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                            <item>
                <title>ब्रिटेन का राजनीतिक संकट: PM बोरिस जॉनसन के इस्तीफे का ऐलान, जाने क्यों पड़ी इसकी जरूरत.... </title>
                                    <description><![CDATA[ब्रिटेन का राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है।  एक तरफ 48 घंटों में 45 मंत्रियों ने सरकार का साथ छोड़ दिया है। वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन भी अपने पद स् इस्तीफा देने वाले हैं।  ब्रिटिश मीडिया के हवाले से खबर है कि सेक्स स्कैंडल के बाद सियासी संकट का सामना कर रहे हैं।  बोरिस जॉनसन कंजर्वेटिव पार्टी के नेता का पद छोड़ने के लिए तैयार हो गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/britain-s-political-crisis--pm-boris-johnson-s-resignation-announced--why-it-was-needed/article-13823"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/boris-johnson.jpg" alt=""></a><br /><p>ब्रिटेन का राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है।  एक तरफ 48 घंटों में 45 मंत्रियों ने सरकार का साथ छोड़ दिया है। वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन भी अपने पद स् इस्तीफा देने वाले हैं।  ब्रिटिश मीडिया के हवाले से खबर है कि सेक्स स्कैंडल के बाद सियासी संकट का सामना कर रहे हैं।  बोरिस जॉनसन कंजर्वेटिव पार्टी के नेता का पद छोड़ने के लिए तैयार हो गए हैं। हालांकि एक बात यह भी है कि नए नेता के चुनाव तक वह पद पर ही बने रहेंगे। उल्लेखनीय है कि क्रिस पंचर मामले में फजीहत होने के बाद जॉनसन की कंजर्वेटिंव पार्टी के ज्यादातर लोग उनके बागी हो गए हैं। <br /><br />जॉनसन सरकार में ज्यादातर मंत्रियों ने कहा है कि उन्हें अब प्रधानमंत्री पर भरोसा नहीं है और वे घोटालों में घिरी सरकार के लिए काम नहीं कर सकते हैं। जिसका सीधा उदाहरण साजिद जाविद और ऋषि सुनक ने कुछ ही मिनट के अंतराल में अपने इस्तीफे की कॉफी ट्विटर पर शेयर की।  ब्रिटेन मं सरकार पर ऐसे समय में संकट आया, जब एक पूर्व नौकरशाह ने हाल में ही निलंबित सांसद क्रिस पिंचर के खिलाफ आरोपों से निपटने के डाउनिंग स्ट्रीट के तरीके पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद विवाद भी हुआ था। दरअसल क्रिस पर आरोप है कि उन्होंने साल 2018 में गे बार में दो लड़कों को गलत तरीके से छुआ था। जॉनसन के पूरे मामले में जानकारी 2019 में ही मिल गई थी। बावजूद इसके उन्होंने पिंचर को बड़े सरकारी पद पर नियुक्त कर दिया। जिसके बाद इस मामले में ब्रिटिश पीएम कार्यालय 10 डाउनिंग स्ट्रीट ने भी अपने बयान बदले थे। उन्होंने कहा जॉनसन को साल 2019 में यौन शोषण मामले की जांच के बारे में बता दिया था, जिसमें पिंचर भी शामिल है। ऐसे में वो पुराने दावे भी इनके झूठे पड़ गए, जिसमें पीएम कार्यालय की ओर से कहा था कि प्रधानमंत्री को इन विशिष्ट आरोपों की जानकारी नहीं थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Jul 2022 16:48:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मंकीपॉक्स को लेकर WHO का बयान: अफ्रीका के बाहर अन्य देशों में मंकीपॉक्स के प्रसार को रोकने के लिए सामूहिक टीकाकरण की आवश्यकता नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[मंकीपॉक्स के मामलों में उपयोग के लिए कुछ जीनोस वैक्सीन खुराक जारी करने की प्रक्रिया में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/who-statement-regarding-monkeypox--mass-vaccination-is-not-needed-to-prevent-the-sparead-of-monkeypox/article-10324"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/monkey1.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन।  