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                <title>afghanistan - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>काबुल नरसंहार: अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर लगाया 400 लोगों की हत्या का आरोप, पाकिस्तानी सरकार ने किया खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर काबुल के नशा मुक्ति केंद्र पर हवाई हमले का आरोप लगाया है, जिसमें 400 लोगों की मौत हो गई। तालिबान ने इसे "मानवता के विरुद्ध अपराध" बताया, जबकि पाकिस्तान ने दावों को खारिज करते हुए कहा कि उसने केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। सीमा पर बढ़ते तनाव ने दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/afghanistan-accused-pakistan-of-killing-400-people-pakistani-government-rejected/article-146787"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran-attacked1.png" alt=""></a><br /><p>काबुल। अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की सेना पर राजधानी काबुल में नशा मुक्ति केंद्र पर हवाई हमला करने का आरोप लगाया, जिसमें कम से कम 400 लोगों की मौत हो गई। यह जानकारी मंगलवार को अल जजीरा ने दी। हालांकि, पाकिस्तान ने इस दावे को झूठा और जनमत को गुमराह करने वाला बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि उसने सोमवार को केवल काबुल और नांगरहार प्रांत में सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया था। </p>
<p>अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत के अनुसार, काबुल के उमर व्यसन उपचार अस्पताल पर हमला स्थानीय समयानुसार सोमवार रात लगभग नौ बजे (16:30 जीएमटी) हुआ। उन्होंने एक्स पर लिखा कि अस्पताल में 2,000 बिस्तरों की क्षमता है और इस हमले में इमारत के बड़े हिस्से नष्ट हो गए। उन्होंने आगे कहा, दुर्भाग्यवश, मृतकों की संख्या अब तक 400 तक पहुंच चुकी है और लगभग 250 अन्य लोग घायल हुए हैं। बचाव दल वर्तमान में घटनास्थल पर मौजूद हैं और आग पर काबू पाने एवं पीड़ितों के शवों को निकालने का काम कर रहे हैं।</p>
<p>अफगान सरकार के एक अन्य प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने अस्पताल हमले की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है और काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल को निशाना बनाया है। उन्होंने एक्स पर कहा कि अफगान सरकार ऐसे कृत्य को सभी स्वीकृत सिद्धांतों एवं मानवता के विरुद्ध अपराध मानती है।</p>
<p>वहीं, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मोशर्रफ जैदी ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि काबुल में किसी भी अस्पताल को निशाना नहीं बनाया गया। एक्स पर एक पोस्ट में, पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने कहा कि हमलों में काबुल और नंगरहार में अफगान तालिबान और अफगानिस्तान स्थित पाकिस्तानी लड़ाकों के सैन्य प्रतिष्ठानों एवं आतंकवादी समर्थन अवसंरचना को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं का उपयोग निर्दोष पाकिस्तानी नागरिकों के खिलाफ किया जा रहा था।</p>
<p>मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा की गई लक्षित कार्रवाई सटीक एवं सावधानीपूर्वक थी ताकि कोई भी अप्रत्यक्ष नुकसान न हो। मंत्रालय ने कहा कि अफगान प्रवक्ता मुजाहिद का दावा पाकिस्तान विरोधी भावना भड़काने और तालिबान द्वारा सीमा पार आतंकवाद के लिए अवैध समर्थन को छिपाने के उद्देश्य से किया गया है।</p>
<p>पाकिस्तान की ओर से ये टिप्पणियां संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अफगानिस्तान की तालिबान सरकार से आतंकवाद से निपटने के प्रयासों को तुरंत तेज करने के आह्वान के कुछ घंटों बाद आईं। पाकिस्तान काबुल पर सशस्त्र समूहों, विशेष रूप से पाकिस्तानी तालिबान को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है  जिसके बारे में उसका कहना है कि वह पाकिस्तान में हमले करता है।</p>
<p>इससे पहले, अफग़ान अधिकारियों ने कहा कि सोमवार को दक्षिण-पूर्वी अफग़ानिस्तान में हुई गोलीबारी में दो बच्चों सहित चार लोग मारे गए और 10 अन्य घायल हो गए। प्रांतीय गवर्नर के प्रवक्ता मुस्तगफर गुरबाज ने कहा कि पाकिस्तान से दागे गए मोर्टार के गोले खोस्त प्रांत के गांवों में गिरे और कई घरों को नष्ट कर दिया। दोनों देशों के बीच पिछले महीने उस समय झड़प शुरू हुई जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में हवाई हमले किए जिसमें इस्लामाबाद ने सशस्त्र समूहों को निशाना बनाने की बात की। अफगानिस्तान ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया और जवाबी हमला किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 