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                            <item>
                <title>त्रिपुरा हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, माता-पिता की मृत्यु के बाद पुत्री का तलाक हुआ, तो वह पारिवारिक पेंशन की हकदार नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[त्रिपुरा उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी बेटी का तलाक पिता की मृत्यु के बाद हुआ है, तो वह सिविल सेवा नियम 2017 के तहत पारिवारिक पेंशन की हकदार नहीं होगी। कोर्ट के अनुसार, पात्रता निर्धारण के लिए पेंशनभोगी की मृत्यु के समय दावेदार की कानूनी स्थिति ही मान्य होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/tripura-high-courts-historic-decision-if-a-daughter-gets-divorced/article-154839"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/tripura1.png" alt=""></a><br /><p>अगरतला। त्रिपुरा उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि किसी पुत्री का तलाक उसके पिता की मृत्यु के बाद हुआ है, तो वह त्रिपुरा राज्य सिविल सेवा (संशोधित पेंशन) नियम, 2017 के तहत पारिवारिक पेंशन पाने की पात्र नहीं होगी। उज्जला रानी पॉल बनाम अगरतला नगर निगम मामले में न्यायमूर्ति एस दत्ता पुरकायस्थ ने कहा कि पेंशन नियमों के अनुसार पात्रता तय करने के लिए पेंशनभोगी की मृत्यु के समय दावेदार की कानूनी स्थिति महत्वपूर्ण होती है।</p>
<p>अगरतला निवासी पॉल ने पिछले वर्ष पिता की मृत्यु के बाद पारिवारिक पेंशन की मांग को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। उनके पिता अगरतला नगर निगम में मजदूर के पद पर कार्यरत थे और एक अक्टूबर 2004 को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन प्राप्त कर रहे थे। दो दिसंबर 2018 को उनकी मृत्यु हो गयी थी। उनकी पत्नी का निधन पहले ही हो चुका था। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि उनका विवाह हुआ था, लेकिन विवाह के कुछ समय बाद ही पति ने उनका परित्याग कर दिया था। उन्होंने दावा किया कि वह पिछले 40 वर्षों से अपने पिता के साथ रह रही थीं और उन्हीं पर आश्रित थीं।</p>
<p>अगरतला के पारिवारिक न्यायालय ने हालांकि दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद चार अक्टूबर 2021 को औपचारिक रूप से तलाक की डिक्री जारी की। इसके बाद याचिकाकर्ता ने 23 फरवरी 2022 को पारिवारिक पेंशन के लिए आवेदन किया। अगरतला नगर निगम ने यह कहते हुए उनका आवेदन खारिज कर दिया कि तलाकशुदा पुत्रियों को पेंशन लाभ देने संबंधी संबंधित सरकारी अधिसूचना को निगम ने अपनाया नहीं है। इस निर्णय से असंतुष्ट होकर याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय में न्यायिक पुनर्विचार की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 12:21:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कॉकरोच विवाद पर चीफ जस्टिस की सफाई,बोले- फर्जी डिग्री वालों पर की थी टिप्पणी, देश के युवाओं पर गर्व</title>
                                    <description><![CDATA[चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने अपने 'कॉकरोच' वाले बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी को मीडिया ने गलत तरीके से पेश किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे देश के युवाओं नहीं, बल्कि फर्जी डिग्री के सहारे वकालत और सोशल मीडिया में घुसे परजीवियों की आलोचना कर रहे थे। उन्हें भारतीय युवाओं पर गर्व है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/chief-justices-clarification-on-cockroach-controversy-he-had-commented-on/article-154096"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/suryakant.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कॉकरोच वाले विवाद पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने अपना बयान जारी किया है। चीफ जस्टिस ने कहा है कि मुझे यह पढ़कर दुख हुआ कि मीडिया के एक हिस्से ने शुक्रवार एक तुच्छ मामले की सुनवाई के दौरान मेरी मौखिक टिप्पणियों को किस तरह गलत तरीके से पेश किया है। मैंने विशेष रूप से उन लोगों की आलोचना की थी, जिन्होंने फर्जी और नकली डिग्रियों की मदद से वकालत जैसे व्यवसायों में प्रवेश किया है। चीफ जस्टिस ने कहा है कि ऐसे ही लोग मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य प्रतिष्ठित व्यवसायों में भी घुसपैठ कर चुके हैं, और इसलिए, वे परजीवी की तरह हैं।</p>
