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                <title>Nuclear weapons - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Nuclear weapons RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ट्रंप ने की पुष्टि : अंतिम समझौता होने तक ईरान के आसपास तैनात रहेंगे अमेरिकी जहाज़ और विमान, परमाणु हथियार विकसित करने पर लगाई रोक</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ पूर्ण समझौता लागू होने तक अमेरिकी युद्धपोत और सैन्य बल वहां तैनात रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि समझौते का उल्लंघन होने पर "बड़ा और घातक" पलटवार किया जाएगा। ट्रंप ने परमाणु हथियारों पर रोक और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को अमेरिका की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/american-ships-and-aircraft-will-be-deployed-nearby-until-the/article-149716"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ अंतिम समझौते के पूरी तरह लागू होने तक उनके युद्धपोत, विमान और सैन्य बल ईरान के आसपास तैनात रहेंगे। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर कहा, "अमेरिका के सभी जहाज, विमान और सैन्य कर्मी, अतिरिक्त गोला-बारूद, हथियार और अन्य सभी चीजें ईरान में और उसके आसपास तब तक तैनात रहेंगे, जब तक कि वास्तविक समझौते का पूरी तरह से पालन नहीं हो जाता।"</p>
<p>उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समझौता लागू नहीं हुआ, तो संघर्ष पहले से कहीं अधिक "बड़ा, बेहतर और अधिक ताकतवर" रूप ले सकता है।अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका लंबे समय से इस बात पर कायम है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा और होर्मुज जलडमरूमध्य खुला तथा सुरक्षित रहेगा। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी सेना हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और आगे की कार्रवाई के लिए पूरी तरह से सतर्क है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 15:30:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>चीन का बड़ा दावा, जापान के पास इतना प्लूटोनियम कि रातो-रात बना ले परमाणु बम </title>
                                    <description><![CDATA[चीन ने एक रिपोर्ट जारी कर दावा किया कि जापान ने सैन्य महत्वाकांक्षाओं के चलते गुपचुप तरीके से परमाणु हथियार विकसित किए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/chinas-big-claim-is-that-japan-has-enough-plutonium-to/article-139751"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/cbina.png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर परमाणु बम गिराए थे। उसके बाद जापान ने प्रण लिया था कि वो अपनी सेना नहीं रखेगा। कई दशक बीतने के बाद अब जापान ना सिर्फ अपनी सेना बना रहा है, बल्कि चीन ने दावा किया है कि जापान, गुप्त तरीके से परमाणु बम का निर्माण कर रहा है।</p>
<p>हालांकि, परमाणु हथियारों को लेकर जापान का हमेशा से सख्त रूख रहा है और उसने फरवरी 1970 में क्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन ट्रीटी पर साइन कर दिए थे। इसके अलावा जापान तीन नॉन-न्यूक्लियर सिद्धांतों का भी पालन करता है। ये तीन सिद्धांत हैं 1- न्यूक्लियर हथियार न रखना, 2- न्यूक्लियर हथियार ना बनाना, 3- जापानी इलाके में न्यूक्लियर हथियारों को आने की इजाजत न देना। जापान का ये सिद्धांत ऐतिहासिक था, लेकिन नये जियो-पॉलिटिकल हालातों और चीन के बढ़ते खतरों ने जापान को परमाणु हथियार बनाने के लिए मजबूर कर दिया है।</p>
<p>जापान की नई प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने पिछले दिनों कहा था कि चीन अगर ताइवान पर सशस्त्र हमला करता है, तो इससे जापान के लिए अस्तित्व का खतरा पैदा हो सकता है, जिससे ऐसे हालात में जापानी सेना की जवाबी कार्रवाई की संभावना खुल जाती है। चीन के अलावा जापान को उत्तर कोरिया के हमले की भी आशंका रहती है, जिसके पास पहले से ही परमाणु हथियार हैं। रिपोर्ट है कि जापान ने चीन, रूस और उत्तर कोरिया जैसे देशों के खतरों को देखते हुए दूसरे देशों को जानलेवा हथियार एक्सपोर्ट करने पर खुद लगाई गई पाबंदियों में ढील दी है। </p>
<p>क्या जापान चोरी से बना रहा परमाणु बम?</p>
