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                <title>fertilizer - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>उर्वरक आपूर्ति पर मंडरा रहा संकट, पैदावार में गिरावट और खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि की आशंका</title>
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                        <![CDATA[अमरीका- इजरायल  ईरान संघर्ष का असर: नैचुरल गैस का संकट सामने दिखने भी लगा है। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/fertilizer-supply-crisis-looms--fears-of-declining-yields-and-rising-food-prices/article-145818"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/200-x-60-px)18.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। अमरीका इजरायल का ईरान संघर्ष के कारण तेल के अलावा, उर्वरक आपूर्ति में भारी संकट मंडरा सकता है। यदि हालात बिगड़े तो आगामी दिनों में फसलों की पैदावार में गिरावट और खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। सऊदी अरब, कतर, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों सहित ईरान, यूरिया, सल्फर और अमोनिया के प्रमुख आपूर्तिकर्ता है। ईरान अमोनिया का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक है, जो मिट्टी के पोषक तत्वों के लिए एक महत्वपूर्ण घटक है। यदि अमरीका -इजरायल ईरान संघर्ष कई महीनों तक जारी रहता है, तो खाड़ी देशों में उर्वरक उत्पादन और परिवहन में व्यवधान वैश्विक कृषि पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है। आॅयल के साथ अमोनिया और नाइट्रोजन गैस की सप्लाई चैन यदि बाधित होती है तो खरीफ के समय यूरिया और फर्टिलाइजर का व्यवधान किसानों के काफी परेशान कर सकता है। आने वाले समय में किसान बुवाई के महत्वपूर्ण मौसम में प्रवेश कर रहे हों। इसका परिणाम विलंबित लेकिन गंभीर खाद्य मुद्रास्फीति जैसे हालात हो सकते हैं। इस मामले को दैनिक नवज्योति ने विषय विशेषज्ञों से बात की। प्रस्तुत हैं उसके अंश।</p>
<p><strong>क्या कहते हैं एक्सपर्ट</strong><br />उद्योग जगत से जुड़े सूत्र कहते हैं कि नैचुरल गैस का संकट सामने दिखने भी लगा है। आयल व उर्वरक की कुछ मांग को अस्थायी रूप से पूरा किया जा सकता है, लेकिन दीर्घकाल में यह इतनी बड़ी मात्रा है कि इसकी भरपाई करना संभव नहीं है। आपूर्ति में व्यवधान समस्या को और भी जटिल बना रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि चीन द्वारा फॉस्फेट निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध और कतर में सल्फर उत्पादन में कमी के कारण वैश्विक उर्वरक बाजार में मांग बढ़ रही है। इन सभी कारकों के संयोजन का अर्थ यह है कि कीमतों में तीव्र वृद्धि होने पर भी, नई आपूर्ति तुरंत बाजार में नहीं आ पाएगी। खाड़ी देशों से दूर स्थित कृषि क्षेत्रों में भी इसका असर दिखना शुरू हो गया है। कई देशों के किसान बढ़ती कीमतों और धीमी आपूर्ति के चलते बुवाई के मौसम से पहले उर्वरक हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कतर में संघर्ष के कारण तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बाधित होने के बाद भारतीय यूरिया उत्पादकों ने उत्पादन में कटौती शुरू कर दी है।</p>
<p><strong>इम्पैक्ट नजर आने लगा है</strong><br />इस परेशानी का इम्पैक्ट नजर आने लगा है। फर्टिलाइजर और यूरिया नैचुरल गैस से बनती है। देश के 34 प्लांट हैं जो फर्टिलाइजर व यूरिया बनाते हैं सरकार ने उन्हें 40 प्रतिशत कट के निर्देश जारी कर दिए हैं। अगर यह लम्बा चला तो चालीस फीसदी तक उत्पादन कम हो जाएगा। हालांकि सरकार अन्य रास्ते भी देख रही है लेकिन फिलहाल यही स्थिति है।<br /><strong>-वीनू मेहता, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर व रेजीडेंट हैड डीसीएम</strong></p>
<p><strong>भारत बड़ा प्रोड्यूसर होने के साथ बड़ा कन्ज्यूमर भी</strong><br />इंडिया एग्रीकल्चर में बड़ा प्रोड्यूसर होने के साथ बड़ा कन्ज्यूमर भी है। इसलिए हमारे ऊपर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा। फिर भी हमारा फल, सब्जी और चावल के कंटेनर बंदरगाहों पर पड़े हैं। शिपिंग एजेंसियां ज्यादा पैसा मांगने लगी हैं। ऐसे में हमारी एक्सपोर्ट कोस्ट बढ़ रही है। फिलहाल स्थितियां खराब होने जैसी स्थिति नहीं है। इंडिया के पास आप्शंस बहुत हैं।<br /><strong>-डॉ.महेन्द्र सिंह, प्रसार निदेशक कृषि विश्वविद्यालय कोटा</strong></p>
