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                            <item>
                <title>यूक्रेन जेलेंस्की शांति: 'शांति संबंधी' समझौते के लिए तैयार यूक्रेन</title>
                                    <description><![CDATA[यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में कहा कि वे 'सम्मानजनक' शांति समझौते के लिए तैयार हैं। उन्होंने वार्ता में यूरोप की भागीदारी और अमेरिका से ठोस सुरक्षा गारंटी की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/ukraine-ready-for-zelensky-peace-deal/article-143270"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(24)1.png" alt=""></a><br /><p>कीव। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन एक ऐसे समझौते के लिए तैयार है जो वास्तविक रूप से शांति लाएगा। यूक्रिनफॉर्म न्यूज एजेंसी के अनुसार, जेलेंस्की ने जर्मनी में आयोजित म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में एक भाषण के दौरान कहा, यूक्रेन एक ऐसे समझौते के लिए तैयार है जो हमारे लिए, यूक्रेन के लिए, यूरोप के लिए असली शांति लाएगा। </p>
<p>जेलेंस्की ने कहा, इस संकट को सबसे पहले अस्मिता के साथ खत्म किया जा सकता है। यह हमारे लिए सबसे जरूरी बात है। उनके मुताबिक, यूरोप असल में बातचीत के लिए मौजूद नहीं है, जो एक बड़ी गलती है। यूक्रेन बातचीत की प्रक्रिया में यूरोप को पूरी तरह से शामिल करने की कोशिश कर रहा है ताकि यूरोप के हितों और यूरोप की आवाज का ध्यान रखा जा सके।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यूक्रेन बातचीत को सफल बनाने के लिए सब कुछ करेगा। वह अमेरिका के प्रतिनिधियों के साथ लगातार बातचीत कर रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 16:03:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा में एआई के सहारे तैयार हो रही इको फेंड्रली राखियां, मैक्सिको, यूएस, दुबई हो रही एक्सपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षाबंधन का पर्व अगस्त महीने में हो पर समूह की महिलाओं ने अभी से ही राखियों का आॅर्डर लेकर उनको तैयार करने में लगी हुई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-eco-friendly-rakhis-are-being-prepared-in-kota-with-the-help-of-ai--exporting-to-mexico--us--dubai/article-120248"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/8842roer-(1)7.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। अभी राखी के त्यौहार में समय है लेकिन इसकी तैयारियां स्वयं सहायता समूह ने अभी से कर ली है। इस बार राखी  नए लुक में तैयार करने के लिए स्वयं सहायता समूह एआई का सहारा ले रही है।यहां तैयार राखी मैक्सिकों,यूएस व दुबई तक जा रही हैं।  यहां नई तकनीक से इको फ्रेंडली और रियूज राखियां तैयार हो रही हैं जो बाद में सजावट और अन्य काम आ सकें। कम लागत में बेहतर राखियों की डिजायन तैयार करने में महिलाए दिन रात लगी हुई है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपने माल को बेचने के लिए भी इस बार नया ट्रेंड अपनाया है।  व्हाट्सगु्रप्स , प्रदर्शनी, मैले, लोकल दुकानदार, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, शहर के विभिन्न मार्केट सहित अन्य आसपास की दुकानों पर इसकी सप्लाई कर रही हैं जिससे आमजन को सस्ती और अच्छी राखियां मिल सकें। जिला प्रशासन, आयुक्त नगर निगम व एनयूएलएम के संयुक्त तत्वावधान में शहर की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं घर पर राखी बनाकर रोजगार सृजन कर रही है व साथ ही अच्छा खासा पैसा कमाकर स्वयं को आत्मनिर्भर बना रही है। रक्षाबंधन का पर्व अगस्त महीने में हो पर समूह की महिलाओं ने अभी से ही राखियों का आॅर्डर लेकर उनको तैयार करने में लगी हुई है। इस काम में साठ से अधिक महिलाएं जुटी हैं।  हेमलता गांधी ने बताया कि दोनों नगर निगम के आयुक्त अशोक त्यागी व अनुराग भार्गव भी हमेशा समूह की महिलाओं को उत्पाद बेचने के लिए प्रोत्साहन करते हैं। </p>
