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                <title> दैनिक नवज्योति कार्यालय में रंगोली बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन, रंगों की भाषा में बोली छात्राओं की कला</title>
                                    <description><![CDATA[दीपावली थीम पर दैनिक नवज्योति कार्यालय में रंगोली बनाओ प्रतियोगिता आयोजित। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/students--art-spoke-in-the-language-of-colors/article-130016"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/8899.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। रंगोली, भारतीय लोक परंपरा की एक प्राचीन कला है, जो आज भी घरों, मंदिरों और सामाजिक आयोजनों में प्रमुखता से स्थान रखती है। दीपावली के पावन अवसर पर दैनिक नवज्योति कार्यालय में रंगोली बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता और कलात्मक प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में राजकीय कन्या कला महाविद्यालय एवं राजकीय विधि महाविद्यालय की छात्राओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने दीपावली थीम पर रंगोली बनाते हुए पारंपरिक लोक कला और आधुनिक शैलियों का संगम प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में राजकीय विधि महाविद्यालय की छात्रा हिमांशी अग्रवाल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में कुल पांच छात्राएं विजेता रही।</p>
<p><strong>प्रतियोगिता का परिणाम</strong><br />प्रतियोगिता में राजकीय विधि महाविद्यालय की एलएलबी तृतीय वर्ष  की छात्रा  हिमांगी अग्रवाल  को प्रथम पुरस्कार, राजकीय कन्या कला महाविद्यालय की बीए तृतीय वर्ष की छात्रा भूमिका वैष्णव को द्वितीय पुरस्कार और  एमए की छात्रा द्रोपती लोधा ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया है । वहीं, सांत्वना पुरस्कार राजकीय कन्या कला महाविद्यालय की बीए प्रथम वर्ष  की छात्राएं जाह्नवी शर्मा एवं अंजू देवी ने प्राप्त किया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Oct 2025 13:03:03 +0530</pubDate>
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                <title>जेकेके की जाजम पर लोकगीतों की रसधार</title>
                                    <description><![CDATA[ ममता सपेरा ने खड़ताल, भपंग और मोरचंग पर अपनी कला के जौहर दिखाए। खेतों में मजूरी करने वाली कमला ने फिल्मी गीतों को माधुर्य के साथ गाया तो सब ठिठक कर रह गए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/folk-songs-on-jkk-s-carpet/article-50538"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/deepak-2.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हनीफा, कमला, ममता, मेवा और प्रेमकंवर आलाप लेती हैं और मीठे लोक गीतों की झड़ी लगा देती है। मौका था शुक्रवार को जवाहर कला केंद्र में जयपुर विरासत फाउंडेशन के कार्यक्रम, मैं जो करती, क्यूं करती का। यह इस रूप में अलग तरह का कार्यक्रम था कि इसमें प्रदेश के सुदूर इलाकों में मजूरी करने वाली आम महिलाओं को गायन, वादन और नृत्य के लिए उतारा गया था। मांगणियार हनीफा के साथ नन्हा सरूप है। पति को गुजरे दो साल हुए। मकान बनाने का काम कर गुजर कर रही हैं लेकिन लोकगायन भी करती हैं। ममता सपेरा ने खड़ताल, भपंग और मोरचंग पर अपनी कला के जौहर दिखाए। खेतों में मजूरी करने वाली कमला ने फिल्मी गीतों को माधुर्य के साथ गाया तो सब ठिठक कर रह गए। सपेरा परिवार की मेवा वैसे तो कसीदाकारी करती है, लेकिन उसने कालबेलिया नृत्य करके सबको मोह