<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/economic/tag-5936" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>economic - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/5936/rss</link>
                <description>economic RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सरकार की आर्थिक नीतियों से बढ़ रही असमानता : समाज का एक हिस्सा बहुत अमीर और दूसरा हो रहा गरीब, जयराम रमेश ने कहा- रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए संघर्षरत भारतीय</title>
                                    <description><![CDATA[ एक तरफ करोड़ों भारतीय रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ केवल 1687 लोगों के पास देश की आधी दौलत है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/increasing-inequality-from-governments-economic-policies-one-part/article-128800"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/jairam-rameshh.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसकी नीतियां केंद्रीयकरण पर आधारित हैं। इसलिए देश में आर्थिक असमानता तेजी से बढ़ रही है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश एक बयान में कहा कि देश की अर्थव्यवस्था का तेजी से केंद्रीयकरण हो रहा है, जिसके चलते समाज का एक हिस्सा बहुत अमीर तो दूसरा हिस्सा उतना ही गरीब होता जा रहा है। यह बात  भारत की अर्थव्यवस्था की हर रिपोर्ट कह रही है। ये हमें भारत में धन के व्यापक केंद्रीकरण के बारे में आगाह कर रही हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि एक तरफ करोड़ों भारतीय रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ केवल 1687 लोगों के पास देश की आधी दौलत है। मोदी सरकार-प्रेरित आर्थिक नीतियों के कारण धन का इतना बड़ा केंद्रीयकरण देश में विकट आर्थिक असमानता उत्पन्न कर रहा है। ये असमानता व्यापक सामाजिक असुरक्षा और असंतोष बढ़ा रही है। अन्य देशों में हाल की तारीखें गवाह हैं कि यही घनघोर आर्थिक असमानता और पंगु लोकतांत्रिक संस्थाएं राजनीतिक अराजकता करने में कैटलिस्ट बनी हैं। सरकार द्वारा भारत को भी उसी रास्ते पर धकेला जा रहा है।</p>
<p>रमेश ने कहा कि सत्ता के गठजोड़ से चंद उद्योगपति और अमीर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियां उनके चंद उद्योगपति मित्रों के फायदे के लिए ही केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़, एमएसएमई हमेशा रहा है लेकिन यह क्षेत्र अभूतपूर्व दबाव में है। यह दबाव केवल घरेलू नीतियों का ही नहीं, बल्कि विदेश नीति की असफलताओं का भी नतीजा है। आम लोगों के लिए कमाई के अवसर घटते जा रहे हैं और महंगाई लगातार इस कदर बढ़ रही है कि नौकरीपेशा लोगों की जेब में भी बचत की जगह कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। शिक्षा और स्वास्थ्य पर निवेश लगातार घट रहा है और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं कमजोर हो रही हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/increasing-inequality-from-governments-economic-policies-one-part/article-128800</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/increasing-inequality-from-governments-economic-policies-one-part/article-128800</guid>
                <pubDate>Sun, 05 Oct 2025 16:06:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-04/jairam-rameshh.jpg"                         length="348767"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मॉरिशस को भारत का आर्थिक पैकेज : मोदी ने की घोषणा, बंदरगाह और समुद्री संरक्षित क्षेत्र का होगा विकास</title>
                                    <description><![CDATA[परस्पर सहयोग बढाने की कई घोषणाएं भी की। साथ ही मॉरिशस के अनुरोध पर ढांचे की अनेक योजनाओं में सहायता की भी घोषणा की गयी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indias-economic-package-mauritius-announced-development-of-ports/article-126589"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/6622-copy8.jpg" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और मॉरीशस के बीच संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की, जिसमें भारत, मॉरिशस को निगरानी के लिए हेलिकॉप्टर, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बंदरगाह के पुनर्विकास में मदद और चागोस समुद्री संरक्षित क्षेत्र के विकास में सहायता करेगा। प्रधानमंत्री मोदी और भारत यात्रा पर आये मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम के बीच यहां बेहद सार्थक बातचीत के बाद संयुक्त वक्तव्य में मोदी ने इस पैकेज की घोषणा की। दोनों देशों ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कार्मिक प्रशिक्षण , विद्युत और जल विज्ञान सहित सात क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों पर भी हस्ताक्षर किये। इसके अलावा उन्होंने परस्पर सहयोग बढाने की कई घोषणाएं भी की। साथ ही मॉरिशस के अनुरोध पर ढांचे की अनेक योजनाओं में सहायता की भी घोषणा की गयी। </p>
<p>दोनों पक्षों ने सात क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों पर भी हस्ताक्षर किये हैं। इनमें भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और मॉरीशस के तृतीयक शिक्षा, विज्ञान एवं अनुसंधान मंत्रालय के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझोता ज्ञापन, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद - राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान और मॉरीशस समुद्र विज्ञान संस्थान के बीच समझौता ज्ञापन, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के अंतर्गत कर्मयोगी भारत और मॉरीशस सरकार के लोक सेवा एवं प्रशासनिक सुधार मंत्रालय के बीच समझौता ज्ञापन, विद्युत क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन, लघु विकास परियोजनाओं के दूसरे चरण के कार्यान्वयन के लिए भारतीय अनुदान सहायता के संबंध में समझौता ज्ञापन,  जल विज्ञान के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन का नवीनीकरण, उपग्रहों और प्रक्षेपण यानों के लिए टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और दूरसंचार स्टेशन की स्थापना तथा अंतरिक्ष अनुसंधान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन शामिल हैं। </p>
