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                <title>pilgrimage - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने किए दर्शन, यदाद्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर में की विशेष पूजा-अर्चना</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने तेलंगाना के प्रसिद्ध यदाद्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर का दौरा किया। उन्होंने भगवान के दर्शन कर विशेष अनुष्ठान किए और आशीर्वाद लिया। पूजा के बाद मंदिर के पुजारियों ने उन्हें 'वेदाशीर्वचन' और तीर्थ-प्रसाद भेंट किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/union-minister-g-kishan-reddy-visited-yadadri-lakshmi-narasimha-swamy/article-156252"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/kishan-radday.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने रविवार को यदाद्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर का दौरा किया और भगवान लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी की विशेष पूजा-अर्चना की। केन्द्रीय मंत्री ने इस दौरान विशेष अनुष्ठान किए और देवता का आशीर्वाद लिया। पूजा के बाद, पंडितों ने श्री किशन रेड्डी को 'वेदाशीर्वचन' दिया और मंदिर परिसर में उन्हें तीर्थ-प्रसाद भेंट किया। इस मंदिर को एक पवित्र तीर्थ स्थल और स्वयं प्रकट हुए नरसिम्हा स्वामी का निवास स्थान माना जाता है। यह तेलंगाना के लोगों के बीच बहुत आध्यात्मिक महत्व रखता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और मंदिर के अधिकारी मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 14:15:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कैलाश मानसरोवर से लौटे 35 श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत, बोले- जीवन का सबसे दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के 35 श्रद्धालुओं का दल कैलाश मानसरोवर की पवित्र आध्यात्मिक यात्रा पूर्ण कर सकुशल लौट आया है। राहुल अग्रवाल के नेतृत्व में दल ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच पूजा-अर्चना संपन्न की। एयरपोर्ट पहुंचने पर परिजनों और खंडेलवाल समाज के गणमान्य लोगों ने माल्यार्पण कर यात्रियों का भव्य अभिनंदन किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/grand-welcome-for-35-pilgrims-returning-from-kailash-mansarovar/article-155795"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(1).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विश्व की सबसे पवित्र आध्यात्मिक यात्राओं में शामिल कैलाश मानसरोवर यात्रा पूर्ण कर जयपुर के 35 श्रद्धालुओं का दल सकुशल लौट आया। यात्रा का नेतृत्व राहुल अग्रवाल ने किया। श्रद्धालुओं ने कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन कर पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं ने बताया कि कैलाश पर्वत के दर्शन और मानसरोवर के पवित्र तट पर बिताए गए क्षण उनके जीवन के सबसे दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव बन गए। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद पूरी यात्रा सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुखद रही।</p>
<p>जयपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर समाज श्री सीताराम एवं खंडेलवाल समाज के गणमान्य व्यक्तियों, परिजनों और श्रद्धालुओं ने यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान राकेश कूलवाल, सुनील गुप्ता, जितेश कूलवाल, प्रवीण शाह और अरविंद बैद सहित अन्य लोगों ने माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। यात्रा संयोजक राहुल अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में धार्मिक पर्यटन के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, आध्यात्मिक ऊर्जा और जीवन मूल्यों को समझने का अनूठा अवसर भी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 18:41:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>चारधाम में आस्था का सैलाब: शनिवार को रिकॉर्ड 96 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने किए दर्शन, कुल आंकड़ा 20 लाख के