लिया। उसका गाया कांगसियो कमाल था। प्रेम कंवर ने सैणां रा बायरिया मांड गाया और लोगों के दिलों में उतरता गया। इस दौरान जीवन की यादों जैसे बचपन, दोस्ती, परिवार एवं प्यार आदि को संगीत और रंगमंच के जरिए एक अनोखी प्रस्तुति पेश की गई। कार्यक्रम का उदेश्य नारित्व और उनकी कलात्मक पहचान का उत्सव मनाना था। कार्यक्रम में काव्यात्मक अनुभव के जरिए महिलाओं को एक अनोखे परिप्रेक्ष्य में दिखाने का प्रयास किया गया। इस सुंदर शाम में आखिर में ममता ने एक आरजू रखी कि काश हम कालबेलियों का भी एक गांव होता! कार्यक्रम का निर्देशन सुप्रिया और सुरुचि ने किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Jul 2023 11:14:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>पंजाबी नाटक सबसे बड़ा रुपैया का जोरदार मंचन</title>
                                    <description><![CDATA[कर्मयोगी सरदार गुरुप्रीत सिंह को समर्पित इस नाट्य संध्या में जयपुर थिएटर के करीब दो दर्जन कलाकारों ने पहली बार पंजाबी भाषा में नाटक खेला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/punjabi-drama-sabse-bada-rupaiya-in-jaipur/article-46178"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/शीर्षक-रहित-(630-×-400-px)-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>पीपुल्स मीडिया थियेटर के बैनर तले दो दिवसीय भाषाई नाट्य समारोह में पहले दिन पंजाबी नाटक सबसे बड़ा रुपैया  का जोरदार मंचन हुआ। जवाहर कला केंद्र के रंगायन सभागार में मशहूर अफसानानिगार कृष्ण चंद्र की कहानी पर आधारित इस नाटक का निर्देशन वरिष्ठ निर्देशक अशोक राही ने और पंजाबी अनुवाद सुषमा नरूला ने किया है।<br /><br />कर्मयोगी सरदार गुरुप्रीत सिंह को समर्पित इस नाट्य संध्या में जयपुर थिएटर के करीब दो दर्जन कलाकारों ने पहली बार पंजाबी भाषा में नाटक खेला। सबसे बड़ा रुपैया एक घमंडी पैसे वाले फकीरचंद की दास्तान है जो सट्टे, चोरबाजारी से करोड़ों रुपया कमाता है और अपनी जिद में अपने पुराने दोस्त त्रिपाठी से एक अजीबोगरीब शर्त लगा बैठता है कि जो उससे 50 जूते खाएगा उसे वह 10,000 इनाम देगा। पहले तो लोग नहीं आते पर धीरे-धीरे हजारों लोगों की भीड़ जुट जाती है और अपनी जिद में अपने सारे पैसे गंवा बैठता है। नाटक में चुटीले संवादों के माध्यम से समाज के गिरते नैतिक मूल्यों पर गहरा तंज़ किया गया।<br /><br />इस शो में राहुल शर्मा, दीक्षाक शर्मा, अभिषेक कुमार,अंशु कटारिया ,सत्येंद्र सिंह ,अक्षत शर्मा, गौरव ,अतुल गुप्ता, संजय  महावर, जितेश सहारण ,केशव सिंह, पीयूष शर्मा, प्रेरणा , रजत शर्मा, रिया  पंवार कृष्ण कुमार, सौरभ सहित करीब दो दर्जन युवा कलाकारों ने भाग लिया। नाटक के सह निर्देशक नितिन सैनी ,रूप सज्जाकार रवि बांका और प्रकाश संयोजन चारु भाटिया का था। नाटक से पूर्व खास मेहमानों ने कर्मयोगी सरदार गुरुप्रीत सिंह की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। उनके मित्र करीबी मित्र केएल सैनी, डॉक्टर तीरथ सिंह और विजय तिवारी ने सरदार गुरुप्रीत सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा की। इस आयोजन में उनके परिजन और मित्रों सहित अनेक पंजाबी भाषी लोग मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 May 2023 12:11:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वरिष्ठ कलाकारों को देखकर युवा कलाकारों ने सीखी रंग और रूपाकार रचने की रीति</title>