<p><strong>दस से बीस फीसदी प्राइज हाइक जैसी स्थिति</strong><br />हमारा देश अब मजबूत हो चुका है। हमारी स्पॉट लाइन काफी मजबूत है। मेरा मानना है कि नैचुरल गैस और आयल जरूर इफैक्टेड हो सकते हैं। हम तीस से 40 फीसदी बाहर से मंगवाते हैं। लेकिन अब रशिया से इन्हें खरीद सकते हैं। हमारी गवर्नमेंट मल्टीपल सोर्स पर काम कर रही है। हमारी इकॉनामी डायवर्स इकॉनामी है। ऐसे में दस से बीस फीसदी प्राइज हाइक जैसी स्थिति हो सकती है।<br /><strong>-मेजर विक्रम सिंह, श्रीराम फर्टिलाइजर</strong></p>
<p>भारत में कृषि के लिये डीएपी की आपूर्ति आयात पर ही निर्भर है जो ज्यादातर पहले चाइना से आती थी। पिछले वर्षो में अफ्रीकी देशों कतर ओमान से आने लगी है । मोरक्कों ,जार्डन से रॉक फास्फेट आती है,भारत के रॉक फॉस्फेट मे 15 से 20 % तक की मात्रा में फास्फेट पाई जाती है जबकि जोर्डन, मोरक्कों से आयातित मिनरल में 30 %तक की उपलब्धता के कारण सुपर फास्फेट उत्पादन इकाइयां वहां से आयात पर निर्भर है। ऐसे में यदि आयात पर प्रभाव पड़ता है तो फिर यहां पर भी उत्पादन में असर पड़ सकता है। यह सब खेती के लिये जरूरी चीजें है ।<br /><strong>- सत्येन्द्र पाठक, कृषि उप निदेशक कृषि कोटा</strong></p>
<p>ओामान जोर्डन से पोटिशयम और फॉस्फेटिक पदार्थो का आयात किया जाता है। यदि व्यापार मार्ग रूकता है तो हमारे यहां की कृषि को दोनों तरफ से नुकसान होगा खाडी देशों में सप्लाई चेन रूकने से किसानो की उपज के दाम कम हो सकते है। वहीं इस रूट से आने वाले केमिकल या अन्य जरूरी सामान जो कृषि उत्पादन के लिये जरूरी है उनकी कमी से खेती किसानी पर प्रतिकूल प्रभाव पडेगा।<br /><strong>-अतीश शर्मा, संयुक्त निदेशक कृषि कोटा।</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 14:51:50 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - कृषि पर्यवेक्षक व राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति में ही बांटें खाद</title>
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                        <![CDATA[सर्द रात के बावजूद भारी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने रात्रि चौपाल में उपस्थित होकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--distribute-fertilizer-only-in-the-presence-of-agricultural-supervisors-and-revenue-officials/article-132236"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/_4500-px)-(7)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  जिले में रबी सीजन की बुवाई का दौर तेज होते ही खाद की डिमांड बढ़ गई है। ऐसे में किसानों को खाद के संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने जिले में खाद के संकट को गम्भीरता से लेते हुए अब  कृषि पर्यवेक्षक और राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति में ही किसानों को खाद का वितरण करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार रात को कनवास क्षेत्र के विभिन्न गांवों में रात्रि चौपाल की। सर्द रात के बावजूद भारी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने रात्रि चौपाल में उपस्थित होकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान ग्रामीणों की शिकायत पर मंत्री नागर ने खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।</p>
<p><strong>खाद की कालाबाजारी की शिकायत</strong><br />रात्रि चौपाल के दौरान किसानों ने खाद न मिलने और विक्रेता द्वारा कालाबाजारी की शिकायत की। किसानों ने खाद विक्रेताओं द्वारा तय कीमत से अधिक वसूलने के भी आरोप लगाए। जिस पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने तुरंत कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक अतीश कुमार शर्मा से फोन पर वार्ता की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्राइवेट और अन्य खाद विक्रेता के जितने भी स्टॉक हैं, उन्हें रोककर आने वाला खाद आगे से कृषि पर्यवेक्षक और राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति में ही बांटा जाए। उन्होंने कहा कि अनावश्यक अटैचमेंट न देकर सिर्फ खाद की बिक्री हो। जिससे किसानों की समस्या का समाधान हो सकेगा। </p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />जिले