<p><strong>यहां से आता है कच्चा माल</strong><br />दिल्ली, अहमदाबाद, बॉम्बे, उज्जैन, कोलकता व शहर के लोकल बाजार से कच्चे माल की खरीदारी कर समूह की महिलाएं राखी बनाती है। समूह की महिलाओं ने बताया कि राखियां बेचने के लिए हमने व्हाट्सगु्रप्स, प्रदर्शनी, मैले, लोकल दुकानदार, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, शहर के विभिन्न मार्केट सहित अन्य आसपास के दुकानदारों को भी बेचने के लिए जाते है।</p>
<p>रक्षाबंधन पर पर्यावरण को संरक्षण करने वाली राखियां बनाती हूं। जिसे पर्यावरण को नुकसान भी नहीं होता है। घर पर राखियां बनाकर में तीस से चालीस हजार रुपए कमा लेती हूं। <br /><strong>- शीला, राखी निर्माता</strong></p>
<p><strong>ऐसे तैयार होती हैं राखियां</strong><br />ऊनी धागे, मोती,धागे, रेशम की डोरिया, स्टोन, फोम, वेस्ट मटेरियल, इको फ्रेंडली मटेरियल से राखियां बनाई जाती है। अधिकतर में रियूज ही राखियां बनाती हूं।  मैंने इस बार तिरंगा थीम परभी राखियां बनाई जिनका ऑर्डर अभी से ही मेरे को मिल रहा है। साथ ही मेरी बनी राखी मेक्सिको, यूएस, दुबई सहित अन्य देशों में जाती है।<br /><strong>- आदिति, राखी निर्माता </strong></p>
<p>विभिन्न जगहों से में कच्चा मटेरियल लाकर राखी बनाती हूं। मेरे साथ समूह में करीब दस से अधिक महिलाएं राखी बनाती हैं। <br /><strong>- तुलसी चौहान </strong></p>
<p>जीरो वेस्ट जिनमें कपड़े के थैले, जूट के बैग या अन्य टिकाऊ सामग्री से में घर पर ही राखी बनाती हूं । साथ ही भाईयां - भाभी की राखी भी बनाती हूं। मेरी राखी दिल्ली, गुड़गांव, महाराष्ट, यूपी सहित अन्य राज्यों में जाती है। <br /><strong>- मधुमिता राखी निर्माता</strong></p>
<p>मैंने रक्षाबंधन के लिए अभी से ही राखी बनाने का काम शुरू कर दिया। जिसमें मोती, धागे, रेशम की डोरियों से राखी बना शुरू कर दिया। मेरी बनी राखी लोकल मार्केट सहित अन्य जगहों पर बिकती है।<br /><strong>- सोनी गुप्ता राखी निर्माता </strong></p>
<p>मैं घर पर ही राखी बनाकर एक माह अच्छी कमाई कर लेती हूं । राखी बनाते इस बात का ध्यान रखा जाता है कि राखी रीयूज हो साथ ही पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली नहीं हो। <br /><strong>- रिचा गुप्ता राखी निर्माता</strong></p>
<p>महिलाएं राखी बनाकर इनको विभिन्न स्थानों पर बेचने के लिए भेजती है। साथ ही इस साल बनने वाली राखी रीयूज व पर्यावरण संरक्षित करने वाली है। राखी बेचकर महिलाएं करीब तीस से चालीस हजार रूपए कमा लेती है।<br /><strong>- हेमलता गांधी, जिला प्रबंधक एनयूएलएम कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Jul 2025 14:46:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका, इज़रायल के साथ चल रहे संघर्ष में यमन के 73 लोग हताहत: हूती नेता</title>
                                    <description><![CDATA[यमन के हूती समूह के नेता ने अपने भाषण में इज़रायल के खिलाफ, खासकर हमास और हिजबुल्लाह के नेताओं को निशाना बनाने सहित हाल की घटनाओं के जवाब में जवाबी कार्रवाई करने की धमकी दोहराई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/73-people-of-yemen-killed-in-ongoing-conflict-with-america/article-87870"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rer-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>अदन। यमन के हूती समूह के नेता अब्दुल-मलिक अल-हूती ने खुलासा किया कि अक्टूबर 2023 में इज़रायल के खिलाफ उनके सैन्य अभियान की शुरुआत से लेकर अब तक 73 लोग मारे गए हैं और 181 घायल हुए हैं।</p>
<p>हूती का दावा है कि ये ऑपरेशन ''फिलिस्तीनी लोगों के समर्थन में'' हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और इससे अंतरराष्ट्रीय जगत का ध्यान आकर्षित हुआ है।</p>
<p>समूह के अल-मसीरा टीवी चैनल पर प्रसारित अल-हूती के बयान में जिसे वह (वादा की गई जीत) लड़ाई कहते हैं, में मरने वालों की संख्या के बारे में विस्तार से बताया है। यह अभियान लाल सागर क्षेत्र में बढ़ी हुई सैन्य गतिविधि के साथ मेल खाता है, जिसमें उन जहाजों पर हमले भी शामिल हैं जिनके बारे में हूती का दावा है कि वे इज़रायल से जुड़े हैं।</p>