                                    <description><![CDATA[कलाकार संदीप मेघवाल ने कैनवास पर फोक फ्यूजन तैयार किया है। इस पेन्टिंग में संदीप को जो ट्रायबल एलीमेंट प्रभावित करते हैं उनको अपने सृजन का माध्यम बनाया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/seeing-senior-artists-young-artists-learned-how-to-create-color/article-40267"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/site-photo-size-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान यूनिवर्सिटी के वीजुअल आर्ट डिपार्टमेंट और ललित कला अकादमी, नई दिल्ली के तत्वावधान में कैम्पस में चल रहे नेशनल आर्टिस्ट कैंप में शनिवार को कला के सीखन और सिखाने का दौर चला। इस मौके पर तीन वरिष्ठ कलाकारों आंध्रप्रदेश के एस. विजय कुमार, उदयपुर के संदीप कुमार मेघवाल और लखनउ के उमेन्द्र प्रताप सिंह ने कैंप में आए युवा कलाकारों और विजुअल आर्ट के स्टूडेंट्स को कैनवास पर पेन्टिंग बनाने की सही रीति के साथ रंग और रूपाकारों को सुनियोजित कैसे किया जाए जैसी बातें समझाईं जिसे देख सुनकर प्रतिभागियों ने भी कैनवास पर अपनी अपनी कल्पनाओं के रंग भरे। शाम को भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी और चाइल्ड राइट्स डिपार्टमेंट की कमिश्नर अनुप्रेरणा सिंह कुंतल ने कैंप में आए कलाकारों को प्रमाण पत्र प्रदान किए साथ ही कैंप में बनी कलाकृतियों का अवलोकन भी किया। डिपार्टमेंट ऑफ वीजुअल आर्ट के हैड रजत पंडेल और कैंप के समन्वयक सुमित सेन ने अनुप्रेरणा कुन्तल का डिपार्टमेंट की ओर से अभिनंदन किया।</p>
<p><strong>15 कलाकार मशगूल हैं रंगों को कैनवास पर सजाने में</strong><br />कैंप के मीडिया प्रभारी कमलेश व्यास ने बताया कि कैंप में जयपुर सहित देश के 15 वरिष्ठ और युवा कलाकार इन दिनों अपनी अपनी अनुभूतियों के रंगों को कैनवास पर सजाने में मशगूल हैं। कैंप का समापन रविवार को होगा। ये कलाकार पिछले पांच दिन से यहां एक्रेलिक, ऑयल, चारकोल से लेकर मिक्स्ड मीडिया में तरह तरह की की पेन्टिंग्स के माध्यम से अपने कलात्मक हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं जिसे बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स और कला प्रेमी लुत्फ उठा रहे हैं। कहीं कैनवास पर म्यूरल के भाव नजर आ रहे हैं, किसी कलाकार ने कोरोना में व्याप्त भय और उसके बाद छा रही खुशहाली को अपने सृजन का माध्यम बनाया है तो किसी ने प्रकृति की उर्जा और उसके प्रवाह को कैनवास पर जीवंत किया है। कैंप के मीडिया प्रभारी कमलेश व्यास ने बताया कि इस कैम्प में राजस्थान के जयपुर सहित दिल्ली, उड़ीसा, कोलकता, लखनउ और तेलंगाना के आर्टिस्ट आए हुए हैं। कमलेश ने बताया कि युवा कलाकारों को देश के विभिन्न हिस्सों से आए वरिष्ठ कलाकारों की कला के भिन्न भिन्न आयामों को देखकर बारीकियां सीखने का मौका मिले, इसी उद्देश्य से कैंप का आयोजन किया जा रहा है।<br /> <br /><strong>कोरोना की भयावहता का प्रतीक हैं ‘टीथ ऑफ गॉड’<br /></strong>सीनियर आर्टिस्ट सुमित सेन ने कोरोना में परिवेश में छायी भयावहता और उसके बाद धीरे धीरे नॉर्मल होती जा रही ज़िंदगी के रंगों को अपने सृजन का माध्यम बनाया है। इस क्रिएशन को सुमित ने ‘टीथ ऑफ गॉड’ नाम दिया है। कैनवास के मध्यम में उन्होंने कोरोना को प्रकृति का कहर मानते हुए दांत निकालकर क्रूर हंसी हंस रही आकृति को बनाया और उसके ठीक नीचे मास्क को रखा है। सुमित का मानना है कि इतने विध्वंस के बाद भी मनुष्य ने अपनी कुशलता से इसका सामना किया। उन्होंने इस पेन्टिंग के बॉर्डर पर फिर से नॉर्मल होती जा रही दुनिया की हलचल के छोटे छोटे रूपाकार बनाकर इसे अनूठा रूप दिया है।