पार</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड आंकड़ा पार हो गया है। मात्र 35 दिनों में 20 लाख 76 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए हैं, जबकि शनिवार को रिकॉर्ड 96,116 लोग पहुंचे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल प्रबंधन और अलर्ट आपदा तंत्र के कारण यात्रा सुचारु रूप से जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/flood-of-faith-in-chardham-a-record-96-thousand-pilgrims/article-154842"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/chardham1.png" alt=""></a><br /><p>देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड स्थित गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ और केदारनाथ यानि चारधाम दर्शन को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। चारों धामों में दर्शन को श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन व्यवस्थाएं दुरुस्त होने से यात्रा सुचारु रूप से चल रही है। शनिवार को रिकॉर्ड 96 हजार 116 तीर्थयात्रियों ने चारधाम दर्शन किए। कुल दर्शनार्थियों का आंकड़ा 20 लाख 76 हजार को पार कर चुका है, जबकि केदारनाथ में 08 लाख 11 हजार से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं।</p>
<p>उच्च हिमालयी क्षेत्र की यात्रा होने से आपदा प्रबंधन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शीर्ष अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मौसम प्रतिकूल होने पर हर एक श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए। पुष्कर सिंह धामी के मुख्यमंत्रित्व वाली सरकार के कुशल यात्रा प्रबंधन के चलते चारधाम यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यात्रा का बीते 19 अप्रैल को श्रीगणेश हुआ और आज 23 मई तक यानी 35 दिनों में 20 लाख 76 हजार 553 श्रद्धालु चारधाम दर्शन कर चुके हैं। इनमें केदारनाथ में 8,11,923, बद्रीनाथ में 5,56,437, गंगोत्री में 3,52,162 और यमुनोत्री धाम में 3,56,031तीर्थयात्री पहुंचे हैं। मात्र आज एक दिन में ही चारों धामों में 96 हजार 116 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। श्री बदरीनाथ में सर्वाधिक 32,219 तीर्थयात्री पहुंचे। जबकि केदारनाथ में 29,787, यमुनोत्री में 16,213 और गंगोत्री धाम में 17,897 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।</p>
<p>इतना ही नहीं, सिक्खों के विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब के कपाट भी आज श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। जहां पहले दिन 06 हजार 605 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। पंच प्यारों की अगुवाई में सिख श्रद्धालुओं का पहला जत्था शनिवार सुबह रवाना होकर हेमकुंट साहिब पहुंचा. 'बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' के जयकारों से पूरी लोकपाल घाटी गूंज उठी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 13:01:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गंगोत्री धाम में गंभीर हादसा: एसडीआरएफ का साहसिक रेस्क्यू अभियान, भागीरथी के बीच फंसी महिला को सुरक्षित बचाया</title>
                                    <description><![CDATA[गंगोत्री धाम में स्नान के दौरान महाराष्ट्र की एक महिला फिसलकर भागीरथी नदी के तेज बहाव में बह गई और टापू पर फंस गई। सूचना मिलते ही SDRF और पुलिस टीम ने चुनौतीपूर्ण वाटर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। आरक्षी सहदेव राणा ने सूझबूझ से महिला को कंधे पर लादकर नदी पार कराई और सुरक्षित बाहर निकाला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/serious-accident-in-gangotri-dham-bold-rescue-operation-of-sdrf/article-154126"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bhagirathi.png" alt=""></a><br /><p>उत्तरकाशी। उत्तराखंड में उत्तरकाशी के गंगोत्री धाम में रविवार को स्नान के दौरान एक महिला अचानक फिसलकर भागीरथी नदी के तेज बहाव में बह गई और नदी के बीच बने एक टापू पर फंस गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस पोस्ट गंगोत्री की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और त्वरित वाटर रेस्क्यू अभियान शुरू किया।</p>
