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                <title>pushkar fair 2025 - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>संस्कृतियों का संगम स्थल बना पुष्कर : साफा बांधो प्रतियोगिता में 10 विदेशी युगल ने भाग लिया, अर्जेंटाइना का युगल विजेता</title>
                                    <description><![CDATA[पुष्कर सरोवर में कार्तिक एकादशी के साथ शुरू हुए पंचतीर्थ स्नान के दूसरे दिन भी तीर्थ नगरी में श्रद्धालुओं के आने का क्रम जारी रहा। सोमवार को दिनभर मेलार्थियोें की खासी चहल-पहल रही। देशी के साथ विदेशी पर्यटक भी सरोवर का पूजन कर पुण्य कमा रहे है।
 श्रद्धालुओं ने सरोवर में स्नान व ब्रह्मा मंदिर समेत मंदिरों के दर्शन कर पुण्य कमाने के साथ मेलेलुत्फ उठाया। मेले में ग्रामीण व विदेशी पर्यटकों की उमड़ रही भीड़ के चलते पुष्कर इन दिनों पूरब-पश्चिम की संस्कृति का संगम स्थल बना हुआ है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/pushkar-became-a-confluence-of-cultures-10-foreign-couples-participated/article-131373"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(7)1.png" alt=""></a><br /><p>पुष्कर। पुष्कर सरोवर में कार्तिक एकादशी के साथ शुरू हुए पंचतीर्थ स्नान के दूसरे दिन भी तीर्थ नगरी में श्रद्धालुओं के आने का क्रम जारी रहा। सोमवार को दिनभर मेलार्थियोें की खासी चहल-पहल रही। देशी के साथ विदेशी पर्यटक भी सरोवर का पूजन कर पुण्य कमा रहे है।<br /> श्रद्धालुओं ने सरोवर में स्नान व ब्रह्मा मंदिर समेत मंदिरों के दर्शन कर पुण्य कमाने के साथ मेलेलुत्फ उठाया। मेले में ग्रामीण व विदेशी पर्यटकों की उमड़ रही भीड़ के चलते पुष्कर इन दिनों पूरब-पश्चिम की संस्कृति का संगम स्थल बना हुआ है। विदेशी मेहमानों का तांता लगा हुआ है। <br />पवित्र पुष्कर सरोवर में साधु, संत महात्माओं द्वारा ब्रह्म चौदस के पवित्र मौके पर सोमवार को ब्रह्म मुहुर्त में शाही स्नान किया जाएगा।</p>
<p>शाही स्नान में सैन भक्ति पीठ के संस्थापक सैनाचार्य स्वामी अचलानंदाचार्य महाराज एवं रामरमैया आश्रम के संत प्रेमदास महाराज की अगुवाई में आश्रमों के संत, महात्मा, साधुओं व महंतों द्वारा सोमवार सुबह 7 बजे माधव नगर स्थित बाबा रामदेव आश्रम से बैण्ड बाजों के साथ शाही यात्रा आरंभ होगी जो संयास आश्रम, रामधाम, गायत्री शक्ति पीठ, गुरुद्वारा होते हुए सप्तऋषि घाट पहुंचेगी। जहां सैनाचार्य पुष्कर सरोवर का पूजन व अभिषेक कर शाही डूबकी लगाएंगे। उनके साथ साधु-संत भी सरोवर में स्नान करेंगे। पवित्र कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की वैकुण्ठ चतुदर्शी ब्रह्म चौदस के अवसर पर सोमवार को स्नान का विशेष महत्व होने से श्रद्धालु उमड़ेंगे। </p>
<p><strong>विदेशी महिलाओं ने बांधे राजस्थानी साफे</strong><br />पुष्कर मेले में सोमवार को विदेशी युगल की साफा बांधों प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। जिसमें अलग-अलग देशों के 10 विदेशी युगल ने उत्साह से भाग लिया। इसमें विदेशी महिलाओं ने अपने साथी पुरूष के सिर पर राजस्थानी परंपरा के अनुसार साफा बांधे। प्रतियोगिता में अजेंर्िटना के कपल ने कम समय में सुंदर साफा बांध कर बाजी मारी। दूसरे स्थान पर रसिया व तीसरे स्थान पर कनाड़ा का युगल रहा। तीनों विजेता युगल को स्मृति चिह्न देकर पुरस्कृत किया गया।</p>
