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                <title>भाजपा का राहुल गांधी पर तीखा हमला: सुधांशु त्रिवेदी ने लगाया छात्रों को मानसिक यातना देने का आरोप, 'छात्रों की गूंज' रैली पर उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने नीट पुनर्परीक्षा से ठीक पहले कोटा में रैली करने पर राहुल गांधी को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता विद्यार्थियों की एकाग्रता भंग कर तनाव पैदा कर रहे हैं। भाजपा ने इसे परीक्षा को बाधित करने की सोची-समझी साजिश बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bjps-sharp-attack-on-rahul-gandhi-accused-of-breaking-the/article-157254"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/rahul1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) की पुनर्परीक्षा से पहले विद्यार्थियों की एकाग्रता भंग करने, तनाव और उन्हें मानसिक यातना देने का आरोप लगाया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन के दौरान नीट-यूजी की परीक्षा के मुद्दे पर राहुल गांधी पर हमला बोला और कहा कि मात्र तीन दिन के बाद नीट की परीक्षा दोबारा संपन्न होने जा रही है। इस विषय को लेकर जहां एक तरफ सभी विद्यार्थी पूर्ण मनोयोग से परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, वहीं सरकार पूरी संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ इस पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संपन्न करने के लिये कमर कसे हुए है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ सरकार संवेदनशीलता के साथ काम करती हुई दिखाई दे रही है, वहीं नेता प्रतिपक्ष कुटिलता का प्रयोग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा, मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि जिस समय विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं, वैसे समय आप उनकी एकाग्रता को भंग करके उनके मन में भय, तनाव और उत्तेजना उत्पन्न करके उन्हें मानसिक यातना क्यों दे रहे हैं। उन्होंने कहा, हमने माना कि आप छात्र जीवन में भी असफल रहे, जिस कंपनी में नौकरी की, वहां भी असफल रहे, कंपनी चलाई वहां भी असफल रहे और नेता के रूप में भी असफल रहे। जो आपके मन में ईष्र्या का भाव है, आज अपनी सफलता के लिए पूर्ण मनोयोग से तैयारी कर रहे विद्यार्थियों पर उसे उतारने का प्रयास न करें।</p>
<p>भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जब दोबारा परीक्षा का निर्णय हो चुका है और न्यायालय भी इस पर संज्ञान ले चुका है, तो आप किस बात की मांग कर रहे हैं? उन्होंने सवाल किया कि आपने इसके लिए राजस्थान को ही क्यों चुना है? उन्होंने कहा, राजस्थान वह राज्य है जहां कांग्रेस के शासन में 19 पेपर लीक हुए हैं। आपकी सरकार ने एक पर भी कार्रवाई नहीं की, जबकि हमारी सरकार आने के बाद 400 लोगों पर कार्रवाई की गई है। ढाई वर्षों में राजस्थान में हमारी सरकार के दौरान एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। आपने कोटा राजस्थान को क्यों चुना है, जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं?</p>
<p>गौरतलब है कि राहुल गांधी ने राजस्थान में कोटा के दशहरा मैदान में बुधवार को 'छात्रों की गूंज' नाम से आयोजित रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पेपर लीक, रद्द हुई परीक्षाओं, भर्ती में देरी और नीट-यूजी जैसी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। त्रिवेदी ने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि ऐसी रिपोर्टें आई हैं कि गेस्ट हाउस और पीजी के मालिकों पर दबाव डाला जा रहा है और उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है ताकि विद्यार्थियों  को राहुल गांधी की रैली में लाया जा सके। परीक्षा से ठीक 72 घंटे पहले ऐसा क्यों किया जा रहा है? उन्होंने कहा, यह कांग्रेस की एक सोची-समझी साज़िश है। इसे ही 'टूलकिट माइंडसेट' कहा जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 19:00:08 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>महाराणा प्रताप जयंती पर शुभकामनाएं: सीएम भजनलाल शर्मा ने दी बधाई, स्वाभिमान और देश सेवा का किया आह्वान</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महाराणा प्रताप जयंती पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने वीर शिरोमणि को महान योद्धा और परम स्वाभिमानी बताते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। सीएम ने युवाओं से मातृभूमि की रक्षा और देश सेवा का संकल्प लेने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajan-lal-sharmas-best-wishes-on-the-birth/article-157177"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/bhajan-lal-sharma-(3).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महाराणा प्रताप जयंती (ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया, 17 जून) के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप महान योद्धा, परम स्वाभिमानी और स्वतंत्रता प्रेमी थे। सत्य, धर्म और राष्ट्रहित के मार्ग पर चलकर महाराणा प्रताप ने मातृभूमि की रक्षा और आत्म गौरव के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उनका जीवन हमें संप्रभुता की रक्षा करना सिखाता है।</p>