<br /> <br /><strong>चार दोस्तों का सेलीब्रेशन<br /></strong>सीनियर आर्टिस्ट तीर्थंकर बिस्वास का सृजन भी देखन योग्य है उन्होंने शाम के साये में मस्ती के मूड में बैठे चार मित्रों की आकृतियों को कलात्मक अंदाज में उकेरा है। इस पेन्टिंग में बेपरवाह बैठे चार मित्र हैं और उनके इर्द-गिर्द बेतरतीब पड़े बर्तन और अन्य सामग्री उनके मस्ती के अंदाज में बयां कर रही है।<br /> <br /><strong>इनफ्लक्स ऑफ नेचर यानि प्रकृति का प्रवाह<br /></strong>दिल्ली में रहकर कला साधना कर रहे झारखण्ड के दिनेश कुमार राम ‘इनफ्लक्स ऑफ नेचर’ शीर्षक से पेन्टिंग तैयार की है। उन्होंने बताया कि इस शीर्षक का अर्थ है प्रकृति का प्रवाह। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी आकृतियों में मूवमेंट, फोर्स और एनर्जी को दर्शाया है। उनकी बनाई सभी आकृतियां चाहे वो उपर से नीचे की ओर आ रही हों अथवा बांये से दायें और दायें से बाएं जा रही हों सभी में मूवमेंट महसूस होता है।<br /> <br /><strong>संदीप मेघवाल ने तैयार किया फोक फ्यूजन<br /></strong>कलाकार संदीप मेघवाल ने कैनवास पर फोक फ्यूजन तैयार किया है। इस पेन्टिंग में संदीप को जो ट्रायबल एलीमेंट प्रभावित करते हैं उनको अपने सृजन का माध्यम बनाया है। संदीप की पेन्टिंग कैनवास पर किसी म्यूरल जैसा आभास देती है, इस पेन्टिंग थ्रीडी की अनुभूति करवाता रिच टैक्सचर इसकी खासियत है। इस पेन्टिंग में बनी आकृतियां चित्रकला की फड़ शैली का भी आभास करवाती हैं। खास बात ये है कि अगर इस पेन्टिंग को दीवार पर लटका दिया जाए तो दूर से ये किसी म्यूरल यानि भित्ती चित्र जैसी नजर आने लगती है। इसके अलावा युवा चित्रकार निधि पालीवाल प्लांट्स और आर्कीटैक्चरल आकृतियों को मिलाकर लैंड स्कैप बनाने में मशगूल है। ये चित्र अभी प्रारंभिक अवस्था में है जो शुक्रवार तक अपने पूरे रूप में नजर आने लगेगा।<br /> <br /><strong>आर्ट कैंप में ये कलाकार ले रहे हैं भाग<br /></strong>इस कैंप में लखनउ के रासबिहारी साहा और उमेन्द्र प्रताप सिंह, दिल्ली के दिनेश कुमार राम और तीर्थंकर बिस्वास, आंध्रप्रदेश के एस. विजय कुमार, उड़ीसा के गिरीश चंद बेहरा, गर्वनमेंट आर्ट कॉलेज, कोलकाता के पूर्व प्रधानाचार्य तथा ललित कला अकादमी, कोलकाता के पूर्व सचिव के मनोज सरकार, जयपुर के सुमित सेन, शुभांकर बिस्वास, जयंत गुप्ता, निधि पालीवाल, भीमांशु पंडेल, नेहल वर्मा, मेघा हर्षा और संदीप कुमार मेघवाल कलाकार के रूप में भाग ले रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Mar 2023 13:12:04 +0530</pubDate>
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                <title>कला संवाद में देश में कला की स्थिति व विजन पर हुई चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[सुरेख गैलरी में राज्य के पुरस्कृत व वरिष्ठ कलाकारों का कार्य प्रदर्शित हुआ। इसी प्रकार सुकृति गैलरी में राजस्थान के सम्मानित युवा कलाकारों का आर्टवर्क डिस्प्ले किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/discussion-on-the-status-and-vision-of-art-in-the/article-36511"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/site-photo-size-(8)1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जेकेके में राजस्थान ललित कला अकादमी व जवाहर कला केंद्र की सहभागिता में चल रहे 23वें कला मेले के दूसरे दिन शनिवार को कला बोध व्याख्यान व संवाद कार्यक्रम हुए।राष्ट्रीय चित्रकला शिविर का उद्घाटन और आर्ट गैलरीज में पेंटिंग एग्जीबिशंस की शुरुआत भी हुई, जहां दिवंगत कलाकारों की कृतियां प्रदर्शित कर उन्हें सम्मान दिया गया और राज्य व देश के युवा व वरिष्ठ कलाकारों की रचनाओं का बेहतरीन समन्वय देखने को मिला। कृष्णायन में कला बोध व्याख्यान व संवाद में वक्ताओं ने आर्ट के संबंधित अपने विचार रखे। कला मेला संयोजक लाखन सिंह जाट ने बताया कि जेकेके के शिल्पग्राम में वरिष्ठ कलाकार हिम्मत शाह ने अकादमी के पदाधिकारियों के साथ राष्ट्रीय चित्रकला शिविर का उद्घाटन किया। इसमें अखिलेश, हर्षवर्धन स्वामीनाथन, मनीष पुष्कले, दिलीप शर्मा जैसे नामी कलाकार लाइव पेंटिंग्स बना रहे हैं, जो सात फरवरी तक जारी रहेगा।</p>
