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                            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, रैबीज पीड़ित कुत्ताें को दया मृत्यु देने की अनुमति संबंधी एनजीओ की याचिका पर सुनवाई से इनकार</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को अंधाधुंध मारने के खिलाफ दायर एनजीओ की याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्रियों के बयानों के आधार पर आदेश नहीं बदले जाते। पूर्व आदेश के तहत केवल रैबीज पीड़ित, लाइलाज और अत्यधिक आक्रामक कुत्तों को ही दया मृत्यु देने की अनुमति है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-of-supreme-court-refusal-to-hear-ngos-clarification/article-154951"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/dog.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने एक एनजीओ की ओर से दायर उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है जिसमें यह स्पष्टीकरण मांगा गया था कि कुछ खास परिस्थितियों में कुत्तों को दया मृत्यु देने की अनुमति देने वाले उसके हालिया आदेश का अर्थ आवारा कुत्तों को अंधाधुंध मारने की मंजूरी देना नहीं निकाला जाना चाहिए। उच्चतम न्यायालय के समक्ष यह याचिका एनजीओ 'एनिमल्स आर पीपल टू' ने दायर की थी। इसमें चिंता जतायी गयी थी कि अधिकारी कुत्तों को गैरकानूनी तरीके से मारने या उन्हें हटाने को सही ठहराने के लिए अदालत के निर्देशों की गलत व्याख्या कर रहे हैं।</p>
<p>इस मामले में पेश हुए अधिवक्ता ने दलील दी कि उच्चतम न्यायालय के आदेश की गलत व्याख्या की जा रही है और इसे कानून के खिलाफ जाकर लागू किया जा रहा है। पंजाब के मुख्यमंत्री के एक सार्वजनिक बयान का जिक्र करते हुए अधिवक्ता ने कहा, "पंजाब के मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया है कि उच्चतम न्यायालय ने सभी स्वानों को मारने की खुली छूट दे दी है।" न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने टिप्पणी की, कि सार्वजनिक पद संभालने वाले लोगों के बयानों के आधार पर अदालत से आदेश में बदलाव की उम्मीद नहीं की जा सकती। न्यायमूर्ति नाथ ने कहा, "अगर मुख्यमंत्री कोई बयान देते हैं, तो क्या इसका मतलब यह है कि हमें अपना आदेश बदलने की जरूरत है।" शीर्ष अदालत ने 19 मई के अपने आदेश में सख्त वैधानिक नियमों के अनुसार रैबीज पीड़ित, लाइलाज और प्रत्यक्ष रूप से खतरनाक या आक्रामक कुत्तों को दया मृत्यु देने की अनुमति दी थी।</p>
<p>आवारा कुत्तों के मुद्दे से जुड़े स्वतः संज्ञान मामले की कार्यवाही में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ ने ये निर्देश जारी किये थे। पीठ ने आवारा कुत्तों के काटने की 'अत्यंत परेशान करने वाली' घटनाओं, विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों से जुड़े मामलों की रिपोर्टों पर गौर करने के बाद नवंबर में जारी अपने पिछले निर्देशों में किसी तरह के संशोधन से इनकार कर दिया था। इनमें अधिकारियों को विभिन्न सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने का निर्देश दिया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 15:48:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ट्रंप का बड़ा फैसला: एआई विनियमन पर कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर समारोह रद्द, देश की प्रगति हो जाएगी धीमी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विनियमन पर अपने कार्यकारी आदेश का हस्ताक्षर समारोह रद्द कर दिया है। ट्रंप का मानना है कि इस नीति से अमेरिकी टेक उद्योग के विकास और एआई अनुसंधान की प्रगति धीमी हो जाएगी, जबकि इसका उद्देश्य शक्तिशाली एआई मॉडलों की सरकारी जांच सुनिश्चित करना था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trumps-big-decision-signing-ceremony-of-executive-order-on-ai/article-154632"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता विनियमन पर अपने कार्यकारी आदेश के हस्ताक्षर समारोह को रद्द कर दिया है, क्योंकि खबरों के मुताबिक इससे अमेरिका में इस उद्योग के विकास में बाधा आएगी। वरिष्ठ व्हाइट हाउस संवाददाता सेलिना वांग ने यह जानकारी दी। वांग ने गुरुवार को एक्स पर बताया, "ट्रंप ने ओवल ऑफिस में समारोह से कुछ घंटे पहले ही अपने एआई कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर समारोह को रद्द कर दिया। इस आदेश से सरकार को सार्वजनिक रूप से जारी करने से पहले सबसे शक्तिशाली एआई मॉडलों की जांच करने की अनुमति मिलने की उम्मीद थी।</p>