<p>साथ ही भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास और मॉरीशस विश्वविद्यालय, रेडुइट के बीच समझौता ज्ञापन और भारतीय वृक्षारोपण प्रबंधन संस्थान, बेंगलुरु तथा मॉरीशस विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन की भी घोषणा की गयी। इसके अलावा भारत ने टैमरिंड फॉल्स में 17.5 मेगावाट की फ्लोङ्क्षटग सोलर पीवी परियोजना स्थापित करने में भी सहयोग करेगा। इस संबंध में एक समझौते को अंतिम रूप देने के लिए राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम लिमिटेड की एक टीम शीघ्र ही मॉरीशस का दौरा करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/indias-economic-package-mauritius-announced-development-of-ports/article-126589</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/indias-economic-package-mauritius-announced-development-of-ports/article-126589</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Sep 2025 18:45:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/6622-copy8.jpg"                         length="128250"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश के आर्थिक हालात लगातार खराब हो रहे, अर्थव्यवस्था बढ़ाने के लिए समान अवसर जरूरी : राहुल, </title>
                                    <description><![CDATA[राहुल गांधी ने कहा कि भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट दो साल में सबसे नीचे 5.4 प्रतिशत पर आ गई है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-economic-condition-of-the-country-is-continuously-worsening-rahul/article-96409"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/rahul-gandhi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि देश के आर्थिक हालात लगातार खराब हो रहे हैं और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की दर दो साल में सबसे निचले स्तर पर आ गई है इसलिए सबको समान अवसर देकर अर्थव्यवस्था को बढ़ाने की जरूरत है। राहुल गांधी ने कहा कि भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट दो साल में सबसे नीचे 5.4 प्रतिशत पर आ गई है। बात साफ है भारतीय अर्थव्यवस्था तब तक तरक्की नहीं कर सकती जब तक इसका फायदा सिर्फ गिने-चुने अरबपतियों को मिल रहा हो और किसान, मज़दूर, मध्यमवर्ग और गरीब तरह-तरह की आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हों।</p>
<p><strong>खुदरा महंगाई 14 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची</strong><br />उन्होंने स्थिति को चिंताजनक बताया और कहा कि खुदरा महंगाई दर बढ़कर 14 महीने के उच्चतम स्तर 6.21 प्रतिशत पर पहुंच गई है। पिछले साल अक्टूबर की तुलना में इस वर्ष आलू और प्याज की कीमत लगभग 50 प्रतिशत बढ़ गई है। रुपया 84.50 के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है और बेरोजगारी पहले ही 45 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। पिछले पांच सालों में मज़दूरों, कर्मचारियों और छोटे व्यापारियों की आमदनी या तो हर गई है या काफी कम हो गई है। आमदनी कम होने से मांग में भी कमी आई है। दस लाख से कम कीमत वाले कारों की बिक्री में हिस्सेदारी घटकर 50 प्रतिशत से कम हो गई है, जो 2018-19 में 80 प्रतिशत थी।</p>
<p><strong>कॉरपोरेट टैक्स का हिस्सा 7% कम हुआ</strong><br />राहुल गांधी ने कहा कि सस्ते घरों की कुल बिक्री में हिस्सेदारी घटकर करीब 22 प्रतिशत रह गई है, जो पिछले साल 38 प्रतिशत थी। एफएमसीजी प्रोडक्ट्स की मांग पहले से ही कम होती जा रही है। कॉरपोरेट टैक्स का हिस्सा पिछले 10 सालों में सात प्रतिशत कम हुआ है जबकि इनकम टैक्स 11 प्रतिशत बढ़ा है। नोटबंदी और जीएसटी की मार से अर्थव्यवस्था में विनिर्माण का हिस्सा घटकर 50 वर्षों में सबसे कम सिर्फ 13 प्रतिशत रह गया है। उन्होंने कहा है कि जब वास्तविक हालात यह है तो ऐसे में नई नौकरियों के अवसर कैसे बनेंगे। इसीलिए भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक नई सोच चाहिए और बिज़नेसेस के लिए एक न्यू डील उसका अहम भाग है। सबको समान रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा तभी अर्थव्यवस्था का पहिया आगे बढ़ेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/the-economic-condition-of-the-country-is-continuously-worsening-rahul/article-96409</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/the-economic-condition-of-the-country-is-continuously-worsening-rahul/article-96409</guid>
                <pubDate>Mon, 02 Dec 2024 10:46:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-10/rahul-gandhi1.png"                         length="373666"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान को अब चीन से लगा बड़ा झटका </title>
