<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/pilgrimage/tag-5933" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>pilgrimage - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/5933/rss</link>
                <description>pilgrimage RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जम्मू कश्मीर : कड़ी सुरक्षा और धार्मिक उत्साह के बीच अमरनाथ यात्रा शुरू, 'बम-बम भोले' के जयकारों संग रवाना हुआ पहला जत्था</title>
                                    <description><![CDATA[जम्मू-कश्मीर में पवित्र अमरनाथ यात्रा शुक्रवार से कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो गई है। हज़ारों श्रद्धालुओं का पहला जत्था पहलगाम और बालटाल मार्गों से पवित्र गुफा की ओर बढ़ा। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने नो-फ्लाई ज़ोन, आरएफआईडी (RFID) ट्रैकिंग और सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए क्यूआर कोड आधारित विशेष पहचान पत्र जैसी अत्याधुनिक व्यवस्थाएं की हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/amarnath-yatra-begins-in-jammu-and-kashmir-amidst-tight-security/article-158742"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/12200-x-600-px)-(2)9.png" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में हर साल होने वाली श्री अमरनाथ यात्रा शुक्रवार को पहलगाम और बालटाल, दोनों रास्तों से शुरू हुई। हज़ारों तीर्थयात्री पूरे जोश और कड़ी सुरक्षा के बीच पवित्र गुफा की ओर रवाना हुए। लगभग पांच हजार तीर्थयात्रियों का पहला जत्था गुरुवार को कश्मीर घाटी पहुँचा था, जिसे जम्मू से उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। नुनवान आधार शिविर में, अनंतनाग के उपायुक्त बिलाल भट और एसएसपी अनंतनाग अमोद नागपुरे ने पहलगाम रूट से जाने वाले तीर्थयात्रियों को हरी झंडी दिखाई और उनकी यात्रा के सुरक्षित और सफल होने की कामना की।बालटाल, गांदरबल में हल्की बूंदाबांदी ने वहां के शांत माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया, जबकि श्रद्धालु गुफा मंदिर की ओर अपनी यात्रा जारी रखे हुए थे।</p>
<p>अधिकारियों ने इस साल की तीर्थयात्रा के लिए जम्मू-कश्मीर में अब तक का सबसे बड़ा सालाना सुरक्षा अभियान शुरू किया है। सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों वाला सुरक्षा घेरा, दोनों रास्तों पर नो-फ्लाई ज़ोन, वॉचटावर, कड़ी निगरानी और तीर्थयात्रियों के काफिले की रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। पुलिस ने सभी रजिस्टर्ड सर्विस प्रोवाइडर्स (जैसे पोनी राइडर्स) को छेड़छाड़-रोधी क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र जारी किए हैं, ताकि उनके पहचान-पत्रों की तुरंत जांच हो सके और उग्रवादियों को सपोर्ट स्टाफ बनकर घुसने से रोका जा सके।</p>
<p>इसके अलावा, तीर्थयात्रियों, गाड़ियों और सर्विस देने वालों के लिए आरएफआईडी टैग जारी किए गए हैं ताकि उनकी रियल-टाइम ट्रैकिंग की जा सके। साथ ही, सीसीटवी कैमरों का एक बड़ा नेटवर्क दोनों तीर्थ मार्गों पर आवाजाही पर नज़र रख रहा है। अधिकारियों ने कहा कि यात्रा को सुचारू और सुरक्षित रूप से संपन्न कराने के लिए सभी इंतज़ाम किए गए हैं। तीर्थयात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सुरक्षा कर्मियों और यात्रा अधिकारियों के निर्देशों का सख्ती से पालन करें, केवल अधिकृत काफिलों में ही यात्रा करें, वैध पहचान पत्र साथ रखें, बिना पुष्टि वाली जानकारी या अफ़वाहें न फैलाएं, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि, लावारिस वस्तु या आपातकालीन स्थिति की सूचना तुरंत निकटतम पुलिस कर्मियों को दें या आपातकालीन हेल्पलाइन के माध्यम से सूचित करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/amarnath-yatra-begins-in-jammu-and-kashmir-amidst-tight-security/article-158742</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/amarnath-yatra-begins-in-jammu-and-kashmir-amidst-tight-security/article-158742</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 11:48:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/12200-x-600-px%29-%282%299.png"                         length="1730723"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हजारों लोगों संग योगासन में दिखे CM धामी, युवाओं को दिया फिटनेस और अनुशासन का मंत्र</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा में हजारों साधकों और जवानों के साथ योग किया। उत्तराखंड को वैश्विक योग राजधानी बनाने के संकल्प के साथ देश की पहली योग नीति लागू की गई है, जिसमें ₹20 लाख तक की सब्सिडी का प्रावधान है। साथ ही, क्षेत्र में ₹3300 करोड़ का शारदा कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cm-dhami-was-seen-doing-yoga-with-thousands-of-people/article-157634"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/cm-dhami.png" alt=""></a><br /><p>चम्पावत। