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                <title>banned - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>जयपुर में ई-रिक्शा संचालन पर लगेगी लगाम, मुख्य सड़कों और ओवरब्रिज पर प्रतिबंध</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब ई-रिक्शा के संचालन पर सख्ती बरती जाएगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/e-rickshaw-operations-in-jaipur-will-be-banned-on-main-roads/article-117982"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/55.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब ई-रिक्शा के संचालन पर सख्ती बरती जाएगी। आरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि टीसीबी ने उनके प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब रामगढ़ मोड़ से आमेर घाटी, अजमेर रोड, दिल्ली रोड, टोंक रोड, आगरा रोड, भारत जोड़ो सेतु, अजमेर पुलिया और टोंक पुलिया जैसे शहर के प्रमुख ओवरब्रिज और मुख्य सड़कों पर ई-रिक्शा का संचालन प्रतिबंधित रहेगा।</p>
<p>कम स्पीड और क्षमता के कारण गाइडलाइन में इन्हें स्टेट व नेशनल हाईवे पर पहले से प्रतिबंधित किया गया था। अब इन नियमों की अवहेलना पर सख्ती की जाएगी। डीसीपी ट्रैफिक अधिसूचना जारी करेंगे, जिसके बाद नियम उल्लंघन पर ई-रिक्शा चालकों पर 5,000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Jun 2025 16:30:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्राजील में बैन हुआ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया आदेश </title>
                                    <description><![CDATA[न्यायाधीश ने कंपनी द्वारा बार-बार अदालत के आदेशों की अवहेलना करने और जुर्माना देने से इनकार करने का हवाला देते हुए उसे निलंबित करने के निर्णय को सही ठहराया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/social-media-platform-x-banned-in-brajil-supreme-court-issued-order/article-89174"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rtrer-(12)---copy.png" alt=""></a><br /><p>रियो डी जनेरियो। ब्राजील सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश अलेक्जेंड्रे डी मोरेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को पूरे देश में निलंबित करने का आदेश दिया, क्योंकि कंपनी ने देश में कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करने से इनकार कर दिया था। न्यायाधीश मोरेस ने एलोन मस्क के स्वामित्व वाले एक्स को एक प्रतिनिधि नामित करने के लिए 24 घंटे की समय सीमा दी थी। एक्स ने अपना ब्राजील कार्यालय बंद कर दिया, यह दावा करते हुए कि उसके पूर्व कानूनी प्रतिनिधि को हिरासत में लेने की धमकियां दी गई थीं। लोकतंत्र को कमजोर करने वाले प्रोफाइल को हटाने के अदालती आदेशों का पालन करने से प्लेटफॉर्म द्वारा मना करने पर एक्स का कई महीनों से न्यायाधीश मोरेस के साथ संघर्ष चल रहा था। ब्राजीलियाई सुप्रीम फ़ेडरल कोर्ट (एसटीएफ) ने एक्स को गैर-अनुपालन के लिए 1.8 करोड़ रियास (लगभग 32 लाख अमेरिकी डॉलर) का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया।</p>
<p>न्यायाधीश ने कंपनी द्वारा बार-बार अदालत के आदेशों की अवहेलना करने और जुर्माना देने से इनकार करने का हवाला देते हुए उसे निलंबित करने के निर्णय को सही ठहराया। उन्होंने एक्स पर ब्राजील की कानूनी प्रणाली की अवहेलना करने और सोशल मीडिया पर कानूनविहीन क्षेत्र बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया, विशेष रूप से 2024 नगरपालिका चुनावों की तैयारी में। न्यायाधीश मोरेस ने कहा कि एक्स ने चरमपंथी समूहों और डिजिटल मिलिशिया की कार्रवाइयों को सुविधाजनक बनाया है, जिससे नाजी, नस्लवादी, फासीवादी, घृणित और लोकतंत्र विरोधी भाषण का प्रसार हो रहा है।</p>
<p>विशेष रूप से आगामी चुनावों से पहले। ब्राजीलियाई न्यायाधीश ने ब्राजील की राष्ट्रीय दूरसंचार एजेंसी (एनाटेल) को 24 घंटे के भीतर ब्राजील में एक्स तक पहुंच को अवरुद्ध करने का भी निर्देश दिया। ऐप्पल और गूगल को अपने ऑनलाइन स्टोर से एक्स ऐप को हटाने के लिए पांच दिन का समय दिया गया है। इसके अलावा किसी भी व्यक्ति या कंपनी पर 50,000 रीसिस (लगभग 10,000 अमेरिकी डॉलर) का दैनिक जुर्माना लगाया जाएगा जो प्रतिबंध के बाद एक्स तक पहुंचने के लिए वीपीएन जैसे तरीकों का उपयोग करता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Aug 2024 14:36:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डेटा चोरी होने के शक पर प्रदेश में भी जूम एप पर रोक</title>
                                    <description><![CDATA[ भारत में साइबर सिक्योरिटी की नोडल एजेंसी कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम ने जूम का इस्तेमाल करने वाले भारतीयों को चेतावनी भी जारी की थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/zoom-app-banned-in-state-on-suspicion-of-data-theft/article-87147"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/4111u1rer-(4)8.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। केन्द्र से मिली एडवाइजरी के बाद राजस्थान सरकार ने भी जूम एप पर रोक लगा दी है। इस संबंध में मंगलवार को आदेश जारी कर दिए। कोरोना काल में चर्चा में आए इस एप से डेटा चोरी होने का शक है। अब इस एप से सरकारी दफ्तरों में होने वाली ऑनलाइन मीटिंग नहीं होगी। चार साल पहले भी केंद्र सरकार इस पर रोक लगा चुकी है।</p>