                                    <description><![CDATA[ यही नहीं चीन की विभिन्न मांगों को भी पाकिस्तान ने अब पूरा करने का वादा किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pakistan-now-get-a-big-blow-to-china/article-58140"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/a-1.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। कंगाल हो चुके पाकिस्तान को अब चीन से बड़ा झटका लगा है। चीन ने अपनी खराब आर्थिक स्थिति के बीच चाइना-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर या सीपीईसी के और ज्यादा विस्तार को मंजूरी नहीं दी है। पाकिस्तान चाहता था कि चीन ऊर्जा, जल प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में सीपीईसी के जरिए निवेश करे लेकिन बीजिंग ने ऐसा करने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक चीन और पाकिस्तान दोनों ही इस समय आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और इसी वजह से सीपीईसी के और ज्यादा विस्तार पर चीन ने रोक लगा दी है। वहीं पाकिस्तान ने चीन के आगे घुटने टेकते हुए ग्वादर में कोयला आधारित बिजली संयंत्र लगाने की चीन की योजना का विरोध छोड़ दिया है। यही नहीं चीन की विभिन्न मांगों को भी पाकिस्तान ने अब पूरा करने का वादा किया है। सीपीईसी पर संयुक्त समिति की बैठक में चीन और पाकिस्तान के बीच मतभेद साफ देखे गए। इसकी वजह से आम सहमति बनने में एक साल की देरी हो गई। </p>
<p><strong>चीन के आगे पाक झुका, पॉवर प्लांट को मंजूरी</strong><br />चीन ने पीओके में सीमापार टूरिज्म के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। चीन ने जलवायु परिवर्तन पर भी पाकिस्तान प्रस्ताव को नकार दिया। चीन की बिजली कंपनियों का काफी पैसा पाकिस्तान पर बकाया है जो कंगाली की वजह से इसे चुका नहीं पा रहा है। चीन के दबाव के बाद अब पाकिस्तान ने ग्वादर में 300 मेगावाट के पॉवर प्लांट पर चीन को बड़ी रियायत दे दी है। पाकिस्तान चाहता था कि इस प्रॉजेक्ट को या तो रद कर दिया जाए या फिर बिजली घर को थार ले जाया जाए ताकि स्थानीय कोयले का इस्तेमाल किया जा सके। चीन इसके लिए तैयार नहीं हुआ और अब ग्वादर प्लांट को विदेश से कोयला मंगाकर चलाया जाएगा। पाकिस्तान को डर है कि दुनिया में कोयले की कीमतें बढ़ रही हैं जिससे यहां से पैदा होने वाली बिजली भविष्य में मंहगी होगी। ऐसे में पाकिस्तान के विदेशी मुद्राभंडार पर दबाव बनेगा। यही नहीं पाकिस्तान के ग्वादर में पर्यावरण पर भी इस प्लांट का असर पड़ेगा। चीन के तैयार नहीं होने की वजह से पाकिस्तान के पास इसे मानने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/pakistan-now-get-a-big-blow-to-china/article-58140</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/pakistan-now-get-a-big-blow-to-china/article-58140</guid>
                <pubDate>Wed, 27 Sep 2023 11:04:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-09/a-1.png"                         length="485396"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्रामीण आर्थिक संकट के दावों का पुनर्मूल्यांकन बेहद जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ एवं पटरी पर लाने के लिए बेहतर विकल्प ढूंढ़ना चाहिए, ताकि भारतीय अर्थव्यवस्था और तेज रफ्तार पकड़ सकें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/re-evaluation-of-claims-of-rural-economic-crisis-is-very-important/article-22620"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/p-6-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>विश्व में भारतीय अर्थव्यवस्था पूरी तेजी के साथ आर्थिक महाशक्ति के रुप में उभर रही है। ऐसे में भारतीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ एवं पटरी पर लाने के लिए बेहतर विकल्प ढूंढ़ना चाहिए, ताकि भारतीय अर्थव्यवस्था और तेज रफ्तार पकड़ सकें। महामारी शुरू होने के बाद से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में संकट के बारे में चर्चा हो रही है और इस सार्वजनिक चर्चा ने नीतिगत निर्णयों के साथ-साथ बुद्धिजीवियों के वर्गों को भी प्रभावित किया है, लेकिन बहुआयामी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को यथार्थवादी और तथ्यों के प्रति होने के लिए एक पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता है। स्व-नियोजन के हिस्से में वृद्धि हुई है और नियमित मजदूरी, वेतनभोगी और नैमित्तिक श्रमिकों के हिस्से में गिरावट आई है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत काम की मांग 2021 और 2022 के बड़े हिस्से में महामारी से पहले के स्तर से ऊपर बनी हुई है, जिसे आर्थिक संकट का संकेत माना जा रहा है। उपरोक्त तथ्य विरोधाभासी हैं और इस प्रकार इस बात के पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता है कि क्या ग्रामीण अर्थव्यवस्था सही अर्थों में दबाव में है। पीएलएफएस सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय  द्वारा किया जाने वाला एक वार्षिक सर्वेक्षण है।</p>
<p>केवल सीडब्ल्यूएस में शहरी क्षेत्रों के लिए तीन महीने के अल्पकालिक अंतराल में प्रमुख रोजगार और बेरोजगारी का अनुमान लगाना। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सामान्य स्थिति यूएस और सीडब्ल्यूएस दोनों में रोजगार और बेरोजगारी संकेतकों का अनुमान लगाना। सामान्य स्थिति यूएस इस दृष्टिकोण में, सर्वेक्षण यह पता लगाता है कि सर्वेक्षण से पहले 365 दिनों में किसी व्यक्ति को पर्याप्त दिनों के लिए नियोजित किया गया था या नहीं। वर्तमान साप्ताहिक स्थिति  (सीडब्ल्यूएस) इसमें, सर्वेक्षण यह पता लगाने की कोशिश करता है कि क्या सर्वेक्षण से पहले के सात दिनों में किसी व्यक्ति को पर्याप्त रूप से नियोजित किया गया था। कम एलएफपीआर का मतलब है कि कामकाजी उम्र में लोगों का अनुपात जो अर्थव्यवस्था में भाग लेना हैं, अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में काफी कम है। यद्यपि भारत में महिलाओं के लिए बेहद कम एलएफपीआर चिंता का विषय है। </p>