<p>हूती नेता ने यमन में हाल की अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों के बारे में भी बात की, जिनमें कहा गया कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने अकेले इस सप्ताह 10 हवाई हमले किए। इनमें से कथित तौर पर आठ हमलों में लाल सागर पर तटीय प्रांत होदैदाह को निशाना बनाया, साथ ही हज्जाह प्रांत और सना में अतिरिक्त हमले किए। ये अमेरिकी और ब्रिटिश हवाई हमले क्षेत्र में जहाज सेवा पर हूती विद्रोहियों के नौसैनिक हमलों के जवाब में जनवरी 2024 में शुरू हुए हैं।</p>
<p>यमन के हूती समूह के नेता ने अपने भाषण में इज़रायल के खिलाफ, खासकर हमास और हिजबुल्लाह के नेताओं को निशाना बनाने सहित हाल की घटनाओं के जवाब में जवाबी कार्रवाई करने की धमकी दोहराई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Aug 2024 14:40:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान ने अमेरिकी खुफिया बयानों को किया खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र में ईरानी मिशन ने समाचार एजेंसी के हवाले से  कहा कि ईरान का अमेरिकी चुनावों को प्रभावित करने का कोई उद्देश्य या गतिविधि नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-rejected-american-intelligence-statements/article-86314"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/iran-flagg.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन ने अमेरिका में आगामी चुनावों में अपने कथित हस्तक्षेप के संबंध में अमेरिकी खुफिया बयानों को खारिज कर दिया है। स्थानीय आईआरएनए समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी।</p>
<p>स्थानीय मीडिया ने बताया कि अमेरिका के राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के कार्यालय ने निराधार दावे किए थे कि रूस, चीन और ईरान कथित तौर पर अमेरिकी मतदाताओं और आगामी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने के लिए विपणन, संचार और अन्य साधनों का उपयोग करते हैं।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र में ईरानी मिशन ने समाचार एजेंसी के हवाले से  कहा कि ईरान का अमेरिकी चुनावों को प्रभावित करने का कोई उद्देश्य या गतिविधि नहीं है। इनमें से अधिकतर आरोप चुनाव अभियानों को पुनर्जीवित करने के लिए मनोवैज्ञानिक कार्यों के हिस्से के रूप में लगाए जा रहे हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/iran-rejected-american-intelligence-statements/article-86314</link>
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                <pubDate>Tue, 30 Jul 2024 16:14:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑस्ट्रेलिया में अमेरिकी नौसैनिकों को ले जा रहा हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त</title>
                                    <description><![CDATA[ऑस्ट्रेलिया में लगभग 20 अमेरिकी नौसैनिकों को ले जा रहा सैन्य हेलीकॉप्टर वी-22 ऑस्प्रे, उत्तरी ऑस्ट्रेलियाई शहर डार्विन के तट पर सैन्य अभ्यास के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/helicopter-carrying-us-marines-crashes-in-australia/article-55598"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/us-army.png" alt=""></a><br /><p>सिडनी। ऑस्ट्रेलिया में लगभग 20 अमेरिकी नौसैनिकों को ले जा रहा सैन्य हेलीकॉप्टर वी-22 ऑस्प्रे, उत्तरी ऑस्ट्रेलियाई शहर डार्विन के तट पर सैन्य अभ्यास के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है।</p>
<p>स्काई न्यूज ऑस्ट्रेलिया ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी। ब्रॉडकास्टर के मुताबिक हेलीकॉप्टर दुर्घटना 01:30 जीएमटी पर मेलविले द्वीप के पास हुई। दुर्घटना के बाद कुछ नौसैनिक लापता बताये गये हैं।</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि सैन्य अभ्यास, में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस और तिमोर-लेस्ते की सेना शामिल है। दुर्घटना के कारण अभ्यास को निलंबित कर दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Aug 2023 11:30:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंडियन वर्ल्ड फोरम ने कनाड़ा और अमेरिका में भारतीय मिशनों पर हमले की निंदा की</title>
