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                <title>अभिषेक बनर्जी का केंद्र पर तीखा प्रहार: राज्य में हिंसा को राजनीतिक उपकरण के रूप में किया जा रहा इस्तेमाल, खेजुरी आगजनी में शामिल होने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल महासचिव अभिषेक बनर्जी ने खेजुरी में हुई आगजनी के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में विभाजनकारी राजनीति और हिंसा को राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा है। बनर्जी ने केंद्रीय बलों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इसे कानून-व्यवस्था की विफलता और "डबल इंजन आपदा" करार दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/abhishek-banerjees-sharp-attack-on-the-center-using-violence-as/article-153416"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/abhishek-banerjeee.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार के कार्यकर्ताओं पर पश्चिम बंगाल के खेजुरी इलाके में कथित आगजनी की घटना में शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोमवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि राज्य में हिंसा को एक राजनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। अपने व्हाट्सएप चैनल पर एक पोस्ट में अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि खेजुरी में जोंका ग्राम पंचायत में कई दुकानों में आग लगा दी गई जिससे स्थानीय लोगों की आजीविका को व्यापक नुकसान हुआ है। तृणमूल कांग्रेस नेता ने कहा कि बंगाल पहले से ही डबल इंजन आपदा देख रहा है। उन्होंने दावा किया कि "भाजपा के उपद्रवियों ने पुलिस के सामने ही रविवार रात लगभग 10 दुकानों को कथित रूप से आग लगा दी।" उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों की आजीविका नष्ट हो गयी है और नफरत एवं धमकी का उपयोग अब राजनीतिक उपकरण के रूप में किया जा रहा है।</p>
<p>अभिषेक बनर्जी ने भाजपा नेतृत्व पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि विभाजनकारी राजनीति एवं हिंसा को खुलेआम बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया, ''यह केंद्र सरकार द्वारा प्रचारित राजनीति का असली चेहरा है जिसमें विभाजन, भय एवं लक्षित हिंसा को पूरी छूट दी गई है।'' केंद्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए तृणमूल सांसद ने पूछा, "केंद्रीय बल अब कहां हैं? क्या उन्हें केवल तभी तैनात किया जाता है जब यह भाजपा के राजनीतिक एजेंडे के अनुकूल हो? क्या केंद्र सरकार चुपचाप देख रही हैं जबकि बंगाल जल रहा है?"</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना कानून-व्यवस्था की विफलता को दर्शाती है और अगर इसे नहीं रोका गया तो स्थिति और बिगड़ सकती है। अभिषेक बनर्जी ने कहा, "अगर दुकानों को जलाया जा सकता है और दिनदहाड़े समुदायों को आतंकित किया जा सकता है तो कानून-व्यवस्था में क्या बचा है? जो संदेश भेजा जा रहा है वह जोरदार एवं खतरनाक है कि भाजपा की छाया में, हिंसा संरक्षित होती दिखाई दे रही है।" उन्होंने इस टिप्पणी के साथ अपनी पोस्ट को समाप्त किया, " वे कहते हैं कि सुबह बताती है कि दिन कैसा होगा।" पश्चिम बंगाल में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों के बाद तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ गया है खासकर पूर्वी मिदनापुर जिले जैसे क्षेत्रों में जहां खेजुरी स्थित है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 18:32:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>एक जुलाई से देशभर में लागू होगा विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम, क्या महात्मा गांधी नरेगा हो जाएगा निरस्त?</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार ने विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 अधिसूचित किया है, जो 1 जुलाई से मनरेगा का स्थान लेगा। अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। ₹95,692 करोड़ के रिकॉर्ड बजट के साथ, यह मिशन डीबीटी के जरिए समयबद्ध भुगतान और ग्रामीण आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/developed-india-ji-ram-ji-act-will-be-implemented-across-the/article-153436"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ramm.