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                <title>असर खबर का : चीनी के भंडारण पर शिकंजा, घटाई डीलरों की स्टॉक सीमा</title>
                                    <description><![CDATA[अब 4 हजार की जगह 2 हजार क्विंटल ही रख सकेंगे स्टॉक।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-report--crackdown-on-sugar-storage--dealers--stock-limits-reduced/article-165217"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(3)31.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। त्योहारी सीजन से पहले सरकार चीनी की कीमतों पर लगाम कसने की तैयारी में जुट गई है। ऐसे में चीनी कारोबार और स्टॉक पर केंद्र सरकार ने निगरानी और कड़ी कर दी है। चीनी की जमाखोरी और अनावश्यक भंडारण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सरकार ने डीलरों के लिए निर्धारित स्टॉक सीमा में बड़ा बदलाव किया है। 15 सितंबर 2026 से चीनी डीलर अधिकतम 2,000 क्विंटल तक ही चीनी का स्टॉक रख सकेंगे। पहले यह सीमा 4,000 क्विंटल थी। यानी डीलरों के लिए अनुमत अधिकतम स्टॉक को आधा कर दिया गया है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने संशोधित स्टॉक सीमा के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।</p>
<p><strong>हर शुक्रवार देना होगा स्टॉक का अपडेट</strong><br />सरकार ने डीलरों के लिए स्टॉक की जानकारी देने की प्रक्रिया भी स्पष्ट कर दी है। प्रत्येक डीलर को पहले फूड स्टॉक मॉनिटरिंग पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के तुरंत बाद उसके पास उपलब्ध मौजूदा चीनी स्टॉक की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। इसके बाद हर शुक्रवार को अपने स्टॉक की स्थिति अपडेट करना अनिवार्य होगा। इससे बाजार में चीनी के भंडारण की स्थिति की नियमित निगरानी की जा सकेगी और स्टॉक में अचानक होने वाले बदलावों का भी पता लगाया जा सकेगा। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को डीलरों द्वारा घोषित चीनी स्टॉक का समय-समय पर भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। अर्थात डीलर ने पोर्टल पर जितना स्टॉक घोषित किया है, मौके पर वास्तव में उतनी ही मात्रा उपलब्ध है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी।</p>
<p><strong>गलत जानकारी दी तो कार्रवाई तय</strong><br />सरकार ने स्टॉक संबंधी जानकारी में लापरवाही को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराने, गलत या अधूरी जानकारी देने अथवा निर्धारित समय पर स्टॉक अपडेट नहीं करने के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इससे चीनी कारोबारियों पर स्टॉक की सही जानकारी उपलब्ध कराने और निर्धारित सीमा का पालन करने की जिम्मेदारी बढ़ गई है। पहले डीलरों के लिए अधिकतम स्टॉक सीमा 4,000 क्विंटल निर्धारित की गई थी और चीनी प्राप्त होने की तारीख से अधिकतम 30 दिनों तक स्टॉक रखने की अनुमति थी। अब केंद्र सरकार ने मूल आदेश में संशोधन किया है। संशोधित प्रावधान 15 सितंबर से प्रभावी होंगे।</p>
<p><strong>कोटा के चीनी बाजार पर भी पड़ेगा असर</strong><br />कोटा में चीनी की थोक और खुदरा बिक्री से जुड़े कारोबारियों के लिए नई व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खासकर ऐसे डीलर जिनके पास बड़ी मात्रा में चीनी का भंडारण रहता है, उन्हें 15 सितंबर से पहले अपने स्टॉक की स्थिति की समीक्षा करनी होगी। नई सीमा लागू होने के बाद निर्धारित मात्रा से अधिक चीनी का स्टॉक रखना मुश्किल होगा। व्यापारियों को अपने स्टॉक का हिसाब-किताब व्यवस्थित रखने के साथ ही सरकार के फूड स्टॉक मॉनिटरिंग पोर्टल पर नियमित जानकारी अपडेट करनी होगी। इससे सरकार को बाजार में चीनी के उपलब्ध स्टॉक की वास्तविक स्थिति पर नजर रखने में मदद मिलेगी।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में अलग-अलग समाचार प्रकाशित किए थे। इनमें बताया था कि त्योहरी सीजन से पहले चीनी की कीमत 65 से 70 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। इससे आमजन को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा बड़े कारोबारियों द्वारा चीनी की जमाखोरी भी की जा रही है। इससे चीनी की कीमतों में उछाल बना हुआ है। आगामी दिनों में त्योहारी सीजन में लोगों को चीनी के लिए अधिक खर्चा करना पड़ेगा।</p>
