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                <title>registration - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>SIR का तीसरा चरण : मुख्य चुनाव आयुक्त की मतदाताओं से भाग लेने की अपील, बोले- अपात्र व्यक्ति का नाम न हो शामिल </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तीसरे चरण का शुभारंभ किया। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे उत्साहपूर्वक भाग लें और प्रपत्र भरें। इस अभियान का उद्देश्य पात्र मतदाताओं का नाम जोड़ना और त्रुटिहीन मतदाता सूची सुनिश्चित करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/chief-election-commissioner-appealed-to-the-voters-to-participate-in/article-153811"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/gyanesh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मतदाताओं से मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में पूरे उत्साह से भाग लेने की अपील की है। ज्ञानेश कुमार ने गुरुवार को 16 राज्यों और 03 केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर के तीसरे चरण के शुभारंभ के कार्यक्रम की घोषणा पर कहा,"मैं सभी मतदाताओं से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तीसरे चरण में उत्साहपूर्वक भाग लेने और अपने मतदाता-गणना प्रपत्र भरने की अपील करता हूं।"</p>
<p>मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा,"एसआईआर का संचालन यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है कि मतदाता सूची में केवल पात्र मतदाताओं के नाम शामिल हों और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम शामिल न हो।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 15:03:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सम्राट सरकार का बड़ा फैसला : नावों की ओवरलोडिंग पर सख्ती, नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[पटना जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने नदियों में नावों की ओवरलोडिंग और अवैध परिचालन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लाइफ जैकेट और अनिवार्य निबंधन के बिना चलने वाली नावों पर सख्ती बरती जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-of-samrat-government-strict-action-will-be-taken/article-152518"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bihar.png" alt=""></a><br /><p>पटना। पटना में नदियों में नावों की ओवरलोडिंग और अवैध परिचालन पर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पटना के ज़िलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने मामले का त्वरित संज्ञान लेते हुए सभी संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को तय मानकों का उल्लंघन करने वाले नाव संचालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>ज़िलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम.ने स्पष्ट कहा कि जन सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ओवरलोडिंग या बिना अनुमति नाव संचालन करने वालों के खिलाफ विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला परिवहन पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैँ कि वे नावों के निबंधन से जुड़ी शर्तों जैसे निर्धारित क्षमता (कैरियिंग कैपेसिटी), सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और अन्य आवश्यक प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले नाव मालिकों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करें।</p>
<p>डॉ. त्यागराजन एस.एम.ने कहा कि नदियों में सुरक्षित नाव संचालन के लिए सभी नावों का निबंधन अनिवार्य है। निबंधन से पहले मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई) द्वारा नावों की जांच की जाती है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर यह जरूरी है कि नाव पर क्षमता से अधिक यात्री न बैठें और लाइफ जैकेट की पर्याप्त व्यवस्था हो। जिलाधिकारी ने कहा कि मानकों का उल्लंघन करने वाले नाव स्वामियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे नाव यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करें। उन्होंने कहा कि अंचल अधिकारियों को इस संबंध में नियमित निगरानी और पर्यवेक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 15:05:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>देश में नीट-यूजी परीक्षा शुरू : 22 लाख छात्रों ने कराया पंजीकरण ; 552 शहरों में बनाए परीक्षा केंद्र, हिंदी, अंग्रेजी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में हो रहा एग्जाम</title>
