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                            <item>
                <title>साहित्य जगत में शोक की लहर: मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र का निधन ; डिमेंशिया से थे पीड़ित, जानें कैसा रहा उनका जीवन?</title>
                                    <description><![CDATA[मोहब्बत और तन्हाई को खूबसूरत अल्फाज देने वाले प्रख्यात शायर डॉ. बशीर बद्र का बक़रीद के दिन 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से डिमेंशिया से पीड़ित थे। उनके जाने से साहित्य जगत में शोक की लहर है, लेकिन उनकी गजलें उर्दू अदब का गौरव बनी रहेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/wave-of-mourning-in-the-literary-world-famous-poet-dr/article-155275"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bashir.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। मोहब्बत, तन्हाई और जिंदगी को अपने अल्फाजों में नई पहचान देने वाले मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र का बकरीद के दिन 91 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने अपने घर पर ही आखिरी सांस ली। उनके निधन की खबर से साहित्य जगत में शो की लहर छा गई पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, वे काफी लंबे समय से डिमेंशिया से पीड़ित थे। लंबी बीमारी के कारण हालत ये हो गई थी कि वे अपने करीबियों और परिचितों को पहचान भी नहीं पा रहे थे। बशीर बद्र ने उर्दू साहित्य को नई ऊंचाई दी और यही कारण है कि उनकी गजलें सिर्फ मुशायरों तक सीमित नहीं रहीं। </p>
<p><img src="https://images.bhaskarassets.com/web2images/521/2021/01/07/bashirbadr26613968835x547-m_1609959067.jpg" alt="When Dr. Bashir Badr, a Padmashree poet of Bhopal wrote his PhD thesis, 87  lions of his own were included in it."></img></p>
<p>डॉ. बशीर बद्र (असल नाम सय्यद मुहम्मद बशीर) 15 फरवरी 1935 को कानपुर में पैदा हुए। उत्तर प्रदेश में उनका पैतृक स्थान फ़ैज़ाबाद ज़िले का मौज़ा बक़िया है। उनका वास्तविक नाम सैय्यद मोहम्मद बशीर था। उनके पिता सैय्यद मोहम्मद नजीर पुलिस विभाग में कार्यरत थे। प्रारंभिक शिक्षा कानपुर और इटावा में हुई। हाई स्कूल के बाद पिता के निधन के कारण उनकी पढ़ाई बाधित हो गई और उन्हें कम उम्र में ही 85 रुपए मासिक पर पुलिस विभाग में नौकरी करनी पड़ी। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच भी उन्होंने शिक्षा और साहित्य से अपना संबंध नहीं टूटने दिया।</p>
<p><img src="https://static.abplive.com/wp-content/uploads/sites/2/2021/01/06043521/basirbadra.jpg" alt="Urdu poet Bashir Badr received his PHD degree at the age of 85 | अज़ीम शायर बशीर  बद्र को 47 साल बाद मिली PHD की डिग्री"></img></p>
<p>बचपन से ही उन्हें शायरी का शौक था। सातवीं कक्षा में उनकी पहली गजल प्रतिष्ठित पत्रिका ‘निगार’ में प्रकाशित हुई थी। युवावस्था तक पहुंचते-पहुंचते उनकी गजलें भारत और पाकिस्तान की साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशित होने लगीं। बाद में उन्होंने फिर से पढ़ाई शुरू की और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से स्नातक, स्नातकोत्तर तथा पीएचडी की उपाधियां प्राप्त कीं। उनका शोध विषय ‘आजादी के बाद उर्दू गजल का आलोचनात्मक अध्ययन’ था।</p>
<p><img src="https://staticimg.amarujala.com/assets/images/2017/06/11/bashir-badr_1497170073.jpeg?w=750&amp;dpr=1.0" alt="Padmshri Dr Bashir Badr; A Most Popular Shayer - Amar Ujala Kavya -  पद्मश्री डॉ. बशीर बद्र:सिर्फ़ शायर ही नहीं एक नज़रिया भी हैं..."></img></p>
<p>वर्ष 1967 में उन्होंने पुलिस सेवा छोड़ दी और साहित्य तथा शिक्षण को अपना जीवन समर्पित कर दिया। वर्ष 1974 में पीएचडी पूरी करने के बाद वे मेरठ विश्वविद्यालय से संबद्ध मेरठ कॉलेज में उर्दू विभाग में व्याख्याता नियुक्त हुए। वर्ष 1974 से 1990 के बीच उनकी शायरी ने नई ऊंचाइयां हासिल कीं और वे देश-विदेश के मुशायरों में लोकप्रिय शायर बन गए। डॉ. बशीर बद्र ने उर्दू गजल को पारंपरिक फारसी और अरबी प्रभाव से निकालकर बोलचाल की भाषा से जोड़ा। उन्होंने गजल में ऐसे शब्दों और अनुभवों को शामिल किया, जिन्हें पहले उर्दू शायरी का हिस्सा नहीं माना जाता था। उनकी शायरी में गांव की मिट्टी की खुशबू भी है और शहर की जिंदगी की तल्ख सच्चाइयां भी।</p>