में खाद के संकट को लेकर दैनिक नवज्योति में गत 3 नवंबर को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया था कि जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार हुई बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी आने से रबी फसलों की बुवाई तेजी से शुरू हो गई है। मौसम पूरी तरह अनुकूल होते ही किसानों ने खाद और बीज की खरीदारी आरंभ कर दी है। इससे सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं के यहां खाद की मांग अचानक बढ़ गई है। मांग बढ़ने से कई स्थानों पर खाद की किल्लत जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। किसानों को सुबह से ही खाद लेने के लिए समितियों के बाहर लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है। किसानों को खाद लेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस दौरान कई स्थानों पर खाद के लिए किसानों को कतारों में लगना पड़ रहा है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Thu, 13 Nov 2025 13:05:20 +0530</pubDate>
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                <title> असर खबर का - खटखड़ एवं नीम का खेड़ा क्षेत्र में उर्वरक विक्रेताओं के लाईसेंस निलंबित</title>
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                        <![CDATA[सात दिनों में स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए गए हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/-impact-of-the-news--fertilizer-sellers--licenses-suspended-in-khatkhad-and-neem-ka-kheda-area/article-122701"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1n1e1ws.png" alt=""></a><br /><p>नमाना रोड़। दैनिक नवज्योति ने 27 जुलाई और 4 अगस्त के अंक में प्रकाशित खबर को प्रमुखता से लेते हुए खबर का हुआ है। तीन उर्वरक डीलरो के लाइसेंस निलंबित किए और सभी डीलरो को उर्वरक विक्रय करने से पहले स्थानीय कृषि विभाग को दें तथा विभागीय अधिकारियों की निगरानी में ही विक्रय करें। जिले में उर्वरक निरीक्षकों द्वारा आदान विक्रेताओं के निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताओं के चलते दो प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस 14 दिनों के लिए निलंबित किए गए है, जबकि तीन विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।   संयुक्त निदेशक कृषि (विकास) कौशल कुमार सोमानी ने बताया कि मैसर्स अम्बिका एंटरप्राइजेज, खटखड़ एवं श्री बालाजी कृषि सेवा केंद्र, नीम का खेड़ा का एक अगस्त को निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में अम्बिका एंटरप्राइजेज में स्टॉक रजिस्टर एवं गोदाम में उपलब्ध उर्वरकों के स्टॉक में भिन्नता, विक्रय की सूचना अधिसूचित प्राधिकरण को प्रेषित नहीं करना, और स्टॉक एवं मूल्य सूची का प्रदर्शन न करना जैसी गम्भीर कमियां पाई गईं। ये सभी "उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985" के तहत स्पष्ट उल्लंघन हैं। इन्हीं खामियों के आधार पर अम्बिका एंटरप्राइजेज का उर्वरक लाइसेंस 14 दिवस के लिए निलंबित किया गया है।  इसी प्रकार, श्री बालाजी कृषि सेवा केंद्र, नीम का खेड़ा में भी स्टॉक अनियमितता, किसानों को बिल जारी न करना, प्वाइंट आॅफ सेल मशीन का संचालन बंद होना, विक्रय की सूचना नियमित रूप से न भेजना व स्टॉक,मूल्य सूची का प्रदर्शन न करना, जैसी गंभीर कमियाँ सामने आईं। इसे कालाबाजारी का प्रथम दृष्टया मामला मानते हुए फर्म का लाइसेंस भी 14 दिवस के लिए निलंबित किया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों फर्मों को सात दिनों में स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए गए हैं, अन्यथा लाइसेंस निरस्त करने की कार्यवाही होगी।</p>
<p><strong>मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार किसान करें यूरिया का प्रयोग</strong><br /> संयुक्त निदेशक ने बताया कि सभी आदान विक्रेताओं को सावचेत किया है कि उर्वरक की प्राप्ति की सूचना स्थानीय कृषि विभाग को दें तथा विभागीय अधिकारियों की निगरानी में ही विक्रय करें। किसानों को सलाह दी गई है कि वे उर्वरकों का उपयोग केवल विभागीय सिफारिशों अथवा मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार ही करें, ताकि उपज और मृदा स्वास्थ्य में सुधार हो सकें।</p>]]>