                                    <description><![CDATA[ इंडियन वर्ल्ड फोरम ने कनाड़ा, ब्रिटेन और अमेरिका में भारतीयों तथा भारतीय राजनयिक मिशनों को निशाना बनाने की कोशिशों की कड़ी निंदा करते हुए वहां की सरकारों से इस तरह की हरकत करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/indian-world-forum-condemns-attack-on-indian-missions-in-canada/article-50818"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/rj-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। इंडियन वर्ल्ड फोरम ने कनाड़ा, ब्रिटेन और अमेरिका में भारतीयों तथा भारतीय राजनयिक मिशनों को निशाना बनाने की कोशिशों की कड़ी निंदा करते हुए वहां की सरकारों से इस तरह की हरकत करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।फोरम ने मंगलवार को एक वक्तव्य जारी करके कहा कि वह कनाड़ा, ब्रिटेन तथा अमेरिका में खालिस्तानी तत्वों और भारत विरोधी ताकतों द्वारा विदेशी एजेन्सियों के साथ गठजोड़ से  भारतीयों तथा भारतीय राजनयिक मिशनों को निशाना बनाने की कोशिशों की कड़ी निंदा करती है। फोरम ने कहा है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन देशों की सरकारें भारत के खिलाफ गतिविधियों को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही हैं।</p>
<p>फोरम के अध्यक्ष पुनीत सिंह चंडोक ने कहा है कि वह इन देशों की सरकारों से अनुरोध करते हैं कि वे खालिस्तानी तत्वों सहित उन सभी लोगों के खिलाफ गंभीरता से कड़ी कार्रवाई करें जो भारत के खिलाफ साजिश रच रहे हैं। उन्होंने इन देशों  में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने को भी कहा है।  उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी अनुरोध किया है कि भारत सरकार को इन सभी भारत विरोधी तत्वों के प्रत्यर्पण की कार्रवाई शुरू करनी चाहिए और उन्हें देश में लाकर दंडित किया जाना चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Jul 2023 14:24:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूनेस्को में फिर से शामिल होने का अमेरिकी प्रस्ताव मंजूर</title>
                                    <description><![CDATA[यूनेस्को की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अमेरिका संगठन के नियमित बजट के 22 प्रतिशत के बराबर धनराशि देगा। बकाया राशि के यथाशीघ्र भुगतान के अलावा, अमेरिका अफ्रीका में शिक्षा तक पहुंच और प्राकृितक आपदा के कार्यक्रमों सहित फंड कार्यक्रमों में स्वैच्छिक योगदान भी देगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-proposal-to-rejoin-unesco-approved/article-50548"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/630-400-size-की-कॉपी.png" alt=""></a><br /><p>पेरिस। संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के 193 सदस्य देशों ने शुक्रवार को आम सभा के एक असाधारण सत्र में इस संगठन में फिर से शामिल होने के अमेरिकी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।<br /><br />एक सौ 32 सदस्य देशों ने दो दिनों की चर्चा के बाद अमेरिका की संगठन में वापसी के पक्ष में और 10 ने विरोध में मतदान किया। अमेरिका दो बार हट चुका है जिससे संगठन के काम पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।<br /><br />यूनेस्को की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अमेरिका संगठन के नियमित बजट के 22 प्रतिशत के बराबर धनराशि देगा। बकाया राशि के यथाशीघ्र भुगतान के अलावा, अमेरिका अफ्रीका में शिक्षा तक पहुंच और प्राकृितक आपदा के कार्यक्रमों सहित फंड कार्यक्रमों में स्वैच्छिक योगदान भी देगा।<br /><br />यूनेस्को में चीन के स्थायी प्रतिनिधि यांग जिन ने मतदान के बाद पत्रकारों से कहा कि अमेरिका को टकराव और विभाजन में शामिल होने के बजाय संगठन की वापसी के बाद उसकी एकता और सहयोग को बढ़ावा देने में योगदान देना चाहिए।