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                <title>बूंदी रोड से नयापुरा जाना है तो 450 मीटर का काटो चक्कर</title>
                                    <description><![CDATA[नयापुरा से बूंदी रोड पर और बूंदी रोड से नयापुरा तक जाने वाले वाहन अभी महाराणा प्रताप सर्किल से सीधे निकल रहे थे। लेकिन अब कुछ समय बाद ऐसा संभव नहीं होगा। इसके लिए लोगों को सर्किल के 450 मीटर लम्बे फ्लाई ओवर का चक्कर काटना पड़ेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-you-want-to-go-from-bundi-road-to-nayapura--then-cut-the-detour-of-450-meters/article-19979"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/bundi-road-se-nayapura-jaana-hai-to...kota-news-22.8.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । नयापुरा से बूंदी रोड पर और बूंदी रोड से नयापुरा तक जाने वाले वाहन अभी महाराणा प्रताप सर्किल से सीधे निकल रहे थे। लेकिन अब कुछ समय बाद ऐसा संभव नहीं होगा। इसके लिए लोगों को सर्किल के 450 मीटर लम्बे फ्लाई ओवर का चक्कर काटना पड़ेगा। यह संभव होगा नगर विकास न्यास द्वारा महाराणा प्रताप चौराहे पर करीब 15 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे रोटरी फ्लाई ओवर के कारण। बूंदी रोड स्थित महाराणा प्रताप सर्किल पर ट्रैफिक की समस्या का समाधान करने के लिए न्यास द्वारा यहां रोटरी फ्लाई ओवर का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन हालत यह है कि अभी तक जो लोग इस चौराहे से आसानी से सीधे निकल रहे थे। उन्हें अब वहां से जबरन घूमकर निकलना होगा। नयापुरा से बूंदी रोड पर जाने वाले वाहन अब सीधे नहीं जाकर चम्बल की पुरानी बड़ी पुलिया से वी मार्ट के सामने से होकर फ्लाई ओवर के चक्कर लगाकर पेट्रोल पम्प के पास से बूंदी रोड पर जा सकेंगे। वहीं बूंदी रोड से नयापुरा जाने वाले वाहन बूंदी रोड आरओबी से उतरकर फ्लाई ओवर पर चढ़ेंगे। उसके बाद महाराणा प्रताप सर्किल के ऊपर बने 450 मीटर लम्बे फ्लाई ओवर का चक्कर काटेंगे। आगे जकर मोड़ पर घूमेंगे और महाराणा प्रताप की मूर्ति के चक्कर लगाकर वापस नीचे उतरेंगे। उसके बाद चम्बल की नई पुलिया से नयापुरा की तरफ जा सकेंगे। यदि कोई वाहन फ्लाई ओवर पर नहीं चढ़ सका और एप्रोच रोड पर चला गया तब भी वह सीधा नयापुरा नहीं जा सकेगा। उसे सर्किल से आईलैंड के चक्कर लगाकर बालिता रोड की तरफ जाकर वहां से घूमकर वापस चम्बल की नई पुलिया पर आना होगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि सर्किल पर फ्लाई ओवर के नीचे एक आईलैंड बनाया जाएगा। जिससे उसका चककर लगाना मजबूरी होगी। फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य दिसम्बर 2021 में शुरू हुआ था। जिसके इसी साल नवम्बर तक पूरा होने का दावा किया जा रहा है। तीन महीने बाद लोगों को इस परेशानी का सामना करना पड़ेगा। महाराणा प्रताप को पहुंचाया 53 फीट पर चौराहे के एक तरफ कुन्हाड़ी मोड पर महाराणा प्रताप की मूर्ति लगी हुई थी। जिससे इस चौराहे को महाराणा प्रताप चौराहे के नाम से जाना जाता है। इस चौराहे पर लगी 4.50 मीटर की मूर्ति को जबरन ऊंचा करने के लिए उसका 38 फीट का पैडस्टल बनाया गया है। जिससे इस मूर्ति की ऊंचाई 53 फीट पर पहुंचा दी है। ऐसे में प्रताप जयंती पर कोई भी उनका माल्यार्पण तक नहीं कर पाएगा। ट्रैफिक सुधार से अधिक फसाड़ पर खर्चा जानकारों के अनुसार नगर विकास न्यास द्वारा महाराणा प्रताप सर्किल पर ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के नाम पर यहां करीब 34 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। जिनमें से मात्र 15 करोड़ रुपए तो फ्लाई ओवर के निर्माण पर खर्च होंगे। शेष राशि इस चौराहे के आस-पास के भवनों के फसाड़ को ठीक करने, उन्हें सजाने, लाइटिंग करने और महाराणा प्रताप की मूर्ति के पैडस्टल को ऊचा करने में खर्च किए जा रहे हैं। दोनों पुलियाओं के नीचे अंडरपास बनाया गया है। जिससे नयापुरा से कुन्हाड़े जाने वाले और कुन्हाड़ी से बालिता जाने वाले वाहन इस अंडरपास से निकल सकेंगे। लेकिन हालत यह है कि रियासतकालीन पुलिया ही क्षतिग्रस्त हो रही है। जिससे लोगों को उसका भी लाभ नहीं मिल रहा है। लोगों का कहना है कि इस फ्लाई ओवर के बनने से जनता को कम और संवेदक को अधिक लाभ होगा। यह फ्लाई ओवर भी 7.50 मीटर चौड़ा नगर विकास न्यास द्वारा बनाया जा रहा यह फ्लाई ओवर भी 7.50 मीटर चौड़ा होगा। इसकी सड़क दो लेन की होगी। लेकिन इस पर सिर्फ बूंदी रोड से नयापुरा की तरफ जाने वाले वाहन ही एक