<p>उन्होंने प्रदेशवासियों का आह्वान किया है कि वे महाराणा प्रताप के आदर्शों को आत्मसात कर देश सेवा का संकल्प लें, जिससे देश-प्रदेश उन्नति के नए शिखर छू सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 19:02:53 +0530</pubDate>
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                <title>नवाब दादा कायम खां शहीद दिवस पर भव्य सम्मान समारोह, कायम रत्न अवॉर्ड्स से नवाजे गए लोग </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में नवाब दादा कायम खां का 607वां शहीद दिवस गौरव और राष्ट्रभक्ति के साथ मनाया गया। पूर्व सीएम अशोक गहलोत सहित कई दिग्गज नेताओं ने शिरकत की। इस मौके पर शिक्षा, खेल और सैन्य सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाली समाज की महान विभूतियों को प्रतिष्ठित 'कायम रत्न अवॉर्ड्स-2026' से नवाजा गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/grand-felicitation-ceremony-on-nawab-dada-kayam-khan-martyrs-day/article-156970"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/pcc.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर: मौलाना अबुल कलाम आजाद वेलफेयर सोसायटी राजस्थान की ओर से रविवार को कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में  नवाब दादा कायम खां शहीद दिवस एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। राजस्थान वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. खानू खान बुधवाली के नेतृत्व में यह कार्यक्रम नवाब दादा कायम खां की 607वीं शहादत की याद में आयोजित हुआ, जिसमें शौर्य, बलिदान और देशभक्ति की मिसाल पेश करने वाले वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी गई।</p>
<p>कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सीएम अशोक गहलोत शामिल हुए। उन्होंने नवाब दादा कायम खां की वीरता और अमर बलिदान को कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि कायमखानी कौम का इतिहास शौर्य, पराक्रम और अटूट देशभक्ति की मिसाल रहा है। 1965, 1971 के युद्धों से लेकर कारगिल तक इस वीर कौम के जांबाजों ने देश की रक्षा के लिए शहादत दी है। पूरे प्रदेश को इस गौरवशाली अतीत पर नाज है। गहलोत ने सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रभक्ति और नई पीढ़ी को प्रेरणा देने पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एआईसीसी महासचिव एवं राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिक ने की। </p>
<p>पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि कायमखानी एक बहादुर कौम है और सबको इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, सांसद राहुल कस्वां, इमरान मसूद, अशोक चांदना, विधायक रफीक खान, हाकम अली, अमीन कागजी, जाकिर गैसावत सहित अनेक कांग्रेस नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की। समारोह में कायम रत्न अवॉर्ड्स-2026 प्रदान किए गए। शिक्षा, खेल, समाजसेवा, सैन्य सेवा, साहित्य और जनकल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं, वीर चक्र,शौर्य चक्र प्राप्त सैनिकों, अर्जुन पुरस्कार विजेताओं, ओलंपिक खिलाड़ियों तथा दिवंगत मंत्रियों-विधायकों के परिजनों को सम्मानित किया गया। </p>
<p>कार्यक्रम में फातिहा खानी, श्रद्धांजलि, सांस्कृतिक कार्यक्रम और संबोधनों का सिलसिला चला। बुधवाली ने बताया कि यह आयोजन मात्र श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि शहादत की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और सामाजिक एकता का संदेश देने का माध्यम है। हजारों की उपस्थिति में कार्यक्रम ने गंगा-जमुनी तहजीब और राष्ट्रभक्ति की मिसाल पेश की। इस अवसर पर युवाओं को देशसेवा और समाजसेवा के प्रति प्रोत्साहित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 17:29:17 +0530</pubDate>
