<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/%C2%A0/tag-59484" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title> Rajasthan - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/59484/rss</link>
                <description> Rajasthan RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राजस्थान में वन्यजीव गणना का बदला शेड्यूल : अब शाम 5 बजे से शुरू होगा वॉटर हॉल काउंट, 1-2 मई को होगा बाघ-बघेरों सहित वन्यजीवों का आंकलन</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में बाघ, बघेरा सहित वन्यजीवों की गणना वॉटर हॉल पद्धति से 1 मई शाम 5 बजे से 2 मई शाम 5 बजे तक। पहले यह सुबह शुरू होनी थी। पूर्णिमा के अवसर पर होने वाली इस गणना में सभी वन मंडलों और रणथंभौर, सरिस्का, मुकुंदरा टाइगर प्रोजेक्ट शामिल। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/changed-schedule-of-wildlife-census-in-rajasthan-now-water-hall/article-152085"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(4)25.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य में वन्यजीवों की गणना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। इस वर्ष के लिए बाघ, बघेरा एवं अन्य वन्यजीवों की संख्या के आंकलन के लिए वॉटर हॉल पद्धति से होने वाली गणना अब नए समयानुसार होगी। सुबह नहीं, अब शाम से शुरू होगी गणना प्रक्रिया पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में संशोधन करते हुए अब यह गणना 1 मई शाम 5 बजे से 2 मई शाम 5 बजे तक की जाएगी। पहले यह प्रक्रिया 1 मई सुबह 8 बजे से शुरू होनी थी। पूर्णिमा के दिन विशेष महत्व यह गणना वैशाख माह की पूर्णिमा के अवसर पर की जाती है, जब वन्यजीव पानी के स्रोतों पर अधिक संख्या में आते हैं, जिससे उनकी सटीक गणना संभव हो पाती है।</p>
<p>सभी वन मंडलों और टाइगर प्रोजेक्ट्स को निर्देश जारी आदेश के तहत जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, कोटा, अजमेर और भरतपुर सहित सभी वन सर्किलों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही रणथंभौर, सरिस्का और मुकुंदरा हिल्स टाइगर प्रोजेक्ट्स में भी यह गणना की जाएगी। इस संबंध में अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक केसीए अरुण प्रसाद ने एक आदेश जारी किए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/changed-schedule-of-wildlife-census-in-rajasthan-now-water-hall/article-152085</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/changed-schedule-of-wildlife-census-in-rajasthan-now-water-hall/article-152085</guid>
                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 14:58:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/111200-x-600-px%29-%284%2925.png"                         length="830313"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान सरकार ने निजी स्कूलों में प्रवेश स्तर की 25% सीटें निःशुल्क करने का निर्देश किया जारी, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 फरवरी से होगी शुरू </title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निजी विद्यालयों में प्रवेश स्तर की कक्षाओं में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए 25% निःशुल्क सीटों की घोषणा की। ऑनलाइन नामांकन 20 फरवरी से 4 मार्च तक होगा। प्रथम चरण आवंटन 13 मार्च, द्वितीय 27 मार्च और तृतीय 13 अप्रैल को प्रस्तावित है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-government-directed-to-make-25-entry-level-seats-free/article-143826"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/12200-x-600-px)-(4)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में राज्यों द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग एवं वंचित समूह के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान अवसर उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी क्रम में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निजी विद्यालयों में प्रवेश स्तर की कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश प्रदान करने हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।</p>