                                    <description><![CDATA[देशभर के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए नीट-यूजी आज दोपहर 2 बजे से आयोजित होगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जिसमें बायोमेट्रिक उपस्थिति और धारा 163 लागू करना शामिल है। परीक्षार्थियों के लिए सख्त ड्रेस कोड अनिवार्य है और आधार कार्ड को पारदर्शी पाउच में लाने की सलाह दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/neet-ug-exam-started-in-the-country-22-lakh-students-got/article-152533"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/neet.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश भर के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी 2026) रविवार दोपहर दो बजे से पांच बजे तक आयोजित की जाएगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा संचालित इस परीक्षा के लिए इस साल रिकॉर्ड 22.79 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें अकेले तेलंगाना से ही 73,000 से अधिक अभ्यर्थी शामिल हैं। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए देश के 552 शहरों और विदेशों में 14 स्थानों पर केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 199 केंद्र तेलंगाना में स्थित हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों में सुबह 11:00 बजे से दोपहर 13:30 बजे तक ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे यातायात की स्थिति और संभावित खराब मौसम को ध्यान में रखते हुए केंद्रों पर समय से काफी पहले पहुँचें।</p>
<p>परीक्षा की पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है और बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की है। जिला अधिकारियों के समन्वय से सभी केंद्रों के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। यह परीक्षा पेन-एंड-पेपर मोड में हिंदी, अंग्रेजी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं सहित कुल 13 भाषाओं में आयोजित की जा रही है।</p>
<p>प्रश्नपत्र में कुल 180 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे, जिनमें भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान से 45-45 और जीव विज्ञान (वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान) से 90 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक सही उत्तर पर चार अंक निर्धारित हैं, जबकि गलत उत्तर देने पर 'नेगेटिव मार्किंग' के तहत एक अंक काट लिया जाएगा। एनटीए ने ड्रेस कोड और प्रतिबंधित वस्तुओं को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। छात्रों को मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बटुआ या धातु की वस्तुएं ले जाने की अनुमति नहीं होगी। केवल आधी आस्तीन के साधारण कपड़े और चप्पल या सैंडल जैसे फुटवियर ही पहनने की इजाजत है। बारिश की आशंका को देखते हुए परीक्षार्थियों को अपना एडमिट कार्ड और आधार कार्ड पारदर्शी पाउच में रखने का सुझाव दिया गया है। किसी भी तरह की पूछताछ के लिए हेल्पलाइन सहायता भी उपलब्ध कराई गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 15:02:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सीबीएसई ने कक्षा 10वीं के दूसरे चक्र की डेटशीट जारी की, 15 से 21 मई तक होंगी परीक्षाएं</title>
