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                <title>India-Russia relations - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>India-Russia relations RSS Feed</description>
                
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                <title>पुतिन के दिल्ली आते ही अमेरिका को आई भारत की याद : क्वॉड का हवाला देकर लगाई दोस्ती की गुहार, पाकिस्तान को झटका</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में क्वॉड का हवाला देते हुए भारत के साथ संबंध मजबूत करने पर जोर दिया है, खासकर हिंद-प्रशांत में चीन के बढ़ते प्रभाव का सामना करने हेतु। रिपोर्ट में भारत को व्यापारिक रिश्ते सुधारने का प्रमुख साझेदार बताया गया। पुतिन की भारत यात्रा और भारत-रूस निकटता को अमेरिका ने चिंता का कारण माना।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/as-soon-as-putin-came-to-delhi-america-remembered-india/article-134921"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-6010-px.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दिल्ली आते ही अमेरिका को अब भारत की याद आने लगी है। अमेरिका ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति को जारी किया है। इसमें क्वॉड का हवाला देकर भारत के साथ रिश्ते को सुधारने के प्रयासों को जारी रखने का आह्वान किया गया है। अमेरिका ने यह आह्वान तब किया है जब ट्रेड डील और भारी भरकम टैरिफ को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद काफी बढ़ा हुआ है। अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंद प्रशांत क्षेत्र में पैदा हो रहे खतरे से निपटने के लिए भारत की भागीदारी जरूरी है। क्वॉड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। इसे हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन के खतरे से निपटने के लिए बनाया गया है।</p>
<p><strong>भारत के साथ व्यवसायिक रिश्ते को सुधारना :</strong></p>
<p>अमेरिका के नवंबर महीने के लिए जारी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में पाकिस्तान का केवल बार जिक्र किया गया है। वह भी केवल भारत और पाकिस्तान सीजफायर का जिक्र है। इसके अलावा पाकिस्तान का कोई जिक्र नहीं है। वह भी तब जब पाकिस्तानी फील्ड मार्शल और पीएम शहबाज शरीफ दोनों ने हाल के दिनों में ट्रंप की खुशामद में कई बयान दिए हैं। अमेरिका की सुरक्षा रणनीति में कहा गया है, हमें भारत के साथ व्यवसायिक रिश्ते को सुधारना चाहिए ताकि नई दिल्ली क्वॉड के जरिए हिंद प्रशांत सुरक्षा में योगदान दे सके। हम अपने सहयोगियों के साथ अपने काम को जोड़ेंगे ताकि अपने संयुक्त लक्ष्य किसी एक देश के आधिपत्य को रोका जा सके।</p>
<p><strong>अमेरिका को भारत-रूस दोस्ती से टेंशन :</strong></p>
<p>अमेरिका ने यह रिपोर्ट ऐसे समय पर जारी किया है जब अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण विरोधी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत के दौरे पर आए हैं। भारत में पुतिन का जोरदार स्वागत किया गया है। भारत और रूस की दोस्ती अमेरिका के लिए हमेशा ही चिंता का विषय रही है। अमेरिका ने भारत के रूस से तेल लेने की वजह से अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है।</p>
<p><strong>अफ्रीका में क्रिटिकल मिनरल के लिए संयुक्त रूप से दावेदारी :</strong></p>
<p>अमेरिका को भारत और अन्य यूरोपीय तथा एशियाई सहयोगियों के साथ मिलकर अफ्रीका में क्रिटिकल मिनरल के लिए संयुक्त रूप से दावेदारी की जा सके। हिंद प्रशांत क्षेत्र के बारे में कहा गया है कि अगर को विरोधी दक्षिण चीन सागर को कंट्रोल करने की कोशिश करता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Dec 2025 12:01:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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                <title>रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भारत यात्रा के लिए दिया पीएम मोदी का धन्यवाद, दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों का किया उल्लेख </title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान भारत आमंत्रित करने पर धन्यवाद दिया और यूक्रेन पर शांति प्रयासों के प्रति रूस की प्रतिबद्धता दोहराई। पुतिन ने मोदी की मध्यस्थता की सराहना की और दोनों देशों के मजबूत रक्षा व ऊर्जा संबंधों का उल्लेख किया। यूक्रेन युद्ध के बाद यह पुतिन की पहली भारत यात्रा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/russian-president-putin-thanked-pm-modi-for-his-visit-to/article-134896"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/putin-india--dasddfd.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय (एजेंसी) के दौरान उन्हें भारत आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, प्रिय प्रधानमंत्री, प्रिय दोस्तों, सबसे पहले, निमंत्रण और कल की बहुत अच्छी शाम के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।</p>