<p>उन्होंने इसे रद्द कर दिया क्योंकि उनका मानना है कि इससे अमेरिका की प्रगति धीमी हो जाएगी।" मई की शुरुआत में, मीडिया ने बताया था कि अमेरिकी सरकार नए एआई मॉडलों पर निगरानी स्थापित करने पर विचार कर रही है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 18:38:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राजस्थान कैडर के आईपीएस देशमुख परिस अनिल को बड़ी जिम्मेदारी, BSF में डीआईजी नियुक्त</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान कैडर के 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी देशमुख परिस अनिल को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) में डीआईजी नियुक्त किया गया है। वर्तमान में एसओजी में डीआईजी पद पर तैनात आईपीएस अधिकारी को राज्य सरकार के कार्मिक विभाग ने तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त (Relieve) कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-cadre-ips-deshmukh-paris-anil-appointed-as-dig-in/article-154670"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ips.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बीएसएफ में डीआईजी नियुक्त राजस्थान कैडर के 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी देशमुख परिस अनिल का केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चयन हुआ है। राज्य सरकार ने उन्हें बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स में डीआईजी पद पर नियुक्ति के लिए रिलीव कर दिया है। इस संबंध में कार्मिक विभाग ने आदेश जारी किए हैं। देशमुख परिस अनिल वर्तमान में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) में डीआईजी के पद पर कार्यरत हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के तहत अब वे बीएसएफ में अपनी सेवाएं देंगे। राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया गया है ताकि वे नई जिम्मेदारी संभाल सकें। प्रशासनिक और सुरक्षा मामलों में उनके अनुभव को देखते हुए यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 18:01:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सहकारी समितियों से ही होगा उर्वरक वितरण, नकली खाद पर सख्ती के निर्देश </title>
                                    <description><![CDATA[सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने निर्देश दिए हैं कि किसानों को इफको और कृभको उर्वरकों का वितरण केवल सहकारी समितियों के माध्यम से ही किया जाए। निजी डीलरों पर रोक लगाने और नकली खाद की जांच के लिए नियमित निरीक्षण के आदेश दिए गए हैं, ताकि किसानों को उचित दर पर खाद मिल सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/fertilizer-distribution-will-be-done-only-through-cooperative-societies-strict/article-154700"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/metting.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इफको और कृभको के उर्वरकों का वितरण केवल क्रय-विक्रय सहकारी समितियों एवं ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाए। उन्होंने निजी डीलरों के जरिए खाद वितरण पर प्रभावी रोक लगाने और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निगरानी के निर्देश दिए। शुक्रवार को शासन सचिवालय में आगामी खरीफ और रबी सीजन की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री दक ने कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से खाद वितरण होने से किसानों को उचित दर पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा।</p>
<p>उन्होंने डूंगरपुर और बांसवाड़ा क्षेत्रों में भी उर्वरक रैक पहुंचाने के निर्देश दिए। मंत्री ने नकली खाद पर रोक के लिए जिला उप रजिस्ट्रारों और निरीक्षकों को नियमित निरीक्षण करने तथा फोटोग्राफ्स भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों में केवल इफको, कृभको जैसी सहकारी मॉडल आधारित चुनिंदा कंपनियों के उर्वरकों की ही बिक्री हो। बैठक में पैक्स को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में विकसित करने, लंबित लाइसेंस जारी करने और किसानों को नैनो उर्वरकों के प्रति जागरूक करने पर भी चर्चा हुई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 16:21:10 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>हीटवेव अलर्ट : जयपुर जिले में आंगनबाड़ी केन्द्रों के समय में बदलाव, जानें क्या होगा नया समय </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में बढ़ते हीटवेव प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने आंगनबाड़ी केंद्रों का समय बदल दिया है। अब 3 से 6 वर्ष तक के बच्चे सुबह 8 से 10 बजे तक ही आएंगे। यह व्यवस्था 30 जून 2026 तक लागू रहेगी, जबकि कार्यकर्ताओं को दोपहर 12 बजे तक विभागीय कार्य पूरे करने होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/heatwave-alert-change-in-timings-of-anganwadi-centers-in-jaipur/article-154672"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/anganwadi.