<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/rainy/tag-5947" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>rainy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/5947/rss</link>
                <description>rainy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होने की संभावना : 3 दिन चलेगा बारिश का दौर, सर्दी का असर बढ़ने की उम्मीद </title>
                                    <description><![CDATA[ इस तंत्र के प्रभाव से दक्षिणी व पूर्वी भागों में 26 से 29 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। वहीं इस तंत्र का सर्वाधिक असर 27-28 अक्टूबर को होने की संभावना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-is-a-possibility-of-rainy-season-starting-once-again/article-130559"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/rain2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। इसके असर से तापमान में कमी आने और सर्दी का असर बढ़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग केन्द्र जयपुर से मिली जानकारी के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिमी भारत में 26 अक्टूबर से सक्रिय होने वाला है। इस तंत्र के प्रभाव से दक्षिणी व पूर्वी भागों में 26 से 29 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। वहीं इस तंत्र का सर्वाधिक असर 27-28 अक्टूबर को होने की संभावना है।</p>
<p>इसके साथ ही 26-27 अक्टूबर को उदयपुर, कोटा, अजमेर, जोधपुर व जयपुर संभाग के कुछ भागों में भी बादल छाने के साथ ही मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। इस दौरान कोटा, उदयपुर संभाग व आसपास के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां 28-29 अक्टूबर को भी दक्षिण-पूर्वी भागों में जारी रहने की संभावना है। इस बीच शनिवार को प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान सीकर में 13 डिग्री दर्ज किया गया। राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री दर्ज किया गया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-is-a-possibility-of-rainy-season-starting-once-again/article-130559</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-is-a-possibility-of-rainy-season-starting-once-again/article-130559</guid>
                <pubDate>Sun, 26 Oct 2025 10:33:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-06/rain2.png"                         length="443166"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा उत्तर वार्ड नं. 13- राजपूत कॉलोनी में आता है नाले का गंदा पानी</title>
                                    <description><![CDATA[नाले की गंदगी, दूषित पानी और उपेक्षित सुविधाएं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-no--13--dirty-drain-water-enters-rajput-colony/article-125569"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/1ne1ws-(630-x-400-px)-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के वार्ड नं. 13 की स्थिति इन दिनों बेहद दयनीय है। वार्डवासियों का कहना है कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान की ओर जिम्मेदारों का कोई ध्यान नहीं है। राजपूत कॉलोनी के पास से गुजरने वाले नाले में वर्षों से कचरे का ढेर जमा है। सफाई के लिए की गई शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। बरसात के दिनों में यही गंदा पानी कॉलोनीवासियों के घरों में घुस जाता है, जिससे लोगों का जीना दूभर हो जाता है। इसी वार्ड के कंसुआ अफोर्डेबल योजना में रहवासी स्वच्छ पेयजल के लिए तरस रहे हैं। रहवासियों का कहना है कि पानी की टंकी तो बना दी गई, लेकिन उसकी सफाई नहीं होने से गंदा व बदबूदार पानी आता है, जो पीने योग्य नहीं है। मजबूरीवश लोगों को बाहर से पानी भर कर लाना पड़ रहा