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                <title>water - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>water RSS Feed</description>
                
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                <title>असर खबर का : शिक्षा व्यवस्था पटरी पर, बिजली आपूर्ति सुचारू</title>
                                    <description><![CDATA[प्रशासन और बिजली विभाग की त्वरित कार्रवाई से मिली राहत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/impact-of-the-report--education-system-back-on-track--power-supply-restored/article-159849"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/kota.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर । उपखंड में बीते दिनों राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय और आसपास के क्षेत्र में ट्रांसफार्मर जलने के कारण ठप हुई बिजली व्यवस्था पर 'दैनिक नवज्योति' टीम ने प्रमुखता से 11 जुलाई 2026 को खबर प्रकाशित की गई थी। खबर प्रकाशित होने के 24 घंटे के व भीतर ही प्रशासन और बिजली विभाग हरकत में आया और तत्परता  दिखाते हुए खराब ट्रांसफार्मर को बदल दिया गया है। अब विद्यालय में और क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल हो गई है। व बिजली आने के बाद से ही विद्यालय  में पेयजल की समस्या का समाधान हो गया है और शैक्षणिक गतिविधियाँ, विशेषकर ऑनलाइन कंप्यूटर कार्य, पुनः सुचारू रूप से शुरू हो गए हैं।</p>
<p>स्थानीय ग्रामीणों और विद्यालय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग का आभार व्यक्त किया है, जिससे भीषण गर्मी और उमस के बीच बच्चों और क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 17:32:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई में भारी बारिश के बाद छलकी झील : जल भंडार 41.43 प्रतिशत, पानी के स्तर में बढ़ोतरी  </title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई के लिए राहतभरी खबर है। लगातार बारिश के बाद तुलसी झील बुधवार देर रात और विहार झील मंगलवार शाम लबालब भर गईं। मानसून में पूरी क्षमता तक पहुंचने वाली ये पहली दो झीलें हैं। हालांकि सातों जलाशयों में कुल जल भंडार अभी 41.43% है, लेकिन जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से शहर की पेयजल आपूर्ति को लेकर चिंता काफी कम हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/lake-water-reservoir-overflows-after-heavy-rain-in-mumbai-water/article-159219"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)19.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में पेयजल आपूर्ति की प्रमुख स्रोत 7 झीलों में से एक, तुलसी झील के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार भारी बारिश के बाद बुधवार को शहर में पानी की स्थिति में पर्याप्त सुधार दर्ज किया गया। बृहन्मुंबई नगर निगम के जलविद्युत इंजीनियरिंग विभाग के अनुसार, तुलसी झील मंगलवार रात 11:43 बजे ही छलकने लगी। इससे पहले उसी शाम लगभग 9 बजे विहार झील भी भर गयी थी, जिससे यह इस मानसून में पूरी क्षमता तक पहुंचने वाला दूसरा जलाशय बन गया। दोनों झीलों का भरना जलग्रहण क्षेत्रों में कई दिनों की भारी बारिश के बाद हुआ है, जिससे शहर के जलाशयों में पानी का स्तर काफी बढ़ गया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अधिकारियों ने कहा कि तुलसी और विहार झीलों के भरने के बावजूद, मुंबई को पानी देने वाली सभी सात झीलों में कुल जल भंडार बुधवार सुबह उनकी कुल क्षमता का 41.43 प्रतिशत था। झीलों के जलग्रहण क्षेत्रों में व्यापक बारिश के कारण पिछले कुछ दिनों से जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। तुलसी झील मुंबई की सात जलापूर्ति झीलों में सबसे छोटी है और यह नगर निगम की सीमा के भीतर स्थित दो जलाशयों में से एक है, जबकि दूसरा जलाशय विहार झील है। <span> </span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इस झील का जलग्रहण क्षेत्र 6.76 वर्ग किलोमीटर है और पूरी तरह भरने पर यह लगभग 1.35 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करती है। यह मुंबई के कुछ हिस्सों में हर दिन औसतन एक करोड़ 80 लाख लीटर यानी 1.8 करोड़ लीटर पीने के पानी की आपूर्ति करती है। नगर निगम मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित तुलसी झील, विहार झील से जुड़ी हुई है। एक बार जब तुलसी झील अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच जाती है, तो इसका अतिरिक्त पानी बहकर विहार झील में चला जाता है। इस वर्ष तुलसी झील का समय से पहले भरना मानसून की शुरुआत के बाद से जलग्रहण क्षेत्रों में हुई अच्छी बारिश को दर्शाता है। पिछले वर्ष यह झील 16 अगस्त को भर गयी थी, जबकि 2024 में यह अगस्त में भरी थी। नगर निगम मानसून के आगे बढऩे के साथ सभी सात झीलों में पानी के स्तर की निगरानी कर रहा है। मानसून के आगमन से पहले पानी के भंडार में आयी भारी गिरावट के बाद, इस बढ़ते जल स्तर ने नागरिक अधिकारियों को बड़ी राहत दी है।<span>  </span><span> </span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:15:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ग्राउंड रिपोर्ट: क्या हादसाें के बाद ही जागने की रीत कभी तोड़ी जाएगी</title>
