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                <title>abroad - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>नया विवाद ना हो इसलिए सीएम ने कोर्ट से मांगी विदेश जाने की अनुमति</title>
                                    <description><![CDATA[राजकार्य करने के बाद बिना देरी किए वापस आ जाएंगे। पूर्व में भी इस संबंध में एक व्यक्ति सांवरमल ने एक प्रार्थना पत्र पेश किया था जो कोर्ट में पेंडिंग है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/to-avoid-new-controversy-cm-sought-permission-from-the-court/article-92542"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/bhajanlal-sharmaa-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जिले के अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम-4 में प्रार्थना पत्र पेश कर 13 से 25 अक्टूबर तक जर्मनी और यूके जाने के लिए अनुमति मांगी है। प्रार्थना पत्र पर अदालत 9 अक्टूबर को सुनवाई करेगी। मुख्यमंत्री की ओर से अधिवक्ता अश्विनी बोहरा के जरिए प्रार्थना पत्र पेश कर कहा कि प्रार्थी के खिलाफ एक मामले में 30 सितंबर, 2013 को कोर्ट में चालान पेश किया था।</p>
<p>यह मामला पिछले 11 साल से पेंडिंग चल रहा है। प्रार्थी प्रदेश का मुख्यमंत्री हैं और उन्हें अक्सर राजकार्य से बाहर जाना पड़ता है। उन्हें राइजिंग राजस्थान कार्यक्रम के तहत विदेशी निवेशकों से चर्चा व संवाद और प्रदेश में निवेश के निमंत्रण के लिए यूके व जर्मनी की यात्रा करनी प्रस्तावित है। ऐसे में उन्हें राजकार्य के हितार्थ 13 से 25 अक्टूबर तक यूके और जर्मनी की यात्रा का कार्यक्रम भी तय हो गया है। वे राजकार्य करने के बाद बिना देरी किए वापस आ जाएंगे। पूर्व में भी इस संबंध में एक व्यक्ति सांवरमल ने एक प्रार्थना पत्र पेश किया था जो कोर्ट में पेंडिंग है।</p>
<p>उन्होंने अग्रिम जमानत की शर्तों की अवहेलना नहीं की है। केस में कोई नया विवाद या नई पेचिदगियां पैदा नहीं हो, इसके लिए कोर्ट से विदेश जाने की मंजूरी लेने के लिए प्रार्थना पत्र दायर किया है। इसलिए उन्हें विदेश जाने की मंजूरी दी जाए। गौरतलब है कि जिले की एडीजे कोर्ट-4 में पेंडिंग चल रहे भरतपुर के गोपालगढ़ में सितंबर 2011 में हुए साम्प्रदायिक दंगा मामले में भजनलाल शर्मा सहित अन्य आरोपियों को 10 सितंबर, 2013 को कोर्ट ने सशर्त अग्रिम जमानत दी थी।</p>
<p>इसमें यह शर्त भी थी कि वे कोर्ट की मंजूरी लिए बिना विदेश यात्रा नहीं करेंगे। गत दिनों उनके विदेश जाने पर सांवरमल नाम के व्यक्ति ने अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर उनके बिना अनुमति विदेश जाने को आधार बनाकर अग्रिम जमानत को रद्द करने की गुहार की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Oct 2024 12:34:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>कोटा में भी फॉरेन टूर पर जाने का बढ़ा क्रेज </title>
                                    <description><![CDATA[वर्तमान एयरपोर्ट से नियमित हवाई सेवा नहीं है। इसके बावजूद कोटा में पासपोर्ट बनवाने वालों का क्रेज काफी बढ़ा है। वह भी युवा पीढ़ी में। युवाओं का पढ़ाई व नौकरी के लिए विदेश जाने का क्रेज तो बढ़ा ही है। साथ ही उनके परिवार का अपने बच्चों से मिलने जाना और विदेश घूमने का उत्साह भी पहले से अधिक हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-craze-of-going-on-foreign-tour-also-increased-in-kota/article-28300"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/kota-mei-bhi-foreign-tour-par-jaane-ka-badha-craze..kota-news-1.11.