<p><strong>राम सिंह ने जताई आपत्ति</strong><br />मूंछ प्रतियोगिता शुरू होने के बाद आयोजक व निर्णायकों ने नए प्रतियोगियों को पुरस्कार जीतने का मौका देने के उद्देश्य से मेले में पूर्व में विजेता किसी भी प्रतियोगी को प्रतियोगिता में शामिल नहीं करने का निर्णय किया। इस पर पिछले साल के विजेता रहे पाली जिले के मेलावास निवासी राम सिंह राजपुरोहित ने आपत्ति जताई। </p>
<p>खास बात यह है कि इस निर्णय से पहले ही राम सिंह अपनी मूंछों का प्रदर्शन कर चुके थे। ज्ञात रहे कि राम सिंह ने अपनी मूंछों के दम पर पुष्कर ही नहीं बल्कि जैसलमेर, जोधपुर, पाली, बाड़मेर, रणकपुर सहित अमूमन सभी पर्यटन मेलों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। इतना ही नहीं पुष्कर मेले में 13 बार पुरस्कार जीत चुके है। इनमें से 5 बार तो प्रथम स्थान पर रहे।</p>
<p><strong>अजमेर के रावण सरकार ने लगाए ठहाके</strong><br />अजमेर के मोहन सिंह उर्फ रावण सरकार ने अपनी मूंछों से तीर-बाण बना कर प्रदर्शन किया तथा रावण के अंदाज में जमकर ठहाके लगाते हुए देशी-विदेशी मेहमानों का मनोरंजन किया। इस बार उनके बेटे ने भी प्रतियोगिता में भाग लेकर मूंछों का प्रदर्शन किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 12:23:32 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पुष्कर मेला 2025 : संस्कृति की नुमाइश का जश्न, पशुओं की तिजारत और श्रद्धा का ज्वार</title>
                                    <description><![CDATA[आंवला नवमी के उपलक्ष्य में बड़ी संख्या में श्रद्घालुओं ने पवित्र सरोवर में डुबकी लगाई। महिलाओं ने आंवला के पेड़ की पूजा-अर्चना कर मंदिरों के दर्शन कर आंवले का प्रसाद चढ़ाया। शुक्रवार को आंवला नवमी के योग पर श्रद्घालुओं ने ब्रह्म मुहूर्त में ही पवित्र सरोवर में स्नान प्रारम्भ कर दिया। महिलाओं ने आंवले के पेड़ की पूजा की तथा पुष्कर सरोवर की परिक्रमा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/pushkar-fair-2025-celebration-of-display-of-culture-trade-of/article-131132"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/_4500-px)-(4).png" alt=""></a><br /><p>पुष्कर। आंवला नवमी के उपलक्ष्य में बड़ी संख्या में श्रद्घालुओं ने पवित्र सरोवर में डुबकी लगाई। महिलाओं ने आंवला के पेड़ की पूजा-अर्चना कर मंदिरों के दर्शन कर आंवले का प्रसाद चढ़ाया। शुक्रवार को आंवला नवमी के योग पर श्रद्घालुओं ने ब्रह्म मुहूर्त में ही पवित्र सरोवर में स्नान प्रारम्भ कर दिया। महिलाओं ने आंवले के पेड़ की पूजा की तथा पुष्कर सरोवर की परिक्रमा। शाम ढलते ही महिलाएं सरोवर स्थित घाटों पर उमड़ पड़ीं व गऊ घाट की मुख्य आरती के साथ ही दीप प्रज्ज्वलित कर सरोवर में प्रवाहित किए।</p>
<p><strong>आस्था से सराबोर</strong><br />विश्व प्रसिद्ध पुष्कर पशु मेले की रौनक अपने चरम पर है। एक तरफ नए मेला मैदान में पशुओं की खरीद-फरोख्त जारी है। दूसरी तरफ पुराने मेला मैदान में देशी-विदेशी मेहमानों के बीच आयोजित ग्रामीण खेलकूद व पशु प्रतियोगिताएं आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। धार्मिक मेला 2 नवंबर से शुरू होगा। डुबकी लगाने में सात समुंदर पार से आए विदेशी भी पीछे नहीं हैं। विदेशी सैलानियों के आने के साथ पुष्कर सरोवर की पूजा अर्चना कर मंदिरों के दर्शन भी कर रहे हैं। पूजा अर्चना के बाद वे रेतीले धोरों में घूमकर यहां की छटा का आनंद ले रहे है।</p>