17:21:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भारत ने की काबुल में अस्पताल पर पाकिस्तान के हमले की कड़ी निंदा, बताया-कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य, समर्थन का किया ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने काबुल के नशा मुक्ति अस्पताल पर पाकिस्तान के हवाई हमले को "कायरतापूर्ण और अमानवीय" बताया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, नागरिकों और मरीजों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता पर हमला और क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा करार देते हुए दोषियों को जवाबदेह ठहराने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-strongly-condemned-pakistans-attack-on-the-hospital-in-kabul/article-146821"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/india-pakistan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक अस्पताल पर पाकिस्तान के हमले को कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।</p>
<p>विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि भारत सोमवार की रात काबुल के ओमिद नशा मुक्ति अस्पताल पर पाकिस्तान के बर्बर हवाई हमले की कड़ी निंदा करता है। यह हिंसा का एक कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य है, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों की जान चली गई। इस अस्पताल को किसी भी तरह से सैन्य लक्ष्य नहीं माना जा सकता है।        </p>
<p>उन्होंने कहा, पाकिस्तान अब इस नरसंहार को सैन्य अभियान का नाम देने की कोशिश कर रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा किया गया यह घृणित आक्रमण अफगानिस्तान की संप्रभुता पर एक स्पष्ट हमला है और क्षेत्रीय शांति तथा स्थिरता के लिए सीधा खतरा है। यह पाकिस्तान के लगातार लापरवाह व्यवहार और अपनी आंतरिक विफलताओं को सीमा पार हिंसा के बढ़ते हिंसक कृत्यों के माध्यम से छिपाने के बार-बार किए जाने वाले प्रयासों को दर्शाता है। </p>
<p>बयान में कहा गया है कि यह हमला रमजान के पवित्र महीने के दौरान किया गया, जो दुनिया भर के मुस्लिम समुदायों के लिए शांति, चिंतन और दया का समय होता है, जो इसे और भी निंदनीय बनाता है। ऐसा कोई धर्म, कोई कानून या कोई नैतिकता नहीं है जो किसी अस्पताल और उसके मरीजों को जानबूझकर निशाना बनाने को उचित ठहरा सके।    </p>
<p>उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस आपराधिक कृत्य के दोषियों को जवाबदेह ठहराना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा नागरिकों को निशाना बनाने का यह अंधाधुंध हमला तत्काल बंद हो। जायसवाल ने कहा कि भारत शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है और इस दुखद घड़ी में अफगानिस्तान के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। उन्होंने कहा, हम अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपने अटूट समर्थन को भी दोहराते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 14:37:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अफगानिस्तान में सीमा पार से हुए हमलों में दो स्थानिय लोगों की मौत: पांच अन्य घायल, बचाव और राहत कार्य जारी</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्वी अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत में पाकिस्तानी तोपखाने के हमलों से भारी तबाही हुई। रविवार रात गुरबाज और जाजी मैदान जिलों को निशाना बनाया गया, जिसमें 2 नागरिकों की मौत और 5 घायल हो गए। दो हफ्तों से जारी सीमा विवाद के कारण दोनों देशों के बीच झड़पें तेज हो गई हैं, जिससे तनाव चरम पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/two-locals-killed-five-others-injured-in-cross-border-attacks-in/article-146677"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/afghanistan.png" alt=""></a><br /><p>काबुल। पूर्वी अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत में रविवार रात सीमा पार से किये गये हमलों में दो लोग मारे गये और पांच अन्य घायल हो गये। </p>
<p>प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता मुस्तगफर गुरबाज ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी तोपखाने ने रविवार रात गुरबाज और जाजी मैदान जिलों के कुछ इलाकों को निशाना बनाया। इसमें दो लोगों की मौत हो गयी और पांच अन्य लोग जख्मी हो गये।</p>
