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                <title>effect - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>बाजार में दिखा जीएसटी स्लैब कम करने का असर : उत्पादन बढ़ने से रोजगार के बढ़ते हैं अवसर, शेखावत ने कहा- देश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक रूप से पड़ा बिक्री का प्रभाव </title>
                                    <description><![CDATA[केवल इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में ही इस साल लगभग 20 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त बिक्री दर्ज की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-effect-of-reducing-gst-slab-is-visible-in/article-130191"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/gajendra-singh-shekhawat.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) स्लैब में की गई कमी से बाजार में उत्साह है और इसका असर बाजार में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शेखावत ने कहा कि उपभोक्ता वस्तुओं और इलेक्ट्रॉनिक सामानों पर जीएसटी कम करने से मार्केट में जबरदस्त उछाल देखा गया है। अनुमान है कि केवल इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में ही इस साल लगभग 20 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त बिक्री दर्ज की जाएगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस निर्णय ने देश को इस बार डबल दीपावाली का उत्सव दिया है। निर्णय के लागू  होने के बाद से ही नवरात्रि से लेकर दीपावली तक बाजार में अप्रत्याशित रौनक देखी गई, क्योंकि अब अधिकतर उत्पाद भारत में ही निर्मित होते हैं, इसलिए इस बिक्री का पूरा प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक रूप से पड़ा है। </p>
<p>शेखावत ने कहा कि यह केवल जीएसटी कम करने या उपभोक्ताओं को बचत का अवसर देने तक सीमित नहीं है। जब बिक्री बढ़ती है, तो उत्पादन भी बढ़ता है। उत्पादन बढ़ने से रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और इस प्रकार इसका सकारात्मक प्रभाव अर्थव्यवस्था के निचले स्तर तक पहुंचता है। प्रधानमंत्री का यह निर्णय न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी सराहनीय है। उन्होंने दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दु:ख, संकट और कष्ट, ये सभी इस दीपावली पर दीपों की ज्योति के साथ जलकर भस्म हो जाएं। इस पावन अवसर पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने प्रयास और पुरुषार्थ से उन घरों में रोशनी लाने का कार्य करेंगे, जिनके घरों में आज भी अंधेरा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Oct 2025 12:28:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>सालगांव बांध परियोजना के लिए भूमि अवाप्ति, प्रभावित होंगे कई परिवार और संसाधन</title>
                                    <description><![CDATA[सिरोही जिले के सालगांव बांध परियोजना के तहत बांध के डूब क्षेत्र, सड़क निर्माण और अन्य सहायक निर्माण के लिए भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/land-acquisition-for-salgaon-dam-project-will-affect-many-families/article-100949"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/555449.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सिरोही जिले के सालगांव बांध परियोजना के तहत बांध के डूब क्षेत्र, सड़क निर्माण और अन्य सहायक निर्माण के लिए भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत 53.5379 हैक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इस प्रक्रिया में डूब क्षेत्र में आने वाले 5,000 से ज्यादा पेड़ों की कटाई की संभावना है, जो कृषि भूमि पर उगे हुए हैं।साथ ही, डूब क्षेत्र में तीन मंदिरों की भूमि भी प्रभावित होगी। इसके अतिरिक्त, इस क्षेत्र में करीब 40 परिवारों की जमीन भी अवाप्ति क्षेत्र में आएगी, जिससे इन परिवारों को पुनर्वास की आवश्यकता होगी। यह परियोजना जल संसाधन विभाग द्वारा सुनिश्चित की जा रही है, लेकिन इससे जुड़े पर्यावरणीय और सामाजिक पहलुओं पर विचार करना भी आवश्यक है।</p>
<p>जल संसाधन विभाग के अनुसार सालगांव बांध परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में जल संचयन को बढ़ावा देना और सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाना है, लेकिन प्रभावित होने वाले लोगों और पर्यावरण पर इसके असर को लेकर स्थानीय निवासियों और अधिकारियों में चिंता भी जताई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jan 2025 15:47:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>भूजल दोहन में वृद्धि के प्रतिकूल प्रभाव</title>