<p>मनरेगा गांव के निवासी परिवारों का अंतिम उपाय होने की तुलना में घरेलू संपत्ति सृजन और टिकाऊ आय सृजन के लिए एक स्मार्ट विकल्प बन गया है। व्यक्ति की भूमि पर किए गए कार्यों (जिसकी अनुमति दी गई है) का हिस्सा 201-15 में कुल पूर्ण कार्यों का 16 प्रति. से बढ़कर 2021-22 में 73 प्रति. हो गया है। इन कार्यों में पशु शेड, खेत तालाब, बागवानी वृक्षारोपण्, वर्मीकम्पोस्टिंग आदि घरेलू परिसंपत्तियों का निर्माण शामिल है। जिसमें लाभार्थी को मानक दरों के अनुसार श्रम और सामग्री लागत दोनों मिलती हैं। इस प्रकार मनरेगा का उपयोग करने वाले व्यक्तियों द्वारा सृजित परिसंपत्तियों का उत्पादकता और आय पर महत्वपूर्ण सकारात्मक प्रभाव देखा गया है। इंस्टीट्यूट आॅफ  इकोनॉमिक ग्रोथ, 2018 के एक अध्ययन से पता चलता है कि परिसंपत्ति सृजन के कारण 2021-22 में बिहार और यूपी जैसे राज्यों में अल्पकालिक पलायन 70-80 प्रति. तक कम हो गया है। कुल पूर्ण कार्यों में व्यक्तिगत भूमि पर कार्यों का मौद्रिक हिस्सा भी 2014-15 में लगभग 12 प्रति. से बढ़कर 2021-22 में 32 प्रति. हो गया है। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के अखिल भारतीय ग्रामीण वित्तीय समावेशन सर्वेक्षण के अनुसार सभी ग्रामीण परिवारों में से आधे से अधिक आय के एक से अधिक स्रोतों पर निर्भर हैं। सर्वेक्षण से पता चलता है कि कई परिवारों की आय एकल आय स्रोत पर निर्भर लोगों की तुलना में काफी अधिक है और मनरेगा के अपने निहितार्थ हैं। व्यक्तिगत भूमि पर मनरेगा के माध्यम से सृजित परिसंपत्तियां इसलिए आय विविधिकरण में सहायता कर सकती हैं, परिवारों की पूरक आय को बढ़ा सकती हैं, और ग्रामीण आजीविका में लचीलापन ला सकती हैं। </p>
<p>इससे आकस्मिक श्रम में गिरावट आई होगी और पीएलएफएस डेटा में स्व-रोजगार में वृद्धि देखी गई होगी। कृषि क्षेत्र, जो लगभग 60 प्रति. ग्रामीण कार्य बल को रोजगार देता है, ने अनुकूल मानसून की सहायता से कोविड के बावजूद मजबूत वृद्धि दर्ज की है। यह महामारी की अवधि के दौरान कृषि के लिए व्यापार के उच्च संदर्भ में स्पष्ट है और उच्च घरेलू ट्रैक्टर बिक्री में प्रकट हुआ है। पीएम-किसान, जो अब तीन-ए के लिए चालू है, ने 2021-22 में लगभग 120 मिलियन किसान परिवारों को लाभान्वित किया है। जो ग्रामीण आबादी के आधे से अधिक है। गैर-कृषि परिवारों के लिए जो भोजन के शुद्ध खरीदार हैं, उनके लिए पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना लाई गई है। एनएफएचएस पूरे भारत में घरों के प्रतिनिधि नमूने में आयोजित एक बड़े पैमाने पर बहु-दौर सर्वेक्षण है। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन साइंसेज (आईआईपीएस) मुंबई, नोडल एजेंसी के रूप में इसे लागू करने के लिए कई क्षेत्रीय संगठनों के साथ सहयोग करता है। </p>
<p><strong>- समराज चौहान</strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/re-evaluation-of-claims-of-rural-economic-crisis-is-very-important/article-22620</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/opinion/re-evaluation-of-claims-of-rural-economic-crisis-is-very-important/article-22620</guid>
                <pubDate>Tue, 13 Sep 2022 11:05:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-09/p-6-copy.jpg"                         length="90036"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीलंका में आर्थिक संकंट के कारण स्कूल बंद, 10 दिनों का ही शेष बचा ईंधन</title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबो। श्रीलंका ने घोर आर्थिक एवं  ईंधन संकट के  कारण सभी स्कूलों को बंद करने की घोषणा की और मंगलवार से दो सप्ताह के लिए स्वास्थ्य, ट्रेनों और बसों जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए ही ईंधन की आपूर्ति की अनुमति दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/schools-closed-due-to-economic-crisis-in-sri-lanka--only-ten-days-of-fuel-left/article-13164"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/school-closed.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलंबो। श्रीलंका ने घोर आर्थिक एवं  ईंधन संकट के  कारण सभी स्कूलों को बंद करने की घोषणा की और मंगलवार से दो सप्ताह के लिए स्वास्थ्य, ट्रेनों और बसों जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए ही ईंधन की आपूर्ति की अनुमति दी है। श्रीलंका पिछले कुछ महीनों से घोर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। यहां विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड निचले स्तर पर है जिससे यह देश भोजन, दवा और ईंधन के आवश्यक आयात के लिए भुगतान करने में असमर्थ है।<br /><br />रिपोर्ट के अनुसार, देश में ईंधन केवल 10 दिनों तक लिए शेष बचा है,जो नियमित मांग के आधार पर सिर्फ एक हफ्ते में ही खत्म हो जाएगा। सरकारी कैबिनेट के प्रवक्ता बंडुला गुनेवर्धने ने कहा कि देश में सिर्फ ट्रेनों और बसों, चिकित्सा सेवाओं और वाहनों को चलाने के लिए ईंधन की आपूर्ति की जाएगी। जो मंगलवार से 10 जुलाई तक भोजन का परिवहन करते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने ईंधन संकट के मद्देनजर  शहरी क्षेत्रों में स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया और सभी से घर से काम करने का आग्रह किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/schools-closed-due-to-economic-crisis-in-sri-lanka--only-ten-days-of-fuel-left/article-13164</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/schools-closed-due-to-economic-crisis-in-sri-lanka--only-ten-days-of-fuel-left/article-13164</guid>
                <pubDate>Tue, 28 Jun 2022 16:29:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/school-closed.jpg"                         length="28715"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यमन में आईईडी से कार में विस्फोट, पत्रकार की मौत, राहगीर घायल</title>