विश्वभर में मंकीपॉक्स का डर लगातार बढ़ता जा रहा है। कई देशों की सरकारें इसको लेकर गंभीरता भी दिखा रही है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि अफ्रीका के बाहर अन्य देशों में प्रसारित हो रहे मंकीपॉक्स वायरस को रोकने के लिए सामूहिक टीकाकरण की आवश्यकता नहीं है, बल्कि साफ-सफाई का पर्याप्त ध्यान रखकर ही इसे नियंत्रित किया जा सकता है। खलीज टाइम्स ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी।<br /><br />डब्ल्यूएचओ (यूरोप) में अधिक जोखिम वाले बीमारियों पर शोध करने वाली टीम का नेतृत्व करने वाले रिचर्ड पेबॉडी ने कहा है कि टीकों और एंटीवायरल की तत्काल आपूर्ति अपेक्षाकृत सीमित है। पेबॉडी की टिप्पणी तब आई जब अमेरिका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने घोषणा की कि यह मंकीपॉक्स के मामलों में उपयोग के लिए कुछ जीनोस वैक्सीन खुराक जारी करने की प्रक्रिया में है।<br /><br />ठीक इसी तरह से जर्मनी की सरकार ने भी सोमवार को कहा कि उनके द्वारा संक्रमण के रोकथाम के लिए टीकाकरण के विकल्प का आंकलन किया जा रहा है, जबकि ब्रिटेन में स्वास्थ्यकर्मियों को मंकीपॉक्स के खिलाफ टीकाकृत किए जाने की बात कही गई है। यूरोप और उत्तरी अमेरिका में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा अधिकारी सौ से अधिक संदिग्ध और पुष्ट मामलों की जांच में लगे हुए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, वायरस को नियंत्रित करने का सबसे पहला उपाय इससे संक्रमित हुए मरीजों के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उन्हें आइसोलेट करना है। <br /><br />उल्लेखनीय है कि यह आसानी से फैलने वाली बीमारी नहीं है और न ही इसके परिणाम घातक हैं। विशेषज्ञों ने इस बात की भी चेतावनी दी कि इससे निपटने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले टीकों के कुछ महत्वपूर्ण दुष्परिणाम भी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 May 2022 11:55:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक बार फिर किसान नेता राकेश टिकैत ने भरी हुंकार, किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए बड़े किसान आंदोलन की बताई जरूरत</title>
                                    <description><![CDATA[देश में एक बड़े किसान आन्दोलन की जरुरत :टिकैत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/farmer-leader-rakesh-tikait-once-again-uttered-a-slogan--a-big-farmer-movement-is-needed-to-solve-the-problems-of-the-farmers--209-villages-are-crime-free--314-are-located-in-the-police-station-area--these-1062-villages/article-7748"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/rakesh-tikait.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। एक बार फिर देश में इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि क्या देश में किसान फिर धरने पर बैठेगा क्या। क्या एक बार देशभर में बड़े रूप में किसान आंदोलन होंगा। दरअसल भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने सोमवार को कहा कि देश के किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए एक बड़े किसान आन्दोलन की जरुरत है जिसकी सफलता के लिए विपक्षी दलों की एकजुटता जरुरी है। <br /><br /> टिकैत ने तेलंगना के किसानों से फसलों की खरीद को लेकर तेलंगना भावन पर जन प्रतिनिधियों के चल रहे धरना को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसानों के आन्दोलन के लिए स्थान और तिथि की घोषणा जल्दी ही की जायेगी। उन्होंने कहा कि देश के किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों की एक बैठक की जानी चाहिए और ठोस निर्णय लिया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि सत्तारुढ दल का मुकाबला करने के लिए विपक्ष के मदद की जरूरत है और इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए । <br /><br />किसान नेता ने कहा कि तेरह माह के आन्दोलन के बाद किसानों की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के निर्धारण के लिए केन्द्र सरकार ने एक समिति गठित करने की घोषणा की और बाद में संयुक्त किसान मोर्चा से इसके लिए दो तीन नाम मांगे गए। मोर्चा की ओर से सरकार को पत्र भेजा गया और और पूछा गया कि समिति में कितने लोग होंगे और उसकी शक्ति क्या होगी , इसका जवाब अब तक नहीं दिया गया है । <br /><br />उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मनमाने ढंग से समिति का गठन करना चाहती है और उसके निर्णय को किसानों पर थोपना चाहती है जिसे किसान कभी सफल नहीं होने देंगे। किसानों को एमएसपी गारंटी कानून चाहिए और इससे कम कुछ उसे मंजूर नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Apr 2022 14:24:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाल-ए-एसएमएस अस्पताल... जरूरत 350 सीसीटीवी की, काम कर रहे हैं 70 कैमरे</title>
                                    <description><![CDATA[130 कैमरे लगे, लेकिन किसी काम के नहीं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hall-e-sms-hospital----needed-350-cctv-cameras--70-cameras-working--how-will-the-crime-stop--the-third-eye-is-only-four-times-worse--the-criminals-commit-the-crime-to-the-victim-of-the-disease-manifold-pain/article-6934"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/sms.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश ही नहीं, बल्कि आसपास के कई राज्यों के मरीजों का भार संभाल रहा सवाई मानसिंह अस्पताल खुद लचर सुरक्षा व्यवस्था जैसी बड़ी बीमारी से ग्रसित है। यहां दूरदराज से ज्यादातर गरीब तबके के मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन यहां उन्हें कभी जेब कटने, मोबाइल चोरी होने तो कभी वाहन चोरी होने जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में मरीज के परिजनों और डॉक्टर्स तथा अन्य स्टाफ के साथ ऐसी घटनाएं अब आम हो गई हैं। इसके बाद भी अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा।</p>
<table style="width:602px;">
<tbody>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:64.3333px;height:41px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:535.667px;height:41px;"> 130 कैमरे लगे, लेकिन किसी काम के नहीं</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:64.3333px;height:41px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:535.667px;height:41px;">पुलिस ने एसएमएस प्रशासन को सौंपा वाहन और मोबाइल चोरी रोकने का मास्टर प्लान</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:64.3333px;height:41px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:535.667px;height:41px;"> सुरक्षा में तैनात गार्ड भी नाकाफी, 300 गार्ड भी हैं कम</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><span style="color:#ff0000;background-color:#ffff99;"><strong>एक नजर में वारदात</strong></span><br />पुलिस की ओर से तैयार रिपोर्ट की बात करें तो 18 अगस्त, 2021 से लेकर 31 दिसम्बर, 2021 तक कुल 512 मोबाइल और 52 बाइक चोरी हुई। वहीं 2022 में एक जनवरी, 2022 से लेकर 21 फरवरी तक 150 मोबाइल और 15 बाइक चोरी हुई। एसएमएस के गेट नम्बर एक से लेकर 6 नम्बर के बीच में सबसे ज्यादा वाहन चोरी होते हैं। चोर मास्क लगाकर आते हैं और आसानी से वारदात करते हैं। मास्क से भी पुलिस को वाहन चोर पकड़ने में मशक्कत करनी पड़ती है।</p>
<table style="width:602px;">
<tbody>
<tr>
<td style="width:599px;text-align:center;" colspan="2"><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>वर्तमान में सुरक्षा व्यवस्था</strong></span></td>