<p>प्रदेश के लगभग सभी सरकारी ऑफिस में जूम ऐप के जरिए ही ऑनलाइन मीटिंग से अधिकारी जुड़ते थे। राज्य सरकार ने इस ऐप पर रोक के पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है। प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग से जारी आदेशों में बताया कि राजकीय ऑफिस, निगमों, बोर्ड में ऑनलाइन मीटिंग के लिए जूम ऐप का उपयोग किया जा रहा है। लेकिन पिछले दिनों केन्द्रीय गृह मंत्रालय के साइबर केन्द्र ने इस एप को साइबर सुरक्षा के मध्य नजर सुरक्षित नहीं माना है। केन्द्रीय गृह मंत्रालय के इसी अलर्ट को देखते हुए राज्य सरकार ने भी सरकार के सभी ऑफिस, बोर्ड, निगम, सहकारी संघों के एचओडी और अन्य को आदेश दिए है कि सरकारी मीटिंग के दौरान जूम एप का उपयोग नहीं किया जाए।</p>
<p>चार साल पहले ये आशंका जाहिर की थी कि इस ऐप के जरिए पर्सनल डाटा आसानी से चोरी किया जा सकता है। वीडियो कॉलिंग भी हैक की जा सकती है। इसे लेकर गृह मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए कहा था कि यह ऐप सुरक्षित नहीं है। इससे कोई भी सरकारी मीटिंग नहीं की जाएगी।भारत में साइबर सिक्योरिटी की नोडल एजेंसी कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम ने जूम का इस्तेमाल करने वाले भारतीयों को चेतावनी भी जारी की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Aug 2024 11:19:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Single Use Plastic Seizure Campaign: 1 लाख 35 हजार रूपये से अधिक जुर्माने के साथ 109 किलो से अधिक प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम ग्रेटर द्वारा पांच दिवसीय 6 से 10 जून तक सिंगल यूज प्लास्टिक जप्ती अभियान चलाया गया। जिसके अन्तर्गत सभी जोनों द्वारा वार्ड़ों में सिंगल यूज प्लास्टिक जप्ती अभियान चलाकर कार्यवाही की गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/single-use-plastic-seizure-campaign-more-than-109-kg-of/article-81311"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/yy11rer-(8)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सिंगल यूज प्लास्टिक जप्ती अभियान के अन्तर्गत 109 किलो से अधिक प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक नगर निगम ग्रेटर द्वारा जब्त किया गया। 1 लाख 35 हजार रूपये से अधिक का जुर्माना किया। जोनों द्वारा टीमें बनाकर खुले में कचरा फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाही की जा रही है।<br />   <br />नगर निगम ग्रेटर द्वारा पांच दिवसीय 6 से 10 जून तक सिंगल यूज प्लास्टिक जप्ती अभियान चलाया गया। जिसके अन्तर्गत सभी जोनों द्वारा वार्ड़ों में सिंगल यूज प्लास्टिक जप्ती अभियान चलाकर कार्यवाही की गई। <br />उपायुक्त (स्वास्थ्य) नवीन भारद्वाज ने बताया कि विशेष अभियान के अन्तर्गत सिंगल यूज प्लास्टिक उपयोग करने वाले दुकानदारों, विक्रेताओं, व्यापारियों, स्ट्रीट वेन्डर्स के विरूद्ध कार्यवाही की गई। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत 109 किलो से अधिक प्लास्टिक जब्त की गयी साथ ही 1 लाख 35 हजार रूपये का जुर्माना वसूल किया गया। </p>
<p>मालवीय नगर जोन की टीम सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करने वाले लोगों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए 5 हजार रूपये जुर्माना वसूल किया गया एवं 5 किलो सिंगल यूज प्लास्टिक जप्त की गई। इसके साथ ही गंदगी फैलाने वाले एवं सार्वजनिक स्थानों पर निर्माण सामग्री डालने वाले 13 मकान, प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर 47 हजार 900 रूपये जुर्माना राशि वसूल की गई। </p>
<p>झोटवाड़ा जोन की टीमों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करने वाले लोगों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए 12 हजार 500 रूपये जुर्माना वसूल कर 14 किलो से भी अधिक सिंगल यूज प्लास्टिक जप्त की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Jun 2024 19:38:51 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान हाईकोर्ट ने ओडवाड़ा अतिक्रमण कार्रवाई पर लगाई रोक</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर ने जालोर के ओडवाड़ा गांव में चल रही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर रोक लगा दी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-high-court-bans-odwara-encroachment-action/article-78339"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/rajasthan-highcourt.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर ने जालोर के ओडवाड़ा गांव में चल रही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर रोक लगा दी हैं।</p>