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा में एयरपोर्ट तो है लेकिन यहां से नियमित उड़ान अभी तक शुरु नहीं हुई है। नया एयरपोर्ट बनने में भी समय लगेगा। लेकिन कोटा से भी लोगों का विदेश जाने का क्रेज काफी बढ़ा है। इसका अंदाजा लोगों में पासपोर्ट बनवाने के उत्साह से लगाया जा सकता है। कोरोना काल के बाद अचानक पासपोर्ट बनवाने वालों में तेजी आई है। कोटा में नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए शम्भूपुरा के पास करीब 1250 एकड़ जमीन देने की रा’य सरकार ने स्वीकृति तो जारी कर दी है। लेकिन उसका हस्तांतरण नहीं होने से अभी तक उसकी आगे की प्रक्तिया शुरू नहीं हो पाई है। यहां नया एयरपोर्ट बनना प्रस्तावित है। जिससे कोटा से जयपुर समेत अन्य बड़े शहरों के लिए नियमित हवाई सेवा शुरू हो सकेगी। लेकिन वर्तमान एयरपोर्ट से नियमित हवाई सेवा नहीं है। इसके बावजूद कोटा में पासपोर्ट बनवाने वालों का क्रेज काफी बढ़ा है। वह भी युवा पीढ़ी में। युवाओं का पढ़ाई व नौकरी के लिए विदेश जाने का क्रेज तो बढ़ा ही है। साथ ही उनके परिवार का अपने बच्चों से मिलने जाना और विदेश घूमने का उत्साह भी पहले से अधिक हुआ है। इसका कारण कोटा में ही पासपोर्ट का आसानी से बनाना है। जानकारों के अनुसार कोटा से अधिकर लोग घूमने के लिए थाईलैंड व अमेरिका तो जाते ही हैं। जबकि पढ़ाई व नौकरी के लिए अधिकर लोग रूस व यूक्रेन भी जाते हैं। </p>
<p><strong>झालावाड़ की तुलना में करीब चार गुना अधिक</strong><br />कोटा पासपोर्ट सेवा केन्द्र की तुलना में झालावाड़ में बन रहे पासपोर्ट की संख्या करीब एक चौथाई है। कोटा में जहां इस साल 9 महीने में 9687 पासपोर्ट बने हैं। वहीं झालावाड़ में एक चौथाई 2769 पासपोर्ट बने हैं।</p>
<p><strong>रोजाना बन रहे 100  पासपोर्ट</strong><br />पासपोर्ट सेवा केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोटा में पहले जहां रोजाना करीब 80 पासपोर्ट बन रहे थे। वहीं अब इनकी संख्या बढ़ाकर 95 से 100 कर दी गई है। नयापुरा प्रधान डाकघर स्थित पासपोर्ट सेवा केद्र में सुबह से शाम तक पासपोर्ट बनवाने वालों विशेष रुप से युवा और अब तो महिलाओं की संख्या भी अधिक देखी जा सकती है। हालत यह है कि पासपोर्ट बनाने की संख्या बढ़ाने के बाद भी अगले 20 दिन की वेटिंग चल रही है।</p>
<p><strong>कोरोना काल के बाद हुई वृद्धि</strong><br />कोटा में कोरोना काल  से पहले भी पासपोर्ट बन रहे थे लेकिन उस समय इनकी संख्या इतनी अधिक नहीं थी। लेकिन कोरोना के बाद पासपोर्ट बनवाने वालों की संख्या अचानक तेजी से बढ़ी है। पासपोर्ट सेवा केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार मार्च 2020 से मार्च 2021 तक जहां करीब एक साल में मात्र 5082 पासपोर्ट बने थे। वहीं अप्रेल 2021 में जहां मात्र 364 पासपोर्ट कोटा केन्द्र में बने थे। उसके बाद कोरोना संक्रमण के चलते पासपोर्ट बनना बंद हो गया था। जिससे मई  में एक भी पासपोर्ट नहीं बनने से यह संख्या शून्य हो गई थी। उसके बाद जून में  417, जुलाई में 522, अगस्त में 563 पासपोर्ट बने थे। जबकि सितम्बर में इनकी संख्या बढ़कर 1088 हो गई है। अक्टूबर 2021 के बाद से रह महीने करीब 1 हजार पासपोर्ट बन रहे थे। वहीं इस साल जून से इनकी संख्या और भी बढ़ गई। जानकारी के अनुसार जून में 1364, जुलाई में 1252, अगस्त में 129 व सितम्बर में 1404 पासपोर्ट बनाए गए हैं। </p>