तरफा निकल सकेंगे। इस फलाई ओवर के अधिकतम ऊंचाई बीच से 6 मीटर यानि 18 फीट है। इस फ्लाई ओवर व चौराहे का काम बीकानेर कीे फर्म कर रही है। न्यास सचिव ने नहीं दिया जवाब फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य कब तक पूरा होने और फ्लाई ओवर पर हादसों की आशंका के बारे में जानने के लिए नगर विकास न्यास सचिव को वाट्सअप पर मैसेज किया गया। लेकिन उन्होंने देखने व पढ़ने के बाद भी उसका जवाब नहीं दिया। सुविधा कम और परेशानी अधिक महाराणा प्रताप चौराहे पर फ्लाई ओवर बनाने का कोई औचित्य नहीं है। इसके बनने से सीधा जाने वाला ट्रैफिक चंद कदम की दूरी को जबरन 450 मीटर के फलाई ओवर पर चढ़कर घूमकर पार करेगा। इससे अनजान व्यक्ति के बाहर से आने पर ऊपर जाकर चक्कर घिन्नी होने पर हादसे का भी खतरा है। साथ ही पेट्रोल व समय दोनों की अधिक खपत होगी। जिससे जनता को सुविधा कम और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ो। - बृजराज सिंह महाराणा प्रताप चौराहे पर फलाई ओवर का निर्माण बिना किसी प्लानिंग के किया जा रहा है। लोगों को जबरन फ्लाई ओवर पर चढाने और मोड़ पर घुमाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। फ्लाई ओवर बनाना था तो सीधा बनता। या फिर इसे कुन्हाड़ी की तरफ उतारना चाहिए था। - विजय मित्तल महाराणा प्रताप चौराहे पर ट्रैफिक आसानी से निकल रहा था। यदि कोई समस्या थी तो उसका समाधान किया जा सकता था। लेकिन फ्लाई ओवर बनाना कोई समाधान नहीं है। यह जनता के धन की बर्बादी है। इससे हादसे अधिक होंगे और लोगों को जबरन घूमना पड़ेगा। एरोड्राम अंडरपास की तरफ की परेशानी इस चौराहे पर भी लोगों को भुगतनी पड़ेगी। - राकेश जांगिड़</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Aug 2022 16:46:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>खादिम ने नूपुर शर्मा की गर्दन काटने वाले को संपत्ति देने का किया ऐलान, मुकदमा दर्ज, आरोपी फरार </title>
                                    <description><![CDATA[दरगाह थाने के एक हिस्ट्रीशीटर खादिम सलमान चिश्ती ने भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की गर्दन काटने वाले को अपनी पूरी संपत्ति खुशी से गिफ्ट देने का ऐलान किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/khadim-announces-to-give-property-to-the-one-who-cut-nupur-sharma-s-neck/article-13611"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/khwajaa.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर। दरगाह थाने के एक हिस्ट्रीशीटर खादिम सलमान चिश्ती ने भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की गर्दन काटने वाले को अपनी पूरी संपत्ति खुशी से गिफ्ट देने का ऐलान किया है। उसने इस संबंध में एक वीडियो भी बनाया है। जिसे उसने सोशल मीडिया पर भी वायरल किया है। </p>
<p>दरगाह थाना सीआई दलबीर सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो में आरोपित खादिम मोहल्ला निवासी सलमान चिश्ती नूपुर शर्मा की गर्दन काटने वाले को अपनी संपत्ति देने के लिए कह रहा है। वह इस तरह का वीडियो वायरल कर लोगों को हत्या करने के लिए उकसाने का कार्य कर रहा है, जो बड़ा अपराध है। इसलिए आरोपी के खिलाफ हत्या के लिए उकसाने व वीडियो वायरल करने के आरोप में आईपीसी की विभिन्न धाराआें व आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी सलमान चिश्ती के खिलाफ पूर्व में कई संगीन आरोप में मुकदमे दर्ज हैं। वह आपराधिक प्रवृति का है। दरगाह थाना पुलिस की एक टीम ने आरोपी सलमान के घर पर दबिश दी। लेकिन आरोपी घर से फरार हो गया। पुलिस ने उसके अन्य कुछ ठिकानों पर भी दबिश दी। लेकिन आरोपी गिरफ्तारी के डर से भूमिगत हो गया। पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। </p>
<p><strong>इनका कहना- </strong></p>
<p>सलमान चिश्ती दरगाह थाना का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ पूर्व में आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके द्वारा नूपुर शर्मा की गर्दन काटने वाले व्यक्ति को अपनी संपत्ति देने की बात कहते हुए का वीडियो सामने आने पर तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही उसे गिरफ्तार भी किया जाएगा। - <strong>संदीप सारस्वत, सीओ दरगाह, अजमेर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Jul 2022 11:35:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आंधी से टूटे बिजली के पोल अघोषित कटौती से परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[ शहर व आसपास के इलाकों में इन दिनों अघोषित कटौती से लोग परेशान हैं तो वहीं जगह-जगह पोल व तार टूटने से भी काफ ी परेशानी हो रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sikar/troubled-by-unannounced-cut-of-electric-poles-broken-by-storm/article-13271"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/q-9.