है। वार्ड का सामुदायिक भवन भी बदहाल है और स्थानीय लोगों के अनुसार वह अब नशेड़ियों का अड्डा बन चुका है। चारों ओर फैली गंदगी और सुविधाओं की कमी से वार्डवासियों में गहरी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि वार्ड का कोई धणीधोरी नहीं है, सब कुछ भगवान भरोसे चल रहा है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />मल्टी मैटल, नागपाल बस्ती, राजपूत कॉलोनी का सम्पूर्ण भाग, झीरी के हनुमान मन्दिर का क्षेत्र, आजाद बस्ती कन्सुवां अफोर्डेबल, चन्द्रशेखर अफोर्डेबल, गत्ता फैक्ट्री रोड़ के आमने सामने का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>कंसुआ अफोर्डेबल में मूलभूत सुविधाओं का अभाव</strong><br />कंसुआ अफोर्डेबल में रहवासी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासी रश्मि सहित अन्य लोगों का कहना है कि पानी की टंकी की सफाई लंबे समय से नहीं होने के कारण घरों में गंदा और मटमैला पानी आ रहा है, जो पीने योग्य नहीं है। मजबूरन लोगों को बाहर से पानी भर कर लाना पड़ रहा है। इसके अलावा कॉलोनी में बने सामुदायिक भवन की हालत भी खराब है। भवन अब नशेड़ियों का अड्डा बन चुका है, जिससे महिलाओं और बच्चों को असुरक्षा का माहौल महसूस होता है। रहवासियों ने समस्या का समाधान शीघ्र कराने की मांग की है।</p>
<p><strong>राजपूत कॉलोनी में नाले का पानी, बढ़ी परेशानी</strong><br />वार्ड में स्थित राजपूत कॉलोनी के रहवासी लंबे समय से नाले की समस्या से जूझ रहे हैं। कॉलोनी से सटा नाला सालों से साफ नहीं होने के कारण कचरे से जाम हो चुका है। बारिश के समय नाले का गंदा पानी उफनकर कॉलोनी की गलियों और घरों में भर जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। वार्डवासी दीपू बना ने बताया कि नाले की सफाई नहीं होने से स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। कई बार उच्च अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करवाने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />वार्ड पार्षद मंजू अग्रवाल ने बताया कि नाले की समस्या को दूर करने के लिए संबंधित विभाग को अवगत करवाया गया है। वहीं वार्ड के सामुदायिक भवन की स्थिति को भी शीघ्र ही सुधार दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-no--13--dirty-drain-water-enters-rajput-colony/article-125569</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-no--13--dirty-drain-water-enters-rajput-colony/article-125569</guid>
                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 16:26:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/1ne1ws-%28630-x-400-px%29-%282%291.png"                         length="590954"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा उत्तर वार्ड 4 - सुभाष सर्किल पर नहीं है कार पार्किंग सड़कें हो जाती है जाम</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश के दिनों में नालियां ओवरफ्लो हो जाती है तथा पानी सड़कों पर फैल जाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-4---there-is-no-car-parking-at-subhash-circle--roads-get-jammed/article-125224"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(6)37.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के कोटा उत्तर वार्ड 4 में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। वार्ड की अधिकांश कॉलोनियां संकरी होने की वजह से जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं पाटनपोल  की मुख्य बाजार सड़क पर शाम के  समय जाम रहता है। पाटनपोल स्थित मनसापूर्ण मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वार्ड में सुभाष सर्कल पर सड़क के दोनों तरफ रोड लाइट की सुचारू रूप से व्यवस्था नहीं है। वहां पर रात के समय में राहगीरों व वाहनचालकों के लिए परेशानी की सबब बनी हुई है। यहां रात्रि में वाहनचालकों के पीछे कुते भी दौड़ते रहते है, इसके चलते कई जनें घायल भी हो चुके है।  