<p>चीफ जस्टिस ने अपने बयान में कहा है कि यह कहना पूरी तरह से बेबुनियाद है कि मैंने हमारे देश के युवाओं की आलोचना की मुझे न केवल हमारे वर्तमान और भविष्य के मानव संसाधन पर गर्व है, बल्कि भारत का हर युवा मुझे प्रेरित करता है। बता दें कि 15 मई को चीफ जस्टिस ने एक सुनवाई के दौरान कॉकरोच संबंधी बयान दिया था जिस पर काफी बवाल मचा था।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 09:36:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कुलदीप सिंह सेंगर को करारा झटका, शीर्ष अदालत ने उम्रकैद की सजा निलंबित करने के हाईकोर्ट के आदेश को पलटा</title>
                                    <description><![CDATA[शीर्ष अदालत ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबन पर रोक लगा दी है। जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए मामले पर दो महीने में दोबारा विचार करने का निर्देश दिया। सीबीआई की अपील के बाद सेंगर की उम्रकैद बरकरार रहने की संभावना बढ़ गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/dealing-a-blow-to-kuldeep-singh-sengar-the-apex-court/article-153901"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/kuldeep.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। साल 2017 के चर्चित उन्नाव दुष्कर्म मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें सेंगर की उम्रकैद की सजा पर अस्थायी रोक लगाई गई थी। मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि हाई कोर्ट इस प्रकरण पर दो महीने के भीतर दोबारा विचार करे।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली हाई कोर्ट नया फैसला लेते समय शीर्ष अदालत के आदेश से प्रभावित हुए बिना स्वतंत्र रूप से सभी तथ्यों और कानूनी पहलुओं का आकलन करे। इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो ने हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर की थी, जिस पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सजा निलंबन पर रोक लगा दी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 12:58:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला : सार्वजनिक जगहों पर पशु वध पर प्रतिबंध, जानें उल्लघंन पर कितनी होगी सजा ?</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर पशु वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। अधिसूचना के अनुसार, केवल 14 वर्ष से अधिक आयु के "अनुपयुक्त" पशुओं का वध ही प्रमाणित बूचड़खानों में संभव होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर जेल और जुर्माने का कड़ा प्रावधान किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-of-shubhendu-government-ban-on-slaughter-of-animals/article-153769"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/west-bengal-(2).png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता संभालने के चार दिन बाद भारतीय जनता पार्टी सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर पशु वध पर प्रतिबंध लगाने वाली अधिसूचना जारी की। अधिसूचना में राज्य सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950 को पूरे राज्य में सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। अधिसूचना में कहा गया है कि यह कलकत्ता उच्च न्यायालय के 6 अगस्त, 2018 के फैसले और 8 जून, 2022 को जारी संबंधित सरकारी दिशानिर्देश के अनुसार जारी की गई है।</p>
<p>यह अधिसूचना ऐसे समय में आई है जब आरोप लगे थे कि एक विशेष समुदाय सड़क पर पशुओं का वध कर रहा था, जिससे आस-पड़ोस में रहने वाले अन्य लोगों को असुविधा हो रही थी। आठ सूत्रीय निर्देश में, राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल के सभी वैध बूचड़खानों को पशु वध संबंधी कानून के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। अधिसूचना के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को बैल, बछड़े, गाय, बछड़े, नर और मादा भैंस, भैंस के बच्चे और बधिया भैंस सहित किसी भी पशु का वध करने की अनुमति नहीं होगी, जब तक कि पशु को वध के लिए उपयुक्त घोषित करने वाला प्रमाण पत्र प्राप्त न हो जाए।</p>
<p>अधिसूचना में कहा गया है कि ऐसे प्रमाण पत्र नगरपालिका के अध्यक्ष या पंचायत समिति के अध्यक्ष द्वारा सरकारी पशु चिकित्सा अधिकारी के साथ संयुक्त रूप से जारी किए जा सकते हैं। प्रमाण पत्र तब जारी किया जा सकता है जब अधिकारी लिखित रूप से संतुष्ट हों कि पशु 14 वर्ष से अधिक आयु का है और प्रजनन या काम के लिए उपयुक्त नहीं है, या आयु, चोट, विकृति या बीमारी के कारण स्थायी रूप से अक्षम हो गया है।</p>