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जिले में लगातार बढ़ रहे हीटवेव के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन समय में बदलाव किया है। जारी आदेश के अनुसार जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के आने का समय अब सुबह 8 बजे से प्रातः 10 बजे तक निर्धारित किया गया है। यह व्यवस्था आज से लागू होकर 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। आदेश में कहा गया है कि भीषण गर्मी और हीटवेव के प्रभाव को देखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है।</p>
<p>जारी निर्देशों के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं पोषाहार वितरण सहित अन्य विभागीय गतिविधियां दोपहर 12 बजे तक संपादित करेंगी। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 14:50:00 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट की फटकार, 31 जुलाई तक कराएं पंचायत और निकाय चुनाव</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग को 31 जुलाई तक पंचायत और निकाय चुनाव संपन्न कराने का आदेश दिया है। अदालत ने ओबीसी आयोग को 20 जून तक रिपोर्ट सौंपने और चुनाव आयोग को उसके बाद शेड्यूल जारी करने को कहा है। महाधिवक्ता ने 'वन स्टेट-वन इलेक्शन' का हवाला देते हुए समय मांगा था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-courts-rebuke-regarding-panchayat-elections-conduct-panchayat-and-civic/article-154645"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rajasthan-high-court.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को कहा है कि वह 31 जुलाई तक प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव कराए। इसके साथ ही अदालत ने ओबीसी आयोग को भी कहा है कि वह 20 जून तक अपनी रिपोर्ट पेश कर सकता है। अदालत ने राज्य चुनाव आयोग को कहा है कि वह 20 जून के बाद अपना चुनाव शेड्यूल जारी करे। एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित ने यह आदेश पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और गिर्राज सिंह देवंदा की याचिका में राज्य सरकार की ओर से दायर प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए दिए। खंडपीठ ने गत 11 मई को सभी पक्षों को सुनकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।</p>
<p>प्रार्थना पत्र में राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि अक्टूबर-दिसंबर में कई पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। उनके कार्यकाल समाप्ति के बाद चुनाव कराना बेहतर होगा और इससे वन स्टेट-वन इलेक्शन की धारणा को भी बल मिलेगा। इसके अलावा कोर्ट के आदेश की पालना के लिए हर संभव प्रयास किया गया, लेकिन वर्तमान परिस्थितियां ऐसी है कि 15 अप्रैल तक चुनाव कराना संभव नहीं हो सका। चुनाव में शिक्षकों की ड्यूटी, मौसम, कृषि और ओबीसी आयोग की रिपोर्ट सहित अन्य संसाधनों की उपलब्धता का हवाला देकर चुनाव आगे खिसकाने की अनुमति मांगी गई। जिसका विरोध करते हुए अधिवक्ता प्रेमचंद देवदा ने कहा कि प्रदेश की सभी पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो चुका है। </p>
<p>इसलिए सुप्रीम कोर्ट के सुरेश महाजन के मामले में दिए फैसले के तहत ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बिना भी पंचायत चुनाव हो सकते हैं।<br />अदालत ने राज्य सरकार को 15 अप्रैल तक चुनाव कराने का पर्याप्त समय दिया था, लेकिन इस अवधि तक निकायों के लिए अंतिम मतदाता सूची ही जारी नहीं की गई। इसके अलावा हाईकोर्ट के 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के आदेश को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती नहीं दी। इसलिए यह आदेश अंतिम हो गया है और इसकी पालना की जानी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 12:46:25 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कुलदीप सिंह सेंगर को करारा झटका, शीर्ष अदालत ने उम्रकैद की सजा निलंबित करने के हाईकोर्ट के आदेश को पलटा</title>