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>चिड़ावा।</strong> शहर व आसपास के इलाकों में इन दिनों अघोषित कटौती से लोग परेशान हैं तो वहीं जगह-जगह पोल व तार टूटने से भी काफी परेशानी हो रही है। अरडावतिया कॉलोनी में वार्ड 16 में एक पोल आंधी में टूट गया। करीब 18 घंटों से काफी घरों में बिजली नहीं आई। सूचना के काफी समय बाद बिजली विभाग ने नया पोल भेजा। अब उसे लगाने के बाद सप्लाई बहाल की जाएगी। इधर पिछले तीन दिन में भीषण गर्मी और उमस ने लोगों की हालत पस्त कर दी है। क्षेत्र में देर शाम तक अच्छी बारिश हुई है। इससे किसानों के मायूस चेहरे फिर खिल उठे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सीकर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jun 2022 13:15:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोबाइल की बैटरी में ब्लास्ट, बच्चे की काटनी पड़ी हथेली</title>
                                    <description><![CDATA[जैतारण। रायपुर कस्बे में मोबाइल की पुरानी बैटरी में धमाका होने से एक 10 वर्षीय बच्चे की बांए हाथ की उंगलियां हाथ से अलग हो गई। ऑपरेशन कर बच्चे की हथेली को काटकर अलग करना पड़ा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/pali/blast-in-mobile-battery-childs-palm-had-to-be-cut/article-13075"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/jaitaran.jpg" alt=""></a><br /><p>जैतारण। रायपुर कस्बे में मोबाइल की पुरानी बैटरी में धमाका होने से एक 10 वर्षीय बच्चे की बांए हाथ की उंगलियां हाथ से अलग हो गई। ऑपरेशन कर बच्चे की हथेली को काटकर अलग करना पड़ा। पांचवीं क्लास में पढ़ने वाला बच्चा बैटरी से खेल रहा था, खेलते खेलते अचानक धमाके के साथ बैटरी फट गई। बताया जाता है कि रायपुर कस्बे में रविवार सुबह 7 बजे साहिल घर में पड़ी पुरानी मोबाइल की बैटरी से खेल रहा था, मां घर का कार्य कर रही थी। पिता पास ही खेत में गए हुए थे, खेलते समय बैटरी में ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना तेज था कि 200 मीटर तक आवाज सुनाई दी। आवाज सुन खाना बना रही मां दौड़ कर बच्चे के कमरे में पहुंची जहां साहिल का हाथ खून से लथपथ था उसने पति मुकेश काठात को फोन कर तुरंत  बुलाया जहां पिता द्वारा साहिल को ब्यावर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद भीलवाड़ा रेफर कर दिया। आॅपरेशन कर उसके दाएं हाथ की हथेली को काटकर अलग कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>पाली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jun 2022 12:11:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मौसम ने कम की बिजली की डिमांड</title>
                                    <description><![CDATA[मौसम में बदलाव के कारण प्रदेश में बिजली डिमांड और सप्लाई में आए अंतर ने लोड फैक्टर कम कर दिया है। सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं की बिजली कटौती भी कम हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-weather-reduced-the-demand-of-electricity/article-12805"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/electricity--copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मौसम में बदलाव के कारण प्रदेश में बिजली डिमांड और सप्लाई में आए अंतर ने लोड फैक्टर कम कर दिया है। सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं की बिजली कटौती भी कम हो गई है। बिजली डिमांड में पांच हजार मेगावाट तक कमी आने के चलते डिमांड दस हजार मेगावाट तक पहुंच गई है। इस वजह से पिछले दो दिन में यहां की उत्पादन इकाइयों से लाखों यूनिट बिजली बाजार में बेची गई है। कोयले की कमी और बिजली संकट से जूझ रही डिस्कॉम्स में बारिश ने पिछले दो दिनों में राहत दी है। डिमांड कम होने से दो दिन में यहां उत्पादित लाखों यूनिट बिजली बेची जा चुकी है। डिमांड में कमी का सिलसिला 11 जून से शुरू हो गया और 19 जून से हालात सामान्य ही नहीं हुए, बल्कि बिजली बेचने की स्थिति में आ गए। राज्य में तीन जून को सबसे ज्यादा 15,791 मेगावाट डिमांड रही। इसके बाद 19 जून को डिमांड कम होकर 10200 से 10700 तक ही रह गई।</p>
