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                <title>Indian Citizens - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Indian Citizens RSS Feed</description>
                
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                <title>आर्मेनिया सरकार को जयशंकर ने दिया धन्यवाद: 550 से अधिक भारतीय नागरिकों को ईरान से निकालने में की मदद, बचाव अभियान जारी</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान में फंसे 550 से अधिक भारतीयों को आर्मेनिया के रास्ते सुरक्षित निकाला गया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस चुनौतीपूर्ण समय में सहयोग के लिए आर्मेनिया का आभार व्यक्त किया। छात्र और तीर्थयात्री सड़क मार्ग से आर्मेनिया पहुँच रहे हैं, जहाँ से उन्हें विशेष उड़ानों द्वारा दिल्ली लाया जा रहा है। यह रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/jaishankar-thanked-the-armenian-government-for-helping-in-evacuating-more/article-146723"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/armaina.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आर्मेनिया ने ईरान में फंसे 550 से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने में भारत की मदद की है। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोमवार को ईरान से अब तक 550 से अधिक भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी में सहयोग के लिए आर्मेनिया सरकार और वहां के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, ईरान से अब तक 550 से अधिक भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी की सुविधा प्रदान करने के लिए आर्मेनिया की सरकार और लोगों को धन्यवाद। इन चुनौतीपूर्ण समय में उनके समर्थन की सराहना करता हूं।</p>
<p>छात्रों, तीर्थयात्रियों और व्यवसायियों सहित भारतीय नागरिक ईरान के विभिन्न शहरों से सड़क मार्ग के जरिए सीमा पार कर आर्मेनिया पहुँच रहे हैं। वहां से इन लोगों को येरेवन के शॉर्ट नोट्स अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डेसे व्यावसायिक उड़ानों (जैसे दुबई के रास्ते) के माध्यम से नयी दिल्ली वापस लाया जा रहा है।</p>
<p>हालांकि, अब तक 550 से अधिक लोगों को निकाला जा चुका है, लेकिन यह अभियान अभी भी जारी है। इसी मार्ग से 15 मार्च को मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर के 70 छात्रों का एक जत्था दिल्ली पहुँचा था। इस पूरे प्रयास का प्रबंधन तेहरान और येरेवन में स्थित भारतीय मिशनों द्वारा आर्मेनियाई अधिकारियों के साथ घनिष्ठ सहयोग से किया जा रहा है। सरकार ने 12 मार्च को कहा था कि वह उन भारतीय नागरिकों की सहायता कर रही है जो अजरबैजान और आर्मेनिया के रास्ते व्यावसायिक उड़ानों से घर लौटना चाहते हैं। </p>
<p>विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, हम उन्हें वीजा और सड़क मार्ग से सीमा पार करने में सहायता कर रहे हैं। जायसवाल ने यह भी कहा कि सरकार ने तेहरान में रहने वाले कई भारतीयों को देश के अन्य सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया है और जो लोग आर्मेनिया या अजरबैजान के रास्ते वापस आना चाहते हैं, उन्हें वीजा संबंधी मदद दी जा रही है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 18:39:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले को शशि थरूर ने ठहराया गलत, खामेनेई की मौत पर चुप्पी साधने पर केंद्र सरकार को घेरा</title>
                                    <description><![CDATA[सांसद शशि थरूर ने ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध की निंदा करते हुए इसे "सैद्धांतिक रूप से गलत" बताया है। उन्होंने निर्दोष नागरिकों की मौत और भारतीय हितों पर खतरे पर चिंता जताई। थरूर ने कहा कि महात्मा गांधी की धरती होने के नाते भारत को इस वैश्विक अस्थिरता पर चुप रहने के बजाय अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/shashi-tharoor-condemned-the-us-israeli-attack-on-iran-as-wrong/article-146365"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/shashi-tharoor.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा पार्टी के लोकसभा सदस्य शशि थरूर ने कहा है कि अमेरिका तथा इजरायल का ईरान के खिलाफ युद्ध में उतरना गलत था लेकिन ईरान ने भी उन देशों पर हमला कर गलत ही किया है जो युद्ध में शामिल ही नहीं हैं। शशि थरूर ने शुक्रवार को यहां संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि निर्दोष नागरिकों की जान से खेलना ठीक नहीं है। उनका यह भी कहना था कि जो हालात अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले और फिर ईरान के पड़ोसी देशों में किए जा रहे हमले से बन रहे हैं वह गंभीर है। उनका कहना था कि इन सब स्थितियों के बीच भारत का चुप रहना भी ठीक नहीं है।</p>
<p>अमेरिका और इज़रायल के हमले को सैद्धांतिक रूप से गलत बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां आत्मरक्षा वाली बात को सही नहीं ठहराया जा सकता। उनका कहना कि जब बातचीत चल रही थी और ईरान बात मानने के लिए भी तैयार था तो इसमें आत्मरक्षा की बात कहां से आती है।</p>