                                    <description><![CDATA[शीर्ष अदालत ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबन पर रोक लगा दी है। जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए मामले पर दो महीने में दोबारा विचार करने का निर्देश दिया। सीबीआई की अपील के बाद सेंगर की उम्रकैद बरकरार रहने की संभावना बढ़ गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/dealing-a-blow-to-kuldeep-singh-sengar-the-apex-court/article-153901"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/kuldeep.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। साल 2017 के चर्चित उन्नाव दुष्कर्म मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें सेंगर की उम्रकैद की सजा पर अस्थायी रोक लगाई गई थी। मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि हाई कोर्ट इस प्रकरण पर दो महीने के भीतर दोबारा विचार करे।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली हाई कोर्ट नया फैसला लेते समय शीर्ष अदालत के आदेश से प्रभावित हुए बिना स्वतंत्र रूप से सभी तथ्यों और कानूनी पहलुओं का आकलन करे। इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो ने हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर की थी, जिस पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सजा निलंबन पर रोक लगा दी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/dealing-a-blow-to-kuldeep-singh-sengar-the-apex-court/article-153901</link>
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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 12:58:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला : सार्वजनिक जगहों पर पशु वध पर प्रतिबंध, जानें उल्लघंन पर कितनी होगी सजा ?</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर पशु वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। अधिसूचना के अनुसार, केवल 14 वर्ष से अधिक आयु के "अनुपयुक्त" पशुओं का वध ही प्रमाणित बूचड़खानों में संभव होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर जेल और जुर्माने का कड़ा प्रावधान किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-of-shubhendu-government-ban-on-slaughter-of-animals/article-153769"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/west-bengal-(2).png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता संभालने के चार दिन बाद भारतीय जनता पार्टी सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर पशु वध पर प्रतिबंध लगाने वाली अधिसूचना जारी की। अधिसूचना में राज्य सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950 को पूरे राज्य में सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। अधिसूचना में कहा गया है कि यह कलकत्ता उच्च न्यायालय के 6 अगस्त, 2018 के फैसले और 8 जून, 2022 को जारी संबंधित सरकारी दिशानिर्देश के अनुसार जारी की गई है।</p>
<p>यह अधिसूचना ऐसे समय में आई है जब आरोप लगे थे कि एक विशेष समुदाय सड़क पर पशुओं का वध कर रहा था, जिससे आस-पड़ोस में रहने वाले अन्य लोगों को असुविधा हो रही थी। आठ सूत्रीय निर्देश में, राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल के सभी वैध बूचड़खानों को पशु वध संबंधी कानून के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। अधिसूचना के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को बैल, बछड़े, गाय, बछड़े, नर और मादा भैंस, भैंस के बच्चे और बधिया भैंस सहित किसी भी पशु का वध करने की अनुमति नहीं होगी, जब तक कि पशु को वध के लिए उपयुक्त घोषित करने वाला प्रमाण पत्र प्राप्त न हो जाए।</p>
<p>अधिसूचना में कहा गया है कि ऐसे प्रमाण पत्र नगरपालिका के अध्यक्ष या पंचायत समिति के अध्यक्ष द्वारा सरकारी पशु चिकित्सा अधिकारी के साथ संयुक्त रूप से जारी किए जा सकते हैं। प्रमाण पत्र तब जारी किया जा सकता है जब अधिकारी लिखित रूप से संतुष्ट हों कि पशु 14 वर्ष से अधिक आयु का है और प्रजनन या काम के लिए उपयुक्त नहीं है, या आयु, चोट, विकृति या बीमारी के कारण स्थायी रूप से अक्षम हो गया है।</p>