<p>शिक्षा विभाग के अनुसार ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया 20 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर 4 मार्च 2026 तक संचालित होगी, जिसमें अभिभावक निर्धारित पोर्टल पर आवेदन एवं आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे। प्रवेश प्रक्रिया rajpsp.nic.in तथा education.rajasthan.gov.in/elementary के माध्यम से पूर्ण की जाएगी। विभाग ने अभिभावकों से समयसीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है, ताकि पात्र बच्चों को योजना का लाभ सुनिश्चित हो सके।</p>
<p>प्रवेश प्रक्रिया के अंतर्गत प्रथम चरण आवंटन 13 मार्च, द्वितीय चरण 27 मार्च तथा आवश्यकता अनुसार तृतीय चरण आवंटन 13 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित है। प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु विभाग द्वारा ई-मेल ddrtebknr@gmail.com एवं rajpsphelp@gmail.com तथा हेल्पलाइन नंबर 0151-2220140 एवं 0141-2719073 उपलब्ध कराए गए हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-government-directed-to-make-25-entry-level-seats-free/article-143826</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-government-directed-to-make-25-entry-level-seats-free/article-143826</guid>
                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 17:48:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/12200-x-600-px%29-%284%296.png"                         length="503353"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेईई-मेन : राजस्थान फिर रहा शीर्ष पर, गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 14 से घटकर 12 हुई परसेंटाइल हासिल करने वालों की संख्या </title>
                                    <description><![CDATA[नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने जेईई-मेन, 2026 जनवरी-सेशन के स्कोर-कार्ड जारी किए। 12 विद्यार्थियों ने 100 परसेंटाइल प्राप्त किया, जिनमें से 6 कोटा से हैं। राजस्थान ने 3 छात्रों के साथ सबसे ज्यादा 100 परसेंटाइल स्कोर हासिल किया। इस वर्ष 100 परसेंटाइल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 14 से घटकर 12 हो गई।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/jee-main-rajasthan-again-remains-on-top-the-number-of-percentile/article-143436"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/kota1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी-एनटीए ने इंजीनियरिंग प्रवेश-परीक्षा जेईई-मेन,2026 जनवरी-सेशन के स्कोर-कार्ड सोमवार को जारी कर दिए गए हैं। जिसमें देशभर में 12 स्टूडेंट्स को 100 परसेंटाइल घोषित किया गया है। इसमें से 6 स्टूडेंट्स कोटा कोचिंग क्लासरूम से हैं।  एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि वर्ष-2025, जनवरी सेशन में मल्टी-कांसेप्चुअल,स्टेटमेंट बेस्ड स्तरीय तथा संतुलित प्रश्नपत्रों का प्रभाव स्पष्ट तौर पर दिखाई दिया। जिस कारण 100-परसेंटाइल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 14 से घटकर 12 रह गई। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष-2025 के जनवरी सेशन में कुल 14 विद्यार्थियों ने 100-परसेंटाइल प्राप्त किया था जबकि जनवरी-सेशन,2024 में 100-परसेंटाइल स्कोर प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या-23 थी। इन तीनों ही वर्षों के सभी जनवरी-सेशंस का आयोजन 5-दिन तक 10-शिफ्टों में किया गया था। जेईई-मेन,2026 जनवरी-सेशन में महिला अभ्यर्थियों में से किसी को भी 100-परसेंटाइल प्राप्त नहीं हुआ। हरियाणा की अशी ग्रेवाल 99.9969766-परसेंटाइल के साथ ऑल इंडिया फीमेल टॉपर्स रहीं हैं।</p>
<p><strong>राजस्थान से 100 परसेंटाइल प्राप्त करने वाले विद्यार्थी :</strong></p>
<p>1.कबीर छिल्लर<br />2.चिरंजीब कर<br />3.अर्णव गौतम</p>
<p><strong>प्रदेश के तीन ने किए 100- परसेंटाइल :</strong></p>
<p>जेईई-मेन जनवरी-सेशन में 100-परसेंटाइल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर राजस्थान  ने देश में एक बार फिर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। वर्ष-2026 के जनवरी-सेशन में राजस्थान से सर्वाधिक 3-विद्यार्थियों ने 100-परसेंटाइल स्कोर प्राप्त किया है। आंध्र प्रदेश 100-परसेंटाइल प्राप्त करने वाले 2-विद्यार्थियों के साथ दूसरे स्थान पर है। दिल्ली-एनसीटी, बिहार, उड़ीसा, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात तथा तेलंगाना से एक-एक विद्यार्थियों ने 100-परसेंटाइल स्कोर  प्राप्त किया है तथा ये राज्य संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/jee-main-rajasthan-again-remains-on-top-the-number-of-percentile/article-143436</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/jee-main-rajasthan-again-remains-on-top-the-number-of-percentile/article-143436</guid>