<p>उन्होंने युद्ध में शामिल न होने वाले देशों पर ईरान के हमलों को भी गलत बताया और कहा कि निर्दोष नागरिकों को नुकसान पहुँचाया जा रहा है और इस कार्रवाई को कहीं से भी जायज नहीं कहा जा सकता है। हमलों में कुछ निर्दोष भारतीय नागरिकों की भी मृत्यु हुई है। ये सभी नागरिक निर्दोष थे और किसी के पक्ष में युद्ध नहीं लड़ रहे थे।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि अब हालात यह हो गये हैं कि कोई भी सुरक्षित नहीं है। यह भी खबर है कि एक टैंकर पर हमला हुआ है। बताया जा रहा है कि यह टैंकर थाईलैंड के ध्वज वाला था। उनका कहना था कि इस तरह से हमले ठीक नहीं हैं। उन्होंने कहा "हम अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी की धरती के लोग हैं। हम शांति चाहते हैं और हमारे विदेश मंत्री भी खाड़ी देशों के अपने समकक्षों से बात कर रहे हैं और मुझे लगता है कि भारत को और अधिक सक्रिय होना चाहिए। इस माहौल में हम चुप नहीं बैठ सकते हैं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 16:40:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी ने की ईरानी राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियान से फोन पर बात: शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया, बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर जताई गहरी चिंता </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से क्षेत्र के तनावपूर्ण हालातों पर चर्चा की। पीएम ने कूटनीति और संवाद के जरिए शांति बहाली का आग्रह किया। भारत की प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखना है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-spoke-on-telephone-with-iranian-president-dr-masoud/article-146327"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियान से क्षेत्र की गंभीर स्थिति पर चर्चा की हैं। टेलीफोन में हुई बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया और शांति बहाली के लिए बातचीत तथा कूटनीति का आग्रह किया।</p>
<p>उन्होंने तनाव बढ़ने, आम नागरिकों की जान जाने तथा नागरिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा, साथ ही सामान और ऊर्जा के निर्बाध आवागमन की आवश्यकता भारत की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 11:53:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अखिलेश यादव का विदेश नीति को लेकर सरकार पर तीखा हमला, बोले-युद्ध जैसे हालातों में संसद और सरकार की प्राथमिकताएं उसी के अनुरूप तय हो</title>
                                    <description><![CDATA[सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने युद्ध के हालातों के बीच भारत की स्वतंत्र विदेश नीति को गिरवी न रखने की अपील की है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि युद्ध क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों और पत्रकारों को सुरक्षित वापस लाया जाए। साथ ही, तेल आपूर्ति और बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण पाकर देश की संप्रभुता की रक्षा करने पर जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/akhilesh-yadav-made-a-sharp-attack-on-the-government-regarding/article-145825"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/akhilesh.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि जब संसद के बजट सत्र का अंतराल हुआ था तब परिस्थितियां अलग थीं, लेकिन आज युद्ध जैसे हालात बन जाने के कारण देश के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। ऐसे संकट के समय संसद और सरकार की प्राथमिकताएँ भी उसी के अनुरूप तय होनी चाहिए। सोमवार को सोशल मीडिया के जरिये अखिलेश यादव ने कहा कि इस समय सबसे पहले युद्ध की स्थिति में भारत का स्पष्ट पक्ष और राय सामने रखने की जरूरत है। इसके साथ ही विदेश नीति को किसी दबाव में गिरवी रखने का सवाल भी गंभीर है। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरागत स्वतंत्र विदेश नीति हमेशा देशहित को ध्यान में रखकर चलती रही है।</p>
<p>अखिलेश यादव ने कहा कि तेल जैसी महत्वपूर्ण आपूर्ति के मामले में भी भारत को आत्मनिर्णय का अधिकार होना चाहिए। यदि किसी विदेशी दबाव या अमेरिकी आदेश के आधार पर निर्णय लिये जाते हैं तो इससे देश की संप्रभुता और आत्मनिर्भरता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध से प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे या पर्यटक के रूप में गये भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। वहाँ फँसे सभी भारतीयों को सुरक्षित और शीघ्र भारत वापस लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।   </p>