</tr>
<tr>
<td style="width:66.2667px;">1.</td>
<td style="width:532.733px;">करीब 200 सीसीटीवी लगे हैं, जिनमें से 70 कैमरे ही काम कर रहे हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:66.2667px;">2.</td>
<td style="width:532.733px;">अस्पताल के मुख्य द्वारों पर कोई भी कैमरा और गार्ड नहीं हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:66.2667px;">3.</td>
<td style="width:532.733px;">वर्तमान में एसएमएस की सुरक्षा के लिए निजी कम्पनी के 423 गार्ड हैं। इसके साथ ही 56 गार्ड एक्स-आर्मी मैन हैं।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<table style="width:602px;">
<tbody>
<tr>
<td style="width:74.3333px;text-align:center;" colspan="2"><strong><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;">यह होना चाहिए</span></strong></td>
</tr>
<tr>
<td style="width:74.3333px;">1.</td>
<td style="width:525.667px;">पूरे अस्पताल की सुरक्षा के हिसाब से 350 सीसीटीवी अतिआवश्यक हैं।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:74.3333px;">2.</td>
<td style="width:525.667px;">हाल में तैनात गार्ड के अलावा 100 गार्ड्स की और तैनाती की जाए तो सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता हो सकती है।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>सबसे ज्यादा भीड़ वहां भी सुरक्षा नहीं</strong></span><br />हर रोज एसएमएस के गेट नम्बर-4 जहां धनवंतरी ओपीडी है यहां पर सबसे ज्यादा भीड़ आती है। पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार यहां पर गार्ड और सीसीटीवी कैमरे नहीं है। इसी गेट पर महावीर विकलांग समिति है, जिसके बाहर गार्ड व सीसीटीवी कैमरे नहीं है।<br /><br />अस्पताल में कैमरों और गार्ड की संख्या जल्द ही बढ़ाई जाएगी। पुलिस प्रशासन से भी बात हो गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर मरीजों और स्टाफ के साथ हो रही चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। <br />-<strong>डॉ. विनय मल्होत्रा, अधीक्षक, एसएमएस अस्पताल</strong><br /><br />एसएमएस में हो रही वाहन चोरी, मोबाइल छीनने और पर्स निकालने जैसी वारदातों को रोकने के लिए एक प्लान एसएमएस प्रशासन को सौंपा है, इसमें हर वारदात के हॉट स्पॉट को बताते हुए उन्हें रोकने के सुझाव भी दिए हैं। यदि यह प्लान लागू होता है तो काफी हद तक वारदातें रोकी जा सकेंगी। <br />-<strong>नवरतन धौलिया, थाना प्रभारी, एसएमएस</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Mar 2022 12:56:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूक्रेन-रूस युद्ध तीसरा दिन: भारी बमबारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>यूक्रेन/कीव। यूक्रेन-रूस के युद्ध का शनिवार को तीसरा दिन है। तीसरे दिन भी रूस की ओर से यूक्रेन में भारी बमबारी हो रही है।  कीव, मारियोपोल और कोनोटॉप और खरसान सहित यूक्रेन केई शहरों में बमबारी हो रही है।  युद्ध की स्थिति के चलते यूक्रेन के लोग पलायन कर रहे है। यूक्रेन के शहरों में भारी तबाही हुई है। जहां एक ओर कीब में एक बड़ा धमाका होने से इमारतों को नुकसान पहुंचा है। वहीं खरसान और मारियोपोल में रूक-रूक कर धमाके हो रहे है। कोनोटॉप शहर में भी दो धमाकों की खबर है।  रूसी सैना का दावा है कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/ukraine-russia-war-third-day--heavy-bombardment-weapons-are-needed--not-vehicles--not-going-to-leave-the-country--zelensky/article-5051"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/ukraine-16.jpg" alt=""></a><br /><p>यूक्रेन/कीव। यूक्रेन-रूस के युद्ध का शनिवार को तीसरा दिन है। तीसरे दिन भी रूस की ओर से यूक्रेन में भारी बमबारी हो रही है।  