<br /><br />यांग ने कहा, "चीन यूनेस्को में अपनी वापसी के बाद अमेरिका से आग्रह करता है कि वह अपने दायित्वों और प्रतिबद्धताओं को पूरा करे, सदस्यता बकाया राशि का पूरा और समय पर भुगतान करे, और यूनेस्को को कई वर्षों से बकाया राशि का यथाशीघ्र भुगतान करे।"<br /><br />उन्होंने अमेरिका से सच्चे बहुपक्षवाद का पालन करने, सभी देशों की संप्रभुता और सामाजिक प्रणालियों का सम्मान करने, सामाजिक विविधता का निर्वहन करने तथा उसे बनाए रखने, वैचारिक टकराव से दूर रहने और सदस्य देशों के बीच आपसी समझ और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध होने का भी आह्वान किया।<br /><br />उल्लेखनीय है कि अमेरिका 1984 और 2017 में दो बार यूनेस्को से बाहर हो गया था। इस साल जून में, अमेरिका ने यूनेस्को के महानिदेशक को एक पत्र भेजा, जिसमें एक ठोस वित्तीय योजना के आधार पर जुलाई की शुरुआत में संगठन में फिर से शामिल होने का प्रस्ताव रखा गया। प्रस्ताव में 619 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुमानित बकाया चुकाने की प्रतिबद्धता भी शामिल थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Jul 2023 11:54:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रूस ने परमाणु हमले पर अमेरिकी सीनेटरों की अटकलों की निंदा की</title>
                                    <description><![CDATA[एंटोनोव ने मीडिया में साझा किए गए एक बयान में कहा, ''रूस द्वारा सामरिक परमाणु हथियारों के संभावित उपयोग की अटकलें बेतुकी हैं। अमेरिकी सांसदों की उत्तेजक और अदूरदर्शी बयानबाजी केवल तनाव को बढ़ावा देती है और स्थिति को और भी खतरनाक स्तर तक ले जाने का खतरा बढ़ाती है।"]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russia-condemns-us-senators--speculation-on-nuclear-strike/article-49765"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-(2)26.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिका में रूस के राजदूत अनातोली एंटोनोव ने कहा है कि उनके देश की ओर से यूक्रेन पर परमाणु हथियारों का उपयोग करने वाली अमेरिकी सीनेटरों की अटकलें बेतुकी हैं और यह तनाव को बढ़ाने में योगदान देती हैं।</p>
<p>इससे पहले, गुरुवार को अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा था कि अमेरिकी सांसद रूस द्वारा यूक्रेन में परमाणु हथियार का उपयोग को नाटो गठबंधन पर हमला मानने के लिए एक प्रस्ताव पेश कर रहे हैं। </p>
<p>एंटोनोव ने मीडिया में साझा किए गए एक बयान में कहा, ''रूस द्वारा सामरिक परमाणु हथियारों के संभावित उपयोग की अटकलें बेतुकी हैं। अमेरिकी सांसदों की उत्तेजक और अदूरदर्शी बयानबाजी केवल तनाव को बढ़ावा देती है और स्थिति को और भी खतरनाक स्तर तक ले जाने का खतरा बढ़ाती है।"</p>
<p>एंटोनोव ने इस प्रस्ताव को अमेरिका में रूसोफोब सीनेटरों की एक और पागल पहल बताते हुए उसकी आलोचना की। राजदूत ने कहा कि बेलारूस में रूस द्वारा सामरिक परमाणु हथियारों की तैनाती कानूनी आधार पर की गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Jun 2023 12:44:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका में गोलीबारी में 16 की मौत, 30 से अधिक घायल</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने बंदूक हिंसा को 'महामारी' करार देते हुए उससे निपटने को उनके प्रशासन की घोषित प्राथमिकता बताया था, लेकिन अभी तक इस प्रक्रिया में कोई महत्वपूर्ण प्रगति नहीं हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/16-dead-more-than-30-injured-in-us-shooting/article-47179"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/235029-hollywood-beach-florida-shooting-er-1100p-5b7f49.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिका में स्मृति दिवस सप्ताहांत के दौरान गोलीबारी में मरने वालों की संख्या 16 हो गयी है और 30 से अधिक लोग घायल हैं। एनबीसी न्यूज ने बताया कि देश के कम से कम आठ राज्यों में समुद्र तटों (बीच) पर, हाई स्कूलों में, मोटरसाइकिल रैलियों के दौरान और अन्य स्थानों पर बंदूक से हिंसा के मामले सामने आये। इन घटनाओं में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए, जिनमें से अब तक 16 की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। मृतकों की संख्या बढऩे की आशंका है।</p>
