बाद आई है, जब उन्होंने दावा किया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि नई दिल्ली रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। उन्होंने भारत की ऊर्जा नीति को संभावित अमेरिकी टैरिफ से भी जोड़ा, चेतावनी दी कि भारतीय सामानों पर उच्च आयात शुल्क तब तक लागू रहेंगे जब तक देश मॉस्को से तेल खरीदना बंद नहीं करता। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Oct 2025 11:04:06 +0530</pubDate>
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