                                    <description><![CDATA[सीबीएसई ने 10वीं बोर्ड के दूसरे अवसर की डेटशीट जारी कर दी है। परीक्षाएं 15 से 21 मई, 2026 तक चलेंगी। यह वैकल्पिक प्रयास छात्रों को अधिकतम तीन विषयों में स्कोर सुधारने का मौका देता है। खास बात यह है कि अंतिम परिणाम में दोनों प्रयासों में से सर्वश्रेष्ठ अंक ही मान्य होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cbse-released-the-datesheet-of-the-second-cycle-of-class/article-151474"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/सीबीएसई.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने गुरुवार को 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के दूसरे चक्र (सेकंड साइकिल) के लिए डेटशीट जारी कर दी है। इसके अनुसार, परीक्षाएं 15 से 21 मई, 2026 तक आयोजित की जाएंगी। इस वर्ष शुरू की गयी दो-परीक्षा प्रणाली के तहत, दूसरे चक्र की शुरुआत गणित (बेसिक और स्टैंडर्ड ) के पेपर के साथ होगी और समापन 21 मई को सामाजिक विज्ञान की परीक्षा के साथ होगा।</p>
<p>यह दूसरा प्रयास वैकल्पिक है और छात्रों को अधिकतम तीन विषयों में अपने स्कोर सुधारने का अवसर प्रदान करता है। इसमें हालांकि केवल वही छात्र पात्र होंगे जो मुख्य परीक्षा के कम से कम तीन विषयों में उपस्थित हुए थे, जो छात्र पहली परीक्षा में तीन या अधिक पेपरों में शामिल नहीं हो पाये थे, उन्हें इस चक्र में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।</p>
<p>पात्र उम्मीदवारों में वे छात्र शामिल हैं, जो सभी विषयों में उत्तीर्ण हुए हैं, साथ ही वे भी जिन्हें कंपार्टमेंट श्रेणी (पहला या तीसरा अवसर) में रखा गया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। अंतिम परिणाम के लिए दोनों प्रयासों में से छात्र के सर्वश्रेष्ठ स्कोर को ही माना जाएगा।</p>
<p>परीक्षा केंद्रों और एडमिट कार्ड के संबंध में विवरण अलग से घोषित किये जाएंगे। गौरतलब है कि बोर्ड ने पहले सत्र के परिणाम 15 अप्रैल को घोषित किये थे, जिसके अगले ही दिन दूसरे चक्र के लिए पंजीकरण शुरू कर दिये गये थे। आवेदन की प्रक्रिया 16 अप्रैल से पांच दिनों के लिए खुली रही थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 15:10:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गांव का नाम बदला तो एमएसपी पोर्टल पर अटका पंजीयन, किसान परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[खेड़ारसूलपुर से खेड़ारामपुर होने के बाद आ रही तकनीकी दिक्कत, समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने से वंचित किसान।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-village-renaming-stalls-registration-on-msp-portal--farmers-distressed/article-148550"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/12200-x-60-px)-(2)6.png" alt=""></a><br /><p>खेड़ारामपुर। खेड़ारामपुर गांव के किसानों को सरकारी समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण में तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गांव का नाम बदलने के बाद रिकॉर्ड और पोर्टल में अंतर होने से सैकड़ों किसान परेशान हैं। खेड़ारामपुर गांव के किसानों को सरकारी समर्थन मूल्य गेहूं खरीद केंद्र पर फसल बेचने के लिए एमएसपी पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। इसका मुख्य कारण गांव के नाम में बदलाव बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार राज्य सरकार द्वारा कुछ समय पहले ग्राम खेड़ारसूलपुर का नाम बदलकर खेड़ारामपुर कर दिया गया। इसके बाद भू-राजस्व रिकॉर्ड, जमाबंदी और गिरदावरी में नया नाम दर्ज हो गया है, लेकिन सरकारी खरीद केंद्र और एमएसपी पोर्टल पर अभी भी पुराने नाम खेड़ारसूलपुर से ही डाटा संचालित हो रहा है। किसान विष्णु अजमेरा और चंदन गहलोत ने बताया कि इस समस्या को लेकर राजफैड सहित संबंधित विभागों और अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>किसानों ने जिला कलेक्टर से लगाई गुहार</strong><br />किसानों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि एमएसपी पोर्टल और खरीद केंद्रों पर गांव के नाम में सुधार कर जल्द से जल्द ऑनलाइन पंजीकरण शुरू कराया जाए, ताकि किसान अपनी फसल समर्थन मूल्य पर बेच सकें।</p>
<p>जब वे पंजीकरण के लिए एमएसपी पोर्टल पर गिरदावरी अपलोड करते हैं, तो गांव के नाम में अंतर के कारण दस्तावेज अपलोड नहीं हो पाते और तकनीकी त्रुटि सामने आ जाती है। इससे खेड़ारामपुर के सैकड़ों किसान पंजीकरण नहीं कर पा रहे हैं और समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने से वंचित हो रहे हैं।<br /><strong>- सुरेश गुर्जर, किसान, खेड़ारामपुर</strong></p>