<p>अफगानिस्तान और पाकिस्तान के अधिकारियों के मुताबिक, दो हफ्ते पहले सीमा पर शुरू हुई झड़पों के बाद से अब तक कई लोग मारे गये और घायल हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 18:01:52 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अफगानिस्तान का पाकिस्तान पर जवाबी हमला: कई शहरों में घुसे अफगान ड्रोन, कंधार में फ्यूल डिपो को भी बनाया निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तानी वायुसेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया के नागरिक ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए हैं। अफगान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद के अनुसार, इन हमलों में रिहायशी घरों और कंधार हवाई अड्डे के ईंधन डिपो को निशाना बनाया गया। महिलाओं और बच्चों की मौत के साथ बुनियादी ढांचे को भारी आर्थिक नुकसान पहुँचा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/afghanistans-counter-attack-on-pakistan-afghan-drones-entered-many-cities/article-146398"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pakistan2.png" alt=""></a><br /><p>काबुल। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर ङ्क्षहसक मोड़ ले चुका है। अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने शुक्रवार तड़के जानकारी दी कि पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में नागरिक ठिकानों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है। </p>
<p>सरकारी प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद  के अनुसार, पाकिस्तानी बलों ने अफगानिस्तान के कई प्रमुख प्रांतों और शहरों को निशाना बनाया, जिनमें  राजधानी काबुल, कंधार और पक्तिया शामिल हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर दावा किया कि कुछ स्थानों पर पाकिस्तानी बमवर्षकों ने सीधे तौर पर रिहायशी घरों को निशाना बनाया। इन हमलों में महिलाओं और बच्चों के मारे जाने की भी सूचना है। हालांकि, कुछ हमले खाली रेगिस्तानी और निर्जन क्षेत्रों में भी हुए हैं।</p>
<p>इस सैन्य कार्रवाई में एक बड़ा आर्थिक नुकसान कंधार में हुआ है। मुजाहिद के अनुसार, पाकिस्तानी वायुसेना ने कंधार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित निजी एयरलाइन कम एयर के एक ईंधन डिपो पर हमला किया, जिससे हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। यह ताजा हमला पिछले कुछ दिनों से जारी सीमा विवाद और हमलों की श्रृंखला का हिस्सा है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 17:44:55 +0530</pubDate>
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                <title>अफगान तालिबान ने आतंकी समूहों की सहायता वाले आरोपों को किया खारिज, कहा पड़ोसी देशों से संचालित</title>
                                    <description><![CDATA[तालिबान ने विदेशी आतंकी समूहों को मदद देने के आरोप नकारे। कहा, इस्लामिक स्टेट ने पड़ोसी देशों में ठिकाने बनाए, अफगानिस्तान पूरी तरह सुरक्षित है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/afghan-taliban-rejects-allegations-of-supporting-terrorist-groups-says-operated/article-142149"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(4)5.png" alt=""></a><br /><p>काबुल। अफगान तालिबान ने अफगानिस्तान में सक्रिय विदेशी आतंकवादी समूहों को किसी भी प्रकार की सहायता देने के आरोपों को खारिज कर दिया। उसने आरोप लगाया कि इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों ने पड़ोसी देशों में ठिकाने स्थापित किए हैं, जो पाकिस्तान की ओर एक अप्रत्यक्ष इशारा है। तालिबान के प्रवक्ता मुजाहिद ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कई देशों द्वारा तालिबान-नियंत्रित अफगानिस्तान से कथित आतंकवादी गतिविधियों के बारे में व्यक्त की गई चिंताओं का जवाब देते हुए गुरुवार को कहा कि अफगानिस्तान सुरक्षित है और इस्लामी अमीरात में कोई विदेशी या दुष्ट समूह मौजूद नहीं है।</p>
<p>अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट की हार का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश इस आतंकी समूह ने हमारे पड़ोसी देशों में अपने ठिकाने बना लिए हैं। मुजाहिद ने देशों द्वारा उठाई गई सुरक्षा चिंताओं को बेबुनियाद करार देते हुए कहा कि ये चिंताएं संयुक्त राष्ट्र में तालिबान के प्रतिनिधित्व की कमी के कारण उत्पन्न हुई हैं।</p>
<p>हालांकि, उन्होंने किसी भी पड़ोसी देश का नाम नहीं लिया, जहां उनके अनुसार इस्लामिक स्टेट खोरासान ने कथित तौर पर शरण ली थी लेकिन तालिबान अधिकारियों ने एक से अधिक बार पाकिस्तान पर इस्लामिक स्टेट के गुर्गों को पनाह देने, सहायता करने, प्रशिक्षण देने एवं वित्तपोषण करने का आरोप लगाया है।</p>