स्थानीय निवासी सलीम अंसारी का कहना है कि सुभाष सर्किल बाजारी क्षेत्र होने के कारण पार्किंग की बड़ी समस्या बनी हुई है। यहां आने वाली कारों के लिए पार्किंग नहीं होने से कही भी वाहन चालक वाहन लगा देते हैं जिसके चलते आवाजाही के साथ मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति भी बन जाती है। वार्ड की अधिकांश नालियों में निकासी व्यवस्था सही नहीं है। बारिश के दिनों में नालियां ओवरफ्लो हो जाती है तथा पानी सड़कों पर फैल जाता है।</p>
<p><strong>वार्ड में नहीं है पार्क व सामुदायिक भवन</strong><br />स्थानीय निवासी सलीम अंसारी ने बताया कि इस वार्ड में ना तो पार्क की व्यवस्था है और ना ही सामुदायिक भवन बना हुआ है। बच्चों को शरीरिक एक्टिवीटी के लिए अन्यत्र जाना पड़ता है। वहीं सीनियर सिटीजन को भी घूमने में दिक्कत आती है। वार्ड के रहवासियों के लिए सामाजिक व धार्मिक आयोजनों के लिए सामुदायिक भवन भी बना हुआ नहीं है। छोटे-मोटे कार्यक्रमों के लिए भी होटलों का सहारा लेना पड़ता है। </p>
<p><strong>सड़कें सीसी लेकिन डिवाइडर बहुत ऊंचे</strong><br />वार्ड में सड़के तो सीसी बनी हुई है लेकिन यहां डिवाइडर भी बहुत ऊंचे बने है। सुभाष सर्किल की ओर जाने वाले मार्ग पर डिवाइडर काफी ऊंचा बना हुआ है। इससे वहां से गुजरने वाले चौपहिया व दुपहिया वाहनों को काफी परेशानी होती है। बरसात के दिनों में डिवाइडर के दोनों तरफ जलभराव की स्थिति बन जाती है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया </strong><br />गंधी जी की पूल, लक्ष्मी होटल, भैरू गुदडी, चित्तौड़ों का स्कूल, होनी का खूट, ज्ञानचन्द सोनी जी का मकान, गजेश्वर महादेव, टिप्पन की चौकी, बम्बूलिया चौक, रण्डी पाडा, लुहारों का मन्दिर का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड की मुख्य सड़कों परनहीं जलती रोड लाइटें</strong><br />वार्ड का क्षेत्र बाजारी होने के कारण 24 घंटे आवाजाही बनी रहती है इसके लिए सड़क के दोनों और रोड लाइटें जरूरी है। रात्रि के समय अंधेरे में काफी परेशानी होती है। वहीं वाहन चालकों के पीछे कुते भी भागते रहते हैं। मुख्य सड़कों पर अंधेरा की वजह से हादसों की संभावना बनी रहती है।<br /><strong>- सलीम अंसारी, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>हमारी कॉलोनी में आते है पार्षद</strong><br />वार्ड में स्थित किशोर सोमानी का कहना है कि वार्ड में पार्षद आते है तथा समस्याओं का निवारण भी करते है। वहीं गलियां संकरी होने की वजह से जाम की समस्या अब आम हो गई है।</p>
<p><strong>हमारी कॉलोनी में नहीं आते पार्षद</strong><br /> वार्ड में निवास करने वाले 65 वर्षीय मोहम्मद यासीन ने बताया कि हमारी कॉलोनी में पार्षद नहीं आते हैं। हमारी कॉलोनी में नालियों में पानी की निकासी व्यवस्था सही नहीं है। नालियां कई जगह ढकी हुई तथा कहीं जगह खुली होने से कचरा आ जाता है जिससे नालियां अवरूद्ध हो जाती है।  पाटनपोल की मुख्य सड़क बाजारी क्षेत्र है यहां आए दिन जाम की स्थिति रहती है। त्योहार के दिनों में लंबा जाम भी लग जाता है। यहां आने वाले श्रद्धलुओं को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />पार्किंग की समस्या तो काभी सालों से बनी हुई है, रोड़ लाइटे लगाने का काम चल रहा है। समय समय पर वार्ड में सफाई करवाई जाती है। <br /><strong>- अजय कुमार सुमन, वार्ड पार्षद </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-4---there-is-no-car-parking-at-subhash-circle--roads-get-jammed/article-125224</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-4---there-is-no-car-parking-at-subhash-circle--roads-get-jammed/article-125224</guid>