                                    <description><![CDATA[अदन | यमन के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र और बंदरगाह शहर अदन में  एक कार में विस्फोट होने की वजह से एक स्थानीय पत्रकार की मौत हो गई है। यह जानकारी एक सरकारी अधिकारी ने दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/car-explodes-with-ied-in-yemen-journalist-killed-pedestrians-injured/article-12325"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/yemeni-journalist.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">अदन।</span> <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">यमन के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र और बंदरगाह शहर अदन में बुधवार को एक कार में विस्फोट होने की वजह से एक स्थानीय पत्रकार की मौत हो गई है। एक सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी। नाम न जाहिर करने की शर्त पर एक स्थानीय सरकारी अधिकारी ने कहा</span>, ''<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">पत्रकार सबर नोमान अल-हैदरी जिस कार से जा रहे थे उसमें आईईडी फिट किया गया था। कार जब अदन के मंसूर से गुजर रही थी तब उसमें धमाका हो गया।</span> <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">अधिकारी ने कहा</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">रात को हुई इस घटना में पत्रकार की मौत सहित कुछ राहगीर भी घायल हुए हैं।''<span>     <br /></span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">पत्रकार सबर नोमान अल-हैदरी एक जापानी न्यूज आउटलेट के लिए काम करते थे। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें क्यों निशाना बनाया गया है। अधिकारी ने इस पर जांच होने की जानकारी दी है। अभी तक किसी भी आतंकवादी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">हालांकि इस युद्धग्रस्त अरब देश में हाल के दिनों में पत्रकारों को निशाना बनाए जाने की ऐसी कुछ घटनाएं सामने आई हैं। यमन साल </span>2014 <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">के अंत से गृह युद्ध की चपेट में है। देश के उत्तरी हिस्से के कुछ प्रांतों को हुती विद्रोहियों ने अपने कब्जे में ले लिया है और सऊदी समर्थित यमनी सरकार को भी जबरदस्ती राजधानी सना से बाहर कर दिया है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/car-explodes-with-ied-in-yemen-journalist-killed-pedestrians-injured/article-12325</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/car-explodes-with-ied-in-yemen-journalist-killed-pedestrians-injured/article-12325</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Jun 2022 13:29:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/yemeni-journalist.jpg"                         length="43536"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पिछले 8 साल में धीमा पड़ा आर्थिक विकास, आर्थिक नीतियों पर पुनर्विचार हो: चिदंबरम</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार को बढ़ती महंगाई को देखते हुए आर्थिक नीतियों पर फिर से विचार करने की जरूरत है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/udaipur-news--economic-growth-slowed-in-last-8-years--economic-policies-should-be-reconsidered--chidambaram/article-9734"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/nav.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने शनिवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की पिछले आठ वर्षों में धीमी आर्थिक विकास दर बड़ी चिंता का विषय है। मोदी सरकार आर्थिक नीतियों में पूरी तरह विफल साबित हुई है। केंद्र सरकार को बढ़ती महंगाई को देखते हुए आर्थिक नीतियों पर फिर से विचार करने की जरूरत है। उदयपुर में कांग्रेस चिंतन शिविर में पहुंचे चिदंबरम ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि उदारीकरण के 30 साल के बाद अब आर्थिक नीतियों को फिर से तय करने पर विचार किया जाए। वैश्विक और स्थानीय घटनाक्रमों के मद्देनजर यह जरूरी हो गया है। मेरी इस मांग का यह मतलब यह नहीं है कि कांग्रेस उदारीकरण से पीछे हट रही है, बल्कि उदारीकरण के बाद पार्टी आगे की ओर कदम बढ़ा रही है। आज भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति गंभीर चिंता का विषय है।</p>
<p><br />चिदंबरम ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद अर्थव्यवस्था की स्थिति में सुधार के दौरान कई तरह की कठिनाइयां रही है। पिछले पांच महीनों के दौरान समय समय पर ताजा विकास दर का आकलन कम किया जाता रहा है। आज महंगाई जिस स्तर पर पहुंच गई है, वह जनता को स्वीकार नहीं है, क्योंकि यह आगे भी और बढ़ने की आशंका है। गैर भाजपा शासित राज्यों से केंद्र सरकार भेदभाव पूर्ण रवैया कर रही है। राज्यों को उनका जीएसटी हिस्से का पैसा नहीं दिया जा रहा, जिससे गैर भाजपा शासित राज्यों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। केंद्र और राज्यों के बीच के राजकोषीय संबंधों की समग्र समीक्षा की जानी चाहिए। भारत सरकार कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी पर महंगाई का ठीकरा नहीं फोड़ सकती। किसान विरोधी केंद्र सरकार पर्याप्त गेहूं खरीदने में विफल रही है। आज देश में बेरोजगारी बहुत ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। रुपया और डॉलर की कीमत में आए अंतर पर चिदंबरम ने कहा कि मोदी सरकार 2014 में डॉलर के मुकाबले 40 रुपए लाने की बात करती थी लेकिन वह आज तक ऐसा नहीं कर पाए।</p>
<p>पूजा स्थल कानून- 1991 के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए: पी. चिदंबरम</p>