<p>बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सत्र में, संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी, अलेक्जेंडर जुएव ने चेतावनी दी कि इस्लामिक अमीरात में आईएस-केपी क्षेत्र और उससे परे दोनों जगह सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बना हुआ है, जो तालिबान द्वारा बार-बार किए गए उन दावों के विपरीत है कि उसने देश के भीतर इसे हरा दिया है।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट का खतरा लगातार बना हुआ है और इसके लिए तत्काल समन्वित अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि यह खतरा अफगानिस्तान से परे पश्चिम और दक्षिण एशिया के कुछ हिस्सों तक फैल रहा है और यहां तक कि अफ्रीका के कुछ हिस्सों तक भी पहुंच रहा है। पाकिस्तान के प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद ने तालिबान पर आतंकी समूहों की सहायता करने और उन्हें बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब से इस्लामी समूह काबुल में सत्ता में वापस लौटा है, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और बलूच अलगाववादियों जैसे आतंकवादी संगठनों को नई ताकत मिली है।</p>
<p>उन्होंने काबुल पर इन समूहों को सुरक्षित पनाह देने और अफगान क्षेत्र में परिचालन की स्वतंत्रता प्रदान करने का आरोप लगाया, जिसका उपयोग उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ विभिन्न हमले करने के लिए किया। अहमद ने इस्लामाबाद के बयान को दोहराते हुए कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी देशों में से एक रहा है और उसे कई नुकसान उठाने पड़े हैं, जिनमें 90,000 से अधिक लोगों की जान जाना और अवसंरचना एवं समग्र आर्थिक विनाश शामिल है।</p>
<p>चीन के प्रतिनिधि ने अफगानिस्तान में अल-कायदा, इस्लामिक स्टेट और उइघुर आतंकवादियों जैसे आतंकी समूहों की मौजूदगी एवं गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की और तालिबान से कार्रवाई करने का आग्रह किया। काबुल के शहर-ए-नाव जिले में एक चीनी रेस्तरां पर आईएसआईएस के हमले का उल्लेख करते हुए, चीन के राजदूत ने कहा कि अफगान धरती पर आतंकवादी गतिविधियां बढ़ रही हैं और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 14:20:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अफगानिस्तान के नूरिस्तान में भयावह हादसा: भूस्खलन से 3 लोगों की दर्दनाक मौत, अन्य 2 घायल</title>
                                    <description><![CDATA[नूरिस्तान प्रांत में भारी बारिश और हिमपात के बाद भूस्खलन से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, दो घायल हुए, मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/horrific-accident-in-nuristan-afghanistan-3-people-died-tragically-due/article-140534"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/what_is_landslide_mandi_pti_2.jpg" alt=""></a><br /><p>काबुल। अफगानिस्तान के पूर्वी नूरिस्तान प्रांत में एक घर में हुए भूस्खलन से तीन लोगों की मौत हो गयी और दो अन्य घायल हो गये। प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता फरीदोन समीम ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंडोल जिले में बुधवार को भारी बारिश और हिमपात के बाद यह हादसा हुआ। सभी पीड़ति एक ही परिवार के हैं।</p>
<p>अफगानिस्तान में अधिकतर लोग कमजोर मिट्टी के घरों में रहते हैं। ये आसानी से प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में आ जाते हैं। पिछले कुछ दिनों से अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों में बारिश और बर्फबारी हो रही है। देश के मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में काबुल सहित देश के कई राज्यों में और हिमपात और बारिश का अनुमान लगाया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 18:43:41 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पाकिस्तान धर्मगुरूओं ने कहा, भारत के हमलों पर आपत्ति, तो क्यों करते हैं अफगानिस्तान पर हमला</title>
                                    <description><![CDATA[जेयूआई-एफ प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने अफगान सीमा पर पाकिस्तान की सैन्य रणनीति की तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान अफगानिस्तान में घुसकर हमला करने को सही ठहराता है, तो वह भारत द्वारा पाकिस्तान में किए जाने वाले हमलों पर आपत्ति कैसे जता सकता है?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/pakistan-religious-leaders-said-why-do-they-attack-afghanistan-if/article-137093"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/india-paksitan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पाकिस्तान के कई धर्मगुरुओं और अलग-अलग पंथों के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को कहा कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान पर हमला करने के लिये नहीं करना चाहिये और न ही पाकिस्तान को अफगानिस्तान में हमले करने चाहिये। </p>