<p><strong>कोयला संकट बरकरार</strong><br />बिजली उत्पादन के लिए कोयला संकट अभी बरकरार है, लेकिन मानसून से खपत में कमी आ गई है। प्रदेश में बीती 15 जून को 3072 लाख यूनिट खपत, 16 जून को 3041 लाख यूनिट, 17 जून को 2922, 18 जून को 2682, 19 जून को 2282, 20 जून को 2258 और 21 जून को 2182 लाख यूनिट खपत रही। खपत घटने से कृषि, घरेलू और कॉमर्शियल श्रेणी उपभोक्ताओं को कटौती में भी राहत मिली है।  </p>
<p><strong>डिमांड कम होने से बेची बिजली, तो खरीदी भी सस्ती</strong><br />लोड फैक्टर कम होने से 21 जून को ऊर्जा विकास निगम ने 2500 लाख यूनिट बिजली तीन रुपए प्रति यूनिट दर से बेची। 20 जून को राजस्थान में 190 लाख यूनिट 3.40 रुपए प्रति यूनिट दर से बेची। हालांकि सप्लाई में उतार चढ़ाव के चलते ऊर्जा निगम ने 21 जून को 2.42 रुपए प्रति यूनिट दर से एक लाख यूनिट बिजली बाजार से खरीदी भी थी।   <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jun 2022 10:11:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>बिजली संकट में किसानों को झेलनी पड़ेगी कटौती की मार</title>
                                    <description><![CDATA[कोयले की कमी से जारी बिजली संकट का फिलहाल समाधान नजर नहीं आ रहा। मानसून से कोयला संकट की चिंताएं और बढ़ गई हैं। कोयला खदानों में पानी भरने से कोयला सप्लाई में बाधा बढ़ेगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-cut-in-power-crisis-to-coustumers/article-12396"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/electricity1-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कोयले की कमी से जारी बिजली संकट का फिलहाल समाधान नजर नहीं आ रहा। मानसून से कोयला संकट की चिंताएं और बढ़ गई हैं। कोयला खदानों में पानी भरने से कोयला सप्लाई में बाधा बढ़ेगी। राजस्थान की थर्मल इकाइयों को पर्याप्त स्टॉक नहीं मिला, तो ग्रामीण उपभोक्ताओं और किसानों को कटौती की मार ज्यादा झेलनी पड़ेगी। फिलहाल बिजली संकट में सभी श्रेणी उपभोक्ताओं से कटौती जारी है। मानसून की बारिश से बिजली का लोड कम होगा, तो उपभोक्ताओं को पावरकट का कम सामना करना पड़ेगा, लेकिन कोयला सप्लाई के हालातों से संकट खत्म होने की उम्मीद नजर नहीं आ रही। छत्तीसगढ़ कोयला खदान विवाद के चलते पहले ही स्टॉक मिलने में परेशानी बनी हुई है। छत्तीसगढ़ सरकार से अभी सहमति नहीं बनी हैं। यदि सहमति बन भी जाती है, लेकिन खदानों में बारिश का पानी भर गया तो कोयला सप्लाई पाना मुश्किल हो जाएगा।</p>
<p><strong>ग्रामीण-किसानों पर ज्यादा असर</strong><br />प्रदेश में 14 हजार मेगावाट डिमांड बनी हुई है। बाजार से महंगी बिजली खरीद इसे पूरा भी किया जा रहा है। तेज गर्मी में अधिक डिमांड रहती है, लेकिन बारिश के चलते घरेलू उपभोक्ताओं का लोड कम हो जाता है। थर्मल इकाइयों में कोयला संकट बना रहा, तो डिमांड पूरी करना चुनौती भरा काम होगा।</p>
<p><strong>अभी मिल रहा 21 रैक कोयला</strong><br />राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम में 23 विद्युत उत्पादन इकाइयों की 7580 मेगावाट उत्पादन क्षमता है। नियमानुसार इन इकाइयों में 20 से 26 दिन का कोयला स्टॉक रहना जरूरी है। छत्तीसगढ़ खदान विवाद के बाद अभी इकाइयों के पास महज चार से पांच दिन का कोयला स्टॉक ही बचा है। वर्तमान में कोल इंडिया और अन्य माध्यमों से राजस्थान को 20 से 21 रैक कोयला रोजाना मिल रहा है। मौजूदा हालातों में यह कोयला पर्याप्त है, लेकिन रबी सीजन में डिमांड बढ़ने पर संकट और कटौती का दौर बरकरार रहेगा। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jun 2022 10:12:26 +0530</pubDate>
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                <title>जलदाय विभाग की जमीन पर गांजे की पैदावार</title>