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                <pubDate>Tue, 05 Aug 2025 15:25:31 +0530</pubDate>
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                <title>डीएपी खाद की किल्लत किसानों पर पड़ रही भारी, खरीफ की फसल का बुवाई का कार्य होगा शुरू तो आएगी परेशानी</title>
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                        <![CDATA[भवानीमंडी में खाद के रैक खाली होगे तो जिले में खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो सकेगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/-the-shortage-of-dap-fertilizer-is-taking-a-toll-on-farmers/article-118106"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(2)32.png" alt=""></a><br /><p>चौमहला। चौमहला क्षेत्र में अभी खरीफ की फसल का बुवाई का कार्य शुरू होने वाला है, लेकिन किसानों को डीएपी खाद नहीं मिल रहा है। किसान खाद के लिए इधर उधर भटक रहे है, लेकिन उन्हें कही से डीएपी खाद नहीं मिल रहा है,किसानों ने सरकार से शीघ्र डीएपी खाद उपलब्ध करवाने की मांग की है। क्षेत्र में डीएपी खाद की किल्लत से किसान परेशान है, सहकारी समितियों मे पिछले कई दिनों से किसान को डीएपी खाद नहीं मिल पाया है। सहकारी समितियों  के अलावा बाजार में भी प्राइवेट कम्पनियों के द्वारा डीएपी खाद की सप्लाई नहीं हो पाई है, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई है। किसान डीएपी खाद के लिए इधर उधर भटक रहे है लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पा रहा है। कृषि विभाग व सहकारी समिति का कहना है कि सरकार ने डीएपी खाद का आर्यात कम कर दिया है जिस कारण डीएपी की किल्लत बनी हुई है। साकरिया निवासी किसान भगवान सिंह,भाटखेड़ी निवासी ईश्वर सिंह ने बताया कि इन दिनों बाजार व सहकारी समितियों में डीएपी खाद नहीं मिल रहा है अभी बुवाई शुरू होने वाली है हमें खेतो में डीएपी डालना है लेकिन खाद मिल नहीं रहा है जिससे किसान परेशान हो रहे है। सहायक कृषि अधिकारी विकास जैन ने बताया कि किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे डीएपी की जगह एन पी के 20 20 13 का उपयोग करे  यह बाजार में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है इसके अलावा किसान एस एस पी 3 बोरी व यूरिया 1 बोरी मिक्स कर खेतों में डाले यह डीएपी का कार्य करेगी,उन्होंने बताया कि गांव गांव कृषक गोष्ठी कर किसानों को गोबर खाद, केंचुआ खाद के उपयोग की सलाह दी जा रही है। किसान नैनो डीएपी का भी उपयोग कर सकते है। सहकारी समिति व्यवस्थापक सुरेश चंद्र खमोरा ने बताया कि आगे से सप्लाई नहीं आने से क्षेत्र में खाद की समस्या बनी हुई है। खाद के स्थाई समाधान के लिए इफको, कृपको कंपनी के ट्रेन से आने वाले खाद के रैक भवानीमंडी स्टेशन पर खाली होने चाहिए यदि भवानीमंडी में खाद के रैक खाली होगे तो जिले में खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो सकेगा।</p>
<p>डीएपी खाद नहीं मिलने से किसान परेशान हो रहे है, किसानों को शीघ्र डीएपी खाद उपलब्ध कराना चाहिए। <br /><strong>- ईश्वर सेन, अध्यक्ष, भारतीय किसान संघ</strong></p>
<p>इफको,कृपको कंपनी द्वारा डीएपी खाद की आपूर्ति नहीं होने के कारण सहकारी समितियों में खाद की कमी बनी हुई है, समिति द्वारा हर माह खाद की डिमांड भेजी जा रही है।<br /><strong>- सुरेश खमोरा, व्यवस्थापक, गंगधार क्रय विक्रय सहकारी समिति चौमहला</strong></p>
<p>डीएपी का आयात कम करने के कारण समस्या बनी हुई है,बाजार में डीएपी का विकल्प पर्याप्त मात्रा में मौजूद है,यदि डीएपी आता भी है तो कंपनी अटैचमेंट देती है जो कोई किसान नहीं लेता।<br /><strong>- शरद अग्रवाल, अध्यक्ष, खाद बीज व्यापार संघ</strong></p>
<p>डीएपी की आगे से ही सप्लाई नहीं है, किसानों को सलाह दी जाती है कि वे एनपी के 20.20.13 का उपयोग करे जो पर्याप्त मात्रा में बाजार में उपलब्ध है।<br /><strong>- विकास जैन, सहायक कृषि अधिकारी चौमहला</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Jun 2025 18:58:29 +0530</pubDate>
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                <title>डीएपी की किल्लत से किसान परेशान</title>