                                    <description><![CDATA[इसका हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व है। भारत भूजल संसाधनों का सबसे अधिक दोहन करने वाला देश है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/adverse-effect-of-increased-water-exploitation/article-17853"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/untitled-1-copy20.jpg" alt=""></a><br /><p>जल संसाधन, भारतीय कृषि की जीवन रेखा है और 135 करोड़ लोगों की पेयजल जरूरतों को पूरा करने की कुंजी है। इसका हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व है। भारत भूजल संसाधनों का सबसे अधिक दोहन करने वाला देश है। बढ़ती आबादी के साथ पानी की बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए, पिछले कुछ वर्षों में भूजल दोहन में हुई वृद्धि से देश के कई हिस्सों में जल व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। कई क्षेत्रों में अति-दोहन हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप जल स्तर नीचे जाने की समस्याएं सामने आई हैं। बढ़ते मानवजनित संदूषण के कारण कई क्षेत्रों में भूजल संसाधनों की पहले से ही गंभीर स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। दूसरी तरफ भूजल संसाधनों का कम दोहन करने वाले कई क्षेत्र हैं, जहां स्थिति में सुधार करने की संभावनाएं मौजूद हैं। यह भूजल प्रबंधन के सामने एक विशेष तरह की चुनौती पेश करता है, जिसके लिए साक्ष्य आधारित पहल की आवश्यकता है।<br />सतत भूजल प्रबंधन पर 12वीं योजना के कार्य-समूह ने भारत के जलभृत या भूजल भण्डार व प्रवाह संरचना के व्यापक मानचित्रण की आवश्यकता को रेखांकित किया है, जो किसी भी भूजल प्रबंधन कार्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।</p>
<p>इसके साथ ही विभिन्न जल-भूविज्ञान स्थितियों के तहत भूजल के विकास के लिए वैज्ञानिक योजना तैयार की जाती है और बेहतर भूजल प्रशासन के लिए समुदाय की भागीदारी के साथ प्रभावी प्रबंधन प्रथाओं को विकसित किया जाता है। इसलिए जल संसाधन मंत्रालय (वर्तमान में जल शक्ति मंत्रालय) ने 2012 में राष्ट्रीय जलभृत मानचित्रण और प्रबंधन कार्यक्रम (एनएक्यूयूआईएम) की शुरुआत की थी। एनएक्यूयूआईएम देश में भूजल संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन में सहायता के लिए जलभृत प्रबंधन के सन्दर्भ में दुनिया का सबसे बड़ा कार्यक्रम है। यह जल प्रबंधन रणनीति विकसित करने के लिए जलभृतों के वैज्ञानिक चित्रण, उनका मानचित्रण करने और एक व्यावहारिक जल प्रबंधन रणनीति विकसित करने के क्रम में मुद्दों का मूल्यांकन करने के लिए ब-विषयक अध्ययनों पर ध्यान केंद्रित करता है। जलभृत मानचित्रण, उचित पैमाने पर मजबूत भूजल प्रबंधन योजनाओं को सक्षम बनाएगा और इन साझा संसाधनों के लिए योजनाओं के बारे में परामर्श देगा और उन्हें कार्यान्वित भी करेगा।</p>
<p>एनएक्यूयूआईएम जलभृत के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए एक अग्रणी कार्यक्रम है, जिसमें बड़े पैमाने पर डेटा एकत्र और विश्लेषित किए जाते हैं। एनएक्यूयूआईएम अध्ययनों के आधार पर तैयार किए गए 3-डी जलभृत मॉडल, भूजल संसाधनों के सटीक मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए नई जानकारी प्रदान करते हैं। इस कार्यक्रम के तहत विकसित किए गए जलभृत मानचित्र और प्रबंधन योजनाओं को केंद्रीय भूजल बोर्ड के पेशेवर जल-भूवैज्ञानिकों द्वारा किए गए व्यापक क्षेत्र सर्वेक्षण का समर्थन मिला है। इसके अलावा, जलभृत मानचित्र तैयार करने के क्रम में भूवैज्ञानिक, भूभौतिकीय, जल विज्ञान और जल गुणवत्ता सर्वेक्षण, विभिन्न क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाता है। एनएक्यूयूआईएम की अवधारणा केवल मानचित्रण से जुड़ी नहीं है। प्रबंधन योजनाओं को अंतिम रूप देने से पहले तीन स्तर पर समीक्षा की जाती है, जिसमें राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञ समिति (एनएलईसी) द्वारा की जाने वाली समीक्षा भी शामिल है। योजनाओं में कृत्रिम तरीके से पुनर्भरण के लिए संभावित क्षेत्र एवं जल संचयन के लिए निर्मित की जाने वाली उपयुक्त अवसंरचनाओं का उल्लेख किया जाता है। मानचित्रण के योग्य कुल क्षेत्र के 88 प्रतिशत से अधिक भू-भाग को पहले ही जलभृत मानचित्रण कार्यक्रम के तहत कवर किया जा चुका है और शेष क्षेत्र को मार्च, 2023 तक कवर कर लिया जाएगा। यह कार्यक्रम, हमारे समुदायों को भूजल संसाधनों का वैज्ञानिक रूप से प्रबंधन करने और इनका जिम्मेदारी से उपयोग करने के लिए ठोस आधार प्रदान करता है।</p>
<p>एनएक्यूयूआईएम की मुख्य बातों के प्रभावी प्रसार के लिए इन्हें प्रदेश सरकार के साथ विभिन्न स्तरों पर नियमित रूप से साझा किया जा रहा है। इसके अलावा, आउटरीच में सुधार के लिए, विभिन्न क्षेत्रों में लोगों के साथ बातचीत के कार्यक्रम (पीआईपी) आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें हितधारक सीधे भाग लेते हैं। इसी प्रकार राजीव गांधी राष्ट्रीय भूजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, रायपुर के तत्वावधान में प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण भी आयोजित किए जाते हैं, जिनमें भूजल और जल संरक्षण से संबंधित मुद्दों के बारे में भूजल उपयोगकर्ताओं को जानकारी प्रदान की जाती है।अब तक के अध्ययनों से भूजल परिदृश्य और प्रबंधन विकल्पों के बारे में विभिन्न प्रकार की नई जानकारी व अंतरदृष्टि मिली है।</p>