<p>न्यायमूर्ति विनीत माथुर की एकलपीठ ने दो दर्जन से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को यह फैसला दिया। याचिकाओं में कहा गया कि उनके पास पट्टे है और वे पिछले 80 सालों से इन मकानों में रह रहे हैं। इस जगह के लिए राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार ने भी विकास का काम किया है और बिजली एवं पानी के कनेक्शन भी हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें अतिक्रमी नहीं माना जा सकता है। </p>
<p>न्यायालय ने सुनवाई के बाद अतिक्रमण हटाने के आदेश पर रोक लगा दी। उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय के निर्णय 16 मार्च 2021 एवं अवमानना याचिका वर्ष 2022 पर पारित आदेश गत वर्ष 21 मार्च एवं अवमानना याचिका 2023 में पारित आदेश गत 7 मई की पालना में ग्राम ओडवाड़ा की ओरण भूमि से गुरूवार को अतिक्रमण हटाये गये।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 May 2024 14:07:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ड्रोन उड़ाने की सोच रहे हैं तो हो जाएं सावधान </title>
                                    <description><![CDATA[जानिए कोटा में कौनसे इलाके हैं ड्रोन के प्रतिबंधित क्षेत्र। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/be-careful-if-you-are-thinking-of-flying-a-drone/article-74363"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/drone-udane-ki-soch-rhe-h-to-ho-jaiye-savdhan...kota-news-03-04-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। देश तेजी से आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है और हर क्षेत्र में नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी नई तकनीक में शामिल है ड्रोन, जो वर्तमान में फसलों में कीटनाशक छिड़कने से लेकर शादियों में वीडियोग्राफी करने तक में काम आ रहे हैं। कोटा शहर में भी फसलों पर कीटनाशक के छिड़काव के साथ लेकिन लोग इसके लिए निर्धारित नियमों की जानकारी के बिना ही ड्रोन को उड़ा रहे हैं। ऐसे में ड्रोन उड़ाने के नियम के अलावा आज कोटा के उन इलाकों पर भी बात करेंगे जहां ड्रोन को उड़ाने प्रतिबंध है।</p>
<p><strong>कोटा के इन क्षेत्रों में ड्रोन पर प्रतिबंध</strong><br />ड्रोन उड़ाने के लिए कोटा को भी चार जोन में बांटा गया है हालांकि इनमें से एक श्रेणी अस्थाई रेड जोन कोटा को छाड़कर कोटा में रेड, यलो और ग्रीन जोन तीनों मौजूद हैं। कोटा में एयरपोर्ट, आर्मी एरिया, थर्मल प्लांट और रावतभाटा स्थित परमाणु बिजलीघर से 5 किलोमीटर दायरे की परिधी को रेड जोन घोषित किया हुआ है। वहीं इन स्थानों से 5 से 8 किलोमीटर दायरे के भीतर यलो जोन बनाया हुआ है जहां 200 फीट तक ड्रोन उड़ा सकते हैं। इसके अलावा 8 से 12 किलोमीटर परिधी में मौजूद एयरस्पेस में 400 फीट की उंचाई तक ड्रोन उड़ा सकते हैं। इन तीनों जोन के अलावा कोटा के सभी इलाके ग्रीन जोन के भीतर आते हैं।</p>
<p><strong>ड्रोन उड़ाने के लिए ये हैं नियम</strong><br />- ड्रोन उड़ाने से पहले पायलट को ड्रोन का नागरिक उड्डयन महानिदेशक के पोर्टल पर डिजिटल पंजीकरण कराना आवश्यक है।<br />- नागरिक उड्डयन महानिदेशक द्वारा पंजीकरण कराने के पश्चात प्रत्येक ड्रोन की एक विशिष्ट पहचान संख्या (यूएनआई) होती है, इस नंबर को संभलकर रखना आवश्यक होता है। <br />- ड्रोन उड़ाने के लिए किसी भी संस्थान या व्यक्ति को ड्रोन सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होता है, जिसे क्वालिटी काउंसिल आॅफ इंडिया या केंद्र सरकार की ओर से जारी किया जाता है।<br />- ड्रोन उड़ाने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशक से पायलट का लाइसेंस लेना आवश्यक होता है जिसे महानिदेशक पोर्टल पर आवेदन कर प्राप्त किया जा सकता है, बिना लाइसेंस के ड्रोन उड़ाने पर 1 लाख तक जुर्माना हो सकता है।<br />- ड्रोन की उपस्थिति और उसकी उड़ान के बारे में स्थानीय पुलिस को 24 घंटे पहले सूचित करने के बाद नागरिक उड्डयन विभाग और स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेना आवश्यक है।<br />- यूएनआई नए और पहले से मौजूद सभी यूएवी के लिए अनिवार्य है।<br />- ड्रोन को बेचने की स्थिति में पंजीकरण रद्द कराना आवश्यक होता है।</p>
<p><strong>ड्रोन के लिए एयर स्पेस में चार जोन</strong><br />भारतीय नागरिक उड्डयन महानिदेशक की ओर से ड्रोन उड़ाने के लिए एयर स्पेस को चार हिस्सों रेड जोन, अस्थाई (टेम्पररी) रेड जोन, यलो जोन और ग्रीन जोन में बांटा गया है। ड्रोन को उड़ाने के लिए अलग जोन में अलग नियम हैं। <br /><strong>रेड जोन: </strong>इस जोन में ड्रोन उड़ाने पर बिल्कुल प्रतिबंध होता है। यहां आप किसी भी सूरत में ड्रोन नहीं उड़ा सकते हैं। फिर भी आपको इस क्षेत्र में किसी विषम परिस्थिति में ड्रोन उड़ाना है तो उसके लिए आपको केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी जो गृह मंत्रालय के क्लीयरेंस के बाद ही मिल पाएगी। इस जोन के अंदर आप ड्रोन को 60 मीटर की उंचाई तक ही उड़ा सकते हैं इससे ऊपर उड़ाने पर कारवाई हो सकती है। रेड <strong>जोन सामान्यत: </strong>किसी एयरपोर्ट, सैनिक छावनी, परमाणु बिजलीघर या अत्याधिक संवेदनशील इलाकों के ऊपर मौजूद एयर स्पेस होता है।