<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/time/tag-6067" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>time - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/6067/rss</link>
                <description>time RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बैडमिंटन हॉल हुआ जर्जर, नशेड़ियों का बना अड्डा</title>
                                    <description><![CDATA[कोरोना काल के समय में जब सभी सामदायिक भवन व खेल मैदानों को बंद किया गया था। उसी समय पर इस बैडमिंटन हॉल को भी बंद किया गया था। पिछले तीन साल से इसके बंद होने से यह असामाजिक तत्वों व नशेड़ियों का अड्डा बनकर रह गया है।   ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/badminton-hall-dilapidated--a-den-of-drug-addicts/article-33493"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/badminton-hall-hua-jarjar.-nashediyo-ka-bana-addaa...kota-news..27.12.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । केन्द्र व राज्य सरकार एक तरफ खेलों को बढ़ावा देने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर खेल संकुल  व सुविधाएं विकसित कर रही हैं। वहीं दूसरी तरफ जो खेल सुविधाएं पहले से हैं वे अनदेखी के चलते दुर्दशा की शिकार हो रही हैं। ऐसा ही हाल नगर निगम कोटा दक्षिण क्षेत्र में नगर निगम के बैडमिंटन हॉल का है। नगर निगम कोटा दक्षिण के वार्ड 61 स्थित दादाबाड़ी में डिस्पेंसरी के पास ही निगम का बैडमिंटन हॉल बना हुआ है। उसका उपयोग आस-पास के लोग बैडमिंटन खेलने के लिए करते थे। जिनमें बच्चे व बड़े सभी लोग शामिल थे। लेकिन कोरोना काल के समय में जब सभी सामदायिक भवन व खेल मैदानों को बंद किया गया था। उसी समय पर इस बैडमिंटन हॉल को भी बंद किया गया था। उसके बाद से निगम के अधिकारियों ने इसकी सुध तक नहीं ली। सभी सामुदायिक भवन व हॉल को कोरोना की स्थिति सामान्य होने के साथ ही खोल दिया गया था। लेकिन दादाबाड़ी स्थित बैडमिंटन हॉल की तरफ निगम अधिकारियों ने जाकर देखा तक नहीं। जिससे करीब तीन साल का समय होने जा रहा है। अभी तक भी वह बंद ही है। </p>
<p><strong>अंधेरा रहने से डर का माहौल</strong><br />बैडमिंटन हॉल के पास रहने वाले कॉलोनी वासियों का कहना है कि तीन साल से हॉल बंद रहने के कारण यहां लाइटें तक बंद हो गई है। जिससे रात के समय अंधेरा रहता है। अंधेरे में असामाजिक तत्वों का यहां बैठे रहने के कारण  लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। लोगों ने बताया कि रात के समय लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।</p>
<p><strong>नशेड़ियों व असामाजिक तत्वों का जमावड़ा</strong><br />स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले इस बैडमिंटन हॉल में शाम के समय बच्चे व लोग खेलने जाते थे। यहां लोगों के आने-जाने से चहल-पहल बनी रहती थी। लेकिन पिछले तीन साल से इसके बंद होने से यह असामाजिक तत्वों व नशेड़ियों का अड्डा बनकर रह गया है। यहां शाम के समय ही नहीं दिन में भी नशा करने वालों का जमावड़ा लगा रहता है। असामजिक तत्व चार दीवारी कूदकर अंदर घुस जाते हैं। वहां बैठकर नशा करते हैं। जिससे आस-पास मकानों में रात के समय चोरी होने व महिलाओं का घर के बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। </p>
<p><strong>अनदेखी से हो रहा दुर्दशा का शिकार</strong><br />नगर निगम के अधिकारियों की अनदेखी के चलते इस बैडमिंटन हॉल की दुर्दशा हो रही है। जानकारों के अनुसार तीन साल से इसकी सार संभाल तक नहीं हुई। जिससे यह पूरी तरह से जर्जर हो गया। इस हॉल का टीनशेड जगह-जगह से टूटा हुआ है। वहां रखी टेबल टेनिस की टेबल तक खराब हो गई है। पूरे हॉल में धूल मिट्टी छायी हुई है। इतना ही नहीं पूरे परिसर में बड़ी-बड़ी झाड़ झंकार उग गए हैं। यहां तक कि हॉल के मेन गेट का ताला तक लोगों ने तोड़ दिया है। </p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />दादाबाड़ी ही कोटा दक्षिण क्षेत्र में निगम का यह एक मात्र बैडमिंटन हॉल है। जिसका उपयोग लोग खेलने के काम में लेते थे। लेकिन कोरोना काल के समय बंद होने के बाद से निगम अधिकािरयों ने इसकी सुध नहीं ली। जिससे यह पूरी तरह से जर्जर हो गया है। इसे फिर से चालू करवाने के लिए पूर्व आयुक्त कीर्ति राठौड़ को कई बार ज्ञापन दिया था। उन्होंने मौका भी देखा था। लेकिन उसके बाद उन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की। जिससे यह जगह बेकार हो रही है। यदि निगम के अधिकारी इसकी सफाई करवाकर थोड़ी सी मरम्मत करवाकर इसे चालू करवा दें तो वार्ड के लोगों को ही नहीं पूरे क्षेत्र के लोगों को इससे लाभ होगा। <br /><strong>-रामबाबू सोनी, पार्षद वार्ड 61, नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>
<p>दादाबाड़ी में बैडमिंटन हॉल होने की जानकारी तो है। लेकिन उसकी वर्तमान हालत की जानकारी नहीं है। उसे संबंधित अधिकारी को भिजवाकर दिखवा लेते हैं। यदि ठीक होने की स्थिति में होगा तो ठीक करवाएंगे। जिससे उसका उपयोग हो सके। साथ ही बैडमिंटन हॉल परिसर की साफ सफाई और झाड़ियों को भी कटवाया जाएगा। जिससे वहां नशा करने वाले व असामाजिक तत्वों का जमावड़ा नहीं लग सके। <br /><strong>-राजपाल सिंह, आयुक्त, नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/badminton-hall-dilapidated--a-den-of-drug-addicts/article-33493</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/badminton-hall-dilapidated--a-den-of-drug-addicts/article-33493</guid>