                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 10:00:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/kota1.png"                         length="836482"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूजर चार्ज ने उजाड़ीं राजस्थान की मंडियां : जटिल नियमों के विरोध में व्यापारियों ने खोला मोर्चा, व्यापार बचाने के लिए एमनेस्टी योजना की उठी मांग</title>
                                    <description><![CDATA[यूजर चार्ज और जटिल नियमों के विरोध में व्यापारियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता ने कहा कि शुल्क से मंडियां खाली हो रही हैं। संघ ने एमनेस्टी योजना, मंडी सेस विरोध, जीएसटी नियमों में राहत और कृषि व्यापार को बचाने के लिए सरकार से त्वरित निर्णय की मांग की।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/user-charge-ravages-rajasthans-mandis-demand-for-amnesty-scheme-raised/article-142283"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)21.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान की कृषि मंडियों में लागू ‘यूजर चार्ज’ और जटिल नियमों के विरोध में व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता ने चेतावनी दी है कि यूजर चार्ज लागू होने के बाद गैर-अधिसूचित कृषि जिंसों के व्यापारियों ने मंडियों से पलायन शुरू कर दिया है, जिससे मंडियां वीरान होने के कगार पर हैं।</p>
<p><strong>बाहर पलायन कर रहा मंडी का व्यापार :</strong></p>
<p>चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता के अनुसार, यूजर चार्ज के कारण व्यापारी मंडी परिसर छोड़कर बाहर व्यापार करने को मजबूर हैं। इसका सीधा असर आम जनता और किसानों पर पड़ रहा है। मंडियों में पशु आहार, दाल, चावल, तेल और मसालों की उपलब्धता कम हो गई है। किसान जो अपनी फसल बेचकर वहीं से जरूरत का सामान खरीदते थे, अब उन्हें परेशानी हो रही है। साथ ही, शहरों में आम जनता को भी रियायती दरों पर सामान मिलना बंद हो गया है क्योंकि व्यापार अब मंडियों से बाहर शिफ्ट हो रहा है।</p>
<p><strong>एमनेस्टी योजना और ब्याज माफी की मांग :</strong></p>
<p>वैट (VAT): बकाया वैट पर ब्याज और पेनल्टी माफ करने के लिए एमनेस्टी योजना लाई जाए।<br />भूखंड आवंटन: कृषि मंडियों में भूखंडों की बकाया राशि पर भी ब्याज-पेनल्टी माफी योजना शुरू हो।<br />स्टाम्प ड्यूटी: स्टाम्प ड्यूटी पर ब्याज माफी की राहत दी जाए।</p>
<p><strong>रॉ मटेरियल पर मंडी सेस का विरोध :</strong></p>
<p>राजस्थान की दाल, तेल और आटा मिलों को अपनी क्षमता के अनुसार चलाने के लिए 60-70% कच्चा माल दूसरे राज्यों से मंगाना पड़ता है। व्यापारियों का कहना है कि जो माल दूसरे प्रांत में टैक्स चुका चुका है, उस पर राजस्थान में दोबारा मंडी सेस मांगना गलत है। रिप्स (RIPS) के तहत मिलने वाली छूट सभी तरह की खरीद पर प्रभावी होनी चाहिए, न कि केवल स्थानीय मंडी से खरीद की शर्त पर।</p>
<p><strong>GST नियमों के सरलीकरण का सुझाव :</strong></p>
<p>संघ ने जीएसटी (GST) और ई-इनवॉइसिंग के नियमों में बदलाव की वकालत की है:<br />ब्याज दर: जीएसटी में देरी पर ब्याज दर 18% से घटाकर 6% की जाए।<br />ई-वे बिल: ई-वे बिल की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये की जाए।<br />ई-इनवॉइस: गलती सुधारने या कैंसिल करने की समय सीमा बढ़ाकर 30 दिन की जाए।<br />छूट: पुराने वर्षों की 1 लाख रुपये तक की सालाना डिमांड को राइट-ऑफ (माफ) किया जाए।</p>
<p><strong>व्यापारियों की अन्य प्रमुख मांगें :</strong></p>
<p>सभी कृषि जिंसों पर मंडी सेस की दर एक समान (1%) की जाए।<br />नाम परिवर्तन शुल्क को 2.5-5% से घटाकर मात्र 50 पैसे प्रति सैकड़ा किया जाए।<br />किराये की दुकानों को 25% डीएलसी (DLC) दर पर मालिकाना हक दिया जाए।<br />व्यापार मंडलों को कार्यालय के लिए 20% डीएलसी दर पर भूमि आवंटित हो।<br />धनिया पर मंडी टैक्स घटाकर 50 पैसे प्रति सैकड़ा किया जाए।<br />सरसों और सोयाबीन की पैदावार बढ़ाने के लिए किसानों को बीज और बिजली पर 50% सब्सिडी दी जाए।<br />व्यापार संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि यदि समय रहते ये कदम नहीं उठाए गए, तो प्रदेश का राजस्व और मंडी व्यवस्था दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/user-charge-ravages-rajasthans-mandis-demand-for-amnesty-scheme-raised/article-142283</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/user-charge-ravages-rajasthans-mandis-demand-for-amnesty-scheme-raised/article-142283</guid>
