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                <title>data - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>BSNL का बंपर ऑफर: सिर्फ ₹1 में 30 दिनों तक रोजाना मिलेगा 2GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग</title>
                                    <description><![CDATA[BSNL ने ग्राहकों की भारी मांग पर अपने फ्रीडम प्लान की अवधि 31 मई 2026 तक बढ़ा दी है। इस विशेष ऑफर के तहत नए ग्राहकों को मात्र ₹1 के फर्स्ट रिचार्ज (FRC) पर 30 दिनों के लिए रोजाना 2GB डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और 100 SMS मिलेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/bsnls-bumper-offer-you-will-get-2gb-data-and-unlimited/article-154386"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/bsnl.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। BSNL ने ग्राहकों की बढ़ती मांग को देखते हुए अपने लोकप्रिय फ्रीडम प्लान की अवधि 31 मई 2026 तक बढ़ा दी है। कंपनी ने नए ग्राहकों के लिए इस विशेष ऑफर को दोबारा शुरू किया है, जिसके तहत मात्र 1 रुपए के एफआरसी (फर्स्ट रिचार्ज कूपन) पर 30 दिनों तक कई सुविधाएं मिलेंगी। बीएसएनएल राजस्थान परिमंडल के मुख्य महाप्रबंधक विक्रम मालवीय ने बताया कि ग्राहकों की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्लान में पहले की तरह ही प्रतिदिन 2GB डाटा, असीमित वॉइस कॉलिंग और 100 SMS प्रतिदिन की सुविधा दी जाएगी।</p>
<p>यह ऑफर विशेष रूप से नए ग्राहकों के लिए उपलब्ध रहेगा और 31 मई 2026 तक लागू होगा। उपभोक्ता इस सिम को अपने नजदीकी बीएसएनएल ग्राहक सेवा केंद्र, फ्रेंचाइजी अथवा अधिकृत रिटेलर से तत्काल प्राप्त कर सकते हैं। प्लान की प्रमुख विशेषताएं मात्र 1 रुपए का एफआरसी 30 दिनों की वैधता प्रतिदिन 2GB डाटा अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग प्रतिदिन 100 SMS सुविधा बीएसएनएल का यह ऑफर निजी टेलीकॉम कंपनियों के महंगे रिचार्ज प्लानों के बीच ग्राहकों को राहत देने वाला माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 19:01:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>डब्ल्यूएचओ का दावा: वैश्विक कोरोना मौतों का आंकड़ा आधिकारिक संख्या से तीन गुना अधिक, रिपोर्ट जारी  </title>
                                    <description><![CDATA[विश्व स्वास्थ्य संगठन की 'वर्ल्ड हेल्थ स्टैटिस्टिक्स 2026' रिपोर्ट के अनुसार, महामारी से वास्तविक मौतें 2.2 करोड़ के पार पहुंच गई हैं। यह सरकारी आंकड़ों से तीन गुना ज्यादा है। कम रिपोर्टिंग और स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवधान के कारण जीवन प्रत्याशा में हुई एक दशक की प्रगति भी समाप्त हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/who-claims-global-corona-death-toll-three-times-higher-than/article-153780"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/who.png" alt=""></a><br /><p>जिनेवा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि कोविड-19 महामारी से दुनिया भर में मौतों की वास्तविक संख्या 2.2 करोड़ से अधिक पहुंच गई है, जो आधिकारिक तौर पर दर्ज 70 लाख मौतों से करीब तीन गुना ज्यादा है। डब्ल्यूएचओ की बुधवार को जारी "वर्ल्ड हेल्थ स्टैटिस्टिक्स 2026" रिपोर्ट में कहा गया, "वर्ष 2020 से 2023 के बीच सभी कारणों से वैश्विक अतिरिक्त मौतों (एक्सेस डेथ्स) का अनुमान 2.21 करोड़ लगाया गया, जबकि कोविड-19 से आधिकारिक तौर पर 70 लाख मौतें दर्ज की गईं। </p>
<p>इसका मतलब है कि कोविड से दर्ज हर एक मौत के मुकाबले महामारी से जुड़ी लगभग दो अतिरिक्त मौतें हुईं।"संगठन के अनुसार, इसका मुख्य कारण कई देशों द्वारा मौतों की कम रिपोर्टिंग करना है। इसके अलावा, 2022 के बाद अनेक देशों ने बड़े पैमाने पर कोविड-19 जांच अभियान बंद कर दिये, जिससे वास्तविक आंकड़े सामने नहीं आ सके। रिपोर्ट में कहा गया, "यह निष्कर्ष न केवल वायरस से सीधे हुई मौतों की कम रिपोर्टिंग को दर्शाता है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवधान, आर्थिक चुनौतियों और अन्य सामाजिक कारणों से हुई अप्रत्यक्ष मौतों को भी उजागर करता है।"</p>