                <pubDate>Tue, 27 Dec 2022 16:33:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-12/badminton-hall-hua-jarjar.-nashediyo-ka-bana-addaa...kota-news..27.12.2022.jpg"                         length="528018"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आकाशीय बिजली गिरने से पिता-पुत्र व पुत्री बने काल का ग्रास </title>
                                    <description><![CDATA[ कुशलगढ़ मुख्यालय से 15 किमी. दूर भोराज गांव में आकाशीय बिजली गिरने स पिता-पुत्र व पुत्री काल का ग्रास बन गये वहीं दो अन्य घायल हुए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/father-son-and-daughter-became-the-loss-of-time-due-to-fall-of-celestial-lightning/article-13682"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/bhp.jpg" alt=""></a><br /><p> कुशलगढ़। कुशलगढ़ मुख्यालय से 15 किमी. दूर भोराज गांव में आकाशीय बिजली गिरने स पिता-पुत्र व पुत्री काल का ग्रास बन गये वहीं दो अन्य घायल हुए। घटना की जानकारी मिलने के तत्काल बाद जिला कलक्टर पीसी शर्मा व पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को 12 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराने का आश्वासन दिया। बताया जाता है कि दोपहर तीन बजे मूसलाधार बारिश शुरु हुई सायं लगभग साढ़े चार बजे भोराज गांव का मोहन पुत्र हीरा वड़खिया अपनी पन्द्रह वर्षीया पुत्री सुनीता व चौदह वर्षीय पुत्र राजपाल के साथ घर के आंगन में बैठा हुआ था, पत्नी व बड़ा पुत्र तेजपाल भोजन की तैयारियों में लगे थे। अचानक आकाशीय बिजली गिरने से पिता-पुत्र एवं पुत्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए कुशलगढ़ चिकित्सालय लाया गया, जहां उनकी मौत हो गयी। बड़े पुत्र तेजपाल का उपचार जारी है। घटना के कुछ समय बाद ही पुलिस उप अधीक्षक बलवीर सिंह मीणा जाप्ते के साथ चिकित्सालय पहुंचे। तीनों शव मोर्चरी में रखे गये हैं। परिजनों का रो-रो के बुरा हाल हो गया, मृतक मोहन की पत्नी रोते-रोते बेसुध हो गयी। चिकित्सा प्रभारी डॉ. मजहर हुसैन व उनकी टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी संवेदनाएं बरती। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवारजनों को सांत्वना देते हुए विश्वास दिलाया कि प्रशासन उनके साथ है। मौके पर थानाधिकारी महीपाल सिंह सिसोदिया, उप मुख्य चिकित्साधिकारी गिरिश भाबर, चिकित्सा अधिकारी अरुण गुप्ता, नायग तहसीलदार विजयलाल कोठारी सहित अनेक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अजमेर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/father-son-and-daughter-became-the-loss-of-time-due-to-fall-of-celestial-lightning/article-13682</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/father-son-and-daughter-became-the-loss-of-time-due-to-fall-of-celestial-lightning/article-13682</guid>
                <pubDate>Wed, 06 Jul 2022 12:48:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/bhp.jpg"                         length="29378"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एडमिशन 15 जुलाई तक, कोरोना के दो वर्ष बाद नया सेशन तय समय पर शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[ जयपुर। कोरोना के कारण दो साल तक बाधित रही पढ़ाई के बीच इस बार स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों का नया सेशन शुक्रवार से शुरू हो गया। सरकारी स्कूलों में लर्निंग लॉस को खत्म करने के लिए पिछली क्लासेज की पढ़ाई भी करवाई जाएगी, जबकि निजी अपने तरीके से इसका उपाय करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/admission-till-july-15--two-years-after-corona--new-session-starts-on-time/article-13450"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/sch1.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। कोरोना के कारण दो साल तक बाधित रही पढ़ाई के बीच इस बार स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों का नया सेशन शुक्रवार से शुरू हो गया। सरकारी स्कूलों में लर्निंग लॉस को खत्म करने के लिए पिछली क्लासेज की पढ़ाई भी करवाई जाएगी, जबकि निजी अपने तरीके से इसका उपाय करेंगे। राज्य में एक लाख 78 हजार सरकारी व गैर सरकारी स्कूल में पढ़ाई शुरू हुई। प्रदेश में पिछले दिनों हिन्दी से अंग्रेजी माध्यम में तब्दील हुए दो सौ से ज्यादा स्कूल में रिक्त सीट्स पर एडमिशन भी शुक्रवार से शुरू हुए।  शिक्षा के बढ़ते कदम योजना के तहत सरकारी स्कूलों में इस बार पहले चार पीरियड के दो घंटे बीस मिनट तक पिछली क्लासेज की पढ़ाई होगी। जिस क्लास में स्टूडेंट आया है, उससे पीछे की दो क्लासेज की पढ़ाई की वर्कशीट तैयार की है। ये वर्कशीट सरकारी स्कूल्स तक पहुंचाई जा रही है। पहली से पांचवीं तक की छप चुकी है, जबकि छठी से आठवीं तक की प्रकाशित होकर पहुंचने वाली है। टीचर्स इन्हें पढ़ाएंगे और बाद में इसमें भरवाएंगे। इसी आधार पर कुछ मार्किंग भी हो सकती है।<br /><br /><strong>कम ही बच्चे पहुंचे</strong> <br />स्टूडेंट्स की संख्या बेहद कम रही। वजह रही बरसात और नेटबंदी ने भी स्टूडेंट्स की संख्या को प्रभावित किया। गुरुवार शाम से शुरू हुई बरसात शुक्रवार सुबह भी जारी रही।</p>