<p><strong>ज्यादातर होली डे टूर पर जाते हैं </strong><br />कोटा से विदेश जाने वालों के उत्साह का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां पासपोर्ट बनवाने की सुविधा शुरू होने के बाद से लोगों का रूझान तो बढ़ा है। लेकिन पिछले 5 माह में इसमें काफी अधिक वृद्धि हुई है। इस साल के 9 माह में जनवरी से सितम्बर तक कोटा पासपोर्ट सेवा केन्द्र से कुल 9687 पासपोर्ट बने हैं। जिनमें से 6118 पासपोर्ट सिर्फ 5 माह में मई से सितम्बर के बीच ही बने हैं। इस हिसाब से हर महीने करीब 1 हजार से अधिक पासपोर्ट कोटा में बन रहे हैं। इनमें से अधिकतर लोग विदेश यात्रा  करने वाले हैं।</p>
<p><strong>मार्च 2017 में शुरू हुआ था कोटा में केंद्र</strong><br />पासपोर्ट बनवाने के लिए पहले कोटा के लोगों को जयपुर जाना पड़ता था। लेकिन सांसद ओम बिरला के प्रयासों से कोटा में 6 मार्च 2017 को पासपोर्ट सेवा केन्द्र शुरू किया गया था। फिलहाल यह नयापुरा स्थित प्रधान डाकघर में संचालित है। इसके अलावा 12 अप्रेल 2017 को झालावाड़ में भी एक पासपोर्ट सेवा केद्र खोला गया था।</p>
<p>कोटा में पासपोर्ट सेवा केन्द्र शुरु होने के बाद  यहां के लोगों को सुविधा मिलीे है। जिससे अधिक लोग यहां पासपोर्ट बनवा रहे हैं। एक केद्र झालावाड़ में है। जिसके जो नजदीक पड़ता है वह वहां पासपोर्ट बनवा सकता है। पासपोटके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। पुलिस सत्यापन के बाद प्रक्रिया पूरी होने पर करीब 15 दिन के भीतर पासपोर्ट बन जाता है। कोटा के प्रधान डाकघर में पासपोर्ट सेवा केन्द्र के लिए जगह व कर्मचारी दिए हुए हैं। कोटा से सभी जगह पर लोग पढ़ाई व घूमने के लिए जा रहे हैं। लेकिन विशेष रूप से किस देश में और किस मकसद से जा रहे हैं यह संबंधित एम्बेसी से बनने वाले वीेजा से ही पता चल पाएगा।<br /><strong>- प्रवीण कुमार, सहायक अधीक्षक, मुख्यालय, प्रधान डाककर कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Nov 2022 16:21:35 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष : सूर्यनगरी के अनोखे रिकॉर्ड, साइकिल पर योग को देश-विदेश में दी पहचान</title>
                                    <description><![CDATA[ अमूमन रिटायरमेंट के बाद योग बुजुर्गों का पसंदीदा वर्कआउट होता है। सूर्यनगरी के 74 वर्षीय खींवराज गुर्जर जमीन पर नहीं बल्कि जमीन से 300 फीट ऊंची पहाड़ी पर साइकिल पर योग करते हैं। खींवराज को पहले से ही साइकिलिंग का शौक था ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/-special-on-international-yoga-day--unique-records-of-suryanagari--recognition-of-yoga-on-bicycle-in-the-country-and-abroad/article-12681"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/yoge.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जोधपुर।</strong> अमूमन रिटायरमेंट के बाद योग बुजुर्गों का पसंदीदा वर्कआउट होता है। सूर्यनगरी के 74 वर्षीय खींवराज गुर्जर जमीन पर नहीं बल्कि जमीन से 300 फीट ऊंची पहाड़ी पर साइकिल पर योग करते हैं। खींवराज को पहले से ही साइकिलिंग का शौक था उस पर योग को मिक्स कर एक नई तरह का योग दुनिया के सामने लाए हैं। जिसे उन्होंने ‘पावर योगा’ नाम दिया है।  इनका योग इतना प्रचलित है कि विदेशों से भी लोग इनका योग देखने आते हैं। खींवराज ने अपनी पोती का नाम भी योगा रखा है जो अभी विदेश में रह रही है।</p>