<p>इसमें आगे कहा गया है कि यदि ऐसे प्रमाण पत्र के लिए आवेदन अस्वीकृत कर दिया जाता है, तो प्रभावित व्यक्ति अस्वीकृति प्राप्त होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर राज्य सरकार से संपर्क कर सकता है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन पशुओं के लिए वध प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, उनका वध केवल नगर निगम के वधशालाओं या स्थानीय प्रशासन द्वारा नामित वधशालाओं में ही किया जा सकता है। ऐसे पशुओं का खुले सार्वजनिक स्थानों पर वध करना सख्त वर्जित है।</p>
<p>अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि नगर निगम अध्यक्षों, पंचायत समिति अध्यक्षों, सरकारी पशु चिकित्सा अधिकारियों या उनके द्वारा कानून के प्रवर्तन के लिए अधिकृत किसी भी व्यक्ति द्वारा अधिनियम के तहत किए गए निरीक्षणों में किसी को भी बाधा डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। राज्य सरकार ने चेतावनी दी है कि पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950 के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करने पर छह महीने तक की कैद या 1,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि 1950 के अधिनियम के तहत सभी अपराधों को गंभीर प्रकृति का माना जाएगा। अधिसूचना में यह भी बताया गया है कि इस मामले से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय और कलकत्ता उच्च न्यायालय के प्रासंगिक निर्णय सरकारी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 13:23:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जयपुर पूर्व में ‘ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत बड़ी कार्रवाई: 21 अपराधी गिरफ्तार, 16 इनामी दबोचे</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर पूर्व पुलिस ने अप्रैल माह में 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। अभियान में हत्या और लूट के 21 वांछित अपराधियों सहित 16 इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध हथियार भी बरामद किए। डीसीपी रंजीता शर्मा के नेतृत्व में टीम ने सैकड़ों वारंटों का निस्तारण कर कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/major-action-under-operation-shikanja-in-jaipur-east-21-criminals/article-152532"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/jaipur-east.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जिला जयपुर पूर्व पुलिस ने अप्रैल माह के दौरान चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत अपराधियों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई। यह अभियान 01 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर पूरे राज्य सहित जयपुर आयुक्तालय क्षेत्र में संचालित किया गया। अभियान के दौरान हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में वांछित कुल 21 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें हत्या के 1, हत्या के प्रयास के 5, लूट के 8 और आर्म्स एक्ट के 7 आरोपी शामिल हैं। </p>
<p>खास बात यह रही कि इनमें 2 इनामी अपराधियों को भी पकड़ा गया। पुलिस द्वारा चलाए गए इस अभियान में पूर्व से लंबित 301 स्थाई वारंट और 302 गिरफ्तारी वारंटों का निस्तारण करते हुए बड़ी संख्या में अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 33 अपराधी ‘टॉप-10’ सूची में शामिल थे, जबकि 16 इनामी अपराधियों को भी पकड़ा गया। संगठित अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से आर्म्स एक्ट के तहत 7 नए प्रकरण दर्ज कर 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से 3 पिस्टल, 1 रिवॉल्वर, 2 देशी कट्टे और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। डीसीपी रंजीता शर्मा ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक सिंघल के सुपरविजन में सहायक पुलिस आयुक्तों, थाना प्रभारियों, डीएसटी और साइबर सेल की संयुक्त टीमों का गठन किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 16:37:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शिक्षकों को मिलने लगा वेतन, जारी होने लगे आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[ विभाग ने कदम उठाए और नियमितीकरण करने की कवायद भी शुरू हुई। इसके तहत स्थायीकरण न होने पर भी वेतन नियमितीकरण करने के संबंध में डीईओ एलीमेंट्री चितौड़गढ़ ने आदेश जारी कर दिए है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/teachers-getting-salaries--orders-being-issued/article-88204"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/shiksha-sankul-(2).jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के शिक्षकों को अब वेतन मिलने लगा है, क्योंकि शिक्षा विभाग के डीईओ कार्यालय से अलग-अलग आदेश जारी करने शुरू कर दिए हैं, जिसका फायदा शिक्षकों को मिलेगा। इससे पहले नियमितिकरण के चलते शिक्षकों को वेतन नहीं मिल रहा है। इस मुद्दे को दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया और ‘नियमितिकरण के अभाव में 12 हजार शिक्षकों को नहीं मिल रहा नियमित श्रृंखला का वेतन’ नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की है। </p>