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                <title>42 वर्षों से संस्कृति की पहचान बनी गुरुदेव की प्रतिमा, स्थापना दिवस पर मूर्तिकार डॉ. सुमहेन्द्र को भावभीनी श्रद्धांजलि</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में रवीन्द्रनाथ ठाकुर की ऐतिहासिक प्रतिमा के स्थापना दिवस पर कलाकारों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। कलावृत्त और त्रिमूर्ति संस्था के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में दो दिवसीय लैंडस्केप शिविर का आयोजन हुआ, जहां वरिष्ठ कलाकारों और विद्यार्थियों ने गुरुदेव की प्रतिमा के ऑन-द-स्पॉट चित्र बनाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/emotional-tribute-to-sculptor-dr-sumhendra-on-the-installation-day/article-156492"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/jaipur.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर की ऐतिहासिक प्रतिमा के स्थापना दिवस पर कला और संस्कृति जगत की हस्तियों ने वरिष्ठ चित्रकार एवं मूर्तिकार डॉ. सुमहेन्द्र को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कलावृत्त एवं त्रिमूर्ति संस्था के संयुक्त तत्वावधान में 9 जून 1982 को स्थापित इस प्रतिमा का लोकार्पण तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर द्वारा किया गया था।</p>
<p>स्थापना दिवस के अवसर पर कलाकारों एवं गणमान्य नागरिकों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर राष्ट्रगान के साथ गुरुदेव को श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम के तहत कलावृत्त द्वारा दो दिवसीय लैंडस्केप शिविर का आयोजन भी किया गया, जिसमें वरिष्ठ कलाकारों और राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट के विद्यार्थियों ने रवीन्द्र मंच एवं गुरुदेव की प्रतिमा के ऑन-द-स्पॉट चित्र उकेरे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 18:02:38 +0530</pubDate>
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                <title>अशोक गहलोत का बड़ा बयान, बोले कल्ला की प्रतिमा के धराशायी होने से लोगों की भावनाएं आहत</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर के पहले कोतवाल फतेहराज कल्ला की प्रतिमा धराशायी होने पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इसे स्थानीय भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए प्रशासन से मांग की है कि उनकी याद को चिरस्थायी रखने के लिए पूरे सम्मान के साथ वहां पुनः नई भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ashok-gehlots-big-statement-said-that-peoples-sentiments-are-hurt/article-156242"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ashok-ggehlot.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर के पहले कोतवाल रहे फतेहराज कल्ला की स्मृति में प्रतापनगर सदर पुलिस थाने में लगी उनकी प्रतिमा के धराशायी हो जाने की खबर को दिल दुखाने वाली बताते हुए कहा है कि इससे स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। गहलोत ने अपने बयान में कहा कि यह दिल दुखाने वाली खबर है कि जोधपुर के पहले कोतवाल रहे फतेहराज कल्ला की स्मृति में प्रतापनगर सदर पुलिस थाने में लगी प्रतिमा धाराशायी हो गई है।</p>
<p>कल्ला जोधपुर की वरिष्ठ नेता, कई बार की विधायक सूर्यकांता व्यास जीजी के पिता थे और उनकी एक विशिष्ट पहचान थी। उन्होंने कहा कि प्रशासन को उनकी याद को चिरस्थाई बनाए रखने के लिए शानदार प्रतिमा का निर्माण कराकर पूरे सम्मान से पुनः स्थापित करना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 12:36:03 +0530</pubDate>
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                <title>मलयालम सिनेमा को बड़ा झटका: राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता सलीम कुमार का 56 वर्ष की उम्र में निधन, मुख्यमंत्री सतीसन ने जताया शोक </title>
                                    <description><![CDATA[दिग्गज मलयालम अभिनेता और हास्य कलाकार सलीम कुमार का 56 वर्ष की आयु में कोच्चि में निधन हो गया। करीब 300 फिल्मों में काम करने वाले सलीम कुमार को फिल्म 'अदामिन्ते मकान अबू' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। मुख्यमंत्री वी. डी. सतीसन सहित सिनेमा जगत ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/malayalam-actor-salim-kumar-died-due-to-fever-and-difficulty/article-156249"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/salim-kumar.png" alt=""></a><br /><p>कोच्चि। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता मलयालम अभिनेता सलीम कुमार का शनिवार देर रात यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 56 वर्ष थे। अमृता हॉस्पिटल के मेडिकल बुलेटिन के अनुसार सलीम कुमार को कल बुखार और सांस लेने में तकलीफ एवं अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका गहन इलाज के बावजूद दिल का दौरा पड़ने से देर रात 10.43 बजे निधन हो गया। उनके परिवार में उनकी पत्नी सुनीता और दो बेटे, चंदू और आरोमल हैं। उनके पार्थिव शरीर को रविवार सुबह से अंतिम संस्कार से पहले लोगों के श्रद्धांजलि देने के लिए पारवूर टाउन हॉल में रखा जाएगा।</p>