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम को सोमवार को अधिसूचित कर दिया है और इसे एक जुलाई से देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू किया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने आज बताया कि ग्रामीण विकास और रोजगार को नयी दिशा देते हुए सरकार ने आज विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) 2025 को अधिसूचित कर दिया है। यह अधिनियम 1 जुलाई से देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम लागू होने के साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (महात्मा गांधी नरेगा), 2005 उसी तिथि से निरस्त माना जाएगा। यह भारत के ग्रामीण विकास ढांचे में एक ऐतिहासिक परिवर्तन है, जो विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप एक समेकित (इंटीग्रेटेड), भविष्य उन्मुख एवं उत्पादकता (प्रोडक्टिविटी) आधारित ग्रामीण परिवर्तन के नए युग की शुरुआत करेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि नयी व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं, उन्हें प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी प्राप्त होगी। यह बढ़ी हुई गारंटी आजीविका सुरक्षा को मजबूत करने, ग्रामीण आय में वृद्धि करने तथा ग्राम स्तर पर सतत विकास को समर्थन देने के उद्देश्य से लाई गई है। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार श्रमिकों को उनकी रोजगार मांग के अनुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसा न होने की स्थिति में श्रमिक बेरोजगारी भत्ता पाने के हकदार होंगे। यह अधिनियम समयबद्ध और पारदर्शी मजदूरी भुगतान पर विशेष बल देता है। </p>
<p>मजदूरी का भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक अथवा डाकघर खातों में किया जाता रहेगा। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर अथवा मस्टर रोल बंद होने के पंद्रह दिनों के भीतर किया जाएगा। यदि ऐसा नहीं होता है, तो श्रमिक विलंब क्षतिपूर्ति (मुआवजा) पाने के पात्र होंगे। सरकार ने विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु व्यापक वित्तीय प्रावधान सुनिश्चित किए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने 95,692.31 करोड़ का बजटीय आवंटन किया है, जो ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के लिए बजट अनुमान चरण में अब तक का सर्वाधिक आवंटन है। राज्यों के संभावित राज्यांश सहित इस कार्यक्रम का कुल परिव्यय 1.51 लाख करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। यह आवंटन ग्रामीण अवसंरचना विकास, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन तथा ग्रामीण आय में वृद्धि को नई गति प्रदान करेगा।</p>
<p>सरकार के अनुसार विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 से ग्रामीण रोजगार सृजन, ग्रामीण विकास और गांवों में आत्मनिर्भरता को नई गति मिलने की अपेक्षा है। ग्राम पंचायतों को ग्रामीण परिवर्तन के केंद्रीय स्तंभ के रूप में स्थापित करते हुए यह अधिनियम सशक्त, समृद्ध और विकसित ग्रामीण भारत के निर्माण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 17:29:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जासूसी के आरोप में श्रीलंकाई नौसेना ने तमिलनाडु के 25 मछुआरों को किया गिरफ्तार, परिवारवालों ने लगाई केंद्र सरकार से मदद की गुहार</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीलंकाई नौसेना ने सोमवार को पाक जलडमरुमध्य में 25 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार कर उनकी नावें जब्त कर लीं। ये मछुआरे पुडुचेरी के करियाकल के निवासी हैं और उन पर सीमा उल्लंघन का आरोप है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/sri-lankan-navy-arrested-25-fishermen-from-tamil-nadu-on/article-143331"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(6)2.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। तमिलनाडु के 25 मछुआरों को सोमवार को श्रीलंका की नौसेना ने पाक जलडमरुमध्य क्षेत्र में मछली पकड़ते समय गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, मछुआरे दो मशीन वाली नावों में कल रात समुद्र में उतरे थे और अपने पारंपरिक पानी में मछली पकड़ रहे थे, तभी श्रीलंकाई नौसेना ने उन्हें रोक लिया। मछुआरों को अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) पार करने के बाद श्रीलंकाई जलक्षेत्र में मछली पकडऩे के आरोप में गिरफ्तार किया गया और उन्हें कांकेसंथुराई तट ले जाया गया। उनकी दो नावों को भी नौसेना ने आगे की कार्रवाई के लिए जब्त कर लिया।</p>