<p>चीनी की जमाखोरी और अनावश्यक भंडारण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सरकार ने डीलरों के लिए निर्धारित स्टॉक सीमा में बड़ा बदलाव किया है। 15 सितंबर 2026 से चीनी डीलर अधिकतम 2,000 क्विंटल तक ही चीनी का स्टॉक रख सकेंगे। पहले यह सीमा 4,000 क्विंटल थी।<br /><strong>- विकास यादव, प्रवर्तन निरीक्षक, रसद विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 15:24:06 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>आखिरकार जेल प्रशासन ने केजरीवाल को इन्सुलिन दी : आप</title>
                                    <description><![CDATA[आम आदमी पार्टी (आप) ने कहा है कि आखिरकार जेल प्रशासन ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बढ़ती हुई सुगर के लिए इन्सुलिन दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/finally-the-jail-administration-gave-insulin-to-kejriwal/article-75740"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/ddd.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली । आम आदमी पार्टी (आप) ने कहा है कि आखिरकार जेल प्रशासन ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बढ़ती हुई सुगर के लिए इन्सुलिन दी।</p>
<p>आप नेता एवं दिल्ली के कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने केजरीवाल को तिहाड़ जेल में इन्सुलिन देने के बाद एक्स पर कहा ''हनुमान जन्मोत्सव पर खुशखबरी। खबर आ रही है अंतत: जेल प्रशासन ने मुख्यमंत्री को बढ़ती हुई सुगर के लिए इन्सुलिन दी।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि आज देश की राजधानी के मुख्यमंत्री को एक इन्सुलिन के लिये भी अदालत जाना पड़ रहा है। भाजपा और केंद्र सरकार के अधीन अधिकारी कहते हैं कि सभी क़ैदी एक समान हैं। क्या इन्सुलिन के लिये सभी तिहाड़ के क़ैदी अदालत जाते हैं ? क्या सभी क़ैदियों को बीमारी की दवाई के लिए अदालत जाना पड़ता है ?  क्या सभी क़ैदियों को इन्सुलिन के लिये एक हफ़्ता टेलीविजन और अखबार में बहस करनी पड़ती है ?</p>
<p>आप नेता आतिशी ने कहा ''बजरंग बली की जय। हनुमान जयंती पर मिली खुशखबरी - तिहाड़ प्रशासन ने आखिरकार अरविंद केजरीवाल जी को इन्सुलिन दी। यह हनुमान जी के आशीर्वाद और दिल्ली वालों के संघर्ष का नतीजा है। इस संघर्ष के दौर में भी बजरंग बली का आशीर्वाद हम सब पर बना हुआ है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Apr 2024 16:25:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>गेहूं के बाद अब चीनी के निर्यात पर रोक </title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार ने गेहूं के बाद अब चीनी के निर्यात पर रोक लगा दी है, जिसका उद्देश्य घरेलू बाजार में इसकी उपलब्धता बढ़ाना और मूल्य वृद्धि को रोकना है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/govt-ban-on-export-of-sugar/article-10463"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/46546546546539.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गेहूं के बाद अब चीनी के निर्यात पर रोक लगा दी है, जिसका उद्देश्य घरेलू बाजार में इसकी उपलब्धता बढ़ाना और मूल्य वृद्धि को रोकना है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना जारी कर कहा कि एक जून से 31 अक्टूबर तक, या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो।</p>