<p>इसके बाद विभाग ने कदम उठाए और नियमितीकरण करने की कवायद भी शुरू हुई। इसके तहत स्थायीकरण न होने पर भी वेतन नियमितीकरण करने के संबंध में डीईओ एलीमेंट्री चितौड़गढ़ ने आदेश जारी कर दिए है। राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने कहा कि नियमितिकरण के अभाव में 12 हजार शिक्षकों को नियमित श्रृंखला का वेतन नहीं मिल रहा था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Aug 2024 12:19:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गाजा में हमले रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आदेश का पालन करे इजराइल : ऑस्ट्रेलिया </title>
                                    <description><![CDATA[बोवेन ने कहा कि हम इस बात पर बहुत दृढ़ हैं कि राफा पर हमला नहीं होना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन किया जाना चाहिए। अब इजरायल को राफा पर हमले रोक देने चाहिये। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/israel-should-follow-the-order-of-court-for-stop-attack--says-australia/article-79341"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/australia-flag1.png" alt=""></a><br /><p>कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया सरकार के एक मंत्री ने इजरायल से दक्षिणी गाजा में अपने सैन्य हमले को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के आदेश का पालन करने का आग्रह किया है। संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च अदालत आईसीजे ने इजरायल को दक्षिणी गाजा शहर राफा पर अपने सैन्य हमले को तुरंत रोकने और मिस्र और गाजा के बीच राफा क्रॉसिंग को खोलने का आदेश दिया, ताकि क्षेत्र में सहायता पहुंचाई जा सके। इस बीच ऑस्ट्रेलिया के जलवायु परिवर्तन एवं ऊर्जा मंत्री एवं प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के मंत्रिमंडल के सदस्य क्रिस बोवेन ने कहा कि संघीय सरकार इस फैसले का समर्थन करती है। उन्होंने राफा की स्थिति को एक मानवीय आपदा बताया जिसके और भी खराब होने की आशंका है।</p>
<p>बोवेन ने कहा कि हम इस बात पर बहुत दृढ़ हैं कि राफा पर हमला नहीं होना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन किया जाना चाहिए। अब इजरायल को राफा पर हमले रोक देने चाहिये। आईसीजे के आदेश को 15 अंतरराष्ट्रीय न्यायाधीशों के एक पैनल ने 13-2 वोट से स्वीकार किया, जबकि इजरायल और युगांडा के न्यायाधीशों ने इसका विरोध किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 May 2024 17:58:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>हाई सिक्युरिटी नंबर प्लेट, ना इधर के रहे, ना उधर के रहे</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/high-security-number-plate-neither-here-nor-there/article-61060"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/high-security-number-plate,-na-idhr-k-rhe,-na-udhr-k-rhe...kota-news-01-11-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। किसी चलते हुए कार्य को बंद कर अपने हाथ में लेना फिर उसमें लेटलतफिी करना परिवहन विभाग से सीखा जा सकता है। विभाग ने पूर्व में लगाए जा रहे हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के कार्य को बंद कर नए सिरे से 1 अप्रैल 2019 से पूर्व पंजीकृत सभी वाहनों के लिए नई हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के एक माह पूर्व जारी किए आदेश को अभी तक क्रियान्वन में नहीं लाया जा सका है। पिछले महीने राज्य परिवहन विभाग ने 1 अप्रैल 2019 से पुराने सभी प्रकार के वाहनों पर नई तरह की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के आदेश जारी किए थे जिसके तहत 21 मार्च 2024 तक सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना का लक्ष्य था लेकिन अभी तक विभाग द्वारा आवेदन लिंक भी जारी नहीं किया है। जिससे इन नंबर प्लेटों को लगवाने वालों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। </p>