<p><strong>- सुबोध यादव, केन्द्रीय संयुक्त सचिव, जल शक्ति मंत्रालय</strong><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Aug 2022 12:58:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में फिर बढ़ा गर्मी का असर </title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में प्री-मानसून का दौर थमने के साथ ही गर्मी और उमस का असर फिर से बढ़ गया है। अधिकांश जिलों में दिन का तापमान 40 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-effect-increased-of-heat-in-state/article-12975"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/cow-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में प्री-मानसून का दौर थमने के साथ ही गर्मी और उमस का असर फिर से बढ़ गया है। अधिकांश जिलों में दिन का तापमान 40 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया है। वहीं बाड़मेर, जालोर के अलावा अलवर, बारां समेत राजस्थान के 18 शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम केन्द्र जयपुर की माने तो प्रदेश में गर्मी का ये दौर अगले 2 दिन ऐसे ही रहने की संभावना है। वहीं 27 जून से राजस्थान के मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। इसके चलते 7 जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं राजधानी जयपुर में भी गर्मी के तेवर तीखे बने हुए हैं। यहां उमस और तेज गर्मी के बीच दिन का तापमान 39.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं सबसे गर्म दिन जैसलमेर में 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।</p>
<p><strong>अब आगे क्या</strong><br />25 और 26 जून को राज्य में मौसम शुष्क रहेगा। इस दौरान तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक का इजाफा हो सकता है। वहीं 27 जून को पूर्वी राजस्थान के सिरोही,  बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और राजसमंद में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। यहां तेज हवाएं चलने के साथ आसमान में बादल छाने और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। इसी तरह 28 जून को सिरोही, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, राजसमंद के अलावा सवाई माधोपुर, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ में भी मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jun 2022 11:41:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खतरनाक लत: पबजी गेम से बच्चों पर पड़ रहा है बुरा असर</title>
                                    <description><![CDATA[ अभिभावकों की अनदेखी और बच्चों के हिंसक होने के कारण ऐसे केस देखने को मिलते हैं। इस केस ने हमें ये सोचने पर मजबूर किया है कि क्या वाकई बच्चों की गलती है या पेरेटिंग में ही कुछ कमी है। बच्चों के साथ आपको कुछ बातों को अवॉइड करना चाहिए।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/dangerous-addiction-pubg-game-is-having-a-bad-effect-on/article-12107"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/63.jpg" alt=""></a><br /><p>आज के समय में बच्चों में फोन और गेम की लत बढ़ती जा रही है इसका खामियाजा हमें समय-समय पर देखने को मिलता है और ऐसा ही एक केस लखनऊ में सामने आया जिसमें मां के बच्चे को गेम खेलने से रोके जाने पर उसने अपनी मां को मार दिया।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>एक्सपर्ट का मानना है </strong></span></p>
<p>अभिभावकों की अनदेखी और बच्चों के हिंसक होने के कारण ऐसे केस देखने को मिलते हैं। इस केस ने हमें ये सोचने पर मजबूर किया है कि क्या वाकई बच्चों की गलती है या पेरेटिंग में ही कुछ कमी है। बच्चों के साथ आपको कुछ बातों को अवॉइड करना चाहिए।  </p>
<p>लखनऊ में हाल ही में एक केस सामने आया है जिसमें एक 16 साल के नाबालिग ने अपनी मां को इसलिए मार डाला क्योंकि उसकी मां ने पबजी गेम खेलने से मना किया था। बच्चे ने इस बात का बदला लेने के लिए मां को गोली मारकर हत्या कर दी। यही नहीं,इससे पहले भी मां और बेटे के बीच गेम की लत को लेकर बहस हो चुकी थी ,और मां ने बच्चे पर हाथ भी उठाया था और बच्चा लंबे अरसे से मां के हिंसक व्यवहार से परेशान था। इस केस के बाद मोबाइल खेलने की खतरनाक लत और पेरेंंटग पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।  </p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>अगर बच्चे को हिंसक होने से रोकना है तो आपको इन आदतों को अवॉइड करना चाहिए।</strong></span></p>
<p>आप बच्चों के सामने या उनके लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग न करें, इससे बच्चों के मन पर बुरा असर पड़ता है।</p>
<p>आप बच्चे को प्यार से समझाएं और दोबारा वही काम करने पर आप उसे बार-बार टोकने से बचें, इससे वह जिद्दी बन जाते हैं। </p>
<p>आपको हर हाल में अपने बच्चे को मारने से या तेज चिल्लाने से बचना है, बच्चे अपना अपमान नहींं पाते।  </p>
<p>बच्चों को समय दें, इतने व्यस्त न हों कि बच्चे अकेला महसूस करें।</p>
<p>आप बच्चे को अन्य बच्चों से कंपेयर न करें, बच्चों की तुलना करने पर उनमें ईर्ष्या के भाव आ जाते हैं। </p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>लक्षणों को नोटिस करें </strong></span></p>