<p>रेस्क्यू अभियान के दौरान तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच आरक्षी सहदेव राणा ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए स्वयं नदी के बीच टापू तक पहुंचकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्होंने महिला को अपने कंधों के सहारे नदी पार कर सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। अभियान में मुख्य आरक्षी वीरेंद्र पंवार एवं पैरामेडिक्स अभिषेक व्यास ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए टीम को पूरा सहयोग प्रदान किया। बचायी गई महिला की पहचान वैशाली प्रकाश (लगभग 40 वर्ष) निवासी अकोला, महाराष्ट्र के रूप में हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 13:38:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>उत्तराखंड में तबाही का मंजर: खराब मौसम के चलते 48 घंटे में चार श्रद्धालुओं सहित 400 से ज्यादा मवेशियों की मौत, जनजीवन अस्त-व्यस्त</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड में मौसम की मार से चार तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और बिजली गिरने से 413 भेड़-बकरियों की जान चली गई। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में स्वास्थ्य बिगड़ने से श्रद्धालुओं ने दम तोड़ा। प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है और प्रभावित परिवारों को सहायता पहुँचाने के साथ तीर्थयात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/scene-of-devastation-in-uttarakhand-due-to-bad-weather-more/article-152883"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/uttrakhand.png" alt=""></a><br /><p>देहरादून। उत्तराखंड में पिछले 48 घंटों में खराब मौसम के कारण केदारनाथ और बदरीनाथ की यात्रा पर आए चार यात्रियों की अस्वस्थता के कारण मृत्यु हो गई। जबकि चमोली जिले में बिजली गिरने से 413 भेड़-बकरियों की मौत होने के अलावा, अनेक घरों को नुकसान पहुंचा है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से बुधवार को मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, रुद्रप्रयाग जिले में 04 मई को पश्चिम बंगाल से सौमित्रा दुबे  श्री केदारनाथ जी के दर्शन को आये थे। जिन्हें सोनप्रयाग पुलिस थाने के समीप अचानक सांस लेने में तकलीफ होने पर एमआरपी सोनप्रयाग लाया गया जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु होने की सूचना है। </p>
<p>चमोली जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र से प्राप्त सूचना के अनुसार, मंगलवार को उत्तर प्रदेश की पुष्पा देवी पत्नी लक्ष्मण रोनियाल की श्री बद्रीनाथ मंदिर के समीप स्वास्थ्य खराब होने के कारण मृत्यु हो गई। इससे पहले सोमवार को महाराष्ट्र निवासी मक्खन लाल पुत्र जगननाथ कोठारी की श्री बदरीनाथ धाम में बस स्टैण्ड के समीप स्वास्थ्य खराब होने के कारण मृत्यु हुई। इसके अलावा, उसी दिन सात 8:40 बजे महाराष्ट्र के ही सुरेश मल्होत्रम पुत्र हरिदास की भी श्री बदरीनाथ धाम में मंदिर के समीप स्वास्थ्य खराब होने के कारण मृत्यु हुई है।</p>
<p>खराब मौसम के कारण इंटरनेट आपूर्ति भंग होने के कारण देर से मिली सूचनाओं के अनुसार, सोमवार को ही रात्रि लगभग 8:00 बजे तहसील चमोली के अन्तर्गत स्थान ग्राम गौणा की सीमान्तर्गत भनाली के समीप अतिवृष्टि एवं बिजली गिरने के कारण कुल 413 भेड़-बकरियों की मृत्यु हो गई। प्रभावित परिवारों की कुल संख्या 30 है। साथ ही एक व्यक्ति त्रिलोक सिंह पुत्र इन्द्र सिंह, निवासी ग्राम दुर्मी राजस्व उप निरीक्षक क्षेत्र गौणा की उक्त घटना में घायल होने की सूचना प्राप्त हुई है। जिन्हें उपचार को जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में भर्ती किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 15:39:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी ने दी कर्नाटक को बड़ी सौगात : आदिचुनचनगिरि में नए तीर्थस्थल का किया उद्घाटन, दिवंगत संत श्री बालगंगाधरनाथ स्वामीजी को है समर्पित </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक के मांड्या में ऐतिहासिक आदिचुनचनगिरि मठ परिसर में नवनिर्मित मंदिर का उद्घाटन किया। यह तीर्थस्थल संत बालगंगाधरनाथ स्वामीजी की विरासत और नाथ परंपरा को समर्पित है। शिक्षा और समाज सेवा के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध यह मठ अब दक्षिण भारत में सांस्कृतिक पर्यटन का प्रमुख स्तंभ बनेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-gave-a-big-gift-to-karnataka-inaugurated-a/article-150496"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi-ji.