<p>धर्मगुरुओं ने मंगलवार को एक संयुक्त बयान में कहा, अफगानिस्तान को टीटीपी जैसे समूहों का सुरक्षित स्थान बनाना न सिर्फ दोनों देशों के की स्थिरता के लिये खतरा है, बल्कि दोनों देशों के रिश्तों को भी प्रभावित करता है। मौलाना फजलुर रहमान ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान सेना के हमलों की निंदा करते हुए कहा कि 'भारत भी आतंकवादी ठिकानों को तबाह करने के दावे' के साथ ही पाकिस्तान में हमला करता है।</p>
<p>मौलाना फक़ालुर रहमान ने कहा, अगर आप अफगानिस्तान में अपने हमलों को यह कहकर सही ठहराते हैं कि आप अपने दुश्मनों को निशाना बना रहे हैं, तो आप तब क्यों आपत्ति जताते हैं जब भारत बहावलपुर और मुरीदके में अपने दुश्मनों को निशाना बनाता है?</p>
<p>जमियत उलेमा-ए-इस्लाम (जेयूआई-एफ) के अध्यक्ष फजलुर रहमान ने विशेष रूप से सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि अफगान सीमा पर पाकिस्तान की रणनीति के पीछे का कारण क्या है। उल्लेखनीय है कि, रहमान की जेयूआई-एफ के पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में 10 सदस्य हैं, जो विपक्षी पार्टियों में सबसे बड़ी है। इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थन वाले 75 निर्दलीय सांसद असेंबली का सबसे बड़ा विपक्षी गुट हैं। </p>
<p>मौलाना फक़ालुर रहमान ने पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व को निशाना बनाकर नीति में निरंतरता के मुद्दे पर सवाल उठाये। उन्होंने कहा, अगर आप यह दावा करके काबुल पर हमलों को सही ठहराते हैं कि आपके दुश्मन वहां मौजूद हैं, तो जब भारत पाकिस्तान के अंदर अपने दुश्मनों को निशाना बनाता है तो आपका जवाब अलग क्यों होता है?</p>
<p>उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तानी और अफगान सेनाओं के बीच दुश्मनी का दौर जारी है। हाल के महीनों में सीमा पार झड़पों और हवाई हमलों ने इस क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है। दोनों पक्षों ने संघर्ष विराम उल्लंघन और हिंसा बढ़ाने की जिम्मेदारी को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाये हैं। पाकिस्तान में अपनी सुरक्षा नीति और सीमाओं के पार बल के इस्तेमाल को लेकर अंदरूनी बहस भी चल रही है। पाक-अफग़ान तनाव ने न सिर्फ काबुल-इस्लामाबाद संबंधों को खराब किया है, बल्कि आगे और अस्थिरता के जोखिम को लेकर क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय चिंता भी बढ़ा दी है। </p>
<p>मौलाना रहमान ने संयम और बातचीत की भी अपील की, क्योंकि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने का आरोप लगा रहे हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि टीटीपी के आतंकवादी अफग़ान इलाके से काम करते हैं, जबकि काबुल इन आरोपों से इनकार करता है। अफगानिस्तान का दावा है कि पाकिस्तान दुश्मन गुटों को पनाह देता है और हवाई हमलों से अफग़ान संप्रभुता का उल्लंघन करता है। पाकिस्तानी उम्माह एकता कार्यक्रम में मौलाना फजलुर रहमान की टिप्पणियों ने एक सुसंगत और सैद्धांतिक विदेश नीति की जरूरत पर जोर दिया है। </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 18:38:26 +0530</pubDate>
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                <title>भारत ने अफगानिस्तान को शुरू किया दवाओं का एक्सपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान की दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए तालिबान सरकार ने भारत से दवाओं का आधिकारिक आयात शुरू किया है। शुरुआत में 25 तरह की दवाएं मंगाई जाएंगी। इससे अफगान स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/india-started-exporting-medicines-to-afghanistan/article-136212"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/india-paksitan-and-afganistan.png" alt=""></a><br /><p>काबुल। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब भारत से दवाओं का आयात शुरू कर दिया है। तालिबान सरकार ने आरोप लगाया था कि पाकिस्तान की दवाओं की गुणवत्ता खराब है और वे अफगान लोगों पर बुरा प्रभाव डाल रही हैं। इसके बाद तालिबान ने पाकिस्तान से दवाओं के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था। अब काबुल की एक प्राइवेट फर्म के प्रतिनिधियों ने एक जानी-मानी भारतीय कंपनी के ब्रांच ऑफिस के उद्घाटन के साथ भारत से अफगानिस्तान में दवाओं के ऑफिशियल इंपोर्ट शुरू होने की घोषणा की है।</p>