<p>आपके बच्चे में कुछ अलग लक्षण नजर आएं तो उस पार गौर करें। </p>
<p>बच्चा पहले से ज्यादा जिद्दी हो जाए। </p>
<p>बच्चा बात करना कम कर दें। </p>
<p>-बात-बात पर बच्चे का रोना। </p>
<p>यादा खाने या सेवन या खाना कम लेना। </p>
<p>मिलना-जुलना बंद कर देना।</p>
<p>बात-बात पर मरने-मारने की बात करना।  </p>
<p>आज की भागती लाइफ का असर बच्चों पर पड़ रहा है।  माता-पिता बच्चों को समय नहीं दे पाते जिसके कारण वो अकेला महसूस करते हैं और अपना एंटरटेंमेंट खोजने के लिए  गेम की लत का शिकार हो जाते हैं ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/dangerous-addiction-pubg-game-is-having-a-bad-effect-on/article-12107</link>
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                <pubDate>Tue, 14 Jun 2022 13:06:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खबर का असर: सुल्तानपुर-नापाहेड़ा सड़क का किया डामरीकरण</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति के 22 अप्रैल के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने सुल्तानपुर-नापाहेड़ा सड़क का डामरीकरण किया। लेकिन अभी भी कई कमियां छोड़ दी गई हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news--asphaltization-of-sultanpur-napaheda-road/article-9421"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/asar-khaber-ka.jpg" alt=""></a><br /><p>सुल्तानपुर। दैनिक नवज्योति के 22 अप्रैल के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने सुल्तानपुर-नापाहेड़ा सड़क का डामरीकरण किया। लेकिन अभी भी कई कमियां छोड़ दी गई हैं जिससे डामरीकरण का लाभ राहगीरों को मिलना संदिग्ध है। पहले की भांति राहगीरों को दुर्घटना का शिकार का खतरा बना हुआ है।<br /><br />गौरतलब है कि ग्रामीणों को डामरीकरण नहीं होने के कारण आए दिन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। 22 अप्रैल को दैनिक नवज्योति ने ग्रामीणों की इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद सड़क का डामरीकरण किया गया। लेकिन सड़क के दोनों तरफ की पटरी जीरो गुणवत्ता वाली मिट्टी से बनाई गई है। संबंधित अधिकारियों ने मिट्टी हटाने के निर्देश जारी कर दिए थे। लेकिन अभी तक भी दोनों तरफ की मिट्टी हटाकर ग्रेवल नहीं डाला गया। जहां पर नाले या पुलिया बनानी है, उनका काम भी अभी तक चालू नहीं किया गया है। 15 दिन से रोड का कार्य बंद पड़ा है। ठेकेदार एवं कंपनी के द्वारा कार्य में अनियमितता बरती जा रही है। <br /><br />ग्रामीण हेमंत झाला एवं अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले में पीडब्ल्यूडी एक्सईएन को पत्र लिख कर अवगत करवाया गया। लेकिन अभी तक भी इस रोड की गुणवत्ता की जांच नहीं की गई। जिसमें बहुत सारी कमियां अभी भी बाकी हैं। पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत झाला एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य परमानंद  मीणा ने सड़क का अवलोकन किया। जिसमें अभी भी कई समस्याएं पाई गर्इं। जिनका निस्तारण होना बारिश से पहले अति आवश्यक है। नहीं तो जनता को इन समस्याओं से वापस जूझना पड़ेगा। झाला ने बताया कि सुल्तानपुर से 2 ग्राम पंचायत मुख्यालयों अमरपुरा एवं किशोरपुरा के 18 गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर कार्य की गुणवत्ता में काफी अनियमितता बरती जा रही है। उच्चाधिकारियों एवं सहायक अभियंता सुल्तानपुर को कई बार शिकायत दी गई। इसके बाद इस मुख्य सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ। लेकिन इसमें कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा बहुत सारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं। इसमें दोनों तरफ जो मिट्टी की पटरियां बनाई जा रही हैं, वह मिट्टी गुणवत्ता वाली नहीं डाल कर ड्रेन खोदकर पास में से ही ऐसी मिट्टी रोड पर डाली गई, जिसमें बिल्कुल भी गुणवत्ता नहीं है। जो हमेशा बारिश के पानी में डूबी रहती है। झाला ने मांग की है कि शीघ्र इस रोड की समस्त कमियों की जांच कर डामरीकरण किया जाए। <br /><br /><strong>निरीक्षण के दौरान उजागर हुर्इं कमियां</strong><br />समस्या को लेकर पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत झाला के नेतृत्व में क्षेत्र की जनता ने इस रोड का निरीक्षण किया। जिसमें कई प्रकार की कमियां उजागर हुर्इं हैं। झाला ने बताया कि डामरीकरण के बाद भी राहगीरों को पहले की तरह दुर्घटनाओं का शिकार होना पड़ेगा। निरीक्षण के दौरान जल वितरण समिति अध्यक्ष हरीश मीणा नापाहेड़ा, संदीप यादव, विरदीचंद खारोल एवं ग्रामीण मौजूद रहे।