<p>एमएसपी पोर्टल पर गांव का नाम बदलने से आ रही पंजीकरण की समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और शीघ्र समाधान किया जाएगा।<br /><strong>- विष्णु शर्मा, राजफैड अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 15:28:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई 20 फीसदी बढ़ाई: होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों समेत अन्य सेक्टर के लोगों को उपलब्ध होगी गैस</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार ने राजस्थान सहित सभी राज्यों के लिए कमर्शियल एलपीजी कोटा 20% बढ़ा दिया है। इससे होटल, ढाबा और औद्योगिक इकाइयों को बड़ी राहत मिलेगी। पश्चिम एशिया संकट के बीच आपूर्ति सामान्य करने के लिए सरकार ने बड़े उपभोक्ताओं को तेल कंपनियों के साथ पंजीकरण और डेटा साझा करने के निर्देश दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/supply-of-commercial-gas-cylinders-increased-by-20-percent-gas/article-147397"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/lpg.jpg-2.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। केन्द्र सरकार ने राजस्थान समेत देश के तमाम राज्यों में कॉमर्शियल वर्ग के लिए एलपीजी गैस के आवंटित कोटे में 20 फीसदी की बढ़ोतरी की है। इससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों समेत अन्य वर्ग राहत मिलेगी। साथ ही औद्योगिक ईकाइयों और बड़े वाणिज्यिक संस्थाओं को भी एलपीजी लेने के लिए तेल कंपनियों के यहां रजिस्ट्रेशन करवाने और अपनी खपत का डेटाबेस शेयर करने के लिए कहा है।</p>
<p>ईरान-इजरायल औरअमेरिका युद्ध के बीच गैस, तेल की आपूर्ति खाड़ी देशों से बंद हो गई, जिसके सर्वाधिक असर रसोई गैस पर रहा। तेल कंपनियों ने कम एलपीजी होने की स्थिति को देखते हुए कॉमर्शियल उपयोग के सिलेंडर की बिक्री को सीमित करते हुए घरेलु आपूर्ति को सामान्य रखा।</p>
<p>कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से रेस्टोरेंट, ढ़ाबा, होटल, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, डेयरी समेत बड़ी औद्योगिक ईकाइयों पर इसका प्रभाव दिखने लगा। ऐसे में अब जब धीरे-धीरे देश में गैस का उत्पादन बढ़ रहा है। आपूर्ति शुरू हो रही है तो केन्द्र सरकार ने राज्यों की गैस आपूर्ति के कोटे में 20 फीसदी निर्धारित आपूर्ति के अतिरिक्त बढ़ा दी है।  केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की तरफ  से लिखे एक पत्र में बताया कि आपूर्ति के लिए अब सरकार रेस्तरां, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, राज्य सरकारों या स्थानीय निकायों की संचालित सब्सिडी युक्त कैंटीन और प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम एफटीएल में वितरित करे। ताकि इस क्षेत्र में गैस संकट से आई समस्याओं को कम या खत्म किया जा सके।</p>
<p>रजिस्ट्रेशन करवाने के निर्देश</p>
<p>इसके अलावा अब सरकार ने राज्यों में सभी वाणिज्यिक या औद्योगिक इकाइयों जो एलपीजी के बड़े उपभोक्ता हैं, उनको तेल कंपनियों के साथ रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए कहा है। इस रजिस्ट्रेशन के साथ उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में उपयोग हो रही एलपीजी का वार्षिक डेटा शेयर करना होता। इसी के आधार पर कंपनियां आगामी चरण में इन औद्योगिक ईकाइयों को एलपीजी का वितरण करेगी। इसके साथ ही इन बड़े उपभोक्ताओं को अपने शहर में लागू सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन इकाई के साथ पीएनजी के लिए आवेदन करने को कहा है, ताकि पीएनजी की सप्लाई शुरू होने से पहले कंपनियों के पास डेटा सुनिश्चित हो सके कि कितनी आपूर्ति की जानी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 09:53:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>15 मार्च से सरसों-चना की एमएसपी खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन, 25 मार्च से शुरू होगी खरीद</title>