<p><br /><strong>एडमिशन 15 जुलाई तक</strong><br />सरकारी स्कूल में क्लास नौ व दस के लिए 15 जुलाई तक एडमिशन होंगे। क्लास एक से आठ तक कभी भी एडमिशन लेने की व्यवस्था पहले से लागू है।  <br /><br /><strong>नहीं खुला ताला</strong><br />गांधी नगर स्थित पोद्दार स्कूल में तो सुबह आठ बजे तक एक भी क्लासरूम का ताला तक नहीं खुला था। स्कूल में दो या तीन बच्चे ही पहुंचे थे। टीचर्स अपने रूम में बैठे बच्चों का इंतजार कर रहे थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/admission-till-july-15--two-years-after-corona--new-session-starts-on-time/article-13450</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/admission-till-july-15--two-years-after-corona--new-session-starts-on-time/article-13450</guid>
                <pubDate>Sat, 02 Jul 2022 14:26:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/sch1.jpg"                         length="68462"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिंगल स्क्रीन सिनेमाघर: वक्त के साथ अपनी धरोहर को संजोए हुए या लुप्त हो रहा अस्तित्व</title>
                                    <description><![CDATA[सिनेमाघर जहां सपने उड़ान भरते हैं और सितारे जमीं पर उतरते हैं, जहां 3 घंटे में आप हर वो एहसास कर लेते हैं। ख्वाबों के महल, बचपन की यादें, पहला प्यार, दोस्ती-दुश्मनी, दर्द और लड़ने का जज्बा, वो शहर वो गली, वो जगह, हर अनुभव महसूस करते हैं। अपनी हर परेशानी भूल कर पूरी जिंदगी जी लेते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/with-time--the-existence-of-its-heritage-is-being-preserved-or-vanishing/article-13142"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/cinema.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> सिनेमाघर जहां सपने उड़ान भरते हैं और सितारे जमीं पर उतरते हैं, जहां 3 घंटे में आप हर वो एहसास कर लेते हैं। ख्वाबों के महल, बचपन की यादें, पहला प्यार, दोस्ती-दुश्मनी, दर्द और लड़ने का जज्बा, वो शहर वो गली, वो जगह, हर अनुभव महसूस करते हैं। अपनी हर परेशानी भूल कर पूरी जिंदगी जी लेते हैं।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>सिनेमाघर और राजस्थान राज घराना</strong></span><br />दोनों ही एक दूजे से जुड़े है। महाराजा स्वामी राम सिंह द्वितीय का फिल्मों से रिश्ता बरसों पुराना रहा है, जिसे उन्होंने 1879 में एक थिएटर के रूप में बनवाया और जयपुर को पहला सिनेमाघर मिला, जिसका नाम राम प्रकाश टॉकीज था।  इसने नाटकों व फिल्मों को हमसे जोड़ा और वो सब दिया, जो हर दिल चाहता है ‘एंटरटेनमेंट’, लेकिन अब ये बंद हो चुका है। जयपुर और शानो शौकत का अटूट संबध है, एशिया का सबसे बड़ा सिनेमाघर यानी राज मंदिर, इसकी शान का  जीता जागता नमूना है।</p>
<p>इसकी सजावट, बनावट, नक्काशी और रॉयल टच के साथ यह पूरी दुनिया में मशहूर है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए राज मंदिर उनकी यादों का हिस्सा बन जाता है। बड़े स्क्रीन पर मखमली पर्दे, जो प्राकृतिक फूलों की खुशबू से भरे हैं, झूमरों से सजी ऊंची छत और नौ सितारे यहां आने वालों को खुद सितारा होने का एहसास कराते हैं। इसे मेहताब चंद्र जी गोलेछा ने बनवाया था। इसकी नींव 1966 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया ने रखी थी और 1976 में पूर्व मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी ने इसका उद्घाटन किया था। राजमंदिर में पहली फिल्म चरस लगी थी, जिसका नशा, आज भी सिर चढ़ कर बोल रहा है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>गोलेछा सिनेमा :</strong> </span>गोलेछा सिनेमा का पूर्व नाम प्रेम प्रकाश था, जो राजस्थान में 70 मिमी स्क्रीन का एकमात्र हॉल, जो आज चंद्रमहल के नाम से जाना जाता है। अब ये सिनेमा हॉल तीन स्क्रीन वाला मल्टीप्लेक्स है। प्रसिद्ध प्रेम प्रकाश समोसा, इसकी बड़ी स्क्रीन की तरह बहुत मशहूर है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>पोलो विक्ट्री सिनेमा :</strong> </span>भारत ने 1933 में पोलो में विश्व कप जीता था। ये हॉल उसी उपलक्ष्य में एक गर्व के रूप में बनाया गया, जिसका उद्घाटन स्वतंत्र भारत के राज्यपाल जनरल लॉर्ड माउंटबेटन ने किया। यह भी अब मल्टीप्लेक्स बन चुका है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>जेम सिनेमा :</strong></span> फिल्म प्रेमियों का रत्न हुआ करता था, लेकिन प्रतिस्पर्धा के कारण ये बंद हो गया। कई वर्षों बाद नए लुक में यह फिर शुरू हुआ और दर्शकों से अपना रिश्ता बनाने लगा है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>कोहिनूर सिनेमा :</strong> </span>नवीनीकृत करने के बाद ये दर्शकों की भीड़ को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।<br /><span style="color:#ff0000;"><strong>पारस सिनेमा :</strong> </span>गुलाबी रंग की दीवारों से सजा ये दर्शकों को खूब लुभाता है।<br /><span style="color:#ff0000;"><strong>लक्ष्मी मंदिर :</strong></span> बेहतरीन सिनेमा हॉल में से एक, लेकिन अब धीरे-धीरे अपना वजूद खो रहा है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>अंकुर सिनेमा :</strong> </span>अपना अस्तित्व बनाए रखने में नाकाम हो रहा है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>बंद हो चुके सिनेमा हॉल: </strong></span>सम्राट, संगम, मिनर्वा, मयूर, मान प्रकाश, मोती महल सिनेमाघर शहर की अमिट विरासत का हिस्सा रहे, लेकिन आर्थिक तंगी, आधुनिक तकनीक और रखरखाव के बिना बंद हो चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/with-time--the-existence-of-its-heritage-is-being-preserved-or-vanishing/article-13142</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/with-time--the-existence-of-its-heritage-is-being-preserved-or-vanishing/article-13142</guid>