<p><strong>6209 पशुओं की आवक,4.60 लाख का बिका घोड़ा</strong><br />पुष्कर पशु मेले में पशुओं की आवक के साथ-साथ पशुओं की खरीद-फरोख्त का दौर जारी है। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सुनील घीया ने बताया कि मेले में अब तक सबसे महंगा अश्व 4.60 लाख का बिका है। यह अश्व वंश हरिद्वार के दिवित चौधरी ने आमेर जयपुर के कैलाश से खरीदा। वहीं सबसे महंगा भैंसा 3.83 लाख और ऊंट 84 हजार रुपए में बिका है। मेला अधिकारी डॉ. सुनील घीया ने बताया कि मेले में शुक्रवार की शाम तक 6 हजार 209 पशुओं की आवक दर्ज की गई है। इनमें सर्वाधिक 4 हजार 5 सौ 88 अश्व एवं 1571 ऊंट वंश शामिल है। इसके अलावा 24 गौ वंश व 24 भैंस वंश भी आए है। राजस्थान के बाहर से कुल 1347 मवेशी आए है। अश्व नए और ऊंट प्रतियोगिता पुराने मेला मैदान में: मेला अधिकारी डा. घीया ने बताया कि मेले में 2 नवंबर से पशु प्रतियोगिताएं शुरू होगी। अश्व वंश की प्रतियोगिता इस बार नए मेला मैदान में होगी। जबकि ऊंट प्रतियोगिता पुराने मेला मैदान में होगी। 2 नवंबर को अश्व मादा वंश और 3 नवंबर को नर अश्व वंश की विभिन्न प्रतियोगिता होगी। </p>
<p><strong>एक टांग पर दौड़ीं देशी व विदेशी युवतियां नागौर की पिंकू अव्वल, विदेशी युवती दूसरे स्थान पर रही</strong><br />मेला स्टेडियम में शुक्रवार सुबह देशी-विदेशी युवतियों के बीच लंगड़ी टांग प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें 8 विदेशी समेत कुल 16 युवतियों ने भाग लिया। इस दौरान एक टांग पर 50 मीटर की लंबी दौड़ लगाने की रोचक प्रतियोगिता के दौरान कुछ प्रतियोगी युवतियां तो मंजिल तक पहुंचने से पहले ही रास्ते में गिर गई। प्रतियोगिता में पहले स्थान पर नागौर की पिंकू रही। जबकि दूसरे स्थान पर विदेशी युवती रही।<br />सतोलिया व गिल्ली डंडा खेल में रोमांचित हुए विदेशी: लंगड़ी टांग प्रतियोगिता के बाद देसी-विदेशी युवकों के बीच सतोलिया एवं गिल्ली डंड़ा प्रतियोगिता खेली गयी। दोनों मैचों में 7-7 खिलाड़ी शामिल किए। विदेशी टीम भले ही दोनों मैच हार गई। लेकिन विदेशी मेहमानों ने एक घंटे तक खूब एंजॉय किया। आयोजकों ने पहले विदेशी मेहमानों को खेल के नियम बताएं तथा डेमो करके भी दिखाया। शनिवार को सुबह 10 बजे देशी-विदेशी के बीच कबड्डी मैच खेला जाएगा।</p>
<p>ऊंट शृंगार में मांगीलाल का ऊंट प्रथम: मेला स्टेडियम में शुक्रवार को ऊंट शृंगार प्रतियोगिता विदेशी मेहमानों के लिए आकर्षण का केंद्र रही। प्रतियोगिता में 7 ऊंट पालकों ने अपने-अपने ऊंटों को दूल्हे की तरह सजा कर लेकर पहुंचे। बारी-बारी से सभी प्रतियोगियों ने अपने सजे-धजे ऊंटों को मंच के सामने कैट वॉक करा कर उनकी सजावट का प्रदर्शन किया। ऊंट शृंगार प्रतियोगिता में मांगीलाल सीकर, अशोक सिंह चावंडिया और गुमान सिंह गनाहेड़ा विजयी रहे। सभी विजेताओं को पर्यटन विभाग की ओर से पुरस्कृत किया गया।</p>