<p>इसमें आगे कहा गया है कि यदि ऐसे प्रमाण पत्र के लिए आवेदन अस्वीकृत कर दिया जाता है, तो प्रभावित व्यक्ति अस्वीकृति प्राप्त होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर राज्य सरकार से संपर्क कर सकता है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन पशुओं के लिए वध प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, उनका वध केवल नगर निगम के वधशालाओं या स्थानीय प्रशासन द्वारा नामित वधशालाओं में ही किया जा सकता है। ऐसे पशुओं का खुले सार्वजनिक स्थानों पर वध करना सख्त वर्जित है।</p>
<p>अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि नगर निगम अध्यक्षों, पंचायत समिति अध्यक्षों, सरकारी पशु चिकित्सा अधिकारियों या उनके द्वारा कानून के प्रवर्तन के लिए अधिकृत किसी भी व्यक्ति द्वारा अधिनियम के तहत किए गए निरीक्षणों में किसी को भी बाधा डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। राज्य सरकार ने चेतावनी दी है कि पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950 के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करने पर छह महीने तक की कैद या 1,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि 1950 के अधिनियम के तहत सभी अपराधों को गंभीर प्रकृति का माना जाएगा। अधिसूचना में यह भी बताया गया है कि इस मामले से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय और कलकत्ता उच्च न्यायालय के प्रासंगिक निर्णय सरकारी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 13:23:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>योगी सरकार कैबिनेट में बड़ा फेरबदल संभव,  मायावती ने कहा- मंत्रिमंडल का घटाना-बढ़ाना सत्तारूढ़ दल का आंतरिक राजनीतिक विषय</title>
                                    <description><![CDATA[बसपा प्रमुख मायावती ने यूपी मंत्रिमंडल विस्तार को सत्तारूढ़ दल का आंतरिक मामला बताया, लेकिन चेताया कि यदि इससे गरीबों और युवाओं का भला नहीं हुआ, तो यह केवल संसाधनों पर बोझ होगा। उन्होंने लखनऊ में भाजपा नेता पर हमले का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था और ब्राह्मण समाज की असुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/a-major-reshuffle-is-possible-in-the-yogi-government-cabinet/article-153412"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/mayawati-photo.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश में रविवार को हुये मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मंत्रिमंडल का घटाना-बढ़ाना और विस्तार सत्तारूढ़ दल का आंतरिक राजनीतिक विषय होता है, इसलिए इस पर ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं है लेकिन इसका असर आमजन, खासकर गरीबों, मजदूरों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के जीवन पर सकारात्मक रूप से दिखना चाहिए।</p>
<p>बसपा प्रमुख ने सोमवार को एक्स पर लिखा, “सरकार और मंत्रियों के कामकाज में समाज के हर वर्ग, विशेषकर कमजोर तबकों की जान-माल और मजहब की सुरक्षा सुनिश्चित होती दिखाई देनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो लोग इसे केवल “राजनीतिक जुगाड़” और सरकारी संसाधनों पर बढ़ा बोझ मानेंगे।” उन्होने कहा, “सरकारों और मंत्रियों की पहली संवैधानिक जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सभी वर्गों को न्याय व सुरक्षा का एहसास कराना है। यह व्यवस्था सरकार के कामकाज में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होनी चाहिए।”</p>
<p>बसपा सुप्रीमो ने हाल ही में लखनऊ में ब्राह्मण समाज से जुड़े भाजपा के एक युवा नेता पर हुए जानलेवा हमले का भी जिक्र करते हुये कहा कि इस घटना के बाद प्रदेश में कानून-व्यवस्था और ब्राह्मण समाज की सुरक्षा को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई है। प्रदेश में ब्राह्मण समाज खुद को उपेक्षित और असुरक्षित महसूस कर रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने अपनी पिछली सरकार के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि बसपा की सरकारों में “सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय” की नीति के तहत समाज के हर वर्ग को न्याय और सुरक्षा देने का प्रयास किया गया था। बेहतर कानून-व्यवस्था और सभी वर्गों की सुरक्षा बसपा सरकारों की पहचान रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 18:48:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>खड़गे का केंद्र पर तीखा हमला: मजदूर विरोधी लेबर कोड लागू कर सरकार ने श्रमिकों के अधिकारों का किया खनन, बोले-सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 