                <pubDate>Tue, 28 Jun 2022 13:20:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/cinema.jpg"                         length="68795"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फरियादी भटकते रहे, समय पर नहीं पहुंचे अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रशासन गांव के संग अभियान का फ़ॉलोअप शिविर  पंचायत समिति कार्यालय में सम्पन्न हुआ। शिविर के दौरान अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं का मौके पर निवारण किया।  शिविर में सुबह 11 बजे तक एसडीएम विकास अधिकारी और तहसीलदार नहीं पहुंचे, इस दौरान फरियादी भटकते रहे।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/the-complainant-kept-wandering-the-officers-did-not-reach-on/article-11726"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/sikrai-new.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सिकराय।</strong> प्रशासन गांव के संग अभियान का फ़ॉलोअप शिविर  पंचायत समिति कार्यालय में सम्पन्न हुआ। शिविर के दौरान अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं का मौके पर निवारण किया।  शिविर में सुबह 11 बजे तक एसडीएम विकास अधिकारी और तहसीलदार नहीं पहुंचे, इस दौरान फरियादी भटकते रहे।  शिविर के दौरान बड़ी संख्या में लोग समस्याओं को लेकर पहुंचे। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शिवराम मीणा ने भी शिविर में लोगों की समस्याओं को सुना। शिविर में रास्ते से अतिक्रमण हटाने, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने, पट्टा बनाने सहित अनेक मामले आए। वहीं पशु पालन विभाग का चिकित्सालय भवन बनने के लिए पुराने भवन को हटाने के आदेश जारी किए गए।</p>
<p><strong>समस्याओं का हुआ निवारण</strong></p>
<p>शिविर में विद्युत निगम के सहायक अभियंता कमलेश शर्मा ने भी लोगों की बिजली की समस्याओं को सुना।  कुछ समस्याओं का मौके पर ही निवारण किया। विकास अधिकारी बाबूलाल मीणा ने भी पट्टे बनाने, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने, पेंशन सहित अनेक योजनाओं का लाभ देने के लिए शिविर में मौजूद ग्राम विकास अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को निर्देश दिए। शिविर में नायब तहसीलदार देवकीनंदन गुप्ता, प्रवर्तन अधिकारी सूरज बाई मीना, ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी नरेंद्र मीणा, जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता राजेश मीणा, पशु चिकित्सक हीरालाल बैरवा सहित अनेक अधिकारी शिविर में मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/the-complainant-kept-wandering-the-officers-did-not-reach-on/article-11726</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/the-complainant-kept-wandering-the-officers-did-not-reach-on/article-11726</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Jun 2022 14:40:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/sikrai-new.jpg"                         length="330309"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हवामहल और जंतर मंतर स्मारक का बढ़ा समय </title>
                                    <description><![CDATA[शहर के पर्यटन स्थल हवामहल और जंतर मंतर स्मारक का समय बढ़ गया है। अब शाम 7 बजे तक पर्यटकों के अवलोकनार्थ खुलेंगे। इसकी शुरुआत कर दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-time-extended-of-hawa-mahal/article-11376"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/cm-copy4.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर के पर्यटन स्थल हवामहल और जंतर मंतर स्मारक का समय बढ़ गया है। अब शाम 7 बजे तक पर्यटकों के अवलोकनार्थ खुलेंगे। इसकी शुरुआत कर दी गई है। पहले हवामहल शाम 6 बजे और जंतर मंतर स्मारक 5 बजे तक खुलता था। अब ये अवधि बढ़ा दी गई है।</p>
<p>गौरतलब है कि हवामहल स्मारक और जंतर-मंतर स्मारक में पर्यटकों के अवलोकनार्थ समय बढ़ाये जाने की खबर को 2 जून को पर्यटक देखने से ना रहें वंचित हवामहल और जंतर-मंतर का बढ़ेगा समय शीर्षक से सबसे पहले प्रकाशित की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-time-extended-of-hawa-mahal/article-11376</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-time-extended-of-hawa-mahal/article-11376</guid>
                <pubDate>Sun, 05 Jun 2022 12:56:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/cm-copy4.jpg"                         length="413308"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हवामहल और जंतर-मंतर स्मारक का बढ़ेगा समय</title>
                                    <description><![CDATA[ऐतिहासिक मॉन्यूमेंट्स देखने के लिए हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक जयपुर आते हैं। कई बार ऐसा देखने में आता है कि देसी और विदेशी सैलानी एक पर्यटन स्थल देखकर दूसरे पर्यटन स्थल तक देरी से पहुंचते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-time-will-increased-of-monument/article-11027"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/4654654654651.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ऐतिहासिक मॉन्यूमेंट्स देखने के लिए हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक जयपुर आते हैं। कई बार ऐसा देखने में आता है कि देसी और विदेशी सैलानी एक पर्यटन स्थल देखकर दूसरे पर्यटन स्थल तक देरी से पहुंचते हैं। इससे वे स्मारकों को देख नहीं पाते। ऐसे में पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के अधीन आने वाले जंतर-मंतर स्मारक और हवामहल स्मारक में पर्यटकों के लिए विजिट का समय बढ़ेगा। अधिकारियों के अनुसार 5 जून से हवामहल और जंतर-मंतर स्मारक प्रात: 9 से सायं 7 बजे तक पर्यटकों के अवलोकनार्थ खुलेंगे। गौरतलब है कि अभी हवामहल स्मारक में सुबह 9 से शाम 6 और जंतर-मंतर स्मारक में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक पर्यटकों को प्रवेश दिया जा रहा है।</p>