                                    <description><![CDATA[ बिना जांच 'अवैध टैंकरों' से सप्लाई हो रहा हजारों लीटर पानी,नई कॉलोनियों में मंडराया संकट।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/ground-report--will-the-pattern-of-waking-up-only-after-a-tragedy-occurs-ever-be-broken/article-156433"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1111200-x-600-px)33.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। सरकारी स्तर पर संकट से निपटने के लिए कोटा शहर में 12 हाइड्रेंट/बोरिंग पॉइंट्स अनुबंधित (पूरी तरह टेस्टेड) किए गए हैं। इसी तरह रामगंजमंडी में 16 कुएं और सांगोद में 3 से 4 ट्यूबवेल रिजर्व रखे गए हैं, जहां से पूरी तरह जांचा हुआ पानी ही टैंकरों में भरा जाता है।<br />शिक्षा नगरी कोटा में भीषण गर्मी के बीच एक बड़ा जल-संकट और छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। एक तरफ जहां जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) की कोटा लैब सरकारी स्तर पर लक्ष्य से आगे बढ़कर पानी की जांच कर रही है, वहीं दूसरी तरफ शहर के पॉश और घने कोचिंग इलाकों सहित बाहरी कॉलोनियों में अवैध और बिना जांचे पानी के टैंकरों का धंधा धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। रोजाना हजारों छात्र और स्थानीय नागरिक इस अनियंत्रित पानी को पीने और इस्तेमाल करने को मजबूर हैं, जिससे किसी बड़ी महामारी के फैलने का अंदेशा पैदा हो गया है।</p>
<p><strong>जवाहर नगर हादसे' की याद हुई ताजा</strong><br />शहर में पानी की मॉनिटरिंग को लेकर बरती जा रही यह लापरवाही सीधे तौर पर मासूमों की जान से खिलवाड़ है। विज्ञान नगर इलाके में दुषित पानी की सप्लाई के बाद वर्तमान स्थिति को देखकर कुछ साल पहले जवाहर नगर क्षेत्र में एक साथ फैली उस महामारी की याद ताजा हो जाती है, जब दूषित पानी की समस्या के चलते 70 से अधिक कोचिंग छात्रों को गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती करवाना पड़ा था।<br /><strong>-मनू सोलंकी निवासी जवाहर नगर</strong></p>
<p><strong>निजी वाटर सप्लाई पर नहीं है कोई निगरानी</strong><br />उस बड़े हादसे के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं टूटी है। आज भी स्थिति यह है कि केवल कच्ची बस्तियां ही नहीं, बल्कि बड़े-बड़े कोचिंग इलाकों और हॉस्टल्स में भी पानी की मॉनिटरिंग या उसकी नियमित जांच करवाने की कोई कानूनी बाध्यता तय नहीं की गई है। आखिर पानी जैसी बेहद बुनियादी लेकिन सबसे जरूरी चीज के लिए कोटा में एक 'प्रोपर और जिम्मेदार' सिस्टम आज तक क्यों नहीं बन पाया?<br /><strong>-सीता प्रजापित निवासी कोरल पार्क</strong></p>
<p><strong>बिना जांच सीधे पेट तक पहुंच रहा पानी</strong><br />आवासीय और कोचिंग जैसे बेहद संवेदनशील इलाकों में बिना किसी केमिकल या बैक्टीरियोलॉजिकल टेस्ट के पानी की लगातार सप्लाई हो रही है, लेकिन इन टैंकरों पर विभाग की कोई मॉनिटरिंग नहीं है। यह पानी बस्ती वासियों के रोजमर्रा के काम से लेकर उनके पेट तक पहुंच रहा है। सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि न तो चिकित्सा विभाग (CMHO) के पास और न ही जलदाय विभाग के पास इन हॉस्टल्स और निजी स्रोतों की पूरी स्क्रीनिंग का कोई डेटा उपलब्ध है।</p>
<p><strong>हॉस्टल्स और घनी आबादी 'टैंकर माफिया' के भरोसे</strong><br />जिन क्षेत्रों में जलदाय विभाग की सीधी पाइपलाइन नहीं है, वहां निजी स्रोतों के नाम पर टैंकर माफियाओं का राज चल रहा है। शहर के सबसे संवेदनशील और वीआईपी माने जाने वाले कोचिंग हब इस समय पूरी तरह निजी टैंकरों के जाल में हैं। कोरल पार्क और लैंडमार्क सिटी जैसे अत्यधिक घनी आबादी वाले हॉस्टल क्षेत्रों में हजारों कोचिंग छात्र रह रहे हैं। यहां रोजाना बिना किसी शुद्धता जांच के धड़ल्ले से टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है।</p>
<p><strong>आवासीय बस्तियों व निजी कॉलोनियों मेेें बडा खेल</strong><br />नयागांव, आंवली, रोजड़ी, नांता के करणी नगर,बरड़ा, अनन्तपुरा के भीतरी इलाके,क्रेशर बस्ती, बृज धाम, मान सरोवर, प्रताप नगर पुनम कॉलोनी, श्री विहार, रायपुर की कॉलोनियां, रेलवे स्टेशन क्षेत्र, बूंदी रोड और बालिता की कॉलोनियां पूरी तरह इन निजी टैंकरों के भरोसे चल रही हैं। यहां निजी काॅलोनियां ताे विकसीत हो गयी लेकिन पानी जैसी बुनियादि जरूरत के लिये या तो घर के भीतर बने बोरिंग या फिर महंगे बोरिग सप्लाई के साथ टेन्करों की सप्लाई पर निर्भर है। यही नही इनके बदले पानी के इन सौदागरों की मोटी कमाई भी बडी है।</p>