<p>10 अक्टूबर 1969 को एर्नाकुलम जिले के चिट्टट्टुकरा में गंगाधरन और कौशल्या के घर जन्मे सलीम कुमार ने मिमिक्री और स्टेज परफॉर्मेंस की दुनिया से मलयालम सिनेमा के सबसे सम्मानित अभिनेताओं में से एक बनने तक का सफर तय किया। सलीम कुमार ने 'इष्टमानु नूरु वट्टम' से फिल्मों में पर्दापण किया, लेकिन साल 2000 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'थेनकासीपट्टनम' ने उनके करियर को बदल दिया। उनके अनोखे कॉमिक अंदाज़ और बेहतरीन टाइमिंग ने उन्हें मलयालम सिनेमा के सबसे पसंदीदा कॉमेडियन्स में से एक बना दिया। लगभग तीन दशकों के अपने करियर में, उन्होंने करीब 300 फ़िल्मों में काम किया और ‘कल्याणरमन’, ‘सीआईडी मूसा’, ‘मीशा माधवन’, ‘मायावी’, ‘तिलक्कम’, ‘पुलिवल कल्याणम’, ‘चथिकथा चंथु’ और ‘चेस’ जैसी फ़िल्मों में यादगार अभिनय किया। उन्होंने तमिल और ओडिया फ़िल्मों में भी काम किया।</p>
<p>शुरुआत में कॉमेडी से दर्शकों का दिल जीतने वाले सलीम कुमार ने बाद में खुद को एक ऐसे दमदार अभिनेता के तौर पर स्थापित किया जो जटिल और भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण भूमिकाएँ निभाने में सक्षम थे। ‘पेरुमझाक्कलम’, ‘अचनुरंगथा वीडु’, ‘ग्रामोफोन’ और ‘अदामिन्ते मकान अबू’ में उनके बेहतरीन अभिनय ने उन्हें मलयालम सिनेमा के सबसे अच्छे कलाकारों में से एक के तौर पर बड़ी पहचान दिलाई। ‘अदामिन्ते मकान अबू’ में अबू के किरदार के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार मिला; यह एक बड़ी उपलब्धि थी जिसने भारत के सबसे बेहतरीन अभिनेताओं में उनकी जगह पक्की कर दी।</p>
<p>केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीसन ने रविवार को दिग्गज मलयालम अभिनेता सलीम कुमार के निधन पर शोक व्यक्त किया है। श्री सतीसन ने एक भावपूर्ण संदेश में कहा कि सलीम कुमार लोगों को हंसाने वाले व्यक्ति से कहीं बढ़कर थे। उन्होंने कहा, "उनका मेरे साथ गहरा भावनात्मक जुड़ाव था और वे हमारी धरती के लिए गर्व का स्रोत थे।" उन्होंने अभिनेता की मजबूत राजनीतिक सोच को याद करते हुए कहा कि सलीम कुमार ने अपनी बात खुलकर कहने में कभी संकोच नहीं किया और व्यक्तिगत नुकसान की परवाह किए बिना अपने रुख पर अडिग रहे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अभिनेता ने साहसपूर्वक खुद को कांग्रेस समर्थक के तौर पर पेश किया और सार्वजनिक रूप से अपनी राजनीतिक राय व्यक्त करने से कभी नहीं डरे। सतीसन ने अपने चुनाव अभियानों में सलीम कुमार की सक्रिय भागीदारी को भी याद किया। उन्होंने बताया कि अभिनेता चुनाव समिति के कार्यालयों का उद्घाटन करने पर जोर देते थे और पार्टी की जीत पर परिवार के सदस्य की तरह खुश होते थे। सतीसन ने कहा, "वे अपने एक हाव-भाव से लोगों को हंसा सकते थे और दूसरे से उनकी आंखों में आंसू ला सकते थे।" उन्होंने कहा कि मलयालम सिनेमा ने एक असाधारण प्रतिभा को खो दिया है, जबकि उन्होंने एक प्रिय साथी को खो दिया है। उन्होंने दिवंगत अभिनेता के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें श्रद्धांजलि दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 12:01:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>साहित्य जगत में शोक की लहर: मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र का निधन ; डिमेंशिया से थे पीड़ित, जानें कैसा रहा उनका जीवन?</title>
                                    <description><![CDATA[मोहब्बत और तन्हाई को खूबसूरत अल्फाज देने वाले प्रख्यात शायर डॉ. बशीर बद्र का बक़रीद के दिन 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से डिमेंशिया से पीड़ित थे। उनके जाने से साहित्य जगत में शोक की लहर है, लेकिन उनकी गजलें उर्दू अदब का गौरव बनी रहेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/wave-of-mourning-in-the-literary-world-famous-poet-dr/article-155275"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bashir.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। मोहब्बत, तन्हाई और जिंदगी को अपने अल्फाजों में नई पहचान देने वाले मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र का बकरीद के दिन 91 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने अपने घर पर ही आखिरी सांस ली। उनके निधन की खबर से साहित्य जगत में शो की लहर छा गई पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, वे काफी लंबे समय से डिमेंशिया से पीड़ित थे। लंबी बीमारी के कारण हालत ये हो गई थी कि वे अपने करीबियों और परिचितों को पहचान भी नहीं पा रहे थे। बशीर बद्र ने उर्दू साहित्य को नई ऊंचाई दी और यही कारण है कि उनकी गजलें सिर्फ मुशायरों तक सीमित नहीं रहीं। </p>