<p><strong>25 तरह की दवाएं मंगा रहा अफगानिस्तान:</strong></p>
<p>हुर्रियत रेडियो इंग्लिश के पोस्ट के अनुसार, शुरूआती दौर में, 25 तरह की दवाएं इंपोर्ट की जाएंगी। इसमें भविष्य में अफगानिस्तान की जरूरतों को पूरा करने के लिए इस प्रक्रिया को बढ़ाने की योजना है। दूसरी ओर, अफगानिस्तान फार्मास्युटिकल सर्विसेज यूनियन के सदस्यों ने पुष्टि की कि देश में फिलहाल 400 से ज्यादा कंपनियां दवाओं के इंपोर्ट में लगी हुई हैं, जो हेल्थ स्टैंडर्ड के हिसाब से अच्छी क्वालिटी की दवाएं हासिल करने की कोशिश कर रही हैं।</p>
<p><strong>अफगानिस्तान को दवा देता रहेगा भारत</strong></p>
<p>रिपोर्ट में बताया गया कि एक भारतीय कंपनी के अधिकारियों ने दवा उत्पादन में अपने 90 सालों के अनुभव का इस्तेमाल करते हुए, हेल्थकेयर सेक्टर में अफगानिस्तान के साथ लगातार सहयोग करने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया। तालिबान प्रशासित सरकार के पाकिस्तान से दवाओं के इंपोर्ट पर रोक लगाने के बाद, इंपोर्ट करने वालों को दवाएं हासिल करने के लिए दूसरे रास्ते खोजने की सलाह दी गई थी, जिसके बाद भारत से दवाओं के इंपोर्ट की यह ठोस पहल शुरू हुई।</p>
<p><strong>पाकिस्तान को बड़ा झटका</strong></p>
<p>पाकिस्तानी दवा निर्माता कंपनियां हर साल अफगानिस्तान को बड़ी मात्रा में दवाओं का निर्यात कर भारी मुनाफा कमाती थीं। उनकी दवाओं की गुणवत्ता निम्नस्तर की होती थी। इससे पाकिस्तानी कंपनियों की लागत कम आती थी, लेकिन वे अफगानिस्तान को पूरी कीमत पर दवाओं का निर्यात करती थीं। इससे अफगान लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता था। अब तालिबान सरकार के प्रतिबंध से पाकिस्तानी दवा निर्माता कंपनियों के लिए एक बड़ा बाजार बंद हो गया है। ऐसे में उन्हें दूसरे अल्टरनेटिव को देखना होगा, जहां माल पहुंचाने का लागत अफगानिस्तान के मुकाबले काफी ज्यादा होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 11:56:13 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>हमले की धमकियां दे रहे इस्लामाबाद को तालिबान सरकार का करारा जवाब, व्यापार और ट्रांजिट रोकने का ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के साथ व्यापार और पारगमन (ट्रांजिट) पूरी तरह रोकने का ऐलान किया है। डिप्टी प्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर ने व्यापारियों से कहा कि वे पाकिस्तान के बजाय वैकल्पिक मार्ग तलाशें। बरादर ने चेतावनी दी कि अब पाकिस्तान से आयात पर कोई सरकारी सहायता नहीं मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/islamabad-is-giving-a-befitting-reply-to-those-who-are/article-132220"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/_4500-px)-(4)2.png" alt=""></a><br /><p>काबुल। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के साथ व्यापार और पारगमन (ट्रांजिट) रोकने का ऐलान किया है। उद्योगपतियों और व्यापारियों के साथ एक बैठक के दौरान तालिबान के आर्थिक मामलों के डिप्टी प्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर ने यह ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अफगान व्यापारियों को तुरंत पाकिस्तान के वैकल्पिक व्यापार मार्गों की तलाश करनी चाहिए। तालिबान ने यह सख्त फैसला पाकिस्तान की ओर से दी जा रही हमले की धमकियों के बीच लिया गया है।</p>
<p>बरादर ने बैठकर में कहा कि नोटिस के बावजूद अगर कोई व्यापारी पाकिस्तान के रास्ते माल का आयात या निर्यात करना जारी रखता है तो उसे समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। कोई मुश्किल आने पर ऐसे व्यापारी की अफगानिस्तान की सरकार मदद नहीं करेगी। ऐसे में हम व्यापारियों को सलाह देते हैं कि वह पाकिस्तान से अपना व्यापार रोक दें।</p>
<p><strong>पाकिस्तान अपना रवैया सुधारे</strong></p>
<p>अब्दुल गनी बरादर ने आगे कहा कि पाकिस्तान ने बार-बार हमारे साथ व्यापार मार्गों को बंद किया है, जिसके बाद हमने ये फैसला लिया है। पाकिस्तान अगर इस बार अफगानिस्तान से व्यापार मार्ग खोलना चाहता है तो फिर उसे इस बात की पुख्ता गारंटी देनी होगी कि वह किसी भी हालत में उन्हें फिर बंद नहीं करेगा। ऐसी गारंटी नहीं मिलती तो व्यापार बंद रखा जाएगा।</p>
<p>मुल्ला अब्दुल गनी बरादर ने अपने बयान में कहा है, देश की गरिमा, व्यापार, उद्योग और अफगानों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमने व्यापारियों को सूचित किया है कि पाकिस्तान ने बार-बार हमारे व्यापार के रास्ते रोके हैं। इस्लामाबाद ने गैर-राजनीतिक मुद्दों को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है। ऐसे में हमने कुछ अहम फैसले लिए हैं।</p>