कीव, मारियोपोल और कोनोटॉप और खरसान सहित यूक्रेन केई शहरों में बमबारी हो रही है।  युद्ध की स्थिति के चलते यूक्रेन के लोग पलायन कर रहे है। यूक्रेन के शहरों में भारी तबाही हुई है। जहां एक ओर कीब में एक बड़ा धमाका होने से इमारतों को नुकसान पहुंचा है। वहीं खरसान और मारियोपोल में रूक-रूक कर धमाके हो रहे है। कोनोटॉप शहर में भी दो धमाकों की खबर है।  रूसी सैना का दावा है कि उन्होंने यूक्रेन के 211 सैन्य अड्डे तबाह किए है। हालांकि इस बीच तीन अमेरिकी विमान भी यूक्रेन के करीब पहुंचे है। ऐसे में युद्ध की पूरी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अमेरिका ने यूक्रेन को 350 मिलियन डॉलर की मदद की। </p>
<p><br /><strong>जेलेंस्की ने कहा हथियार चाहिए, गाड़ी नहीं</strong></p>
<p>रूसी सैनिक लगातार कीव की ओर बढ़ रहे हैं। इस बीच अमेरिकी अधिकारी वलोडिमिर जेलेंस्की को शहर छोडऩे में मदद करने के लिए तैयार हैं। अमेरिकी और यूक्रेनी अधिकारियों ने द वाशिंगटन पोस्ट को बताया कि संयुक्त राज्य अमेरिका जेलेंस्की को रूसी सेना द्वारा पकड़े जाने या मारे जाने से बचाने में मदद करना चाहता था। लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति ने साफ कर दिया है कि वह अपना देश नहीं छोड़ेंगे उन्होंने अपने बयान में कहा कि हथियार चाहिए गाड़ी नहीं।</p>
<p><strong>बातचीत होगी या नही बड़ा सवाल?</strong></p>
<p>वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने कहा है कि यूक्रेन का नेतृत्व रूस के साथ बातचीत के लिए तैयार है और दोनों पक्ष (एजेंसी) के प्रारूप पर चर्चा कर रहे हैं।शुक्रवार को क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि यूक्रेन ने वारसॉ में (एजेंसी) आयोजित करने की पेशकश की है, जबकि रूस ने मिन्स्क में (एजेंसी) करने की मंशा दिखाई थी। हालांकि थेकई इंडिपेंडेंट डॉट कॉम ने बताया कि  पेसकोव के अनुसार यूक्रेन ने इसके बाद बातचीत बंद कर दी, हालांकि यूक्रेन के राष्ट्रपति के प्रवक्ता सेरही न्याकिफोरोव ने इससे इनकार किया और कहा कि यूक्रेन बातचीत के लिए तैयार है, और बातचीत जारी रहेगी।<br /><br />रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को देश पर चौतरफा युद्ध शुरू करने के बाद यूक्रेन को बातचीत के लिए मिन्स्क में मिलने की पेशकश की। पुतिन चाहते हैं कि यूक्रेन एक निष्पक्ष स्थिति के लिए सहमत हो जाए, जो इसे नाटो में शामिल होने से रोकेगा। नाटो में शामिल होना लंबे समय से यूक्रेन की आकांक्षा रही है।<br />यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलादिमीर जेलेंस्की ने कहा कि सब कुछ यूक्रेन को मिलने वाली सुरक्षा गारंटी पर निर्भर करेगा।<br /><br />निकोफोरव ने लिखा, हमने रूसी राष्ट्रपति के  (बातचीत करने के लिए) प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। दोनों पक्ष बातचीत के स्थान और समय पर चर्चा कर रहे हैं। रूस ने  यूक्रेन पर हमला जारी रखा और कीव शहर पर एक तीव्र हवाई  हमला किया। रूसी आक्रमण में 24 फरवरी को 137 यूक्रेनी लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, दूसरी ओर यूक्रेनी सरकार ने कहा कि पहले दिन 1,000 से अधिक रूसी सैनिक मारे गए।</p>
<p><strong>यूक्रेन को सैन्य सहायता के लिए ब्लिंकन अधिकृत</strong><br />अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन ने यूक्रेन को तत्काल सैन्य सहायता प्रदान करने के लिए विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन को अधिकृत किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा,''राष्ट्रपति ने शुक्रवार को विदेश सहायता अधिनियम 1961 (एफएए) की धारा 614 (ए) (3) और धारा 652 की आवश्यकताओं को पूरा करने के तहत राज्य के अधिकारियों के सचिव को सौंपने वाले एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसी आधार पर श्री ङ्क्षब्लकन को यूक्रेन को तत्काल सैन्य सहायता प्रदान करने के लिए अधिकृत किया गया है।''</p>