<p>चीन ने इस हफ्ते की शुरूआत में 30 पन्नों की एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें उसने इंटरनेशनल कम्युनिटी से जापान की न्यूक्लियर महत्वाकांक्षाओं के खिलाफ ठोस और कड़े कदम उठाने की अपील की है। चीन के रिपोर्ट में कहा गया है कि जापान ने शायद पहले ही गुपचुप तरीके से हथियार बनाने लायक प्लूटोनियम बना लिया है और उसके पास कम समय में न्यूक्लियर हथियार हासिल करने की टेक्नोलॉजिकल और आर्थिक क्षमताएं हैं। इसमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की एक टिप्पणी का भी जिक्र किया गया है कि जापान के पास लगभग रातों-रात न्यूक्लियर हथियार बनाने की क्षमता है। बाइडेन ने यह जानकारी सबसे पहले जून 2016 में दिए एक इंटरव्यू में दी थी।</p>
<p>शी जिनपिंग के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए बाइडेन ने कहा था कि क्या होगा अगर जापान, जो कल न्यूक्लियर पावर बन सकता है, कल ही न्यूक्लियर हथियार बना ले? उनके पास लगभग रातों-रात ऐसा करने की क्षमता है। चीन ने जो रिपोर्ट जारी की है, उसका शीर्षक जापान के दक्षिणपंथी ताकतों की न्यूक्लियर महत्वाकांक्षाएं: विश्व शांति के लिए एक गंभीर खतरा नाम से है, जो करीब 30 पन्नों का है।</p>
<p>यह रिपोर्ट चाइना आर्म्स कंट्रोल एंड डिसआमार्मेंट एसोसिएशन और न्यूक्लियर स्ट्रेटेजिक प्लानिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट, जो चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉपोर्रेशन से जुड़ा एक थिंक टैंक है, उसने मिलकर तैयार किया है। इस डील में कहा गया है कि एनपीटी संधि के तहत जापान की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं हैं, कि वो परमाणु हथियारों का निर्माण नहीं करेगा, लेकिन उसने गुपचुप तरीके से न्यूक्लियर हथियारों पर रिसर्च और डवलपमेंट किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 11:39:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ट्रंप के परमाणु हथियारों के परीक्षण संबंधी बयान की हो रही आलोचना : अमेरिका दुनिया में परमाणु प्रसार का सबसे बड़ा खतरा, ईरान ने कहा- यह अंतराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा परमाणु परीक्षण फिर शुरू करने की घोषणा पर वैश्विक आलोचना हुई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और विश्व शांति के लिए खतरा बताया। ट्रंप ने रक्षा विभाग को परीक्षण का आदेश दिया है। रूस ने चेतावनी दी कि अमेरिका ऐसा करता है तो वह भी जवाबी परीक्षण करेगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-statement-regarding-testing-of-nuclear-weapons-is-being-criticized/article-131107"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/6622-copy.jpg1112.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फिर से परमाणु परीक्षण शुरू करने की घोषणा पर दुनिया से तीखी प्रतिक्रिया आ रही है। इसे एक भड़काऊ और दुनिया को फिर से परमाणु की दौड़ में धकेल देने वाले बयान के रूप में देखा जा रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर एक पोस्ट लिखकर ट्रंप के बयान की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अपने रक्षा विभाग का नाम बदलकर युद्ध विभाग रखने वाला परमाणु हथियारों से लैस दबंग देश खुद परमाणु हथियारों का परीक्षण करने जा रहा है। यही दबंग देश ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को बदनाम कर रहा है और हमारे सुरक्षित परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले की धमकी दे रहा है। अराघची ने कहा कि यह अंतराष्ट्रीय कानूनों का घोर उल्लंघन है।</p>
<p>ईरान के विदेश मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि अमेरिका दुनिया में परमाणु प्रसार का सबसे बड़ा खतरा है। ट्रंप ने दक्षिण कोरिया में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन से इतर चीन के प्रधानमंत्री शी जिनपिंग से मुलाकात से ठीक पहले अपने ट्रूथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा था कि उन्होंने अमेरिका के रक्षा विभाग को परमाणु हथियारों के परीक्षण का आदेश दिया है। देशों के परीक्षण कार्यक्रमों के कारण, मैंने युद्ध विभाग को निर्देश दिया है कि वे हमारे परमाणु हथियारों का समान परीक्षण शुरू करें।</p>
<p>रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रूस ने हाल में कोई परीक्षण नहीं किया है, लेकिन अगर अमेरिका ऐसा करता है तो रूस भी परमाणु हथियारों का परीक्षण शुरू कर देगा। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने संवाददाताओं से कहा कि मैं राष्ट्रपति पुतिन के उस बयान को याद दिलाना चाहता हूँ, जो कई बार दोहराया गया है, अगर कोई प्रतिबंध का उल्लंघन करता है, तो रूस उसके अनुसार कार्रवाई करेगा। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Oct 2025 17:11:00 +0530</pubDate>
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