                                    <description><![CDATA[रबी-2026 में सरसों और चना की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद प्रक्रिया राज्य में शुरू हो रही। कोटा, अजमेर, भरतपुर और श्रीगंगानगर में रजिस्ट्रेशन 15 मार्च से, खरीद 25 मार्च से; जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर में रजिस्ट्रेशन 20 मार्च से, खरीद 1 अप्रैल से। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/registration-for-msp-purchase-of-mustard-and-gram-from-march/article-146063"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/555555.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रबी-2026 सीजन में सरसों और चना की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद के लिए राज्य में प्रक्रिया शुरू की जा रही है। भारत सरकार की स्वीकृति के बाद राजफेड द्वारा चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और खरीद कार्य शुरू किया जाएगा।</p>
<p>राजफेड के कोटा, अजमेर, भरतपुर और श्रीगंगानगर क्षेत्रीय कार्यालयों में किसानों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 15 मार्च से शुरू होगा तथा खरीद 25 मार्च से प्रारंभ की जाएगी। वहीं जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर क्षेत्रीय कार्यालयों में रजिस्ट्रेशन 20 मार्च से और खरीद 1 अप्रैल से शुरू होगी।</p>
<p>भारत सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6,200 रुपये प्रति क्विंटल तथा चना का समर्थन मूल्य 5,875 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। राज्य में सरसों की 13.78 लाख मीट्रिक टन और चना की 5.53 लाख मीट्रिक टन खरीद की सीमा निर्धारित की गई है। जिलावार खरीद सीमा ऑनलाइन उपलब्ध करवा दी गई है।</p>
<p>अजमेर, जोधपुर, बीकानेर और कोटा क्षेत्रीय कार्यालयों के अंतर्गत आने वाले 19 जिलों में एनसीसीएफ तथा जयपुर, उदयपुर, श्रीगंगानगर और भरतपुर क्षेत्रीय कार्यालयों के अंतर्गत आने वाले 22 जिलों में नेफेड द्वारा खरीद कराई जाएगी।</p>
<p>सरसों और चना बेचने के इच्छुक किसान क्यूआर कोड स्कैन कर या ई-मित्र के माध्यम से पंजीकरण करवा सकेंगे। खरीद प्रक्रिया आधार आधारित बायोमीट्रिक पहचान के माध्यम से की जाएगी और भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार यह कार्य 60 दिनों की अवधि में पूरा किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 12:52:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन खरीद, दीपावली पर्व के मध्यनजर स्थगित रहेगी पंजीयन की प्रक्रिया</title>
                                    <description><![CDATA[खरीफ-2025 के अंतर्गत राज्य में मूंग, मूंगफली, उड़द और सोयाबीन की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए पंजीयन की प्रक्रिया 18 अक्टूबर से शुरू कर दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/purchase-of-pulses-and-oilseeds-at-minimum-support-price-registration/article-130172"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/gautam-dak.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने बताया कि दीपावली के त्योहार के दृष्टिगत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया 20 व 21 अक्टूबर को स्थगित रहेगी। उन्होंने बताया कि 22 अक्टूबर प्रातः 11 बजे से किसान फिर से राजफेड पोर्टल पर अपना पंजीयन कर पाएंगे।</p>
<p>खरीफ-2025 के अंतर्गत राज्य में मूंग, मूंगफली, उड़द और सोयाबीन की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए पंजीयन की प्रक्रिया 18 अक्टूबर से शुरू कर दी गई है। किसान अपनी उपज बेचने के लिए राजफेड पोर्टल पर निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 60 हजार से अधिक किसानों द्वारा पंजीयन किया जा चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Oct 2025 16:07:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दलहन-तिलहन की समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए शुरू होगा ऑनलाइन पंजीयन, दक ने कहा- ई-मित्र के माध्यम से पंजीकरण करवा सकते है किसान </title>