<p><strong>जयपुर आए तो बिना देखे ना जाएं</strong><br />जानकारी के अनुसार कई पर्यटक ऐसे होते हैं, जो टाइट शेड्यूल लेकर घूमने निकते हैं। पर्यटन स्थल को निहारते हुए समय कब बीत जाता है, उन्हें पता नहीं चलता। ऐसे में दूसरे स्मारक बंद हो जाते हैं। इससे पर्यटकों को निराश होकर जाना पड़ता है। अब दोनों स्मारकों का समय बढ़ाने से पर्यटकों को निराश होकर नहीं लौटेंगे।</p>
<p><strong>नाइट टूरिज्म की तैयारी</strong><br />पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार अभी हवामहल और जंतर-मंतर स्मारक के अवलोकन का समय बढ़ाया गया है। सैलानियों का रेस्पॉन्स अच्छा रहा तो आगे इन्हें नाइट टूरिज्म के लिए भी खोला जा सकता है। इसके साथ ही कल्चरल एक्टिविटीज भी शुरू की जा सकती है। इसके लिए कवायद की जा रही है।</p>
<p><strong>अभी ये खुले हैं नाइट टूरिज्म के लिए</strong> <br />पर्यटकों के अवलोकनार्थ आमेर महल, अल्बर्ट हॉल संग्रहालय, विद्याधर का बाग, सिसोदिया रानी का बाग दिन के अलावा नाइट टूरिज्म के तहत पर्यटकों के अवनोकनार्थ खोले जाते हैं। ताकि जो पर्यटक दिन में इनकी विजिट नहीं कर पाते, वे रात्रिकालीन पर्यटन के दौरान इन्हें देख सकें।</p>
<p>हवामहल और जंतर-मंतर स्मारक का समय बढ़ाया जा रहा है। दोनों स्मारक अब 5 जून से सुबह 9 से शाम 7 बजे तक पर्यटकों के अवनोकनार्थ खुलेंगे। <br /><strong>- खड़गावत, निदेशक, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग</strong><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-time-will-increased-of-monument/article-11027</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-time-will-increased-of-monument/article-11027</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Jun 2022 09:54:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/4654654654651.jpg"                         length="160996"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चंद्रा अपना समय और पैसा दोनों बर्बाद नहीं कर रहे: रमेश मीणा</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। राज्यसभा चुनाव में सुभाष चंद्रा के राज्यसभा का नामांकन भरने के सवाल पर मंत्री रमेश मीणा ने कहा है कि वो अपना समय और पैसा बर्बाद नहीं करें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news-chandra-is-not-wasting-both-his-time-and-money-ramesh/article-10974"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/subhash-chandra.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्यसभा चुनाव में सुभाष चंद्रा के राज्यसभा का नामांकन भरने के सवाल पर मंत्री रमेश मीणा ने कहा है कि वो अपना समय और पैसा बर्बाद नहीं करें।</p>
<p>मीणा ने चंद्रा को नसीहत देते हुए कहा है कि वे भाजपा के झांसे में आ गए हैं। वे पहले भी राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। मेरा सुझाव है कि उन्हें चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। मीणा ने कहा कि चुनाव में कांग्रेस का एक भी वोट कम नहीं होगा, बल्कि एक दो वोट जरूर बढ़ेंगे। कांग्रेस में कोई विवाद नहीं है। राजस्थान चुनाव में किसी भी स्थानीय को टिकट नहीं देने के सवाल पर रमेश मीणा ने कहा कि यह सब पार्टी आलाकमान तय करता है और पार्टी उसी को स्वीकार करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news-chandra-is-not-wasting-both-his-time-and-money-ramesh/article-10974</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news-chandra-is-not-wasting-both-his-time-and-money-ramesh/article-10974</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Jun 2022 14:27:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/subhash-chandra.jpg"                         length="33013"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>  जनआधार या आधार कार्ड के अलावा एसएसओ प्रोफाइल से भी वनटाइम रजिस्ट्रेशन संभव </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित की जाने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में अब जनआधार या आधार कार्ड के अतिरिक्त एसएसओ प्रोफाइल से भी वनटाइम रजिस्ट्रेशन कराया सकेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/ajmer-news---a-part-from-jan-aadhar-or-aadhar-card--one-time-registration-is-also-possible-from-sso-profile/article-9243"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/rpsec.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित की जाने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में अब जनआधार या आधार कार्ड के अतिरिक्त एसएसओ प्रोफाइल से भी वनटाइम रजिस्ट्रेशन कराया सकेगा। कईं अभ्यर्थियों ने आयोग को सूचित किया था, उन्हें रजिस्ट्रेशन में परेशानी आ रही है। इसके बाद आयोग ने यह निर्णय किया है। </p>