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बनबसा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हजारों योग साधकों, सशस्त्र सेना के जवानों, विद्यार्थियों , मातृशक्ति और वरिष्ठ नागरिकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए योग को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन का आधार बताया।</p>
<p>सीएम धामी ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। योग व्यक्ति को मानसिक स्थिरता प्रदान करता है और उसे सकारात्मक, अनुशासित एवं सफल जीवन की ओर अग्रसर करता है। उन्होंने कहा कि आज तनाव, अवसाद और अस्वस्थ जीवनशैली से उत्पन्न चुनौतियों के बीच योग एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार प्रणाली के रूप में सामने आया है। नियमित योग और प्राणायाम से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, मानसिक एकाग्रता मजबूत होती है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि योग ने विश्वभर में मानवता को जोड़ने का कार्य किया है और भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र “वसुधैव कुटुम्बकम्” तथा “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” के संदेश को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को वैश्विक पहचान मिली और आज 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग से जुड़ चुके हैं। धामी ने कहा कि उत्तराखंड योग, अध्यात्म और साधना की प्राचीन परंपराओं की भूमि है तथा राज्य सरकार उत्तराखंड को योग एवं वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में देश की पहली योग नीति लागू की गई है, जिसके तहत योग एवं ध्यान केंद्रों की स्थापना के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी तथा योग, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध एवं अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा प्रदेश में पांच नए योग हब विकसित किए जा रहे हैं और सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में योग सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बनबसा में योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन शारदा नदी तट पर योग और आध्यात्मिक साधना को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार शारदा कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से क्षेत्र को आध्यात्मिक और पर्यटन विकास की नई पहचान देने के लिए कार्य कर रही है। लगभग 3300 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही इस परियोजना के तहत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट सहित विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने युवाओं से विशेष आह्वान करते हुए कहा कि वे योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। उन्होंने युवाओं से नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासी उत्तराखंड को योग का वैश्विक केंद्र बनाने के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सशस्त्र सेना के जवानों के साथ “एक वृक्ष योग के नाम” अभियान के अंतर्गत बनबसा मिनी स्टेडियम परिसर में आम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।</p>
<p>वहीं, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नैनीताल के डीएसए मैदान में आयोजित कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और भारत की प्राचीन संस्कृति का यह अमूल्य ज्ञान आज पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रहा है। उन्होंने नागरिकों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/cm-dhami-was-seen-doing-yoga-with-thousands-of-people/article-157634</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/cm-dhami-was-seen-doing-yoga-with-thousands-of-people/article-157634</guid>