<br /><strong>टेम्परी या अस्थाई रेड जोन: </strong>टेम्परी या अस्थाई रेड जोन भी सामान्य रेड जोन की तरह ही होता है। रेड जोन के तमाम नियम इस जोन में भी लागू होते हैं। इस जोन का निर्माण संवेदशील इलाकों, किसी बड़े आयोजन या सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के टहराव के समय किया जाता है। जिसे बाद में हटा लिया जाता है।<br /><strong>यलो जोन: </strong>यलो जोन के भीतर भी दो तरह के जोन होते हैं जिसमें एक जोन के तहत आप ड्रोन को किसी एयरपोर्ट, सैनिक छावनी, परमाणु बिजलीघर या अत्याधिक संवेदनशील इलाकों से 5 किलोमीटर दूर मौजूद एयर स्पेस में 200 फीट की उंचाई तक और दूसरे जोन में आप ड्रोन को इन इलाकों से 8 किलोमीटर दूर के एयर स्पेस में 400 फीट की उंचाई तक उड़ा सकते हैं।<br /><strong>ग्रीन जोन: </strong>इस जोन में आप बिना किसी की अनुमति के ड्रोन उड़ा सकते हैं, बशर्ते ड्रोन का कुल वजन 500 किलो से ज्यादा ना हो ऐसा होने पर अपको प्रशासन से अनुमति लेनी होगी जिसके बाद ही आप ड्रोन उड़ा सकते हैं। बिना परमिशन के ड्रोन उड़ाने पर 1 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।</p>
<p><strong>पांच कैटगरी में बांटा गया है ड्रोन को</strong><br /><strong>नैनो ड्रोन: </strong>ऐसे ड्रोन जिनका वजन 250 ग्राम के भीतर होता उन्हें नैनो ड्रोन की श्रेणी में रखा गया है। इस तरह के ड्रोन को उड़ाने लिए किसी परमिशन की आवश्यकता नहीं होती है।<br /><strong>माइक्रो ड्रोन: </strong>इस कैटगरी के तहत 250 ग्राम से 2 किलो वजन तक के ड्रोन शामिल है। इन्हें उड़ाने के लिए भी किसी प्रकार की परमिशन की आवश्यकता नहीं होती है। शादियों में अधिकांश रूप ये इन्हीं का उपयोग किया जाता है। <br /><strong>स्मॉल ड्रोन: </strong>इस कैटगरी में 2 किलो से 25 किलो तक के ड्रोन शामिल हैं। जिन्हें उड़ाने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी, पुलिस व जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होती है जिसके बाद ही आप ड्रोन उड़ा सकते हैं।<br />मीडियम ड्रोन: इस श्रेणी में 25 किलो से लेकर 150 किलो तक के ड्रोन को शामिल किया गया है। इन्हें उड़ाने के लिए भी एयरपोर्ट अथॉरिटी, पुलिस व जिला प्रशासन से अनुमति लेनी की आवश्यकता होती है।<br /><strong>हेवी ड्रोन: </strong>इस कैटगरी के तहत 150 किलो से अधिक भार वाले ड्रोन को शामिल किया गया है। इन ड्रोन का उपयोग विशेष कार्यों के लिए किया जाता है इन्हें उड़ाने के लिए केंद्र सरकार से परमिशन लेनी होती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Apr 2024 14:46:16 +0530</pubDate>
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                <title>बैन किए 23 विदेशी नस्ल में से 17 प्रजातियों के डॉग हैं कोटा में </title>
                                    <description><![CDATA[दिखने में सुंदर पर इंसानों के लिए उतने ही खतरनाक होता हैं यह डॉग्स।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/out-of-23-banned-foreign-breeds--17-species-of-dogs-are-in-kota/article-72772"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/transfer-(13)4.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। विदेशी नस्ल के डॉग दिखने में जितने सुंदर होते हैं, उतने ही इंसानों के लिए खतरनाक भी साबित हुए हैं। दैनिक नवज्योति ने पिछले दो साल पहले ही शासन-प्रशासन को मामले की गंभीरता से सचेत कर दिया था। देश के कई हिस्सों में इन डॉग्स द्वारा अपने ही मालिकों पर जानलेवा हमला करने की घटनाएं घटित हुई। नवज्योति ने पिटबुल, रॉटवेलर व अमेरिकन बुलडॉग सहित कई विदेशी नस्ल के डॉग्स से इंसानों को खतरे को लेकर खबर प्रकाशित कर चिंता जाहिर की थी। अब केंद्र सरकार ने  देशभर में 23 विदेशी नस्ल के डॉग्स पर प्रतिबंध लगा दिया है।</p>
<p><strong>आदेश से डॉग ट्रेडर्स-सेलर्स में मचा हड़कम्प  </strong><br />केंद्र सरकार के 23 विदेशी नस्ल के डॉग्स की खरीद-फरोख्त पर बैन लगाने के आदेश से कोटा जिले में डॉग ट्रेडर्स, सेलर्स व ब्रिडर्स में हड़कम्प मच गया। यहां प्रतिदिन एक दर्जन से अधिक पिटबुल टैरियर, जर्मन शेफर्ड, अमरीकन बुलडॉग, साइबेरियन हस्की, अमेरिकन पिटबुल और अमेरिकन बुल्ली सहित करीब 17 से 18 विदेशी नस्ल के डॉग्स खरीदे-बेचे जाते हैं। वहीं, पिटबुल की बात करें तो जिले में करीब 7 दर्जन से अधिक डॉग हैं। ऐसे में उनके रखरखाव व सेल नहीं किए जाने के आदेश से खलबली मची हुई है। </p>
<p><strong>कोटा में पंजाब-हरियाणा से होती सप्लाई  </strong><br />नाम न छापने की शर्त पर कुन्हाड़ी निवासी डॉग बी्रडर ने बताया कि कोटा  में रॉटविलर, अमरीकन बुलडॉग, अमरीकन स्टैफोर्डशायर, जर्मन शेफर्ड, रोडेशियन रिजवैक, रशियन शेफर्ड सहित विभिन्न नस्लों के डॉग्स की सप्लाई पंजाब व हरियाणा से होती है। इन डॉग्स की सबसे ज्यादा डिमांड रहती है। कोटा में जर्मन शेपर्ड, लेब्रा व व्हाइट पोमेरेनिया की बिक्री ज्यादा होती है। लेकिन, सरकार ने इनकी खरीद फरोख्त पर रोक लगाने से डॉग ट्रेडर्स-सेलर्स को भारी नुकसान पहुंचेगा।</p>