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक के मांड्या जिले के आदिचुनचनगिरि ऐतिहासिक मठ परिसर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन किया। यह तीर्थस्थल दिवंगत संत श्री बालगंगाधरनाथ स्वामीजी को समर्पित है जो एक स्मारक होने के साथ-साथ उस विरासत को दर्शाता है जो दशकों से आदिचुनचनगिरि मठ द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में चलाई जा रही है। अनेक भक्तों के लिए, यह मात्र पत्थर और अनुष्ठानों से बनी एक संरचना नहीं है बल्कि उस दर्शन की पुष्टि है जिसने संस्था की सीमाओं से परे भी कई लोगों के जीवन को आकार दिया है।</p>
<p>यह उद्घाटन समारोह शैव धर्म की नाथ परंपरा से मठ के सदियों पुराने जुड़ाव की पृष्ठभूमि में आयोजित किया गया जहां गुरु-शिष्य परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही आध्यात्मिक साधना को जोड़ने वाला केंद्रीय सूत्र बनी हुई है। इस दृष्टिकोण के साथ नया मंदिर किसी अतिरिक्त निर्माण की तरह नहीं बल्कि एक निरंतर चली आ रही परंपरा का विस्तार लगता है। जैसे-जैसे अनुष्ठान संपन्न होते गए और पहाड़ी परिसर में मंत्रोच्चार गूंजते गए, वातावरण में भक्ति एवं समारोह का एक परिचित मिश्रण झलकने लगा। श्रद्धालु आज सुबह से ही इकट्ठा होने लगे थे और उस स्थान के धार्मिक अनुष्ठानों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति से जीवंत होने का इंतजार कर रहे थे।</p>
<p>आदिचुनचनगिरि मठ न केवल अपने आध्यात्मिक महत्व के लिए बल्कि जैव विविधता से भरपूर पहाड़ी श्रृंखलाओं के बीच स्थित अपने पारिस्थितिक परिवेश के लिए भी जाना जाता है। यह एक अद्वितीय स्थान रखता है जहां आस्था, परंपरा और सार्वजनिक सेवा का संगम होता है। नए तीर्थस्थल के उद्घाटन के साथ, मठ में तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है जिससे दक्षिणी कर्नाटक में एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में इसकी भूमिका और मजबूत होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:08:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईद-उल-फितर पर दरगाह का जन्नती दरवाजा दोपहर में बंद, शहरभर में अदा हुई शांतिपूर्ण नमाज</title>
                                    <description><![CDATA[ईद-उल-फितर के मौके पर आज दरगाह शरीफ का जन्नती दरवाजा दोपहर तक खुला रहा, जिसके बाद इसे बंद कर दिया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में जायरीन दरगाह पहुंचे और जन्नती दरवाजे से होकर जियारत की। इसके बाद लोगों ने ईद की नमाज अदा की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/jannati-darwaza-of-dargah-closed-in-the-afternoon-on-eid-ul-fitr/article-147383"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/scaled_1000682565.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर। ईद उल फितर होने के कारण आज खुला दरगाह का जन्नती दरवाजा दोपहर में बंद हो गया अधिकांश लोगों ने जन्नती दरवाजे से प्रवेश कर जियारत की और इसके बाद ईद की नमाज अदा की आज दरगाह की शाहजहां ने और संदली मस्जिद सहित ईदगाह और शहर की अनेक मस्जिदों में शांतिपूर्वक ईद की नमाज हुई है लोगों ने एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 18:45:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आईआरसीटीसी ने पूर्वी भारत के लिए लॉन्च किया दिव्य पूर्वी मंदिर यात्रा रेल आधारित पर्यटन सर्किट: वाराणसी, कोलकाता, गंगासागर, पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क, चिलिका और बैद्यनाथ धाम ज्योतिर्लिग होंगे कवर</title>