<p>चीनी के निर्यात की अनुमति खाद्य मंत्रालय के तहत चीनी निदेशालय की विशिष्ट अनुमति के साथ दी जाएगी। हालांकि, ये पाबंदी सीएक्सएल और टीआरक्यू के तहत यूरोपीय संघ और अमेरिका को निर्यात की जा रही चीनी पर लागू नहीं होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 May 2022 11:41:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>JOB Alert : उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ ने बढ़ाई तारीख, करें अप्लाई</title>
                                    <description><![CDATA[13 दिसंबर 2021 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/job-alert---%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%98-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%9D%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%96--%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%88/article-3002"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/job2.jpg" alt=""></a><br /><p>उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड ने संघ एवं सहकारी चीनी मिलों और आसवनियों में ग्रुप ए के पदों के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ा दी है। संघ द्वारा जारी नोटिस के अनुसार विभिन्न पदों के लिए आवेदन के इच्छुक उम्मीदवार अब 13 दिसंबर 2021 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।  <br /> <br /> <br />  उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड द्वारा जिन पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं, उनमें प्रधान प्रबंधक, मुख्य अभियंता,मुख्य रसायनविद, मुख्य लेखाकार, मुख्य गन्ना अधिकारी और आसवनी प्रबंधक शामिल हैं।</p>
<p><br /> <strong>कैसे करें अप्लाई </strong><br /> उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड में पदों के लिए आवेदन के इच्छुक उम्मीदवार संघ की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए ऑनलाइन अप्लीकेशन फॉर्म के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया के अंतर्गत उम्मीदवारों को मांगे गए विवरणों भरकर और डॉक्यूमेंट्स को अपलोड करके सबमिट करना होगा। उम्मीदवारों को ध्यान देना चाहिए कि उन्हें आवेदन के दौरान 500 रुपये का नॉन-रिफंडेबल फीस भरनी होगी, जिसका भुगतान ऑनलाइन माध्यमों से किया जा सकेगा।  राज्य के एससी, एसटी उम्मीदवारों के लिए शुल्क 250 रुपये ही है। आवेदन से पहले से उम्मीदवारों को विज्ञापन एवं ऑनलाइन अप्लीकेशन पेज पर दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए।<br /> <br /> अंतिम तिथि : 13 दिसंबर 2021</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Dec 2021 11:26:52 +0530</pubDate>
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                <title>मर्ज का घटिया इलाज : कोरोना की दवाओं में घालमेल जांच में हार्ट और शुगर की दवा हुई सबसे ज्यादा फेल</title>
                                    <description><![CDATA[एक साल में दवाओं की जांच में एक फीसदी सैम्पल फेल हुए, 66 दवा प्रतिबंधित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%98%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%87%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%9C---%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%88-%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%AB%E0%A5%87%E0%A4%B2/article-1694"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/pills-_dawai_mks.