                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 12:23:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/cm-dhami.png"                         length="874084"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एकादशी पर गोविंद देवजी मंदिर में दिखा श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम, जल यात्रा का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[एकादशी के पावन अवसर पर जयपुर के प्रसिद्ध गोविंद देवजी मंदिर में भव्य जल यात्रा आयोजित की गई। फूलों से सजे मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने कीर्तन की मधुर लहरियों के बीच भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि की मंगलकामना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-ekadashi-a-wonderful-confluence-of-reverence-and-devotion-jal/article-156699"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/govind-dev-ji.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एकादशी के पावन अवसर पर गोविंद देवजी मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर मंदिर परिसर में भव्य जल यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। प्रातःकाल से ही मंदिर में भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिनभर जारी रहा। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और कीर्तन की मधुर स्वर लहरियां गूंजती रहीं। मंदिर को विशेष रूप से फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की।</p>
<p>इस दौरान मंदिर प्रशासन द्वारा दर्शन एवं अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए। एकादशी पर्व पर आयोजित जल यात्रा ने भक्तों को आध्यात्मिक आनंद और धार्मिक उत्साह से सराबोर कर दिया। दिनभर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही और पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-ekadashi-a-wonderful-confluence-of-reverence-and-devotion-jal/article-156699</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-ekadashi-a-wonderful-confluence-of-reverence-and-devotion-jal/article-156699</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:00:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/govind-dev-ji.png"                         length="1524882"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर स्थित गोगाजी महाराज मंदिर में सजी आम मनोरथ झांकी</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के घाटगेट स्थित भगवान गोगाजी महाराज एवं गोरखनाथ जी मंदिर में विशेष आम मनोरथ का आयोजन किया गया। अधिक मास के पावन अवसर पर पूरे मंदिर परिसर को आम्रपत्रों और रसीले आमों से सजाया गया। इस दौरान भगवान का अलौकिक शृंगार देख श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/aam-manorath-tableau-decorated-in-gogaji-maharaj-temple-jaipur/article-156514"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/gogaji.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर के घाटगेट स्थित भगवान गोगाजी महाराज एवं गौरखनाथ जी मंदिर में अधिक मास के मौक पर मंगलवार को आम मनोरथ का आयोजन किया। इस धार्मिक आयोजन के तहत मंदिर परिसर को आम्रपत्रों और आम फलों से सजाया। आयोजन के दौरान भगवान गोगाजी महाराज और गौरखनाथ जी का दिव्य एवं मनोहारी शृंगार किया। मंदिर से जुडे समाजजनों और श्रद्धालुओं ने बताया कि अधिक मास में आयोजित यह आम मनोरथ विशेष धार्मिक महत्व रखता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/aam-manorath-tableau-decorated-in-gogaji-maharaj-temple-jaipur/article-156514</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/aam-manorath-tableau-decorated-in-gogaji-maharaj-temple-jaipur/article-156514</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 11:23:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/gogaji.png"                         length="1849629"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने किए दर्शन, यदाद्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर में की विशेष पूजा-अर्चना</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने तेलंगाना के प्रसिद्ध यदाद्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर का दौरा किया। उन्होंने भगवान के दर्शन कर विशेष अनुष्ठान किए और आशीर्वाद लिया। पूजा के बाद मंदिर के पुजारियों ने उन्हें 'वेदाशीर्वचन' और तीर्थ-प्रसाद भेंट किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/union-minister-g-kishan-reddy-visited-yadadri-lakshmi-narasimha-swamy/article-156252"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/kishan-radday.