<p><strong>पीएचईडी लाचार, गेंद सीएमएचओ के पाले में</strong><br />पीएचईडी के सीनियर केमिस्ट तरुण कुमार जैन ने बताया कि विभाग निजी स्रोतों और टैंकरों के पानी की जांच के लिए मात्र 297:रूपये की नॉमिनल फीस लेता है, जिसमें 48 घंटे में बैक्टीरियोलॉजिकल और केमिकल टेस्ट की रिपोर्ट आ जाती है। लेकिन सबसे बड़ा पेंच नियमों का है PHED लैब के पास प्राइवेट ट्यूबवेल या अवैध रूप से चल रहे टैंकर्स पर सीधे कानूनी कार्रवाई या जब्ती का अधिकार नहीं है। यदि पानी दूषित भी पाया जाता है, तो उस पर सीधे कार्रवाई करने का अधिकार केवल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के पास होता है। ऐसे में दोनों विभागों के बीच तालमेल की कमी का फायदा टैंकर संचालक उठा रहे हैं।</p>
<p><strong>हर 6 महीने में जांच है जरूरी</strong><br />जलदाय विभाग के जानकारों के अनुसार, आमतौर पर लोग एक बार पानी की जांच करवाकर निश्चिंत हो जाते हैं, लेकिन पानी की शुद्धता बनाए रखने के लिए हर 6 महीने में दोबारा जांच करवानी चाहिए। विशेषकर प्री-मानसून (बारिश से पहले) और पोस्ट-मानसून (बारिश के बाद) जांच अनिवार्य है, क्योंकि बारिश के दिनों में भूजल में खतरनाक बैक्टीरिया पनपने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।</p>
<p><strong>यह है कोटा में पानी की कहानी</strong><br />कोटा शहर में चंबल नदी से पानी लिफ्ट कर सकतपुर (130 व 70 MLD), अकेलगढ़ (64 MLD की 3 और 75 MLD की 1 यूनिट) तथा श्रीनाथपुरम (50 MLD) प्लांट्स से शुद्ध पानी सप्लाई किया जा रहा है। हमारे पास पानी की पयार्प्त व्यवस्था है। जहां कमी हो वहां टैंकर भेजते हैं।<br /><strong>-दीपक झा, अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता पीएचईडी</strong></p>
<p>यदि आपके क्षेत्र में नल से बदबूदार या गंदा पानी आ रहा है, तो बीमारी फैलने का इंतजार न करे। तुरंत संबंधित अधिकारीयों को सूचित करें। निजी स्रोतों का उपयोग करने वाले नागरिक बीमारी को न्योता न दें और नजदीकी पीएचईडी लैब में अपने पानी के सैंपल की जांच अवश्य करवाएं।<br /><strong>-तरूण कुमार जैन ,सीनीयर केमिस्ट पीएचईडी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 14:14:20 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाएगी राज्य सरकार, 25 मई से शुरू होगा ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में 25 मई से 5 जून 2026 तक ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बीसलपुर बांध पर जल पूजन कर इस जन आंदोलन का शुभारंभ करेंगे। इसके तहत प्रदेशभर में पारंपरिक जल स्रोतों की सफाई, श्रमदान, पौधारोपण और जल योद्धाओं को 'जल गौरव सम्मान' देने जैसे कार्यक्रम होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/state-government-will-make-water-conservation-a-mass-movement-vande/article-154869"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/bhajan-lal-sharma.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार 25 मई से प्रदेशभर में ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ की शुरुआत करने जा रही है। गंगा दशमी के अवसर पर शुरू होने वाला यह अभियान 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस तक चलेगा। अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम न रखकर जन आंदोलन का स्वरूप देना है, जिसमें पंचायतों, स्वयंसेवी संस्थाओं, धार्मिक संगठनों, उद्योगपतियों, महिलाओं, युवाओं और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री 25 मई को टोंक स्थित बीसलपुर बांध पर जल पूजन और शिव मंदिर में अभिषेक के साथ अभियान का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही वे ईसरदा, बंध बरेठा और गालवा बांध का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे। वहीं भरतपुर में गंगा माता मंदिर में आरती और सुजानगंगा नहर में दीपदान कार्यक्रम आयोजित होगा।</p>
<p>अभियान के तहत प्रदेशभर में कुओं, बावड़ियों, तालाबों, नहरों और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों की साफ-सफाई, श्रमदान, दीप प्रज्वलन और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही नए जल संरक्षण कार्यों का शिलान्यास, भूमि पूजन और पूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए प्रभात फेरियां, लेखन प्रतियोगिताएं और जागरूकता कार्यक्रम होंगे, जबकि राजीविका से जुड़ी महिलाओं द्वारा कलश यात्राएं निकाली जाएंगी।</p>
<p>26 मई को जल संरक्षण को लेकर नुक्कड़ नाटक, शपथ कार्यक्रम और अमृत सरोवर सहित विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा। 27 मई को गोशालाओं, पशु चिकित्सालयों और दुग्ध संघों में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा तथा धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के साथ संवाद कार्यक्रम होंगे।</p>
<p>28 मई को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मंडियों सहित सार्वजनिक स्थलों पर ‘वंदे गंगा जल सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान वर्षा जल संचयन तकनीकों की जानकारी, जल परीक्षण और जनजागरूकता गतिविधियां होंगी। उद्योग विभाग द्वारा ग्रीन ऑफिस, एनर्जी ऑडिट और ग्रीन बजट को बढ़ावा देने के लिए कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी।</p>