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                        <![CDATA[किसानों की हालत यह है कि खाद के इंतजाम के लिए जल्द सुबह ही अपने घरों से निकलते है लेकिन शाम को खाली हाथ ही घर लौटते है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/farmers-troubled-by-the-shortage-of-dap/article-93635"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/277rtrer-(6).png" alt=""></a><br /><p>इटावा। खरीफ की फसल नहीं होने से परेशान धरतीपुत्रों की परेशानी दूर होने का नाम ही नहीं ले रही है। खेतों में सरसों की बुवाई के लिए खेतों में पलेवा कर दिया, बुवाई करनी है लेकिन डीएपी खाद नहीं मिल रहा ऐसी स्थिति में बुवाई में देरी हो रही है। इटावा क्षेत्र में पिछले एक माह से ग्राम सेवा सहकारी समिति संस्थाओं व इटावा मार्केटिंग सोसाइटी के गोदाम खाली है। किसानों की हालत यह है कि खाद के इंतजाम के लिए जल्द सुबह ही अपने घरों से निकलते है लेकिन शाम को खाली हाथ ही घर लौटते है। </p>
<p><strong> खाद वितरण में मनमानी</strong><br />जोरावरपुरा के किसान नंदराम नागर का कहना है कि सहकारी संस्थाओं में खाद नहीं आ रहा। वहीं निजी डीलर के यहां आता है, वह अटैचमेंट देते है। वहीं खाद वितरण में भी मनमानी करते हैं। अभी दो-तीन पूर्व खातौली व गणेशगंज और अन्य जगह आया लेकिन डीलरों ने मनमानी की। कृषि विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में भी मनमानी करते हैं। यही कहानी इटावा क्षेत्र के 100 से 150 गांवों के किसानों की है। </p>
<p><strong>समय पर खाद नहीं तो बुवाई होगी प्रभावित</strong><br />खेत तैयार हो चुके है। किसानों ने ट्यूबवेल से पानी दे दिया है। अब बुवाई करनी है लेकिन खाद नहीं मिल रहा है। जिसके चलते किसानों की देरी से बुवाई होगी तो उत्पादन प्रभावित होगा। वहीं दुबारा पानी देना पड़ेगा। किसान अपनी परेशानी के साथ परेशान और चिंतित नजर आ रहा है। क्योंकि इस बार खरीफ की उड़द ओर सोयाबीन की अधिकाश फसल खराब हो गई। वहीं नाम मात्र का उत्पादन हुआ है। उसके लिए जैसे तैसे करके साहूकारों से कर्ज लेकर खेती करने पर मजबूर हो रहे है।</p>
<p><strong>आखिर खाद गया कहां  </strong><br /> डीएपी खाद की किल्लत ने कई सवाल भी खड़े कर रखे है कि आखिर खाद की किल्लत क्यों हुई जबकि खरीफ के सीजन में डीएपी की जरूरत नहीं होती। उस समय जो खाद का वितरण हुआ वह खाद किस तरह वितरण हुआ। बाजारों में जो किल्लत दिख रही है। वह कालाबाजारी के लिए तो नहीं है। क्योंकि कई कंपनियों का कहना है कि डिमांड से अधिक डीएपी खाद का आवंटन हो चुका। </p>
<p> खेत तैयार हैं। पिछले आठ दिन से रोजाना इटावा आ रहा हूं कि जैसे तैसे डीएपी का इंतजाम हो जाए लेकिन थक हार कर शाम को घर लौट रहा हूं। <br /><strong>- पूरणमल, किसान, करवाड</strong></p>
<p>डीएपी के लिए सभी दुकानों पर चक्कर लगा रहे है लेकिन एक ही जवाब मिलता है कि डीएपी नहीं है। <br /><strong>- रघुवीर गुर्जर, किसान,  पीपल्दा। </strong></p>
<p> इस वर्ष करीब 15 हजार डीएपी के कट्टों का वितरण किया जा चुका है। वहीं 50 हजार कट्टों की डिमांड की थी। <br /><strong>- बाबूलाल पारेता, सहायक व्यवस्थापक, इटावा मार्केटिंग। </strong></p>
<p> डीएपी जैसे आवंटन होगा वैसे ही कृषि अधिकारियों की देखरेख में वितरण करवाया जा रहा है। अभी खाद नहीं आया है।  <br /><strong>- मुरारीलाल बैरवा, कृषि अधिकारी, सुल्तानपुर। </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Oct 2024 16:16:34 +0530</pubDate>
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                <title>कृषि अधिकारियों ने लालसोट में खाद- बीज की दूकानों से लिए 08 नमूने </title>
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                        <![CDATA[ खरीफ मौसम पूर्व सघन गुण नियंत्रण अभियान के तहत मंगलवार  को कृषि अधिकारी दौसा अशोक कुमार मीना ,धर्म सिंह गुर्जर ने लालसोट स्थित खाद-बीज विक्रेताओं के विक्रय परिसरों एवं गोदामों का निरीक्षण कर उर्वरक व बीज के 08  नमूने आहरित किये गए। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/agriculture-officials-took-08-samples-from-fertilizer-and-seed-shops/article-81332"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/photo-size-(2)8.png" alt=""></a><br /><p>दौसा। खरीफ मौसम पूर्व सघन गुण नियंत्रण अभियान के तहत मंगलवार  को कृषि अधिकारी दौसा अशोक कुमार मीना ,धर्म सिंह गुर्जर ने लालसोट स्थित खाद-बीज विक्रेताओं के विक्रय परिसरों एवं गोदामों का निरीक्षण कर उर्वरक व बीज के 08  नमूने आहरित किये गए। कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा लिए गए उर्वरक व बीज नमूनों को विभिन्न राजकीय परीक्षण प्रयोगशालाओं में जांच हेतु भिजवाया जाएगा। यदि नमूने अमानक  पाए जाते हैं तो संबंधित के खिलाफ बीज नियंत्रण आदेश 1983, उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 व आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 तहत नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जावेगी।</p>