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। मरीज के इलाज में दवा का ही अहम रोल होता है। डॉक्टर मर्ज देखकर दवा लिखता है, लेकिन घटिया दवाओं के कारोबार के चलते दवा ही मर्ज को बढ़ा रही है। प्रदेश में पिछले एक साल में ऐसी दवाओं की धरपकड़ को औषधि नियंत्रक इकाई ने करीब 650 दवाओं के जांच सैम्पल लिए। जिनमें करीब 1 फीसदी यानी 66 दवाईयां घटिया मिली। जांच में जो दवा गुणवत्ता के मापदंड पर फेल हुई, उनमें सबसे ज्यादा दवा हार्ट-शुगर की बीमारियों से जुड़ी हुई है। गंभीर बात यह है कि कोरोनाकाल में इलाज में काम आने वाली दवाइयां जांच में घटिया निकली,जिन्हें ड्रग यूनिट ने कार्रवाई कर प्रतिबंधित किया और बाजार में बेचान से रोका।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>हार्ट-शुगर-बीपी की ये दवा निकली सब-स्टैंडर्ड</strong></span></span><br /> डायबिटीज को संतुलित रखने वाले साल्ट पियोगलिटेजॉन हाइड्रोक्लोराइड 7.5 एमजी, ग्लिमप्रराइड 2 एमजी, खून को पतला रखने वाले साल्ट एट्रोवासटेटिन, रोसूवासटेटीन एस्प्रिन,क्लोपिडोग्रेल एंड एस्प्रिन , हाई ब्लड-प्रेशर व कॉरोनरी आॅर्टरीज डिजीज कंट्रोल करने वाली एम्लोडिडपाइन टेबलेट्स खराब क्वालिटी की पाई गई। संभवत: दवाओं को प्रतिबंधित करने से पहले दवा लेने वाले मरीजों की डायबिटीज कंट्रोल नहीं हुई होगी, खून जितना पतला होना चाहिए, नहीं हुआ होगा और बीपी नॉर्मल होने में दवा कारगर नहीं रही होगी।</p>
<p><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong><br /> देशभर में दवा प्रतिबंधित, लेकिन हमारे यहां बिकती रही</strong></span></span><br /> केन्द्र सरकार ने बुखार-जुकाम में काम आने वाली पांच साल्ट सिट्रीजीन, फिनाइएलएफ्रिन, पेरासिटामॉल, कैफीन, निमुसुलाइड के काम्बीनेशन वाली दवाओं को स्वास्थ्य के लिए 7 सितम्बर 2018 को गंभीर घातक मानते हुए देशभर में प्रतिबंधित किया था, लेकिन यह दवा प्रदेश में दो साल बाद तक बिकती मिली। सूचना पर ड्रग इकाई ने जयपुर, दौसा, अजमेर, चित्तौडगढ़ में कार्रवाई कर इसके स्टॉक को जब्त किया और विक्रेताओं पर ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट में कार्रवाई की। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>कोरोना के इलाज में ये दवाएं फेल</strong></span></span><br /> केन्द्रीय ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने प्रदेश को 11 जून 2021 को पत्र लिखकर मैसर्स मैक्स रिलीफ हेल्थकेयर की फैवीपिराविर की 200 और 400 एमजी दवा घटिया क्वालिटी की होने की सूचना प्रदेश की ड्रग कंट्रोलर इकाई को दी,जिस पर 17 जून को कार्रवाई कर प्रदेशभर में दवा के चार बैचों की दवा को तुरंत प्रतिबंधित करवाया। बेचान से पहले स्टॉक को बाजार से हटवाया, लेकिन इससे पहले बाजार में जिन कोरोना संक्रमितों ने यह दवा ली होगी, उस पर कारगर रही होगी, इस पर सवाल खड़े हुए। इसी तरह कोरोना के इलाज में बुखार की पैरासिटामोल और इम्यूनिटी  बढ़ाने में सहयोगी दवा कैल्शियम-विटामिन डी-3 की दवा भी घटिया निकली। कैल्शियम-विटामिन डी-3 बनाने वाली 9 फॉर्मा कंपनियों, पैरासिटामोल और मोन्टूल्यूकॉस्ट टेबलेट बनाने वाली एक-एक कंपनी की दवा खराब निकली और उन्हें प्रतिबंधित कर कार्रवाई की गई।<br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong><br /> क्या होती है कार्रवाई</strong></span></span><br /> <span style="color:#ff0000;">सवाल:</span> घटिया दवा पर अंकुश को विभाग क्या करता है?<br /> <span style="color:#ff0000;">उत्तर:</span> प्रदेश में कुल 104 ड्रग इंस्पेक्टर है। हर इंस्पेक्टर का प्रतिमाह न्यूनतम 6 दवाओं के सैम्पल लेकर लैब में क्वालिटी जांच कराना अनिवार्य है, कम जांच पर इंस्पेक्टरों-अधिकारियों पर कार्रवाई करते हैं। मुखबिर से, विभाग को आमजन से ई-मेल  आईडी पर आई शिकायतों, अन्य राज्यों की ड्रग इकाई के अलर्ट के आधार पर जांच कार्रवाई करते हैं। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>चीफ ड्रग कंट्रोलर राजाराम शर्मा से बातचीत</strong></span></span><br /> <span style="color:#ff0000;">सवाल:</span> जांच का प्रोसेस क्या है, घटिया दवा बनाने वाली फार्मा कंपनी पर क्या कार्रवाई होती है?