<p>गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने बंदूक हिंसा को 'महामारी' करार देते हुए उससे निपटने को उनके प्रशासन की घोषित प्राथमिकता बताया था, लेकिन अभी तक इस प्रक्रिया में कोई महत्वपूर्ण प्रगति नहीं हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 May 2023 11:55:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत में जासूसी कर रहा अमेरिका, अजीत डोभाल और रूसी एनएसए की बातचीत लीक, उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के लीक हुए खुफिया दस्तावेज के आधार पर अखबार ने यह दावा किया है। इन लीक हुए दस्तावेजों में कथित रूप से डोभाल अपने रूसी समकक्ष से कहते हैं कि भारत यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि यूक्रेन युद्ध का मुद्दा आगामी जी-20 बैठक में न उठे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/us-spying-in-india-ajit-doval-and-russian-nsa-talks/article-44428"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/v-2.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। रूस-यूक्रेन युद्ध और चीन के साथ तनाव के बीच भारत एवं अमेरिका में दोस्ती परवान चढ़ रही है। भारत अमेरिका से बड़े पैमाने पर हथियार और मिसाइलें खरीद रहा है, वहीं एप्पल जैसी अमेरिकी कंपनियां चीन के साथ-साथ भारत को अपना ठिकाना बना रही हैं। इस बीच एक ताजा खुलासे से भारत और अमेरिका के बीच दोस्ती पर सवाल उठने लगे हैं। अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने अमेरिका खुफिया दस्तावेजों के आधार पर एक रिपोर्ट को प्रकाशित किया है जिससे साफ जाहिर होता है कि अमेरिका दोस्त बनकर भारत में जासूसी की गतिविधियों में शामिल है। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने इस साल 22 फरवरी को रूस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार निकोलय पत्रुशेव से मास्को में मुलाकात के दौरान कहा था कि भारत बहुपक्षीय मंचों पर रूस का समर्थन करेगा। अमेरिका के लीक हुए खुफिया दस्तावेज के आधार पर अखबार ने यह दावा किया है। इन लीक हुए दस्तावेजों में कथित रूप से डोभाल अपने रूसी समकक्ष से कहते हैं कि भारत यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि यूक्रेन युद्ध का मुद्दा आगामी जी-20 बैठक में न उठे।</p>
<p><strong>यूक्रेन के जी-20 बैठक में शामिल होने को लेकर फंसा पेच</strong><br />भारत इस समय जी-20 का अध्यक्ष है और कुछ महीने बाद ही इस वैश्विक समूह के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक नई दिल्ली में होने वाली है। इस बैठक में बाइडन, पुतिन और जी-20 के अन्य राष्ट्राध्यक्षों के आने की उम्मीद है। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की चाहते हैं कि इस बैठक में उन्हें वर्चुअल तरीके से हिस्सा लेने की अनुमति दी जाए। यूक्रेनी की मंत्री ने हाल ही में भारत यात्रा के दौरान इसका अनुरोध भी किया था। यूक्रेन के इस अनुरोध पर अभी भारत ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया है।</p>
<p><strong>रूस ने गिराया अमेरिका का विमान</strong><br />इस लीक दस्तावेज में कहा गया है कि डोभाल ने रूसी समकक्ष से कहा कि यूक्रेन मुद्दे को लेकर काफी दबाव है लेकिन वह इसे जी-20 सम्मेलन में आने नहीं देंगे। इसमें डोभाल के हवाले से कहा गया है कि भारत यूक्रेन मामले में अपने पहले ली गई स्थिति से पीछे नहीं हटेगा। यही नहीं यूक्रेन को लेकर संयुक्त राष्ट्र में आए पश्चिमी देशों के प्रस्ताव को समर्थन देने के दबाव के आगे नहीं झुकेगा। यह लीक हुआ दस्तावेज अमेरिका के खुफिया दस्तावेजों का हिस्सा है। यह दस्तावेज मैसेजिंग ऐप डिस्कॉर्ड पर लीक हुआ है।</p>