<p>बताया जा रहा है कि मछुआरे केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के करियाकल के रहने वाले थे। यह घटना मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करने के एक दिन बाद हुई है कि वे चार दशकों से ज्यादा समय से राज्य में बसे श्रीलंकाई तमिल शरणार्थियों के सामने मौजूद कानूनी उलझन को खत्म करें और इस मामले में मानवीय नजरिया अपनाएं और उन्हें नागरिकता या दीर्घकालीन वीजा देने पर विचार करें।</p>
<p>सीएम स्टालिन ने कल रात प्रधानमंत्री मोदी को लिखे एक अद्र्व सरकारी पत्र में कहा, दशकों से रहने और सामाजिक ताने-बाने में घुलने-मिलने के बावजूद, कई लोगों के पास नागरिकता या दीर्घकालीन वीजा स्टेटस जैसे टिकाऊ कानूनी समाधान नहीं हैं। आज की तारीख में लगभग 89,000 लोग तमिलनाडु में रह रहे हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा 30 साल से ज्यादा समय से भारत में रह रहा है, और उनमें से लगभग 40 प्रतिशत भारतीय धरती पर पैदा हुए हैं। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा कि श्रीलंकाई तमिल शरणार्थियों का आना 1983 में द्वीप देश में जातीय अल्पसंख्यक तमिलों के खिलाफ हुई हिंसा के बाद शुरू हुआ। उन्होंने कहा, 1983 से तमिलनाडु में एक के बाद एक सरकारों ने केंद्र सरकार के समर्थन और सहमति से श्रीलंका में जातीय संघर्ष से भागे श्रीलंकाई तमिलों को रहने की जगह, मदद, शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल दी है। हालांकि, राज्य ने प्रतिबद्वता और दया के साथ अपनी मानवीय जिम्मेदारियों को पूरा किया है, लेकिन ये लोग लंबे समय से कानूनी अनिश्चितता की स्थिति में हैं।</p>
<p>अलग-अलग मछुआरा एसोसिएशन ने मछुआरों की गिरफ्तारी की बार-बार होने वाली घटनाओं की निंदा की और केंद्र और राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे उनकी रोजी-रोटी बनाए रखने और पाक जलडमरुमध्य इलाके में उनके पारंपरिक मछली पकडऩे के अधिकार को बहाल करने के लिए एक स्थायी समाधान खोजें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 12:02:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बजट 2026-27 :  दिव्यांगजनों को सम्मानजनक रोजगार के लिए 'दिव्यांग कौशल योजना' की घोषणा, वित्त मंत्री ने कहा-एएलआईएमसीओ को किया जाएगा और मजबूत</title>
                                    <description><![CDATA[बजट 2026-27 में सरकार ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘दिव्यांग कौशल योजना’ घोषित की, रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण, सहायक उपकरण और सम्मानजनक आजीविका पर जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/budget-2026-announcement-of-divyang-kaushal-yojana-to-provide-respectable/article-141603"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(6).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार का मूल मंत्र 'सबका साथ, सबका विकास' है और इसके तहत दिव्यांग जनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिव्यांग कौशल योजना की शुरुआत की जायेगी। वित्त मंत्री सीतारमण ने लोकसभा में 2026-27 का आम बजट पेश करते हुए रविवार को दिव्यांग कौशल योजना की घोषणा की और कहा कि सरकार का लक्ष्य हर परिवार, हर समुदाय, हर प्रांत और देश के हर क्षेत्र को संसाधनों, सुविधाओं और अवसर समान रूप से प्रदान करना है। उनका कहना था कि इस दिशा में बजट में सबसे महत्वपूर्ण कदम दिव्यांगजनों के लिए उठाये गये हैं। </p>