<p>29 और 30 मई को ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों, जोहड़ों और अन्य जल स्रोतों की मैपिंग, सफाई और मरम्मत के कार्य होंगे। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तहत पूर्ण कार्यों का लोकार्पण और नए कार्यों का शुभारंभ किया जाएगा। ग्राम पंचायत स्तर पर जल चौपाल भी आयोजित होंगी।</p>
<p>31 मई को प्रभात फेरियां, साइकिल रैलियां और जागरूकता अभियान निकाले जाएंगे। पुलिस, सेना और अर्द्धसैनिक बल चिन्हित स्थानों पर श्रमदान करेंगे। इसके अलावा पक्षियों के लिए परिंडे बांधने और पशुओं के लिए पेयजल व्यवस्था जैसे कार्यक्रम भी होंगे।</p>
<p>1 जून को कृषि एवं उद्यानिकी विभाग सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों पर कार्यशालाएं और प्रदर्शनी आयोजित करेगा। कृषि विज्ञान केंद्रों पर प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और प्रिसीजन फार्मिंग को लेकर किसान चौपालें आयोजित होंगी। 2 जून को नदियों, बांधों और नहरों पर पूजन कार्यक्रम तथा नहरों की सफाई और गाद निकालने के कार्य किए जाएंगे।</p>
<p>3 और 4 जून को जिला स्तर पर नवाचार कार्यक्रम, निबंध, चित्रकला, खेलकूद प्रतियोगिताएं और नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जाएंगे। वहीं ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर जल चौपाल लगाकर जल संरक्षण पर चर्चा की जाएगी।</p>
<p>5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधारोपण, जल संरचनाओं की सफाई और ईको फ्रेंडली गतिविधियां आयोजित होंगी। इसी दिन जिला स्तरीय समापन समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले भामाशाहों, संस्थाओं, पंचायतों, नगर निकायों और जल योद्धाओं को “जल गौरव सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष इस अभियान के दौरान प्रदेश की लगभग 11 हजार ग्राम पंचायतों में 3 लाख 70 हजार से अधिक कार्यक्रम आयोजित हुए थे, जिनमें करीब 2 करोड़ 53 लाख लोगों ने भागीदारी निभाई थी। राज्य सरकार इस वर्ष भी व्यापक जनभागीदारी के जरिए जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने की तैयारी में है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 17:15:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संशोधित PKC-ERCP परियोजना में तेजी, चंबल जलसेतु के 3000 पाइलों का कार्य पूरा </title>
                                    <description><![CDATA[वाटर ग्रिड कॉर्पोरेशन की बैठक में संशोधित PKC-ERCP परियोजना की प्रगति रिपोर्ट पेश की गई। नौनेरा पंप हाउस की खुदाई जारी है और चंबल जलसेतु के लिए 5,000 में से 3,000 पाइलों का निर्माण पूरा हो चुका है। मेज से गलवा तक सुरंग खुदाई और फीडर निर्माण कार्य भी तेजी से जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/revised-pkc-ercp-project-expedited-work-of-3000-piles-of-chambal/article-154698"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/secratrait11.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान वाटर ग्रिड कॉर्पोरेशन लिमिटेड की 12वीं बैठक में संशोधित पीकेसी-ईआरसीपी (PKC-ERCP) परियोजना के तहत अब तक हुए कार्यों की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के विभिन्न पैकेजों में निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। जानकारी के अनुसार, नौनेरा पंप हाउस के लिए नींव की खुदाई का कार्य जारी है। वहीं चंबल जलसेतु पर लगाए जाने वाले कुल 5060 पाइलों में से 3000 पाइलों का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा 8 पाइल कैप का कांक्रीटीकरण कार्य पूर्ण हो गया है, जबकि 4 पाइल कैप का सुदृढ़ीकरण कार्य भी संपन्न कर लिया गया है।</p>
<p>बैठक में बताया गया कि नौनेरा बैराज से मेज तक फीडर निर्माण के लिए लगभग 20 प्रतिशत मिट्टी कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में मेज से गलवा तक दो स्थानों पर सुरंग की खुदाई का कार्य प्रगति पर है। इस पैकेज के अंतर्गत 12 किलोमीटर लंबाई में 4 संरचनाओं और फीडर निर्माण का कार्य भी लगातार जारी है। अधिकारियों ने परियोजना कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 16:20:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बांसी का रावजी मोहल्ला : नाममात्र जलापूर्ति से मोहल्लेवासियों में बढ़ा आक्रोश</title>
                                    <description><![CDATA[ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाने के बाद विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/bansi-s-raoji-mohalla--growing-outrage-among-residents-due-to-meager-water-supply/article-154550"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-1111.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र के बांसी कस्बे स्थित रावजी मोहल्ले में पिछले दो माह से पेयजल संकट गहराने से मोहल्लेवासियों में भारी नाराजगी है। जलदाय विभाग की ओर से पर्याप्त जलापूर्ति नहीं होने के कारण लोगों को भीषण गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या के समाधान नहीं होने पर उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे।</p>