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने रविवार को यदाद्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर का दौरा किया और भगवान लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी की विशेष पूजा-अर्चना की। केन्द्रीय मंत्री ने इस दौरान विशेष अनुष्ठान किए और देवता का आशीर्वाद लिया। पूजा के बाद, पंडितों ने श्री किशन रेड्डी को 'वेदाशीर्वचन' दिया और मंदिर परिसर में उन्हें तीर्थ-प्रसाद भेंट किया। इस मंदिर को एक पवित्र तीर्थ स्थल और स्वयं प्रकट हुए नरसिम्हा स्वामी का निवास स्थान माना जाता है। यह तेलंगाना के लोगों के बीच बहुत आध्यात्मिक महत्व रखता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और मंदिर के अधिकारी मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/union-minister-g-kishan-reddy-visited-yadadri-lakshmi-narasimha-swamy/article-156252</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/union-minister-g-kishan-reddy-visited-yadadri-lakshmi-narasimha-swamy/article-156252</guid>
                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 14:15:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/kishan-radday.png"                         length="532789"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कैलाश मानसरोवर से लौटे 35 श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत, बोले- जीवन का सबसे दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के 35 श्रद्धालुओं का दल कैलाश मानसरोवर की पवित्र आध्यात्मिक यात्रा पूर्ण कर सकुशल लौट आया है। राहुल अग्रवाल के नेतृत्व में दल ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच पूजा-अर्चना संपन्न की। एयरपोर्ट पहुंचने पर परिजनों और खंडेलवाल समाज के गणमान्य लोगों ने माल्यार्पण कर यात्रियों का भव्य अभिनंदन किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/grand-welcome-for-35-pilgrims-returning-from-kailash-mansarovar/article-155795"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(1).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विश्व की सबसे पवित्र आध्यात्मिक यात्राओं में शामिल कैलाश मानसरोवर यात्रा पूर्ण कर जयपुर के 35 श्रद्धालुओं का दल सकुशल लौट आया। यात्रा का नेतृत्व राहुल अग्रवाल ने किया। श्रद्धालुओं ने कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन कर पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं ने बताया कि कैलाश पर्वत के दर्शन और मानसरोवर के पवित्र तट पर बिताए गए क्षण उनके जीवन के सबसे दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव बन गए। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद पूरी यात्रा सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुखद रही।</p>
<p>जयपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर समाज श्री सीताराम एवं खंडेलवाल समाज के गणमान्य व्यक्तियों, परिजनों और श्रद्धालुओं ने यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान राकेश कूलवाल, सुनील गुप्ता, जितेश कूलवाल, प्रवीण शाह और अरविंद बैद सहित अन्य लोगों ने माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। यात्रा संयोजक राहुल अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में धार्मिक पर्यटन के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, आध्यात्मिक ऊर्जा और जीवन मूल्यों को समझने का अनूठा अवसर भी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/grand-welcome-for-35-pilgrims-returning-from-kailash-mansarovar/article-155795</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/grand-welcome-for-35-pilgrims-returning-from-kailash-mansarovar/article-155795</guid>
                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 18:41:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/1200-x-60-px%29-%28youtube-thumbnail%29-%281%29.png"                         length="866427"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चारधाम में आस्था का सैलाब: शनिवार को रिकॉर्ड 96 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने किए दर्शन, कुल आंकड़ा 20 लाख के पार</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड आंकड़ा पार हो गया है। मात्र 35 दिनों में 20 लाख 76 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए हैं, जबकि शनिवार को रिकॉर्ड 96,116 लोग पहुंचे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल प्रबंधन और अलर्ट आपदा तंत्र के कारण यात्रा सुचारु रूप से जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/flood-of-faith-in-chardham-a-record-96-thousand-pilgrims/article-154842"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/chardham1.png" alt=""></a><br /><p>देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड स्थित गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ और केदारनाथ यानि चारधाम दर्शन को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। चारों धामों में दर्शन को श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन व्यवस्थाएं दुरुस्त होने से यात्रा सुचारु रूप से चल रही है। शनिवार को रिकॉर्ड 96 हजार 116 तीर्थयात्रियों ने चारधाम दर्शन किए। कुल दर्शनार्थियों का आंकड़ा 20 लाख 76 हजार को पार कर चुका है, जबकि केदारनाथ में 08 लाख 11 हजार से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं।</p>
<p>उच्च हिमालयी क्षेत्र की यात्रा होने से आपदा प्रबंधन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शीर्ष अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मौसम प्रतिकूल होने पर हर एक श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए। पुष्कर सिंह धामी के मुख्यमंत्रित्व वाली सरकार के कुशल यात्रा प्रबंधन के चलते चारधाम यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यात्रा का बीते 19 अप्रैल को श्रीगणेश हुआ और आज 23 मई तक यानी 35 दिनों में 20 लाख 76 हजार 553 श्रद्धालु चारधाम दर्शन कर चुके हैं। इनमें केदारनाथ में 8,11,923, बद्रीनाथ में 5,56,437, गंगोत्री में 3,52,162 और यमुनोत्री धाम में 3,56,031तीर्थयात्री पहुंचे हैं। मात्र आज एक दिन में ही चारों धामों में 96 हजार 116 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। श्री बदरीनाथ में सर्वाधिक 32,219 तीर्थयात्री पहुंचे। जबकि केदारनाथ में 29,787, यमुनोत्री में 16,213 और गंगोत्री धाम में 17,897 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।</p>
<p>इतना ही नहीं, सिक्खों के विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब के कपाट भी आज श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। जहां पहले दिन 06 हजार 605 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। पंच प्यारों की अगुवाई में सिख श्रद्धालुओं का पहला जत्था शनिवार सुबह रवाना होकर हेमकुंट साहिब पहुंचा. 'बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' के जयकारों से पूरी लोकपाल घाटी गूंज उठी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/flood-of-faith-in-chardham-a-record-96-thousand-pilgrims/article-154842</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/flood-of-faith-in-chardham-a-record-96-thousand-pilgrims/article-154842</guid>
                <pubDate>Sun, 24 May 2026 13:01:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/chardham1.png"                         length="1270319"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गंगोत्री धाम में गंभीर हादसा: एसडीआरएफ का साहसिक रेस्क्यू अभियान, भागीरथी के बीच फंसी महिला को सुरक्षित बचाया</title>
                                    <description><![CDATA[गंगोत्री धाम में स्नान के दौरान महाराष्ट्र की एक महिला फिसलकर भागीरथी नदी के तेज बहाव में बह गई और टापू पर फंस गई। सूचना मिलते ही SDRF और पुलिस टीम ने चुनौतीपूर्ण वाटर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। आरक्षी सहदेव राणा ने सूझबूझ से महिला को कंधे पर लादकर नदी पार कराई और सुरक्षित बाहर निकाला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/serious-accident-in-gangotri-dham-bold-rescue-operation-of-sdrf/article-154126"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bhagirathi.png" alt=""></a><br /><p>उत्तरकाशी। उत्तराखंड में उत्तरकाशी के गंगोत्री धाम में रविवार को स्नान के दौरान एक महिला अचानक फिसलकर भागीरथी नदी के तेज बहाव में बह गई और नदी के बीच बने एक टापू पर फंस गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस पोस्ट गंगोत्री की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और त्वरित वाटर रेस्क्यू अभियान शुरू किया।</p>