<p>सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ विदेश दौरे पर गये कुछ पत्रकार और मीडियाकर्मी भी युद्ध शुरू होने के कारण वापस नहीं लौट पाए हैं। सरकार को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें सुरक्षित देश वापस लाने की व्यवस्था करनी चाहिए। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि युद्ध की स्थिति में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए सरकार को जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति नियमित और सुनिश्चित रखने के साथ-साथ उनके बढ़ते दामों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 16:37:46 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रुक नहीं रही हिंसा, और सख्त होता जा रहा अमेरिका : हालात और बिगड़े, ईरान से अपने नागरिकों को वापस लाएगा भारत, तैयारी में जुटा विदेश मंत्रालय</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ईरान में फंसे अपने नागरिकों को निकालने की तैयारी कर रहा है, जहां हिंसक प्रदर्शनों में 2500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। ईरान में करीब 10,000 भारतीय नागरिक हैं, जिनमें छात्र, मछुआरे और व्यापारी शामिल हैं। भारतीय दूतावास ने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी और हेल्पलाइन नंबर जारी किए।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/violence-is-not-stopping-and-america-is-getting-stricter-india/article-139738"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/mmfmmfff.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। ईरान में निरंतर बिगड़ती स्थिति और हिंसक प्रदर्शनों में अब तक 2500 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबरों के बीच भारत वहां फंसे अपने नागरिकों को निकालने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों ने कहा कि ईरान में बदलती स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्रालय उन भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी को सुगम बनाने की तैयारी कर रहा है जो स्वदेश लौटना चाहते हैं।</p>
<p><strong>वहां फिलहाल 10,000 भारतीय :</strong></p>
<p>ईरान में अभी लगभग 10,000 भारतीय नागरिक रह रहे हैं, जिनमें से करीब 3,000 मेडिकल छात्र हैं, जबकि लगभग 4,000 धार्मिक सेमिनरी के छात्र हैं। इसके अलावा ईरान के तटीय क्षेत्रों में लगभग 2,000 भारतीय मछुआरे भी रहते हैं। इनके अतिरिक्त व्यवसायी, पर्यटक और हर वर्ष ईरान आने वाले हजारों शिया तीर्थयात्री भी शामिल हैं।</p>
<p><strong>पहले जारी की ईरान छोड़ने की सलाह :</strong></p>
<p>तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने कहा था कि ईरान में मौजूदा स्थिति को देखते हुए वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों, चाहे वे छात्र हों, तीर्थयात्री हों, व्यवसायी हों या पर्यटक, सभी को उपलब्ध परिवहन माध्यमों जिनमें वाणिज्यिक उड़ानें भी शामिल हैं के माध्यम से ईरान छोड़ने की सलाह दी जाती है। दूतावास ने अपने हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 11:01:41 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>वेनेजुएला संकट: भारत ने जताई चिंता, संवाद और शांतिपूर्ण समाधान का किया आह्वान</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी के बाद गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सभी पक्षों से नागरिकों की सुरक्षा और शांतिपूर्ण संवाद का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-expressed-concern-over-the-situation-in-venezuela-and-called/article-138697"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/s.-jai-shankar.png" alt=""></a><br /><p>लक्जमबर्ग। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वेनेजुएला के हालिया घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि भारत का मुख्य ध्यान वेनेजुएला के लोगों के कल्याण और उनकी सुरक्षा पर केंद्रित है। उन्होंने सभी पक्षों और संबंधित हितधारकों से संवाद का रास्ता अपनाने तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए शांतिपूर्ण समाधान खोजने का आह्वान किया।</p>
<p>लक्जमबर्ग के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जेवियर बेटटेल के साथ बातचीत में जयशंकर ने वेनेजुएला के साथ भारत के दीर्घकालिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि वह वेनेजुएला के घटनाक्रम को लेकर वास्तव में चिंतित हैं और वह इसमें शामिल सभी पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे एक साथ बैठें और ऐसी स्थिति पर पहुंचें जो वेनेजुएला के लोगों के कल्याण और सुरक्षा के हित में हो।</p>
<p>भारत के विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी कर वेनेजुएला की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है और बातचीत के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान की अपील की है। मंत्रालय ने वेनेजुएला के लोगों के प्रति अपना समर्थन दोहराया और संकट के समाधान के लिए शांतिपूर्ण संवाद पर जोर दिया। इसके साथ ही मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए एक यात्रा परामर्श भी जारी किया है, जिसमें उन्हें वेनेजुएला की गैर-जरूरी यात्रा से बचने और काराकस के भारतीय दूतावास से संपर्क बनाए रखने का सुझाव दिया गया है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, वेनेजुएला पर हुई एक अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में अमेरिकी हिरासत में हैं। उन पर कथित तौर पर नार्को-टेररिज्म यानी नशीली दवाओं के आतंकवाद में शामिल होने के आरोपों के तहत मुकदमा चलाया जा रहा है। इस दंपति ने सोमवार को नशीले पदार्थों और हथियारों से जुड़े आरोपों में खुद को निर्दोष बताया है।</p>