<p>कृषि आदान विक्रेताओं को  किसानों को उचित दर पर गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक उपलब्ध कराने के आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए। साथ ही अनियमितता करने वाले खाद-बीज विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जावेगी। कृषि अधिकारियों ने कहा कि किसान अधिकृत विक्रेताओं से ही बीज ,उर्वरक, एवं कीटनाशक खरीदे व कृषि आदानो की गुणवत्ता से संबंधित किसी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत कृषि विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाए ताकि अनियमितता करने वालों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की सके।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Jun 2024 19:02:08 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>खाद की कमीः क्षेत्र में खाद भी राशन की तरह बांटना पड़ा</title>
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                        <![CDATA[सोप उपतहसील मुख्यालय सहित क्षेत्र में इन दिनों खाद वितरण व्यवस्था भले ही राशन कार्ड व जमाबंदी से जारी है। ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/fertilizer-shortage-fertilizer-also-had-to-be-distributed-like-ration/article-30878"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/sop-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>सोप। उपतहसील मुख्यालय क्षेत्र में खाद कम आने व मांग बढ़ने से राशन, आधार व जमाबंदी की व्यवस्था से किसानों को यूरिया मिल रहा है। सोप उपतहसील मुख्यालय सहित क्षेत्र में इन दिनों खाद वितरण व्यवस्था भले ही राशन कार्ड व जमाबंदी से जारी है। लेकिन किसानों की भीड़ कम होने का नाम ही नहीं ले रही है, जैसे ही खाद की सूचना मिलती है। वैसे वैसे किसान टोकन जारी करने के लिए कतार में लगना शुरू कर देते है। ग्राम सहकारी समिति के 760 यूरिया खाद कट्टे पहुंचते ही सहकारी समिति परिसर में क्षेत्र के मंडावरा, देवली, मोहम्मदपुरा, पायगा आदि ग्राम पंचायतों के किसान भी यूरिया खाद लेने पहुंच गए लेकिन उन किसानों को खाद के टोकन नहीं मिले। </p>
<p>अन्य पंचायतों के किसानों ने भी यूरिया खाद की मांग की। किसानों को खाद के टोकन वितरित नहीं किए गए जिससे मंडावरा,मोहम्मदपुरा पायगा देवली ग्राम पंचायतों किसानों को वापस लोटना पड़ा सहकारी समिति के व्यवस्थापक को पुलिस व कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बुलाने पड़े। सूचना पर सहायक कृषि अधिकारी हनुमान प्रसाद मीना गिरदावर सरिता मीना, कृषि पर्यवेक्षक प्रधान मीना मय पुलिस जाप्ता के पहुंचे। सहकारी समितियों में आने वाले खाद को ग्राम पंचायत सोप के ऋणी सदस्यों व सोप किसानों के लिए ही आया था। जबकि अन्य पंचायतों के किसानों ने भी खाद लेने की मांग की गई। सहकारी समिति में ऋणी सदस्य भी 289 तथा अऋणी 401 सहित कुल टोटल 690 होने और कट्टे 760 ही आने से सहायक कृषि अधिकारी हनुमान प्रसाद मीना, गिरदावर सरिता मीना, कृषि पर्यवेक्षक प्रधान गुर्जर, महेंद्र मीना, रामबाबू कुमावत, सीता मीना, व सोप पुलिस जाब्ते की निगरानी में सहकारी समिति के ऋणी सदस्यों व सोप के किसानों को ही प्रति सदस्य दो-दो कट्टा वितरित किया। सहकारी समिति के व्यवस्थापक रामबाबू गोस्वामी ने बताया कि सोप पंचायत के ऋणी सदस्यों ओर सोप पंचायत के किसानों को पुलिस की मौजूदगी दो-दो कट्टा खाद वितरित करने के टोकन काटे गए हैं। </p>