<p>कांग्रेस ने कहा है कि पूजा स्थल कानून- 1991 के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। बल्कि इसकी भावना को बनाए रखा जाना चाहिए। कानून का पालन सभी के हित में होगा। पूर्व केन्द्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने आज यहां एक सवाल के जवाब में कहा कि पूर्व पीएम नरसिंह राव सरकार के कार्यकाल में यह कानून बनाया गया था। ऐसे में देश के सभी पूजा स्थालों की साल 1947 के पूर्व की स्थिति में बनाए रखा जाना चाहिए। असल में, चिदंबरम से वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद एवं आगरा के ताजमहल में प्रस्तावित सर्वे को लेकर सवाल किया गया था। जिस पर चिदंबरम ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था और समाज में ध्रुवीकरण करने का कोई मेल नहीं है। ध्रुवीकरण हमेशा राजनीतिक मकसद से किया जाता है। ऐसे में पूजा स्थल कानून- 1991 की भावना का ख्याल जाना चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार के बदलाव की कोशिश नहीं होनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/udaipur-news--economic-growth-slowed-in-last-8-years--economic-policies-should-be-reconsidered--chidambaram/article-9734</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/udaipur-news--economic-growth-slowed-in-last-8-years--economic-policies-should-be-reconsidered--chidambaram/article-9734</guid>
                <pubDate>Sat, 14 May 2022 12:51:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/nav.jpg"                         length="35440"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीलंका में आर्थिक और ऊर्जा संकट के बीच बड़ी ख़बर, महिन्दा राजपक्षे ने प्रधानमंत्री पद से दिया इस्तीफा</title>
                                    <description><![CDATA[देश की विकट स्थिति के लिए राष्ट्रपति  गोतबाया राजपक्षे और उनके भाई महिन्दा राजपक्षे को जिम्मेदार ठहराते हुए  हजारों नागरिकों के सड़कों पर उतरने के बाद आज प्रधानमंत्री ने अपना पद छोड़ा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-news-amid-economic-and-energy-crisis-in-sri-lanka--mahinda-rajapaksa-resigns-as-prime-minister/article-9439"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/mahinda-rajapaksa.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलंबो। घनघोर आर्थिक और ऊर्जा संकट से जूझ रहे श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिन्दा राजपक्षे ने  सोमवार को आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राजपक्षे ने पहले अपना पद छोडऩे से इनकार कर दिया था। श्रीलंका के स्थानीय मीडिया ने यह खबर दी है।<br /><br />देश की विकट स्थिति के लिए राष्ट्रपति  गोतबाया राजपक्षे और उनके भाई महिन्दा राजपक्षे को जिम्मेदार ठहराते हुए  हजारों नागरिकों के सड़कों पर उतरने के बाद आज प्रधानमंत्री ने अपना पद छोड़ा।देश के हजारों  लोग राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों के खिलाफ सड़कों पर उतर आये हैं।  माना जा रहा है कि विपक्ष की अंतरिम सरकार बनाने की मांग के आगे झुकते हुए श्री राजपक्षे ने यह कदम उठाया है।</p>
<p><strong>श्रीलंका में घरेलू इस्तेमाल के लिए गैस की आपूर्ति बंद</strong><br />श्रीलंका की अग्रणी तरलीकृत पेट्रोलियम गैस आपूर्तिकर्ता लिट्रो गैस लंका लिमिटेड ने सोमवार को कहा कि वह नया स्टॉक आने तक घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति करने में असमर्थ है।लिट्रो गैस की अध्यक्ष विजेता हेराथ ने कहा कि फिलहाल केवल औद्योगिक गैस स्टॉक उपलब्ध हैं और कंपनी ने लोगों से कतार में इंतजार नहीं करने को कहा है।<br /><br /> हेराथ ने कहा कि उन्हें शुक्रवार और शनिवार को तरलीकृत पेट्रोलियम गैस आयात करने के लिए सोमवार को 70 लाख अमेरिकी डॉलर का भुगतान किये जाने की उम्मीद है। श्रीलंकाई लोग महीनों से गैस की गंभीर कमी का सामना कर रहे हैं और देश भर में गैस खरीदने के लिए लंबी कतारें देखी जा सकती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/big-news-amid-economic-and-energy-crisis-in-sri-lanka--mahinda-rajapaksa-resigns-as-prime-minister/article-9439</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/big-news-amid-economic-and-energy-crisis-in-sri-lanka--mahinda-rajapaksa-resigns-as-prime-minister/article-9439</guid>
                <pubDate>Mon, 09 May 2022 18:33:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/mahinda-rajapaksa.jpg"                         length="30641"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीलंका में आर्थिक संकट के बीच 36 घंटे कर्फ्यू में छूट,  केंद्रीय बैंक के गवर्नर का इस्तीफा</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार के सभी मंत्रियों ने अपना इस्तीफा दिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/relaxation-in-curfew-for-36-hours-amid-economic-crisis-in-sri-lanka--central-bank-governor-resigns/article-7345"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/2.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलंबो। श्रीलंका में गहराते राजनीतिक और आर्थिक संकट के बीच सरकार विरोधी प्रदर्शनों के परिप्रेक्ष्य में लागू 36 घंटे का कर्फ्यू सोमवार को हटा लिया गया। देश में आर्थिक कुप्रबंधन के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर शनिवार को आपातकाल लागू कर दी गयी है। वहीं 36 घंटे के कर्फ्यू के दौरान लोगों को किसी भी सार्वजनिक स्थान पर इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गयी।  लोगों ने हालांकि कफ्र्यू का उल्लंघन किया और सरकार के विरोध में सड़कों पर उतर आए। बहरहाल कर्फ्यू हटा लिया गया है लेकिन आपातकाल की स्थिति अभी लागू है।</p>