                                    <description><![CDATA[हिण्डौन सिटी। शहर के खरैटा रोड स्थित जलदाय विभाग का पम्प हाउस परिषद में उगी गांजे की पैदावार को आबकारी विभाग ने कटवाने की कार्रवाई की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/karauli/hindoon-city-hemp-production-on-the-land-of-water-supply-department/article-11699"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/hindon-new.jpg" alt=""></a><br /><p>हिण्डौन सिटी। शहर के खरैटा रोड स्थित जलदाय विभाग का पम्प हाउस परिषद में उगी गांजे की पैदावार को आबकारी विभाग ने कटवाने की कार्रवाई की गई। प्रहलाद कुण्ड के पास जलदाय विभाग के पम्प हाउस पर आबकारी निरीक्षक जितेन्द्र वर्मा ने बताया कि पम्प हाउस परिषद में गांजे की काफी पैदावार की जानकारी मिली, जिसको उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जलदाय विभाग की पम्प हाउस की खाली पडी सरकारी जमीन पर गांजी की पैदावार का सत्यापन कराया, जहां गांजे की बहुत सी पैदावार मिली। जलदाय विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि खाली पडी हुई जमीन पर बाहरी लोग गांजे का धूम्रपान के दौरान बीजो को निकालकर पटकने से गांजे के पौधे परिषद में उग हो गए है। जिसको लेकर आबकारी विभाग ने जलदाय कर्मचारियों की मौजूदगी में मजदूरो से गांजे की पैदावार को कटवाने की कार्रवाई की गई। जिसमें 130 गांजे के पेडो को कटवाने की कार्रवाई दुरस्त की गई।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>करौली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jun 2022 12:12:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पति ने चाकू से पत्नी का गला काटा</title>
                                    <description><![CDATA[शास्त्री नगर क्षेत्र में बेटी से मिलने आए पति ने चाकू से पत्नी का गला काट दिया। पत्नी के चिल्लाने पर पड़ोसियों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-one-man-cut-of-women/article-11028"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/2-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शास्त्री नगर क्षेत्र में बेटी से मिलने आए पति ने चाकू से पत्नी का गला काट दिया। पत्नी के चिल्लाने पर पड़ोसियों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने पर्चा बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी दिलीप सिंह ने बताया कि पूजा ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि 2014 में सत्यवीर सिंह से उसकी शादी हुई थी। पति द्वारा आए दिन झगड़ा करने पर वह दो महीने पहले ही अलग हो गए है।</p>
<p>इसके बाद बेटी पूजा के साथ वह शिवपार्क में एक व्यक्ति के यहां खाना बनाने का काम करने लगी। बीती 30 मई की रात पति सत्यवीर सिंह बेटी से मिलने आया था। बेटी और पिता बातचीत करने लगे। तभी आरोपी ने जेब से चाकू निकालकर महिला का गला काट दिया। उसके चिल्लाने पर वह वहां से भाग गया। हालांकि इस दौरान पूजा के ज्यादा चोट नहीं लगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jun 2022 10:00:16 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>प्रदेश में 7 दिन का ही बचा कोयला </title>
                                    <description><![CDATA[कोयले की कमी से बरकरार बिजली संकट में अभी राहत मिलती नजर नहीं आ रही। छत्तीसगढ़ की खदानों से भी कोयला नहीं मिलने से बिजली उत्पादन गड़बड़ाने लगा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-power-cut-may-be-increased-in-state/article-10457"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/46546546546535.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कोयले की कमी से बरकरार बिजली संकट में अभी राहत मिलती नजर नहीं आ रही। छत्तीसगढ़ की खदानों से भी कोयला नहीं मिलने से बिजली उत्पादन गड़बड़ाने लगा है। प्रदेश की सात थर्मल इकाइयां ठप पड़ी हैं और कुछ इकाइयों में पांच से सात दिन का ही कोयला है। इसके चलते बिजली कटौती बढ़ सकती है। छत्तीसगढ़ में आवंटित नई खदान से कोयला नहीं मिलने पर प्रदेश के 4340 मेगावाट क्षमता के थर्मल प्रोजेक्ट से उत्पादन बंद हो जाएगा। प्रदेश की थर्मल इकाइयां भी कोयला संकट के चलते पूरी क्षमता से नहीं चल पा रही। कैपेटिव कोल माइंस में जून के पहले सप्ताह तक का कोयला बचा है। छत्तीसगढ़ कोयला खदान विवाद को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी के कई बार हुए प्रयास भी कारगर साबित नहीं हो पाए।</p>
<p><strong>7 दिन का कोयला ही बचा है</strong><br />कोयला आधारित 23 बिजली उत्पादन इकाइयों में 26 दिन का कोयला स्टॉक होना चाहिए, लेकिन अधिकांश इकाइयों में पांच से 7 दिन का कोयला ही बचा है। वर्तमान में सात बिजली उत्पादन इकाइयां ठप पड़ी हैं। इनमें सूरतगढ़ की तीन, छबड़ा की तीन और कालीसिंध की एक इकाई बंद है। सभी सात उत्पादन इकाइयों की कुल क्षमता 2510 मेगावाट है। इनमें से दो इकाई मेंटेनेंस के नाम पर और पांच इकाइयां तकनीकी कारणों से बंद हैं। राहत की बात यह है कि कालीसिंध की 600 मेगावाट की एक और सूरतगढ़ की 250 मेगावाट की एक इकाई से उत्पादन शुरू हो गया।</p>