<p><br /><strong><span style="color:#ff6600;">क्या खास है साइकिल में</span></strong> <br />खींवराज जिस साइकिल पर योग करते हैं वह भी साधारण साइकिल नहीं है। इसका नाम है बीएमएक्स साइकिल है जो 12 किलो की है। खींवराज इसे कंधे पर टांगकर पहाड़ी पर चढ़ते हैं। साइकिल का हैंडल 90 डिग्री तक घूम जाता है। वे टायरों की हवा भी अपने हिसाब से रखते हैं जिससे साइकिल का बैलेंस बना रहे। खींवराज ने बताया कि ये साइकिल ताइवान में बनी है। मैंने इसे उस वक्त दुबई से 6000 रुपए में खरीदा था। इसमें एक पहिए में 140 ताड़ियां हैं।</p>
<p><span style="color:#ff6600;"><strong>खुद ही तोड़े अपने रिकॉर्ड</strong></span> <br />मेहरानगढ़ दुर्ग की जयपोल के बाहर का बुर्ज जिसकी ऊंचाई पहाड़ी सहित लगभग 600 फीट है और बुर्ज के ठीक किनारे पर साइकिल पर बैलेन्सिंग का दिल दहला देने वाला प्रदर्शन कर चुके हैं। उनके रिकॉर्ड कोई दूसरा नहीं वे खुद ही तोड़ते हैं। इस योग की बदौलत उनके लिम्का बुक ऑफ  इंडिया रिकार्ड्स में 9 रिकार्ड्स सहित विदेशों में भी कई कीर्तिमान बने हैं।<br /><br /><span style="color:#ff6600;">साइकिलिंग में भी कीर्तिमान</span><br />खींवराज ने अब तक 1 लाख किलोमीटर से अधिक सफर साइकिल पर तय किया है। बिना रुके एक बार में 300 किलोमीटर साइकिल चला चुके हैं। जोधपुर से मुम्बई की 1000 किलोमीटर की दूरी इन्होंने साइकिल पर बिना ब्रैक लगाए तय की। माउन्ट आबू की घाटियों से इन्होंने बगैर ब्रेक लगाए साइकिल उतारी, वहीं पुष्कर की दुर्गम पहाड़ियों पर बगैर गियर के साइकिल चढ़ाई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jun 2022 13:00:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा और नौकरी के लिए विदेश जाने वालों की बढ़ रही संख्या</title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षा की छोटी काशी के साथ ही अब पर्यटन नगरी बनने जा रहे कोटा में अभी तक भले ही हवाई सेवा शुरू नहीं हो सकी है। जबकि पासपोर्ट बनवाने का कोटा में क्रेज बढ़ रहा है। शिक्षा और नौकरी के लिए विदेश जाने वालों की संख्या बढ़ने से कोटा में हर महीने करीब एक हजार पासपोर्ट बनाए जा रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/increasing-number-of-people-going-abroad-for-education-and-job/article-10412"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/job-education-videsh-jana-paasport-offc.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिक्षा की छोटी काशी के साथ ही अब पर्यटन नगरी बनने जा रहे कोटा में अभी तक भले ही हवाई सेवा शुरू नहीं हो सकी है। जबकि पासपोर्ट बनवाने का कोटा में क्रेज बढ़ रहा है। शिक्षा और नौकरी के लिए विदेश जाने वालों की संख्या बढ़ने से कोटा में हर महीने करीब एक हजार पासपोर्ट बनाए जा रहे हैं। शिक्षा नगरी कोटा में जहां पूरे देश से विद्यार्थी मेडिकल और इंजीनियरिंग की कोचिंग के लिए आ रहे हैं। वहीं कोटा से भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई के लिए और युवा नौकरी के लिए देश से बाहर जा रहे हैं। इसका अंदाजा कोटा में हर महीने बन रहे पासपोर्ट की संख्या से लगाया  जा सकता है। नयापुरा स्थित प्रधान डाकघर में पास पोर्ट सेवा केन्द्र बना हुआ है। यहां रोजाना सुबह से शाम तक बड़ी संख्या में युवा पासपोर्ट बनवाने के लिए पहुंच रहे हैं। पासपोर्ट के लिए आवेदनों की संख्या में रोजाना वृद्धि हो रही है। <br /><br /><strong>2017 में खुला था पासपोर्ट सेवा केन्द्र</strong><br />कोटा में हवाई सेवा शुरू करने की मांग काफी समय से की जा रही है। कोटा के वर्तमान एयरपोर्ट पर छोटे विमान तो उतर रहे हैं। जबकि बड़े विमान और नियमित उड़ान यहां से अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। लेकिन कोटा में पासपोर्ट बनवाने वालों की संख्या को देखते हुए वर्ष 2017 में कोटा में पासपोर्ट सेवा केन्द्र शुरू किया गया था। 