<p><strong>25 लाख तक बिकते हैं डॉग</strong><br />बजरंग नगर निवासी डॉग ट्रेडर्स राम शर्मा कहते हैं, कोई भी डॉग खतरनाक नहीं है, बस उन्हें समझने की जरूरत है। खरीदने वालों को इनके व्यवहार व प्रवृति से वाकिफ कराया जाता है। सावधानियां  बताई जाती है। कोटा जिले में अभी तक किसी विदेशी डॉग्स ने अपने मालिक पर हमला किया हो, ऐसा कोई केस नहीं हुआ। जबकि, लाखों की कीमत में डॉग बिकते हैं। हाल ही में शहर में किसी परिवार ने विदेश से 25 लाख तक का जर्मन शेफर्ड खरीदा है। डॉग लवर इनका खास ख्याल रखते हैं। इनका उपयोग घर-परिवार की सुरक्षा के लिए किया जाता है। </p>
<p><strong>अव्यवहारिक है सरकार के आदेश</strong><br />डॉग ब्रिडर, सेलर व ट्रेडर्स पंकेश सिंह, सुनील, महेंद्र प्रजापति, सोमदेव गुर्जर का कहना है कि डॉग ब्रिडर, सेलर्स से रायशुमारी नहीं की गई। शहर में ऐसे कई सेलर व ब्रिडर हैं, जिनके पास एक दर्जन से अधिक डॉग हैं, जो कस्टरमर की डिमांड पर पंजाब से मंगवाए हैं। इनको प्रतिदिन 800 से 900 ग्राम डॉग फ्रूड दिया जाता है। जिसकी कीमत 300 रुपए होती है। इसके अलावा शेम्पू, तेल, मल्टी विटामिन सहित अन्य खर्च हैं। प्रतिमाह 8 हजार रुपए खर्च होता है। ऐसे में हमें काफी नुकसान झेलना पड़ेगा। इसकी भरपाई कैसे करेंगे। सरकार को आदेश में थोड़ा राहत देनी चाहिए।</p>
<p><strong>आक्रमक प्रवृति के होते हैं यह डॉग </strong><br />पशु चिकित्सकों का कहना है, रॉटविलर, अमरीकन बुलडॉग, पिटबुल, वोल्फ डॉग, मास्को गार्ड, केन कार्सो, जैपनीज टोसा और फिला ब्राजीलेरिया सहित अन्य विदेशी श्वान गार्ड डॉग होते हैं। इनकी प्रवृति आक्रमक होती है लेकिन कुछ शांत स्वभाव भी होते हैं। हालांकि जेनेटिक रूप से ये एग्रेसिव नेचर के ही होते हैं। डॉग बाइट की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब उसे अपनी सुरक्षा खतरे में होना महसूस हो या फिर उसके भोजन के दौरान खाने का बर्तन को इधर-उधर करना व खाने में एडिशनल चीज डालने के दौरान डिस्टर्ब होने के कारण वह अपने ही मालिक पर हमला करने से नहीं चूकता। </p>
<p><strong>जिनके पास डॉग, वह क्या करें</strong><br />मोखापाड़ा पशु चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. अखिलेश पांडे्य का कहना है कि जिनके पास बैन किए 23 नस्लों के डॉग्स में से कोई डॉग है तो वह नगर निगम में रजिस्ट्रेशन करवाएं। डॉग की मेटिंग नहीं करवाएं। निगम से सम्पर्क कर बधियाकरण करवाकर स्टेबलाइज रखें ताकि इनकी संख्या न बढ़े। केंद्र के आदेशों की पालना नगर निगम को करनी है, डॉग्स की पहचान सहित अन्य कार्यों के लिए पशुपालन विभाग की मदद ली जा सकती है। </p>
<p>बैन किए गए विदेशी नस्ल के डॉग को पालने व सेलिंग के लिए लाइसेंस नहीं दिया जाएगा। इस संबंध में आगे जो भी आदेश आएगा, उसके अनुसार कार्रवाई करेंगे। <br /><strong>- चंपालाल मीणा, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Mar 2024 15:26:01 +0530</pubDate>
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                <title>6 माह हो गए बेकार, डिग्री से वंचित रह गए हजारों विद्यार्थी </title>
                                    <description><![CDATA[प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी यूनिवर्सिटी के चक्कर काट मायूस लौट रहे और वीएमओयू की कार्यशैली को कोसते हुए नजर आ रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/six-months-have-passed--thousands-of-students-have-been-deprived-of-their-degree/article-64215"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/6-maah-ho-gye-bekar,-degree-s-vanchit-reh-gye-hzaro-vidhyarthi...kota-news-15-12-2023-(2).jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। वर्द्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। जहां एक ओर प्रदेशभर के विद्यार्थियों का आक्रोश झेल रहा वहीं, 6 माह बाद भी यूजीसी से डिग्री कोर्सेज करवाने की मान्यता नहीं मिल सकी। नतीजन, हजारों विद्यार्थी डिग्री से वंचित रह गए। जुलाई सेशन की प्रवेश प्रक्रिया पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा लगाई रोक पर भी फैसला नहीं हो सका। प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी यूनिवर्सिटी के चक्कर काट मायूस लौट रहे और वीएमओयू की कार्यशैली को कोसते हुए नजर आ रहे हैं। </p>
<p><strong>यूजीसी ने इसलिए लगाई प्रवेश प्रक्रिया पर रोक</strong><br />विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने कोटा ओपन यूनिवर्सिटी पर समय पर नेक ग्रेड से संबंधित दस्तावेज जमा नहीं करवाने का हवाला देते हुए आॅक्टूबर माह में जुलाई सेशन के डिग्री कोर्सज में एडमिशन प्रक्रिया पर रोक लगा दी। वहीं, वीएमओयू यूजीसी की लापरवाही की वजह से नेक दस्तावेज जमा नहीं करवा पाने  का आरोप लगा रहा है। दोनों के झगड़े के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी एडमिशन से वंचित रह गए। जबकि, प्रवेश प्रक्रिया की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर थी।  </p>