                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 17:24:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/%281200-x-600-px%2921.png"                         length="879770"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम विश्वकर्मा योजना में राजस्थान की शानदार उपलब्धि, ऋण स्वीकृति में देश में दूसरा स्थान</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के क्रियान्वयन में राजस्थान ने देश में मजबूत पहचान बनाई है। ऋण स्वीकृति और वितरण में राज्य दूसरे स्थान पर रहा, जबकि टूलकिट वितरण और प्रशिक्षण में तीसरा स्थान मिला। स्वर्णकार, कुम्हार व मूर्तिकार जैसे ट्रेड्स में पंजीकरण में राजस्थान प्रथम रहा। कारीगरों को ई-कॉमर्स और ऑफलाइन बाजारों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाई जा रही है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/great-achievement-of-rajasthan-in-pm-vishwakarma-yojana-second-place/article-140273"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/673202-secretariate.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में राजस्थान ने देशभर में अपनी सशक्त पहचान बनाई है। ऋण स्वीकृति एवं वितरण के क्षेत्र में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर रहा है, जो राज्य सरकार के सुनियोजित प्रयासों और कारीगरों तक योजनाओं की मजबूत पहुंच को दर्शाता है। योजना के तहत राज्य का औसत ऋण टिकट साइज 87 हजार रुपए रहा है, जो कि राष्ट्रीय औसत 83 हजार रुपए से अधिक है। यह तथ्य कारीगरों की आर्थिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर दिए जा रहे सहयोग को दर्शाता है।</p>
<p>टूलकिट वितरण और कारीगरों के प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी राजस्थान ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है और देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इससे कारीगरों की कार्यक्षमता, उत्पाद गुणवत्ता और रोजगार के अवसरों में निरंतर वृद्धि हो रही है। स्वर्णकार, हथौड़ा एवं टूलकिट निर्माता, कुम्हार तथा मूर्तिकार जैसे ट्रेड्स में सफल पंजीकरण की संख्या के आधार पर राजस्थान राज्य देश में प्रथम स्थान पर है। राज्य सरकार द्वारा कारीगरों को आधुनिक विपणन से जोड़ने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए गए हैं। राजस्थान के कारीगरों को अमेजन, मीशो और फैब इंडिया जैसे प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। साथ ही, ऑफलाइन विपणन के लिए दिल्ली हाट और रेलवे स्टेशनों पर भी उनके उत्पादों को प्रदर्शित एवं विक्रय की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे कारीगरों की आय बढ़ने के साथ-साथ उनकी पारंपरिक कला को राष्ट्रीय पहचान मिल रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/great-achievement-of-rajasthan-in-pm-vishwakarma-yojana-second-place/article-140273</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/great-achievement-of-rajasthan-in-pm-vishwakarma-yojana-second-place/article-140273</guid>
                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 17:18:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-05/673202-secretariate.jpg"                         length="131243"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूढ़ियों से मुक्ति की ओर राजस्थान</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में यूं तो बाल विवाह की दर 25.4 प्रतिशत है, जो कि राष्ट्रीय औसत 23.3 से थोड़ा ही ज्यादा है, लेकिन फिर भी यह राज्य बाल विवाह के कारण अक्सर चर्चा में रहता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/rajasthan-towards-freedom-from-stereotypes/article-137282"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/500-px)-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>राजस्थान में यूं तो बाल विवाह की दर 25.4 प्रतिशत है, जो कि राष्ट्रीय औसत 23.3 से थोड़ा ही ज्यादा है, लेकिन फिर भी यह राज्य बाल विवाह के कारण अक्सर चर्चा में रहता है। इसके पीछे कुछ ऐतिहासिक