                <pubDate>Sat, 30 Aug 2025 14:03:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/1ne1ws-%286%2937.png"                         length="636867"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कैसे जाए पाठशाला, रावनगुराडी विद्यालय में अव्यवस्थाओं का आलम</title>
                                    <description><![CDATA[छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/how-to-go-to-school--chaos-in-ravanguradi-school/article-120539"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/8842roer22.png" alt=""></a><br /><p>चौमहला। गंगधार उपखंड क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रावनगुराड़ी में बिजली सड़क पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। छात्र छात्राओं को कच्ची डगर कीचड़ गंदगी से सने रास्ते से स्कूल जाना पड़ रहा है, जिससे खफा ग्रामीणों ने सोमवार को छात्र छात्राओं को स्कूल जाने से रोका तथा बीच सड़क पर प्रदर्शन किया। ग्रामीण क्षेत्र का राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रावनगुराड़ी दो भवनों में संचालित होता है पुराने स्कूल भवन में कक्षा 1 से 8 तक कक्षाएं संचालित है नए भवन में कक्षा 9 से 12 तक कक्षाएं संचालित होती है, नया भवन गांव से आधा किमी दूर बनाया गया है गांव से स्कूल जाने का रास्ता कच्चा है रास्ते के दोनों ओर झाड़ियां ही झाड़ियां उग रही है। रास्ते में बरसात के कारण जगह - जगह पानी भरा हुआ है तथा कीचड़ ही कीचड़ हो रहा है जिससे छात्र छात्राओं को विद्यालय आने जाने में काफी परेशानी हो रही है विद्यालय में 225 छात्र छात्रा अध्यनरत है। विद्यालय गांव से बाहर होने के कारण इसमें चार दिवारी, बिजली पानी जैसी सुविधाएं नहीं है, गागरिन पेयजल योजना का कनेक्शन है लेकिन उसमें पानी नहीं आता, विद्यालय द्वारा बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया लेकिन एक लाख सत्ताविस हजार का डिमांड नोटिस जारी किया गया जो स्कूल जमा करने में सक्षम नहीं है। सोमवार को अव्यवस्थाओं से खफा होकर ग्रामीणों ने छात्र छात्राओं को स्कूल नहीं जाने दिया तथा करीब दो घंटे तक विद्यालय के रास्ते पर प्रदर्शन किया, सोमवार को कोई छात्र छात्रा विद्यालय नहीं गए। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल की समस्या को लेकर उन्होंने कई बार उच्च अधिकारियों व विधायक को अवगत कराया लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।</p>
<p>विद्यालय तक सड़क नहीं होने से बच्चों को बरसात के दिनों में काफी परेशानी होती है पूरा रास्ता खराब हो रहा। <br /><strong>- कालुसिंह, पूर्व सरपंच रावनगुराड़ी</strong></p>
<p>स्कूल में बिजली पानी सड़क की समस्या है बिजली विभाग 127000 रु का डिमांड जारी किया गया ,स्कूल के पास फंड नहीं है।<br /><strong>- ईश्वर सिंह ग्रामीण</strong></p>
<p>स्कूल में बिजली पानी सड़क चार दिवारी की शीघ्र उचित व्यवस्था करवाई जावे,खराब सड़क के कारण बच्चो को स्कूल जाने में परेशानी होती है।<br /><strong>- कमल सिंह सिसोदिया ग्रामीण</strong></p>
<p>स्कूल में बिजली पानी सड़क चार दिवारी को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। <br /><strong>- बालू सिंह वार्ड पंच</strong></p>
<p>बिजली पानी,सड़क,चार दिवारी के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। <br /><strong>- चंद्रगुप्त बुनकर, प्रधानाचार्य, उच्च माध्यमिक विद्यालय रावनगुराडी </strong></p>
<p>बिजली के लिए फाइल लगा रखी है, चार दिवारी के प्रस्ताव बनाकर भेज रखे है,सड़क का मामला शिक्षा विभाग के अधीन नहीं है।<br /><strong>- रमेश चंद वर्मा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी डग</strong></p>
<p>शिविर के दौरान एसडीएम के साथ इस सड़क का मौका देखा था,विकास अधिकारी को गिट्टी ग्रेवल सड़क को सही करवाने के निर्देश दिए है । <br /><strong>- कालूराम वर्मा, विधायक डग </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/how-to-go-to-school--chaos-in-ravanguradi-school/article-120539</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/how-to-go-to-school--chaos-in-ravanguradi-school/article-120539</guid>