<p>जानकारी के अनुसार जलदाय विभाग द्वारा बांसी कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में घर-घर नल कनेक्शन दिए गए हैं, लेकिन रावजी मोहल्ले में पिछले लंबे समय से नलों में नाममात्र का पानी ही पहुंच रहा है। कई मकानों की दूसरी मंजिल तक पानी नहीं पहुंच पाने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। ऑनलाइन शिकायत के बाद नैनवां के कनिष्ठ अभियंता विभागीय टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जलापूर्ति शुरू करवाई। हालांकि उस समय भी उपभोक्ताओं के नलों में बहुत कम मात्रा में पानी पहुंचता दिखाई दिया। इसके बाद अधिकारियों ने कर्मचारियों को निर्धारित समय से 20 मिनट अतिरिक्त जलापूर्ति करने के निर्देश दिए।</p>
<p>मोहल्लेवासियों हुकमचंद शर्मा, मुकेश कुमार जैन, अंकित जैन, लोकेश शर्मा, सत्यनारायण सोनी, नीरूशंकर शर्मा, सीमा जैन, ममता जैन एवं अवधेश कुमार जैन सहित अन्य लोगों ने बताया कि कई बार विभागीय कर्मचारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन समाधान नहीं हुआ। बिजली कटौती के दौरान मोटर बंद रहने से जलापूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो जाती है, जिससे लोगों को निजी नलकूपों से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे जलदाय विभाग कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। मौके पर पहुंचे अधिकारियों को भी लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। बाद में अधिकारियों ने समझाइश कर लोगों को शांत किया।</p>
<p>बांसी के जिस मोहल्ले में जलापूर्ति समस्या है। वह लाइन के टेल क्षेत्र के है। इस समस्या के समाधान के लिए निर्धारित समय से 20 मिनट अधिक समय तक जलापूर्ति करने के लिए कर्मचारी को निर्देशित किया गया है। मोहल्ले में समय से जलापूर्ति हो जाएगी।<br /><strong>- योगिता जांगिड़, जेईएन,जलदाय विभाग, नैनवां </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 14:55:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>विपक्ष भ्रम फैलाकर कर रहा नाटकबाजी, जनता के हित में काम कर रही सरकार : मदन राठौड़ </title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने विपक्ष पर पेट्रोल-डीजल और गैस को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पूर्व सीएम अशोक गहलोत को घेरते हुए कहा कि वे लंबे शासन के बाद भी स्थायी जल व्यवस्था नहीं कर पाए। राठौड़ ने कहा कि खाड़ी देशों में तनाव के बावजूद पीएम मोदी आपूर्ति बनाए रखे हुए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/opposition-is-creating-drama-by-spreading-confusion-government-is-working/article-154385"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/madan-rathore.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने विपक्ष पर गैस और पेट्रोल को लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाने और नाटकबाजी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार जल संकट सहित आमजन से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है, जबकि विपक्ष केवल राजनीति कर रहा है। राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि तीन बार मुख्यमंत्री रहने के बावजूद वे प्रदेश में स्थायी जल व्यवस्था सुनिश्चित नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि जोधपुर सहित कई क्षेत्रों में लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद भी समुचित व्यवस्थाएं विकसित नहीं की गईं। </p>
<p>हालांकि, वर्तमान सरकार घर-घर जल पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि भाखड़ा बांध से क्लोजर आने के कारण कुछ समय के लिए परेशानी हुई थी, लेकिन अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा पर भी हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा कार्यालय का घेराव करने से पहले कांग्रेस नेताओं को आत्ममंथन करना चाहिए। जिन घटनाओं को लेकर भाजपा पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उनका भाजपा से कोई संबंध नहीं है और यह कांग्रेस से जुड़े लोगों का ही कारनामा है। गैस और तेल संकट के मुद्दे पर राठौड़ ने कहा कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि गल्फ देशों में तनावपूर्ण स्थिति और युद्ध जैसे हालात के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आवश्यक आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 18:15:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अतिक्रमण और अव्यवस्थाओं  का शिकार हो रहा सुकेत बस स्टैंड, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[बैठने और छाया की व्यवस्था नहीं होने से यात्री परेशान।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/suket-bus-stand-plagued-by-encroachments-and-disorganization/article-154338"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(3)40.png" alt=""></a><br /><p>सुकेत। कस्बे का मुख्य बस स्टैंड इन दिनों बदहाली का शिकार बना हुआ है। यहां यात्रियों के लिए न तो पर्याप्त बैठने की व्यवस्था है और न ही गर्मी से बचाव के लिए उचित छाया उपलब्ध है। अतिक्रमण और अव्यवस्थाओं के चलते बस स्टैंड दुर्घटना संभावित क्षेत्र बन गया है, जिससे रोजाना सैकड़ों यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।</p>