<br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />पूर्व सड़क जिस पर डामरीकरण हो रहा था, उसी डामर को थोड़ा सा हटाकर उस पर ही ठेकेदार द्वारा गिट्टी बिछा दी गई। अभी रोड पर जो गिट्टी कर रखी है, उसको 1 महीना हो चुका है। जिससे राहगीरों को दुर्घटना का शिकार होना पड़ रहा है। आए दिन बाइक चालक रोड पर गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं। अनेक राहगीर दुर्घटना के शिकार हो चुके हैं। <br /><strong>-हेमंत झाला, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष </strong> <br /><br />सड़क का कार्य प्रगति पर है। दोनों साइडों पर ग्रेवल डलवा कर बारिश के पूर्व कार्य को पूर्ण करवा दिया जाएगा। आम जनता को परेशानी नहीं होगी। <br /><strong>-लक्ष्मीनारायण मीणा, एईएन, पीडब्ल्यूडी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 May 2022 16:06:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महंगाई और आईआईपी आंकड़ों का शेयर बाजार पर रहेगा असर</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी फेड रिजर्व और आरबीआई के नीतिगत दरों में बढ़ोतरी से निवेशकों की बिकवाली के दबाव में बीते सप्ताह करीब 4 प्रतिशत की गिरावट झेल चुके घरेलू शेयर बाजार पर अगले सप्ताह वैश्विक रुख के साथ ही स्थानीय स्तर पर महंगाई एवं औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) के जारी होने वाले आंकड़ो का असर रहेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/effect-will-remain-on-share-market-of-inflation/article-9345"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/6546546564.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अमेरिकी फेड रिजर्व और आरबीआई के नीतिगत दरों में बढ़ोतरी से निवेशकों की बिकवाली के दबाव में बीते सप्ताह करीब 4 प्रतिशत की गिरावट झेल चुके घरेलू शेयर बाजार पर अगले सप्ताह वैश्विक रुख के साथ ही स्थानीय स्तर पर महंगाई एवं औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) के जारी होने वाले आंकड़ो का असर रहेगा।<br />बीते सप्ताह बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 2225.29 अंक गिरकर सप्ताहांत पर दो माह के निचले स्तर एवं 55 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे 54835.58 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 691.3 अंक का गोता लगाकर 17 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 16411.25 अंक पर आ गया।</p>
<p>इसी तरह समीक्षाधीन सप्ताह में बीएसई की दिग्गज कंपनियों की तरह छोटी और मझौली कंपनियों में भी बिकवाली हुई। इससे सप्ताहांत पर मिडकैप 1225.43 अंक टूटकर 23192.61 अंक और स्मॉलकैप 1519.51 अंक उतरकर 27092.41 अंक पर रहा। विश्लेषकों के अनुसार बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजार के लिए लगातार चौथी साप्ताहिक गिरावट रही। रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नीतिगत रेपो दर में आश्चर्यजनक रूप से 0.40 प्रतिशत की बढ़ोतरी और अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में 50 आधार अंक की वृद्धि के बाद वैश्विक बाजारों में तेज गिरावट के कारण पिछला सप्ताह वर्ष 2022 के सबसे खराब सप्ताह में से एक रहा। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 May 2022 15:32:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवज्योति की ख़बर का असर: फिर पाबंदी के आदेश, निकायों में पार्षद पतियों की नो एंट्री</title>
                                    <description><![CDATA[स्वायत्त शासन विभाग ने इस मामले में पुराने आदेश का हवाला देते हुए फिर से सभी निकायों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निकायों के क्रियाकलापों और बैठकों में महिला पार्षद के पति या रिश्तेदार शामिल नहीं होंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--effect-of-the-news-of-navjyoti--orders-of-ban-again--no-entry-of-councilor-husbands-in-bodies/article-9307"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/khabar-ka-asar-.jpg" alt=""></a><br /><p><span style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;font-style:normal;font-weight:400;letter-spacing:normal;text-indent:0px;text-transform:none;white-space:normal;word-spacing:0px;background-color:#ffffff;text-decoration-thickness:initial;text-decoration-style:initial;text-decoration-color:initial;float:none;"> जयपुर। प्रदेश की नगर निगमों, नगर परिषदों एवं नगर पालिकाओं में भले ही महिला जनप्रतिनिधि निर्वाचित हुई हो, लेकिन निकायों के क्रियाकलापों, बैठकों आदि में उनके पति या अन्य नजदीकी रिश्तेदार सक्रिय रुप से हिस्सा लेते है। सरकार के बार-बार निर्देश जारी करने के बाद भी इस पर रोक नहीं लग पा रही है। स्वायत्त शासन विभाग ने इस मामले में पुराने आदेश का हवाला देते हुए फिर से सभी निकायों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निकायों के क्रियाकलापों और बैठकों में महिला पार्षद के पति या रिश्तेदार शामिल नहीं होंगे। यही नहीं निकाय के कामों में भी पति या रिश्तेदार दखलअंदाजी नहीं करेंगे। अगर इस आदेश का उल्लंघन किया गया तो संंबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ  सख्त कार्रवाई की जाएगी।