<p><img src="https://images.bhaskarassets.com/web2images/521/2021/01/07/bashirbadr26613968835x547-m_1609959067.jpg" alt="When Dr. Bashir Badr, a Padmashree poet of Bhopal wrote his PhD thesis, 87  lions of his own were included in it."></img></p>
<p>डॉ. बशीर बद्र (असल नाम सय्यद मुहम्मद बशीर) 15 फरवरी 1935 को कानपुर में पैदा हुए। उत्तर प्रदेश में उनका पैतृक स्थान फ़ैज़ाबाद ज़िले का मौज़ा बक़िया है। उनका वास्तविक नाम सैय्यद मोहम्मद बशीर था। उनके पिता सैय्यद मोहम्मद नजीर पुलिस विभाग में कार्यरत थे। प्रारंभिक शिक्षा कानपुर और इटावा में हुई। हाई स्कूल के बाद पिता के निधन के कारण उनकी पढ़ाई बाधित हो गई और उन्हें कम उम्र में ही 85 रुपए मासिक पर पुलिस विभाग में नौकरी करनी पड़ी। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच भी उन्होंने शिक्षा और साहित्य से अपना संबंध नहीं टूटने दिया।</p>
<p><img src="https://static.abplive.com/wp-content/uploads/sites/2/2021/01/06043521/basirbadra.jpg" alt="Urdu poet Bashir Badr received his PHD degree at the age of 85 | अज़ीम शायर बशीर  बद्र को 47 साल बाद मिली PHD की डिग्री"></img></p>
<p>बचपन से ही उन्हें शायरी का शौक था। सातवीं कक्षा में उनकी पहली गजल प्रतिष्ठित पत्रिका ‘निगार’ में प्रकाशित हुई थी। युवावस्था तक पहुंचते-पहुंचते उनकी गजलें भारत और पाकिस्तान की साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशित होने लगीं। बाद में उन्होंने फिर से पढ़ाई शुरू की और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से स्नातक, स्नातकोत्तर तथा पीएचडी की उपाधियां प्राप्त कीं। उनका शोध विषय ‘आजादी के बाद उर्दू गजल का आलोचनात्मक अध्ययन’ था।</p>
<p><img src="https://staticimg.amarujala.com/assets/images/2017/06/11/bashir-badr_1497170073.jpeg?w=750&amp;dpr=1.0" alt="Padmshri Dr Bashir Badr; A Most Popular Shayer - Amar Ujala Kavya -  पद्मश्री डॉ. बशीर बद्र:सिर्फ़ शायर ही नहीं एक नज़रिया भी हैं..."></img></p>
<p>वर्ष 1967 में उन्होंने पुलिस सेवा छोड़ दी और साहित्य तथा शिक्षण को अपना जीवन समर्पित कर दिया। वर्ष 1974 में पीएचडी पूरी करने के बाद वे मेरठ विश्वविद्यालय से संबद्ध मेरठ कॉलेज में उर्दू विभाग में व्याख्याता नियुक्त हुए। वर्ष 1974 से 1990 के बीच उनकी शायरी ने नई ऊंचाइयां हासिल कीं और वे देश-विदेश के मुशायरों में लोकप्रिय शायर बन गए। डॉ. बशीर बद्र ने उर्दू गजल को पारंपरिक फारसी और अरबी प्रभाव से निकालकर बोलचाल की भाषा से जोड़ा। उन्होंने गजल में ऐसे शब्दों और अनुभवों को शामिल किया, जिन्हें पहले उर्दू शायरी का हिस्सा नहीं माना जाता था। उनकी शायरी में गांव की मिट्टी की खुशबू भी है और शहर की जिंदगी की तल्ख सच्चाइयां भी।</p>
<p><img src="https://resize.indiatv.in/resize/newbucket/1200_-/2026/05/bashir-badr-1779961586.webp" alt="मशहूर शायर बशीर बद्र का निधन, 91 की उम्र में कहा दुनिया को अलविदा, आखिरी  दिनों में भूल गए थे खुद के शेर - India TV Hindi"></img></p>
<p>उनकी गजलें मोहब्बत, दर्द, अकेलेपन, रिश्तों और बदलते समाज की संवेदनाओं को बेहद सहज ढंग से प्रस्तुत करती हैं। उनके कई शेर आज भी लोगों की जुबां पर हैं। ‘उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए’ और ‘लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में, तुम तरस नहीं खाते बस्तियां जलाने में’ जैसे शेर उन्हें आम जनमानस से जोड़ते हैं।</p>
<p><img src="https://images.bhaskarassets.com/thumb/1200x900/web2images/521/2020/11/24/orig_35_1606165508.jpg" alt="Bashir Badr no longer recognizes even his wife, Iarshad-Irshad is said when  someone misses a Mushaira."></img></p>