                                    <description><![CDATA[आईआरसीटीसी ने श्रद्धालुओं के लिए दिव्य पूर्वी मंदिर यात्रा रेल सर्किट लॉन्च किया। भारत गौरव डीलक्स ट्रेन 9 मार्च को दिल्ली से रवाना होकर प्रमुख तीर्थों के दर्शन कराएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/irctc-launches-divya-purvi-temple-yatra-rail-based-tourism-circuit/article-142305"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(2)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम लिमिटेड (आईआरसीटीसी) धार्मिक शृंद्धालुओं की सुविधा के लिए भारत के पूर्वी भाग के लिए दिव्य पूर्वी मंदिर यात्रा नामक एक नया रेल आधारित पर्यटन सर्किट लॉन्च किया है। इसके तहत वाराणसी, कोलकाता, गंगासागर, पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क, चिलिका और बैद्यनाथ धाम ज्योतिर्लिंग  के अलावा प्रमुख धरोहर स्थल, मंदिर और समुद्रतट साथ ही गंगासागर की यात्रा कराई जाएगी। इसके लिए भारत गौरव डीलक्स पर्यटक ट्रेन 9 मार्च को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से रवाना होगी।</p>
<p>नया पर्यटन सर्किट किया शुरू: आईआरसीटीसी ने अपनी भारत गौरव डीलक्स पर्यटक ट्रेन पर दिव्य पूर्वी मंदिर यात्रा नामक एक नया पर्यटन सर्किट शुरू किया है। इसमें 10 दिवसीय रेलयात्रा श्रद्धालुओं और यात्रियों को उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के कुछ सबसे तीर्थ स्थलों और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध विरासत स्थलों के दर्शन का अनूठा अवसर प्रदान करती है। यह यात्रा दिल्ली के सफदरजंग से शुरू होगी और वाराणसी, कोलकाता, गंगासागर, पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क, चिलिका और बैद्यनाथ धाम होते हुए दिल्ली वापस लौटेगी। यात्रा के प्रमुख स्थलों में वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर ज्योतिर्लिंग और गंगा आरती शामिल हैं। </p>
<p>कोलकाता-ओडिशा की यात्रा में कई प्रमुख स्थल शामिल: इसके बाद भारत की सांस्कृतिक राजधानी कोलकाता की यात्रा होगी, जिसमें विक्टोरिया मेमोरियल और अन्य शहर के आकर्षण तथा काली घाट (शक्ति पीठ) और दक्षिणेश्वर काली मंदिर जैसे महत्वपूर्ण मंदिर शामिल हैं। गंगासागर के पवित्र तटों की एक दिवसीय यात्रा, जिसमें संगम में स्नान और कपिल मुनि मंदिर के दर्शन मुख्य आकर्षण है। </p>
<p>यह यात्रा पुरी तक जारी रहेगी, जहां श्री जगन्नाथ मंदिर के दर्शन के साथ-साथ भुवनेश्वर, धौली शांति स्तूप, उदयगिरि और खंडगिरि गुफाएं, कोणार्क सूर्य मंदिर और अन्य दर्शनीय स्थलों सहित ओडिशा के व्यापक पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने का अवसर मिलेगा। यात्रा का अंतिम आध्यात्मिक गंतव्य भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक बैद्यनाथ धाम (देवघर) है, जहां से 18 मार्च को दिल्ली के सफदरजंग लौटकर यात्रा का समापन होगा।</p>
<p><strong>ट्रेन में ये मिल रही सुविधाएं</strong></p>
<p>भारत गौरव डीलक्स टूरिस्ट ट्रेन में फर्स्ट एसी, सैंकंड एसी व थर्ड एसी श्रेणी के सुसज्जित केबिन, स्वच्छ शाकाहारी भोजन परोसने वाले ऑनबोर्ड रेस्तरां, उन्नत सुरक्षा व्यवस्था और समर्पित टूर मैनेजर सहित आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। इस ट्रेन में फर्स्ट एसी का किराया 1,06,940 रुपए प्रति व्यक्ति, सैकंड एसी के लिए 98,925 रुपए और थर्ड एसी श्रेणी के लिए 79,285 रुपए प्रति व्यक्ति लिया जाएगा। पैकेज की कीमत में एसी श्रेणी में ट्रेन यात्रा, एसी होटलों में आवास, सभी भोजन (केवल शाकाहारी), एसी वाहनों में सभी परिवहन और दर्शनीय स्थल यात्रा बीमा और आईआरसीटीसी टूर मैनेजरों की सेवाएं आदि शामिल हैं। डिवाइन ईस्ट टेंपल टूर के लिए बुकिंग आईआरसीटीसी के पर्यटन पोर्टल और देश भर में अधिकृत आईआरसीटीसी पर्यटन कार्यालयों के माध्यम से कराए जा सकेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Feb 2026 10:02:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बसंत पंचमी पर हुई चारधाम यात्रा को लेकर बड़ी घोषणा, 23 अप्रैल को खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट </title>
