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                <title> vande matram - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>वंदे मातरम को तोड़ने वाली विभाजनकारी सोच देश के लिए चुनौती : सावधान रहने की जरूरत, मोदी ने कहा- देश के विभाजन के बो दिए थे बीज </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर कहा कि 1937 में इसके कुछ पदों को तोड़कर देश विभाजन के बीज बोए गए। उन्होंने युवाओं से जागरूक रहने और नकारात्मक सोच से सतर्क रहने का आह्वान किया। मोदी ने स्मारक सिक्का, डाक टिकट और वंदे मातरम पोर्टल जारी किए, देश की आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक पहचान पर जोर दिया।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-divisive-thinking-that-broke-vande-mataram-is-a-challenge/article-131711"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/modi-3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस का नाम लिए बिना कहा कि एक विभाजनकारी सोच ने 1937 में राष्ट्र निर्माण के महामंत्र वंदे मातरम के कुछ अंशों को निकालकर तोड़ दिया था और वंदे मातरम के इस विभाजन ने देश के विभाजन के भी बीज बो दिए थे।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने देशवासियों विशेष रूप से युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि यह विभाजनकारी सोच आज भी देश के लिए चुनौती बनी हुई है और इससे सावधान रहने की जरूरत है। ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर यहां आयोजित स्मरणोत्सव समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक स्मारक सिक्का तथा स्मारक डाक टिकट जारी किया और वंदे मातरम को समर्पित पोर्टल की भी शुरूआत की। केन्द्र सरकार ने वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर को मनाने के लिए साल भर चलने वाले कार्यक्रमों की घोषणा की है। यह कार्यक्रम अगले एक वर्ष तक पांच चरणों में आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p>मोदी ने आजादी से लेकर अब तक वंदे मातरम की देश निर्माण में महत्वपूर्ण यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि वंदे मातरम से जुड़ा एक और विषय है जिसकी चर्चा करना उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा- आजादी की लड़ाई में वंदे मातरम की भावना ने पूरे राष्ट्र को प्रकाशित किया था, लेकिन दुर्भाग्य से 1937 में वंदे मातरम के महत्वपूर्ण पदों को, उसकी आत्मा के एक हिस्से को अलग कर दिया गया था। वंदे मातरम को तोड़ दिया गया था। उसके टुकडे किए गए थे। वंदे मातरम के इस विभाजन ने देश के विभाजन के बीज भी बो दिए थे। राष्ट्र निर्माण के इस महामंत्र के साथ यह अन्याय क्यों हुआ ? यह आज की पीढी को भी जानना जरूरी है, क्योंकि वही विभाजनकारी सोच विभाजनकारी सोच देश के लिए आज भी चुनौती बनी हुई है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि हम सब को मिलकर इस सदी को भारत की सदी बनाना है। उन्होंने कहा- यह सामथ्र्य भारत में है। हमें इसके लिए खुद पर विश्ववास करना है।</p>
<p>मोदी ने नकारात्मक सोच वाले लोगों से सतर्क रहने का आह्वान करते हुए कहा कि इनकी शंका पैदा करने की कोशिश को नाकाम करना होगा। उन्होंने कहा कि  नकारात्मक सोच वाले लोग शंका पैदा करने की कोशिश करेंगे । इस सोच से निपटने के लिए हमें आनंदमठ के प्रकरण  को ध्यान में रखकर कदम उठाना होगा। उन्होंने कहा- भारत माता की 140 करोड संतान और उनकी 280 करोड भुजाएं हैं । हमारे लिए कुछ भी असंभवन नहीं है। आत्मनिर्भर भारत का संकल्प पूरा करना सबका संकल्प होना चाहिए।</p>
<p>वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए मोदी ने कहा कि हर रचना एक मूल संदेश होता है, मूल भाव होता है और वंदे मातरम का मूल भाव भारत और मां भारती है।  भारत की शाश्वत संकल्पना है। भारत  ने इसी के आधार पर अपनी एक सांस्कृतिक पहचान बनाई , ताकत और नैतिकता के बीच संतुलन बनाया। भारत की यह संकल्पना उसकी वैचारिक शक्ति है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम के हर एक शब्द का अपना महत्व है और यह हर दौर, हर कालखंड में प्रासंगिक है, इसने अमरत्व प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि कुछ शताब्दी पूर्व वैश्विक जीडपी का एक चौथाई हिस्सा भारत के पास था और बंकिम बाबू ने इसके माध्यम से समृद्ध भारत का आह्वान किया। उनका मानना था कि भारत अपने स्वर्णिम दौर को पुनर्जीवित कर सकता है।</p>