<p><br /><strong>यूरोपीय संघ ने रूसी निवासियों से जमा पर प्रतिबंध लगाया</strong><br /> यूरोपीय संघ ने यूक्रेन में रूसी सैन्य अभियान के कारण रूसी निवासियों से 1,00,000 यूरो (1,12,000 डॉलर) से अधिक की किसी भी जमा राशि को स्वीकार करने पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। फैसले के दस्तावेज में कहा गया, रूसी नागरिकों या रूस में रहने वाले प्राकृतिक व्यक्तियों, या रूस में स्थापित कानूनी व्यक्तियों, संस्थाओं या निकायों की जमा राशि 1,00,000 से अधिक होगी तो उसे स्वीकार करना प्रतिबंधित होगा।</p>
<p><strong>ईयू ने रूस को वस्तु और प्रौद्योगिकी के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया</strong><br />यूरोपीय संघ (ईयू) ने तेल शोधन के लिए इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं और प्रौद्योगिकियों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। ईयू की ओर से जारी कानूनी दस्तावेज के मुताबिक उन वस्तुओं और प्रौद्योगिकियों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का भी फैसला किया है, जिनका उपयोग रूसी विमानन और अंतरिक्ष उद्योग के लिए किया जा सकता है। दस्तावेज में कहा गया है कि किसी भी रूसी नागरिक , इकाई या निकाय को रूस या रूस में उपयोग के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से विमानन या अंतरिक्ष उद्योग में उपयोग के लिए उपयुक्त सामान और प्रौद्योगिकी को बेचने, आपूर्ति, हस्तांतरण या निर्यात करने पर पाबंदी होगी।</p>
<p><strong>पुतिन, लावरोव पर यूरोपीय संघ ने लगाए प्रतिबंध</strong><br />यूरोपीय संघ ने यूक्रेन में चल रहे रूस के सैन्य अभियान के कारण राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के ऊपर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए दिए हैं। नए प्रतिबंधों के तहत उनकी संपत्ति को फ्रीज करने की बात की गई है।यूरोपीय संघ ने जिन लोगों पर प्रतिबंध लगाए हैं उनमें रूसी प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्टिन, रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव, आंतरिक मंत्री व्लादिमीर कोलोकोलत्सेव, पर्यावरण और परिवहन के लिए विशेष राष्ट्रपति प्रतिनिधि सर्गेई इवानोव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। यूरोपीय संघ ने अल्फ़ा-बैंक, ओटक्रिटी बैंक, प्रोम्सवाज बैंक, प्रमुख रूसी रक्षा उद्यमों, कलाश्निकोव चिंता और अल्माज-एंटे, रूसी रक्षा मंत्रालय, विदेशी खुफिया सेवा और कई अन्य संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Feb 2022 14:38:05 +0530</pubDate>
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                <title>प्रदेश में बिजली संकट से राहत की उम्मीद कम</title>
                                    <description><![CDATA[21 रैक कोयले की जरूरत मिल रही है केवल 16 रैक : रोस्टर सिस्टम से होगी बिजली कटौती]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61651074b2bc1/article-1592"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/bijli-sankat-amit-shah.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर</strong>। कोयले की कमी से गहराए बिजली संकट से अभी भी कुछ ज्यादा राहत नहीं मिली है। प्रदेश में बिजली संकट अभी भी बना हुआ है। राज्य में सभी तापीय इकाइयों के लिए कोयला की करीब 21 रैक प्रतिदिन की आवश्यकता है, लेकिन करीब 16 रैक ही मिल रही हैं। कोल इंडिया से रोजाना करीब साढेÞ 11 रैक कोयले की सप्लाई होनी है, परंतु पांच रैक प्रतिदिन भेजी जा रही है। ऐसी स्थिति में प्रदेश में फिलहाल बिजली संकट से राहत मिलने की उम्मीद कम ही है। हालांकि राज्य में पिछले दो दिन में 795 मेगावाट विद्युत क्षमता के कालीसिंध एवं कोटा तापीय विद्युत गृहों में बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है। कोयले के कारण बिजली संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद मॉनिटरिंग करने में जुटे हैं। ऊर्जा एसीएस सुबोध अग्रवाल ने भी सोमवार को छुट्टी के दिन विद्युत भवन पहुंचकर बिजली संकट की समीक्षा की।