<p><strong>बातचीत तक कैसे पहुंचा अमेरिका</strong><br />यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अमेरिका की खुफिया एजेंसी तक डोभाल की रूसी एनएसए के साथ हुई यह बातचीत कैसे पहुंची। पत्रुशेव रूसी राष्ट्रपति के बहुत करीबी हैं। उन्होंने 29 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी। वह एससीओ की बैठक में हिस्सा लेने के लिए आए थे। इसी दस्तावेज में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय के अंदर जासूसी का भी खुलासा हुआ है। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और विदेश राज्य मंत्री हिना रब्बानी खार की बातचीत भी लीक हो गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 May 2023 10:47:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के साथ संबंध महत्वपूर्ण : अमेरिका</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने  पिछले महीने लॉस एंजिल्स के पूर्व मेयर एरिक गार्सेटी की भारत में अमेरिका के राजदूत के रूप में पुष्टि का स्वागत किया था और कहा था कि वह बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ काम करने को उत्सुक है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/americas-relationship-with-india-one-of-the-most-important-relationships/article-41860"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/6666.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली/वाशिंगटन। अमेरिका ने कहा कि उसका मानना है कि वह भारत के साथ अपने संबंधों को दुनिया में सर्वाधिक परिणामी संबंधों में से एक के रूप में देखता है और अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी भारत के साथ विभिन्न क्षेत्रों यथा महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों, रक्षा सहयोग, आर्थिक और दोनों देशों के  बीच संबंधों को गहरा करने के 'महत्वाकांक्षी प्रयास' को और मजबूत करेंगे। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरीन जेन पियरे ने राजदूत गार्सेटी द्वारा भारत के लोगों के लिए राष्ट्रपति की ओर से दिये गये संदेश को लेकर पूछे गये सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि देखिए , मैंने पहले भी कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि अमेरिका के दुनिया के साथ संबंधों में एक अहम संबध भारत के साथ संबंध हैं और यह अब तक बादस्तूर जारी हैं। राजदूत गार्सेटी इन्हीं मजबूत संबंधों को और भी गहरा करने के लिए  महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों में भारत के साथ हमारे सहयोग को गहरा करने, हमारे रक्षा सहयोग का विस्तार करने और हमारे आर्थिक और लोगों से लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने के महत्वाकांक्षी प्रयास का नेतृत्व करेंगे।</p>
<p>भारत ने  पिछले महीने लॉस एंजिल्स के पूर्व मेयर एरिक गार्सेटी की भारत में अमेरिका के राजदूत के रूप में पुष्टि का स्वागत किया था और कहा था कि वह बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ काम करने को उत्सुक है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने अपनी ब्रीफिंग में कहा था कि हम भारत में राजदूत के रूप में गार्सेटी की पुष्टि का स्वागत करते हैं और हम अपने बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ काम करने की आशा करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Apr 2023 16:34:17 +0530</pubDate>
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                <title>अरुणाचल प्रदेश में चीन के प्रयास को अमेरिका ने किया खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरीन जेन पियरे ने भारतीय राज्य अरूणाचल प्रदेश के 11 स्थानों को नाम बदलने के प्रयास पर अमेरिका का मत साफ करने के संबंध में पूछे गये एक सवाल के जवाब में कहा कि जैसा कि आप सभी जानते हैं कि अमेरिका ने उस क्षेत्र को लंबे समय से मान्यता दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/us-rejects-chinas-attempt-in-arunachal-pradesh/article-41851"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/kkkk.