6 मार्च 2017 को कोटा में और 12 अप्रैल 2017 को झालावाड़ के प्रधान डाकघर में यह केन्द्र शुरू किए गए थे। कोटा और झालावाड़ में केन्द्र खुलने से पूरे संभाग के लोगों को सुविधा मिली है। इससे पहले पासपोर्ट बनवाने के लिए लोगों को जयपुर जाना पड़ता था। जिससे समय व धन दोनों अधिक खर्च होते थे। <br /><br /><strong>एक साल में 10 हजार बने</strong><br />पासपोर्ट सेवा केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार  कोटा में पिछले एक साल में करीब 10 हजार पासपोर्ट बनाए गए हैं। यह संख्या अप्रैल 2021 से अप्रैल 2022 तक की है। जबकि झालावाड़ में इसकी तुलना में कम पासपोर्ट बने हैं। मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण के चलते लगे लॉक डाउन में तीन महीने तक सब कुछ बंद होने से पासपोर्ट सेवा केन्द्र भी बंद रहे थे। इस कारण अप्रैल 2020 से जून 2020 तक तो कोटा में एक भी पासपोर्ट नहीं बना था। इस कारण से मार्च 2020 से मार्च 2021 तक कोटा में वर्तमान  की तुलना में करीब 50 फीसदी 5052 ही पासपोर्ट बने थे। <br /><br /><strong>यह है कोटा की स्थिति</strong><br />पासपोर्ट सेवा केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोटा में अप्रैल 2021 में जहां 364, मई में 0, जून में 417, जुलाई में 522, अगस्त में 563 पासपोर्ट बने थे। उसके बाद सितम्बर 2021 से पासपोर्ट बनवाने का क्रेज बढ़ा तो हर महीने पासपोर्ट बनने की संख्या करीब दो गुनी होकर 1 हजार मासिक हो गई। सितम्बर 2021 में 1088, अक्टूबर में 1070, नवम्बर में 1171 व दिसम्बर में 1170 पासपोर्ट बने थे। उसके बाद जनवरी 2022 में 840, फरवरी में 899, मार्च में करीब 1000 व अप्रैल 2022 में 930 पासपोर्ट बनाए गए। इस तरह अप्रैल 2021 से सितम्बर 2021 तक जहां 6 माह में कुल 2954 पासपोर्ट बने थे। वहीं अक्टूबर 2021 से अप्रैल 2022 तक 7 माह में इनकी संख्या करीब दो गुना से अधिक 7080 हो गई है।  अप्रैेल 2021 से अप्रैल 2022 तक कुल 10 हजार 34 पासपोर्ट बनाए गए हैं।  <br /><br /><strong>झालावाड़ में यह है स्थिति</strong><br />कोटा के पासपोर्ट सेवा केन्द्र की तुलना में झालावाड़ पासपोर्ट सेवा केन्द्र में बहुत कम पासपोर्ट बने हैं। जानकारी के अनुसार झालावाड़ में सितम्बर 2021 में 223, अक्टूबर में 171, नवम्बर में 164, दिसम्बर में 178, जनवरी 2022 में 178, फरवरी में 176, मार्च में 175 व अप्रैल में 139 पासपोर्ट बनाए गए। <br /><br /><strong>पूर्ण पासपोर्ट सेवा केद्र को भी मंजूरी</strong><br />कोटा में पूर्ण पासपोर्ट सेवा केन्द्र खोलने की भी मंजूरी मिल चुकी है। लोकसभा ओम बिरला के प्रयासों से केन्द्रीय मंत्री ने गत दिनों इसकी स्वीकृति जारी कर दी है। अब कोटा में पूर्ण पासपोर्ट सेवा केन्द्र के लिए जगह की तलाश की जा रही है। जानकारों के अनुसार पूर्ण सेवा केन्द्र खुलने के बाद तत्काल पासपोर्ट भी कोटा में ही बन सकेंगे। अभी तत्काल पासपोर्ट के लिए जयपुर जाना पड़ रहा है। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />कोटा में पहले की तुलना में वर्तमान में पासपोर्ट बनवाने वालों में क्रेज बढ़ा है। हर महीने करीब एक हजार पासपोर्ट कोटा केन्द्र से बनाए जा रहे हैं। अधिकतर पासपोर्ट युवा व विद्यार्थी बनवा रहे हैं। जो पढ़ाई व नौकरी के लिए देश से बाहर जा रहे हैं। उनके साथ ही विद्यार्थियों व युवाओं के परिजन व रिश्तेदार भी पासपोर्ट बनवा रहे हैं। बच्चों से मिलने जाने के लिए ऐसे लोगों की संख्या भी बढ़ रही है। कोटा व झालावाड़ केद्र खुलने से लोगों को सुविधा हुई है। जयपुर के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे। धन व समय दोनों की बचत हो रही है। आवेदन करने पर एक निर्धारित समय में पासपोर्ट आसानी से बनाए जा रहे हैं।  <br /><strong>- सुनील कुमार राठौर, सहायक डाकपाल, प्रधान डाकघर कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 May 2022 15:24:30 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सात समंदर पार पहुंचे बेबी रानी के फूड प्रॉडक्ट </title>
                                    <description><![CDATA[शून्य से शिखर तक का सफर यूं ही आसान नहीं होता इस सफर में सफल उद्यमी बनने की राह को परिस्थितियां कई बार डिगा देती हैं।  लेकिन थेगड़ा निवासी बेबी रानी सैनी की लगातार मेहनत के चलते आज उनका सहायता समूह विदेशों में अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/baby-rani-food-products-reached-across-the-seven-seas/article-6587"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/baby-rani-food-product.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शून्य से शिखर तक का सफर यूं ही आसान नहीं होता इस सफर में सफल उद्यमी बनने की राह को परिस्थितियां कई बार डिगा देती हैं।  लेकिन थेगड़ा निवासी बेबी रानी सैनी की लगातार मेहनत के चलते आज उनका सहायता समूह विदेशों में अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं। बेबीरानी के सफलता की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। एक ब्यूटीशियन के रूप में अपने हाथो से  दो पैसे की कमाई करने वाली यह महिला कृषि विज्ञान केन्द्र कोटा में अब मास्टर ट्रेनर के रूप महिलाओं को आत्मनिर्भरता का रास्ता दिखा रही है। <br /><br />बेबीरानी बताती है कि सफर की शुरूआत  एक दशक पहले हुई थी। परिवार के आर्थिक हालात कमजोर थी। केवीके से ब्यूटीपार्लर ओर सिलाई  का काम  सीखने से कुछ आय मिली तो दूसरे प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी भाग लेनी लगी। आज, शिव शक्ति फूड प्रॉडक्ट सात समंदर पार अपनी पहचान बना चुके है। उल्लेखनीय है  कि बेबीरानी द्वारा तैयार किए जा रहे आंवला, सहजन और सोयाबीन के खाद्य प्रसंस्करण उत्पाद दुबई, आॅस्ट्रेलिया और अमेरिका तक पहुंच चुके है और बेबीरानी को पहचान दे रहे है। उन्होंने बताया कि प्रसंस्करण उत्पाद व्यवसाय से प्रतिमाह 25-30 हजार रूपए की आय मिल जाती है। विदेशी बेबीरानी के उत्पादों के दीवाने हो चुके है। एक कृषि मजदूर की बेटी को जब ऐसी सफलता मिलती है, तो बेबीरानी को उद्यमी बनाने वाले कृषि वैज्ञानिक भी अपने में गौरव की अनुभूति का अनुभव करते हैं। <br /><br /><strong>महिलाओं को दे रही प्रशिक्षण</strong><br />कृषि विज्ञान केंद्र की विषय विशेषज्ञ डॉ. गुंजन सनाढ्य ने बताया कि  बेबीरानी  के खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों से हर महीने 25-30 हजार रूपए की आय प्राप्त कर रही है। उनके द्वारा तैयार किया गया महिला समूह में अब तक 100 से अधिक महिलाएं रोजगार प्राप्त कर अपने जीवन को ऊंचाई पर ले जाने का प्रयास कर रही हैं। बेबी रानी बताया कि शादी से पहले संघर्ष के कई इम्तिहान