                                    <description><![CDATA[वसंत पंचमी पर घोषणा हुई कि बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल सुबह 6:15 बजे ब्रह्म मुहूर्त में खुलेंगे; गाडू घड़ा यात्रा सात अप्रैल से शुरू होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-announcement-regarding-chardham-yatra-on-basant-panchami-doors-of/article-140623"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(12).png" alt=""></a><br /><p>देहरादून। भगवान विष्णु अर्थात बदरीनाथ धाम के कपाट आगामी ग्रीष्मकालीन यात्रा के लिए 23 अप्रैल को विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। शुक्रवार को वसंत पंचमी के अवसर पर धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित की गई। इससे पहले गुरुवार को डिम्मर से डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के सदस्य गाडू घड़ा के साथ ऋषिकेश के लिए रवाना हुए। आज सुबह पुजारी गाडू घड़ा लेकर नरेंद्रनगर राज दरबार पहुंचे। यहां परंपरागत तरीके से भगवान बदरी विशाल धाम कपाटोद्घाटन की तिथि घोषित की गई। </p>
<p>जिसके अनुसार भगवान बदरी विशाल के कपाट आगामी 23 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त में 6:15 बजे खोले जाएंगे। जबकि गाडू घड़ा यात्रा सात अप्रैल को आरंभ होगी। इसका निर्णय परंपरा अनुसार टिहरी गढ़वाल जनपद के नरेंद्र नगर स्थित राजदरबार में महाराजा मनुजेंद्र शाह ने पंचांग पूजा के बाद भगवान बदरी विशाल के कपाट खुलने, भगवान के महाभिषेक में प्रयुक्त होने वाले तिलों के तेल को पिरोने और गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा की तिथि घोषित की।</p>
<p>राजदरबार में आयोजित धार्मिक समारोह के दौरान महाराजा मनु जयेंद्र शाह ने स्वयं कपाट खुलने की तिथि की घोषणा की। राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल ने महाराजा की जन्मकुंडली, ग्रह-नक्षत्र और शुभ योगों का सूक्ष्म अध्ययन कर बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को सुबह सवा छह बजे शुभ मुहूर्त में खोलने की तिथि निर्धारित की। परंपरा अनुसार पंचांग पाठ, वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष अनुष्ठानों के बाद यह घोषणा की गई।</p>
<p>इस ऐतिहासिक अवसर पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति, तीर्थ पुरोहित, डिमरी समाज के प्रतिनिधि तथा अनेक धार्मिक गणमान्यजन उपस्थित रहे। राजदरबार में जैसे ही तिथि की घोषणा हुई, पूरा वातावरण जय बद्री विशाल के उद्घोष से गूंज उठा । उल्लेखनीय है कि, गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के कपाट अक्षय तृतीया पर खुलते हैं। आगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीय है। इसलिए उस दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे। इसका मुहूर्त बाद में तय किया जाएगा। जबकि केदारनाथ मंदिर के कपाट खोलने की तिथि शिवरात्रि के दिन तय होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 16:32:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>हरिद्धार: कड़ाके की ठंड के बावजूद मौनी अमावस्या पर हर की पैड़ी में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम</title>
                                    <description><![CDATA[हरिद्वार में मौनी अमावस्या पर कड़ाके की ठंड के बीच लाखों श्रद्धालुओं ने हर की पैड़ी पर पावन स्नान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/despite-the-harsh-cold-of-haridhar-a-large-number-of/article-139997"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/mauni-amavasya-2025-10.webp" alt=""></a><br /><p>हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्धार में रविवार को मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर हर की पैड़ी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कड़ाके की ठंड के बावजूद भक्तों की आस्था मौसम पर भारी पड़ती नजर आई। प्रात:काल से ही गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं का निरंतर आगमन बना रहा।</p>
<p>वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, हरिद्वार के निर्देशन में हरिद्वार पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए गए। पुलिस बल द्वारा श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से गंगा स्नान कराया गया तथा उन्हें सकुशल उनके गंतव्य स्थान की ओर रवाना किया गया। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस बल पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रहा, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।</p>