कारण हैं, जिन्हें किसी समय समाज सुधारों की दिशा में क्रांतिकारी समझा जाता था। इसमें प्रमुख है आर्य समाज, जिसकी जड़ें राजस्थान में काफी गहरी हैं। आर्य समाज की पहली शाखाएं अजमेर और बीकानेर में 1880 के दशक के अंतक तक स्थापित हो चुकी थीं। धीरे-धीरे इसके प्रभाव का विस्तार पूरे राज्य में हो गया और इसने स्त्री शिक्षा और विधवा पुनर्विवाह को सामाजिक स्वीकृति दिलाने में अहम योगदान दिया। इसने शादी विवाह में अनावश्यक खर्चों और आडंबर पर रोक लगाने के लिए सादा आर्य विवाह आंदोलन चलाया, जिससे सामूहिक विवाह समारोहों की प्रथा शुरू हुई। इन विवाह समारोहों में सभी जातियों और वर्गों के लोगों का एक साथ विवाह संपन्न होता था, जो रूढ़ियों और परंपराओं से बंधे इस राज्य में एक बेहद क्रांतिकारी कदम था।</p>
<p><strong>सुधारवादी कदम : </strong></p>
<p>यह सुधारवादी कदम राजस्थान के लिए प्रतिगामी बन गया, जब इन सामूहिक विवाह समारोहों में नाबालिग जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जाने लगा। हालांकि राजस्थान सरकार इससे अंजान नहीं थी और अक्षय तृतीया के मौकों पर बाल विवाहों को रोकने के लिए सतर्कता बरतती थी, लेकिन फिर भी बड़े पैमाने पर बाल विवाह होते रहे। वर्ष 2024 में बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए काम कर रहे नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन ने अक्षय तृतीया के दौरान बाल विवाहों की रोकथाम के लिए राजस्थान हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की। जेआरसी ने हाई कोर्ट को एक सीलबंद लिफाफे में एक सूची भी सौंपी, जिसमें कुल 57 बच्चों के बाल विवाह के ब्योरे दर्ज थे और इसमें 46 ऐसे थे, जिनका अक्षय तृतीया के दिन विवाह होना था।</p>
<p><strong>अंतरिम आदेश जारी :</strong></p>
<p>हाई कोर्ट की खंडपीठ ने इस पर महज 36 घंटे में अंतरिम आदेश जारी करते हुए इन सभी 46 शादियों को रुकवाने का आदेश जारी किया। न्यायमूर्ति पंकज भंडारी और न्यायमूर्ति शुभा मेहता की खंडपीठ ने फैसले में कहा कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के बावजूद बाल विवाह हो रहे हैं। अदालत ने कहा कि राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 के अनुसार बाल विवाह की रोकथाम का जिम्मा पंचों व सरपंचों का है। लिहाजा कहीं बाल विवाह होता है तो पंचों व सरपंचों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। पंचों व सरपंचों की जवाबदेही तय करने का फैसला गेमचेंजर साबित हुआ क्योंकि राज्य के शहरी इलाकों में जहां बाल विवाह की दर 15.1 है, वहीं ग्रामीण इलाकों में यह 28.3 प्रतिशत है। ग्रामीण इलाकों पर ध्यान केंद्रित करना होगा और हाई कोर्ट ने पंचायतों की जवाबदेही तय कर यही किया।</p>
<p><strong>चौंकाने वाली कमी :</strong></p>
<p>पुलिस, प्रशासन व सरकार के बीच आपसी समन्वय और नागरिक संगठनों के सहयोग से पिछले साल अक्षय तृतीया पर बाल विवाह में चौंकाने वाली कमी दर्ज की गई। इससे साबित होता है कि कानूनी सख्ती, प्रशासनिक समन्वय व नागरिक समाज का सहयोग हो और बाल विवाह के खात्मे की प्रतिबद्धता हो तो इसे रोका जाना संभव है। इसके नतीजे अब जमीन पर दिख रहे हैं। सेंटर फॉर लीगल एक्शन एंड बिहैवियरल चेंज फॉर चिल्ड्रेन की एक हालिया रिपोर्ट टिपिंग प्वॉइंट टू जीरो एविडेंस टूवार्ड्स ए चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया के अनुसार राजस्थान में, पिछले तीन सालों में लड़कियों के बाल विवाह में 66प्रतिशत और लड़कों के बाल विवाह में 67प्रतिशत की कमी आई है। न्यायिक फैसलों ने बाल विवाह के खिलाफ लड़ाई को धार दी है, सफलता का श्रेय राजस्थान सरकार के प्रयासों को जाता है।</p>
<p><strong>पंजीकरण अनिवार्य :</strong></p>
<p>सरकार ने विवाह पंजीकरण अनिवार्य करने, शादी के निमंत्रण पत्र पर दूल्हा-दुल्हन की उम्र लिखने व सामूहिक विवाह समारोहों में भाग लेने से पहले उम्र के सत्यापन जैसे कारगर कदमों के साथ ही स्थानीय शासन में बाल विवाह की रोकथाम को शामिल करने और गांव स्तर पर बाल संरक्षण समितियों के गठन जैसी बहु-आयामी रणनीति अपनाई। जागरूकता अभियानों का असर भी दिख रहा है। नागरिक समाज संगठनों के प्रयासों से लड़कियां अब खुद अपना बाल विवाह रुकवाने के लिए आगे आ रही हैं। यहां तक कि बाल विवाह की पीड़ित लड़कियां अपना विवाह शून्य करने यानी विवाह को खारिज करने के लिए अदालत का रुख कर रही हैं।</p>
<p><strong>अदालती निषेधाज्ञा :</strong></p>