<p>डब्ल्यूएचओ ने यह भी कहा कि महामारी ने वैश्विक स्तर पर जीवन प्रत्याशा में एक दशक की प्रगति को खत्म कर दिया और विभिन्न क्षेत्रों में इसकी भरपाई अब भी असमान बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 14:11:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जनगणना-2027 में स्व-गणना के लिए सरकारी कर्मचारियों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में जनगणना-2027 के पहले चरण के लिए मुख्य सचिव ने सभी सरकारी कर्मचारियों को 15 मई तक स्व-गणना (Self-Enumeration) पूरी करने का निर्देश दिया है। राज्यपाल और मुख्यमंत्री की पहल के बाद अब प्रशासन की बारी है। वेब पोर्टल के माध्यम से सटीक आंकड़े जुटाना इस राष्ट्रीय मिशन की प्राथमिकता है, जिससे विकास की नई राह खुलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/instructions-to-ensure-100-participation-of-government-employees-for-self-enumeration/article-153068"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/v.-srinivass.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जनगणना-2027 के प्रथम चरण मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना के तहत राज्य के समस्त राजकीय अधिकारियों और कर्मचारियों की स्व-गणना में भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों और अधिकारियों से कहा है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को 15 मई 2026 से पूर्व स्व-गणना प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए प्रेरित करें और आवश्यक निर्देश जारी करें। जारी निर्देशों के अनुसार जनगणना-2027 का प्रथम चरण राजस्थान में 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा।</p>
<p>इससे पहले 1 मई से 15 मई 2026 तक निर्धारित वेब पोर्टल सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल⁠ पर स्व-गणना का विकल्प उपलब्ध रहेगा। पोर्टल के माध्यम से नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि 1 मई को महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं स्व-गणना कर प्रदेशवासियों के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में शत-प्रतिशत एवं सटीक आंकड़े सुनिश्चित करने के लिए सभी सरकारी कार्मिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 18:27:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पहली डिजिटल जनगणना आज से शुरू: ‘स्व-गणना’ की खिड़की खुली, प्रगणक को घर पर दिखानी होगी एसई आईडी</title>
                                    <description><![CDATA[देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना शुरू हो गई है। वाराणसी के नागरिक 21 मई तक पोर्टल पर जाकर अपनी 'स्व-गणना' कर सकते हैं। 33 सवालों के बाद प्राप्त 11 अंकों की SE ID भविष्य के सर्वे को आसान बनाएगी। यह प्रक्रिया विकास का आधार है, न कि नागरिकता का प्रमाण।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/first-digital-census-starts-from-today-self-enumeration-window-opened-enumerator/article-152984"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/jan-ga.png" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना-2027 गुरुवार से शुरु हो गयी। इसके पहले चरण के तहत ‘स्व-गणना’ की खिड़की खुल गई है, जो 21 मई तक चलेगी। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने जनपदवासियों से इस ऐतिहासिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है। नागपाल ने बताया कि केंद्र सरकार की इस पहल के तहत नागरिकों को पहली बार आधिकारिक पोर्टल (https:e.census.gov.in) पर जाकर स्वयं अपना और अपने परिवार का विवरण दर्ज करने की सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि नागरिक अपने मोबाइल नंबर और नाम के माध्यम से पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। ओटीपी सत्यापन के बाद उन्हें 33 सवालों की प्रश्नावली भरनी होगी। विवरण सफलतापूर्वक जमा होने पर एक 11 अंकों की ‘एसई आईडी’ प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य है।</p>
<p>नगर आयुक्त ने कहा कि ‘स्व-गणना’ करने वाले परिवारों को 22 मई से शुरू होने वाले जमीनी सर्वे के दौरान काफी सुविधा मिलेगी। जब प्रगणक घर पहुंचेंगे, तो उन्हें केवल अपनी एसई आईडी दिखानी होगी। यदि डेटा रिकॉर्ड से मेल खाता है, तो उसे तुरंत स्वीकार कर लिया जाएगा, जिससे समय की बचत होगी। नगर आयुक्त ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया सुरक्षित है और डेटा एन्क्रिप्शन के जरिए सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान आपसे किसी भी प्रकार की बैंक जानकारी या आधार संख्या जैसे दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे। प्रगणक के आने पर उनका आधिकारिक पहचान पत्र अवश्य देख लें। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया विकास योजनाओं की नींव तैयार करने का आधार है, न कि नागरिकता का प्रमाण।</p>