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली/वाशिंगटन। अमेरिका ने साफ किया है कि वह अरूणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा मानता है और अरूणाचल प्रदेश के 11 स्थानों का नाम बदलकर उन्हें दक्षिणी तिब्बत बताकर एकतरफा तरीके से क्षेत्रीय बढ़त बनाने के चीन के प्रयासों का कड़ा विरोध करता है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरीन जेन पियरे ने भारतीय राज्य अरूणाचल प्रदेश के 11 स्थानों को नाम बदलने के प्रयास पर अमेरिका का मत साफ करने के संबंध में पूछे गये एक सवाल के जवाब में कहा कि जैसा कि आप सभी जानते हैं कि अमेरिका ने उस क्षेत्र को लंबे समय से मान्यता दी है। और हम इलाकों का नाम बदलकर क्षेत्रीय दावों को आगे बढ़ाने के किसी भी एकतरफा प्रयास का कड़ा विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि और इसलिए, फिर से, यह कुछ ऐसा है जिस पर हम लंबे समय से अडिग हैं। अमेरिका की व्हाइट हाउस की प्रवक्ता की यह प्रतिक्रिया चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग के मंगलवार को दिये उस बयान में जवाब में आई है जिसमें भारत के पूर्वोत्तर राज्य के 11 स्थानों के नाम बदलने को चीन के संप्रभु अधिकारों के तहत बताया गया था। गौरतलब है कि  चीन की प्रवक्ता ने अरूणाचल प्रदेश के 11 स्थानों को दक्षिणी तिब्बत के जांगनान प्रांत का नाम दिया और इस जांगनान को चीन के क्षेत्र का हिस्सा बताया। चीन की इस हरकत की भारत ने कड़ी आलोचना की और मंगलवार को भारत के विदेश मंत्रालय ने अरूणाचल प्रदेश के 11 स्थानों के नाम बदलने के चीन के प्रयासों को पूरी मजबूती के साथ खारिज कर दिया।</p>
<p> विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने जारी बयान में कहा कि चीन चाहें कैसे भी नये नाम ईजाद कर लें लेकिन इससे यह वास्तविकता नहीं बदल जायेगी की अरूणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हमने पहले भी ऐसे प्रयास देखे हैं। यह कोई पहला मौका नहीं है कि जब चीन ने ऐसी हरकत की है और हम ऐसे प्रयासों को सिरे से खारिज करते हैं। अरूणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा और यह हकीकत उसके किसी स्थान को नया नाम देने से बदलने वाली नहीं है। चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने अरूणाचल प्रदेश के 11 स्थानो के नाम चीनी भाषा के मानकों के तहत जारी किये हैं और उसे जांगनान की संज्ञा दी है। इस सूची में दो जमीनी इलाकों, दो रिहायशी इलाकों, पांच पर्वतशिखरों और दो नदियों के साथ उनके अधीनस्थ प्रशासनिक जिलों को अपनी सीमा में दिखाया है। यह तीसरा मौका है जब चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने अरूणाचल प्रदेश के भौगालिक हिस्सों को मानक नाम दिये हैं इस क्रम में सबसे पहले 2017 में छह स्थानों और उसके बाद 2021 में 15 स्थानों के संबंध में यह प्रयास किया था और पहले भी अरूणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम बदलने के चीन के प्रयासों को भारत ने खारिज किया था। </p>
<p>अमेरिकी सीनेट में इस साल भी एक द्विदलीय प्रस्ताव पेश किया गया था जिसमें अरूणाचल प्रदेश को भारत का अभिन्न हिस्सा माना गया था। प्रस्ताव में चीन की ऐसी उकसावे की कार्रवाइयों जैसे वास्तविक नियंत्रण रेखा के आस पास सेना की ताकत के बल पर बदलाव करने के प्रयासों, विवादित क्षेत्रों में गांवों का निर्माण, भारतीय राज्य अरुणाचल में शहरों और सुविधाओं के लिए मंदारिन भाषा के नामों के साथ मानचित्रों का प्रकाशन आदि की कड़ी आलोचना की गयी थी। इसमें भूटान में भी चीन के जमीन पर बढ़त लेने संबंधी दावों को खारिज किया गया। डेमोक्रेटिक सीनेटर जेफ मर्कले और रिपब्लिकन बिल हैगर्टी द्वार पेश द्विदलीय प्रस्ताव में कहा गया कि अमेरिका अरूणाचल प्रदेश को कोई विवादित हिस्सा नहीं बल्कि भारतीय गणतंत्र का एक अभिन्न हिस्सा माना है और इसे किसी रूप से बदला नहीं जा सकता।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Apr 2023 14:51:26 +0530</pubDate>
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