<p>आरपीएससी सचिव एचएल अटल ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन करने के लिए वनटाइम रजिस्ट्रेशन कराया जाना अनिवार्य है। कुछ अभ्यर्थियों के माध्यम से यह जानकारी में आया कि जनआधार तथा आधार कार्ड में त्रुटि होने के कारण वनटाइम रजिस्ट्रेशन में उन्हें समस्या आ रही है। वनटाइम रजिस्ट्रेशन के लिए रिक्रूटमेंट पोर्टल पर तीन विकल्प उपलब्ध हैं। रजिस्ट्रेशन जन आधार या आधार या एसएसओ प्रोफाइल के माध्यम से किया जा सकता है। ऐसे अभ्यर्थी जिनके जन आधार अथवा आधार कार्ड में नाम, पिता का नाम, जन्म दिनांक तथा जेंडर का इंद्राज त्रुटियुक्त है या शैक्षणिक योग्यता दस्तावेजों में अंकित विवरण से भिन्न है। इनके लिए एसएसओ प्रोफाइल के माध्यम से वनटाइम रजिस्ट्रेशन करना उचित रहेगा। इसके लिए अभ्यर्थी को पोर्टल पर उपयुक्त चैक बॉक्स का चयन करना होगा। इसके बाद एसएसओ प्रोफाइल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन का विकल्प नजर आ जाएगा।</p>
<p>एसएसओ प्रोफाइल के माध्यम से वनटाइम रजिस्ट्रेशन का विकल्प चुनने की स्थिति में आवेदक को मैट्रिक या समकक्ष परीक्षा की अंकतालिका/प्रमाण-पत्र एवं एक अन्य फोटोयुक्त पहचान-पत्र अपलोड करना होगा। इस संबध में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर आयोग की हेल्पडेस्क पर सम्पर्क किया जा सकता है। अभ्यर्थी की ओर से इन्द्राज किए गए स्वयं के नाम, पिता का नाम, जन्म दिनांक तथा जेंडर की जानकारी के आधार पर ही कम्प्यूटर द्वारा वनटाइम रजिस्ट्रेशन प्रोफाइल जनरेट की जाती है। इसलिए यह आवश्यक है कि इन जानकारियों को पूर्ण सावधानी के साथ भरा जाए। </p>
<p><strong> विभिन्न पदों की साक्षात्कार तिथियां जारी </strong></p>
<p>राजस्थान लोक सेवा आयोग ने शुक्रवार को कॉलेज शिक्षा विभाग तथा तकनीकी शिक्षा विभाग में विभिन्न पदों के लिए साक्षात्कार कार्यक्रम जारी कर दिया। सचिव एचएल अटल ने बताया कि कॉलेज शिक्षा विभाग के सहायक आचार्य लोक प्रशासन एवं दर्शनशास्त्र के पदों के लिए साक्षात्कार 16 मई को होंगे। इसी प्रकार सहायक आचार्य - वनस्पति विज्ञान के पदों के लिए साक्षात्कार 17 से 20 मई तक होंगे। तकनीकी शिक्षा विभाग में प्रवक्ता- सिविल अभियांत्रिकी के पदों के लिए साक्षात्कार 23 मई से 24 मई तक होंगे। जिन अभ्यर्थियों ने विस्तृत आवेदन-पत्र आयोग में प्रस्तुत नहीं किए हैं। उन्हें साक्षात्कार की तिथि पर विस्तृत आवेदन-पत्र दो प्रतियों में समस्त प्रमाण-पत्रों की फोटो प्रतियों के साथ आयोग में प्रस्तुत करना होगा। साक्षात्कार पत्रों को आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा।</p>
<p><strong> सहायक आचार्य म्यूजिक (वोकल) साक्षात्कार का परिणाम जारी</strong></p>
<p>राजस्थान लोक सेवा आयोग ने सहायक आचार्य म्यूजिक (वोकल) प्रतियोगी परीक्षा-2020 का साक्षात्कार परिणाम जारी कर दिया। सचिव एचएल अटल ने बताया कि 3 अभ्यर्थियों को मुख्य सूची में सफल घोषित किया गया है। परिणाम आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। </p>
<p><strong> सहायक आचार्य संवीक्षा परीक्षा में उपस्थिति 77.84 प्रतिशत रही</strong></p>
<p>राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से सहायक आचार्य (चिकित्सा शिक्षा विभाग) संवीक्षा परीक्षा 2021 शुक्रवार को संपन्न हुई। अजमेर जिला मुख्यालय पर छह विषयों की परीक्षा गुरुवार को और 8 विषयों आॅर्थोपेडिक्स, आॅटोराइनो लेरींगोलॉजी, पीडिएट्रीक्स, साइकाइट्री, रेडियो डाइग्नोसिस, स्किन एंड वी.डी., कॉर्डियोलॉजी, न्यूरो सर्जरी की परीक्षा शुक्रवार को हुई। आठों विषयों के लिए 1106 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से 861 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और 245 अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/ajmer-news---a-part-from-jan-aadhar-or-aadhar-card--one-time-registration-is-also-possible-from-sso-profile/article-9243</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/ajmer-news---a-part-from-jan-aadhar-or-aadhar-card--one-time-registration-is-also-possible-from-sso-profile/article-9243</guid>
                <pubDate>Sat, 07 May 2022 12:36:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/rpsec.jpg"                         length="55596"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमरनाथ यात्रा पर इस बार आठ लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[बाबा अमरनाथ की यात्रा 30 जून से शुरू हो रही है जो 11 अगस्त को संपन्न होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/eight-lakh-pilgrims-expected-this-time-on-amarnath-yatra/article-7791"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/amarnath-yatra-.jpg" alt=""></a><br /><p>जम्मू। बाबा अमरनाथ की वार्षिक यात्रा पहले से दोगुना होने की उम्मीद है। इस बार छह से आठ लाख के करीब श्रद्धालु यात्रा पर आ सकते हैं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन आठ लाख श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए तैयारियां कर रहा है। केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय के सचिव अपूर्व चंद्रा ने सोमवार को श्रीनगर में मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता, जम्मू व कश्मीर के डिवीजनल कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर, श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा के प्रचार, प्रसार, प्रबंधों पर विचार विमर्श किया। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में अपूर्व चंद्रा ने कहा कि बैठक में बताया गया कि इस बार यात्रा पर बहुत बढ़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। छह से आठ लाख श्रद्धालु यात्रा पर आ सकते हैं। उसी तरीके से प्रशासन प्रबंध कर रहा है। श्रद्धालुओं को ठहराने, पीने की पानी, बिजली, साफ सफाई, आदि के प्रबंध अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के आने को देखते हुए किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी हर राज्य व केंद्र शासित प्रदेश में विभिन्न भाषाओं में दी जाएगी। हमने बैठक में सुझाव दिया है कि एक या दो मिनट की छोटी फिल्म बनाई जाए जो सिर्फ यात्रा पर आधारित न हो बल्कि कश्मीर की चीजों से संबंधित जानकारी भी हो, इसे देश के थियेटर में दिखाया जाए। सुरक्षा प्रबंधों पर चंद्रा ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जाएंगे। राष्ट्रीय जांच एजेंसियों अपना काम कर रही हैं। कश्मीर में सुरक्षा बेहतर है जिसका पता कश्मीर में आ रहे पर्यटकों की संख्या से लगता है। सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध होंगे। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल सिंह ने कहा कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का पता लगाने व निगरानी करने के लिए आरएफआइडी सिस्टम अपनाया जाएगा। जब यात्री जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करेंगे तो यह सिस्टम शुरू हो जाएगा। यह श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए होगा।  रामबन जिला में नया यात्री निवास बनाया गया है जिसमें तीन हजार से अधिक यात्रियों को ठहराने की व्यवस्था होगी।</p>
<p><br /> इस साल बीमा कवर तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख किया गया है। पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर उन्होंने कहा कि सिर्फ यात्रा मार्ग पर ही नहीं साफ-सफाई के पर्याप्त प्रबंध होंगे बल्कि साथ लगते अन्य इलाकों में इस पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। बताते चलें कि बाबा अमरनाथ की यात्रा 30 जून से शुरू हो रही है जो 11 अगस्त को संपन्न होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/eight-lakh-pilgrims-expected-this-time-on-amarnath-yatra/article-7791</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/eight-lakh-pilgrims-expected-this-time-on-amarnath-yatra/article-7791</guid>
                <pubDate>Tue, 12 Apr 2022 13:26:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/amarnath-yatra-.jpg"                         length="89524"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> अब जेईई-मेन की तर्ज पर इतिहास में पहली बार दो सेशन में होगी बिटसेट परीक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[परीक्षा पैटर्न भी बदला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-changes-for-the-first-time--now-on-the-lines-of-jee-main--for-the-first-time-in-history--bitsat-exam-will-be-held-in-two-sessions/article-6298"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/exam_new.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जेईई-मेन के बाद देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा के रूप में जाने जानी वाली बिटसेट (बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी प्रवेश परीक्षा) इतिहास में पहली बार दो सेशन में होगी। बिटसेट परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार ऐसा पहली बार हो रहा कि यह परीक्षा भी दो बार होगी। देश के इंजीनियरिंग संस्थान बिट्स पिलानी की प्रवेश परीक्षा बिटसेट में इस वर्ष बड़े बदलाव किए गए हैं। इसके साथ ही आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। जेईई-मेन की भांति ही इस वर्ष यह परीक्षा दो सेशन में करवाई जा रही है। परीक्षा का पहला सेशन 20 से 26 जून के मध्य तथा दूसरा सेशन 22 से 26 जुलाई के मध्य आयोजित की जाएगी। विद्यार्थियों को दोनों सेशन में बैठने का अवसर मिलेगा। दोनों सेशन में परीक्षा देने पर उच्चतम बिटसेट स्कोर के आधार पर बिट्स में प्रवेश दिया जाएगा। विद्यार्थी 21 मई तक बिट्स के दोनों परीक्षा सेशन के लिए एक साथ आवेदन कर सकते हैं। विद्यार्थी चाहे तो अभी पहले सेशन के लिए आवेदन कर सकता है और दूसरे सेशन के लिए आवेदन करने का उसे पुन: मौका दिया जाएगा। दोनों सेशन के आवेदन करने के लिए आवेदन शुल्क 5400 रुपए छात्रों एवं 4400 रुपए छात्राओं के लिए रखा गया है।<br /><br /><strong>बदले पैटर्न में होगी परीक्षा</strong><br />बिट्सेट-2022 के परीक्षा पैटर्न में बड़ा बदलाव किया गया है। इस वर्ष यह परीक्षा 130 प्रश्नों की होगी, जिसमें फिजिक्स, कैमेस्ट्री के 30-30 प्रश्न, मैथ्स के 40 प्रश्न, इंग्लिश प्रोफिशियंसी के 10 प्रश्न, लॉजिकल रीजनिंग के 20 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न का सही उत्तर देने पर 3 अंक दिए जाएंगे और गलत उत्तर देने पर 1 नम्बर की ऋणात्मक मार्किंग रहेगी, पूरा प्रश्नपत्र 390 अंकों का होगा, जबकि गत वर्ष तक बिट्स में 150 प्रश्न पूछे जाते थे और कुल पेपर 450 अंकों का होता था। ऐसे में अब विद्यार्थियों को गत वर्ष के मुकाबले 20 प्रश्न कम हल करने होंगे। बदले पैटर्न में फिजिक्स, कैमेस्ट्री के 10-10 प्रश्न एवं मैथ्स व इंग्लिश प्रोफिशियंसी में 5 प्रश्न कम किए गए हैं, अपितु लॉजिकल रिजनिंग के 10 प्रश्न बढ़ा दिए हैं। <br /><br /><strong>यह होगी पात्रता</strong><br />आईआईटी एनआईटी में प्रवेश के लिए इस वर्ष बोर्ड पात्रता को हटा दिया गया है, परन्तु बिट्स पिलानी में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को 12वीं बोर्ड परीक्षा में फिजिक्स, कैमेस्ट्री, मैथ्स में औसतन 75 प्रतिशत अंकों की बोर्ड पात्रता को पूरा करना अनिवार्य है। कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि इसके अतिरिक्त इन तीनों विषयों में अलग-अलग विद्यार्थियों को न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है। यह बोर्ड पात्रता सारी कैटेगिरी के लिए समान रूप से लागू होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-changes-for-the-first-time--now-on-the-lines-of-jee-main--for-the-first-time-in-history--bitsat-exam-will-be-held-in-two-sessions/article-6298</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-changes-for-the-first-time--now-on-the-lines-of-jee-main--for-the-first-time-in-history--bitsat-exam-will-be-held-in-two-sessions/article-6298</guid>