केवल कागजी औपचारिकता</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार द्वारा 'चुपके से' लागू किए गए चार लेबर कोड की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे 'हायर एंड फायर' वाली उद्योगपति-हितैषी नीति बताते हुए कहा कि इससे करोड़ों मजदूरों के हड़ताल और यूनियन अधिकारों का हनन होगा। कांग्रेस ने न्यूनतम मजदूरी ₹400 करने और श्रमिक न्याय का संकल्प दोहराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kharges-sharp-attack-on-the-center-said-that-the-government/article-153374"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/kharge.png-2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होने के तुरंत बाद चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) को लागू करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने “कायरतापूर्ण तरीके” से 8 और 9 मई 2026 को गजट अधिसूचनाओं के जरिए इन श्रमिक विरोधी कानूनों को लागू किया। खड़गे ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि ये कानून करोड़ों मजदूरों के लिए “हायर एंड फायर”, रोजगार और यूनियन अधिकारों में कटौती का रास्ता खोलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बिना किसी व्यापक चर्चा और श्रमिक संगठनों से सलाह-मशविरा किए इन कानूनों को लागू किया। उन्होंने कहा कि 2015 के बाद से भारतीय श्रम सम्मेलन तक नहीं बुलाया गया और ये श्रम संहिताएं केवल केंद्र सरकार के “उद्योगपति मित्रों” को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वेतन संहिता, 2019 के तहत न्यूनतम मजदूरी तय करने के पुराने मानकों को खत्म कर दिया गया है, जिससे मजदूरों की मजदूरी मनमाने तरीके से तय हो सकेगी। साथ ही नई व्यवस्था में कर्मचारियों की वेतन घटने का खतरा पैदा हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि “व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता, 2020” कार्यस्थल सुरक्षा को कमजोर करता है और गंभीर दुर्घटनाओं में भी कंपनियों को सिर्फ जुर्माना देकर बच निकलने का रास्ता देता है। वहीं महिलाओं की सुरक्षा और श्रमिकों के अधिकारों को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान नहीं हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि “सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020” असंगठित क्षेत्र के 90 प्रतिशत श्रमिकों के लिए केवल “कागजी औपचारिकता” बनकर रह गया है, जबकि गिग वर्कर्स के लिए भी ठोस सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था नहीं दी गई। खड़गे ने आरोप लगाया कि “औद्योगिक संबंध संहिता, 2020” के जरिए 300 कर्मचारियों तक वाली कंपनियों को बिना सरकारी अनुमति कर्मचारियों की छंटनी की छूट दे दी गई है और हड़ताल के अधिकार को भी लगभग खत्म कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी “श्रमिक न्याय” एजेंडा के तहत मनरेगा का विस्तार, 400 रुपये प्रतिदिन राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी, सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुरक्षा, असंगठित मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा और सरकारी कार्यों में ठेका प्रथा समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 11:47:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हाईकोर्ट सहित प्रदेश की सभी अधीनस्थ अदालतों में लोक अदालत का हुआ शुभारंभ: 7 लाख 77 हजार से अधिक मुकदमे होंगे तय</title>
                                    <description><![CDATA[एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने जयपुर में साल की दूसरी लोक अदालत का शुभारंभ किया। इस आयोजन में प्रदेशभर की अदालतों में 7.77 लाख से अधिक मुकदमे सूचीबद्ध किए गए हैं। आपसी समझौते के जरिए वर्षों पुराने विवादों का मौके पर निपटारा कर त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/lok-adalat-started-more-than-7-lakh-77-thousand-cases/article-153278"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/jaipur1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को हाईकोर्ट सहित प्रदेश की सभी अधीनस्थ अदालतों में लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। लोक अदालत का शुभारंभ एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने हाईकोर्ट की जयपुर पीठ में किया। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव हरिमोहन शर्मा अत्री ने बताया कि साल की दूसरी इस लोग अदालत में 7 लाख 77 हजार से अधिक मुकदमे सूचीबद्ध किए गए हैं। जिन में पक्षकार आपसी राजनामें से अपना प्रकरण तय करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 18:30:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कालानाड़ा फायरिंग कांड का ईनामी आरोपी गिरफ्तार, पुलिस रिमांड पर भेजा </title>
