<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/roster/tag-6044" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>roster - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/6044/rss</link>
                <description>roster RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>FIFA World Cup में इतिहास रचने उतरेंगे भारतीय मूल के ये खिलाड़ी, जानें कौन किस टीम के​ लिए खेलेगा ?</title>
                                    <description><![CDATA[फीफा विश्व कप 2026 में भले ही टीम इंडिया न हो, लेकिन भारतीय मूल के चार खिलाड़ी अलग-अलग देशों से खेलते नजर आएंगे। कतर से तहसीन जमशीद, न्यूजीलैंड से सरप्रीत सिंह, कांगो से सैमुअल मुतुसामी और ऑस्ट्रेलिया से निशान वेलुपिल्ले इस 48 टीमों के महाकुंभ में भारतीय फैंस के उत्साह को दोगुना करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/these-players-of-indian-origin-will-create-history-in-fifa/article-155962"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/fifa-world-cup-2026.png" alt=""></a><br /><p> <br />नई दिल्ली। फीफा विश्व कप 2026 में भले ही भारतीय फुटबॉल टीम हिस्सा नहीं ले रही हो, लेकिन भारतीय मूल के चार खिलाड़ी दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल मंच पर अपनी चमक बिखेरते नजर आ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार इस बार टूर्नामेंट में 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं और भारतीय फैंस की नजर खासतौर पर इन खिलाड़ियों पर रहेगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कतर की टीम में केरल मूल के 19 वर्षीय विंगर तहसीन जमशीद को प्रारंभिक टीम में जगह मिली है। उनके अंतिम टीम में चयन की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, न्यूजीलैंड की ओर से पंजाब मूल के सरप्रीत सिंह मैदान में उतरेंगे।</p>
<p>डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो की टीम में तमिल मूल के सैमुअल मुतुसामी शामिल हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया की टीम में भारतीय मूल के निशान वेलुपिल्ले भी खेलते नजर आएंगे। भारतीय मूल के खिलाड़ियों की मौजूदगी से भारतीय फुटबॉल प्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/these-players-of-indian-origin-will-create-history-in-fifa/article-155962</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/these-players-of-indian-origin-will-create-history-in-fifa/article-155962</guid>
                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 14:22:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/fifa-world-cup-2026.png"                         length="1096275"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में बिजली संकट से राहत की उम्मीद कम</title>
                                    <description><![CDATA[21 रैक कोयले की जरूरत मिल रही है केवल 16 रैक : रोस्टर सिस्टम से होगी बिजली कटौती]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61651074b2bc1/article-1592"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/bijli-sankat-amit-shah.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर</strong>। कोयले की कमी से गहराए बिजली संकट से अभी भी कुछ ज्यादा राहत नहीं मिली है। प्रदेश में बिजली संकट अभी भी बना हुआ है। राज्य में सभी तापीय इकाइयों के लिए कोयला की करीब 21 रैक प्रतिदिन की आवश्यकता है, लेकिन करीब 16 रैक ही मिल रही हैं। कोल इंडिया से रोजाना करीब साढेÞ 11 रैक कोयले की सप्लाई होनी है, परंतु पांच रैक प्रतिदिन भेजी जा रही है। ऐसी स्थिति में प्रदेश में फिलहाल बिजली संकट से राहत मिलने की उम्मीद कम ही है। हालांकि राज्य में पिछले दो दिन में 795 मेगावाट विद्युत क्षमता के कालीसिंध एवं कोटा तापीय विद्युत गृहों में बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है। कोयले के कारण बिजली संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद मॉनिटरिंग करने में जुटे हैं। ऊर्जा एसीएस सुबोध अग्रवाल ने भी सोमवार को छुट्टी के दिन विद्युत भवन पहुंचकर बिजली संकट की समीक्षा की।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>डिमांड के आधार पर होगी कटौती  </strong></span></span><br /> राज्य में सोमवार को 9317 मेगावाट की उपलब्धता रही है, वहीं 10,683 मेगावाट की औसत मांग एवं 12200 मेगावाट की अधिकतम औसत मांग रही है। ऐसे में फिलहाल मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर बना हुआ है। बिजली संकट के बीच बिजली कटौती को रोटेशन आधार पर करने का निर्णय लिया है। तीनों डिस्कॉम रोटेशन सिस्टम में एक साथ  कटौती नहीं करके एक बार में एक ही जिले, गांव या शहर में कटौती करेंगी। कटौती का समय और स्थान वहां की सप्लाई और डिमांड के आधार पर स्थानीय स्तर पर तय होगा।  </p>
<p><br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>कुछ राहत</strong></span></span></span><br /> <strong>795 मेगावाट क्षमता इकाइयों से उत्पादन शुरू <br /> 2,883 मेगावाट बिजली की अभी भी चल रही कमी<br /> मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी कर रहे हैं मॉनिटरिंग</strong><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong><br /> अन्य राज्यों से भी केन्द्र पर बढ़ा दवाब:</strong></span></span><br /> कोयला संकट पर राजस्थान सहित अन्य राज्यों में दिल्ली, पंजाब और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री भी केन्द्र पर दवाब बनाने में लगे हुए हैं। कोयले की कमी को दूर करने के लिए अधिकांश राज्य केन्द्र सरकार पर निर्भर हैं, इसलिए राजस्थान के अफसर भी केन्द्रीय कोयला मंत्रालय के अफसरों से लगातार सम्पर्क हैं। खुद ऊर्जा मंत्री दिल्ली जाकर केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री और अफसरों से मुलाकात कर चुके हैं। अब एसीएस सुबोध अग्रवाल केन्द्रीय अफसरों से सम्पर्क कर अधिक कोयला हासिल करने के लिए प्रयासरत हैं।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>केन्द्र सरकार भी सक्रिय : अमित शाह ने की समीक्षा</strong></span></span><br /> ऊर्जा और कोयला मंत्री ने वास्तविक स्थिति बताई, बैठक में एनटीपीसी के अधिकारी भी मौजूद रह<br /> नई दिल्ली। देश में कोयले की अपर्याप्त आपूर्ति के मद्देनजर कुछ हिस्सों में बिजली की कमी की आशंकाओं के बीच केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को ऊर्जा मंत्री आरके सिंह और कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ स्थिति की समीक्षा की। बैठक में राष्ट्रीय ताप ऊर्जा निगम (एनटीपीसी) के अधिकारी भी मौजूद थे।  बैठक के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है हालांकि सूत्रों का कहना है कि सिंह और जोशी ने गृह मंत्री को देश में कोयले की आपूर्ति और बिजली की वस्तु स्थिति से अवगत कराया। सिंह ने रविवार को बिजली की आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा के बाद बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं को निराधार करार दिया था। कोयला मंत्रालय की ओर से भी सभी संयंत्रों में कोयले की आपूर्ति की जानकारी ली गई थी। इसके बाद कहा गया कि देश में कोयले का पर्याप्त भंडार है और कोयले की कमी के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने की बात सही नहीं है।   <br /> <br />  </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61651074b2bc1/article-1592</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61651074b2bc1/article-1592</guid>
                <pubDate>Tue, 12 Oct 2021 10:37:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/bijli-sankat-amit-shah.jpg"                         length="301641"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        