<p>खाद कमी की मार भूमि पुत्रों पर भारी<br />सोप उप तहसील मुख्यालय सहित क्षेत्र की ग्यारह ग्राम पंचायतों में खाद की किल्लत अन्नदाताओं के लिए परेशानी का सबब बन रही है। उप तहसील क्षेत्र में खाद की किल्लत इस कदर बनी हुई है कि खाद की गाड़ीयां आते ही किसान सहकारी समितियों ओर दुकानों पर जमा हो जाते हैं। सोप कृषि पर्यवेक्षक महेन्द्र मीना ने बताया सोप पंचायत के ही किसानों व ऋणी सदस्यों को टोकन जारी कर दो-दो बैग वितरीत किए गए। सोप गिरदावर सरिता मीना ने बताया कि शनिवार को सोप ग्राम सहकारी समिति में 760 बैग आए थे, जिनको प्रति किसान की जमाबंदी व राशन की जांच करने के बाद ही उन किसानों को कृषि विभाग के द्वारा टोकन वितरित किए गए हैं। सोप सहायक कृषि अधिकारी हनुमान प्रसाद मीना ने बताया कि सोप सहकारी समिति के 760 कट्टे आए थे। जिनको सोप पंचायत के ही किसानों को प्रति राशन कार्ड के हिसाब से दो दो कट्टे का 380 किसानों को टोकन जारी कर दिए गए है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Nov 2022 12:07:05 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>डीएपी खाद की कमी से किसान परेशान, कालाबाजारी रोकने प्रशासन: सिंघवी</title>
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                        <![CDATA[खाद विक्रेताओं द्वारा डीएपी के 1 कट्टे के साथ काश्तकारों को दो  फाॅस्फेट के कट्टे साथ में दिए जा रहे हैं।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61701081ebf6d/article-1799"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/121.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर।  छबड़ा विधायक व पूर्व मंत्री प्रताप सिंह सिंघवी ने बताया कि क्षेत्र के कई किसानों की आए दिन डीएपी खाद के संबंध में शिकायतें प्राप्त हो रही है। किसानों द्वारा बताया जा रहा है कि क्षेत्र के खाद विक्रेताओं द्वारा डीएपी के 1 कट्टे के साथ काश्तकारों को दो  फाॅस्फेट के कट्टे साथ में दिए जा रहे हैं। तथा कई विक्रेताओं द्वारा खाद की कालाबाजारी की जा रही है।  विधायक सिंघवी ने सरकार से मांग की है कि छबड़ा विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे जिले में खाद की जो भयंकर कमी आ रही है उसको दूर किया जाए।</p>
<p><br />  अतिवृष्टि से पीड़ित किसान  जिसकी आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब है।  जिसकी माली हालत अभी डीएपी के कट्टे खरीदने जैसी भी नहीं है।  उनको सरकार द्वारा प्रदेश में उत्पादित एसएसपी (सिंगल सुपर फाॅस्फेट) के   कट्टे जो खाद विक्रेताओं से जबरन बिकाये जा रहे हैं।  इसको अतिशीघ्र बंद किया जाए तथा किसानों को आवश्यकतानुसार डीएपी (ड्राई अमोनिया फाॅस्फेट) खाद के कट्टे उपलब्ध कराया  जाये।  कृषि विभाग व जिला प्रशासन खाद की कालाबाजारी रोकने की उचित व्यवस्था करें।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Oct 2021 18:32:59 +0530</pubDate>
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                <title>किसान की बेबसी-दिन के उजाले में नहीं रात के अंधेरे में मिलता डीएपी</title>
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                        <![CDATA[सवाईमाधोपुर में 12 सौ रुपए का कट्टा, 25 सौ रुपए में रात के अंधेरे में बिका : डीएपी खाद नहीं होेने से नहीं हो रही बुवाई :   डीएपी खाद नहीं मिलने से फसल की गुणवक्ता पर पड़ा विपरीत असर]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%87%E0%A4%AC%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%89%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%AA%E0%A5%80/article-1707"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/dholpur-1-copy.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर</strong>। राज्य में डीएपी खाद की किल्लत ने किसान को बेबस कर दिया है। प्रदेश के अधिकांश गांवों में डीएपी खाद को दुकानदार दिन के उजाले में बेचने के बजाए, रात के अंधेरे में मनमाने दामों में बेच रहे हैं। सवाईमाधोपुर के खंड़ार विधानसभा में तो 12 सौ रुपए का डीएपी खाद का कट्टा 25 सौ रुपए में बिकने की सूचना है। खाद-बीज की दुकान संचालकों के डीएपी खाद को मनमाने दामों पर बेचने से पौबारह हो गई है और सरकारी स्तर पर मॉनिटरिंग नहीं होने से किसान खासा बेहाल है। सवाईमाधोपुर के भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष लटूर सिंह गुर्जर ने बताया कि खंड़ार में मध्यप्रदेश के श्योपुर से लाकर डीएपी खाद मनमाने दामों पर बेचा जा रहा है, जिस पर प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं हैं। जयपुर जिले के बस्सी, चाकसू, चौमूं, जमवारामगढ़ में किसान को डीएपी की उपलब्धता नहीं है, लेकिन दुकानदार से मान-मनोव्वल करने और अधिक राशि देने पर चुपके से रात के अंधेरे में खाद उपलब्ध कराने की सूचना हैं। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>सवाईमाधोपुर के किसान ने 1200 का कट्टा, 25 सौ में लिया</strong></span></span>-<br /> बालमुकुन्द चौधरी और सुमेर सिंह शेखावत निवासी सुखवास, जिला सवाईमाधोपुर ने बताया कि दुकानदार ने 12 सौ का कट्टा क्रमश:  2500 और 17 सौ रुपए में दिया है। जबकि डीएपी के कट्टे दुकान पर देने की बजाए किसी दूसरे स्थान से उपलब्ध कराए गए।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>बुवाई में देरी, किसान परेशान</strong></span></span><br /> किसान को डीएपी खाद नहीं मिलने से सरसों और चने की बुवाई नहीं कर पा रहा है। आमतौर पर सरसों की बुवाई एक अक्टूबर से शुरू हो जाती है, लेकिन अभी तक प्रदेश में सरसों की बहुत कम बुवाई हो पाई है। प्रदेश में इस बार सरसों और तारामीरा की 30 लाख हैक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया है, लेकिन अभी तक 25 प्रतिशत बुवाई भी नहीं हो पाई है। यदि बुवाई के समय डीएपी खाद का सही प्रकार से उपयोग नहीं किया तो उससे सरसों और चने की फसल की गुणवक्ता पर विपरीत असर पड़ता है। <br />  </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Oct 2021 14:59:29 +0530</pubDate>
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                <title>सीएम के बड़े भाई को ईडी ने किया तीसरी बार तलब</title>
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                        <![CDATA[किसानों का सब्सिडी वाला फर्टिलाइजर विदेश निर्यात करने के आरोप]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%9C%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%88%E0%A4%A1%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A4%E0%A4%B2%E0%A4%AC/article-1596"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/15.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली</strong>। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बड़े भाई अग्रसेन गहलोत को फर्टिलाइजर घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तीसरी बार पूछताछ के लिए नई दिल्ली तलब किया है। बीते 15 दिनों के भीतर ईडी के दिल्ली स्थित कार्यालय में अग्रसेन गहलोत अपने वकीलों के साथ पेश हुए। ईडी की पूछताछ पर अग्रसेन गहलोत ने कहा कि वह समझ नहीं पा रहे हैं कि ईडी उन्हें बार-बार क्यों बुला रही है। जबकि किसी भी मामले में मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं। गौरतलब है कि ईडी द्वारा अग्रसेन गहलोत से इससे पहले 30 सितंबर और 27 सितंबर को पूछताछ हो चुकी है। बीती 27 सितंबर को अग्रसेन गहलोत से फर्टिलाइजर घोटाले में ईडी ने पूछताछ की थी। पिछले साल जुलाई में ईडी ने अग्रसेन गहलोत के खिलाफ मामला दर्ज किया था। ईडी ने उनके जोधपुर में फार्म हाउस और फर्मो पर ईडी ने छापेमारी की थी।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>गिरफ्तारी पर रोक</strong></span></span> : राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच ने अग्रसेन गहलोत की गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। ऐसे में राज्य हाईकोर्ट की रोक जारी रहने तक ईडी अग्रसेन गहलोत को गिरफ्तार नहीं कर सकती। हाईकोर्ट ने गहलोत को गिरफ्तारी से राहत देते हुए ईडी की जांच में सहयोग करने को कहा था।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>यह हैं आरोप</strong></span></span><br /> अग्रसेन गहलोत पर किसानों को सब्सिडी पर दिए जाने वाले फर्टिलाइजर को गलत तरीके से महंगे दाम पर निर्यात करने का आरोप है। ईडी के अनुसार, अग्रसेन गहलोत की कंपनी ने सब्सिडी वाले फर्टिलाइजर की बड़ी खेप केमिकल बताकर मलेशिया सहित कई देशों को निर्यात की थी। ईडी द्वारा अग्रसेन गहलोत पर इंडियन पोटाश लिमिटेड के डीलर रहते हुए किसानों को बांटा जाने वाला फर्टिलाइजर गैर कानूनी तरीके से साल 2007 से 2009 के बीच निर्यात करने के आरोप हैं।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Oct 2021 11:21:51 +0530</pubDate>
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