                <pubDate>Tue, 15 Jul 2025 17:21:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/8842roer22.png"                         length="496112"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिल्डिंग जर्जर, डर के साये में बच्चों की पढ़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[स्कूल आने वाले विद्यार्थी डर के साये  में इनके नीचे से ही गुजरते  है जिसे हादसा होने का अंदेशा बना रहता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-building-is-dilapidated--children-study-in-the-shadow-of-fear/article-119527"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/rt112roer-(3)11.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के कुन्हाड़ी के नांता में संचालित राजकीय उच्च माध्यमिक विघालय नांता महल के स्कूल भवन को शिक्षा भवन ने जर्जर घोषित कर रखा है साथ ही भवन भी जर्जर अवस्था में पिछले साल ही इसमें राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विघालय इसमें नांता महल में मर्ज जिसे सत्र 2025 -26 में करीब इसमें 600 विद्यार्थी अध्ययन करते है। किंतु अभी तक विद्यालय में करीब 15 बच्चों का एडमिशन हुआ साथ ही बच्चें एडमिशन के लिए आ रहे है। साथ ही हमारे विद्यालय के  अध्यापक स्कूल में एडमिशन बढ़ाने के लिए घर-घर जाकर बच्चों को मोटिवेट कर रहे है। </p>
<p><strong>विघालय की बिल्डिंग जगह-जगह से जर्जर</strong><br />विघालय की बिल्डिंग जगह - जगह से जर्जर हो चुकी नांता में रहने वाले कुछ अभिभावकों ने बताया कि यहां इमारत करीब सौ से ढाई सौ साल पुरानी है। जिसे जगह इमारत के छज्जे बंदरों के कूदने व बारिश के समय बिजली कड़कने से क्षतिग्रस्त हो चुके है। वहीं करीब स्कूल आने वाले विद्यार्थी डर के साये  में इनके नीचे से ही गुजरते  है जिसे हादसा होने का अंदेशा बना रहता है।</p>
<p><strong>बारिश से दीवारों में सीलन </strong><br />बारिश होने से अभी विद्यालय की बिल्डिंग के कक्षा-कक्ष में जगह -जगह से सीलन आ रही है जिसे बदबू आ रही है। </p>
<p><strong>जगह-जगह उगी झाड़ियां </strong><br />बिल्डिंग परिसर में जगह - जगह पर झाड़िया उगी हुई है जिसे बारिश के मौसम विद्यार्थियों को  जहरीले जंतु के कटने का डर रहता है। साथ ही कई बार जहरीले जंतु विद्यालय की बिल्डिंग में आ जाते है जिसे भय का माहौल बना रहता है। </p>
<p><strong>टूटे छज्जों को टीनशेड से करेंगे सुरक्षित</strong><br />प्रधानाचार्य ने बताया कि जहां पर छज्जे टूटे हुए उनके नीचे चद्दर के टीनशेड लगाएं जाएं जिसे कभी छज्जा टूटता भी है तो वहां टीनशेड़ के ऊपर आकर गिरेगा जिसे कोई दुर्घटना नहीं हो सकेगी। साथ ही टूटे छज्जों के स्थान पर विद्यार्थियों को जाने से रूकने के लिए उनके नीचे रस्सी बांध दी गई साथ ही बावडी में पानी भरा होने से उसके आसपास भी तार की जालियां लगा दी गई है। </p>
<p><strong>सीसीटीवी लगाए हुए</strong><br />प्रधानाचार्य नेबताया कि पहले विद्यालय में पीछेकी तरह से दीवार टूटी होने के कारण आएं दिन चोरियां होती थी जिसे कई बार विद्यालय का सामान भी चोरी हो गया। जिसे बचाने के लिए विद्यालय स्टॉफ  के सहयोग से चार कैमरे लगाए है। </p>
<p><strong>विघालय में आर्ट्स संकाय संचालित </strong><br />विद्यालय में अभी केवल आर्टस संकाय चलता है जिसमें जिसमें राजनीति विज्ञान, भूगोल, हिंदी साहित्य संचालित हो रहा है। </p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />भवन तो जर्जर पर बारिश के समय बच्चो को सुरक्षित स्थान पर ही बैठाया जाता है। और छज्जों के नीचे हमनें बेरिकेड्स लगा रखा है। ताकि कोई घटना नहीं हो। <br /><strong>- डॉ. मोहम्मद शरीफ, प्रधानाचार्य </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-building-is-dilapidated--children-study-in-the-shadow-of-fear/article-119527</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-building-is-dilapidated--children-study-in-the-shadow-of-fear/article-119527</guid>