<p>सुरेख गैलरी में राज्य के पुरस्कृत व वरिष्ठ कलाकारों का कार्य प्रदर्शित हुआ। इसी प्रकार सुकृति गैलरी में राजस्थान के सम्मानित युवा कलाकारों का आर्टवर्क डिस्प्ले किया गया है, जिनमें कैनवास पर बनाई मिनिएचर पेंटिंग, ह्यूमन फिगर पर आधारित पेंटिंग, अंग्रेजी शब्दों को रंग-बिरंगे बैकग्राउंड में संयोजित कर बनाई गई पेंटिंग आकर्षण का केन्द्र हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Feb 2023 10:49:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लोक संगीत की मनोरम प्रस्तुति से लोग हुए मंत्रमुग्ध </title>
                                    <description><![CDATA[कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वल कर कहा कि भपंग वाद्य यंत्र मेवाती संगीत संस्कृति की धरोहर एवं राजस्थानी लोक-संगीत की पहचान है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/peoples-were-captivating-performance-of-folk/article-20738"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/465465465122.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नगर विकास न्यास, पर्यटन विभाग एवं डेल्फिक काउंसिल ऑफ राजस्थान के संयुक्त तत्वाधान में जिला प्रशासन की ओर से जिले की ऐतिहासिक धरोहर मूसी महारानी की छतरी पर राजस्थानी लोक कला को समखपत सिम्फनी ऑफ भपंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसिद्ध लोक कलाकार यूसुफ खां मेवाती एवं ग्रुप द्वारा भपंग वादन लोक संगीत की मनोरम प्रस्तिुत देकर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध किया गया। कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वल कर कहा कि भपंग वाद्य यंत्र मेवाती संगीत संस्कृति की धरोहर एवं राजस्थानी लोक-संगीत की पहचान है। डेलफिक काउन्सिल अव राजस्थान की अध्यक्ष आईएएस के नेतृत्व में राजस्थान की विभिन्न कलाओं के विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। </p>
<p>वर्तमान परिवेश में धरातल से लुप्त होती लोककला, लोक गीतों एवं लोक वाद्य यंत्रों की भपंग आदि की संस्कृति को जीवित रखने एवं नई पीढ़ी के लोगों को इनसे जोड़ने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन कर पर्यटन को प्रमोट करने की दिशा में यह एक छोटा कदम है। उन्होंने कहा कि डेल्फिक काउंसिल ऑफ राजस्थान निरंतर कला एवं संस्कृति से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है और प्रतिमाह एक ऑनलाइन एवं एक मंचीय कार्यक्रम इसके बैनर तले आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अलवर जिले को यहां की ऐतिहासिक, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत नायाब बनाती है। उन्होंने कहा कि लोक कलाकार युसूफ खान अन्तरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भपंग वादक है। देश के कई प्रतिष्ठित रंगमंचों पर अपनी प्रस्तुति दी है। युसूफ खां देश के अलावा विदेशों म भी अपने भपंग का लौहा मनवा चुके है।</p>
