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                <title>कोटा में एआई के सहारे तैयार हो रही इको फेंड्रली राखियां, मैक्सिको, यूएस, दुबई हो रही एक्सपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षाबंधन का पर्व अगस्त महीने में हो पर समूह की महिलाओं ने अभी से ही राखियों का आॅर्डर लेकर उनको तैयार करने में लगी हुई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-eco-friendly-rakhis-are-being-prepared-in-kota-with-the-help-of-ai--exporting-to-mexico--us--dubai/article-120248"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/8842roer-(1)7.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। अभी राखी के त्यौहार में समय है लेकिन इसकी तैयारियां स्वयं सहायता समूह ने अभी से कर ली है। इस बार राखी  नए लुक में तैयार करने के लिए स्वयं सहायता समूह एआई का सहारा ले रही है।यहां तैयार राखी मैक्सिकों,यूएस व दुबई तक जा रही हैं।  यहां नई तकनीक से इको फ्रेंडली और रियूज राखियां तैयार हो रही हैं जो बाद में सजावट और अन्य काम आ सकें। कम लागत में बेहतर राखियों की डिजायन तैयार करने में महिलाए दिन रात लगी हुई है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपने माल को बेचने के लिए भी इस बार नया ट्रेंड अपनाया है।  व्हाट्सगु्रप्स , प्रदर्शनी, मैले, लोकल दुकानदार, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, शहर के विभिन्न मार्केट सहित अन्य आसपास की दुकानों पर इसकी सप्लाई कर रही हैं जिससे आमजन को सस्ती और अच्छी राखियां मिल सकें। जिला प्रशासन, आयुक्त नगर निगम व एनयूएलएम के संयुक्त तत्वावधान में शहर की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं घर पर राखी बनाकर रोजगार सृजन कर रही है व साथ ही अच्छा खासा पैसा कमाकर स्वयं को आत्मनिर्भर बना रही है। रक्षाबंधन का पर्व अगस्त महीने में हो पर समूह की महिलाओं ने अभी से ही राखियों का आॅर्डर लेकर उनको तैयार करने में लगी हुई है। इस काम में साठ से अधिक महिलाएं जुटी हैं।  हेमलता गांधी ने बताया कि दोनों नगर निगम के आयुक्त अशोक त्यागी व अनुराग भार्गव भी हमेशा समूह की महिलाओं को उत्पाद बेचने के लिए प्रोत्साहन करते हैं। </p>
<p><strong>यहां से आता है कच्चा माल</strong><br />दिल्ली, अहमदाबाद, बॉम्बे, उज्जैन, कोलकता व शहर के लोकल बाजार से कच्चे माल की खरीदारी कर समूह की महिलाएं राखी बनाती है। समूह की महिलाओं ने बताया कि राखियां बेचने के लिए हमने व्हाट्सगु्रप्स, प्रदर्शनी, मैले, लोकल दुकानदार, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, शहर के विभिन्न मार्केट सहित अन्य आसपास के दुकानदारों को भी बेचने के लिए जाते है।</p>
<p>रक्षाबंधन पर पर्यावरण को संरक्षण करने वाली राखियां बनाती हूं। जिसे पर्यावरण को नुकसान भी नहीं होता है। घर पर राखियां बनाकर में तीस से चालीस हजार रुपए कमा लेती हूं। <br /><strong>- शीला, राखी निर्माता</strong></p>
<p><strong>ऐसे तैयार होती हैं राखियां</strong><br />ऊनी धागे, मोती,धागे, रेशम की डोरिया, स्टोन, फोम, वेस्ट मटेरियल, इको फ्रेंडली मटेरियल से राखियां बनाई जाती है। अधिकतर में रियूज ही राखियां बनाती हूं।  मैंने इस बार तिरंगा थीम परभी राखियां बनाई जिनका ऑर्डर अभी से ही मेरे को मिल रहा है। साथ ही मेरी बनी राखी मेक्सिको, यूएस, दुबई सहित अन्य देशों में जाती है।<br /><strong>- आदिति, राखी निर्माता </strong></p>
<p>विभिन्न जगहों से में कच्चा मटेरियल लाकर राखी बनाती हूं। मेरे साथ समूह में करीब दस से अधिक महिलाएं राखी बनाती हैं। <br /><strong>- तुलसी चौहान </strong></p>
<p>जीरो वेस्ट जिनमें कपड़े के थैले, जूट के बैग या अन्य टिकाऊ सामग्री से में घर पर ही राखी बनाती हूं । साथ ही भाईयां - भाभी की राखी भी बनाती हूं। मेरी राखी दिल्ली, गुड़गांव, महाराष्ट, यूपी सहित अन्य राज्यों में जाती है। <br /><strong>- मधुमिता राखी निर्माता</strong></p>