<p>वर्ष 1987 के मेरठ दंगों में उनका घर जल गया था। इसके बाद वे भोपाल आकर बस गए। उन्होंने बाद में डॉ. राहत सुल्तान से विवाह किया। बढ़ती उम्र के साथ उनकी स्मरण शक्ति कमजोर होती गई और वे लंबे समय से डिमेंशिया बीमारी से पीड़ित थे। डॉ. बशीर बद्र को साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित अनेक सम्मान प्राप्त हुए। भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया। उनके प्रमुख गजल संग्रहों में ‘इकाई’, ‘इमेज’, ‘आमद’, ‘आस’, ‘आसमान’ और ‘आहट’ शामिल हैं। उर्दू गजल में नए प्रयोगों, सरल भाषा और मानवीय संवेदनाओं के कारण डॉ. बशीर बद्र को आधुनिक उर्दू शायरी का महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता है। उनकी शायरी आने वाली पीढ़ियों को भी लंबे समय तक प्रेरित करती रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 14:59:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पिता धर्मेंद्र को मिला Padma Awards तो भावुक हुई बेटी अहाना, हेमा मालिनी के भी निकले आंसू, जानें सम्मानित होने वाली हस्तियां कौन-कौन? </title>
                                    <description><![CDATA[दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उनकी पत्नी हेमा मालिनी ने यह सम्मान ग्रहण किया। इस भावुक क्षण में हेमा और बेटी अहाना की आंखें नम हो गईं। सिनेमा में छह दशकों तक राज करने वाले धर्मेंद्र का निधन नवंबर 2025 में हुआ था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/trending-today/when-father-dharmendra-got-padma-awards-daughter-ahana-got-emotional/article-154987"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/dharmendra.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता रहे धर्मेंद्र को मरणोपरांत देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह में उनकी पत्नी और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने यह सम्मान ग्रहण किया। इस दौरान उनकी बेटी अहाना देओल भी मौजूद रहीं। समारोह में जैसे ही धर्मेंद्र के नाम की घोषणा हुई तो माहौल भावुक हो गया। मंच पर पहुंचीं हेमा मालिनी की आंखें नम दिखाई दीं, वहीं सभागार में बैठीं अहाना भी अपने आंसुओं को नहीं रोक सकीं। इस भावुक पल के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।</p>
<p>अभिनेता धर्मेंद्र ने करीब छह दशकों तक हिंदी सिनेमा में अपनी शानदार अभिनय यात्रा से करोड़ों दर्शकों के दिलों पर राज किया। ‘शोले’, ‘मेरा गांव मेरा देश’, ‘चरस’ और ‘अपने’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को आज भी याद किया जाता है। गौरतलब है कि नवंबर 2025 में 89 वर्ष की उम्र में धर्मेंद्र का निधन हो गया था। उनके जाने को हिंदी फिल्म उद्योग के एक स्वर्णिम दौर का अंत माना गया। इस वर्ष केंद्र सरकार ने कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                            <category>Trending Today</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 17:52:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि: सोनिया, खरगे, राहुल और प्रियंका ने दी श्रद्वाजंलि, खड़गे ने कहा- देश को 21वीं सदी की ओर अग्रसर करने की रखी मजबूत नींव </title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने 'वीर भूमि' जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। खड़गे ने उन्हें 21वीं सदी के आधुनिक भारत का निर्माता बताया, वहीं राहुल गांधी ने उनके कुशल, समृद्ध और मजबूत भारत के सपने को साकार करने का संकल्प दोहराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/sonia-kharge-rahul-priyanka-paid-tribute-to-rajiv-gandhi-on/article-154516"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rajiv-gandhi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी तथा पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर गुरुवार को यहाँ उनके समाधि स्थल वीर भूमि जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वीर भूमि पर इस दौरान राजीव गांधी की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष ने भारत के निर्माण के लिए राजीव गांधी के एक उद्दरण को सोशल मीडिया एक्स पर पेश करते हुए लिखा, 'भारत एक प्राचीन देश है, लेकिन एक युवा राष्ट्र है। मैं ऐसे भारत का सपना देखता हूं—मजबूत, स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और विश्व के अग्रणी देशों की पंक्ति में खड़ा, जो मानवता की सेवा करे।' खरगे ने कहा "भारत रत्न राजीव गांधी ने दूरदृष्टि, साहस और भारत के भविष्य में गहरी आस्था के साथ देश को 21वीं सदी की ओर अग्रसर करने की मजबूत नींव रखी। उनके कार्यकाल में मतदान की आयु 18 वर्ष करना, पंचायती राज के माध्यम से स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाना, दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति की शुरुआत, कंप्यूटरीकरण को बढ़ावा, महत्वपूर्ण शांति समझौते, सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम तथा समावेशी शिक्षा नीति जैसी कई परिवर्तनकारी पहलें की गईं। उनकी विरासत आज भी आधुनिक भारत को दिशा दे रही है और नई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।"</p>