</span><br style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;font-style:normal;font-weight:400;letter-spacing:normal;text-indent:0px;text-transform:none;white-space:normal;word-spacing:0px;background-color:#ffffff;text-decoration-thickness:initial;text-decoration-style:initial;text-decoration-color:initial;" /><br style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;font-style:normal;font-weight:400;letter-spacing:normal;text-indent:0px;text-transform:none;white-space:normal;word-spacing:0px;background-color:#ffffff;text-decoration-thickness:initial;text-decoration-style:initial;text-decoration-color:initial;" /><strong><span style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;font-style:normal;letter-spacing:normal;text-indent:0px;text-transform:none;white-space:normal;word-spacing:0px;background-color:#ffffff;text-decoration-thickness:initial;text-decoration-style:initial;text-decoration-color:initial;float:none;">काम के देते हैं निर्देश</span></strong><br style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;font-style:normal;font-weight:400;letter-spacing:normal;text-indent:0px;text-transform:none;white-space:normal;word-spacing:0px;background-color:#ffffff;text-decoration-thickness:initial;text-decoration-style:initial;text-decoration-color:initial;" /><span style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;font-style:normal;font-weight:400;letter-spacing:normal;text-indent:0px;text-transform:none;white-space:normal;word-spacing:0px;background-color:#ffffff;text-decoration-thickness:initial;text-decoration-style:initial;text-decoration-color:initial;float:none;">गत दिनों ग्रेटर नगर निगम जयपुर में पूर्व कार्यवाहक महापौर शील धाभाई ने भी महिला पार्षद के पतियों की एंट्री बंद कर दी थी। बाकायदा निगम दफ्तर में जगह-जगह पार्षद पति की नो एंट्री के पर्चे तक लगाए गए थे। धाभाई ने कहा था कि इस आदेश के पीछे उनका मंतव्य यही है कि महिला पार्षद खुद एक्टिव हों और खुद समझे कि निगम में काम कैसे करवाया जाता है। पार्षद पतियों की एन्ट्री को लेकर निकायों के अधिकारी-कर्मचारी भी शिकायतें करते रहे है। पार्षद पति अधिकारियों के काम में भी हस्तक्षेप करते हैं। खुद महिला पार्षद कुछ नहीं बोलती और उनके पति ही सभी आदेश देते हैं।</span></p>
<p><strong><span style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;font-style:normal;letter-spacing:normal;text-indent:0px;text-transform:none;white-space:normal;word-spacing:0px;background-color:#ffffff;text-decoration-thickness:initial;text-decoration-style:initial;text-decoration-color:initial;float:none;">नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</span></strong></p>
<p><span style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;font-style:normal;font-weight:400;letter-spacing:normal;text-indent:0px;text-transform:none;white-space:normal;word-spacing:0px;background-color:#ffffff;text-decoration-thickness:initial;text-decoration-style:initial;text-decoration-color:initial;float:none;">दैनिक नवज्योति ने इस मुद्दे को उठाया था सरकार और प्रशासन तक खबर के माध्यम से बात रखी थी कि कैसे महिला जनप्रतिनिधि भले ही निर्वाचित होती है, लेकिन निकायों के क्रियाकलापों, बैठकों में उनके पति या रिश्तेदार सक्रिय रूप से हिस्सा लेते रहे है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 May 2022 17:50:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिमी जिलों में लू का यलो अलर्ट, अब असर दिखाएगी गर्मी</title>
                                    <description><![CDATA[तापमान में आगामी 48 घंटों में 1-2 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी होने की संभावना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/yellow-alert-of-heat-wave-in-western-districts--now-heat-will-show-effect/article-6883"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/garmi2.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। राज्य में लू ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पूर्वी राजस्थान के अनेक जिलों में लू के कारण लोग गर्मी से परेशान रहे। मौसम विभाग ने 31 मार्च तक पश्चिमी राजस्थान के सभी जिलों में लू चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी जयपुर में दिन का तापमान 38.7 और रात का तापमान 20.6  डिग्री दर्ज किया गया। बाड़मेर में रविवार को दिन का तापमान 41.9 डिग्री दर्ज हुआ, जो प्रदेश में सर्वाधिक रहा। <br /><br /><strong>इन जिलों में चलेगी लू</strong><br />28 मार्च को बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर और जालौर, 29 मार्च को बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर और जालौर और 30 मार्च को बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर और जालौर में लू चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। इसी तरह 31 मार्च को अजमेर, भीलवाड़ा, बूंदी, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, झुंझनूं, करौली, कोटा, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक, बीकानेर, बाड़मेर, चूरू, जैसलमेर, जोधपुर, जालौर, नागौर