<p>वित्त मंत्री कहा कि बजट में दिव्यांग जनों को सम्मानजनक और आत्मनिर्भर रोजगार देने के लिए नई 'दिव्यांग कौशल योजना' की घोषणा की गई है। इस योजना के तहत आईटी, एनीमेशन-विजुअल इफेक्ट्स-गेमिंग-कॉमिक्स (एवीजीसी), आतिथ्य, खाद्य एवं पेय जैसे क्षेत्रों में दिव्यांग जनों की क्षमताओं के अनुरूप कार्योन्मुखी और प्रक्रिया-आधारित नौकरियां तैयार की जाएंगी। विभिन्न प्रकार की दिव्यांगता के हिसाब से उद्योगों के साथ मिलकर खास प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे ताकि उन्हें योग्यता के आधार पर अच्छी आजीविका मिल सके।</p>
<p>केंद्रीय मंत्री सीतारमण ने कहा कि इसके साथ ही दिव्यांग सहारा योजना के तहत सभी पात्र दिव्यांगजनों को उच्च गुणवत्ता वाले सहायक उपकरण समय पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है और इसके लिए भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एएलआईएमसीओ) को और मजबूत किया जाएगा। उत्पादन क्षमता बढ़ाने, अनुसंधान एवं विकास में निवेश करने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता को उपकरणों में शामिल करने के लिए विशेष सहायता दी जाएगी। इस योजना के जरिए पीएम दिव्याशा केंद्रों को और बेहतर बनाया जाएगा। साथ ही आधुनिक रिटेल-स्टाइल सहायक प्रौद्योगिकी मार्ट खोले जाएंगे, जहां दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिक खुद जाकर सहायक उपकरण देख, परख और खरीद सकेंगे-ठीक वैसे ही जैसे कोई सामान्य शॉपिंग करता है। वित्त मंत्री ने कहा कि ये कदम विकसित भारत के सपने को समावेशी और सबके लिए सार्थक बनाने की दिशा में बहुत जरूरी हैं। दिव्यांगजनों को न सिर्फ आजीविका, बल्कि गरिमा और आत्मविश्वास के साथ समाज में आगे बढऩे का पूरा अवसर मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 17:36:24 +0530</pubDate>
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                <title> जीवन रक्षा के साथ-साथ आजीविका को सुचारू रखना सर्वोच्च प्राथमिकता: गहलोत, परसादी: सख्त फैसला करना होगा, खाचरियावास:  दो दिन पहले कोई मतलब नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य मंत्रिपरिषद् की बैठक में कोविड की स्थिति की समीक्षा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%B5%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%86%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%82-%E0%A4%B0%E0%A4%96%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%8B%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A5%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%BE--%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4--%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80--%E0%A4%B8%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%AB%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE--%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B8---%E0%A4%A6%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%88-%E0%A4%AE%E0%A4%A4%E0%A4%B2%E0%A4%AC-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82/article-3651"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/ashok_gehlot_630x4005.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर हुई राज्य मंत्रिपरिषद् की बैठक में कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट के तेजी से फैलते संक्रमण पर चिंता व्यक्त की गई। दुनिया के 116 देशों और देश के कई राज्यों में कोरोना एवं ओमिक्रॉन वेरिएंट के तेजी से बढ़ते केसों के दृष्टिगत मंत्रिपरिषद ने भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में भी संक्रमण से बचाव तथा जीवन रक्षा के लिए आवश्यक पाबंदियां लगाने पर सहमति व्यक्त की। गहलोत ने बैठक में कहा कि प्रदेशवासियों की जीवन रक्षा के साथ-साथ आजीविका को सुचारू रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्रिपरिषद ने जन अनुशासन कर्फ्यू की प्रभावी पालना, मास्क की अनिवार्यता एवं कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर की सख्ती से पालना कराने पर जोर दिया। साथ ही 31 जनवरी तक पात्र सभी लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने तथा प्रदेश में वैक्सीन की अनिवार्यता के संबंध में भी सहमति व्यक्त की। इस बैठक को सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर लाइव देखा गया।