<p><strong>बिजली कटौती और बढ़ सकती है</strong><br />कोयला संकट का हल नहीं निकलने पर आगामी दिनों में बिजली कटौती और बढ़ सकती है। आवंटिन खदानों से कोयला नहीं मिल रहा और राजस्थान विदेशों से महंगा कोयला खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहा। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों की मानें तो संकट का हल जल्द नहीं निकलने पर आगामी दिनों में ब्लैकआउट की स्थिति भी बन सकती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 May 2022 11:12:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>लोग बिजली कटौती से है परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[बिजली संकट के बीच बिजली चोरी और छीजत से राजस्थान डिस्कॉम का बिजली मैनेजमेंट गड़बड़ा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चोरी के मामले कम नहीं हो रहे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-case-of-power-theft-are-not-decreasing-in-state/article-10138"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/electricity-copy2.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बिजली संकट के बीच बिजली चोरी और छीजत से राजस्थान डिस्कॉम का बिजली मैनेजमेंट गड़बड़ा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चोरी के मामले कम नहीं हो रहे। वहीं लाइन और ट्रांसफार्मर लॉस से भी आठ फीसदी छीजत बनी हुई है। पूरे राजस्थान में करीब 17 फीसदी बिजली छीजत से करोड़ों रुपए रोजाना का नुकसान हो रहा है। अकेले जैसमलेर में 20 प्रतिशत छीजत है। हर महीने इतनी बिजली चोरी हो रही है कि पूरा राजस्थान कई रात तक रोशन हो जाए।  बिजली संकट के लिए ऊर्जा विभाग मंहगी दरों पर बिजली खरीदकर लोगों की जरूरत पूरा करने में जुटा है। इसी बीच तीनों डिस्कॉम के लाखों बिजली चोरों के बुलंद हौसलों से तीनों डिस्कॉम में बिजली चोरी जारी है। सबसे ज्यादा बिजली चोरी जोधपुर डिस्कॉम में हो रही है। यहां सबसे ज्यादा जैसलमेर में सबसे ज्यादा 20 फीसदी बिजली छीजत है। जयपुर डिस्कॉम में धौलपुर और अजमेर डिस्कॉम में नागौर में सबसे ज्यादा बिजली चोरी के मामले बने हुए हैं। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में लोग जंफर डालकर चोरी कर रहे हैं।</p>
<p><strong>करोड़ों का राजस्व नुकसान, डिस्कॉम पहले से तंग</strong><br />पिछले साल की तुलना में बिजली छीजत के दो से तीन प्रतिशत की कमी दिखाकर अधिकारी अपनी पीठ थपथपा रहे हैं, लेकिन यह प्रयास ऊंट के मुंह में जीरे जैसा है। बिजली छीजत की राशि समय पर वसूल नहीं होने से आर्थिक तंगी का शिकार डिस्कॉम्स कर्ज लेकर बिजली खरीद-सप्लाई में लगी हुई हैं। तीनों डिस्कॉम में बिजली चोरी के मामलों से करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है।</p>
<p><strong>बिजली छीजत के यह भी कारण</strong><br />राजस्थान में औसत कुल 17 प्रतिशत बिजली छीजत है। छीजत के लिए बिजली चोरी के अलावा लाइन लॉस, ट्रांसफार्मर लॉस, नए उपभोक्ताओं के मीटर रीडिंग में देरी जैसे कारण भी शामिल हैं। लाइन लॉस और ट्रांसफार्मर लॉस करीब आठ प्रतिशत है। आंकड़ों की बात की जाए तो 2020-21 में 2413 लाख यूनिट और 2021-22 में 2544 लाख यूनिट कहां खर्च हुए, किसी को पता ही नहीं है।</p>
<p>विजिलेंस टीम बिजली चोरी के मामलों में लगातार कार्रवाई करती है। सूचना आधार पर अभी भी कार्रवाई जारी है। पिछले साल की तुलना में बिजली छीजत के आंकड़ों में सुधार आया है, आगे भी सुधार लाएंगे।<br /><strong>- अजीत सक्सेना, एमडी, जयपुर डिस्कॉम</strong><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 May 2022 10:37:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>जिन पेड़ों से मिल रहा आसरा, उन्ही पर चल रही कुल्हाडी </title>
                                    <description><![CDATA[राजपुर मुंडिया शाहाबाद जंगली क्षेत्र कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र घोषित कर दिया है। उसके बावजूद भी कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र में धड़ल्ले से हरियाली को और बेशकीमती पेड़ों को नष्ट किया जा रहा है। लेकिन मामले को लेकर वन विभाग के उच्च अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद भी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।  