                <pubDate>Sat, 05 Jul 2025 16:01:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/rt112roer-%283%2911.png"                         length="676609"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जर्जर आंगनबाड़ी में कैसे खिलेंगे नौनिहाल</title>
                                    <description><![CDATA[ग्राम पंचायत सरपंच को इस विषय में कई बार अवगत कराया फिर भी कोई समाधान नहीं हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/how-will-the-children-blossom-in-a-dilapidated-anganwadi/article-89692"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/pze-(4)5.png" alt=""></a><br /><p> चौमहला। चौमहला क्षेत्र के गांव चोरबर्डी में आंगनबाड़ी भवन क्षतिग्रस्त हो रहा है । बरसात के  दिनों में इसकी छत जगह- जगह से टपकती रहती है, नन्हे नन्हे बच्चें हादसे के साए में अक्षर ज्ञान सीख रहे है। क्षेत्र के गांव चोरबर्डी में आंगनबाड़ी केंद्र का भवन काफी क्षतिग्रस्त हो रहा है, जगह जगह से बरसात में पानी टपकता है, दरवाजे खिड़की भी खराब हो रहे है। नीचे का फर्श भी जमीन में धंस रहा है, हमेशा भय बना रहता है, पोषाहार भी खराब हो जाता है। महिला व बच्चों के कुपोषण को लेकर सरकार तरह-तरह की योजनाएं चला रही है और हर वर्ष करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन अभी भी आंगनबाड़ी भवन की सुरक्षा व्यवस्था की ओर ध्यान नहीं है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भावना चौहान ने बताया कि आंगनबाड़ी भवन की छत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। बरसात में चारों तरफ से पानी टपकता है, पोषाहार भी गीला हो जाता है, आए दिन हादसों का भी डर बना रहता है। वही आंगनबाड़ी के दोनों तरफ पास में बने गड्ढे जिसमें बारिश का पानी भर जाने से आंगनबाडी में भी पानी आ जाता है। ग्राम पंचायत सरपंच को इस विषय में कई बार अवगत कराया फिर भी कोई समाधान नहीं हुआ। ग्रामीण गजराव सिंह, कचरूसिंह, कृपाल सिंह पाटीदार, दिलीप सिंह,कमलेश टेलर, नारायण सिंह,राम लाल बारेट आदि ग्रामीणों ने शीघ्र नया भवन बनाने की मांग की है।</p>
<p>बच्चों को बारिश के समय बैठने में काफी समस्या होती है, लेकिन किसी का इस और  ध्यान नहीं है। समस्या का समाधान कर शीघ्र नया भवन बनाया जाए।<br /><strong>- दिलीप सिंह ग्रामीण</strong></p>
<p>गांव का आंगनबाड़ी भवन बरसात के दिनों पानी टपकता है, पोषाहार भी गीला हो जाता है। पढ़ाने वाले व बच्चों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। जर्जर अवस्था के चलते माता पिता बच्चों के आंगनबाड़ी भी नहीं भेजते है।<br /><strong>- गजराव सिंह ग्रामीण</strong></p>
<p>काफी दिनों से आंगनबाड़ी की छत से पानी टपक रहा है, लेकिन संबंधित अधिकारी की नजर इस ओर नहीं गई है। समस्या का समाधान होना चाहिए। <strong>- कचरू सिंह ग्रामीण</strong></p>
<p>आंगनबाड़ी भवन क्षतिग्रस्त हो रहा है, बरसात में पानी टपकता है, दरवाजे खिड़की भी क्षतिग्रस्त है( उच्च अधिकारियों को अवगत करा रखा है।<br /><strong>- भावना चौहान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता</strong></p>
<p> इसका प्रस्ताव बनाकर उच्च अधिकारियों को भिजवाया जाएगा तथा समस्या का जल्द से जल्द समाधान करवाया जाएगा। <br /><strong>- रमेश चंद्र वर्मा, महिला बाल विकास अधिकारी, डग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/how-will-the-children-blossom-in-a-dilapidated-anganwadi/article-89692</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/how-will-the-children-blossom-in-a-dilapidated-anganwadi/article-89692</guid>