<p><strong>दूसरे देशों से बढ़ाएं व्यापार</strong></p>
<p>मुल्ला गनी ने कहा है कि सभी व्यापारी पाकिस्तान के साथ व्यापार कम करते हुए माल के पारगमन (ट्रांजिट) के लिए दूसरे रास्ते तलाशें। साथ ही वर्तमान में पाकिस्तान से आयात हो रहे सामानों के लिए दूसरे देशों के बाजारों की ओर जाएं, जो सौभाग्य से अब बड़ी संख्या में मौजूद हैं। </p>
<p>ऐसे में पाकिस्तान को छोड़ दें। मुल्ला गनी ने खासतौर से दवाइयों पर जोर देते हुए कहा कि दवाएं पूरी तरह से दूसरे देशों से आयात की जानी चाहिए। दवा व्यापारियों को पाकिस्तान से अपना हिसाब-किताब पूरी तरह निपटा लेना चाहिए। तीन महीने बाद तालिबान का वित्त मंत्रालय पाकिस्तान से दवाओं के आयात की अनुमति बिल्कुल नहीं देगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Nov 2025 10:38:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पाकिस्तान में मचा हाहाकार! अफगानिस्तान बॉर्डर बंद होने से टमाटर, लहसुन और प्याज के दाम छूने लगे आसमान</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। तोरखम बॉर्डर एक महीने से बंद होने के कारण दोनों देशों को करीब 4.5 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। अफगानिस्तान से सब्जियों की आपूर्ति रुकने से पाकिस्तान में टमाटर 500 रुपए किलो तक पहुंच गया। वहीं भारत, ईरान और तुर्की को अफगान बाजार में नया मौका मिला है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/there-was-an-outcry-in-pakistan-due-to-closure-of/article-132132"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/111-(16).png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद । पाकिस्तान और अफगानिस्तान के संबंध इस समय बेहद तनावपूर्ण चल रहे हैं। दोनों देशों में बीते एक महीने में कई मौकों पर बॉर्डर पर गोलीबारी हुई है। इसमें दोनों ओर से कई लोगों की जान गई है। तनावपूर्ण संबंधों का असर दोनों देशों के बाजार पर भी दिख रहा है। खासतौर से अफगानिस्तान के साथ बॉर्डर बंद करने और व्यापार रोकने से पाकिस्तान की मुश्किल बढ़ी है। पाकिस्तान में सब्जियों और खानेपीने की चीजों के दाम काफी ज्यादा बढ़ गए हैं। वहीं ईरान और भारत जैसे पड़ोसी देशों को अफगानिस्तान के बाजार में एंट्री करने का मौका मिल रहा है।</p>
<p>अफगान न्यूज चैनल टोलो न्यूज ने बताया है कि तोरखम बॉर्डर बीते एक महीने से बंद हैं। सीमा एक महीने तक बंद रहने से दोनों देशों के बीच निर्यात और आयात में 4.5 अरब डॉलर और 16.5 अरब रुपए का नुकसान हुआ है। अफगानिस्तान से बड़ी तादाद में सब्जियां पाकिस्तान में आती हैं। ऐसे में इस लड़ाई का असर ये हुआ कि पाकिस्तान में टमाटर के दाम 500 रुपए किलो तक पहुंच गए।</p>
<p><strong>अफगानिस्तान में भारत की एंट्री</strong></p>
<p>तालिबान के साथ रिश्ते में तनातनी का सीधा असर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के व्यापारिक संबंधों पर हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से पाकिस्तान की अफगान बाजार पर पकड़ घटी है। पाक ने अफगान बाजार का करीब 65 प्रतिशत हिस्सा ईरान, भारत, तुर्की और मध्य एशियाई देशों के हाथों गंवा दिया है। पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से टोलो न्यूज ने बताया है कि अफगान के साथ युद्ध का असर सिर्फ सब्जियों के दाम बढ़ने तक ही सीमित नहीं है। बार-बार सीमा बंद होने और प्रतिकूल व्यापारिक माहौल के चलते बड़े व्यापारियों ने अपना निवेश वापस ले लिया है। वहीं छोटे व्यापारियों को नुकसान और आत्मविश्वास में गिरावट का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>पाक-अफगान संबंध</strong></p>
<p>पाकिस्तान और अफगानिस्तान के संबंध बीते काफी समय से तनावपूर्ण चल रहे हैं। पाकिस्तान का कहना है कि तालिबान के काबुल में आने के बाद से उसके सुरक्षाबलों पर टीटीपी के हमले बढ़ गए हैं। पाकिस्तान का कहना है कि टीटीपी के लड़ाकों को अफगानिस्तान में पनाह मिल रही है। तालिबान इससे इनकार करता है लेकिन पाकिस्तान इस पर भरोसा नहीं करता है। यही दोनों देशों में तनातनी का सबसे अहम कारण बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Nov 2025 11:52:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पाकिस्तान और इराक से 433 अफग़ानी कैदी रिहा, बोल्डक सीमा के रास्ते देश में आए वापस  </title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान और इराक की जेलों में बंद 433 अफग़ानी कैदियों को अफग़ानिस्तान वापस भेजा गया। पाकिस्तान से 430 कैदी कंधार प्रांत में और इराक से 3 कैदी निमरोज प्रांत में लौटे। यह अक्टूबर के अंत में 170 कैदियों की वापसी के बाद हुआ। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 10,000 से अधिक अफग़ानी अभी विदेशों में जेलों में हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/433-afghan-prisoners-released-from-pakistan-and-iraq-and-returned/article-131704"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/jaill.png" alt=""></a><br /><p>काबुल। पाकिस्तान और इराक की जेलों में बंद 433 अफग़़ानी कैदियों को पिछले सप्ताह रिहा कर अफग़़ानिस्तान भेज दिया गया है। अफग़़ानिस्तान के शरणार्थी एवं प्रत्यावर्तन मंत्रालय ने यह जानकारी दी।  </p>