<p>राहुल गांधी ने भी एक पोस्ट में पूर्व प्रधानमंत्री को याद करते हुए लिखा "पापा, आपने जिस कुशल, समृद्ध और मजबूत भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की जिम्मेदारी मैं पूरी करूंगा। आपकी सीख, आपके संस्कार और आपकी यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 11:58:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बिहार में मंत्रीमंडल विस्तार: पढ़ें नीतिश कुमार के बेटे निशांत के बारे में सबकुछ!</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार की राजनीति में नए युग की शुरुआत हुई जब निशांत कुमार ने पहली बार मंत्री पद की शपथ ली। सॉफ्टवेयर इंजीनियर से राजनेता बने निशांत को नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है। उनकी यह पारी जदयू में नई पीढ़ी के नेतृत्व और भविष्य की रणनीति का संकेत है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/cabinet-detail-in-bihar-read-everything-about-nitish-kumars-son/article-153031"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/nitish.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने बिहार सरकार में पहली बार मंत्री पद की शपथ लेकर अपने सियासी सफर की शानदार शुरुआत की। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित समारोह में निशांत कुमार ने जनता दल यूनाइटेड (जदयू) कोटे से मंत्री पद की शपथ ली। निशांत कुमार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पटना के सेंट कैरेंस स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने मानव भारती इंटरनेशनल स्कूल, मसूरी में अध्ययन किया तथा बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी,मेसरा से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। </p>
<p><img src="https://resize.indiatv.in/resize/newbucket/1200_-/2026/05/nishant-kumar-1-1778134874.webp" alt="बिहार में सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का हुआ विस्तार, जानें कौन-कौन पहली बार  बना मंत्री - India TV Hindi"></img></p>
<p>निशांत कुमार की माता मंजू सिन्हा का वर्ष 2007 में निधन हो गया था। उस समय उन्होंने स्पष्ट कहा था कि उनकी राजनीति में कोई रुचि नहीं है और वे आध्यात्मिक जीवन जीना चाहते हैं। लंबे समय तक वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में कम ही दिखाई दिए। हालांकि वर्ष 2024 के बाद उन्होंने अपने पिता के साथ कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेना शुरू किया।</p>
<p><img src="https://images.tv9hindi.com/wp-content/uploads/2026/05/nishant-kumar.jpeg" alt="बिहार में मंत्रिमंडल का विस्तार, सम्राट की सेना में किस जाति के कितने  मंत्री? | Samrat Choudhary cabinet expansion oath ceremony Nishant kumar  mangal pandey caste equation BJP JDU HAM"></img></p>
<p>वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले भी वे कई बार मीडिया के सामने आए और लोगों से अपील की थी कि वे नीतीश कुमार को समर्थन दें। इसी वर्ष आठ मार्च को उन्होंने औपचारिक रूप से जनता दल यूनाइटेड की सदस्यता ग्रहण की। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद निशांत कुमार ने सक्रिय राजनीति में कदम बढ़ाया और हाल ही में पश्चिमी चंपारण से ‘सद्भाव यात्रा’ की शुरुआत की।</p>
<p><img src="https://images.newsarenaindia.com/nishant-nitish-kumar-naijpg_1772531432553.jpg" alt="Bihar CM Nitish Kumar's son Nishant set for political debut"></img></p>
<p>राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही कि निशांत कुमार शुरुआत में सरकार में शामिल होने को लेकर इच्छुक नहीं थे, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के समझाने के बाद वे मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए तैयार हुए।</p>
<p><img src="https://img.etimg.com/thumb/width-1600,height-900,imgsize-2511225,resizemode-75,msid-130738867/news/politics-and-nation/jdus-nishant-kumar-embarks-on-his-first-political-yatra-in-bihar.jpg" alt="JDU's Nishant Kumar embarks on his first political yatra in Bihar - The  Economic Times"></img></p>