<p>कार्यक्रम में विशेष रूप से पधारे ख्यातिनाम अभिनेता राहुल सूद ने कहा कि लोक संस्कृति एवं लोककला को जीवित रखने में इस तरह के आयोजनों की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा इस आयोजन को कर जिले में पर्यटन को बढावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि छूपी हुई प्रतिभाओं को सामने लाने में इस प्रकार के आयोजन कराए जाने चाहिए। पर्यटन विभाग की सहायक निदेशक टीना यादव ने आगन्तुकों का आभार जताया।  कार्यक्रम का संचालन शिक्षाविद दिनेश शर्मा ने किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम, यूआईटी की सचिव डॉं. मंजू, यूआईटी के भूमि अवाप्ति अधिकारी सोहन सिंह नरूका, नगर परिषद आयुक्त धर्मपाल जाट, संग्रहालय अध्यक्ष प्रतिभा यादव सहित जिला स्तरीय अधिकारी एवं आमजन उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Aug 2022 12:23:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आर्ट प्रदर्शनी में 25 कलाकारों की पेंटिंग को किया प्रदर्शित </title>
                                    <description><![CDATA[एक होटल में आयोजित आर्ट प्रदर्शनी में स्पलैशेल ऑफ आर्ट ए जर्नी ऑ ऐस्थैटिक्स प्रदर्शनी में देश के 25 कलाकारों का काम प्रदर्शित किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/painting-was-displaye-in-art-exhibition/article-6418"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/congress-copy6.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एक होटल में आयोजित आर्ट प्रदर्शनी में स्पलैशेल ऑफ आर्ट ए जर्नी ऑ ऐस्थैटिक्स प्रदर्शनी में देश के 25 कलाकारों का काम प्रदर्शित किया गया। ऋषि मट्टू ने बताया कि हमने कलाकारों के लिए आर्ट मंच बनाया है। यहां वह अपने कार्य को प्रदर्शित कर सकते है।</p>
<p>प्रदर्शनी के आयोजक हेम राणा ने कहा कि युवा और कलाकारों को अधिक एक्सपोजर की आवश्यकता है और इस प्रदर्शनी के माध्यम से जयपुर के दर्शकों को अन्य प्रदेशों और शहरों की कलाकृतियों से अवगत करा रहे है। 25 कलाकारों की लगभग 50 पेंटिंग को प्रदर्शित किया गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 20 Mar 2022 16:33:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीडीकेएफ और द आर्ट घर मिलकर करेंगे जयपुर में अनूठा आर्ट फंडरेज़र कार्यक्रम</title>
                                    <description><![CDATA[पीडीकेएफ महिलाओं द्वारा बिक्री के लिए बनाई गई 10 कलाकृतियां]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%8F%E0%A4%AB-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%A6-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%98%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%A0%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%AB%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A4%BC%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE/article-1651"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/whatsapp-image-2021-10-13-at-16.57.01.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>।प्रिंसेस दीया कुमारी फाउंडेशन (पीडीकेएफ) एक अनूठी पहल के तहत, 'द आर्ट घर' के साथ मिलकर जयपुर में अक्टूबर माह में आर्ट फंडरेज़र का आयोजन करने जा रहा है। सोमवार और मंगलवार को, पीडीकेएफ की दस महिलाओं ने कला को बनाने, अनुभव करने और उससे जुड़ने के लिए 'द आर्ट घर' में समय बिताया। पीडीकेएफ से  गौरवी कुमारी और 'द आर्ट घर' की श्रद्धा जैन द्वारा आयोजित इस अनोखे कार्यक्रम में महिलाओं को अपनी कहानियों और जीवन के अनुभवों को एक दूसरे के साथ साझा करने के साथ-साथ उन्हें कैनवास पर जीवंत करने का मौका मिला।