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>डिमांड के आधार पर होगी कटौती  </strong></span></span><br /> राज्य में सोमवार को 9317 मेगावाट की उपलब्धता रही है, वहीं 10,683 मेगावाट की औसत मांग एवं 12200 मेगावाट की अधिकतम औसत मांग रही है। ऐसे में फिलहाल मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर बना हुआ है। बिजली संकट के बीच बिजली कटौती को रोटेशन आधार पर करने का निर्णय लिया है। तीनों डिस्कॉम रोटेशन सिस्टम में एक साथ  कटौती नहीं करके एक बार में एक ही जिले, गांव या शहर में कटौती करेंगी। कटौती का समय और स्थान वहां की सप्लाई और डिमांड के आधार पर स्थानीय स्तर पर तय होगा।  </p>
<p><br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>कुछ राहत</strong></span></span></span><br /> <strong>795 मेगावाट क्षमता इकाइयों से उत्पादन शुरू <br /> 2,883 मेगावाट बिजली की अभी भी चल रही कमी<br /> मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी कर रहे हैं मॉनिटरिंग</strong><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong><br /> अन्य राज्यों से भी केन्द्र पर बढ़ा दवाब:</strong></span></span><br /> कोयला संकट पर राजस्थान सहित अन्य राज्यों में दिल्ली, पंजाब और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री भी केन्द्र पर दवाब बनाने में लगे हुए हैं। कोयले की कमी को दूर करने के लिए अधिकांश राज्य केन्द्र सरकार पर निर्भर हैं, इसलिए राजस्थान के अफसर भी केन्द्रीय कोयला मंत्रालय के अफसरों से लगातार सम्पर्क हैं। खुद ऊर्जा मंत्री दिल्ली जाकर केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री और अफसरों से मुलाकात कर चुके हैं। अब एसीएस सुबोध अग्रवाल केन्द्रीय अफसरों से सम्पर्क कर अधिक कोयला हासिल करने के लिए प्रयासरत हैं।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>केन्द्र सरकार भी सक्रिय : अमित शाह ने की समीक्षा</strong></span></span><br /> ऊर्जा और कोयला मंत्री ने वास्तविक स्थिति बताई, बैठक में एनटीपीसी के अधिकारी भी मौजूद रह<br /> नई दिल्ली। देश में कोयले की अपर्याप्त आपूर्ति के मद्देनजर कुछ हिस्सों में बिजली की कमी की आशंकाओं के बीच केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को ऊर्जा मंत्री आरके सिंह और कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ स्थिति की समीक्षा की। बैठक में राष्ट्रीय ताप ऊर्जा निगम (एनटीपीसी) के अधिकारी भी मौजूद थे।  बैठक के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है हालांकि सूत्रों का कहना है कि सिंह और जोशी ने गृह मंत्री को देश में कोयले की आपूर्ति और बिजली की वस्तु स्थिति से अवगत कराया। सिंह ने रविवार को बिजली की आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा के बाद बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं को निराधार करार दिया था। कोयला मंत्रालय की ओर से भी सभी संयंत्रों में कोयले की आपूर्ति की जानकारी ली गई थी। इसके बाद कहा गया कि देश में कोयले का पर्याप्त भंडार है और कोयले की कमी के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने की बात सही नहीं है।   <br /> <br />  </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Oct 2021 10:37:13 +0530</pubDate>
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