                <pubDate>Thu, 17 Mar 2022 12:46:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/exam_new.jpg"                         length="36677"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होलिका दहन का सबसे अच्छा मुहूर्त आज रात 9 बजकर 20 मिनट से लेकर रात 10 बजकर 31 मिनट तक </title>
                                    <description><![CDATA[होलिका दहन फाल्गुन माह की पूर्णिमा को होता है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/-best-time-for-holika-dahan-tonight-is-from-9-20-pm-to-10-31-pm--do-holika-dahan-after-worship/article-6284"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/holika-dahan1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। होलिका दहन फाल्गुन माह की पूर्णिमा को होता है,जबकि इसके अगले दिन यानी चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को रंग वाली होली मनायी जाती है। इस साल रंगवाली होली  18 मार्च 2022 को पड़ रही है। ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक होलिका दहन का सबसे अच्छा मुहूर्त 17 मार्च की रात 9 बजकर 20 मिनट से लेकर रात 10 बजकर 31 मिनट तक है।</p>
<p><br />होलिका दहन के अगले दिन रंग वाली होली खेली जाती है, शास्त्रों में कहा गया है कि होलिका दहन पूजा अर्चना करने के बाद ही किया जाना चाहिए। होलिका दहन पूर्णिमा के दिन होता है, लेकिन इसके 8 दिन पहले से ही होलाष्टक लग जाता है और यह होलिका दहन के बाद खत्म होता है। होलाष्टक दरअसल एक किस्म का सूतक होता है, क्योंकि इस दौरान कोई मांगलिक कार्य करना वर्जित होता है। इस दौरान विवाह, मुंडन, सगाई, गृहप्रवेश समेत 16 संस्कार नहीं करने चाहिए। यही नहीं होलाष्टक के समय यज्ञ, हवन आदि भी नहीं करना चाहिए। होलाष्टक के समय में नौकरी परिवर्तन,लंबी यात्रा आदि से भी बचना चाहिए, नया व्यापार भी आरंभ नहीं करना चाहिए।</p>
<p><br />होलाष्टक के दौरान भजन, कीर्तन, पूजा पाठ जैसे कार्य करने चाहिए। होलाष्टक को व्रत, पूजन और हवन की दृष्टि से अच्छा समय माना गया है। इन दिनों दान पुण्य के काम करने चाहिए। ऐसा करने से जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है। होलाष्टक में स्वच्छता और खान-पान का भी उचित ध्यान रखना चाहिए। इन दिनों में भगवान शिव की उपासना करें। महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें,इससे हर तरह के रोग से मुक्ति मिल जाती है। होलाष्टक के समय श्रीगणेश की वंदना बहुत फलदायी है। हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करें। होलाष्टक के दौरान भगवान विष्णु की पूजा करने से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। नवविवाहिताओं को होलाष्टक के दिनों में मायके में रहना चाहिए ।होलाष्टक  फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से लग जाता है और अगले 8 दिनों तक यह रहता है। इस साल यह 10 मार्च से लगा है और 18 मार्च 2022 तक रहेगा।</p>
<p><br />धार्मिक शास्त्रों में होलिका दहन पूजा अर्चना के बाद करने के लिए कहा गया है,क्योंकि माना जाता है कि शुभ मुहूर्त में पूजा पाठ के बाद किये गये होलिका दहन से आपकी तमाम परेशानियों और संकटों का भी दहन हो जाता है। होलिका दहन की पूजा के लिए जिस सामग्री की जरूरत होती है, उसमें एक कटोरी पानी, गाय के गोबर से बने बल्लों की माला, अक्षत, रोली, अगरबत्ती, धूपबत्ती, फूल, हल्दी के कुछ टुकड़े, मूंग की दाल, सूती धागा आदि हैं। इसके अलावा गुलाल पाउडर, एक सूखा नारियल, खेत से लाये गये पक्के हुए गेंहू या दूसरे अनाज की बालें आदि चीजों से होलिका दहन की पूजा होती है।</p>
<p><br />इन तमाम पूजा सामग्रियों को एक बड़ी थाली में रख लें और होलिका स्थल के पास पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके बैठ जाएं। जल, चावल, फूल और धातु के सिक्कों का होलिका को संकल्प करें और हाथ में फूल और चावल लेकर गणेश जी का स्मरण करें। इसके बाद भगवान नरसिंह का स्मरण करें और अंत में प्रहलाद का स्मरण करें, उन्हें फूल, रोली और चावल चढ़ाएं। फिर लायी गई समस्त सामग्री को होलिका को अर्पण कर दें। इसके बाद उसके चारों और चक्कर लगाएं तथा कच्चे सूत के धागे से तीन या पांच अथवा सात फेरे बांध दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/-best-time-for-holika-dahan-tonight-is-from-9-20-pm-to-10-31-pm--do-holika-dahan-after-worship/article-6284</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/-best-time-for-holika-dahan-tonight-is-from-9-20-pm-to-10-31-pm--do-holika-dahan-after-worship/article-6284</guid>
                <pubDate>Thu, 17 Mar 2022 10:21:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/holika-dahan1.jpg"                         length="42482"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        