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/the-axe-running-on-the-trees-from-which-the-shelter-is-available/article-9753"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/rajpur-pedon-par-kulhaadi.jpg" alt=""></a><br /><p>राजपुर। एक ओर तो सरकार लाखों करोड़ों रुपए का बजट जारी कर जंगल और हरे पेड़ों को संरक्षित करने के दावे कर रही है तो वहीं दूसरी ओर शाहाबाद रेंज क्षेत्र के राजपुर नाका अंतर्गत आने वाले हाड़ौता के जंगल में हरे पेड़ों पर धड़ल्ले से वन माफि या कुल्हाड़ियां चलाकर हरियाली को नष्ट करने में लगे हुए हैं। इस मामले की जानकारी वन विभाग के स्थानीय कर्मचारियों को होने के बावजूद भी मामले को नजरअंदाज किया जा रहा है और वन माफि याओं के खिलाफ  कार्रवाई नहीं हो रही है। इसके चलते वन माफि याओं के हौसले बुलंद हो रहे हैं। जंगलों में रोज सैकड़ों की तादाद में बेशकीमती पेड़ों की बलि चढ़ाई जा रही है और जंगली क्षेत्र को मैदानी क्षेत्र में तब्दील किया जा रहा है। इससे जंगली जानवरों का जीवन भी संकट में होता जा रहा है। जंगल में जगह-जगह दर्जनों स्थानों पर लकड़ियों के ढेर लगे हुए हैं। क्षेत्र के जंगलों में हरे पेड़ों की कुल्हाड़ी उसे कटाई कर नष्ट किया जा रहा है। यह ऐसी लकड़ी के ढेर गवाही दे रहे हैं कि जंगल कितनी तेज गति से नष्ट होता जा रहा है। क्यों मामले को वन विभाग के अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। आखिर इन जंगलों का विनाश हो रहा है, इनका जिम्मेदार कौन है। <br /><br />उल्लेखनीय बात तो यह है कि राजपुर मुंडिया शाहाबाद जंगली क्षेत्र कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र घोषित कर दिया है। उसके बावजूद भी कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र में धड़ल्ले से हरियाली को और बेशकीमती पेड़ों को नष्ट किया जा रहा है। लेकिन मामले को लेकर वन विभाग के उच्च अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद भी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।  <br /><br /><strong> दर्जनों स्थानों पर लगे है हरे पेड़ों से काटी लकड़ियों के ढेर</strong><br />शाहाबाद रेंज क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला जंगली फ ॉरेस्ट एरिया सरकार द्वारा कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र घोषित तो कर दिया है लेकिन इस क्षेत्र में वन माफि या जंगलों का नुकसान करने पर तुले हुए हैं। कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र में बेशकीमती पेड़ों को काटकर जंगलों का घनत्व कम किया जा रहा है और जंगली जानवर भी अकाल मौत के शिकार हो रहे हैं।  फ ॉरेस्ट विभाग के जिम्मेदार ऐसे लापरवाह क्यों है। इनके खिलाफ  कार्रवाई नहीं होने के कारण इनके हौसले बुलंद हो रहे हैं। इसके चलते पर्यावरण प्रेमियों में रोष बना हुआ है। ग्रामीणों ने जंगलों में अवैध कारगुजारी न करने वाले वन माफि याओं के खिलाफ  उचित कार्रवाई और लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ  कार्रवाई की मांग की है। <br /><br />जंगलों में हरे पेड़ों की कटाई का सिलसिला बदस्तूर जारी है। इस मामले को लेकर फ ॉरेस्ट विभाग के कर्मचारी और अधिकारी गंभीर नहीं है। जंगलों का विनाश तेजी से हो रहा है।  <br /><strong>- मोहित कुमार, पर्यावरण प्रेमी</strong><br /><br />शाहाबाद रेंज के जंगल हाड़ोता राजपुर मुंडियर क्षेत्र के कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र में वन माफि याओं द्वारा अवैध कारगुजारी धड़ल्ले से संचालित की जा रही है। फ ॉरेस्ट विभाग के अधिकारियों की उदासीनता का खामियाजा जंगल का विनाश का कारण बनता जा रहा है।<br /><strong>- बालमुकुंद, ग्रामीण </strong><br /><br />कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र घोषित जंगल में हरे बेशकीमती पेड़ों की कटाई का सिलसिला जोरों पर संचालित है। जंगल में जगह-जगह कटे हुए पेड़ों की लकड़ियों के ढेर लगा रखे हैं। इसी से जंगल क्षेत्र के विनाश का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस समस्या को लेकर वन विभाग गंभीर नहीं है।<br /><strong>- राहुल किराड, समाजसेवी</strong><br /><br />मैं कर्मचारियों को भेजता हूं और इस मामले को दिखवाता हूं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong>- दीपक गुप्ता, सहायक वन सरक्षक, बारां</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 May 2022 18:04:02 +0530</pubDate>
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                <title> जमीनों के खेल में मिलीभगत कर रहे यूआईटी के अधिकारी </title>