<br /> <br /> इसी महीने में, फाउंडेशन की महिलाओं द्वारा बनाई गई कलाकृतियों को 'द आर्ट घर' में प्रदर्शित किया जाएगा। कार्यक्रम में आमंत्रित शहर के करीब 25 जाने-माने व्यक्ति इस दौरान प्रदर्शनी के साथ-साथ 'द आर्ट घर' के सुकून भरे माहौल में कला का लुत्फ उठाएंगे। टिकिट्स और पेंटिंग ब्रिकी से एकत्रित की गई राशि पीडीकेएफ को डोनेट की जाएगी।<br /> <br /> पीडीकेएफ से गौरवी कुमारी ने कहा कि शहर में इस उत्कृष्ट आर्ट इवेंट को आयोजित करने के लिए 'द आर्ट घर' के साथ सहयोग करना पीडीकेएफ के लिए बेहद खुशी की बात है। पीडीकेएफ में, हम महिलाओं के संपूर्ण कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। कला अपने आप में एक रोचक गतिविधि है और व्यक्ति की मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। महिलाओं को अपने संघर्ष, सपनों, आकांक्षाओं और जीवन के अनुभवों को कैनवास पर अभिव्यक्त करते देखना एक दिल को छू लेने वाला अनुभव रहा है। मुझे विश्वास है कि फंडरेज़र कार्यक्रम में भी उनकी पेंटिंग्स हमारे मेहमानों को आकर्षित करेंगीं।<br /> <br /> कार्यक्रम आयोजित करने के पीछे का विचार साझा करते हुए 'द आर्ट घर' की श्रद्धा जैन ने कहा कि इस पहल के माध्यम से, 'द आर्ट घर' का उद्देश्य पीडीकेएफ की महिलाओं को कला के जरिए खुद को अभिव्यक्त करने में मदद करना है। इन दो दिनों के दौरान, महिलाओं ने आर्ट की कुछ बेसिक स्किल्स के साथ-साथ पेंटिंग के माध्यम से अपनी कहानियों, चुनौतियों और अवस्था को व्यक्त करने का तरीका सीखा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Oct 2021 18:02:09 +0530</pubDate>
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                <title>JKK में आगामी दिनों में निहार सकेंगे प्रदर्शनी कल्पना लोक... एक आध्यात्मिक अनुभूति</title>
                                    <description><![CDATA[1 अक्टूबर से चल रही इस प्रदर्शनी की तिथि 10 से बढ़ाकर 15 अक्टूबर कर दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jkk-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%86%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95----%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%86%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF/article-1569"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/art.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला की पारिजात कलादीर्घा में चल रही प्रदर्शनी कल्पना लोक... एक आध्यात्मिक अनुभूति की तिथि आगे बढ़ा दी गई है।  जयपुर के छायाकार महेश स्वामी ने इस प्रदर्शनी में प्राकृतिक-सौंदर्य से भरपूर फोटोचित्रों को तकनीक के इस्तेमाल से अलग व अनोखे स्वरूप में तैयार किया है।  घर में संजोई गई प्राकृतिक हरियाली पर फोटोज लेकर उन चित्रों की प्रदर्शनी लगाई हैं जिनमें पेड़, पत्ते, पौधे, गमले, बेल आदि के मनमोहक चित्र है। महेश स्वामी कहते हैं कि एक कलाकार अपने रचना-कर्म द्वारा तो समाज में सकारात्मक योगदान देता ही है, साथ ही दूसरे कलाकारों के सृजन का सम्मान करते उनमें अतिरिक्त-ऊर्जा का संचार कर दोहरी सार्थक-भूमिका निभाता है। दरअसल दूसरों के रचना-कर्म की प्रशंसा व सम्मान का भाव ही एक कलाकार को सच्चा व महान कलाकार बनाता है। इसलिए पिछले लगातार नौ दिनों से जवाहर कला केंद्र में प्राकृतिक-सौंदर्य की अद्भुत छटा बिखेर रही है मेरी 18वीं छाया-कला प्रदर्शनी कल्पना लोक ...एक आध्यात्मिक अनुभूति  कला-प्रेमियों का खूब प्यार व प्रशंसा बटोर रही है । 1 अक्टूबर से चल रही इस प्रदर्शनी की तिथि 10 से बढ़ाकर 15 अक्टूबर कर दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 Oct 2021 15:03:11 +0530</pubDate>
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