<p>मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान में हिरासत में लिए गए 430 लोग दक्षिणी कंधार प्रांत में स्पिन बोल्डक सीमा के रास्ते देश में वापस आ गए। इसके अलावा छह महीने से इराक की जेलों में बंद तीन अन्य कैदी पश्चिमी निमरोज प्रांत में पुल-ए-अब्रेसिम सीमा पार करके वापिस लौटे।</p>
<p>यह अक्टूबर के अंत में 170 अफग़़ान कैदियों की स्वदेश वापसी के बाद हुआ है।  अफग़़ानिस्तान विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 10,000 से ज्यादा अफग़़ानी नागरिक विदेशों में मुख्यत: ईरान और पाकिस्तान की जेलों में  बंद हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Nov 2025 15:00:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत ने ईरान के चाबहार पोर्ट के जरिए अफगानिस्तान भेजी मदद : अमेरिकी प्रतिबंधों का डर नहीं, ट्रंप से बढ़ेगा तनाव</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने अफगानिस्तान को दवाएं और दूसरी जरूरी चीजों की मदद भेजी है। अफगानिस्तान में भूकंप से हुई तबाही के बाद भारत ने ये मदद दी है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-sent-to-afghanistan-through-chabahar-port-in-iran/article-128041"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(16).png" alt=""></a><br /><p>काबुल। भारत ने अफगानिस्तान को दवाएं और दूसरी जरूरी चीजों की मदद भेजी है। अफगानिस्तान में भूकंप से हुई तबाही के बाद भारत ने ये मदद दी है। भारत की ये नई मानवीय सहायता चाबहार बंदरगाह के जरिए काबुल पहुंचाई गई है। राहत सामग्री से भरे तीन कंटेनर चाबहार के रास्ते अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पहुंचे। इसके बाद इस सामग्री को भारतीय अफसरों ने अफगान अधिकारियों को सौंप दिया। भारत का ये कदम इसलिए अहम है क्योंकि चाबहार पोर्ट को लेकर अमेरिका और भारत में तनातनी है। अमेरिका ने हाल ही में ईरान के चाबहार बंदरगाह का संचालन करने पर प्रतिबंध का ऐलान किया है। भारत ने अमेरिका के धमकाने वाले अंदाज को नजरअंदाज कर चाबहार का इस्तेमाल किया। ये ट्रंप प्रशासन और भारत के बीच तनाव बढ़ा सकता है।</p>
<p><strong>क्या भेजा गया काबुल</strong><br />भारत के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया है कि काबुल भेजी गई सामग्री हाल में आए भूकंप के बाद अफगानिस्तान को भारत की ओर से दी गई मानवीय सहायता का हिस्सा है। इस खेप में खाद्य सामग्री, वाटर प्यूरीफायर, प्रोटीन पाउडर, टिन की चादरें, स्लीपिंग बैग, स्वच्छता किट, जल भंडारण टैंक, जनरेटर सेट, पारिवारिक टेंट, कंबल, आवश्यक दवाइयां और चिकित्सा सामग्री शामिल हैं। भारत ने इस महीने की शुरूआत में हवाई मार्ग से 21 टन राहत सामग्री अफगानिस्तान भेजी थी। इस सामग्री में टेंट, कंबल, चिकित्सा किट और बिजली जनरेटर शामिल थे। इसके बाद समुद्र से भेजी गई यह नवीनतम खेप भारत की सहायता प्रतिक्रिया के विस्तार और संकटग्रस्त अफगान लोगों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।</p>
<p><strong>अमेरिका को दिया मैसेज</strong><br />अफगानिस्तान के लिए भारत का यह मानवीय प्रयास वाशिंगटन की ओर से 2018 की उस छूट को रद्द करने की घोषणा के बाद आया है, जिसने चाबहार में भारत के संचालन को ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों से बचाया था। इस छूट ने नई दिल्ली को अमेरिकी दंडों का सामना किए बिना बंदरगाह का उपयोग अफगानिस्तान और उसके बाहर माल की आपूर्ति करने की अनुमति दी थी। अमेरिका के नीतिगत बदलाव के बावजूद भारत ने शिपमेंट बढ़ाया है। इससे भूकंप प्रभावित अफगानिस्तान की मानवीय जरूरतों और चाबहार कॉरिडोर को बनाए रखने के लिए नई दिल्ली के रणनीतिक महत्व दोनों पर जोर दिया गया है। </p>
<p>चाबहार बंदरगाह लंबे समय से भारत के क्षेत्रीय संपर्क लक्ष्यों का केंद्र रहा है। यह भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशिया के लिए एक वैकल्पिक व्यापार और पारगमन मार्ग प्रदान करता है, जो पाकिस्तान को दरकिनार करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Sep 2025 13:06:11 +0530</pubDate>
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