<p>नागरिक संगठनों और बाल संरक्षण एजेंसियों की मदद से बाल विवाहों की रोकथाम के लिए अदालती निषेधाज्ञा उपाय भी कारगर साबित हो रहे हैं। निश्चित रूप से सरकार, न्यायपालिका और नागरिक संगठनों के प्रयासों के नतीजे उत्साहजनक दिख रहे हैं, लेकिन चुनौतियां भी गंभीर हैं। इस नवाचारी प्रयास को गति देने की जरूरत है, ताकि सतत विकास लक्ष्यों की प्रप्ति के लिए 2030 तक राजस्थान व पूरे भारत को बाल विवाह मुक्त बनाया जा सके। इन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने की विशेष जरूरत है। राजस्थान सरकार ऐसी कई योजनाएं चला रही हैं। यदि पढ़ाई छोड़ने वाली सभी लड़कियों का दोबारा स्कूलों में दाखिला करा दिया जाए और उन्हें सरकारी योजनाओं व छात्रवृत्तियों से जोड़ दिया जाए, तो बाल विवाह के खात्मे का मुश्किल दिखने वाला लक्ष्य भी 2030 तक की तय समयसीमा में हासिल किया जा सकता है।</p>
<p><strong>-नानूलाल प्रजापति</strong><br /><strong>उपनिदेशक राजस्थान महिला कल्याण मंडल, अजमेर</strong><br /><strong>(यह लेखक के अपने विचार हैं) </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/rajasthan-towards-freedom-from-stereotypes/article-137282</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/opinion/rajasthan-towards-freedom-from-stereotypes/article-137282</guid>
                <pubDate>Fri, 26 Dec 2025 12:47:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/500-px%29-%282%292.png"                         length="1509682"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्य सचिव ने की प्रवासी राजस्थानी दिवस की तैयारियों की समीक्षा, कहा-  आयोजन को सुव्यवस्थित बनाने के लिए समिति को मिलकर करना होगा काम </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य सचिव सुधांश पंत ने सचिवालय में प्रवासी राजस्थानी दिवस 2025 की तैयारियों की समीक्षा की। 10 दिसंबर को होने वाले इस आयोजन के लिए विभागीय समन्वय, आतिथ्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जयपुर के सौंदर्यकरण पर जोर दिया गया। पंत ने कहा कि यह आयोजन प्रवासी राजस्थानियों के स्वागत और राज्य की समृद्ध विरासत को दर्शाएगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-secretary-reviewed-the-preparations-for-pravasi-rajasthani-day-and/article-132099"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/6622-copy.jpg3331.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्य सचिव सुधांश पंत ने शासन सचिवालय में प्रवासी राजस्थानी दिवस 2025 के सफल आयोजन के लिए गठित कार्य समितियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने 10 दिसंबर को आयोजित होने वाले विस्तृत कार्यक्रम और विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने आयोजन से जुड़ी सभी गतिविधियों के निर्बाध समन्वय और समय पर क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों के बीच भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के स्पष्ट विभाजन पर जोर दिया।</p>
<p>पंत ने सभी संबंधित विभागों के बीच सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस आयोजन को यादगार और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रत्येक समिति को मिलकर काम करना होगा। प्रवासी राजस्थानियों का गर्मजोशी से स्वागत करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए  मुख्य सचिव ने कहा, प्रवासी राजस्थानी दिवस एक महत्वपूर्ण आयोजन है और इसके लिए जयपुर शहर के सौंदर्यकरण का विशेष महत्व है।आयोजन के दौरान आगंतुक प्रतिनिधियों के भ्रमण के लिए पर्यटन स्थलों पर सभी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि जब हम अपने प्रवासियों का घर आने पर स्वागत करें तो जयपुर शहर बहुत सुंदर और साफ सुथरा नजर आए।</p>
<p>बैठक में आयोजन स्थल की व्यवस्था, आतिथ्य, भोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन पर भी चर्चा हुई, ताकि आयोजन का हर पहलू राजस्थान की समृद्ध विरासत और जीवंत भावना को प्रतिबिंबित करे।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-secretary-reviewed-the-preparations-for-pravasi-rajasthani-day-and/article-132099</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-secretary-reviewed-the-preparations-for-pravasi-rajasthani-day-and/article-132099</guid>