<p><img src="https://resize.indiatv.in/resize/newbucket/1200_-/2026/05/bashir-badr-1779961586.webp" alt="मशहूर शायर बशीर बद्र का निधन, 91 की उम्र में कहा दुनिया को अलविदा, आखिरी  दिनों में भूल गए थे खुद के शेर - India TV Hindi"></img></p>
<p>उनकी गजलें मोहब्बत, दर्द, अकेलेपन, रिश्तों और बदलते समाज की संवेदनाओं को बेहद सहज ढंग से प्रस्तुत करती हैं। उनके कई शेर आज भी लोगों की जुबां पर हैं। ‘उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए’ और ‘लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में, तुम तरस नहीं खाते बस्तियां जलाने में’ जैसे शेर उन्हें आम जनमानस से जोड़ते हैं।</p>
<p><img src="https://images.bhaskarassets.com/thumb/1200x900/web2images/521/2020/11/24/orig_35_1606165508.jpg" alt="Bashir Badr no longer recognizes even his wife, Iarshad-Irshad is said when  someone misses a Mushaira."></img></p>
<p>वर्ष 1987 के मेरठ दंगों में उनका घर जल गया था। इसके बाद वे भोपाल आकर बस गए। उन्होंने बाद में डॉ. राहत सुल्तान से विवाह किया। बढ़ती उम्र के साथ उनकी स्मरण शक्ति कमजोर होती गई और वे लंबे समय से डिमेंशिया बीमारी से पीड़ित थे। डॉ. बशीर बद्र को साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित अनेक सम्मान प्राप्त हुए। भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया। उनके प्रमुख गजल संग्रहों में ‘इकाई’, ‘इमेज’, ‘आमद’, ‘आस’, ‘आसमान’ और ‘आहट’ शामिल हैं। उर्दू गजल में नए प्रयोगों, सरल भाषा और मानवीय संवेदनाओं के कारण डॉ. बशीर बद्र को आधुनिक उर्दू शायरी का महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता है। उनकी शायरी आने वाली पीढ़ियों को भी लंबे समय तक प्रेरित करती रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 14:59:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पिता धर्मेंद्र को मिला Padma Awards तो भावुक हुई बेटी अहाना, हेमा मालिनी के भी निकले आंसू, जानें सम्मानित होने वाली हस्तियां कौन-कौन? </title>
                                    <description><![CDATA[दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उनकी पत्नी हेमा मालिनी ने यह सम्मान ग्रहण किया। इस भावुक क्षण में हेमा और बेटी अहाना की आंखें नम हो गईं। सिनेमा में छह दशकों तक राज करने वाले धर्मेंद्र का निधन नवंबर 2025 में हुआ था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/trending-today/when-father-dharmendra-got-padma-awards-daughter-ahana-got-emotional/article-154987"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/dharmendra.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता रहे धर्मेंद्र को मरणोपरांत देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह में उनकी पत्नी और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने यह सम्मान ग्रहण किया। इस दौरान उनकी बेटी अहाना देओल भी मौजूद रहीं। समारोह में जैसे ही धर्मेंद्र के नाम की घोषणा हुई तो माहौल भावुक हो गया। मंच पर पहुंचीं हेमा मालिनी की आंखें नम दिखाई दीं, वहीं सभागार में बैठीं अहाना भी अपने आंसुओं को नहीं रोक सकीं। इस भावुक पल के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।</p>
<p>अभिनेता धर्मेंद्र ने करीब छह दशकों तक हिंदी सिनेमा में अपनी शानदार अभिनय यात्रा से करोड़ों दर्शकों के दिलों पर राज किया। ‘शोले’, ‘मेरा गांव मेरा देश’, ‘चरस’ और ‘अपने’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को आज भी याद किया जाता है। गौरतलब है कि नवंबर 2025 में 89 वर्ष की उम्र में धर्मेंद्र का निधन हो गया था। उनके जाने को हिंदी फिल्म उद्योग के एक स्वर्णिम दौर का अंत माना गया। इस वर्ष केंद्र सरकार ने कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 17:52:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि: सोनिया, खरगे, राहुल और प्रियंका ने दी श्रद्वाजंलि, खड़गे ने कहा- देश को 21वीं सदी की ओर अग्रसर करने की रखी मजबूत नींव </title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने 'वीर भूमि' जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। खड़गे ने उन्हें 21वीं सदी के आधुनिक भारत का निर्माता बताया, वहीं राहुल गांधी ने उनके कुशल, समृद्ध और मजबूत भारत के सपने को साकार करने का संकल्प दोहराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/sonia-kharge-rahul-priyanka-paid-tribute-to-rajiv-gandhi-on/article-154516"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rajiv-gandhi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी तथा पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर गुरुवार को यहाँ उनके समाधि स्थल वीर भूमि जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वीर भूमि पर इस दौरान राजीव गांधी की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष ने भारत के निर्माण के लिए राजीव गांधी के एक उद्दरण को सोशल मीडिया एक्स पर पेश करते हुए लिखा, 'भारत एक प्राचीन देश है, लेकिन एक युवा राष्ट्र है। मैं ऐसे भारत का सपना देखता हूं—मजबूत, स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और विश्व के अग्रणी देशों की पंक्ति में खड़ा, जो मानवता की सेवा करे।' खरगे ने कहा "भारत रत्न राजीव गांधी ने दूरदृष्टि, साहस और भारत के भविष्य में गहरी आस्था के साथ देश को 21वीं सदी की ओर अग्रसर करने की मजबूत नींव रखी। उनके कार्यकाल में मतदान की आयु 18 वर्ष करना, पंचायती राज के माध्यम से स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाना, दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति की शुरुआत, कंप्यूटरीकरण को बढ़ावा, महत्वपूर्ण शांति समझौते, सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम तथा समावेशी शिक्षा नीति जैसी कई परिवर्तनकारी पहलें की गईं। उनकी विरासत आज भी आधुनिक भारत को दिशा दे रही है और नई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।"</p>
<p>राहुल गांधी ने भी एक पोस्ट में पूर्व प्रधानमंत्री को याद करते हुए लिखा "पापा, आपने जिस कुशल, समृद्ध और मजबूत भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की जिम्मेदारी मैं पूरी करूंगा। आपकी सीख, आपके संस्कार और आपकी यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 11:58:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बिहार में मंत्रीमंडल विस्तार: पढ़ें नीतिश कुमार के बेटे निशांत के बारे में सबकुछ!</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार की राजनीति में नए युग की शुरुआत हुई जब निशांत कुमार ने पहली बार मंत्री पद की शपथ ली। सॉफ्टवेयर इंजीनियर से राजनेता बने निशांत को नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है। उनकी यह पारी जदयू में नई पीढ़ी के नेतृत्व और भविष्य की रणनीति का संकेत है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/cabinet-detail-in-bihar-read-everything-about-nitish-kumars-son/article-153031"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/nitish.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने बिहार सरकार में पहली बार मंत्री पद की शपथ लेकर अपने सियासी सफर की शानदार शुरुआत की। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित समारोह में निशांत कुमार ने जनता दल यूनाइटेड (जदयू) कोटे से मंत्री पद की शपथ ली। निशांत कुमार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पटना के सेंट कैरेंस स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने मानव भारती इंटरनेशनल स्कूल, मसूरी में अध्ययन किया तथा बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी,मेसरा से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। </p>
<p><img src="https://resize.indiatv.in/resize/newbucket/1200_-/2026/05/nishant-kumar-1-1778134874.webp" alt="बिहार में सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का हुआ विस्तार, जानें कौन-कौन पहली बार  बना मंत्री - India TV Hindi"></img></p>