<p>यूक्रेन मुद्दे पर शांति के प्रति रूस की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए राष्ट्रपति पुतिन ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत में चल रहे इस कामकाजी दिन से सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। उन्होंने रूस और भारत के बीच गहरे संबंधों का उल्लेख किया और यूक्रेनी मुद्दे को हल करने में मदद करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों की सराहना की।</p>
<p>रूसी राष्ट्रपति ने संभावित शांतिपूर्ण समाधान के संबंध में रूस और अमेरिका की कार्रवाइयों के बारे में भी प्रधानमंत्री मोदी को सूचित करते हुए इस मसले में कूटनीति और बातचीत का उल्लेख किया।</p>
<p>गौरतलब है कि, यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद राष्ट्रपति पुतिन की यह पहली भारत यात्रा है। यह ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश तेजी से जटिल होते भू-राजनीतिक परिदृश्य से गुजर रहे हैं। रूस पश्चिमी प्रतिबंधों के दबाव में है और भारत रूस के साथ अपने ऐतिहासिक संबंधों को संतुलित करते हुए अमेरिका के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने की दिशा में काम कर रहा है।</p>
<p>रूसी हथियारों और ऊर्जा आयात का सबसे बड़ा खरीदार होने के नाते, रूस के लिए भारत एक महत्वपूर्ण भागीदार बना हुआ है। रूस, भारत के लिए रक्षा प्रौद्योगिकी का एक भरोसेमंद स्रोत रहा है </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 05 Dec 2025 19:02:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दिल्ली-मास्को डिफेंस डील से चीन का दबदबा होगा खत्म, भारत में तैनात हो सकेगी रूसी सेना</title>
                                    <description><![CDATA[रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा से पहले रूस की ड्यूमा ने रणनीतिक सैन्य समझौते को मंजूरी दे दी। इसके तहत दोनों देश 5 साल के लिए एक-दूसरे की जमीन पर युद्धपोत, लड़ाकू विमान और सैनिक तैनात कर सकेंगे। यह साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़त का जवाब मानी जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/delhi-moscow-defense-deal-will-end-chinas-dominance-russian-army-will/article-134641"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(3)6.png" alt=""></a><br /><p>मास्को। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा से ठीक पहले रूसी संसद के निचले सदन ड्यूमा ने रक्षा भागीदारी को लेकर एक सैन्य समझौते को अपनी मंजूरी दे दी है। रूसी संसद ने मंगलवार 3 दिसंबर को इस समझौते पर अपनी मुहर लगाई। रूसी राष्ट्रपति 4 दिसंबर को भारत आ रहे हैं। यह समझौता भारत और रूस की सरकारों के बीच हुआ है। इसके बाद अब भारत और रूस की सरकारें अगर मंजूरी देती हैं तो रूस के 5 युद्धपोत, 10 सैन्य विमान और 3 हजार सैनिक 5 साल के लिए भारतीय जमीन पर तैनात किए जा सकेंगे। इसे 5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। भारत के भी इतने ही सैनिक और युद्धपोत रूसी जमीन पर तैनात किए जा सकेंगे। रूसी संसद में इसकी जानकारी दी गई है।</p>
<p><strong>रूस का भारत के साथ रिश्ता रणनीतिक और व्यापक </strong></p>
<p>रूसी संसद ने इंडिया रूस रेसीप्रोसल एक्सचेंज ऑफ लॉजिस्टिक सपोर्ट समझौते को मंजूरी दे दी है। इस समझौते पर 18 अक्टूबर 2025 को हस्ताक्षर किया गया था। इस समझौते में दोनों देशों में सेनाओं को भेजने और एक-दूसरे के युद्धपोत को बंदरगाहों में प्रवेश करने की अनुमति, हवाई स्पेस और एयरफील्ड के इस्तेमाल के नियम शामिल हैं। ड्यूमा के चेयरमैन व्याचेस्लाव वोलोदिन ने कहा, रूस का भारत के साथ रिश्ता रणनीतिक और व्यापक है। हम इसकी कद्र करते हैं और समझते हैं कि इस समझौते को मंजूरी देकर आज हमने आपसी समझ, खुलेपन और संबंधों के विकास की पुष्टि कर रहे हैं।</p>
<p><strong>भारत रूस डील से चीन को मिलेगा जवाब</strong></p>
<p>वोलोदिन ने जोर देकर कहा कि दोनों ही देशों का संबंधों का लंबा इतिहास रहा है। दोनों देश एक-दूसरे के साथ बहुत अच्छा व्यवहार करते हैं। विश्लेषकों का कहना है कि इस सैन्य समझौते से रूस और भारत दोनों को ही फायदा होने जा रहा है। हालांकि, कुछ विश्लेषक इसके नुकसान भी बता रहे हैं। रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन जिस तरह से दादागिरी दिखा रहा है, इस तरह का सैन्य समझौता भारत की मदद कर सकता है। रक्षा विशेषज्ञ कमोडोर अनिल जय सिंह ने द डिप्लोमैट में लिखा, भारतीय नौसेना ने एक साथ कई मिशन चलाने की योजना पर काम कर रही है। </p>