                <pubDate>Tue, 11 Nov 2025 17:48:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-11/6622-copy.jpg3331.jpg"                         length="62244"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>8 मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी करने वाला राजस्थान अग्रणी प्रदेश : जल्द परिचालन में आएगी खाने, बढेंगे रोजगार और राजस्व के अवसर</title>
                                    <description><![CDATA[खान एवं भूविज्ञान विभाग ने बिलाड़ा में लाइमस्टोन के 8 प्री-एम्बेडेड मेजर मिनरल ब्लॉकों की ई-नीलामी 7 नवंबर से शुरू की है। सभी आवश्यक अनुमतियां पहले से प्राप्त कर राजस्थान ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बना है। इससे खनन कार्य शीघ्र शुरू होने, निवेश, रोजगार और राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है। बिड की अंतिम तिथि 12 दिसंबर है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-is-the-leading-state-in-auctioning-8-major-mineral/article-131820"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(4)10.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। खान एवं भूविज्ञान विभाग ने बिलाड़ा में लाईमस्टोन के मेजर मिनरल के 8 प्री-एम्बेडेड ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया 7 नवंबर से आरंभ कर दी है। आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर 8 प्री-एम्बेडेड ब्लॉकों की नीलामी करने वाला राजस्थान देश का प्रमुख और पहला राज्य बन जाएगा। हालांकि, गुजरात ने पिछले दिनों एक प्रीएम्बेडेड ब्लॉक की नीलामी शुरु की है। खान, भूविज्ञान एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने के लिए आरएसएमईटी को नोड़ल संस्था बनाते हुए विभाग द्वारा माइनिंग प्लान से लेकर पर्यावरण क्लियरेंस तक की आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरु की है। उन्होंने बताया कि इससे नीलाम खानों में शीघ्र परिचालन हो सकेगा और माइनिंग सेक्टर में निवेश, युवाओं के लिए रोजगार और राजस्व में बढ़ोतरी होगी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि नीलाम खानों को परिचालन में लाने के लिए राजस्थान सहित देश के अधिकांश राज्यों में वर्तमान में ढ़ाई से तीन साल लग जाते हैं। इससे निवेश, रोजगार और राजस्व प्रभावित होने के साथ ही एलओई धारक को आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने में देरी हो जाती है और खनन कार्य आरंभ नहीं हो पाता है। केन्द्र और राज्य सरकार दोनों ही इसके लिए गंभीर प्रयास करते रहे है। 24 नवबंर तक बिड डाक्यूमेंट एमएसटीसी पोर्टल पर उपलब्ध होंगे और बिड लगाने की अंतिम दिनांक 12 दिसंबर होगी।</p>
<p>रविकान्त ने बताया कि केन्द्रीय खान मंत्रालय ने एमएमडीआर एक्ट में संशोधन कर सभी राज्यों से प्राथमिकता के आधार पर पांच-पांच ब्लॉक तैयार कर इनकी आवश्यक सभी अनुमतियां पहले से ही प्राप्त कर नीलाम करने को कहा है ताकि नीलाम खाने जल्द परिचालन में आ सके। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार के निर्देशों के अनुसार इसके लिए प्रोजेक्ट मानिटरिंग यूनिट घोषित कर आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने का काम उससे पूरा कराकर इसके बाद मिनरल ब्लॉकों का ऑक्शन किया जाएं। राज्य सरकार द्वारा केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार राजस्थान स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट आरएसएमईटी को पीएमयू घोषित कर आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने की जिम्मेदारी दी गई है।  </p>
<p><strong>प्री-एम्बेडेड का अर्थ :</strong></p>
<p>मिनरल ब्लॉकों की नीलामी से पहले ही आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर ब्लॉक की नीलामी करने की प्रक्रिया को प्री-एम्बेडेड कहा जाता है। इससे खनन ब्लॉक की नीलामी के बाद परिचालन में लगने वाले समय की बचत होने के साथ ही नीलामी में अधिक राजस्व, खनन कार्य शीघ्र आरंभ होने और निवेश, रोजगार और राजस्व में बढ़ोतरी संभव हो सकेगी। माइनिंग सेक्टर में ईज ऑफ डूइंग की दिशा में यह बढ़ता कदम है। केन्द्र सरकार भी राज्यों को कम से कम पांच प्री-एम्बेडेड ब्लॉक तैयार कर ई-नीलामी करने पर जोर दे रही है। राजस्थान पहला प्रदेश है जो 8 प्री-एम्बेडेड मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी कर रहा है।</p>
<p><strong>मिनरल ब्लॉकों की नीलामी के बाद ली जाने वाली अनुमतियां :</strong></p>
<p>मिनरल ब्लॉकों की नीलामी के बाद प्रिफर बिडर को एलओआई जारी होने के बाद विभिन्न विभागों व मंत्रालयों से खनन कार्य आरंभ करने से पहले अनुमतियां लेनी पड़ती है।</p>
<p><strong>आईबीएम-माइनिंग प्लान का अनुमोदन वन विभाग- फारेस्ट क्लीयरेंस :</strong></p>