                <pubDate>Thu, 05 Sep 2024 17:00:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-09/pze-%284%295.png"                         length="487017"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरसात में एक दर्जन कॉलोनी वालों को मिलेगी नाले के गंदे पानी से निजात</title>
                                    <description><![CDATA[ नगर विकास न्यास की ओर से बजरंग नगर में बनने वाले नाले का शनिवार को शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल थे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/in-the-rainy-season--a-dozen-colonies-will-get-rid-of-the-dirty-water-of-the-drain/article-7679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/5.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । नगर विकास न्यास की ओर से बजरंग नगर में बनने वाले नाले का शनिवार को शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल थे। बजरंग नगर सहित आसपास की एक दर्जन से अधिक कॉलोनी वासियों को बरसात में गंदे पानी से निजात दिलाने के लिए 6 करोड़ 77 लाख की लागत से न्यास द्वारा नाले का निर्माण किया जा रहा है। शनिवार को नाला निर्माण के कार्य का शिलान्यास मंत्री शांति धारीवाल ने किया। शिलान्यास के मौके पर यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने क्षेत्रवासियों को नाले के निर्माण के बाद मिलने वाली राहत के बारे में बताते हुए निर्माण कार्य में सहयोग करने की अपील की। 1. 2 किलोमीटर का यह विशाल नाला कल्वर्ट के साथ  बजरंग नगर  से रेलवे लाइन तक बनाया जाएगा।  जिसमें न्यू गोपाल विहार ,अटवाल नगर ,गोपाल विहार ,गायत्री विहार, वसुंधरा विहार सहित क्षेत्र की करीब एक दर्जन से अधिक कॉलोनी के वासियों को बरसात के मौसम में गंदे पानी एवं बाढ़ की समस्या से निजात मिलेगी। <br /><br />शिलान्यास समारोह के दौरान क्षेत्रवासियों एवं विभिन्न समितियों ने यूडीएच मंत्री धारीवाल का स्वागत कर आभार जताया। इस मौके पर महापौर मंजू मेहरा, राजीव अग्रवाल, उप महापौर सोनू कुरैशी, न्यास ओएसडी आर डी मीणा ,सचिव राजेश जोशी, न्यास अधिकारी  सहित कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता ,क्षेत्रवासी मौजूद रहे। गौरतलब है कि बजरंग नगर में बना नाला हर साल बरसात में जाम होने से उसका गंदा पानी सड़कों पर जमा हो जाता था।  जिससे स्थानीय लोगों को तो परेशानी का सामना करना ही पड़ रहा था वहां से गुजरने वाले लोगों को भी खासी परेशानी हो रही थी ।  2 साल पहले नगर निगम की ओर से नाले की सफाई भी करवाई गई थी उसके बावजूद भी यहां की स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा था। इसे देखते हुए अब नगर विकास न्यास की ओर से नाले का निर्माण कराया जाएगा। <br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/in-the-rainy-season--a-dozen-colonies-will-get-rid-of-the-dirty-water-of-the-drain/article-7679</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/in-the-rainy-season--a-dozen-colonies-will-get-rid-of-the-dirty-water-of-the-drain/article-7679</guid>
                <pubDate>Sat, 09 Apr 2022 15:27:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/5.jpg"                         length="52234"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बारिश के पानी को रोकने से बचेंगी ‘बरसाती नदियां’</title>
                                    <description><![CDATA[अनेक जिलों में बहने वाली बरसाती नदियां सूख गई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80-%E2%80%98%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82%E2%80%99/article-1565"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर</strong>। प्रदेश के चारों तरफ अनेक छोटी-बड़ी नदियां रही हैं, जो बरसात के दिनों में ही बहती थी। बीते कुछ सालों में बरसात के कम होने, बहाव क्षेत्र में जगह-जगह अतिक्रमण और बरसाती पानी का संरक्षण नहीं होने से नदियां वक्त के साथ काल-कवलित हो गई हैं। अब तो कई नदियां ऐसी हैं, जो सिर्फ कागजों में ही जिंदा हैं। आलम है कि भूगोल के विद्यार्थी भी बड़ी मुश्किल से नदियों के नाम जानते हैं, जबकि एक दौर ऐसा भी रहा है, जब सभी नदियां बरसात के दिनों में बहा करती थी।</p>