<p>(हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग) मई-जून 2026 में चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें जनसंख्या, साक्षरता, रोजगार और जातिगत डेटा जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाए जाएंगे। नगर निगम प्रशासन ने इस डिजिटल जनगणना को सफल बनाने के लिए प्रगणकों का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है और आम जनता से इस ‘जन अभियान’ में जुड़ने की अपील की है। नगर आयुक्त ने कहा, “वाराणसी को एक स्मार्ट और व्यवस्थित शहर बनाने के लिए सटीक डेटा अनिवार्य है। मेरा शहरवासियों से अनुरोध है कि सात से 21 मई के बीच पोर्टल पर जाकर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करें और डिजिटल इंडिया के इस महाकुंभ में सहभागी बनें।”</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 18:09:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>जिहाद के मुद्दे पर मोहन भागवत को दी गई ओवैसी की चुनौती की सरकार ने की कड़ी आलोचना, लापरवाह और संवेदनहीन दिया करार </title>
                                    <description><![CDATA[तेलंगाना भाजपा ने सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बयान को संवेदनहीन बताया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि ओवैसी डेटा की आड़ में 'संगठित गलत कामों' और धर्मांतरण जैसे गंभीर मुद्दों को नजरअंदाज कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/government-strongly-criticized-owaisis-challenge-to-mohan-bhagwat-on-the/article-138437"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/mohan-bhagwat.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई ने सोमवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन  (एआईएमआईएम) सांसद असदुद्दीन ओवैसी की कड़ी आलोचना करते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को 'जिहाद' के मुद्दे पर दी गई चुनौती को लापरवाह और संवेदनहीन करार दिया है। भाजपा ने आरोप लगाया कि सांसद असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणियां या तो जानबूझकर दिखाई गई अज्ञानता को दर्शाती हैं या फिर व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बहाने 'संगठित गलत कामों' को संरक्षण देने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास है।</p>
<p>एक बयान में भाजपा की राज्य इकाई के मुख्य प्रवक्ता एन वी सुभाष ने कहा, ओवैसी द्वारा इस मुद्दे को 'व्यक्तिगत पसंद' तक सीमित करने का प्रयास बौद्धिक रूप से बेईमानी और राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि जिहाद की अवधारणा, चाहे वह वैचारिक हो, मनोवैज्ञानिक हो या जबरदस्ती वाली हो, अच्छी तरह से दर्ज है। संघ प्रमुख की टिप्पणियों को राजनीतिक लाभ के लिए मरोडऩा जमीनी हकीकतों को नहीं बदलता है।</p>
<p>एन वी सुभाष ने ओवैसी द्वारा 'लव जिहाद' पर 'डेटा' मांगे जाने के संदर्भ में इसे शरारतपूर्ण और भ्रामक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालांकि, केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि 'लव जिहाद' शब्द के तहत कोई केंद्रीकृत डेटा मौजूद नहीं है, लेकिन कई राज्यों ने पीड़ितों और उनके परिवारों की शिकायतों के आधार पर गैर-कानूनी धार्मिक रूपांतरण कानूनों के तहत मामले दर्ज किए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तराखंड ने जांच के बाद ऐसे मामलों को स्वीकार किया है।</p>
<p>एन वी सुभाष ने टिप्पणी करते हुए कहा, सिर्फ इसलिए क्योंकि कोई केंद्रीय लेबल वाला डेटासेट नहीं है, ओवैसी का यह ढोंग करना कि यह मुद्दा मौजूद ही नहीं है, ठीक वैसा ही है जैसे भ्रष्टाचार से इनकार करना क्योंकि उस पर अलग-अलग कानूनों के तहत मुकदमा चलाया जाता है। सांसद असदुद्दीन ओवैसी की इस टिप्पणी पर कि मुस्लिम युवाओं को रोजगार की जरूरत है और आरएसएस उन्हें 'गुमराह' कर रहा है, भाजपा नेता ने कहा कि इस बयान से पाखंड झलकता है। उन्होंने झूठी पहचान, भावनात्मक हेरफेर और धर्मांतरण के दबाव के माध्यम से दूसरे धर्मों की लड़कियों को लुभाने के कथित संगठित प्रयासों की चुप्पी पर सवाल उठाया और पूछा कि क्या ये अलग-थलग घटनाएं थीं या राज्यों में दोहराया जाने वाला एक स्वरूप।</p>
<p>एन वी सुभाष ने कहा कि खोजी रिपोर्ट,'द केरला स्टोरी' जैसी फिल्मों और हालिया सार्वजनिक बहस ने सांसद असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेताओं को विचलित कर दिया है, क्योंकि ये असहज करने वाले मुद्दों को खुलकर सामने ला रहे हैं। भाजपा नेता एन वी सुभाष ने कहा कि आंकड़ों की बार-बार मांग करना और मुद्दे को खारिज करने का प्रयास सोची-समझी इनकार की रणनीति को दर्शाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के हथकंडे जबरन और धोखाधड़ी वाले धार्मिक धर्मांतरण से जुड़ी चिंताओं की गंभीरता को कम नहीं कर पाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 19:10:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>डिजिटल जालसाजों की तरह कार्य कर रही है दिल्ली सरकार, लोगों का ले रही निजी डाटा : सचदेवा</title>