<p><strong>श्रीलंका में आर्थिक संकट गहराया , केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने दिया इस्तीफा</strong><br />श्रीलंका में गहराते राजनीतिक और आर्थिक संकट के बीच कोलंबो स्टॉक एक्सचेंज ने संवेदनशील स्टॉक के सूचकांक में 7.88 प्रतिशत की गिरावट के बाद दूसरी बार सोमवार को कारोबार बंद कर दिया। वहीं केंद्रीय बैंक के गवर्नर अजित निवार्ड काबराल ने अपना इस्तीफा दे दिया है।स्टैंडर्ड एंड पूअर्स का एसएल520 इंडेक्स आज 7.88 फीसदी और ऑल शेयर इंडेक्स में 4.65 फीसदी गिरावट आयी। काबराल ने ट्वीट  में कहा,'' कैबिनेट मंत्रियों के इस्तीफा देने के परिप्रेक्ष्य में  मैंने आज अपना इस्तीफा महामहिम राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को सौंप दिया है।''</p>
<p><strong>सरकार के सभी मंत्रियों ने अपना इस्तीफा दिया</strong><br />इससे पहले श्रीलंका सरकार के सभी मंत्रियों ने अपना इस्तीफा दे दिया है। शिक्षा मंत्री दिनेश गुणवर्धने ने रविवार की रात बताया कि कहा कि मंत्रियों की कैबिनेट ने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा दे दिया है।<br />मंत्री केहेलिया रामबुकवेल ने कहा है कि राष्ट्रपति विपक्ष को नए मंत्रिमंडल में आमंत्रित कर सकते हैं , हालांकि विपक्षी समागी जाना बालवेगया (एसजेबी) के अजित परेरा ने कहा कि कैबिनेट का इस्तीफा एक दिखावा है क्योंकि संविधान के तहत त्यागपत्र राष्ट्रपति को देना होता है। उन्होंने कहा कि जब तक ऐसा नहीं किया जायेगा , एसजेबी किसी भी सरकार में शामिल नहीं होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/relaxation-in-curfew-for-36-hours-amid-economic-crisis-in-sri-lanka--central-bank-governor-resigns/article-7345</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/relaxation-in-curfew-for-36-hours-amid-economic-crisis-in-sri-lanka--central-bank-governor-resigns/article-7345</guid>
                <pubDate>Mon, 04 Apr 2022 16:30:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/2.jpg"                         length="59516"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंडिया रेटिंग्स ने घटाया भारतीय आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान: जीडीपी वृद्धि के अनुमान को आठ से घटाकर 7.2 प्रतिशत </title>
                                    <description><![CDATA[पहली मान्यता के अनुसार 2022-23 में आर्थिक वृद्धि 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है जबकि दूसरी परिस्थिति में रेटिंग एजेंसी का अनुमान है कि देश की आर्थिक वृद्धि घटकर 7.0 प्रतिशत रह सकती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/india-ratings-slashes-indian-economic-growth-forecast--gdp-growth-forecast-has-been-reduced-from-eight-to-7-2-percent/article-7036"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/gdp.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। यूक्रेन संकट के कारण उत्पन्न समस्यायों के बीच क्रेडिट रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स ने अगले वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि के अपने अनुमान को घटाकर 7.0-7.2 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले मंगलवार को रेटिंग इजेंसी इकरा ने भारत के जीडीपी वृद्धि के अनुमान को आठ से घटाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया था। इंडिया रेटिंग्स ने दो तरह की परिस्थितियों को सामने रखकर अलग-अलग अनुमान लगाए हैं। <br /><br />इस एजेंसी की बुधवार को जारी रिपोर्ट में एक अनुमान तेल के दामों के तीन माह तक ऊंचा रहने और दूसरे में छह माह तक ऊंचा रहने की मान्यता के आधार पर है। पहली मान्यता के अनुसार 2022-23 में आर्थिक वृद्धि 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है जबकि दूसरी परिस्थिति में रेटिंग एजेंसी का अनुमान है कि देश की आर्थिक वृद्धि घटकर 7.0 प्रतिशत रह सकती है। एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन दोनों परिस्थितियों में भारत की अर्थव्यवस्था का आकार दीर्घकालीन प्रवृति की संभावनाओं की तुलना में क्रमश: 10.6 प्रतिशत और 10.8 प्रतिशत कम रहेगा। <br /><br />इंडिया रेटिंग के प्रधान अर्थशास्त्री और निदेशक (लोक वित्त) सुनील कुमार सिन्हा ने कहा कि निजी पूर्ण उपभोग व्यय (पीएफसीसी) के अनुसार वित्त वर्ष 2021-22 में उपभोग की मांग धीमी रही। यद्यपि वर्ष के दौरान त्योहारी सीजन में कुछ चुनिंदा टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं की मांग में तेजी देखी गयी। उन्होंने कहा,'' उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के उपभोक्ता आत्मविश्वास सर्वेक्षण के जनवरी 2022 के चक्र में वर्तमान स्थिति सूचकांक में हल्का सुधार दिखा, लेकिन अब भी यह निराशा के क्षेत्र में बना हुआ है। जनवरी 2022 में कोविड-19 के संक्रमण के फिर बढऩे से प्रत्याशा सूचकांक में भी नरमी आयी।'' </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/india-ratings-slashes-indian-economic-growth-forecast--gdp-growth-forecast-has-been-reduced-from-eight-to-7-2-percent/article-7036</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/india-ratings-slashes-indian-economic-growth-forecast--gdp-growth-forecast-has-been-reduced-from-eight-to-7-2-percent/article-7036</guid>
                <pubDate>Wed, 30 Mar 2022 18:42:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/gdp.jpg"                         length="26899"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> सहकारी बैंकों में गबन होगा आर्थिक अपराध की श्रेणी शामिल, सहकारी फसली ऋण वितरण के लक्ष्य को 23500 करोड़ रूपये करने के प्रयास </title>