<p><strong>विभाग ने ही बंद किया था पहले से लग रही प्लेटों को</strong><br />डकनिया स्टेशन रोड स्थित एक कार डीलर ने बताया की पूर्व में चल रहे इन हाई सिक्योरिटी प्लेट के आवेदन लिंक को कुछ माह पहले ही विभाग ने आदेश जारी कर बंद किया था। डीलर ने बताया कि इससे पूर्व वाहनों पर सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का कार्य डीलरों के माध्यम से ही किया जाता था। लेकिन विभाग ने इसे अपने हाथ में लेते हुए पूर्व में क्रियान्वित आवेदन पोर्टल को चार महीने पहले बंद कर दिया था। उसके बाद पिछले महीने विभाग ने नए आदेश जारी कर एक नया आवेदन लिंक शुरू करने को कहा था लेकिन उसके बाद इस पर अभी तक कोई नया कार्य आदेश नहीं मिला और ना ही आवेदन पोर्टल शुरू हुआ है। हमारे स्तर पर भी हमने विभाग से इस बारे में चर्चा की तो कोई संतुष्ट जवाब भी नहीं मिला।</p>
<p><strong>हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से कई फायदे</strong><br />वाहनों पर लगने वाली इन हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से कई फायदे हैं। इन प्लेटों पर रेट्रो रिफ्लेक्टिव शीट का इस्तेमाल होगा जो रात के समय में भी 200 मीटर दूर से भी आसानी से पढ़ा जा सकेगा। वहीं इन प्लेटों को स्नेप लॉक द्वारा वाहनों पर लगाया जाएगा जिससे ये एक बार लगने के बाद टूटने पर ही खुलेगें। ये नंबर प्लेट वाहन पर डीलर द्वारा वाहन की संपूर्ण जानकारी जैसे चैसिस नंबर और इंजन नंबर पोर्टल पर चढ़ाने के बाद ही लगेंगी। वहीं इन प्लेटों पर मौजूद सात नंबर के डिजिट यूनिक कोड होता है जिससे दुर्घटना के समय वाहन व मालिक के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकती है। वाहन चोरी हो जाने की दशा में प्लेट पर मौजूद लेजर डिटेक्टर स्टीकर से वाहन के बारे में कैमरे की सहायता से पूरी जानकारी प्राप्त की जा सकती है जिससे वाहन को ढूंढने में आसानी होगी। वहीं उभरे हुए अंक होने के कारण वाहन में आग लगने की स्थिति में भी ये प्लेट मौजूद होने से वाहन के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।</p>
<p><strong>प्लेट के अंतिम अंक के अनुसार लगनी थी नई </strong><br />विभाग के आदेशानुसार 1 या 2 अंतिम अंक वाली पुरानी नंबर प्लेट वाले वाहनों के नई हाई सिक्योरिटी प्लेट 30 नवंबर तक, 3 व 4 अंक वालों के 31 दिसंबर तक, 5 व 6 अंक वालों के वाहनों के लिए 31 जनवरी 2024 तक 1 वब 8 अंक वाले वाहनों के लिए 28 फरवरी 2024 तक और 9 या 0 अंकों के वाहनों के लिए 31 मार्च 2024 तक की तिथि निर्धारित की थी लेकिन विभाग द्वारा इस संबध में अभी तक कोई अग्रीम कारवाई नहीं हुई है। </p>
<p><strong>करीब 1 लाख वाहनों का होगा रजिस्ट्रेशन</strong><br />शहर में छोटे बड़े सभी तरह के वाहन मिलाकर करीब 1 लाख ऐसे वाहन हैं जिनका पंजीकरण 1 अप्रैल 2019 से पूर्व का है और इन सभी वाहनों पर नई तरह की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगनी है। अब सवाल उठता है कि जब विभाग द्वारा अभी तक लिंक ही चालू नहीं किया गया है तो इन वाहनों पर तय समय सीमा अनुसार कैसे ये नंबर प्लेट लगाई जा सकेंगी। वहीं विभाग के आदेशानुसार तय समय पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के बाद ही वाहनों के बाद ही वाहनों का पंजीयन नवीकरण, आरसी हस्तांतरण, फिटनेस नवीनीकरण और पता बदलाव जैसे कार्य हो सकेंगे।</p>
<p>नई हाईसिक्योरिटी प्लेट लगने से दूसरे राज्यों में आने जाने में आसानी होगी क्योंकि राजस्थान को छोड़कर आसपास के सभी राज्यों में लगने कि प्रक्रिया जारी है और राजस्थान में ये लेट शुरू हुई अभी फिर बंद हैं। <br /><strong>- रोहन राठौर, टैक्सी संचालक</strong></p>
<p>हाई सिक्योरिटी प्लेट के लगने से हमारा ही फायदा है क्योंकि वाहन की ट्रैकिंग आसान होगी और दुर्घटना के समय भी इससे मालिक की जानकारी लेने में आसानी होगी।<br /><strong>- राजेन्द्र वैष्णव, कार चालक मालिक</strong></p>
<p>वाहनों के आवेदन लिंक के संबंध में अभी कोई नवीन आदेश नहीं मिला है आदेश मिलते ही प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उसके बाद आवेदक निर्धरित स्लॉट में अपना पंजीकरण करवा सकेंगे।<br /><strong>- प्रमोद लोढ़ा, जिला परिवहन अधिकारी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Nov 2023 15:53:44 +0530</pubDate>
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