<p><strong>अधर में लटका विद्यार्थियों का भविष्य </strong><br />यूजीसी के निर्णय के विरुद्ध वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय हाईकोर्ट की शरण में पहुंचा लेकिन अब तक मामले में कोई फैसला नहीं हुआ। वहीं, जुलाई सेशन भी लगभग समाप्त हो गया। जबकि, प्रदेशभर से बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रतिदिन डिग्री कोर्सेज में एडमिशन को लेकर यूनिवर्सिटी के चक्कर काट रहे हैं। जिन्हें संतोषजनक जवाब तक नहीं मिल रहा। हालांकि, उन्हें नए साल में जनवरी सेशन से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने का आश्वासन दिया जा रहा है। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी की लापरवाही से साल खराब हो गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने समय पर दस्तावेज जमा नहीं करवाए, जिससे छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया। </p>
<p><strong>6 माह बाद भी वीएमओयू को नहीं मिली मान्यता</strong><br />सवाईमोधोपुर से आए दुर्गेश सिंह, हिमांशी व आशू गुप्ता ने बताया कि यूजीसी ने आॅक्टूबर माह में जुलाई सेशन की प्रवेश पर रोक लगाई थी। इसके बाद विश्वविद्यालय कोर्ट चला गया। न यूजीसी से मान्यता मिली और न ही कोर्ट का कोई फैसला हो सका। नतीजन, जुलाई से दिसम्बर तक 6 माह बीत गए लेकिन स्नातक व स्नातकोत्तर डिग्री कोर्सेज करवाने की मान्यता नहीं मिली। इधर, चुरू-झुंझूनु से आए छात्र प्रतिवर्धन, विनीत व शिवम पुरोहित का कहना है, ज्योग्राफी से पीजी करना था, अब तक यूनिवर्सिटी के तीन चक्कर काट चुके हैं, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा। यूनिवर्सिटी सारा दोष यूजीसी व नैक संस्था पर मढ़ रही है तो यूजीसी वीएमओयू की गलती बता रहा है। दोनों के झगड़े के बीच नुकसान विद्यार्थी का हो रहा।  </p>
<p><strong>जनवरी सेशन में एडमिशन शुरू होने की आस  </strong><br />वीएमओयू अधिकारियों का कहना है कि नए साल में जनवरी सेशन में डिग्री कोर्सेज करवाने की मान्यता के लिए आवेदन कर चुके हैं, जिसके मिलने की उम्मीद है।  ऐसे में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करवा दी जाएगी। हालांकि, यूनिवर्सिटी से ही जुड़े कर्मचारियों का कहना है, मामला कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में मान्यता मिलने पर संशय बना हुआ है। एडमिशन नहीं होने से यूनिवर्सिटी को भी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। हालांकि, सर्टिफिकेट कोर्स में दाखिला दिया जा रहा है। </p>
<p><strong>हर साल 45 हजार से ज्यादा विद्यार्थी लेते हैं एडमिशन</strong><br />वीएमओयू से मिली जानकारी के अनुसार यूनिवर्सिटी के प्रदेशभर में 7 क्षेत्रीय कार्यालय है, जिसमें अजमेर, बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर तथा भरतपुर शामिल हैं। हर साल यूजी व पीजी डिग्री कोर्सेज में राज्यभर से करीब 45 से 50 हजार विद्यार्थी दाखिला लेते हैं। वहीं, ओवरआॅल सवा लाख विद्यार्थी नामांकित रहते हैं। लेकिन, इस बार प्रवेश प्रक्रिया पर रोक लगने से नौकरी के साथ डिग्री पूरी करने वालों के सपने चकनाचूर हो गए। </p>
<p><strong>डिप्लोमा-सर्टिफिकेट कोर्स में 10 हजार एडमिशन</strong><br />वर्द्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय कोटा में डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्सज में जुलाई सेशन में प्रदेशभर से 9 हजार 963 विद्यार्थियों ने एडमिशन लिया है। राज्य में 7 रिजनल सेंटर है, जिसमें कोटा से 1509, अजमेर से 679, बीकानेर से 1525, जयपुर से 2267, जोधपुर से 2270, उदयपुर में 1043 और भरतपुर सेंटर से 670 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। </p>
<p><strong>यह है मामला</strong><br />कोटा ओपन यूनिवर्सिटी में एक साल में दो बार एडमिशन प्रक्रिया शुरू होती है। जनवरी व जुलाई माह में पूरे प्रदेश से सैंकड़ों विद्यार्थी विभिन्न पाठ्यक्रम में दाखिला लेते हैं। मास्टर डिग्री में दाखिला देने के लिए विवि को यूजीसी से पिछले पांच साल के लिए मान्यता मिली हुई थी, जो जुलाई 2023 को खत्म हो गई। इसी बीच यूजीसी ने देश के समस्त विश्वविद्यालयों को नेशनल असेसमेंट एण्ड एक्रीडिएशन काउंसिल (नैक) ग्रेड लेने की अनिवार्यता लागू कर दी। ऐसे में वीएमओयू ने 12 मई को सम्पूर्ण प्रक्रिया कर नैक टीम को विजिट के लिए आमंत्रित किया। इसके बाद अगस्त में टीम वीएमओयू आई और तीन दिन फिजिकल विजिट कर लौट गई लेकिन कुछ कारणों से ग्रेड नहीं दी। इसके बाद फिर से सितम्बर माह में नैक टीम ने विजिट की और 27 सितम्बर को ए गे्रड दी लेकिन 30 अगस्त तक विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा नैक की ए ग्रेड वाला सर्टिफिकेट यूजीसी को नहीं दिए जाने के कारण  डिग्री कोर्सेज में एडमिशन पर रोक लगा दी।  </p>