<p>यात्रियों ने बताया कि बस स्टैंड पर केवल कुछ टूटी-फूटी सीमेंट की बेंच ही मौजूद हैं। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे घंटों धूप में खड़े होकर बसों का इंतजार करने को मजबूर हैं। वहीं बस स्टैंड का टीन शेड भी जर्जर हालत में है। कई जगह से टूटे शेड के नीचे व्यापारियों ने अस्थायी दुकानें लगा रखी हैं, जिससे यात्रियों को धूप में खड़ा रहना पड़ता है। बारिश के दौरान शेड से पानी टपकता है और रात के समय पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी नहीं है।</p>
<p><strong>सवारियां सड़क पर ही उतारना-चढ़ाना पड़ रहा</strong><br />यात्री बस स्टैंड परिसर में ठेले और ऑटो खड़े रहने से जगह सिकुड़ गई है। ऐसे में बसों को सड़क पर ही सवारियां चढ़ानी-उतारनी पड़ती हैं, जिससे ज़ाम और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। पिछले माह एक बुजुर्ग महिला गड्ढे में गिरकर घायल हो गई थी, जबकि आए दिन स्कूली बच्चे भी चोटिल हो रहे हैं।</p>
<p><strong>ग्रामीणों ने जिला कलक्टर से लगाई गुहार</strong><br />ग्रामीणों ने जिला कलक्टर से बस स्टैंड का निरीक्षण कर यात्रियों के लिए शेड, पेयजल, शौचालय और पर्याप्त बैठने की व्यवस्था कराने की साथ हटाकर परिसर को समतल करने की भी मांग उठाई गई है।</p>
<p>कोटा जाने के लिए कई बार एक घंटे तक बस का इंतजार करना पड़ता है। लेकिन बैठने की व्यवस्था नहीं होने से छोटे बच्चों को गोद में लेकर खड़ा रहना पड़ता है।<br /><strong>- सीमा बाई, नियमित यात्री, सुकेत</strong></p>
<p>बरसात के दिनों में हालात और अधिक खराब हो जाते हैं। बस स्टैंड का रखरखाव नगर पालिका सुकेत के अधीन है। फिलहाल अस्थायी तौर पर चार बेंच लगाई गई हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं हैं।<br /><strong>- रवि, कॉलेज छात्र, सुकेत </strong></p>
<p>यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। यदि किसी ने अतिक्रमण किया है तो उसे हटाया जाएगा। बस स्टैंड पर शौचालय, पेयजल और बैठने की समुचित सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।<br /><strong>- चारु वर्मा, उपखंड अधिकारी, रामगंजमंडी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 14:26:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परेशानी : पानी ने बुझाई सौर ऊर्जा की लौ, पानी 200 से 300 मीटर तक नीचे</title>
                                    <description><![CDATA[भूजल स्तर में गिरावट से सोलर पंप सब्सिडी पर संकट।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-crisis--water-scarcity-douses-the-flame-of-solar-energy--water-table-drops-to-200%E2%80%93300-meters/article-154337"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(4)31.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा जिले सहित हाड़ौती अंचल के कई हिस्सों में भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि कई इलाकों में पानी 200 से 300 मीटर तक नीचे पहुंच गया है। पानी पाताल में समाने जैसी स्थिति ने अब खेती और सिंचाई के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। इसका सबसे बड़ा असर सरकार की सोलर पंप योजना पर देखने को मिल रहा है, जिसके तहत किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी अब सीमित दायरे में सिमटती जा रही है। दरअसल वर्तमान नियमों के मुताबिक 100 मीटर तक की गहराई वाले नलकूपों पर ही सोलर पंप लगाने के लिए सब्सिडी का प्रावधान है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ के कई गांवों में जलस्तर इस सीमा से काफी नीचे जा चुका है। ऐसे में हजारों किसान योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं।</p>
<p><strong>अब महंगी सिंचाई बनी मजबूरी</strong><br />जलस्तर गिरने के कारण किसानों को अब गहरे बोर करवाने पड़ रहे हैं, जिसकी लागत 2 से 5 लाख रुपए तक पहुंच रही है। इसके बावजूद पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा। सोलर पंप की सब्सिडी नहीं मिलने से किसान या तो बिजली कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं या डीजल पंप के सहारे सिंचाई कर रहे हैं, जिससे लागत कई गुना बढ़ गई है। कई किसानों का कहना है कि सोलर पंप योजना उनके लिए उम्मीद की किरण थी, लेकिन 100 मीटर की सीमा ने इस उम्मीद को अधूरा छोड़ दिया। जिन क्षेत्रों में पानी 150 मीटर से नीचे है, वहां यह योजना लगभग अप्रभावी हो चुकी है।</p>
<p><strong>अतिदोहन श्रेणी में पहुंचे कई ब्लॉक</strong><br />जानकारी के अनुसार कोटा संभाग के कई ब्लॉक अतिदोहनह्व (ओवर-एक्सप्लॉइटेड) श्रेणी में आ चुके हैं। इन क्षेत्रों में जितना पानी रिचार्ज होता है, उससे कहीं अधिक दोहन किया जा रहा है। परिणामस्वरूप हर साल जलस्तर औसतन 1 से 3 मीटर तक नीचे खिसक रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार कम वर्षा, पारंपरिक जल स्रोतों की उपेक्षा और बढ़ती सिंचाई जरूरतों के कारण यह संकट और गहराता जा रहा है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में पेयजल संकट भी गहरा सकता है।</p>