                                    <description><![CDATA[रदेश सरकार बिना अधिसूचना के योजना लाकर जनता को खासकर महिलाओं को गुमराह कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/delhi-government-is-acting-digital-fraudsters-taking-personal-data/article-98649"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/6622-copy32.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने संजीवनी और महिला सम्मान योजना को लेकर दिल्ली सरकार पर तीखा प्रहार किया है और कहा है कि यह बेहद दुखद स्थिति है कि दिल्ली सरकार डिजिटल जालसाजों की तरह लोगों का निजी डाटा ले रही हैं, जिसका गलत इस्तेमाल सम्भव है। सचदेवा ने कहा कि यह बेहद दुखद स्थिति है कि दिल्ली सरकार बिल्कुल वह सब कर रही है, जो डिजिटल फ्राडस्टर करते हैं,  लोगों का निजी डाटा ले रही हैं, जिसका मिसयूज सम्भव है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बिना अधिसूचना के योजना लाकर जनता को खासकर महिलाओं को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार है कि मुख्यमंत्री और सत्ताधारी दल 10 साल की सत्ता के बाद झूठी योजनाएं लेकर घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता को गुमराह होने से बचाने के लिये अधिकारियों को अपना कर्तव्य निभाने तथा जनता को जागरूक करने के लिए 'सार्वजनिक चेतावनी जारी करनी पड़ी है। भाजपा नेता ने कहा कि वह मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना से कहना चाहते हैं कि वह संवैधानिक पद पर हैं, इसलिए स्पष्ट करें कि क्या दिल्ली सरकार की मंजूरी प्राप्त कोई कानूनी 'महिला सम्मान या 'संजीवनी योजना हैं। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Dec 2024 13:16:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>डिजिटलाइज्ड होगी पुरासम्पदा, चोरी हुए तो लगा सकेंगे पता</title>
                                    <description><![CDATA[पुरातत्व व सर्वेक्षण विभाग डिजिटल डाटा बेस करेगा तैयार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/ancient-property-will-be-digitized--if-stolen--you-can-find-it/article-95330"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/27rtrer-(2)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । भारतीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण विभाग अपने ऐतिहासिक संग्रहालयों सहित सभी पुरासम्पदा का डिजिटल डाटा बेस तैयार करेगा। इससे पुरासम्पदा के बारे में सम्पूर्ण जानकारी आॅनलाइन उपलब्ध हो सकेगी। इसके लिए केन्द्र सरकार ने एनएमएमए यानि राष्टÑीय स्मारक और पुरावशेष मिशन शुरू किया है। पहले चरण में विभाग के संग्रहालयों में संरक्षित पुरासंपदा का डिजिटल बेस कार्य किया जाएगा। इससे पहले पुरातत्व विभाग में आॅफलाइन रिकॉर्ड रखा जाता  था। अब पुरासम्पदा को डिजिटल करने की योजना बनाई गई है। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि विभाग के पास प्रत्येक पुरासम्पदा का डिजिटल डाटा एकत्र हो जाएगा। अगर कोई पुरासम्पदा गायब भी होगी तो विभाग पुलिस तक उसकी डिटेल रिपोर्ट भेज सकेगा। अभी पुलिस के पास डाटा नहीं होने से गायब पुरासम्पदा का पता लगाने में परेशानी होती है। अब आॅनलाइन डाटा होने से गायब पुरासम्पदा का पता लगाने में आसानी हो जाएगी।</p>
<p><strong>डिजिटल रिकॉर्ड के तीन बड़े फायदे</strong><br />देशभर के चिन्हित पुरावशेषों का डाटा विभागीय पोर्टल पर एकत्र हो जाएगा। उनकी आकृति, रंग रूप, भार और आकार का डाटा पोर्टल पर सिर्फ एक क्लिक में उपलब्ध हो सकेगा। अभी वे फोटोग्राफ्स के आधार पर पुस्तकों में दर्ज है। वहीं अगर कोई पुरासम्पदा चोरी होती है तो विभाग पुलिस और इंटरपोल को विस्तृत डिटेल में धरोहर की जानकारी दे सकेगा, ताकि उस ऐतिहासिक धरोहर को ट्रेक किया जा सके। पोर्टल पर सभी पुरासम्पदा का डाटा एकत्र होने के बाद स्कॉलर्स को बड़ा फायदा मिल सकेगा। इससे उनको शोध करने के कार्य में आसानी होगी।</p>
<p><strong>इतिहासकारों और शोधार्थियों को मिलेगा लाभ</strong><br />भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की राष्टÑीय मिशन की गाइड लाइन के अनुसार स्मारकों, संग्रहालयों आदि में सहेजे गए  पुरासम्पदा का डिजिटल रिकार्ड एक साथ तैयार होगा। हजारों की संख्या में पुरासम्पदा का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने के बाद वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। यह डाटा शोधार्थियों और इतिहासकारों के लिए काफी काम आएगा। वहीं देश विदेश के विद्यार्थियों को हमारी विरासत से रूबरू होने का मौका प्रदान करेगा। इस मिशन का उद्देश्य शोधार्थियों और विद्यार्थियों तक भारत की ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में जानकारी पहुंचाना है। </p>