<p>पर्यावरण विभाग- टर्म ऑफ रेफरेंस (टीओआर), एंवायरमेंटल इंपेक्ट एसेसमेंट रिपोर्ट (ईआईए) व जिला कलक्टर के यहां जनसुनवाई आदि और इसके बाद सेक एवं सिया से पर्यावरण अनुमति।</p>
<p>प्रदूषण बोर्ड- खनन के लिए कंसेट टू ऑपरेट (सीटीओ) और कंसेट टू एस्टाबलिस (सीटीई)<br />राजस्व विभाग-चरागाह भूमि होने की स्थिति में राजस्व विभाग से अनुमति<br />विविध- अन्य आवश्यक कार्रवाई व कानूनी औपचारिकताएं</p>
<p>रविकान्त ने बताया कि प्री-एम्बेडेड ब्लॉकों की जियोलोजिकल रिपोर्ट, ब्लॉकों का सीमांकन, डीजीपीएस सर्वें, आईबीएम से माइनिंग प्लान स्वीकृति, वन विभाग से अनापत्ति, सेक और सीया से पर्यावरण क्लियरेंस सहित आवश्यक स्वीकृतियां आरएसएमईटी द्वारा प्राप्त कर ली गई है। इससे प्री-एम्बेडेड नीलाम खानों में एलओआई जारी होने के बाद शीघ्र खनन कार्य आरंभ हो सकेगा। इससे खनिजों की आपूर्ति व्यवस्था में तेजी आएगी और प्रदेश में निवेश और रोजगार वृद्धि से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-is-the-leading-state-in-auctioning-8-major-mineral/article-131820</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-is-the-leading-state-in-auctioning-8-major-mineral/article-131820</guid>
                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 15:34:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-11/ews-%284%2910.png"                         length="222825"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘सहकार से समृद्धि’ में राजस्थान अग्रणी, केंद्र ने की राज्य की सराहना</title>
                                    <description><![CDATA[सहकारिता मंत्रालय की समीक्षा बैठक में राजस्थान को ‘सहकार से समृद्धि’ की दिशा में अग्रणी राज्य बताया गया। अतिरिक्त सचिव पंकज बंसल ने एम-पैक्स गठन और पैक्स कम्प्यूटराइजेशन में राज्य की उपलब्धि की सराहना की। रजिस्ट्रार विश्व मोहन शर्मा ने बताया कि दिसंबर तक सभी पैक्स का कम्प्यूटराइजेशन पूरा होगा और राज्य किसानों को ऋण वितरण में शीर्ष पर है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-leading-center-in-prosperity-through-cooperation-praised-the-state/article-131115"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/_4500-px)11.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना को साकार करने में राजस्थान देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार ने विभिन्न पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन पर राज्य की सराहना की है।</p>
<p>सहकारिता मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव पंकज बंसल की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समीक्षा बैठक में संयुक्त सचिव सिद्धार्थ जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। राजस्थान की ओर से रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां विश्व मोहन शर्मा और विभागीय अधिकारी नेहरू सहकार भवन से जुड़े।</p>
<p>अतिरिक्त सचिव बंसल ने कहा कि राजस्थान ने एम-पैक्स गठन में निर्धारित लक्ष्यों से अधिक उपलब्धि हासिल की है और देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। पैक्स कम्प्यूटराइजेशन और बहुराज्यीय सहकारी समितियों की सदस्यता के क्षेत्र में भी राज्य ने उत्कृष्ट कार्य किया है।<br />रजिस्ट्रार शर्मा ने बताया कि राज्य में पैक्सविहीन ग्राम पंचायतों में नए एम-पैक्स गठन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। अन्न भंडारण योजना के तहत 171 गोदाम स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 70 का निर्माण पूर्ण हो चुका है। उन्होंने बताया कि दिसंबर तक सभी पैक्स का कम्प्यूटराइजेशन पूरा कर लिया जाएगा। राजस्थान किसानों को ऋण वितरण और सहकारी समितियों की सदस्यता के मामलों में देश में शीर्ष पर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-leading-center-in-prosperity-through-cooperation-praised-the-state/article-131115</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-leading-center-in-prosperity-through-cooperation-praised-the-state/article-131115</guid>
                <pubDate>Fri, 31 Oct 2025 17:45:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-10/_4500-px%2911.png"                         length="326689"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        