<p>हरिद्वार पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jan 2026 17:15:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>हज यात्रा करने वाले समय से करा लें बुकिंग : निजी ऑपरेटरों के जरिए जाने वालों से किया अनुरोध, रिजिजू ने कहा- आखिरी समय की भागदौड़ से बच सकते है</title>
                                    <description><![CDATA[रिजिजू ने स्पष्ट किया कि बुकिंग पूरी कर ली जाती है, तो आखिरी समय की भागदौड़ और परेशानियों से बचा जा सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/those-going-for-haj-pilgrimage-should-book-on-time/article-135903"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/kiren-rijuju.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने निजी ऑपरेटरों के माध्यम से हज करने वाले हज यात्रियों से अनुरोध किया है कि वह जल्दी आवेदन करें और केवल अधिकृत हज ग्रुप आयोजकों और प्राइवेट टूर ऑपरेटरों को ही चुनें। </p>
<p>रिजिजू ने स्पष्ट किया कि बुकिंग पूरी कर ली जाती है, तो आखिरी समय की भागदौड़ और परेशानियों से बचा जा सकता है। इससे हज की पवित्र यात्रा के लिए रहने, आने-जाने और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं समय पर और बेहतर तरीके से सुनिश्चित हो सकेंगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Dec 2025 14:25:46 +0530</pubDate>
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                <title>वैश्विक तीर्थस्थल बनेगा सबरीमाला : बन रहे एयरपोर्ट और रोपवे, विकास के लिए अन्य परियोजनाएं भी होंगी शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[ मुख्यमंत्री ने कहा कि सन्निधानम, पंबा और अयप्पा मंदिर तक जाने वाले पैदल मार्ग के विकास पर विभिन्न चरणों में कुल 1033.62 करोड़ रुपए खर्च किए जायेंगे, ये सभी परियोजनाएं 2039 तक पूरी होने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/global-pilgrimage-will-become-the-sabarimala-other-projects-for-ropeway/article-127478"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/6622-copy32.jpg" alt=""></a><br /><p>पम्बा। सबरीमाला देवस्थानम के विकास पर त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) एक हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी। ग्लोबल अयप्पा संगम के 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने घोषणा की कि सबरीमाला के विकास के लिए अधिक की परियोजनाएं लागू की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम तीर्थयात्रा का अनुभव मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सन्निधानम, पंबा और अयप्पा मंदिर तक जाने वाले पैदल मार्ग के विकास पर विभिन्न चरणों में कुल 1033.62 करोड़ रुपए खर्च किए जायेंगे, ये सभी परियोजनाएं 2039 तक पूरी होने की उम्मीद है।</p>
<p>विजयन ने बताया कि सबरीमाला को वैश्विक तीर्थस्थल के रूप में स्थापित करने के लिए वैज्ञानिक मास्टर प्लान तैयार किया गया है, जिसमें सबरी रेलवे, सबरीमला हवाईअड्डा, रोपवे और अन्य परियोजनाएं शामिल हैं। विजयन ने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाओं में सुधार के वास्ते 2025 से 2030 के बीच 300 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जाएंगे। त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के अध्यक्ष पी.एस. प्रशांत ने बताया कि इस कार्यक्रम में 15 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, साथ ही भारत के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु भी इसमें शामिल हुए जिनमें तमिलनाडु से लगभग 1,000 श्रद्धालुओं का सबसे बड़ा दल आया।  </p>
<p><br />विजयन ने कहा कि तीर्थयात्रा को भक्तों के लिए सहज बनाने और जरूरी हस्तक्षेपों की पहचान करने के लिए यह संगम आयोजित किया गया है। सीएम ने कहा कि सबरिमला जाति और धर्म से परे है, हरिवरासनम जैसे भजन का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि इसे नास्तिक देवराजन मास्टर ने लिखा और ईसाई गायक यसुदास ने गाया। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Sep 2025 11:57:10 +0530</pubDate>
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