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                <title>बाल विवाह से मुक्ति दूर : शहरों में भी 15% बेटियां बन रहीं बालिका वधू</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में बेटियों की शिक्षा का स्तर बढ़ रहा है, लेकिन बाल विवाह से अभी भी मुक्ति दूर है। गांव तो गांव, शहरों में भी अभी उड़ान से पहले ही बेटी को बाल विवाह कर जिम्मेदारियों से बांध रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/freedom-from-child-marriage-15-daughters-are-becoming-child-brides/article-43499"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/शीर्षक-रहित-(630-×-400-px)-(6).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में बेटियों की शिक्षा का स्तर बढ़ रहा है, लेकिन बाल विवाह से अभी भी मुक्ति दूर है। गांव तो गांव, शहरों में भी अभी उड़ान से पहले ही बेटी को बाल विवाह कर जिम्मेदारियों से बांध रहे हैं। राजस्थान के शहरों में ही 15.1 फीसदी बेटियां बालिग होने से पहले ही वधू बना दी जा रही है। गांवों में तो हालात और भयावह है। यहां 28.3 फीसदी बेटियां बचपन में ही विवाह कर दिया जाता है। <br />राष्ट्रीय फैमिली हैल्थ सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान देश में बाल विवाह में पांचवे नंबर पर है। पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, असम के बाद सबसे ज्यादा बेटियों को छोटी उम्र में शादी कर दी जाती है। सैम्पल सर्वे के अनुसार 25 फीसदी बेटियों के हाल यहां बालिग होने से पहले ही पीले कर दिए जाते हैं। देशभर के औसतन से यह 1.7 फीसदी ज्यादा है। उत्तर भारत में तो राजस्थान सबसे ज्यादा बाल विवाह वाला राज्य है। प्रदेश में वर्तमान में करीब 8.30 करोड़ जनसंख्या है। इनमें से 4.40 करोड़ पुरूष और 3.90 करोड़ महिलाएं हैं। <br /><strong>कम उम्र में शादी के साइड इफेक्ट</strong><br />14 जिले ऐसे जहां दो से ज्यादा बच्चे हो रहे कम उम्र के विवाह जिन जिलों में ज्यादा हो रहे हैं, उनमें दंपत्तियां बच्चे भी दो से ज्यादा पैदा कर रही है। इनमें बाड़मेर, बांसवाड़ा, जालौर, जैसलमेर, उदयपुर, पाली, राजसमंद, सिरोही, सवाईमाधोपुर, धौलपुर, बारां, भरतपुर, डूंगरपुर और करौली जिले हैं। बेटियों की यहां बालिग होने पर शादियां बढ़े तो दो बच्चों की सोच भी मूर्तरूप ले। <br /><strong>कम उम्र में गर्भवती होने से एनीमिक और बीएमआई में भी कमी आती है</strong><br />जल्द शादी और जल्द गर्भवती होने महिलाओं की एनीमिक होने और बॉडी मॉस इंडेक्स भी कम रहता है। प्रदेश में अभी 54.4 फीसदी महिलाएं एनीमिक हैं, वहीं 19 फीसदी महिलाएं ऐसी है जिनका उम्र और लंबाई के हिसाब से वजन यानी बॉडी मॉस इंडेक्स नहीं है। बाल विवाह रूके तो महिलाओं में पैदा होने वाली यह समस्याएं भी घटेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Apr 2023 11:22:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>बाल विवाहों के रजिस्ट्रेशन कानून मामला : गवर्नर साहब कानून वापस हमारे पास भेज दें : गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री बोले: बाल विवाहों के रजिस्ट्रेशन कानून को लेकर कंट्रोवर्सी हुई, हम कानूनी राय ले रहे हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B0%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A4%BE---%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%AC-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%A8-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A4%B8-%E0%A4%B9%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B8-%E0%A4%AD%E0%A5%87%E0%A4%9C-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%82---%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4/article-1593"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/cm-spich-.