<p>हिंद प्रशांत क्षेत्र में 12 से 15 भारतीय युद्धपोत लगातार स्वतंत्र रूप से हिंद महासागर की सीमा पर महत्वपूर्ण चोकप्वाइंट की निगरानी करते रहते हैं।  जय सिंह ने कहा कि भारतीय युद्धपोत व्यापार को सुरक्षित रखने और आपदा के दौरान मानवीय मदद मुहैया कराने में अहम भूमिका निभाते हैं।</p>
<p>इसके अलावा वे युद्धक गैर परंपरागत सुरक्षा खतरों से भी निपटते हैं। इसके अलावा भी वे कई काम करते हैं। हर युद्धपोत के साथ लॉजिस्टिक सपोर्ट शिप को भेजना संभव नहीं है। इसलिए मित्र देशों के लॉजिस्टिक सपोर्ट शिप की मदद मिलना ऐसे मिशन के लिए बहुत जरूरी है। विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के समझौते से भारतीय नौसेना वास्तव में एक वैश्विक नौसैनिक ताकत बन जाएगी।</p>
<p><strong>भारतीय सेना को होगा बड़ा फायदा</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के लिए भी यह समझौता काफी फायदेमंद होने जा रहा है। भारत के पास करीब 70 फीसदी हथियार रूसी मूल के हैं। इसमें सुखोई जेट, टी-90 टैंक और एस 400 एयर डिफेंस शामिल हैं। रूसी लॉजिस्टिक नेटवर्क से जुड़कर भारत को बड़ा फायदा होगा। वहीं रूस को इस समझौते से यह फायदा होगा कि वह पश्चिमी देशों के प्रतिबंध के बाद भी वैश्विक स्तर पर अपनी पहुंच बढ़ा पाएगी। यूक्रेन युद्ध की वजह से अभी रूस अलग थलग पड़ा हुआ है। भारत को जहां आर्कटिक में पहुंच मिलेगी, वहीं रूस को भी हिंद महासागर में पहुंच मिल जाएगी। पुतिन की सेना एशिया में अपना प्रभाव दिखा सकेगी और इससे चीन को हिंद महासागर में जवाब मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 12:05:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पुतिन के क्लोन ऑफिस का पर्दाफाश, विदेशी मीडिया का दावा- ठिकानों का पता लगाना मुश्किल</title>
                                    <description><![CDATA[विदेशी मीडिया के दावों के बाद व्लादिमीर पुतिन के क्लोन ठिकाने चर्चा में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके नोवो, वालदाई और सोची आवासों में एक जैसे गुप्त ऑफिस बने हैं। 700 वीडियो की समीक्षा में सूक्ष्म अंतर मिले, हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/rjd-congratulated-nda-on-its-victory-and-asked-it-to/article-132670"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/111-(7)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के क्लोन ठिकानों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। दरअसल, विदेशी मीडिया की ओर से दावा किया जा रहा है कि पुतिन के घरों में कई क्लोन ठिकाने हैं। पुतिन के ऑफिस में कई क्लोन ठिकाने बने हुए हैं। पुतिन की आवासों में भी कई गुप्त ऑफिस हैं। पुतिन के घरों में कम से कम तीन क्लोन ऑफिस हैं। नोवो, वालदाई और सोची की आवासों में यह दफ्तर बनाए गए हैं। तीनों ऑफिस में भेद कर पाना नामुमकिन है। उनकी मीटिंग्स के 700 वीडियो की समीक्षा की गई, जिनमें सूक्ष्म लेकिन महत्वपूर्ण विसंगतियां पाई गईं, जिससे यह साबित हुआ कि क्लोन ठिकाने बने हुए हैं। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।</p>
<p><strong>अब क्लोन ठिकानों की जरूरत क्यों पड़ी?</strong></p>
<p>इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पुतिन की सुरक्षा के लिए यह इंतजाम किए गए हैं। क्लोन ठिकाने बनाए गए हैं। पुतिन के असली ठिकाने का पता किसी को न चल सके इसलिए यह एहतियात बरती गई। पुतिन किस ऑफिस में है ये पता न किया जा सके।</p>
<p><strong>कैसा है यह क्लोन ऑफिस ?</strong></p>
<p>सभी क्लोन ऑफिस एक जैसे बने हैं। दरवाजे के हैंडल तक एक-एक सामान बिल्कुल सेम हैं। दीवारों की सजावट भी एक जैसी है। ऑफिस में लगी स्टेशनरीज को भी बिल्कुल जस का तस रखा गया है। यानी तीनों क्लोन ऑफिसेस बिल्कुल एक से दिखते हैं।</p>
<p><strong>क्लोन ठिकाने कैसे बने हैं?</strong></p>
<p>कुछ और डिटेलिंग अगर गौर किया जाए तो सभी क्लोन ऑफिस एक जैसे बने हैं। हर तस्वीर एक सी नजर आएगी लेकिन है अलग-अलग दफ्तर की है। यहां तक कि दरवाजे के हैंडल तक बिल्कुल एक समान हैं। यानी एक-एक चीज का ध्यान रखा गया है। दीवारों की सजावट भी बिल्कुल एक जैसी की गई है। ताकि यह बिल्कुल भेद न लगाया जा सके। भेद न किया जा सके कि कौन सा ऑफिस है जिसकी यह तस्वीर है। ऑफिस में लगी स्टेशनरी भी एक जैसी ही लगाई गई है। इस बात का पूरा ख्याल रखा गया है कि किसी भी ऑफिस में कोई अंतर न हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Nov 2025 11:38:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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