                                    <description><![CDATA[ई-मित्र के माध्यम से पंजीकरण करवा सकता है। श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ़ जिले में मूंग खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 27 सितम्बर से ही प्रारम्भ कर दिये गए थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/online-registration-will-start-for-purchase-of-pulses-and-oilseeds/article-129680"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/gautam-dak.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मूंग, मूंगफली, उड़द और सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए राज्य में 18 अक्टूबर से ऑनलाइन पंजीयन होगा। सहकारिता राज्य मंत्री  गौतम कुमार दक ने बताया कि किसान अपने जन आधार कार्ड एवं ऑनलाइन गिरदावरी से ई-मित्र के माध्यम से पंजीकरण करवा सकता है। श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ़ जिले में मूंग खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 27 सितम्बर से ही प्रारम्भ कर दिये गए थे।</p>
<p>दक ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा मूंग का समर्थन मूल्य 8,768 रुपए, उड़द का 7,800 रुपए, मूंगफली का 7,263 रुपए एवं सोयाबीन का समर्थन मूल्य 5,328 रुपए प्रति क्विंटल एफ.ए.क्यू. श्रेणी घोषित किया गया है। समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन की खरीद के लिए पीएसएस गाइडलाइन के अनुसार केन्द्र सरकार को अंडरटेकिंग भिजवाए  जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। केन्द्र सरकार से खरीफ-2025 के अंतर्गत दलहन-तिलहन की खरीद के लिए जिन्सवार लक्ष्य प्राप्त होने के साथ ही खरीद प्रारम्भ कर दी जाएगी। खरीद से संबंधित सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के लिए राजफेड के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।</p>
<p>सहकारिता मंत्री ने बताया कि ऑनलाइन पंजीयन के लिए किसान को जनआधार कार्ड नम्बर एवं  खसरा गिरदावरी की ऑनलाइन प्रति पंजीयन फॉर्म के साथ अपलोड करनी होगी। बिना गिरदावरी के पंजीयन करवाने वाले किसान का पंजीयन समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए मान्य नहीं होगा। बटाईदार की स्थिति में पंजीकरण के समय भूमि मालिक के प्रमाणीकरण के लिए ओटीपी भेजा जाएगा तथा सत्यापन के पश्चात ही पंजीकरण पूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि ई-मित्र केन्द्र भी समर्थन मूल्य योजना में किसानों का पंजीयन राजफेड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार पूर्ण सावधानी से करें। गलत एवं तहसील के बाहर के किसानों का पंजीयन करने पर ई-मित्र संचालकों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>ऑनलाइन पंजीकरण  ई-मित्र के माध्यम से प्रातः 9 बजे से सायं 7 बजे तक किये जा सकेंगे। किसान पंजीकरण से पूर्व अपना बैंक खाता जनआधार कार्ड में आवश्यक रूप से संशोधन करवा लें जिससे ऑनलाइन भुगतान के समय उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए राजफेड मुख्यालय में हेल्प लाइन नम्बर 1800-180-6001 स्थापित किया गया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 18:09:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>14 अप्रैल से शुरू होगा ‘केबीसी 17’ के लिए रजिस्ट्रेशन, जल्द ही शुरु होगा हॉट सीट पर सवाल-जवाब का सिलसिला</title>
                                    <description><![CDATA[लोकप्रिय क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) सीजन 17’ के लिए 14 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/registration-for-kbc-17-will-start-soon-from-april-14/article-109775"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/257rtrer-(8)6.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। लोकप्रिय क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) सीजन 17’ के लिए 14 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। ‘कौन बनेगा करोड़पति’ ऑफशियिली तौर पर अपने 17वें सीजन के साथ लौट रहा है। इस बात का खुलासा शो के मेकर्स ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर किया है। प्रोमो में बॉलीवुड के महानायक और केबीसी के होस्ट अमिताभ बच्चन नजर आ रहे हैं। वहीं इस प्रोमो में बताया जा रहा है कि इस शो को रजिस्ट्रेशन जल्द ही शुरू होने वाला है।</p>