<p>इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वेनेजुएला से तीन से पांच करोड़ बैरल तेल जहाजों पर लादकर सीधे अमेरिकी बंदरगाहों पर भेजा जाएगा। इस तेल को बाजार मूल्य पर बेचा जाएगा और इससे प्राप्त होने वाली राशि पर अमेरिकी सरकार का नियंत्रण होगा, ताकि इसका उपयोग वेनेजुएला और अमेरिका दोनों देशों के लोगों के लाभ के लिए किया जा सके। राष्ट्रपति ट्रम्प ने ऊर्जा मंत्री  क्रिस राइट को इस योजना को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 12:46:03 +0530</pubDate>
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                <title>ईरान ने भारतीयों के लिए बंद की वीजा फ्री एंट्री </title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने भारतीय नागरिकों के लिए वीजा छूट 22 नवंबर से समाप्त कर दी है। अब सामान्य पासपोर्ट धारकों को प्रवेश या ट्रांजिट के लिए वीजा लेना होगा। यह निर्णय वीजा सुविधा के दुरुपयोग और भारतीयों के अपहरण जैसे मामलों के बढ़ने के बाद लिया गया। भारत ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-stops-visa-free-entry-for-indians/article-132911"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(700-x-400-px)-(6).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत के पड़ोसी देश ईरान ने भारतीय नागरिकों को तगड़ा झटका दिया है। ईरान ने 22 नवंबर से अपनी वीजा पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है। अब सामान्य पासपोर्ट रखने वाले भारतीय नागरिकों को ईरान में बिना वीजा के एंट्री नहीं मिलेगी। इससे पहले ईरान ने पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फरवरी 2024 में भारतीयों के लिए वीजा छूट की शुरूआत की थी। भारत में ईरानी दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान में साधारण पासपोर्ट रखने वाले भारतीय नागरिकों के लिए एकतरफा पर्यटक वीजा रद्दीकरण नियमों का कार्यान्वयन 22 नवंबर 2025 तक निलंबित कर दिया गया है। इस तारीख के बाद से साधारण पासपोर्ट वाले भारतीय नागरिकों को ईरान में प्रवेश करने या पारगमन के लिए वीजा प्राप्त करना जरूरी होगा।</p>
<p><strong>भारत ने दिया जवाब </strong></p>
<p>विदेश मंत्री ने बताया कि, केंद्र का ध्यान उन घटनाओं की ओर गया है, जिनमें भारतीय नागरिकों को रोजगार का झूठा वादा या तीसरे देशों में पारगमन का आश्वासन देकर ईरान ले जाया गया। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, सामान्य भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए उपलब्ध वीजा छूट सुविधा का लाभ उठाकर लोगों को ईरान की यात्रा के लिए बहकाया गया। ईरान पहुंचने पर उनमें से कई का फिरौती के लिए अपहरण कर लिया गया। इसमें यह भी बताया गया कि ऐसी घटनाओं को देखते हुए, तेहरान ने ईरान जाने वाले सामान्य भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए उपलब्ध वीजा छूट सुविधा को रद्द कर दिया है।</p>
<p><strong>इसका उद्देश्य दुरुपयोग रोकना</strong></p>
<p>निलंबन का उद्देश्य आपराधिक तत्वों द्वारा इस सुविधा के आगे दुरुपयोग को रोकना है। 22 नवंबर से सामान्य पासपोर्ट वाले भारतीय नागरिकों को ईरान में प्रवेश करने या वहां से होकर गुजरने के लिए वीजा प्राप्त करना अनिवार्य होगा। मंत्रालय ने ईरान जाने की इच्छा रखने वाले भारतीय नागरिकों को भी सतर्क रहने और फ्री-वीजा यात्रा या ईरान के रास्ते तीसरे देशों में आगे की यात्रा की पेशकश करने वाले एजेंटों से बचने की सलाह दी है।</p>
<p><strong>ईरान में धोखाधड़ी के मामले</strong></p>
<p>इस साल मई में अवैध रूप से ऑस्ट्रेलिया जाने वाले पंजाब के तीन लोगों का ईरान में अपहरण कर लिया गया था। पंजाब के एक एजेंट ने हुशनप्रीत सिंह (संगरूर), जसपाल सिंह (एसबीएस नगर) और अमृतपाल सिंह (होशियारपुर) को दुबई-ईरान मार्ग से ऑस्ट्रेलिया भेजने का वादा किया था। उसने कथित तौर पर उन्हें आश्वासन दिया था कि उन्हें ईरान में ठहरने की सुविधा दी जाएगी। </p>
<p>हालांकि, 1 मई को ईरान पहुंचने के तुरंत बाद, कथित तौर पर उनका अपहरण कर लिया गया। पीड़ितों के परिवारों के अनुसार अपहरणकर्ताओं ने 1 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। भारत द्वारा ईरानी अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह करने के बाद तीनों लोगों को बचा लिया गया। सितंबर में भारत ने ईरान में रोजगार की तलाश कर रहे अपने नागरिकों को फर्जी नौकरी की पेशकश के हालिया मामलों के मद्देनजर कड़ी सतर्कता बरतने की चेतावनी दी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 12:18:05 +0530</pubDate>
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