<p>मोदी ने कहा कि वंदे मातरम  केवल आजादी का गान ही नहीं बना, बल्कि इसने आजाद भारत का सपना भी प्रस्तुत किया। वंदे मातरम ने हर भारतीय की भावना को व्यक्त किया। आजादी की लड़ाई में नयी चेतना भरी। उन्होंने कहा किमौजूदा भू- राजनीतिक परिस्थितयों में भारत की चेतना अलग है और उसकी अवधारणा भी अलग है। उन्होंने कहा- भारत में मां जननी भी है और पालनहारिणी और संहारकारिणी भी है। नया भारत आतंक के विनाश के लिए दुर्गा भी बनना जानता है।  </p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम आजादी के परवानों का तराना होने के साथ ही यह भी बताता है कि इस आजादी की रक्षा कैसे करनी है। यह बताता है कि देश ज्ञान , विज्ञान और प्रौद्योगिकी में शीर्ष पर हो और सुरक्षा के लिए आत्मनिर्भर भी हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि वंदे मातरम का मंत्र इस अमृत यात्रा में निरंतर शक्ति और प्रेरणा देगा।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Nov 2025 16:00:23 +0530</pubDate>
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                <title>वंदे मातरम् गीत के 150 साल पूरे होने पर प्रदेशभर में मनेगा उत्सव : एसएमएस स्टेडियम में होगा कार्यक्रम, 50 हजार लोग गाएंगे राष्ट्रगीत</title>
                                    <description><![CDATA[भारत का राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश में भाजपा कई कार्यक्रमों का अयोजन करेगी। प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देश के बाद प्रदेश महामंत्री जितेंद्र गोठवाल ने रविवार को प्रदेश स्तरीय एवं संभाग स्तरीय टीमों का गठन किया। प्रदेश मंत्री भूपेंद्र सैनी को कार्यक्रम का प्रदेश संयोजक नियुक्त किया गया है। युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश मंत्री प्रेम सिंह बनवासा और प्रीति शर्मा को प्रदेश सह संयोजक बनाया गया है। सैनी ने बताया कि 7 नवंबर को एसएमएस स्टेडियम में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम होगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/celebration-to-be-held-across-the-state-on-completion-of/article-131263"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत का राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश में भाजपा कई कार्यक्रमों का अयोजन करेगी। प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देश के बाद प्रदेश महामंत्री जितेंद्र गोठवाल ने रविवार को प्रदेश स्तरीय एवं संभाग स्तरीय टीमों का गठन किया। प्रदेश मंत्री भूपेंद्र सैनी को कार्यक्रम का प्रदेश संयोजक नियुक्त किया गया है। युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश मंत्री प्रेम सिंह बनवासा और प्रीति शर्मा को प्रदेश सह संयोजक बनाया गया है। सैनी ने बताया कि 7 नवंबर को एसएमएस स्टेडियम में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम होगा। जिसमें 50 हजार से अधिक लोग एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन करेंगे। इस संबंध में सीएम भजनलाल शर्मा से मुलाकात कर आयोजन तैयारियों पर चर्चा भी की है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में रविवार को हुई बैठक में तैयारियों को लेकर रूप-रेखा तैयार की गई।</p>
<p>अभियान के तहत संभाग, जिला, नगरीय निकाय, पंचायत राज संस्थान, स्कूल, कॉलेज, छात्रावास, अस्पताल एवं पुलिस थानों सहित राज्यभर में कार्यक्रम किए जाएंगे। वहीं संगठन स्तर पर 150 स्थानों पर 150 कार्यकर्ताओं द्वारा सामूहिक वंदे मातरम गायन किया जाएगा। इसके अलावा वंदे मातरम आधारित प्रदर्शनी, सोशल मीडिया जनजागरण अभियान एवं राष्ट्रव्यापी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला भी आयोजित की जाएगी। संभाग स्तरीय टोली में जयपुर संभाग रघुनाथ नरेडी, भरतपुर संभाग भानू प्रताप सिंह, जोधपुर संभाग महेंद्र बोहरा, अजमेर संभाग अजीत मेहता, बीकानेर संभाग महावीर रांका और उदयपुर संभाग में कमलेश पुरोहित को संयोजक बनाया है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Nov 2025 11:06:58 +0530</pubDate>
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