                                    <description><![CDATA[पैक्स कम्प्यूटराईजेशन के पायलट प्रोजेक्ट की शुरूआत हनुमानगढ़ जिले की जाएगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A4%AC%E0%A4%A8-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A7-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A3%E0%A5%80-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2--%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AB%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%8B%E0%A4%A3-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A5%8B-23500-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A5%9C-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%AA%E0%A4%AF%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B8/article-3478"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/whatsapp-image-2021-12-23-at-16.34.01.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सहकारिता मंत्री  उदय लाल आंजना ने कहा कि राज्य के अधिक से अधिक  किसानों को सहकारी फसली ऋण के दायरे में लाने के लिए फसली ऋण का लक्ष्य 23 हजार 500 करोड रूपये  करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष फसली ऋण वितरण का लक्ष्य 16 हजार करोड से बढ़ाकर 18 हजार 500 करोड रूपये किया गया है, और अब तक 13 हजार 878 करोड रूपये का ऋण वितरित हो चुका है। उन्होंने निर्देश दिये कि 31 जनवरी, 2022 तक अधिकतम ऋण वितरण हो जाना चाहिए।<br /> <br /> आंजना गुरूवार को शासन सचिवालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कृषि उपज मण्डियो, आर.सी.डी.एफ एवं राजफैड की जमा पूंजी को सहकारी बैंको में जमा कराने के लिए उच्च स्तर पर निर्णय कराया जाएगा, ताकि बैंको में तरलता बढ सके तथा अधिक किसानों को ऋण वितरण भी हो सके। सहकारिता मंत्री ने पैक्स कम्प्यूटराईजेशन पर जोर देते हुए कहा कि सभी ग्राम सेवा सहकारी समितियों को एक ही सॉफ्टवेयर से जोड़कर प्रणाली में पारदर्शिता स्थापित की जा सके। उन्होंने कहा कि पैक्स कम्प्यूटराईजेशन के पायलट प्रोजेक्ट की शुरूआत हनुमानगढ़ जिले से की जाए।<br /> <br />सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारी बैंकों में की कार्यप्रणाली और सुचारू बनाने के लिए कार्मिकों की और भर्ती की जाए। उन्होंने जिन बैंकों में फसली ऋण वितरण की गति धीमी है उसमें तेजी लाने के निर्देश दिए।  आंजना ने कहा कि किसान बीमा से वंचित नहीं होना चाहिए, इसकी पुख्ता व्यवस्था की जाए तथा क्लेम का भुगतान समय पर हो, इसकी समीक्षा की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि गोदामों की प्रीकास्ट बनाई जाए ताकि सहकारी समितियों मे गोदामों का निर्माण एक ही प्रारूप हो सके, जिससे समितियों में बनने वाले गोदामों की गुणवत्ता एवं पहचान निर्धारित हो सके।<br /> <br />प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता दिनेश कुमार ने कहा कि सहकारी बैंकों में गबन एवं धोखाधड़ी के मामलों को आर्थिक अपराध की श्रेणी में लिया जाएगा। भरतपुर सहकारी बैंक में एफडी के तहत हुई गडबड़ी को एसओजी में जांच हेतु भिजवाया गया है। इस मामले की तफ्तीश में तेजी के लिए गृह विभाग को लिखा जाएगा। कुमार ने कहा कि मछली पालन करने वालो को भी केसीसी लोन दिया जाएगा ताकि ऐसे परिवारों की इस कार्य के लिए जरूरतें पूरी करे सके। उन्होंने निर्देश दिए कि नए किसानों को समय पर लोन वितरण किया जाए ताकि खेती किसानी में परेशानी ना हो। उन्होंने निर्देश दिए कि ऋण वितरण के ऑनलाइन पंजीयन के पोर्टल पर किसानों का भूमि विवरण को भी अपलोड किया जाए तथा कस्टम हायरिंग का कार्य करने वाली जीएसएस को ऐप पर जोड़ा जाए।<br /><br /></p>
<p>रजिस्ट्रार सहकारिता  मुक्तानंद अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन गांव के संग अभियान में 2 लाख नए किसानों  के लक्ष्य के विरूद्ध 2.57 लाख किसानों को फसली ऋण से जोड़ा गया है। 117 नई ग्राम सेवा सहकारी समितियों बनी है। जिससे करीब 1.75 लाख लोगों को जोड़ा है। डिफाल्टर किसानों को 224 करोड़ का ऋण वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता भंडारों से सरकारी विभागों द्वारा की जा रही खरीद की सीमा को आरटीपीपी एक्ट में संशोधन हेतु लिखा जाएगा। रजिस्ट्रार ने कस्टम हायरिंग सेन्टर एवं गोदाम निर्माण की प्रगति से भी अवगत कराया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A4%AC%E0%A4%A8-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A7-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A3%E0%A5%80-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2--%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AB%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%8B%E0%A4%A3-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A5%8B-23500-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A5%9C-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%AA%E0%A4%AF%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B8/article-3478</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A4%AC%E0%A4%A8-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A7-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A3%E0%A5%80-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2--%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AB%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%8B%E0%A4%A3-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A5%8B-23500-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A5%9C-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%AA%E0%A4%AF%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B8/article-3478</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Dec 2021 16:47:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-12/whatsapp-image-2021-12-23-at-16.34.01.jpeg"                         length="67888"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        