<p><strong>भौतिक सत्यापन में आवेदन हो रहे रिजेक्ट</strong><br />सरकार की सोलर पंप योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को सस्ती, स्वच्छ और निर्बाध ऊर्जा उपलब्ध कराना था, ताकि वे बिजली कटौती और महंगे डीजल से मुक्त हो सकें। लेकिन जलस्तर गिरने के कारण योजना का लाभ सीमित होता जा रहा है। भूजल स्तर 100 मीटर जाने के कारण अधिकांश किसान आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। और कुछ किसान आवेदन कर भी रहे हैं तो भौतिक सत्यापन में उनके आवेदन रिजेक्ट हो रहे हैं। किसान संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने मांग उठाई है कि सोलर पंप सब्सिडी के लिए निर्धारित 100 मीटर की सीमा को बढ़ाया जाए और इसे क्षेत्रवार जलस्तर के अनुसार तय किया जाए।</p>
<p>सरकार सोलर पंप दे रही है, लेकिन जब पानी ही नहीं है तो इसका फायदा कैसे मिलेगा? जलस्तर के अनुसार नियमों में बदलाव जरूरी है, ताकि अधिक किसान इससे लाभान्वित हो सके।<br /><strong>- महेंद्र सिंह, किसान</strong></p>
<p>वर्तमान नियमों के मुताबिक 100 मीटर तक की गहराई वाले नलकूपों पर ही सोलर पंप लगाने के लिए सब्सिडी का प्रावधान है। इस योजना के नियमों में बदलाव केन्द्र सरकार के स्तर पर ही हो सकता है।<br /><strong>-आर.के. शर्मा, कृषि विशेषज्ञ </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 14:24:52 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज विभिन्न बैठकों में होंगे शामिल </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज मुख्यमंत्री आवास पर विभिन्न महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता करेंगे। दोपहर 12 बजे सामाजिक बैठक के बाद, वे दोपहर 3 बजे राजस्व अर्जन विभागों की समीक्षा करेंगे। शाम 4:30 बजे वे जल संरक्षण को समर्पित “कर्मभूमि से मातृभूमि एवं वंदे गंगाजल संरक्षण अभियान” बैठक को संबोधित करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajanlal-sharma-will-attend-various-meetings-today/article-154138"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/bhajanlal.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भजनलाल शर्मा आज मुख्यमंत्री आवास पर विभिन्न कार्यक्रमों और बैठकों में भाग लेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक सामाजिक बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद अपराह्न 3 बजे मुख्यमंत्री राजस्व अर्जन वाले विभागों की समीक्षा बैठक लेंगे। इस बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों, राजस्व संग्रहण और योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की जाएगी। वहीं शाम 4:30 बजे मुख्यमंत्री “कर्मभूमि से मातृभूमि एवं वंदे गंगाजल संरक्षण अभियान” की बैठक को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम भी मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित होगा, जिसमें जल संरक्षण और जनजागरूकता से जुड़े विषयों पर मंथन किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 18:02:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अशोक गहलोत का राज्य सरकार पर हमला, बोले-सामने खड़े जलसंकट की जवाबदेही कौन करेगा तय</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर में गहराते पेयजल संकट को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने शहर की स्थिति को जल-आपातकाल जैसा बताते हुए कहा कि कायलाना तख्तसागर में मात्र दो दिन का पानी शेष है। उन्होंने जलदाय विभाग की लापरवाही और ठोस जल प्रबंधन के अभाव पर गंभीर सवाल उठाए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ashok-gehlot-attacked-the-state-government-and-said-who/article-154156"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ashok-gehlot.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर: जोधपुर में पेयजल संकट के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। गहलोत ने कहा है कि जोधपुर में पेयजल को लेकर हालात भयावह होते जा रहे हैं। शहर में त्राहि-त्राहि मची हुई है और स्थिति लगभग जल-आपातकाल जैसी बन चुकी है। कायलाना तख्तसागर में मात्र दो दिन का पानी शेष बताया जा रहा है। करीब 20 लाख की आबादी वाला शहर प्यास के कगार पर खड़ा है और सरकार मौन है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जलदाय विभाग अब तक क्या कर रहा था? क्या यह पूर्व तैयारी का अभाव नहीं है? क्या जल प्रबंधन की कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई? आज जब जल संकट सामने खड़ा है तो जवाबदेही कौन लेगा? जोधपुर के सांसद एवं भाजपा विधायकों को भी सरकार को वास्तविक स्थिति से अवगत करवाना चाहिए जिससे समस्या का समाधान हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 14:54:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जयपुर में जलदाय के खुलेंगे 4 नए दफ्तर, दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र को मिलेगा फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[जलदाय विभाग ने सांगानेर में नया अधिशासी अभियंता कार्यालय और भांकरोटा, डिग्गी मालपुरा रोड, मानसरोवर में 3 नए उपखंड कार्यालय मंजूर किए हैं। 