<p>निशांत कुमार की माता मंजू सिन्हा का वर्ष 2007 में निधन हो गया था। उस समय उन्होंने स्पष्ट कहा था कि उनकी राजनीति में कोई रुचि नहीं है और वे आध्यात्मिक जीवन जीना चाहते हैं। लंबे समय तक वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में कम ही दिखाई दिए। हालांकि वर्ष 2024 के बाद उन्होंने अपने पिता के साथ कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेना शुरू किया।</p>
<p><img src="https://images.tv9hindi.com/wp-content/uploads/2026/05/nishant-kumar.jpeg" alt="बिहार में मंत्रिमंडल का विस्तार, सम्राट की सेना में किस जाति के कितने  मंत्री? | Samrat Choudhary cabinet expansion oath ceremony Nishant kumar  mangal pandey caste equation BJP JDU HAM"></img></p>
<p>वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले भी वे कई बार मीडिया के सामने आए और लोगों से अपील की थी कि वे नीतीश कुमार को समर्थन दें। इसी वर्ष आठ मार्च को उन्होंने औपचारिक रूप से जनता दल यूनाइटेड की सदस्यता ग्रहण की। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद निशांत कुमार ने सक्रिय राजनीति में कदम बढ़ाया और हाल ही में पश्चिमी चंपारण से ‘सद्भाव यात्रा’ की शुरुआत की।</p>
<p><img src="https://images.newsarenaindia.com/nishant-nitish-kumar-naijpg_1772531432553.jpg" alt="Bihar CM Nitish Kumar's son Nishant set for political debut"></img></p>
<p>राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही कि निशांत कुमार शुरुआत में सरकार में शामिल होने को लेकर इच्छुक नहीं थे, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के समझाने के बाद वे मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए तैयार हुए।</p>
<p><img src="https://img.etimg.com/thumb/width-1600,height-900,imgsize-2511225,resizemode-75,msid-130738867/news/politics-and-nation/jdus-nishant-kumar-embarks-on-his-first-political-yatra-in-bihar.jpg" alt="JDU's Nishant Kumar embarks on his first political yatra in Bihar - The  Economic Times"></img></p>
<p>निशांत कुमार के मंत्रिमंडल में शामिल होने को जदयू में नई पीढ़ी की एंट्री और पार्टी के भविष्य की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उन्हें नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में तैयार किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 18:26:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>राष्ट्रकवि दिनकर की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया नमन, बोले-उनकी रचनाएं समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सत्य के मार्ग पर चलने की देती है प्रेरणा</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' को उनकी पुण्यतिथि पर नमन किया। उन्होंने दिनकर जी को 'समय का सूर्य' बताते हुए कहा कि उनकी ओजस्वी रचनाएं अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और राष्ट्रवाद की अलख जगाने की प्रेरणा देती हैं। युवाओं के लिए उनकी लेखनी आज भी मार्गदर्शक और ऊर्जा का स्रोत है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajan-lal-sharma-paid-tribute-to-national-poet/article-151560"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/cm-bhajan-lal-lharma.png-1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने हिंदी साहित्य के महान कवि और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि दिनकर जी हिंदी साहित्य के देदीप्यमान नक्षत्र थे, जिनकी ओजस्वी वाणी ने जन-जन में राष्ट्रवाद की भावना जागृत की। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि पद्म भूषण से सम्मानित दिनकर जी को ‘समय के सूर्य’ के रूप में जाना जाता है। उनकी रचनाएं आज भी समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। </p>