<p>रेस्क्यू अभियान के दौरान तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच आरक्षी सहदेव राणा ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए स्वयं नदी के बीच टापू तक पहुंचकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्होंने महिला को अपने कंधों के सहारे नदी पार कर सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। अभियान में मुख्य आरक्षी वीरेंद्र पंवार एवं पैरामेडिक्स अभिषेक व्यास ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए टीम को पूरा सहयोग प्रदान किया। बचायी गई महिला की पहचान वैशाली प्रकाश (लगभग 40 वर्ष) निवासी अकोला, महाराष्ट्र के रूप में हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/serious-accident-in-gangotri-dham-bold-rescue-operation-of-sdrf/article-154126</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/serious-accident-in-gangotri-dham-bold-rescue-operation-of-sdrf/article-154126</guid>
                <pubDate>Sun, 17 May 2026 13:38:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/bhagirathi.png"                         length="453217"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड में तबाही का मंजर: खराब मौसम के चलते 48 घंटे में चार श्रद्धालुओं सहित 400 से ज्यादा मवेशियों की मौत, जनजीवन अस्त-व्यस्त</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड में मौसम की मार से चार तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और बिजली गिरने से 413 भेड़-बकरियों की जान चली गई। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में स्वास्थ्य बिगड़ने से श्रद्धालुओं ने दम तोड़ा। प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है और प्रभावित परिवारों को सहायता पहुँचाने के साथ तीर्थयात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/scene-of-devastation-in-uttarakhand-due-to-bad-weather-more/article-152883"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/uttrakhand.png" alt=""></a><br /><p>देहरादून। उत्तराखंड में पिछले 48 घंटों में खराब मौसम के कारण केदारनाथ और बदरीनाथ की यात्रा पर आए चार यात्रियों की अस्वस्थता के कारण मृत्यु हो गई। जबकि चमोली जिले में बिजली गिरने से 413 भेड़-बकरियों की मौत होने के अलावा, अनेक घरों को नुकसान पहुंचा है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से बुधवार को मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, रुद्रप्रयाग जिले में 04 मई को पश्चिम बंगाल से सौमित्रा दुबे  श्री केदारनाथ जी के दर्शन को आये थे। जिन्हें सोनप्रयाग पुलिस थाने के समीप अचानक सांस लेने में तकलीफ होने पर एमआरपी सोनप्रयाग लाया गया जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु होने की सूचना है। </p>
<p>चमोली जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र से प्राप्त सूचना के अनुसार, मंगलवार को उत्तर प्रदेश की पुष्पा देवी पत्नी लक्ष्मण रोनियाल की श्री बद्रीनाथ मंदिर के समीप स्वास्थ्य खराब होने के कारण मृत्यु हो गई। इससे पहले सोमवार को महाराष्ट्र निवासी मक्खन लाल पुत्र जगननाथ कोठारी की श्री बदरीनाथ धाम में बस स्टैण्ड के समीप स्वास्थ्य खराब होने के कारण मृत्यु हुई। इसके अलावा, उसी दिन सात 8:40 बजे महाराष्ट्र के ही सुरेश मल्होत्रम पुत्र हरिदास की भी श्री बदरीनाथ धाम में मंदिर के समीप स्वास्थ्य खराब होने के कारण मृत्यु हुई है।</p>
<p>खराब मौसम के कारण इंटरनेट आपूर्ति भंग होने के कारण देर से मिली सूचनाओं के अनुसार, सोमवार को ही रात्रि लगभग 8:00 बजे तहसील चमोली के अन्तर्गत स्थान ग्राम गौणा की सीमान्तर्गत भनाली के समीप अतिवृष्टि एवं बिजली गिरने के कारण कुल 413 भेड़-बकरियों की मृत्यु हो गई। प्रभावित परिवारों की कुल संख्या 30 है। साथ ही एक व्यक्ति त्रिलोक सिंह पुत्र इन्द्र सिंह, निवासी ग्राम दुर्मी राजस्व उप निरीक्षक क्षेत्र गौणा की उक्त घटना में घायल होने की सूचना प्राप्त हुई है। जिन्हें उपचार को जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में भर्ती किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/scene-of-devastation-in-uttarakhand-due-to-bad-weather-more/article-152883</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/scene-of-devastation-in-uttarakhand-due-to-bad-weather-more/article-152883</guid>