                                    <description><![CDATA[नगर विकास न्यास (यूआईटी) के अधिकारी निजी बिल्डरों के साथ मिलकर जमीन बेचान में मिली भगत का खेल खेल रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है।  जिसमें थेकड़ा स्थित पूर्व राज परिवार की सात बाग जमीन में से न्यास ने एक बिल्डर को 16 हैक्टेयर जमीन बेच दी। जबकि बिल्डर ने उस जमीन पर कॉलोनी काटकर भूखंड बेचना शुरू कर दिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/uit-officials-colluding-in-the-game-of-land/article-9686"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/baran--jhalawar-railway.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर विकास न्यास (यूआईटी) के अधिकारी निजी बिल्डरों के साथ मिलकर जमीन बेचान में मिली भगत का खेल खेल रहे हैं। स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल के गृह जिले में ही न्यास के अधिकारी निजी बिल्डरों को लाभ पहुंचाने के लिए जमीनों को बेचने में मिलीभगत कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है।  जिसमें थेकड़ा स्थित पूर्व राज परिवार की सात बाग जमीन में से न्यास ने एक बिल्डर को 16 हैक्टेयर जमीन बेच दी। जबकि बिल्डर ने उस जमीन पर कॉलोनी काटकर भूखंड बेचना शुरू कर दिया है। न्यास ने भी उस कॉलोनी के भूखंडों पर करीब एक तिहाई पट्टे जारी कर ले आउट प्लान तक पास कर दिया है।  इसकी जानकारी कुछ जागरूक लोगों को लगी तो उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय में की। वहां शिकायत पहुंची तो इस संबंध में न्यास के अध्यक्ष व जिला कलक्टर से जवाब मांगा। इसके बाद जिला कलक्टर ने पट्टे जारी करने पर रोक लगाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। <br /><br />इस मामले को गत दिनों राज्य स्तरीय एक समाचार पत्र ने प्रकाशित भी किया था। यह तो एक मामला है जो सामने आया है। जबकि इसी तरह के कई अन्य मामले भी हैं। क्योंकि शहर में न्यास से अधिक निजी बिल्डरों व कोलोनाइजर्स द्वारा कॉलोनी कॉटी जा रही है। जिस  बिल्डर व कोलोनाइजर्स नीरज सुवालका को सात बाग वाली जमीन बेची गई है उनकी शहर के कई क्षेत्रों में बड़ी-बड़ी कॉलोनी बनी हुई है। कुन्हाड़ी से लेकर डकनिया स्टेशन रोड तक इनकी कई मल्टी स्टोरी बनी हुई हैं और कई का काम चल रहा है। इस जमीन के बेचान में न्यास के तत्कालीन चेयरमेन से लेकर सचिव और तहसीलदार समेत कई बड़े अधिकारी जुड़े हुए हैं। जबकि मामला सामने आने पर न्यास के अधिकारी इससे बचने का प्रयास करते हुए स्वयं के द्वारा कोई गलत काम करना नहीं बता रहे हैं। <br /><br /><strong>जनवरी में आवेदन, मार्च में ले आउट प्लान पास</strong><br />नगर विकास न्यास में जहां कई लोग ले आउट प्लान पास करवाने के लिए महीनों तक चककर लगाते रहते हैं। वहीं कई बड़े निजी बिल्डर व कोलोनाइजर्स से न्यास अधिकारियों की इतनी अधिक मिली भगत है कि उनके काम बिना किसी देरी के हो रहे हैं। थेकड़ा में सात बाग की 16 हैक्टेयर जमीन को निजी बिल्डर नीरज सुवालका, उसकी पत्नी सुनीता व पुत्री मंशिका को बेचा गया है। उन तीनों के नाम सितम्बर 2021 में रजिस्ट्री की गई और उसके तीन दिन बाद ही उसका नामांतरण खुल गया। न्यास अधिकारियों की निजी बिल्डर से मिली भगत के खेल का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बिल्डर ने जनवरी 2022 में कॉलोनी सूजित करने के लिए न्यास में आवेदन किया। दो माह के भीतर ही मार्च में न्यास अधिकारियों ने उस जमीन का नक् शा व ले आउट प्लान पास कर दिया। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />न्यास में मिलीभगत का खेल चल रहा है। ऐसी मुझे कोई जानकारी नहीं है। ऐसे कौन अधिकारी हैं मुझे जानकारी नहीं है। सात बाग वाली जमीन पर किसी तरह की कोई रोक नहीं है। न्यास ने जो भी कार्रवाई की है वह विधिक व पूरी प्रक्रिया अपनाते हुए सही की है। इसमें कोई गलत काम या मिली भगत नहीं हुई है। जिसने भी इस मामले को प्रकाशित किया है वह गलत है। <br /><strong>-राजेश जोशी, सचिव नगर विकास न्यास</strong> <br /><br />मिली भगत या भ्रष्टाचार जैसी कोई जानकारी मेरे सामने नहीं आई है। राज परिवार की जमीन संबंधी मामले  की मुझे कोई जानकारी नहीं है। इस मामले में कुछ भी कहने के लिए मैं अधिकृत नहीं हूं। न्यास के चैयरमेन व सचिव ही इस बारे में कोई जानकारी दे सकते हैं। <br /><strong>-आर.डी. मीना, विशेषाधिकारी नगर विकास न्यास</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 May 2022 15:46:13 +0530</pubDate>
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