<p>मामला कोर्ट में चल रहा है। हालांकि, जनवरी सेशन 2024 से एडमिशन प्रक्रिया शुरू करेंगे। यूजीसी हमें परमिशन देने जा रही है, ऐसे संकेत मिल रहे हैं। <br /><strong>- प्रो. कैलाश सोढाणी, कुलपति, वर्द्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Dec 2023 16:51:42 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>वीएमओयू की लापरवाही : 50 हजार विद्यार्थियों के भविष्य पर लटकी तलवार</title>
                                    <description><![CDATA[मास्टर डिग्री में दाखिला नहीं मिलने से करीब 50 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों का साल बर्बाद हो जाएगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/vmou-s-negligence--the-sword-hangs-on-the-future-of-50-thousand-students/article-60686"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/sizte--(9)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शनि की साढ़े साती किसी पर लग जाए तो उसके बुलंद सितारे भी गर्दिश में चले जाते हैं, इन दिनों वर्द्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के साथ भी यही हो रहा है। वीएमओयू ने भले ही नेक में ए ग्रेड हासिल कर ली हो लेकिन यूजीसी ने विश्वविद्यालय की जुलाई सेशन की प्रवेश प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। जिससे करीब 50  हजार से अधिक विद्यार्थी एडमिशन से वंचित रह गए। मामले को लेकर विवि प्रशासन यूजीसी के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट में गया है। जहां 30 अक्टूबर को संभवत: सुनवाई होगी।  दरअसल, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने कोटा ओपन यूनिवर्सिटी पर समय पर नेक से संबंधित दस्तावेज जमा नहीं करवाने का हवाला देते हुए जुलाई सेशन में डिग्री कोर्सज में एडमिशन प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। वहीं, वीएमओयू इसे यूजीसी की लापरवाही की वजह से नेक दस्तावेज जमा नहीं करवा पाने  का आरोप लगा रहा है। बहरहाल, दोनों के झगड़े के कारण हजारों विद्यार्थी एडमिशन से वंचित हो गए। जबकि, प्रवेश प्रक्रिया की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर थी, जो खत्म हो गई। बताया जा रहा है कि यूजीसी के डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो की कुछ समय पहले हुई 20वीं बैठक में इस प्रवेश प्रक्रिया पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। </p>
<p><strong>यह है मामला</strong><br />कोटा ओपन यूनिवर्सिटी में एक साल में दो बार एडमिशन प्रक्रिया शुरू होती है। जनवरी व जुलाई माह में पूरे प्रदेश से सैंकड़ों विद्यार्थी विभिन्न पाठ्यक्रम में दाखिला लेते हैं। मास्टर डिग्री में दाखिला देने के लिए विवि को यूजीसी से पिछले पांच साल के लिए मान्यता मिली हुई थी, जो जुलाई 2023 को खत्म हो गई। इसी बीच यूजीसी ने देश के समस्त विश्वविद्यालयों को नेशनल असेसमेंट एण्ड एक्रीडिएशन काउंसिल (नैक) की ग्रेड लेने की अनिवार्यता लागू कर दी। ऐसे में वीएमओयू ने 12 मई को सम्पूर्ण प्रक्रिया कर नैक टीम को विजिट के लिए आमंत्रित किया। इसके बाद अगस्त में टीम वीएमओयू आई और तीन दिन फिजिकल विजिट कर लौट गई लेकिन कुछ कारणोें की वजह से ग्रेड नहीं दी। इसके बाद फिर से सितम्बर माह में नैक टीम ने विजिट की और 27 सितम्बर को ए गे्रड दी लेकिन 30 अगस्त तक विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा नैक की ए ग्रेड वाला सर्टिफिकेट यूजीसी को नहीं दिए जाने के कारण मास्टर डिग्री कोर्सेज में एडमिशन पर रोक लगा दी।  </p>
<p><strong>दांव पर सैंकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य </strong><br />यूजीसी ने जुलाई सेशन के पीजी कोर्सेज में दाखिले पर रोक लगा दी है। हालांकि डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्सेज में प्रदेशभर से 9 हजार 963 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इसमें कोटा रिजनल सेंटर की बात करें तो 1509 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। लेकिन, मास्टर डिग्री में दाखिला नहीं मिलने से करीब 50 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों का साल बर्बाद हो जाएगा। हालांकि, छात्रों के हित को देखते हुए वीएमओयू प्रशासन यूजीसी के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण में गया है। 30 अक्टूबर को कोर्ट इस मामले में सुनवाई करेगा। </p>
<p>यूजीसी की डेढ़ लाइन को लेकर नैक का  इश्यू था जिसकी वजह से यह प्रोब्लम हुई है।<br /><strong>- के.के.गोयल रजिस्ट्रॉर वीएमओयू </strong></p>
<p>गत 12 मई को सम्पूर्ण दस्तावेज व 6 लाख रुपए फीस जमा करवाने के बाद नैक टीम को विजिट के लिए आमंत्रित किया। इसके बाद 7,8 व 9 अगस्त को टीम ने वीएमओयू में विजिट की लेकिन ग्रेड नहीं दी। कारण पता करने पर उनके निरीक्षण में कुछ खामियां रह गई थी। नैक टीम ने अपनी गलती मानते हुए दोबारा फिर से यूनिवर्सिटी की 20, 21 व 22 सितम्बर को फिर से विजिट की और 27 सितम्बर को ए ग्रेड मिली। नैक टीम ने लापरवाही करते हुए विश्वविद्यालय को ग्रेड देने में साढ़े 4 माह लगा दिए। जिसकी वजह से विवि यूजीसी को समय पर ए ग्रेड का सर्टिफिकेट नहीं दे पाया।इसी कारण हमने न्यायालय की शरण ली है। <br /><strong>- प्रो. कैलाश सोढाणी, कुलपति, कोटा ओपन विश्वविद्यालय, कोटाु</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Oct 2023 11:30:53 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - पालिका ने बिना कंवर्ट कॉलोनियों पर लगाई रोक</title>