                <pubDate>Wed, 06 May 2026 15:39:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/uttrakhand.png"                         length="1553969"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी ने दी कर्नाटक को बड़ी सौगात : आदिचुनचनगिरि में नए तीर्थस्थल का किया उद्घाटन, दिवंगत संत श्री बालगंगाधरनाथ स्वामीजी को है समर्पित </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक के मांड्या में ऐतिहासिक आदिचुनचनगिरि मठ परिसर में नवनिर्मित मंदिर का उद्घाटन किया। यह तीर्थस्थल संत बालगंगाधरनाथ स्वामीजी की विरासत और नाथ परंपरा को समर्पित है। शिक्षा और समाज सेवा के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध यह मठ अब दक्षिण भारत में सांस्कृतिक पर्यटन का प्रमुख स्तंभ बनेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-gave-a-big-gift-to-karnataka-inaugurated-a/article-150496"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi-ji.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक के मांड्या जिले के आदिचुनचनगिरि ऐतिहासिक मठ परिसर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन किया। यह तीर्थस्थल दिवंगत संत श्री बालगंगाधरनाथ स्वामीजी को समर्पित है जो एक स्मारक होने के साथ-साथ उस विरासत को दर्शाता है जो दशकों से आदिचुनचनगिरि मठ द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में चलाई जा रही है। अनेक भक्तों के लिए, यह मात्र पत्थर और अनुष्ठानों से बनी एक संरचना नहीं है बल्कि उस दर्शन की पुष्टि है जिसने संस्था की सीमाओं से परे भी कई लोगों के जीवन को आकार दिया है।</p>
<p>यह उद्घाटन समारोह शैव धर्म की नाथ परंपरा से मठ के सदियों पुराने जुड़ाव की पृष्ठभूमि में आयोजित किया गया जहां गुरु-शिष्य परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही आध्यात्मिक साधना को जोड़ने वाला केंद्रीय सूत्र बनी हुई है। इस दृष्टिकोण के साथ नया मंदिर किसी अतिरिक्त निर्माण की तरह नहीं बल्कि एक निरंतर चली आ रही परंपरा का विस्तार लगता है। जैसे-जैसे अनुष्ठान संपन्न होते गए और पहाड़ी परिसर में मंत्रोच्चार गूंजते गए, वातावरण में भक्ति एवं समारोह का एक परिचित मिश्रण झलकने लगा। श्रद्धालु आज सुबह से ही इकट्ठा होने लगे थे और उस स्थान के धार्मिक अनुष्ठानों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति से जीवंत होने का इंतजार कर रहे थे।</p>
<p>आदिचुनचनगिरि मठ न केवल अपने आध्यात्मिक महत्व के लिए बल्कि जैव विविधता से भरपूर पहाड़ी श्रृंखलाओं के बीच स्थित अपने पारिस्थितिक परिवेश के लिए भी जाना जाता है। यह एक अद्वितीय स्थान रखता है जहां आस्था, परंपरा और सार्वजनिक सेवा का संगम होता है। नए तीर्थस्थल के उद्घाटन के साथ, मठ में तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है जिससे दक्षिणी कर्नाटक में एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में इसकी भूमिका और मजबूत होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-gave-a-big-gift-to-karnataka-inaugurated-a/article-150496</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-gave-a-big-gift-to-karnataka-inaugurated-a/article-150496</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:08:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/modi-ji.png"                         length="1810421"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईद-उल-फितर पर दरगाह का जन्नती दरवाजा दोपहर में बंद, शहरभर में अदा हुई शांतिपूर्ण नमाज</title>
                                    <description><![CDATA[ईद-उल-फितर के मौके पर आज दरगाह शरीफ का जन्नती दरवाजा दोपहर तक खुला रहा, जिसके बाद इसे बंद कर दिया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में जायरीन दरगाह पहुंचे और जन्नती दरवाजे से होकर जियारत की। इसके बाद लोगों ने ईद की नमाज अदा की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/jannati-darwaza-of-dargah-closed-in-the-afternoon-on-eid-ul-fitr/article-147383"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/scaled_1000682565.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर। ईद उल फितर होने के कारण आज खुला दरगाह का जन्नती दरवाजा दोपहर में बंद हो गया अधिकांश लोगों ने जन्नती दरवाजे से प्रवेश कर जियारत की और इसके बाद ईद की नमाज अदा की आज दरगाह की शाहजहां ने और संदली मस्जिद सहित ईदगाह और शहर की अनेक मस्जिदों में शांतिपूर्वक ईद की नमाज हुई है लोगों ने एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/jannati-darwaza-of-dargah-closed-in-the-afternoon-on-eid-ul-fitr/article-147383</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/jannati-darwaza-of-dargah-closed-in-the-afternoon-on-eid-ul-fitr/article-147383</guid>
                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 18:45:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/scaled_1000682565.jpg"                         length="319091"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आईआरसीटीसी ने पूर्वी भारत के लिए लॉन्च किया दिव्य पूर्वी मंदिर यात्रा रेल आधारित पर्यटन सर्किट: वाराणसी, कोलकाता, गंगासागर, पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क, चिलिका और बैद्यनाथ धाम ज्योतिर्लिग होंगे कवर</title>