29 पद स्वीकृत, संसाधनों के लिए बजट जारी। इससे दक्षिण-पश्चिम जयपुर में जलापूर्ति मॉनिटरिंग, शिकायत निस्तारण और पाइपलाइन परियोजनाएं तेज होंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/4-new-water-supply-offices-will-open-in-jaipur-south/article-154121"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/jal-bhavan.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर। शहर के तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार और पेयजल व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। जलदाय विभाग ने सांगानेर में नया अधिशासी अभियंता (खंड) कार्यालय तथा भांकरोटा, डिग्गी मालपुरा रोड और मानसरोवर में तीन नए सहायक अभियंता (उपखंड) कार्यालय खोलने की स्वीकृति जारी की है। सरकार के इस निर्णय से जयपुर के दक्षिण और पश्चिमी क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं की निगरानी, शिकायत निस्तारण और नई पाइपलाइन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। विभाग ने इन कार्यालयों के संचालन के लिए कुल 29 पद स्वीकृत किए हैं, जिनमें कुछ नए पद सृजित किए गए हैं, जबकि कई पद अन्य इकाइयों से समायोजित किए जाएंगे। विभागीय आदेश के अनुसार सांगानेर खंड कार्यालय का नया नाम नगर खंड-पंचम (दक्षिण) जयपुर रखा गया है। भांकरोटा, डिग्गी मालपुरा रोड और मानसरोवर उपखंडों को क्रमश: नगर उपखंड-15, 13 और 14 दक्षिण जयपुर नाम दिया गया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">संसाधनों के लिए बजट मंजूर: कार्यालयों के संचालन के लिए कंप्यूटर, स्कैनर, फर्नीचर और अन्य संसाधनों के लिए अलग से बजट स्वीकृत किया गया है। अधिशासी अभियंता कार्यालय के लिए 2 लाख रुपए कंप्यूटर उपकरणों तथा 5 लाख रुपए फर्नीचर मद में स्वीकृत किए गए हैं। प्रत्येक उपखंड कार्यालय के लिए 1.50 लाख रुपए कम्प्यूटर संसाधनों और 3.50 लाख रुपए फर्नीचर पर खर्च किए जाएंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्रमुख तथ्य</span></strong></p>
<ul>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"><span>            </span>कुल 4 नए कार्यालय स्वीकृत</span></li>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"><span>            </span>29 पदों को मंजूरी</span></li>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"><span>            </span>4 नए पदों का सृजन</span></li>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"><span>            </span>शेष पद अन्य इकाइयों से समायोजित</span></li>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"><span>            </span>जयपुर के दक्षिणी-पश्चिमी क्षेत्र को मिलेगा लाभ</span></li>
<li class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"><span>            </span>जलापूर्ति मॉनिटरिंग और शिकायत निस्तारण होगा तेज</span></li>
</ul>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">   </span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">स्वीकृत नए कार्यालय</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"><span>  <strong> </strong></span><strong>कार्यालय<span>  </span><span>               </span>नया नाम<span>         </span><span>                             </span>क्षेत्र</strong></span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अधिशासी             अभियंता कार्यालय<span>                         </span>नगर खंड-पंचम<span>  </span>दक्षिण, सांगानेर</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सहायक                अभियंता उपखंड<span>                          </span>नगर उपखंड-15<span> </span>भांकरोटा</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सहायक                अभियंता उपखंड<span>                         </span>नगर उपखंड-13<span> </span>डिग्गी मालपुरा रोड</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सहायक                 अभियंता उपखंड<span>                        </span>नगर उपखंड-14<span> </span>मानसरोवर</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">19 पदों का समायोजन: जलदाय विभाग के संयुक्त शासन सचिव-प्रथम प्रवीण कुमार लेखरा की ओर से जारी आदेशों के अनुसार वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा की क्रियान्विति के चलते स्वीकृत किए गए पदों में से 19 विभिन्न पदों के समायोजन की स्वीकृति सशर्त दी गई है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 14:32:47 +0530</pubDate>
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