<p><strong>नृत्य में झुंझुनु के नैकीराम का ऊंट रहा प्रथम: </strong>ऊंट शृंगार प्रतियोगिता के बाद कैमल डांस प्रतियोगिता आयोजित की गई। खास बात यह रही कि आधे घंटे के इंतजार के बावजूद तीन ऊंट पालक ही प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए तैयार हुए। लेकिन तीनों ही प्रतियोगी ऊंटों ने ढ़ोल की थाप पर जमकर ठुमके लगाएं तथा मैदान व खाट पर दो पैरों के दम पर उछल-उछल कर कंगारू की मुद्रा में डांस किया। प्रतियोगिता में ऊंट पालकों को करतब दिखाने और न ही चाबूक का उपयोग करने की अनुमति दी गई। लेकिन उन्होंने ऊंटों के साथ नृत्य करने के साथ-साथ करतब भी दिखाएं। झुंझनु के ऊंट के साथ आए 14 वर्षीय बालक ऊंट पालक रॉकी ने ऊंट के साथ हैरत अंगेज करतब दिखाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Nov 2025 12:00:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पुष्कर मेले में लोक कला और संस्कृति की छटा बिखरी : गऊघाट पर सजी 56 भोग की झांकी, डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने ध्वजारोहण से किया शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व विख्यात पुष्कर मेले की विधिवत शुरूआत रिमझिम फुहारों के बीच उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने मेला स्टेडियम में राष्ट्रगान के बीच झंडारोहण कर किया। इसके साथ मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद एवं पशु प्रतियोगिताएं भी शुरू हो गई। शुभारंभ समारोह को संबोधित करते दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान सरकार ने पुष्कर मेले के लिए इस वर्ष 70 लाख रुपए का बजट बढ़ाकर एक करोड़ रुपए कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/pushkar-fair-was-full-of-folk-art-and-culture-56/article-131024"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/_4500-px)-(5)2.png" alt=""></a><br /><p>पुष्कर। विश्व विख्यात पुष्कर मेले की विधिवत शुरूआत गुरुवार को रिमझिम फुहारों के बीच उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने मेला स्टेडियम में राष्ट्रगान के बीच झंडारोहण कर किया। इसके साथ मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद एवं पशु प्रतियोगिताएं भी शुरू हो गई। शुभारंभ समारोह को संबोधित करते दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान सरकार ने पुष्कर मेले के लिए इस वर्ष 70 लाख रुपए का बजट बढ़ाकर एक करोड़ रुपए कर दिया है। उन्होंने पुष्कर मेले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति बढ़ाने के लिए प्रयास करने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि राजस्थानी संस्कृति एवं घूमर नृत्य को दूर-दूर तक पहुंचाने के लिए 19 नवंबर से राजस्थान के सातों संभाग मुख्यालयों पर घूमर नृत्य का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने पुष्कर के ब्रह्मलोक कोरिडोर की डीपीआर तैयार कार्य जल्द ही शुरू करने की कहा। इस दौरान उन्होंने  मेला मैदान में घूमर नृत्य की प्रस्तुति के दौरान बालिकाओं के साथ नृत्य किया।</p>
<p>इससे पूर्व पुष्कर के ज्योतिषाचार्य पंडित कैलाश दाधीच ने मुख्यअतिथि एवं जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत को विधिवध रूप से पूजा-अर्चना करवाई।  शुभारंभ पर पर्यटन विभाग की ओर से सांस्कृतिक यात्रा का आयोजन किया गया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 50 से अधिक लोक कलाकारों ने अलग-अलग वाद्य यंत्रों व नृत्य की प्रस्तुति देकर मेले में लोक कला एवं संस्कृति की छटा बिखेरी। यात्रा की शुरूआत ब्रह्मा मंदिर से हुई जो मुख्य मार्गो से होती मेला स्टेडियम पहुंचने पर सम्पन्न हुई। पुष्कर मेले के शुभारंभ के मौके पर विभिन्न घाटों पर महाआरती की गई। इसी कड़ी में जयपुर घाट पर नगर परिषद पुष्कर की ओर से पंडित चन्द्रशेखर गौड़ के मंत्रोच्चार के बीच महाआरती का आयोजन किया गया। </p>