<br /><strong><br />विशेषज्ञों ने कहा: सख्ती करो, कुछ मंत्रियों ने जताई असहमति</strong><br />मंत्रिपरिषद की बैठक में कोरोना के मौजूदा संक्रमण को देखते हुए विशेषज्ञों ने सख्ती करने का सुझाव दिया, लेकिन कई मंत्रियों ने न्यू ईयर सेलिब्रेशन को देखते हुए दो दिन पहले सख्ती करने पर ना कहा। परसादी लाल मीना ने कहा कि जयपुर के लिए कुछ फैसला करना होगा..., नए साल के जश्न में संक्रमण बढ़ सकता है। प्रतापसिंह बोले...अब दो दिन पहले सख्ती का कोई मतलब नहीं है.., मना करेंगे तो भी पब्लिक 31 दिसंबर की नाइट को सेलिब्रेट करेगी,  यूपी में तो केस ही नहीं दिखा रहे। विश्वेन्द्र सिंह ने कहा रात को पार्टी करने वालों का क्या होगा?, ममता भूपेश ने कहा जो रात को सड़क पर दौड़ेंगे, उनका क्या होगा? विश्वेन्द्र सिंह बोले आपके यहां दौड़ते होंगे, यहां तो ऐसा नहीं होता। कुछ मंत्रियों ने कहा कि गाइडलाइन को साइलेंट रहने दो। विश्वेन्द्र सिंह ने कहा हुकुम न्यू ईयर पर सभी होटल बुक हैं, राजस्थान के एक भी होटल में कमरा नहीं है। गहलोत ने मुस्कराते हुए कहा हम आपके विभाग की इनकम का पूरा ध्यान रख रहे है।  बीडी कल्ला ने कहा मास्क तो अनिवार्य करो। एक्सपर्ट ने कहा छोटे ग्रुप में न्यू ईयर सलिब्रेट कर सकते हैं, परिजन घर में ही नया साल सलिब्रेट करें। लोग लापरवाह हो गए है, प्रशासन की सख्ती की जरूरत है। 100 में से एक व्यक्ति ओमिक्रॉन संक्रमित है तो वो सभी को संक्रमित कर सकता है। डॉ. विरेन्द्र सिंह ने कहा वैक्सीनेशन वालों को ही पार्टी में प्रवेश की अनुमति का प्रावधान हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Dec 2021 12:41:31 +0530</pubDate>
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                <title>महुए के फूलों से चुआएंगे शराब</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीगंगानगर शुगर मिल्स की पहल मिलेगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AB%E0%A5%82%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%86%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%B6%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AC/article-1566"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/daru.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। आदिवासी महिलाओं की आजीविका बढ़ाने और आर्थिक संबल देने के लिए श्रीगंगानगर शुगर मिल्स लिमिटेड महुए के फूल खरीदकर शराब बनाएगा। इससे अवैध शराब पर काफी हद तक कंट्रोल होने की उम्मीद है। राजस्थान अनुसूचित जनजाति परामर्शदात्री परिषद की बैठक में इस पर चर्चा भी हो चुकी है। चर्चा के बाद पारंपरिक रूप से सेवन की जा रही मदिरा की मांग और खपत का परीक्षण करवाया गया। परीक्षण में सामने आया की महुआ की शराब का करोड़ों रुपए का अवैध कारोबार होता है।</p>
<p><strong><br /> इन जिलों में ज्यादा प्रचलित</strong><br /> श्रीगंगानगर शुगर मिल्स के अधिकारियों का मानना हैं कि महुआ शराब प्रदेश में उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ सिरोही और बारां जिले में सबसे ज्यादा प्रचलित है। आदिवासी क्षेत्र में सबसे ज्यादा इसी शराब का सेवन किया जाता है। वैध बनने से यहां का करोड़ों रुपए का कारोबार आबकारी के खाते में जाएगा और अवैध पर लगाम लगेगा।</p>
<p><strong><br /> अवैध शराब से होने वाली मौतों में आएगी कमी</strong><br /> अवैध हथकढ़ शराब से होने वाली मौतों में भी कमी आएगी। वहीं अब तक स्थानीय आदिवासी लोग महुए के फूलों को कम दामों में बेचते थे उनको विभाग 80 रुपए किलो में खरीदकर उनकी आय बढ़ेगी। राजस्थान श्रीगंगानगर शुगर मिल्स महुआ की मदिरा के लिए महुए के फूलों की खरीद वन-धन समितियों से राजीविका उदयपुर के माध्यम से करेगा। फूलों को एकत्रित करने से आदिवासियों को रोजगार मिलेगा। फिलहाल आदिवासी इलाकों में अवैध शराब पर नियंत्रण करने और आदिवासियों को रोजगार देने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत की जा रही हैं। जयपुर में जीएसएम की यूनिट पर इसको तैयार किया जाएगा। बाजार में आने के बाद इसका अच्छा रिस्पांस मिलता हैं तो इसे उदयपुर जीएसएम यूनिट में शिफ्ट किया जाएगा।<br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Sun, 10 Oct 2021 13:22:50 +0530</pubDate>
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