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                <title> jawahar kala kendra - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description> jawahar kala kendra RSS Feed</description>
                
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                <title>जयपुर में ‘सुरों की त्रिवेणी’ कार्यक्रम में लोकप्रिय गीतों से समझाए रागों के रहस्य, रवि-मदन मोहन और रविंद्र जैन को दी श्रद्धांजलि</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के जवाहर कला केंद्र में आयोजित 'सुरों की त्रिवेणी' कार्यक्रम में लोकप्रिय फिल्मी गीतों के माध्यम से शास्त्रीय संगीत के रागों को सरल तरीके से समझाया गया। रोहित कटारिया संगीत संस्था और कटारिया मनोरंजन समूह द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में महान संगीतकारों रवि, मदन मोहन और रविंद्र जैन को संगीतमय श्रद्धांजलि दी गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tribute-paid-to-ravi-madan-mohan-and-ravindra-jain-who/article-164811"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(8).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केंद्र के रंगायन सभागार में शनिवार को सुरों की त्रिवेणी नामक कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें लोकप्रिय फिल्मी गीतों के जरिए शास्त्रीय संगीत के रागों को बहुत ही सरल और रोचक तरीके से समझाया गया। यह रोहित कटारिया संगीत संस्था और कटारिया मनोरंजन समूह का तीसरा कार्यक्रम था, जिसमें महान संगीतकार रवि, मदन मोहन और रविंद्र जैन को श्रद्धांजलि दी गई। राग, सुर, प्रसिद्ध गीत, रोचक किस्से और जीवंत संगीत के मेल ने इस शाम को ज्ञान और मनोरंजन दोनों से भरपूर बना दिया। डॉ. आकांक्षा दवे कटारिया और रोहित कटारिया ने कभी शिक्षक बनकर रागों की बारीकियां समझाईं, तो कभी गायक बनकर तीनों संगीतकारों की रचनाएं गाईं। वृंदा कटारिया ने दो मधुर गीत गाकर कार्यक्रम में भावनात्मक रंग भरा। कार्यक्रम का निर्देशन चंद्र कटारिया ने किया। </p>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत राग मालकोस पर आधारित गीतों से हुई, जिनमें रवि द्वारा रचित और मोहम्मद रफी द्वारा गाए गीत शामिल थे। इसके बाद मदन मोहन के राग कलावती आधारित गीत प्रस्तुत हुए। एक विशेष गीत के जरिए सुर और स्वर के तालमेल को सरल उदाहरणों से समझाया गया, और बताया गया कि शास्त्रीय संगीत की समझ फिल्मी गीत सुनने का नजरिया भी बदल देती है। इसके बाद राग किरवानी, भैरवी और यमन पर आधारित गीत प्रस्तुत हुए। यह भी दिखाया गया कि एक ही राग अलग-अलग भावनाओं में कैसे अलग रंग दिखाता है। रविंद्र जैन की रचनाओं में छिपी शास्त्रीयता और बारह स्वरों के प्रयोग को भी अलग.अलग रागों के उदाहरण से समझाया गया। उनके एक भक्ति गीत ने आध्यात्मिक पक्ष को उजागर किया। चूंकि यह कार्यक्रम शिक्षक दिवस के अवसर पर हुआ, इसमें गुरु और शिक्षा का भाव भी विशेष रूप से दिखा। कलाकारों ने दर्शकों को श्रोता के साथ-साथ विद्यार्थी भी बनाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 12:33:22 +0530</pubDate>
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                <title>आज से शुरू होगा जवाहर कला केन्द्र का 33वां स्थापना दिवस समारोह, तीन दिन तक सजेगी कला की महफिल</title>
                                    <description><![CDATA[जवाहर कला केन्द्र का 33वां स्थापना दिवस समारोह आज से भव्य रूप में शुरू हो रहा है। 8 से 10 अप्रैल तक चलने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन में विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कला और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/33rd-foundation-day-celebration-of-jawahar-kala-kendra/article-149499"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/jkk.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केन्द्र का 33वां स्थापना दिवस समारोह आज बुधवार से भव्य रूप में शुरू हो रहा है। 8 से 10 अप्रैल तक चलने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन में विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कला और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। समारोह के पहले दिन आज शाम 6 बजे रंगायन सभागार में बाल लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण रहेंगी।</p>
<p>गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विभिन्न अंचलों के बाल कलाकार डांडी गैर, शेखावाटी चंग, पारंपरिक मांगलिक गीत और लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति देंगे। आगामी दिनों में 9 अप्रैल को ताल वाद्य कचहरी और 10 अप्रैल को फिल्म प्रदर्शन के साथ घूमर, भवाई और डेरू नृत्य की प्रस्तुतियां दर्शकों को आकर्षित करेंगी। आयोजन में आमजन के लिए प्रवेश निशुल्क रखा गया है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस सांस्कृतिक उत्सव का आनंद ले सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 10:49:33 +0530</pubDate>
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                <title>Jawahar Kala Kendra : गजल के सुरों से सजी म्यूजिकल सिम्फनी की शाम, झूमे संगीतप्रेमी</title>
                                    <description><![CDATA[जेकेके में तीन दिवसीय म्यूजिकल सिम्फनी कार्यक्रम का सुरमयी आगाज हुआ। पहले दिन गायिका अलीना भारती ने अपनी मधुर आवाज में गजलों और क्लासिकल गीतों का गुलदस्ता सजाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jawahar-kala-kendra-music-lovers-danced-to-the-evening-of/article-131259"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/pp.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जेकेके में रविवार को तीन दिवसीय म्यूजिकल सिम्फनी कार्यक्रम का सुरमयी आगाज हुआ। पहले दिन गायिका अलीना भारती ने अपनी मधुर आवाज में गजलों और क्लासिकल गीतों का गुलदस्ता सजाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने मेरी आवाज ही मेरी पहचान है..., पिया तोसे नैना लागे रे... और दिल चीज क्या है आप मेरी जान लीजिए.. जैसी लोकप्रिय रचनाओं से शाम को भावनाओं से भर दिया। कार्यक्रम के समापन पर रंजिश ही सही और आज जाने की जिद न करो ने हर दिल को छू लिया। इसके बाद शाम का मुख्य आकर्षण रही बांसुरी वादक अश्विन श्रीनिवासन और तबला वादक ओजस अढि़या की मनमोहक जुगलबंदी। दोनों कलाकारों ने राग पूरियाधनश्री और भूपाली पर आधारित प्रस्तुतियों से संगीत प्रेमियों को आध्यात्मिक आनंद में डुबो दिया।</p>
<p>श्रीनिवासन की बांसुरी की मधुर तानें और अढि़या के तबले की जटिल लयकारी ने महफिल में सजीवता भर दी। गौरतलब है कि श्रीनिवासन ए.आर. रहमान के बैंड के प्रमुख सदस्य और सुर-मणि सम्मान से विभूषित कलाकार हैं। वहीं ओजस अढि़या लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में सबसे युवा तबला वादक के रूप में दर्ज हैं। कार्यक्रम में जयपुर कलेक्टर जितेन्द्र सोनी और केन्द्र की अतिरिक्त महानिदेशक प्रियंका राठौड़ सहित बड़ी संख्या में संगीतप्रेमी उपस्थित रहे। सोमवार को म्यूजिकल सिम्फनी के दूसरे दिन समंदर खान मांगणियार एवं समूह लोक और सूफी संगीत की धुनों से माहौल को सुरीला बनाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Nov 2025 10:13:36 +0530</pubDate>
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