                                    <description><![CDATA[अजमेर की अरांई थाना पुलिस ने जमीन विवाद में फायरिंग करने वाले इनामी बदमाश रामेश्वर को वाटिका अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फरवरी में फायरिंग कर दहशत फैलाई थी। पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है, जबकि मुख्य साथी पहले ही पकड़ा जा चुका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/reward-accused-in-kalanada-firing-case-arrested-sent-on-police/article-153276"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rera2.pdf-(1200-x-600-px)3.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। अरांई थाना पुलिस ने कृष्णगंज थाना पुलिस की मदद से कालानाड़ा में गत 10 फरवरी को फायरिंग करने वाले ईनामी आरोपी को वाटिका अपार्टमेंट से बीतीरात को दबोच कर गिरफ्तार किया है। आरोपी से पुलिस मामले में गहनता से पूछताछ कर रही है। एडिशनल एसपी ग्रामीण दीपक कुमार शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी ग्राम धोलपुरिया, अरांई निवासी रामेश्वर पुत्र नाथू है। जिसे आज अदालत के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने उसे पुलिस रिमांड पर वापस थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस उसे गहनता से पूछताछ कर रही है। मामले के अन्य आरोपी कालानाडा निवासी जतन को पूर्व में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।।उसके कब्जे से पिस्टल व कारतूस भी बरामद कर चुकी है। रामेश्वर ने जमीन विवाद में जतन के चाचा देवकरण जाट पर फायरिंग की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 18:08:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीकर में एलन कोचिंग के छात्र ने प्राइवेट हॉस्टल में किया सुसाइड : कुछ दिनों से तनाव में था छात्र,  फोन नहीं उठाने पर दरवाजा काट कर देखने पर चला आत्महत्या का पता</title>
                                    <description><![CDATA[सीकर में तनाव के चलते एलन कोचिंग के छात्र कुणाल ने सुसाइड कर लिया। इस घटना ने राजस्थान कोचिंग विनियमन विधेयक 2025 के लागू न होने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों की मानसिक सुरक्षा के लिए बना कानून अब भी अधर में है, जबकि कोचिंग हब में आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sikar/allen-coaching-student-commits-suicide-in-private-hostel-in-sikar/article-153037"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(2)29.png" alt=""></a><br /><p>सीकर। सीकर पिपराली रोड स्थित एलन कोचिंग संस्थान के छात्र ने मंगलवार को गले में फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली। वह प्राइवेट हॉस्टल में रहता था, जहां उसने खुदकुशी की।  पुलिस के अनुसार बानसूर निवासी कुणाल दो साल से एलन कोचिंग संस्थान में  आईआईटी की तैयारी कर रहा था। वह पिछले कुछ दिनों से तनाव में चल रहा था।  हॉस्टल संचालक द्वारा किए गए फोन को जब उसने नहीं उठाया तो दरवाजे को काट कर देखा गया। तब विद्यार्थी फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कल्याण अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और सूचना उसके परिजनों को दी। बुधवार प्रात: पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया। कुणाल के दादा मातादीन ने बताया कि हमने यहां बच्चे को पढ़ने के लिए भेजा था, लेकिन हमें यह दिन देखना पड़ रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। उद्योगनगर थाना प्रभारी राजेश कुमार बुडरक ने बताया कि केशव कुंज हॉस्टल के संचालक ने सूचना दी थी कि एलन में कोचिंग कर रहा छात्र कुणाल हमारे हॉस्टल में रह रहा था, जिसने हमारे यहां आत्महत्या कर ली। आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। </p>
<p><strong>आठ महीने से अधर में बिल</strong></p>
<p>राजस्थान में कोचिंग स्टूडेंटस के बढ़ते आत्महत्या प्रकरणों को लेकर राज्य सरकार ने कानून बनाया था। राजस्थान कोचिंग सेंटर नियंत्रण और विनियमन विधेयक, 2025 को राजस्थान विधानसभा ने पिछले साल 3 सितम्बर को ध्वनिमत से पारित किया था। इस कानून का मकसद कोचिंग उद्योग खासतौर पर कोटा जैसे बडे कोचिंग हब को नियंत्रित करना है। छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना, आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाना और कोचिंग संस्थानों में बढ़ते व्यवसायीकरण को सीमित करना भी इसका उद्देश्य था। इस कानून को राज्यपाल ने भी मंजूरी दे दी, लेकिन आज तक यह लागू नहीं हो पाया।  जबकि इसी सप्ताह में कोटा और सीकर में तीन छात्रों ने आत्महत्या कर ली। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong></p>