                                    <description><![CDATA[नगर पालिका प्रशासन ने बिना कंवर्ट कराए काटी जा रही 13 कॉलोनियों पर रोक लगा दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---municipality-bans-without-convert-colonies/article-52255"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/news.png" alt=""></a><br /><p>रामगंजमंडी। रामगंजमंडी नगर पालिका प्रशासन ने बिना कंवर्ट कराए काटी जा रही 13 कॉलोनियों पर रोक लगा दी है। जिसमें एएसआई कम्पनी द्वारा काटी जा रही कॉलोनी भी शामिल है। अधिशासी अधिकारी सत्यनारायण राठौर ने वृत्त निरीक्षक पुलिस से ऐसी कॉलोनियों पर चल रहे निर्माण कार्यों पर रोक लगाने व बोर्ड लगाने की कार्यवाही के लिए जाब्ता भी मांगा है। गौरतलब है कि 4 जुलाई को दैनिक नवज्योति में आवासीय भूमि में बिना कंवर्ट हुए ही बन गर्इं सड़कें शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया था। जिस पर संज्ञान लेते हुए रामगंजमंडी नगर पालिका प्रशासन ने बिना कंवर्ट कराए काटी जा रही 13 कॉलोनियों पर रोक लगा दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Jul 2023 12:55:25 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम बंगाल में ‘द केरल स्टोरी’ बैन</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि उन्हें बताया गया है कि बंगाल फाइल तैयार की जा रही है। उन्होंने इसे पश्चिम बंगाल को बदनाम करने की कोशिश करार दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-kerala-story-banned-in-west-bengal/article-45036"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/manoj-(630-×-400-px)-(14).jpg" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को द केरल स्टोरी फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया। ममता सरकार के मुताबिक राज्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने और शांति बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। </p>
<p>मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि उन्हें बताया गया है कि बंगाल फाइल तैयार की जा रही है। उन्होंने इसे पश्चिम बंगाल को बदनाम करने की कोशिश करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, यह केरल स्टोरी क्या है? मैं सीपीआईएम का समर्थन नहीं कर रही हूं। </p>
<p>वे बीजेपी के साथ काम कर रहे हैं। मेरे बजाय फिल्म की आलोचना करना उनका कर्तव्य था। मैं केरल के मुख्यमंत्री को बताना चाहती हूं कि आपकी पार्टी बीजेपी के साथ काम कर रही है और वही पार्टी द केरल स्टोरी भी दिखा रही है। पहले उन्होंने कश्मीर और फिर केरल को बदनाम किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 May 2023 10:01:58 +0530</pubDate>
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                <title>कशिश पर दो साल का प्रतिबंध</title>
                                    <description><![CDATA[विराट कोहली फाउंडेशन से समर्थित कशिश देश की सबसे उभरती हुई ताईक्वांडो खिलाड़ी रही हैं। उन्होंने 2019 के नेपाल में हुए दक्षिण एशियाई खेलों में भी स्वर्ण जीता लेकिन उनका 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/kashish-banned-for-two-years/article-43416"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/manoj-(630-×-400-px)-(630-×-400-px)-(10).jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। जकार्ता एशियाई खेलों में देश के लिए ताईक्वांडो में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पांचवें स्थान पर रहने वाली दिल्ली की कशिश मलिक पर दो साल के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। कशिश पर यह प्रतिबंध नाडा ने लगाया है। वह मास्किंग एजेंट डाइयूरेटिक्स फ्यूरोसेमाइड के लिए डोप में फंसी हैं।</p>
<p>विराट कोहली फाउंडेशन से समर्थित कशिश देश की सबसे उभरती हुई ताईक्वांडो खिलाड़ी रही हैं। उन्होंने 2019 के नेपाल में हुए दक्षिण एशियाई खेलों में भी स्वर्ण जीता लेकिन उनका 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। वह वहां पदक से चूक गईं। वह एशियाई खेलों की तैयारियों के लिए लखनऊ में लगाए गए राष्ट्राय शिविर में शामिल की गई थीं, जहां उनका नाडा ने सैंपल लिया। इस सैंपल में फ्यूरासेमाइड पाया गया है। नाडा सुनवाई पैनल के समक्ष कशिश की ओर से तर्क दिया गया है कि उन्होंने यह दवाई चिकित्सक के परामर्थ पर ली थी लेकिन उन्होंने इसके लिए थेराप्यूटिक यूज एक्जंप्शन नहीं लिया था।</p>
<p>पैनल ने वाडा नियमों का हवाला देकर उनकी यह लापरवाही मानीं और दो  साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया। उन पर यह प्रतिबंध इसी माह से लगाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Apr 2023 11:15:30 +0530</pubDate>
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