<p>मैंने रक्षाबंधन के लिए अभी से ही राखी बनाने का काम शुरू कर दिया। जिसमें मोती, धागे, रेशम की डोरियों से राखी बना शुरू कर दिया। मेरी बनी राखी लोकल मार्केट सहित अन्य जगहों पर बिकती है।<br /><strong>- सोनी गुप्ता राखी निर्माता </strong></p>
<p>मैं घर पर ही राखी बनाकर एक माह अच्छी कमाई कर लेती हूं । राखी बनाते इस बात का ध्यान रखा जाता है कि राखी रीयूज हो साथ ही पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली नहीं हो। <br /><strong>- रिचा गुप्ता राखी निर्माता</strong></p>
<p>महिलाएं राखी बनाकर इनको विभिन्न स्थानों पर बेचने के लिए भेजती है। साथ ही इस साल बनने वाली राखी रीयूज व पर्यावरण संरक्षित करने वाली है। राखी बेचकर महिलाएं करीब तीस से चालीस हजार रूपए कमा लेती है।<br /><strong>- हेमलता गांधी, जिला प्रबंधक एनयूएलएम कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Jul 2025 14:46:50 +0530</pubDate>
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                <title>सीएम के बड़े भाई को ईडी ने किया तीसरी बार तलब</title>
                                    <description><![CDATA[किसानों का सब्सिडी वाला फर्टिलाइजर विदेश निर्यात करने के आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%9C%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%88%E0%A4%A1%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A4%E0%A4%B2%E0%A4%AC/article-1596"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/15.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली</strong>। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बड़े भाई अग्रसेन गहलोत को फर्टिलाइजर घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तीसरी बार पूछताछ के लिए नई दिल्ली तलब किया है। बीते 15 दिनों के भीतर ईडी के दिल्ली स्थित कार्यालय में अग्रसेन गहलोत अपने वकीलों के साथ पेश हुए। ईडी की पूछताछ पर अग्रसेन गहलोत ने कहा कि वह समझ नहीं पा रहे हैं कि ईडी उन्हें बार-बार क्यों बुला रही है। जबकि किसी भी मामले में मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं। गौरतलब है कि ईडी द्वारा अग्रसेन गहलोत से इससे पहले 30 सितंबर और 27 सितंबर को पूछताछ हो चुकी है। बीती 27 सितंबर को अग्रसेन गहलोत से फर्टिलाइजर घोटाले में ईडी ने पूछताछ की थी। पिछले साल जुलाई में ईडी ने अग्रसेन गहलोत के खिलाफ मामला दर्ज किया था। ईडी ने उनके जोधपुर में फार्म हाउस और फर्मो पर ईडी ने छापेमारी की थी।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>गिरफ्तारी पर रोक</strong></span></span> : राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच ने अग्रसेन गहलोत की गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। ऐसे में राज्य हाईकोर्ट की रोक जारी रहने तक ईडी अग्रसेन गहलोत को गिरफ्तार नहीं कर सकती। हाईकोर्ट ने गहलोत को गिरफ्तारी से राहत देते हुए ईडी की जांच में सहयोग करने को कहा था।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>यह हैं आरोप</strong></span></span><br /> अग्रसेन गहलोत पर किसानों को सब्सिडी पर दिए जाने वाले फर्टिलाइजर को गलत तरीके से महंगे दाम पर निर्यात करने का आरोप है। ईडी के अनुसार, अग्रसेन गहलोत की कंपनी ने सब्सिडी वाले फर्टिलाइजर की बड़ी खेप केमिकल बताकर मलेशिया सहित कई देशों को निर्यात की थी। ईडी द्वारा अग्रसेन गहलोत पर इंडियन पोटाश लिमिटेड के डीलर रहते हुए किसानों को बांटा जाने वाला फर्टिलाइजर गैर कानूनी तरीके से साल 2007 से 2009 के बीच निर्यात करने के आरोप हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Oct 2021 11:21:51 +0530</pubDate>
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