<p>कोटा स्थित संस्थान के मुख्यालय पर एलन कोचिंग संस्थान के निदेशक गोविन्द माहेश्वरी,नवीन माहेश्वरी व नितेश शर्मा को फोन कर व वाट्सअप मैसेज देकर संस्थान का पक्ष जानने की कोशिश की लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सीकर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 10:40:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर पूर्व में ‘ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत बड़ी कार्रवाई: 21 अपराधी गिरफ्तार, 16 इनामी दबोचे</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर पूर्व पुलिस ने अप्रैल माह में 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। अभियान में हत्या और लूट के 21 वांछित अपराधियों सहित 16 इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध हथियार भी बरामद किए। डीसीपी रंजीता शर्मा के नेतृत्व में टीम ने सैकड़ों वारंटों का निस्तारण कर कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/major-action-under-operation-shikanja-in-jaipur-east-21-criminals/article-152532"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/jaipur-east.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जिला जयपुर पूर्व पुलिस ने अप्रैल माह के दौरान चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत अपराधियों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई। यह अभियान 01 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर पूरे राज्य सहित जयपुर आयुक्तालय क्षेत्र में संचालित किया गया। अभियान के दौरान हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में वांछित कुल 21 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें हत्या के 1, हत्या के प्रयास के 5, लूट के 8 और आर्म्स एक्ट के 7 आरोपी शामिल हैं। </p>
<p>खास बात यह रही कि इनमें 2 इनामी अपराधियों को भी पकड़ा गया। पुलिस द्वारा चलाए गए इस अभियान में पूर्व से लंबित 301 स्थाई वारंट और 302 गिरफ्तारी वारंटों का निस्तारण करते हुए बड़ी संख्या में अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 33 अपराधी ‘टॉप-10’ सूची में शामिल थे, जबकि 16 इनामी अपराधियों को भी पकड़ा गया। संगठित अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से आर्म्स एक्ट के तहत 7 नए प्रकरण दर्ज कर 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से 3 पिस्टल, 1 रिवॉल्वर, 2 देशी कट्टे और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। डीसीपी रंजीता शर्मा ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक सिंघल के सुपरविजन में सहायक पुलिस आयुक्तों, थाना प्रभारियों, डीएसटी और साइबर सेल की संयुक्त टीमों का गठन किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 16:37:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सशर्त दी अग्रिम जमानत : पुलिस के बुलाने पर थाने में होना होगा पेश, पढ़ें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को असम में दर्ज मामले में अग्रिम जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के मामलों में हिरासत में पूछताछ जरूरी नहीं है। न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी की पीठ ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए खेड़ा की स्वतंत्रता को सुरक्षित किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/supreme-court-grants-conditional-anticipatory-bail-to-congress-leader-pawan/article-152334"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/supreme.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को असम पुलिस की ओर से दर्ज प्राथमिकी के मामले में शुक्रवार को अग्रिम जमानत दे दी। यह मामला मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा की शिकायत पर दर्ज किया गया था। पवन खेड़ा ने सीएम सरमा पर एक से अधिक पासपोर्ट रखने के आरोप लगाए थे।</p>