<p>इस प्रोमो वीडियो में अमिताभ बच्चन एक मरीज के रूप में डॉक्टर के सामने दिखाई दे रहे हैं। उनके पेट में दर्द होता है। ऐसे अमिताभ से डॉक्टर पूछते हैं कि उन्होंने ऐसा क्या खाया कि उनके पेट में दर्द होने लगा। फिर डॉक्टर कहते हैं कि आपके पेट में कुछ बात है, जिसकी वजह से आपके पेट में दर्द हो रहा है। इस पर अमिताभ  कहते हैं कि छोटी मोटी बात नहीं है एक सरप्राइज है। इसके बाद वो खुलासा करते हैं कि केबीसी 17 के लिए रजिस्ट्रेशन 14 अप्रैल से रात 9 बजे शुरू होने वाले हैं। इस वीडियो को शेयर कर सोनी एंटरटेनमेंट टेलिविजन ने कैप्शन में लिखा- तैयार हो जाइए 14 अप्रैल से हॉट सीट पर आने के लिए। केबीसी के रजिस्ट्रेशन और हमारे एबी के सवाल शुरू होने वाले ही हैं। ये रजिस्ट्रेशन सोनी एंटरटेनमेंट और सोनी लिव पर शुरू होंगे।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Apr 2025 14:17:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोग कृूट रहे चांदी, नियमों में फंसे निगम के हाथ खाली</title>
                                    <description><![CDATA[विशेष रूप से पार्किंग स्थान सबसे बड़ी बाधा बन रही है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/people-are-making-money--corporation-stuck-in-rules-and-empty-handed/article-95846"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/257rtrer-(6)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में विवाह स्थलों की भरमार है लेकिन अधिकतर बिना पंजीयन के ही संचालित हो रहे है। जिससे मैरिज गार्डन संचालक तो हर साल लाखों रुपए कमाई कर चांदी कूट रहे हैंजबकि नगर निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है। कोटा में पहले एक ही नगर निगम था लेकिन परिसीमन के बाद दो निगम कोटा उत्तर व दक्षिण  कर दिए गए। ऐसे में शहर में संचालित विवाह स्थलों को भी उत्तर दक्षिण में विभाजित कर दिया गया। शहर में वर्तमान में हर क्षेत्र में और अधिकतर समाजों के मैरिज गार्डन संचालित हो रहे है। जिनमें हर सीजन में शादियों के आयोजन तो हो रहे है लेकिन उनमें से किसी का भी निगम में पंजीयन नहीं है। </p>
<p><strong>पंजीयन में यह नियम आ रहे आड़े</strong><br />राज्य सरकार के परिपत्र के अनुसार विवाह स्थलों के पंजीयन के लिए आवश्यक है कि उसमें स्वयं का पर्याप्त पार्किंग स्थान होना चाहिए। पर्याप्त नहीं हो तो भी विवाह स्थल की कुल जगह का करीब 25 फीसदी स्थान पार्किंग के लिए होना चाहिए। साथ ही फायर एनओसी हो और विवाह स्थल पर लोगों की क्षमता का प्रमाण पत्र भी होना चाहिए। लेकिन हालत यह है कि वर्तमान में जितने भी विवाह स्थल है उनमें से अधिकतर की न तो स्वयं की पार्किंग है और न ही उनके पास फायर एनओसी है। आयोजनों के समय अधिकतर वाहन मैरिज गार्डनों के बाहर सड़क पर ही खड़े हो रहे है। इस नियम के चलते मैरिज गार्डनों का पंजीयन नहीं हो पा रहा है। बिना इस एक निगम की पालना के अन्य नियमों की भी पालना नहीं हो रही है। जिससे पंजीयन, फायर एनओसी व क्षमता प्रमाण पत्र जारी करने से निगम को हर साल होने वाली आय व राजस्व प्राप्त नहीं हो पा रहा। जिससे लाखों रुपए सालाना राजस्व का निगम को नुकसान भुगतना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>सामाजिक कार्यक्रमों के लिए  विवाह हो रहे</strong><br />जानकारों के अनुसार राज्य सरकार द्वारा नगर विकास न्यास के माध्यम से शहर में अधिकतर समाजों को सामाजिक आयोजनों के लिए रियायती दर पर भूखंड दिए गए थे। लेकिन वर्तमान में उन सभी भवनों में विवाह व अन्य आयोजन हो रहे है। जिससे संचालक लाखों रुपए कमा रहे है। </p>
<p><strong>निगम में नहीं है किसी का पंजीयन</strong><br />नगर निगम राजस्व अनुभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर में विवाह स्थल तो बहुत है। लेकिन उनमें से नगर निगम में एक का भी पंजीयन नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि मैरिज गार्डन संचालक पंजीयन करवाना चाहते है लेकिन राज्य सरकार के नियम आड़े आ रहे है। विशेष रूप से पार्किंग स्थान सबसे बड़ी बाधा बन रही है। </p>