दिए है। लेकिन, कभी हौसला नहीं छोड़ा है। इसी का परिणाम है कि हर्बल उत्पाद मुझे पहचान दे रहे है। उन्होंने बताया कि शादी से पहले ब्यूटीपार्लर, सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लिया। इस तरह मेरा जुड़ाव कृषि विज्ञान केन्द्र कोटा से हुआ। उसके बाद कृषि विज्ञान केन्द्र से कई विधाओं में कौशल प्रशिक्षण प्राप्त किए। इन्हीं प्रशिक्षणों की बदौलत अब मैं मास्टर ट्रेनर के रूप में कृषि विज्ञान केन्द्र पर आने वाली कृषक महिलाओं को आय बढ़ोतरी के गुर सिखा रही हूं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Mar 2022 16:24:42 +0530</pubDate>
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                <title>सीएम के बड़े भाई को ईडी ने किया तीसरी बार तलब</title>
                                    <description><![CDATA[किसानों का सब्सिडी वाला फर्टिलाइजर विदेश निर्यात करने के आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%9C%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%88%E0%A4%A1%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A4%E0%A4%B2%E0%A4%AC/article-1596"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/15.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली</strong>। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बड़े भाई अग्रसेन गहलोत को फर्टिलाइजर घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तीसरी बार पूछताछ के लिए नई दिल्ली तलब किया है। बीते 15 दिनों के भीतर ईडी के दिल्ली स्थित कार्यालय में अग्रसेन गहलोत अपने वकीलों के साथ पेश हुए। ईडी की पूछताछ पर अग्रसेन गहलोत ने कहा कि वह समझ नहीं पा रहे हैं कि ईडी उन्हें बार-बार क्यों बुला रही है। जबकि किसी भी मामले में मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं। गौरतलब है कि ईडी द्वारा अग्रसेन गहलोत से इससे पहले 30 सितंबर और 27 सितंबर को पूछताछ हो चुकी है। बीती 27 सितंबर को अग्रसेन गहलोत से फर्टिलाइजर घोटाले में ईडी ने पूछताछ की थी। पिछले साल जुलाई में ईडी ने अग्रसेन गहलोत के खिलाफ मामला दर्ज किया था। ईडी ने उनके जोधपुर में फार्म हाउस और फर्मो पर ईडी ने छापेमारी की थी।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>गिरफ्तारी पर रोक</strong></span></span> : राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच ने अग्रसेन गहलोत की गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। ऐसे में राज्य हाईकोर्ट की रोक जारी रहने तक ईडी अग्रसेन गहलोत को गिरफ्तार नहीं कर सकती। हाईकोर्ट ने गहलोत को गिरफ्तारी से राहत देते हुए ईडी की जांच में सहयोग करने को कहा था।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>यह हैं आरोप</strong></span></span><br /> अग्रसेन गहलोत पर किसानों को सब्सिडी पर दिए जाने वाले फर्टिलाइजर को गलत तरीके से महंगे दाम पर निर्यात करने का आरोप है। ईडी के अनुसार, अग्रसेन गहलोत की कंपनी ने सब्सिडी वाले फर्टिलाइजर की बड़ी खेप केमिकल बताकर मलेशिया सहित कई देशों को निर्यात की थी। ईडी द्वारा अग्रसेन गहलोत पर इंडियन पोटाश लिमिटेड के डीलर रहते हुए किसानों को बांटा जाने वाला फर्टिलाइजर गैर कानूनी तरीके से साल 2007 से 2009 के बीच निर्यात करने के आरोप हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Oct 2021 11:21:51 +0530</pubDate>
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