<p>न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए.एस. चंदूरकर की पीठ ने गौहाटी उच्च न्यायालय द्वारा खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर गुरूवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। यह फैसला शुक्रवार को जारी किया गया। इसमें उच्चतम न्यायालय ने कहा कि गौहाटी उच्च न्यायालय का अवलोकन "रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के उचित मूल्यांकन पर आधारित नहीं था और त्रुटिपूर्ण प्रतीत होता है, विशेष रूप से आरोपी पर बोझ डालने के मामले में।"</p>
<p>अदालत ने आगे कहा कि आरोप-प्रत्यारोप प्रथम दृष्टया राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से प्रेरित लगते हैं और हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता को उचित नहीं ठहराते। इसकी जांच मुकदमे के दौरान की जा सकती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि उसकी टिप्पणियाँ केवल अग्रिम जमानत देने के प्रश्न तक सीमित हैं और आपराधिक कार्यवाही की योग्यता को प्रभावित नहीं करेंगी, जिसका निर्णय कानून के अनुसार स्वतंत्र रूप से किया जाएगा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि पवन खेड़ा ने इस मामले में केस दर्ज होने के बाद सबसे पहले तेलंगाना उच्च न्यायालय का रुख किया था, जिसने 10 अप्रैल को उन्हें असम की संबंधित अदालत से राहत पाने के लिए एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी। इसके बाद उच्चतम न्यायालय ने 15 अप्रैल को इस राहत पर रोक लगा दी थी, लेकिन स्पष्ट किया कि असम की सक्षम अदालत में दायर किसी भी अग्रिम जमानत याचिका पर स्वतंत्र रूप से निर्णय लिया जाना चाहिए।</p>
<p>बाद में गौहाटी उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि मामला केवल मानहानि तक सीमित नहीं है और दस्तावेजों के स्रोत का पता लगाने के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है, जिसके बाद उन्होंने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 15:40:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ब्रिटेन में डीपफेक बनाने के खिलाफ लागू होगा कानून, सहमति के बिना ऑनलाइन अश्लील इमेज बनाने वालों पर आपराधिक मुकदमा चलाने की तैयारी </title>
                                    <description><![CDATA[केंडल ने संसद में कहा कि ऑनलाइन सुरक्षा अधिनियम 2023 के तहत, किसी की सहमति के बिना उसकी अश्लील तस्वीरें बनाना, साझा करना या साझा करने की धमकी देना व्यक्तियों और प्लेटफॉर्म दोनों के लिए एक आपराधिक कृत्य है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/law-against-making-deepfakes-will-be-implemented-in-britain-preparation/article-139524"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/flag-britain-(-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>लंदन। ब्रिटेन सरकार किसी उपभोक्ता की सहमति के बिना ऑनलाइन अश्लील इमेज बनाने वालों पर आपराधिक मुकदमा चलाने की तैयारी कर रही है। ब्रिटेन की विज्ञान, नवाचार और तकनीकी राज्य मंत्री लिज केंडल ने यह जानकारी दी है। ब्रिटिश मीडिया नियामक ऑफकॉम ने सोमवार को एक्स एआई और एलन मस्क के चैटबॉट ग्रॉक की जांच शुरू की। इनका इस्तेमाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके महिलाओं की सहमति के बिना उनकी अश्लील तस्वीरें बनाने के लिए किया गया था। अगर कोई उल्लंघन पाया जाता है, तो ऑफकॉम कंपनी की वैश्विक कमाई के 10 प्रतिशत के बराबर जुर्माना लगा सकता है। </p>
<p>केंडल ने संसद में कहा कि ऑनलाइन सुरक्षा अधिनियम 2023 के तहत, किसी की सहमति के बिना उसकी अश्लील तस्वीरें बनाना, साझा करना या साझा करने की धमकी देना व्यक्तियों और प्लेटफॉर्म दोनों के लिए एक आपराधिक कृत्य है। डेटा (उपयोग और पहुंच) अधिनियम 2025 ने बिना सहमति के अश्लील तस्वीरें बनाना या बनाने का अनुरोध करना एक आपराधिक कृत्य बना दिया है। आज मैं सदन के सामने यह घोषणा कर सकती हूं कि यह  इस सप्ताह लागू किया जाएगा। </p>
<p><strong>अवैध कंटेंट बनाएगा, उसे वही परिणाम भुगतने होंगे: </strong>एक्स के हालिया फैसले की भी आलोचना की, जिसमें ग्रॉक के तस्वीर बनाने के फीचर तक पहुंच को केवल प्रीमियम सब्सक्रिप्शन लेने वाले लोगों तक सीमित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे सिर्फ दुर्व्यवहार की एक कीमत तय हुई है। <br />मस्क ने एक्स पर तीन जनवरी को कहा कि जो कोई भी ग्रॉक का इस्तेमाल करके अवैध कंटेंट बनाएगा, उसे वही परिणाम भुगतने होंगे जैसे कि वे अवैध कंटेंट अपलोड करते हैं। ब्रिटेन का ऑनलाइन सुरक्षा अधिनियम 2023 ऑफकॉम को टेलीविजन, रेडियो और इंटरनेट पर उपभोक्ता संरक्षण कानून लागू करने के लिए व्यापक अधिकार देता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Jan 2026 14:41:28 +0530</pubDate>
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