और पाली में लू चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। <br /><br /><strong>कैसा रहेगा मौसम का मिजाज</strong><br />राज्य में आगामी दिनों में मौसम शुष्क बना रहेगा। तापमान में आगामी 48 घंटों में 1-2 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम विभाग जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि आगामी दिनों में पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर सम्भाग में अधिकतम तापमान 41-42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। जोधपुर व बीकानेर संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर हीट वेव तथा पूर्वी राजस्थान के उदयपुर, अजमेर व जयपुर संभाग में कहीं-कहीं हीट वेव दर्ज होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/yellow-alert-of-heat-wave-in-western-districts--now-heat-will-show-effect/article-6883</link>
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                <pubDate>Mon, 28 Mar 2022 14:25:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>शेयर बाजार पर यूक्रेन संकट का रहेगा असर </title>
                                    <description><![CDATA[पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम और कच्चे तेल की कीमत में आई गिरवाट से उत्साहित निवेशकों को लिवाली के बल पर दो प्रतिशत से अधिक बढ़कर गिरावट से उबरे शेयर बाजार पर रूस-यूक्रेन संकट, महंगाई और औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों का असर रहेगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/effect-of-ukraine-at-share-market/article-6055"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/sansex-04-copy2.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम और कच्चे तेल की कीमत में आई गिरवाट से उत्साहित निवेशकों को लिवाली के बल पर दो प्रतिशत से अधिक बढ़कर गिरावट से उबरे शेयर बाजार पर रूस-यूक्रेन संकट, महंगाई और औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों का असर रहेगा। बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1216.49 अंक यानी 2.24 प्रतिशत बढ़कर 55 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से अधिक 55550.30 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 385.1 अंक अर्थात 2.37 प्रतिशत बढ़कर 16630.45 अंक पर आ गया।</p>
<p>छोटी कंपनियों में भी लिवाली का बल रहा। बीएसई का मिडकैप 691.37 की तेजी के साथ 23309.95 अंक और स्मॉलकैप 854.77 अंक बढ़कर  27141.43 अंक हो गया। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Mar 2022 13:08:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>युद्ध की कीमत</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और यूरोपीय देशों ने यूक्रेन पर युद्ध थोपने के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराते हुए उस पर भारी भरकम प्रतिबंध लगा देने का असर रूस की अर्थव्यवस्था पर पड़ने लग गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/editorial--cost-of-war--the-us-and-european-countries--blaming-russia-for-imposing-war-on-ukraine--imposed-heavy-sanctions-on-it--the-effect-of-russia-s-economy-has-started-falling/article-5308"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/uk.jpg" alt=""></a><br /><p>अमेरिका और यूरोपीय देशों ने यूक्रेन पर युद्ध थोपने के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराते हुए उस पर भारी भरकम प्रतिबंध लगा देने का असर रूस की अर्थव्यवस्था पर पड़ने लग गया है। रविवार को रूस ने यूक्रेन से वार्ता की पेशकश की थी और वार्ता हुई भी, लेकिन सफल नहीं रही। यूक्रेन रूस के दबाव में नहीं आया और राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस को मुंह तोड़ जवाब देने का संकल्प दोहरा दिया। नाटो ने यूक्रेन में अभी तक अपनी सेना भले ही नहीं उतारी हो, लेकिन यूक्रेन को दूसरे पश्चिमी देश हथियार उपलब्ध करा रहे हैं और उसे आर्थिक मदद भी मिल रही है। युद्ध को छह दिन पूरे हो गए हैं, लेकिन उम्मीद के मुताबिक रूस का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है। पुतिन को इसकी उम्मीद नहीं थी कि युद्ध इतना लंबा खिंच जाएगा। यूक्रेन की सैन्य ताकत भले ही रूस के मुकाबले कम हो, लेकिन यूक्रेन की सेना और नागरिकों का मनोबल कहीं ज्यादा बड़ा दिख रहा है। नागरिक भी युद्ध के मोर्चे पर डटे हैं। हड़बड़ाए राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन को दबाव में लाने के लिए परमाणु हमले तक की धमकी भी दे दी। इस धमकी से दुनिया भी सकते में आई, लेकिन रूस को अच्छी तरह पता है परमाणु हमला आसान नहीं है। रूस-यूक्रेन का भले ही दो देशों के बीच युद्ध होता दिख रहा है, मगर इसकी मार रूस सहित पूरी दुनिया को किसी न किसी रूप में झेलनी पड़ेगी। यूक्रेन में भारी तबाही हो गई है तो डर यह भी बना हुआ है कि यह जंग दुनिया के ज्यादातर देशों की अर्थव्यवस्था को फिर से चौपट न कर दें। इसका असर अमेरिका, यूरोप से लेकर चीन व भारत तक पर भी पड़े बिना नहीं रहने वाला है। इसका असर ज्यादातर देशों में दिखने भी लगा है। शेयर बाजारों में उथल-पुथल मची हुई है। रूस में तो अर्थयुद्ध की स्थिति तक बन गई है। रूस पर आर्थिक प्रतिबंधों का असर यहां तक हुआ कि सोमवार को रूसी करंसी रुबल 26 फीसदी कमजोर हो गई। एक अमेरिकी डॉलर अब 105.27 रुबल का हो गया है, जो शुक्रवार तक 84 रुबल तक था। इतनी बड़ी गिरावट के चलते रूस के सेंट्रल बैंक ने ब्याज दरें 9.