<p><strong>हर पुरासम्पदा का होगा यूनिक नम्बर</strong><br />भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा देश की हर साइट पर यह कार्य किया  जाना प्रस्तावित किया गया है। इसमें पुरासम्पदा की लम्बाई,चौड़ाई और ऊंचाई का माप किया जाएगा। इसके बाद 360 डिग्री कोण से उसकी 3 डी फोटो तैयार की जाएगी। फोटो में यह भी ध्यान रखा जाएगा कि उसका रंग रूप वास्तविकता से अलग न दिखाई दे। इसके लिए विभाग द्वारा उच्च क्वालिटी के कैमरे इस्तेमाल किए जाएंगे। इसके बाद हर पुरासम्पदा को एक यूनिक नम्बर दिया जाएगा, जो केएलबी सीरिज से शुरू होगा। 21 बिंदुओं की गाइड लाइन फॉलो करने के बाद उस पुरासम्पदा की डिटेल विभाग की पोर्टल पर अपलोड होती रहेगी। फोटो खींचने से लेकर उसे संग्रहालय या स्मारक में सहेजने के लिए भी विभाग द्वारा दी गई गाइड लाइन को फॉलो करना होगा।</p>
<p>प्रारंभिक पाषाणकाल, मध्य पाषाणकाल, उत्तर पाषाणकाल, ताम्रयुग, लोहयुग, जनपद, मौर्य, शुंग, कुषाण से लेकर ब्रिटिशकाल तक के प्रमाण बिखरे पड़े हैं। बिखरी पुरा संपदाओं को सुरक्षित रखने के लिए यह मिशन काफी लाभदायक साबित होगा। वहीं सभी को ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में आॅनलाइन जानकारी भी मिल सकेगी।<br /><strong>- ओमप्रकाश, पुरा अन्वेषक </strong></p>
<p>भारतीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण विभाग अपने ऐतिहासिक संग्रहालयों सहित सभी पुरासम्पदा का डिजिटल डाटा बेस तैयार करेगा। इससे पुरासम्पदा के बारे में सम्पूर्ण जानकारी आॅनलाइन उपलब्ध हो सकेगी। इसके लिए केन्द्र सरकार ने एनएमएमए यानि राष्टÑीय स्मारक और पुरावशेष मिशन शुरू किया है। <br /><strong>- ललित कुमार, वरिष्ठ लिपिक, पुरातत्व विभाग कोटा  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Nov 2024 16:41:52 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>लंबित जनगणना तत्काल करवाने की आवश्यकता</title>
                                    <description><![CDATA[किसी भी जनगणना में जुटाए आंकड़े शासन- प्रशासन, योजनाओं और नीतियों के निर्माण के साथ-साथ इनके प्रबंधन में भी बेहद सहायक होते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/there-is-a-need-to-get-the-pending-census-done/article-83829"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/u1rer-(16)3.png" alt=""></a><br /><p>दरअसल,  हमारे देश की 16वीं जनगणना 2021 में होनी थी। लेकिन, कोविड-19 की वजह से 2021 में भारत की जनगणना नहीं हुई। कोरोना महामारी के बाद से लगातार जनगणना को टाला गया। अब महामारी का असर न्यूनतम हुए दो वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन जनगणना के मोर्चे पर कोई प्रगति होती नहीं दिख रही है। ताजा जानकारी के मुताबिक, जनगणना कराने को लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि पिछले 150 वर्षों में यह पहली दफा हुआ है कि जनगणना का कार्य स्थगित किया गया हो। बता दें कि भारत उन 120 देशों में शामिल है जिन्होंने महामारी का हवाला देकर जनगणना के कार्य को स्थगित किया। हालांकि भारत के कई पड़ोसी देशों मसलन चीन, बांग्लादेश और नेपाल ने महामारी के दौरान भी जनगणना की है। भारत उन 44 देशों में शामिल है जिन्होंने अब तक जनगणना नहीं की है। ऐसा करने वाले अन्य देशों में यमन, म्यांमार, यूक्रेन, श्रीलंका अफगानिस्तान तथा सबसहारा अफ्रीका के देश शामिल हैं जो किसी न किसी तरह के संकट से जूझ रहे हैं। अमेरिका में कोरोना पीक पर होने के बावजूद 2020 में जनगणना कराई गई। इसी तरह से यूके, इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और आयरलैंड में अलग- अलग एजेंसियों ने कोरोना लहर के दौरान तय समय पर जनगणना के लिए डेटा जुटाना शुरू कर दिया था। अब इन देशों की एजेंसियां डेटा को व्यवस्थित करके इसका एनालिसिस कर रही हैं। पड़ोसी देश चीन ने भी अपने यहां कोरोना महामारी के दौरान तय समय पर जनगणना का कार्य संपन्न किया। लिहाजा,यह कहा जा सकता है कि जनगणना का कार्य हमारी प्राथमिकता में नहीं रहा,अन्यथा जनगणना को तय समय पर करवाया जा सकता था। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक, भारत की आबादी चीन से अधिक हो चुकी है और 1.4 अरब लोगों के साथ हम दुनिया में सबसे बड़ी आबादी वाले देश बन चुके हैं। विडंबना यह है कि भारत सरकार के पास आबादी को लेकर कोई नई आधिकारिक जानकारी नहीं है। जनगणना को बार- बार स्थगित किए जाने के बीच भारत की आधिकारिक आबादी अभी भी 1.2 अरब है। ऐसे में, हर दशक होने वाली जनगणना को तत्काल शुरू करवाने की दिशा में कदम बढ़ाने होंगे। आज हमें जनगणना को तय समय पर करवाने के पीछे की अहमियत को समझने की आवश्यकता है। दरअसल, किसी भी मुल्क के लिए जनगणना कई मायनों में महत्त्वपूर्ण है। किसी एक मुल्क के विकास का पैमाना तय करने में जनगणना की उपयोगिता बढ़ जाती है। जनगणना उस प्रक्रिया को दिया जाने वाला नाम है, जो न केवल किसी मुल्क के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और जनसंख्या आदि के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाती है, बल्कि देश की विविधता और इससे जुड़े अन्य पहलुओं का अध्ययन करने का अवसर भी प्रदान करती है। जनगणना वह माध्यम है, जिसके द्वारा नागरिकों को अपने समाज, जनसांख्यिकी, अर्थशास्त्र, मानव जीवन, समाजशास्त्र, सांख्यिकी आदि द्वारा उन समस्त के बारे में अपडेट देती है, जो उनके जीवन को प्रत्यक्ष या फिर परोक्ष रूप से प्रभावित करते हैं। इसके अलावा भी जनगणना के आंकड़े कई मायनों में बेहद  महत्त्वपूर्ण हैं। केंद्र और राज्य सरकारों के लिए योजना और नीति- निर्धारण में बहुमूल्य जानकारी साझाकरण का कार्य जनगणना के आंकड़े ही करते है। वहीं, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, विद्वानों, व्यापारियों, उद्योगपतियों के साथ- साथ अन्य कई लोगों द्वारा व्यापक रूप से आंकड़े उपयोग में लिए जाते हैं। जनगणना को आंकड़ों का एक व्यापक स्रोत माना जाता है। इसके अन्तर्गत ही किसी मुल्क की जनसांख्यिकी लाभांश के बारे में जानकारी इकट्ठा की जाती है। जो मुल्क की नीति निर्माण को पूवार्नुमान की सटीकता के समीप ले जाती है। किसी भी मुल्क के साक्ष्य आधारित निर्णयों में इसका महत्त्व और अधिक बढ़ जाता है।</p>
<p>किसी भी जनगणना में जुटाए आंकड़े शासन- प्रशासन, योजनाओं और नीतियों के निर्माण के साथ-साथ इनके प्रबंधन में भी बेहद सहायक होते हैं। किसी क्षेत्र विशेष के विकास के लिए आवश्यक निर्णयन में जनगणना से प्राप्त आंकड़ों की भागीदारी बढ़ जाती है। इसका महत्त्व इसलिए भी है,क्योंकि समाज के सबसे निचले तबके के लोगों को ध्यान में रखते हुए सरकारी कार्यक्रमों के संचालन और उनकी सफलता को सुनिश्चित किया जाता है।  यह न केवल जनसंख्या की वृद्धि के आकलन के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण है, बल्कि पेयजल, स्वच्छता, आवास और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के आकलन के लिए भी अहम है। जनगणना को राजनीतिक फैसलों, आर्थिक निर्णयों एवं विकास लक्ष्यों के लिहाज से भी जरूरी समझा जाता है। लिहाजा, जनगणना-2021 की प्रक्रिया को अतिशीघ्र शुरू किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार का आॅनलाइन मोड में जनगणना करवाने का फैसला एक बेहतरीन निर्णय साबित होगा। साथ ही, डिजिटल जनगणना से भारत की सूचना प्रौद्योगिकी शक्ति की प्रतिष्ठा और बढ़ेगी। </p>
<p><strong>-अली खान</strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 11:28:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Loksabha Election के बाद जातिगत समीकरण साधने में जुटेगी कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान में होने वाले बदलाव में पहले विधानसभा और लोकसभा चुनाव के जिलेवार आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/congress-will-start-solving-caste-equation-after-loksabha-elections/article-79052"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/congress-logo-(3)4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। लोकसभा चुनाव में आए परिणामों के विश्लेषण के बाद राजस्थान कांग्रेस में जातिगत समीकरण के आधार पर बदलाव किए जाएंगे। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में रहने वाली जातियों को संगठन में महत्व दिया जाएगा।</p>
<p>कांग्रेस आलाकमान ने राजस्थान सहित कई राज्यों में संगठन बदलाव की मानस बना लिया है। राजस्थान में होने वाले बदलाव में पहले विधानसभा और लोकसभा चुनाव के जिलेवार आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा। जिलों में उन जातियों का आंकड़ा तैयार किया जाएगा, जिन्होंने कांग्रेस के पक्ष में वोट किया। उस क्षेत्र के उन जातियों के नेताओं को प्रदेश और जिला संगठन में तवज्जो मिलेगी। उन क्षेत्रों में वर्तमान के निष्क्रिय रहे पदाधिकारियों को कार्यमुक्त किया जाएगा।</p>
<p>कांग्रेस को अब तक मिले फीडबैक में शेखावाटी में ओबीसी, एससी एसटी वर्ग की जातियों ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया। मेवाड़, मारवाड़, हाड़ौती, ढूंढाड़ और पूर्वी राजस्थान में भी सामान्य, ओबीसी, एमबीसी,एससी एसटी जाति वर्ग के लोगों का आंकड़ा देखा जाएगा। संगठन में बदलाव में इस बार बड़े नेताओं की सिफारिश और पैराशूट लीडर्स के पर कतरे जाएंगे, ताकि संगठन को अधिक मजबूत किया जा सके। अगले महीने के दूसरे सप्ताह में इसके लिए बड़े नेताओं की जयपुर और दिल्ली में बैठकें भी होंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 May 2024 15:09:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुनिया का सबसे बड़ा डाटा लीक </title>