<p><strong>फुटबॉल मैच में मेजबान जीते, मेहमान हारे</strong><br /> मेले के शुभारंभ पर मेला स्टेडियम में पर्यटन विभाग व मेला विकास समिति की ओर से देशी और विदेशी टीमों के बीच चक दे राजस्थान फुटबॉल मैच आयोजित किया गया। एक घंटे चले इस रोमांचक मैच में मेजबानी कर रही स्थानीय युवकों की टीम विदेशी टीम पर भारी पड़ी। स्वदेशी टीम ने 2 गोल किए। इसके मुकाबले विदेशी टीम ने एक गोल किया। मांडणा प्रतियोगिता में जिले की 8 पंचायत समितियों की 40 ग्रामीण महिलाओं व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान 1 इजरायल की विदेशी पर्यटक ने भी इजरायल भाषा में लिखा साथ ही अंग्रेजी में वी लव इजरायल लिखकर मांडणा बनाया। </p>
<p><strong>राजस्थानी गीत पर सामूहिक लोक नृत्य की प्रस्तुति </strong><br />मेले के शुभारंभ पर पुष्कर की विभिन्न शिक्षण संस्थानों की करीब दो सौ से अधिक छात्राओं ने राजस्थानी गीत पर सामूहिक लोक नृत्य की प्रस्तुति देकर मेला मैदान में मौजूद देशी-विदेशी मेलार्थियों का मनमोह लिया। इस दौरान दर्शकों ने छात्राओं का तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Oct 2025 11:53:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Pushkar Fair 2025 : बिगड़े मौसम की वजह से पशु पालकों पर मौसम की मार, ठिठुरने को मजबूर </title>
                                    <description><![CDATA[दो दिन से बिगड़े मौसम की वजह से पुष्कर पशु मेले में पशुओं की आवक पर प्रभाव पड़ा साथ ही पशुओं का कारोबार भी प्रभावित हुआ। मंगलवार को दिनभर तेज शीतलहर चलने से रेतीले धोरों में लगे पशुओं व पशुपालकों के तंबू उखड़ गए तथा पशुपालक ठिठुरते रहे। दो दिन से पशुपालक ठंड़ व बारिश से बचाव के जतन कर रहे है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/pushkar-fair-2025-animal-farmers-forced-to-suffer-due-to/article-130820"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(4)14.png" alt=""></a><br /><p>पुष्कर। दो दिन से बिगड़े मौसम की वजह से पुष्कर पशु मेले में पशुओं की आवक पर प्रभाव पड़ा साथ ही पशुओं का कारोबार भी प्रभावित हुआ। मंगलवार को दिनभर तेज शीतलहर चलने से रेतीले धोरों में लगे पशुओं व पशुपालकों के तंबू उखड़ गए तथा पशुपालक ठिठुरते रहे। दो दिन से पशुपालक ठंड़ व बारिश से बचाव के जतन कर रहे है। कोई पशुओं को बोरियां, चादर, प्लास्टिक की पन्नी और कंबल ओढ़ा रहे तो कोई तथा अलाव जलाकर ठंड से बचाव कर रहे है। मौसम के कारण मेला मैदान में विदेशी मेहमान भी कम नजर आए।</p>
<p>परबतसर के ऊंटपालक राम सिंह ने बताया कि रिमझिम बरसात व तेज हवा के कारण रात को एक पल भी नींद नहीं ले सके। बारिश व ठंड से बचाव करने में ही रात गुजर गई। वहीं सांचोर के पशुपालकों ने कहा कि अगर ऐसा ही मौसम रहा तो मेला बिखर जाएगा। पुष्कर पशु मेले में होने वाली अश्वों की खरीद-फरोख्त पर इस बार 5 प्रतिशत जीएसटी देना अनिवार्य होगा। इसके लिए पशुपालन विभाग को अश्व क्रेता-विक्रेता को एनओसी जारी करने से पहले राज्य कर विभाग को सूचित करना होगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Oct 2025 11:53:21 +0530</pubDate>
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