<p><strong>पंजीयन से आय का लक्ष्य</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण की ओर से हर साल बजट में विवाह स्थल व मैरिज गार्डनों के पंजीयन से आय का प्रावधान किया जाता है। चालू वित्त वर्ष के लिए कोटा उत्तर में एक करोड़ रुपए व कोटा दक्षिण में40 लाख रुपए आय का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन हालत यह है कि विवाह स्थलों का पंजीयन नहीं होने से निगम को इस मद में आय ही नहीं हो रही है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शहर में विवाह स्थल तो बहुत है लेकिन निगम में पंजीयन नहीं है। विवाह स्थल पंजीयन में आड़े आ रहे नियमों में संशोधन के लिए पूर्व में रा’य सरकार को कई पत्र लिखे थे लेकिन अभी तक उसमें कुछ भी नहीं हुआ है। जिससे इस मद में निगम कोआय नहीं हो रही है। <br /><strong>- विवेक राजवंशी, नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>
<p>विवाह स्थलों के पंजीयन से निगम कोआय होने का बजट में तो हर साल प्रावधान किया जा रहा है।लेकिन विवाह स्थलों का निगम में पंजीयन नहीं होने से इनसे निगम को राजस्व नहीं मिलने से नुकसान हो रहा है। <br /><strong>- राजीव अग्रवाल, महापौर, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Nov 2024 16:23:21 +0530</pubDate>
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                <title>फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन करने वाले गिरोह पर कसा शिकंजा, गलत रूप से रजिस्टर्ड 21 वाहन जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[सूचना में अंकित रजिस्ट्रेशन नम्बरों के संबंध में वाहन पोर्टल से सूचना ली गई तो सामने आया कि कुछ वाहन पहले अरुणाचल प्रदेश एवं मणिपुर में रजिस्टर्ड हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/crackdown-on-the-fake-registration-gang--vehicles-seijed/article-89746"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/1rtrer-(8)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एटीएस ने नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में वाहनों के फर्जी रजिस्ट्रेशन के बाद राजस्थान में ट्रांसफर किए गए 21 वाहनों को जब्त किया है। एटीएस एवं एसओजी एडीजी वीके सिंह ने बताया कि गोपनीय सूचना मिली कि अन्तर्राज्यीय गिरोह चोरी के वाहनों का मणिपुर एवं अरुणाचल प्रदेश के परिवहन कार्यालयों से फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन सर्टीफिकेट बनावाकर इस के आधार पर राजस्थान के परिवहन कार्यालयों से भी फर्जी तरीके से राजस्थान के रजिस्ट्रेशन नम्बर प्राप्त कर वाहनों को बेच रहे हैं। सूचना के अनुसार मणिपुर व अरुणाचल प्रदेश के कुछ वाहनों के रजिस्ट्रेशन नम्बरों का राजस्थान के रजिस्ट्रेशन नम्बरों पर स्थानान्तरण किया गया है। इस पर कार्रवाई करने के लिए डीआईजी एटीएस अंशुमन भौमिया के निर्देशन में एक टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी विश्लेषण एवं भौतिक सत्यापन कर आधार पर कार्रवाई की। सूचना में अंकित रजिस्ट्रेशन नम्बरों के संबंध में वाहन पोर्टल से सूचना ली गई तो सामने आया कि कुछ वाहन पहले अरुणाचल प्रदेश एवं मणिपुर में रजिस्टर्ड हैं। </p>
<p>इनका जगतपुरा जयपुर आरटीओ ऑफिस में पुन: रजिस्ट्रेशन हुआ है। अरुणाचल प्रदेश व मणिपुर से ट्रांसफर कराने का कारण रजिस्ट्रेशन की ट्रांसफर हिस्ट्री में ड्यू टू माइगे्रटिंग अंकित है। इन संदिग्ध वाहनों के बारे में वाहन निर्माता कम्पनियों से निर्माण के बारे में जांच की गई, तो पता चला कि वाहन निर्माताओं ने संदिग्ध वाहनों का इंजन चेसिस नम्बर का निर्माण नहीं किया है। ऐसे में अपराधियों ने वाहनों पर फर्जी तरीके से इंजन-चेसिस नंबरों का इन्द्राज कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में रजिस्ट्रेशन करवाया है। इस संबंध में एटीएस की टीम गठित कर संबंधित वाहन निर्माता कम्पनियों से असली वाहन मालिकों की जानकारी जुटाई गई। </p>
<p><strong>ये हुए खुलासे</strong><br />पिछले 10 वर्ष (2010 से नौ नवम्बर 2022 तक) में नार्थ-ईस्ट क्षेत्र (असम, अरुणाचल, मणिपुर राज्य) में रजिस्टर्ड कुल 3446 वाहन हैं, जो नार्थ-ईस्ट से राजस्थान में माइग्रेट होकर रजिस्टर्ड हुए हैं, जो 41 श्रेणी (मैक) के वाहन हैं। ये वाहन नॉर्थ ईस्ट के 50 आरटीओ से रजिस्टर्ड होने के बाद माइगे्रट होकर राजस्थान के 51 आरटीओ में रजिस्टर्ड हुए हैं। ऐसे कुल 3159 वाहन हैं। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Sep 2024 11:48:04 +0530</pubDate>
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