                                    <description><![CDATA[ऐसे में अरबों लोगों का डेटा लीक होना दुनिया के लिए एक बड़ी चिंता का कारण है। रिपोर्ट्स की मानें तो 26 अरब अकाउंट्स का रिकॉर्ड डेटा लीक हुआ है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/biggest-data-leak-of-the-world/article-68202"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/companycyber1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्जी। दुनिया के सबसे बड़े डेटा लीक्स में से एक मामला मिला है, जिसमें अरबों लोगों का अकाउंट कॉम्प्रोमाइज हुआ है। इस डेटा लीक के बाद साइबर क्राइम के जुड़ी चिंताएं और भी बढ़ गई हैं। वैसे ही दुनिया में हर दिन ना जाने कितने ही लोग साइबर क्राइम का शिकार होते हैं।</p>
<p>ऐसे में अरबों लोगों का डेटा लीक होना दुनिया के लिए एक बड़ी चिंता का कारण है। रिपोर्ट्स की मानें तो 26 अरब अकाउंट्स का रिकॉर्ड डेटा लीक हुआ है। इसे इतिहास का सबसे बड़ा डेटा लीक बताया जा रहा है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/biggest-data-leak-of-the-world/article-68202</link>
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                <pubDate>Fri, 26 Jan 2024 11:38:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>स्कैम से लोगों का डाटा किया जा रहा है चोरी, आरबीआई ने कराया अवगत </title>
                                    <description><![CDATA[कुछ लोग जब पब्लिक चार्जिंग पोर्ट्स का प्रयोग करते है। उस समय उन लोगों का डाटा चोरी कर लिया जाता है। लोगों को फंसाने के लिए स्कैमर्स पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करके छोड़ देते है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/peoples-data-is-being-theft-to-scam/article-52972"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/news16.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में भारतीय लोगों को नए स्कैम के बारे में अवगत कराया है। आरबीआई ने कहा कि जूस जैकिंग स्कैम के जरिये लोगों को शिकार बनाया जा रहा है। मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप को चार्ज करने के लिए पब्लिक चार्जिंग पोर्ट्स का प्रयोग करने पर इस स्कैम के जरिए लोगों का डाटा चोरी किया जाता है। इससे लोगों को अपनी निजी जानकारी के अलावा धन हानि का सामना भी करना पड़ सकता है।</p>
<p>कुछ लोग जब पब्लिक चार्जिंग पोर्ट्स का प्रयोग करते है। उस समय उन लोगों का डाटा चोरी कर लिया जाता है। लोगों को फंसाने के लिए स्कैमर्स पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करके छोड़ देते है। इसके बाद जब लोग उसका प्रयोग करते है, तो स्कैम शुरू हो जाता है। इस दौरान डाटा चोरी कर लिया जाता है। इसके बाद लोगों को डाटा लीक करने की धमकी देकर रुपए वसूले जाते है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Jul 2023 14:24:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>हर तीसरे दिन बुझा एक परिवार का चिराग </title>
                                    <description><![CDATA[कोटा में पिछले तीन सालों में हुए हादसों में गत वर्ष 2022 में सबसे अधिक हादसे तो हुए ही उनमें मृतकों की संख्या भी तीन साल में सबसे अधिक रही है। ट्रैफिक पुलिस से प्राप्त आंकडों के अनुसार कोटा में वर्ष 2022 में कोटा में हुए हादसों में कुल 111 लोगों की मौत हुई है। इस हिसाब से हर महीने करीब 10 लोगों की मौत होना बहुत बड़ा आंकड़ा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/a-family-s-lamp-extinguished-every-third-day/article-34223"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/ast-vyast-trafic.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। उम्र दराज और बीमार व्यक्ति की मौत पर ही परिवारों में व्यक्ति के जाने का गम सताने लगता है। ऐसे में सड़क हादसों में जवान मौत होने पर उस परिवार के दु:ख का अंदाजा लगा पाना मुश्किल है। कोटा शहर में हादसों में परिवार के लोगों को खोने का गम रोजाना देखने को मिल रहा है। कोटा में पिछले साल हादसों में हर तीसरे दिन एक परिवार का चिराग बुझा है। कोटा शहर का विकास व विस्तार जिस तेजी से हो रहा है। उसी तेजी से यहां वाहनों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। शहर में दो पहिया से अधिक चार पहिया वाहन हो रहे हैं। ऐसे में बेतरतीब तरीके से वाहन चलाना व यातायात नियमों की पालना नहीं करना और निर्धारित गति से अधिक तेज गति से वाहन चलान समेत कई कारण ऐसे हैं जिनके कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। दुर्घटना होने पर वाहन चालकों या वाहन पर सवार लोगों के घायल होने व कई लोगों की मौत तक होने से इनकार नहीं किया जा रहा है। कोटा में पिछले तीन सालों में हुए हादसों में गत वर्ष 2022 में सबसे अधिक हादसे तो हुए ही उनमें मृतकों की संख्या भी तीन साल में सबसे अधिक रही है। </p>