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दी हैं। स्टॉक एक्सचेंज बंद कर दिए गए हैं ताकि रुबल और गिरे। विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन की भरपाई यूरोपीय और अन्य देश भी जैसे-तैसे कर लेंगे, लेकिन रूस की भरपाई मुश्किल हो जाएगी। पुतिन भी इस बात को समझ रहे होंगे। युद्ध की वजह से हर देश चुनौतियों से जूझने को मजबूर होगा। रूस-यूक्रेन संकट को कैसे भी खत्म करने की जरूरत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Mar 2022 12:10:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दैनिक नवज्योति की खबर का असर, गहलोत का बड़ा फैसला, प्रदेशभर में कृषि भूमि नीलामी रोकने के दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/%E0%A4%A6%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%96%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A4%B0--%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A5%9C%E0%A4%BE-%E0%A4%AB%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A4%BE--%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%AD%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A4%BF-%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%BF-%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6/article-4082"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/ashok_gehlot_630x4001.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में रिजर्व बैंक के नियंत्रण में आने वाले व्यवसायिक बैंकों की ओर से किसानों के ऋण न चुका पाने के कारण रोड़ा एक्ट (Removal of Difficulties Act ) के तहत भूमि कुर्की व नीलामी की कार्यवाही पर रोक लगाने के निर्देश दिए है। गहलोत ने ट्वीट के जरिए कहा कि राज्य सरकार ने सहकारी बैंकों के ऋण माफ किये हैं व भारत सरकार से आग्रह किया है कि कमर्शियल बैंकों से वन टाइम सैटलमेंट कर किसानों के ऋण माफ करें। राज्य सरकार भी इसमें हिस्सा वहन करने हेतु तैयार है।<br /> <br /> हमारी सरकार ने 5 एकड़ तक कृषि भूमि वाले किसानों की जमीन नीलामी पर रोक का बिल विधानसभा में पास किया था परन्तु अभी तक राज्यपाल महोदय की अनुमति ना मिल पाने के कारण यह कानून नहीं बन सका है। मुझे दुख है कि इस कानून के ना बनने के कारण ऐसी नौबत आई। मैं आशा करता हूं कि इस बिल को जल्द अनुमति मिलेगी जिससे आगे ऐसी नीलामी की नौबत नहीं आएगी।</p>
<p>उल्लेखनिय है कि दैनिक नवज्योति ने प्राथमिकता से मुद्दा उठाते हुए ख़बर प्रकाशित की थी कि प्रदेश में किसानों की कर्ज माफी पिछले तीन सालों से मुद्दा बनी हुई है। सरकार का दावा है कि उसने हजारों करोड़ रुपए किसानों के कर्जे के माफ किए है लेकिन राजधानी के सबसे समीपवर्ती जिले दौसा से आई एक खबर ने कर्ज माफी की जमीनी हकीकत बता दी है। कर्ज में डूबे एक किसान की जमीन को पहले कुर्क किया गया और मंगलवार को उस जमीन की नीलामी भी कर दी गई। ऐसे में जमीन नीलाम होने के बाद किसान का परिवार आत्महत्या करने को मजबूर है क्योंकि परिवार के भरण पोषण का अब कोई जरिया नहीं रहा है। दौसा जिले के रामगढ़ पचवारा के जामुन की ढाणी के कजोड़ मीणा ने राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक से केसीसी का लोन लिया था। वर्ष 2017 के बाद किसान ने 7 लाख रुपए से अधिक का ऋण नहीं चुकाया। लोन लेने वाले किसान कजोड़ मीणा की मौत भी हो गई। बैंक ने मृतक किसान के पुत्र राजू लाल और पप्पू लाल को कई बार नोटिस दिए। लेकिन गरीब परिवार सरकार के कर्जमाफी के इंतजार में लोन जमा नहीं करा पाया। ऐसे में रामगढ़ पचवारा एसडीएम कार्यालय की ओर से जमीन कुर्की के आदेश दिए गए।<br /> <br /> बता दे कि मंगलवार को जमीन की नीलामी की प्रक्रिया की गई। किसान कजोड़ मीणा की करीब 15 बीघा 2 बिस्वा जमीन 46 लाख 51 हजार रुपए में नीलाम कर दी गई। यह जमीन किरण शर्मा निवासी मंडावरी ने खरीदी। नीलामी के बाद किसान परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। उनके सामने प्रश्न ये है कि वे अब कहां जाएं। अपने परिवार को कैसे पाले? ऐसे में किसान परिवार के सदस्य आत्महत्या को मजबूर होने की बात कहते हुए नजर आए। किसान की जमीन की नीलामी रोकने को लेकर हाल ही में किसानों ने उपखंड कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर उपखंड अधिकारी से नीलामी रोके जाने को लेकर ज्ञापन भी सौंपा था। बैंक मैनेजर ने किसान के पुत्रों को एक मुश्त समझौता के तहत छूट पर कर्ज जमा कराने की कोशिश भी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अलवर</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Jan 2022 12:33:35 +0530</pubDate>
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