<p><br /> <strong>क्यों दम तोड़ गई नदियां</strong><br /> आज बरसात का पानी मिट्टी काटता हुआ बह जाता है। उसे रोकने के लिए सभी लोगों को सामूहिक रूप से प्लानिंग बनाकर पानी के बहाव को रोकना पड़ेगा। ताकि ज्यादा से ज्यादा बरसाती पानी का उपयोग हो सके। यह कहना है-मैग्सेसे पुरस्कार विजेता राजेन्द्र सिंह का। वे कहते हैं कि बरसात के पानी के तेज फ्लो को स्लो किया जाना चाहिए। आज देशभर के 72 प्रतिशत जलस्त्रोत और करीब 70 प्रतिशत नदियां सूख गई हैं। <br /> <br /> <strong>क्या हैं सुझाव</strong><br />      निजी क्षेत्र के ट्यूबवेल पर रोक। <br />     पौधरोपण के साथ सामुदायिक विके्रन्दीकरण जल प्रबंधन की आवश्यकता।<br />     राज्य सरकार नदियों के संरक्षण के लिए नए सिरे से करे विचार। <br />     नदी के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण को हटाना बेहद जरूरी है। <br /> <strong><br /> संकल्प लिया और बहने लगी अरवली नदी</strong><br /> एक समय में पूरी तरह सूख गई अरवली नदी में बरसात के पानी को रोकने के लिए जब संकल्प लिया गया तो सभी ने बरसात की एक-एक बूंद बचाई थी। गांव के हजारों लोगों ने प्रकृति से कम से कम लेने और अधिक से अधिक देने का ही संकल्प किया और आज अरवली नदी बह रही है।</p>
<p><br /> <strong>इनका कहना है</strong><br /> जगह-जगह ट्यूबवेल लगने और नदी के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण होने से नदियां सूख गई हैं। बरसात के पानी के संरक्षण की भी उचित व्यवस्था होनी चाहिए। पानी को बचाने की मानसिकता बनानी होगी।<br /> <strong>डॉ. एमएस राठौड़, निदेशक, पर्यावरण एवं विकास अध्ययन संस्थान, जयपुर </strong></p>
<p><br /> <strong>ऐसी नदियां जो कुछ जिंदा और कुछ सूख गई</strong><br /> अजमेर में साबरमती, सरस्वती,  खारी, डाई, बनास। अलवर में साबी, रूपाढेल, काली, गौरी, सोटा। बांसवाड़ा में माही, अन्नास, चैणी। बाड़मेर में लूनी, संूकड़ी। भरतपुर में चम्बल, बराह, बाणगंगा, गंभीरी, पार्वती। भीलवाड़ा में बनास, कोठारी, बेडच, मेनाली, मानसी, खारी। बूंदी में कुराल। धौलपुर में चम्बल। डूंगरपुर में सोम, माही, सोनी। श्रीगंगानगर में घग्घर। जयपुर में बाणगंगा, बांड़ी, डूंढ, मोरेल, साबी, सोटा, डाई, सखा, मासी। जैसलमेर में काकनेय, चांघण, लाठी, घऊआ, घोगड़ी। जालौर में लूनी, बांड़ी, जवाई, सूकड़ी। झालावाड़ में कालीसिंध, पर्वती, छोटी काली सिंध,  निवाज। झुंझनूं में काटली। जोधपुर में लूनी, माठड़ी, जोजरी। कोटा में चम्बल, कालीसिंध, पार्वती, आऊ निवाज, परवन। नागौर में लूनी। पाली में लीलड़ी, बांड़ी, सूकड़ी जवाई। सवाईमाधोपुर में चम्बल, बनास, मोरेल। सीकर में काटली, मंथा, पावटा, कावंट। सिरोही में पश्चिमी बनास, सूकड़ी, पोसालिया,खाती, किशनावती, झूला, सुरवटा। टोंक में बनास,मासी, बांड़ी। उदयपुर में बनास, बेडच, बाकल, सोम,जाखम, साबरमती। चित्तौड़गढ़ में बनास, बेडच, बामणी, बागली, बागन, औराई, गंभीरी, सीवान, जाखम, माही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80-%E2%80%98%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82%E2%80%99/article-1565</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80-%E2%80%98%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82%E2%80%99/article-1565</guid>
                <pubDate>Sun, 10 Oct 2021 13:02:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/4.jpg"                         length="191671"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        