                                    <description><![CDATA[आईआरसीटीसी ने श्रद्धालुओं के लिए दिव्य पूर्वी मंदिर यात्रा रेल सर्किट लॉन्च किया। भारत गौरव डीलक्स ट्रेन 9 मार्च को दिल्ली से रवाना होकर प्रमुख तीर्थों के दर्शन कराएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/irctc-launches-divya-purvi-temple-yatra-rail-based-tourism-circuit/article-142305"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(2)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम लिमिटेड (आईआरसीटीसी) धार्मिक शृंद्धालुओं की सुविधा के लिए भारत के पूर्वी भाग के लिए दिव्य पूर्वी मंदिर यात्रा नामक एक नया रेल आधारित पर्यटन सर्किट लॉन्च किया है। इसके तहत वाराणसी, कोलकाता, गंगासागर, पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क, चिलिका और बैद्यनाथ धाम ज्योतिर्लिंग  के अलावा प्रमुख धरोहर स्थल, मंदिर और समुद्रतट साथ ही गंगासागर की यात्रा कराई जाएगी। इसके लिए भारत गौरव डीलक्स पर्यटक ट्रेन 9 मार्च को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से रवाना होगी।</p>
<p>नया पर्यटन सर्किट किया शुरू: आईआरसीटीसी ने अपनी भारत गौरव डीलक्स पर्यटक ट्रेन पर दिव्य पूर्वी मंदिर यात्रा नामक एक नया पर्यटन सर्किट शुरू किया है। इसमें 10 दिवसीय रेलयात्रा श्रद्धालुओं और यात्रियों को उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के कुछ सबसे तीर्थ स्थलों और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध विरासत स्थलों के दर्शन का अनूठा अवसर प्रदान करती है। यह यात्रा दिल्ली के सफदरजंग से शुरू होगी और वाराणसी, कोलकाता, गंगासागर, पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क, चिलिका और बैद्यनाथ धाम होते हुए दिल्ली वापस लौटेगी। यात्रा के प्रमुख स्थलों में वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर ज्योतिर्लिंग और गंगा आरती शामिल हैं। </p>
<p>कोलकाता-ओडिशा की यात्रा में कई प्रमुख स्थल शामिल: इसके बाद भारत की सांस्कृतिक राजधानी कोलकाता की यात्रा होगी, जिसमें विक्टोरिया मेमोरियल और अन्य शहर के आकर्षण तथा काली घाट (शक्ति पीठ) और दक्षिणेश्वर काली मंदिर जैसे महत्वपूर्ण मंदिर शामिल हैं। गंगासागर के पवित्र तटों की एक दिवसीय यात्रा, जिसमें संगम में स्नान और कपिल मुनि मंदिर के दर्शन मुख्य आकर्षण है। </p>
<p>यह यात्रा पुरी तक जारी रहेगी, जहां श्री जगन्नाथ मंदिर के दर्शन के साथ-साथ भुवनेश्वर, धौली शांति स्तूप, उदयगिरि और खंडगिरि गुफाएं, कोणार्क सूर्य मंदिर और अन्य दर्शनीय स्थलों सहित ओडिशा के व्यापक पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने का अवसर मिलेगा। यात्रा का अंतिम आध्यात्मिक गंतव्य भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक बैद्यनाथ धाम (देवघर) है, जहां से 18 मार्च को दिल्ली के सफदरजंग लौटकर यात्रा का समापन होगा।</p>
<p><strong>ट्रेन में ये मिल रही सुविधाएं</strong></p>
<p>भारत गौरव डीलक्स टूरिस्ट ट्रेन में फर्स्ट एसी, सैंकंड एसी व थर्ड एसी श्रेणी के सुसज्जित केबिन, स्वच्छ शाकाहारी भोजन परोसने वाले ऑनबोर्ड रेस्तरां, उन्नत सुरक्षा व्यवस्था और समर्पित टूर मैनेजर सहित आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। इस ट्रेन में फर्स्ट एसी का किराया 1,06,940 रुपए प्रति व्यक्ति, सैकंड एसी के लिए 98,925 रुपए और थर्ड एसी श्रेणी के लिए 79,285 रुपए प्रति व्यक्ति लिया जाएगा। पैकेज की कीमत में एसी श्रेणी में ट्रेन यात्रा, एसी होटलों में आवास, सभी भोजन (केवल शाकाहारी), एसी वाहनों में सभी परिवहन और दर्शनीय स्थल यात्रा बीमा और आईआरसीटीसी टूर मैनेजरों की सेवाएं आदि शामिल हैं। डिवाइन ईस्ट टेंपल टूर के लिए बुकिंग आईआरसीटीसी के पर्यटन पोर्टल और देश भर में अधिकृत आईआरसीटीसी पर्यटन कार्यालयों के माध्यम से कराए जा सकेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/irctc-launches-divya-purvi-temple-yatra-rail-based-tourism-circuit/article-142305</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/irctc-launches-divya-purvi-temple-yatra-rail-based-tourism-circuit/article-142305</guid>
                <pubDate>Sun, 08 Feb 2026 10:02:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%282%296.png"                         length="1852102"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        