<p>निशांत कुमार के मंत्रिमंडल में शामिल होने को जदयू में नई पीढ़ी की एंट्री और पार्टी के भविष्य की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उन्हें नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में तैयार किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 18:26:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>राष्ट्रकवि दिनकर की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया नमन, बोले-उनकी रचनाएं समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सत्य के मार्ग पर चलने की देती है प्रेरणा</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' को उनकी पुण्यतिथि पर नमन किया। उन्होंने दिनकर जी को 'समय का सूर्य' बताते हुए कहा कि उनकी ओजस्वी रचनाएं अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और राष्ट्रवाद की अलख जगाने की प्रेरणा देती हैं। युवाओं के लिए उनकी लेखनी आज भी मार्गदर्शक और ऊर्जा का स्रोत है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajan-lal-sharma-paid-tribute-to-national-poet/article-151560"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/cm-bhajan-lal-lharma.png-1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने हिंदी साहित्य के महान कवि और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि दिनकर जी हिंदी साहित्य के देदीप्यमान नक्षत्र थे, जिनकी ओजस्वी वाणी ने जन-जन में राष्ट्रवाद की भावना जागृत की। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि पद्म भूषण से सम्मानित दिनकर जी को ‘समय के सूर्य’ के रूप में जाना जाता है। उनकी रचनाएं आज भी समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। </p>
<p>उन्होंने कहा कि दिनकर जी का साहित्य केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की चेतना का सशक्त माध्यम है। शर्मा ने आगे कहा कि वर्तमान समय में भी दिनकर जी की कविताएं युवाओं के लिए मार्गदर्शक का कार्य कर रही हैं। उनकी लेखनी में निहित राष्ट्रभक्ति, साहस और संघर्ष की भावना समाज को नई ऊर्जा प्रदान करती है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे दिनकर जी के आदर्शों को आत्मसात करें और एक सशक्त, जागरूक एवं समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 13:28:28 +0530</pubDate>
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                <title>आशा भोसले के निधन पर सोनिया गांधी ने जताया शोक : परिजनों को लिखा भावुक पत्र; कहा-भारतीय संगीत का स्वर्णिम युग समाप्त, रविवार को ब्रीच कैंडी अस्पताल में ली थी अंतिम सांस</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सुरों की मलिका आशा भोसले के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने उनके पुत्रों, आनंद और हेमंत भोसले को लिखे पत्र में आशा जी को एक "राष्ट्रीय धरोहर" बताया। सोनिया गांधी ने कहा कि उनकी बहुमुखी आवाज़ ने सात दशकों तक करोड़ों दिलों को छुआ है और उनके जाने से भारतीय संगीत का एक स्वर्णिम युग समाप्त हो गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/sonia-gandhi-expressed-grief-over-the-demise-of-asha-bhosle/article-150423"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/sonia-gandhi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मशहूर पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके परिजनों को एक भावुक शोक पत्र लिखा है। सोनिया गांधी ने आशा भोसले के बेटे आनंद और हेमंत भोसले को संबोधित पत्र में कहा कि आशा भोसले के निधन के साथ भारतीय संगीत का एक स्वर्णिम युग समाप्त हो गया है। उन्होंने आशा जी को एक महान कलाकार, प्रतीक और करोड़ों लोगों को अपनी आवाज़ से खुशी देने वाली हस्ती बताया। पत्र में उनकी बहुमुखी प्रतिभा का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने शास्त्रीय, लोक और पॉप संगीत में अपनी अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने लिखा कि आशा भोसले की आवाज़ और उनका संगीत हमेशा जीवित रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।</p>
<p>उन्होंने उन्हें "राष्ट्रीय धरोहर" बताते हुए कहा कि देशभर के संगीत प्रेमी उनके निधन से शोकाकुल हैं। पत्र में आगे उन्होंने परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में उनके विचार और प्रार्थनाएं परिवार के साथ हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान हो। गौरतलब है कि मशहूर गायिका आशा भोंसले ने रविवार को 92 वर्ष की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 17:41:13 +0530</pubDate>
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