<p>उन्होंने कहा कि दिनकर जी का साहित्य केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की चेतना का सशक्त माध्यम है। शर्मा ने आगे कहा कि वर्तमान समय में भी दिनकर जी की कविताएं युवाओं के लिए मार्गदर्शक का कार्य कर रही हैं। उनकी लेखनी में निहित राष्ट्रभक्ति, साहस और संघर्ष की भावना समाज को नई ऊर्जा प्रदान करती है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे दिनकर जी के आदर्शों को आत्मसात करें और एक सशक्त, जागरूक एवं समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 13:28:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आशा भोसले के निधन पर सोनिया गांधी ने जताया शोक : परिजनों को लिखा भावुक पत्र; कहा-भारतीय संगीत का स्वर्णिम युग समाप्त, रविवार को ब्रीच कैंडी अस्पताल में ली थी अंतिम सांस</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सुरों की मलिका आशा भोसले के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने उनके पुत्रों, आनंद और हेमंत भोसले को लिखे पत्र में आशा जी को एक "राष्ट्रीय धरोहर" बताया। सोनिया गांधी ने कहा कि उनकी बहुमुखी आवाज़ ने सात दशकों तक करोड़ों दिलों को छुआ है और उनके जाने से भारतीय संगीत का एक स्वर्णिम युग समाप्त हो गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/sonia-gandhi-expressed-grief-over-the-demise-of-asha-bhosle/article-150423"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/sonia-gandhi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मशहूर पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके परिजनों को एक भावुक शोक पत्र लिखा है। सोनिया गांधी ने आशा भोसले के बेटे आनंद और हेमंत भोसले को संबोधित पत्र में कहा कि आशा भोसले के निधन के साथ भारतीय संगीत का एक स्वर्णिम युग समाप्त हो गया है। उन्होंने आशा जी को एक महान कलाकार, प्रतीक और करोड़ों लोगों को अपनी आवाज़ से खुशी देने वाली हस्ती बताया। पत्र में उनकी बहुमुखी प्रतिभा का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने शास्त्रीय, लोक और पॉप संगीत में अपनी अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने लिखा कि आशा भोसले की आवाज़ और उनका संगीत हमेशा जीवित रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।</p>
<p>उन्होंने उन्हें "राष्ट्रीय धरोहर" बताते हुए कहा कि देशभर के संगीत प्रेमी उनके निधन से शोकाकुल हैं। पत्र में आगे उन्होंने परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में उनके विचार और प्रार्थनाएं परिवार के साथ हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान हो। गौरतलब है कि मशहूर गायिका आशा भोंसले ने रविवार को 92 वर्ष की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 17:41:13 +0530</pubDate>
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                <title>कांग्रेस की हर बैठक में वंदे मातरम् का गायन : विरासत को खत्म करना चाहती हैं भाजपा, गहलोत ने कहा- ऐसे कार्यक्रमों में हर धर्म के लोगों को करना चाहिए शामिल </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस की विरासत वही है जो देश के स्वतंत्रता आंदोलन  की विरासत है। भाजपा को सत्ता में आने का मौका मिला है पर उसके मायने ये नहीं कि कांग्रेस की विरासत को समाप्त करें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bjp-wants-to-end-the-legacy-of-singing-vande-mataram/article-131753"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/ashok-gehlot.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेशभर में वंदे मातरम अभियान को लेकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा है।  गहलोत ने अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि वंदे मातरम के तहत किए जा रहे कार्यक्रमों के जरिए राष्ट्रगीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के मौके का उपयोग स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस के इतिहास में हर बैठक में वंदे मातरम गीत गाया जाता है, लेकिन ये विरासत को खत्म करना चाहते हैं। ऐसे कार्यक्रमों में हिंदू-मुसलमान सहित हर धर्म के लोगों को शामिल करना चाहिए। </p>
<p>कांग्रेस की विरासत वही है जो देश के स्वतंत्रता आंदोलन  की विरासत है। भाजपा को सत्ता में आने का मौका मिला है पर उसके मायने ये नहीं कि कांग्रेस की विरासत को समाप्त करें। आरएसएस के नमस्ते सदा वत्सले गाने पर कहा कि इनका गीत तो नमस्ते सदा वत्सले है। गहलोत ने पूछा कि कभी आरएसएस की शाखाओं में वंदे मातरम् गाया गया है क्या? बिहार में मतदान प्रतिशत बढ़ने पर गहलोत ने कहा कि महागठबंधन को फायदा होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 10:34:27 +0530</pubDate>
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