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर</strong>। राज्य सरकार बाल विवाह रजिस्ट्रेशन संशोधन विधेयक को वापस लेने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस बिल को वापस लेने के संकेत दिए है। गहलोत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की भावनाओं के अनुकूल कानून पारित किया गया, लेकिन इस कानून को लेकर कंट्रोवर्सी पैदा हुई है। हमने पहले भी इस पर कानूनी राय ली है। गवर्नर साहब से निवेदन करेंगे कि जो कानून हमने पास किया है, वो हमारे पास वापस भेज दें। हम इसे दिखवा लेंगे। आगे कानूनी राय अगर विपरीत आएगी तो, हम इसे आगे नहीं बढ़ाएंगे। राजस्थान विधानसभा ने 17 सितंबर को राजस्थान विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण संशोधन विधेयक 2021 को पारित किया था, जो अभी राज्यपाल के पास विचाराधीन है। गहलोत सोमवार को अंतरराष्टÑीय बालिका दिवस पर राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान कहा कि विवाह रजिस्ट्रेशन को लेकर जो कानून पारित हुआ, उसे लेकर राजस्थान के  अंदर एक कंट्रोवर्सी चल रही है बाल विवाहों का रजिस्ट्रेशन करवा रहे है। सुप्रीम कोर्ट का एक आदेश था कि तमाम शादियों का रजिस्ट्रेशन होना चाहिए, ताकि बाद में उनके बच्चे पैदा हो गए और उनके खानदान में किसी तरह की अड़चन नहीं आए। उसी भावना के अनुकूल कानून पारित किया। अब हमने तय किया है कि हमारा कोई प्रतिष्ठा का सवाल नहीं है। हम इसे लॉ से दिखवा रहे है और कानूनी राय ले रहे है। गवर्नर साहब से निवेदन करेंगे कि जो कानून हमने पास किया है वो हमारे पास वापस भेज दें, अगर जरूरत समझेंगे तो आगे बढ़ाएंगे नहीं तो नहीं बढ़ाएंगे। राजस्थान में किसी भी किमत पर बाल विवाह नहीं हो, यह हमारा संकल्प है। यह आपको विश्वास दिलवाना चाहता हूं।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>लंबे समय बाद मदर इंडिया फिल्म देखी</strong></span></span><br /> गहलोत ने कहा कि चिकित्सकों ने सलाह दी है कि आप अपनी दिनचर्या को बदलो तो काफी लंबे समय बाद कल रात को मैंने मदर इंडिया फिल्म देखी। फिल्म में दिखाया गया है कि पहले किसानों को लूटा जाता था, मूल से ज्यादा ब्याज वसूला जाता था। फिल्म में सुनील दत्त का परिवार भी लुट रहा था, फिर सुनील दत्त स्कूल में  पढ़ने गया। ऐसा ही वर्तमान में है यदि बच्चे अभी नहीं पढ़ेंगे तो भविष्य खराब हो जाएगा। सरकार ने लड़कियों की विश्वविद्यालय तक की शिक्षा फ्री कर रखी है। एक भी बालक-बालिका शिक्षा से वंचित न रहे।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>साहसी बालिकाओं का सम्मान</strong></span></span><br /> समारोह में मुख्यमंत्री ने पैरालिंपिक में गोल्ड मैडलिस्ट निशानेबाज अवनी लेखरा तथा 9 साहसी बालिकाओं का सम्मान किया और बाल श्रम से मुक्त होकर बाल शिक्षा आश्रम में अध्ययन के लिए नामांकित बच्चों को पोशाक का वितरण किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना के तहत लाभान्वित निराश्रित बच्चों एवं विधवाओं से संवाद किया। गहलोत ने गांधी योजना सुगम सेतु अभियान के लोगो एवं पोस्टर तथा इंदिरा गांधी महिला एवं बाल विकास शोध संस्थान एवं उड़ान योजना के लोगो का अनावरण किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री ममता भूपेश ने कहा कि बालिकाओं एवं महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए विभाग दूरगामी सोच के साथ काम कर रहा है। श्रम राज्य मंत्री टीकाराम जूली ने कहा कि कई उदाहरण हैं जिनमें महिलाओं एवं बेटियों ने विषम परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करते हुए जीवन में सफलता हासिल की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Oct 2021 10:57:25 +0530</pubDate>
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