<br /> <span style="color:#ff0000;">उत्तर:</span> डग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत घटिया दवा प्रतिबंधित की जाती है। निर्माता पर मुकदमा दर्ज करवाया जाता है, जिस राज्य में मैन्यूफेक्चरिंग है, वहां सूचना भेजकर कंपनी के लाइसेंस निरस्तीकरण, प्रोडेक्शन रुकवाने, फैक्ट्री बंद करने की कार्रवाई करवाते हैं। एक्ट में दोषियों पर 3 साल से आजीवन कारावास का प्रावधान है।</p>
<p><br /> <span style="color:#ff0000;">सवाल: </span>घटिया दवा पर पूर्ण अंकुश कैसे लगे?<br /> <span style="color:#ff0000;">उत्तर:</span> विभाग हमेशा अलर्ट मोड में रहता है। पहले काफी ज्यादा दवा जांच में फेल होती थी। अब इसे कम कर  एक फीसदी से कम पर लेकर आए हैं। पूरी तरह संकल्पबद्ध हैं कि घटिया दवा बनाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करें। जल्द और भी कई नए प्रावधान व कार्ययोजना लागू कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Oct 2021 10:58:28 +0530</pubDate>
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                <title>महुए के फूलों से चुआएंगे शराब</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीगंगानगर शुगर मिल्स की पहल मिलेगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AB%E0%A5%82%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%86%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%B6%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AC/article-1566"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/daru.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। आदिवासी महिलाओं की आजीविका बढ़ाने और आर्थिक संबल देने के लिए श्रीगंगानगर शुगर मिल्स लिमिटेड महुए के फूल खरीदकर शराब बनाएगा। इससे अवैध शराब पर काफी हद तक कंट्रोल होने की उम्मीद है। राजस्थान अनुसूचित जनजाति परामर्शदात्री परिषद की बैठक में इस पर चर्चा भी हो चुकी है। चर्चा के बाद पारंपरिक रूप से सेवन की जा रही मदिरा की मांग और खपत का परीक्षण करवाया गया। परीक्षण में सामने आया की महुआ की शराब का करोड़ों रुपए का अवैध कारोबार होता है।</p>
<p><strong><br /> इन जिलों में ज्यादा प्रचलित</strong><br /> श्रीगंगानगर शुगर मिल्स के अधिकारियों का मानना हैं कि महुआ शराब प्रदेश में उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ सिरोही और बारां जिले में सबसे ज्यादा प्रचलित है। आदिवासी क्षेत्र में सबसे ज्यादा इसी शराब का सेवन किया जाता है। वैध बनने से यहां का करोड़ों रुपए का कारोबार आबकारी के खाते में जाएगा और अवैध पर लगाम लगेगा।</p>
<p><strong><br /> अवैध शराब से होने वाली मौतों में आएगी कमी</strong><br /> अवैध हथकढ़ शराब से होने वाली मौतों में भी कमी आएगी। वहीं अब तक स्थानीय आदिवासी लोग महुए के फूलों को कम दामों में बेचते थे उनको विभाग 80 रुपए किलो में खरीदकर उनकी आय बढ़ेगी। राजस्थान श्रीगंगानगर शुगर मिल्स महुआ की मदिरा के लिए महुए के फूलों की खरीद वन-धन समितियों से राजीविका उदयपुर के माध्यम से करेगा। फूलों को एकत्रित करने से आदिवासियों को रोजगार मिलेगा। फिलहाल आदिवासी इलाकों में अवैध शराब पर नियंत्रण करने और आदिवासियों को रोजगार देने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत की जा रही हैं। जयपुर में जीएसएम की यूनिट पर इसको तैयार किया जाएगा। बाजार में आने के बाद इसका अच्छा रिस्पांस मिलता हैं तो इसे उदयपुर जीएसएम यूनिट में शिफ्ट किया जाएगा।<br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Sun, 10 Oct 2021 13:22:50 +0530</pubDate>
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