<p><strong>2022 में 111 मौत</strong><br />ट्रैफिक पुलिस से प्राप्त आंकडंों के अनुसार कोटा में वर्ष 2022 में कोटा में हुए हादसों में कुल 111 लोगों की मौत हुई है। इस हिसाब से हर महीने करीब 10 लोगों की मौत होना बहुत बड़ा आंकड़ा है। यदि दिन का अंंदाजा लगाया जाए तो हर तीसरे दिन एक परिवार का चिराग बुझा है। फिर उसमें चाहे किसी बुजुर्ग की मौत हुई हो या महिला की। युवा की हुई हो या बच्चे की। घर से सुरक्षित निकले लोगों में 111 लोग ऐसे रहे तो पूरे साल में अपने घर वापस सुरक्षित नहीं जाकर शव के रूप में ही पहुंचे। जिसने उन परिवारों पर दु:खों का पहाड़ टूट गया।  </p>
<p><strong>यह रही अन्य थाना क्षेत्रों की स्थिति</strong><br />ट्रैफिक पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार दादाबाड़ी थाना क्षेत्र में 15 हादसे, 18 घायल व  की मौत हुई है। गुमानपुरा में 33 हादसे, 33 घायल व  की मौत हुई। किशोरपुरा में 17 हादसों में 20 घायल हुए। जबकि यहां अच्छी बात रही कि हादसों में किसी की मौत नहीं हुई। जवाहर नगर में 15 हादसों में 14 लोग घायल हुए। भीमगंजमंडी में 13 हादसे, 10 घायल व 2 मौत, नयापुरा में 45 हादसे, 51  घायल व 18 मौत हुई। रेलवे कॉलोनी में 20 हादसे, 18 घायल व 4 की मौत, कैथूनीपोल में 11 हादसे, 11 घायल, मकबरा में 1 हादसा, 1 घायल, रामपुरा कोतवाली में 12 हादसे 15 घायल, महावीर नगर में 27 हादसे, 32 घायल व 1 मौत, अनंतपुरा में 37 हादसे, 33 घायल व 11 मौत, आर.के. पुरम् में 21 हादसे, 17 घायल व 6 लोगों की मौत हुई है। रानपुर में 6 हादसे, 2 घायल व 3 की मौत, विज्ञान नगर में 20 हादसे 35 घायल व 2 मौत और बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में 26 सड़क दुर्घटनाएं हुई। जिनमें 24 घायल हुए व 9 लोगों की मौत हुई है। </p>
<p><strong>हादसे व घायल भी सबसे अधिक</strong><br />कोटा में वर्ष 2022 में सड़क हादसे और उन हादसों में घायल भी तीन सालों में सबसे अधिक हुए हैं। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 मं जनवरी से दिसम्बर तक कुल 444  सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। उनमें घायलों की संख्या 432 रही है। यह तीन सालों में सबसे अधिक है। </p>
<p><strong>यह रही दो सालों की स्थिति</strong><br />कोटा में वर्ष 2020 व 2021 में भी हादसे हुए हैं। लेकिन उनकी संख्या 2022 की तुुलना में कम रही। जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में कुल 353 सड़क हादसे हुए। जिनमें 362 लोग घायल हुए और 60 लोगों की मौत हुई थी। जबकि वर्ष 2021 में 368 सड़क दुर्घटनाए हुई। उनमें 367 लोग घायल हुए तो 75 लोगों की मौत हुई है। </p>
<p><strong>सबसे अधिक हादसे कुन्हाड़ी व उद्योग नगर में</strong><br />कोटा शहर के 18 थाना क्षेत्रो में वर्ष 2022में कुल 444 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। जिनमें सबसे अधिक कुन्हाड़ी व उद्योग नगर थाना क्षेत्रों में हुई है। ट्रैफिक पुलिस से प्राप्त आंकडों के अनुसार  कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र में सबसे अधिक 68 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। जिनमें घायल भी सबसे अधिक 65 लोग हुए। मुतकों की संख्या भी इसी थाना क्षेत्र में सबसे अधिक 30 रही। इसी तरह से दूसरे नम्बर पर उद्योग नगर थाना क्षेत्र रहा। जहां साल में 48 सड़क दुर्घटनाएं हुई। जिनमें 33 लोग घायल व 19 लोगों की मौत हुई है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />अधिकतर हादसे तो लोगों की लापरवाही के कारण होते हैं। तेज गति से वाहन चलाने, जल्दी पहुचन के प्रयास में अनयंत्रित वाहन चलाना शराब पीकर वाहन चलाना व बिना हैलमेट के वाहन चलाने के कारण भी हादसे होते हैं।  गम्भीर हादसं में अधिकतर सिर में चोट लगने के काण ही मौत होती है। यातायात पुलिस का प्रयास है कि हादसे कम से कम हों। इस संबंध में वाहन चालकों को जागरुक व समझाइश की जाती है। यातायात नियमों की पालना नहीं करने वालों के खिलाफ सख्ती करते हुए चालान भी बनाए जाते हैं। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर हादसों में कमी लाने के लिए रोड इंजीनियरिंग में सुधार किया जा रहा है। साथ ही आवश्यक स्थानों पर स्पीड ब्रेकर व संकतक लगाए जा रहे हैं। <br /><strong>-कालूराम वर्मा, उप अधीक्षक, यातायात पुलिस कोटा शहर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Jan 2023 15:12:47 +0530</pubDate>
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