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                <title>युद्धविराम के बीच अमेरिका का ईरान पर हमला, बंदर अब्बास में एयरस्ट्राइक से पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव</title>
                                    <description><![CDATA[अस्थायी युद्धविराम के बीच अमेरिकी नौसेना ने ईरान के बंदर अब्बास शहर पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी कमान ने इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया, जबकि ईरानी मीडिया ने इसे 'दुस्साहसपूर्ण कार्रवाई' करार दिया। हमलों के बावजूद बंदरगाह शहर में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और जनजीवन सामान्य है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/america-attacks-iran-amid-ceasefire-airstrike-in-bandar-abbas-increases/article-155034"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान-अमेरिका के बीच जारी अस्थायी युद्धविराम के बीच अमेरिकी नौसेना ने ईरान के बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में कई जगह हवाई हमलों को अंजाम दिया है, जिससे पश्चिम एशिया की शांति पर एक बार फिर आशंका के बादल छा गये हैं। सीएनएन ने मंगलवार को अमेरिकी केंद्रीय कमान के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स के हवाले से कहा, "अमेरिकी बलों ने आज ईरानी बलों के खतरे से हमारे सैनिकों की रक्षा के लिए दक्षिण ईरान में आत्मरक्षा हमलों को अंजाम दिया। हमने मिसाइल लॉन्च ठिकानों और समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही ईरानी नौकाओं को निशाना बनाया।"</p>
<p>ईरान की सरकारी समाचार एजेंसियों ने भी इन हमलों की पुष्टि की। इरना और मेहर समाचार एजेंसी ने सोमवार रात को बताया कि बंदर अब्बास के पूर्व में और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के सामने वाले तटीय इलाकों में धमाके जैसी कई आवाज़ें सुनी गईं। मेहर ने तुरंत पुष्टि की कि बंदरगाह शहर में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है, चिंता की कोई बात नहीं है और सामान्य गतिविधियां बिना किसी रुकावट के जारी हैं। तसनीम और फ़ार्स समाचार एजेंसियों ने भी इसी तरह सिरिक और जास्क के पास सहित आसपास के इलाकों में विस्फोटों की आवाज़ों का उल्लेख किया, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि ईरानी रक्षा प्रणालियों और अधिकारियों ने तेजी से और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दी।</p>
<p>ईरानी मीडिया ने कहा कि अमेरिका की यह ताज़ा "दुस्साहसपूर्ण कार्रवाई" ऐसे समय में आयी है जब ईरान नाज़ुक युद्धविराम का लगातार पालन कर रहा है और फारस की खाड़ी में शांति बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध है। ईरान ने बार-बार चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र में किसी भी विदेशी आक्रामकता से अंतरराष्ट्रीय नौवहन और ऊर्जा सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी, और ईरान के सशस्त्र बल इसका दृढ़ और समुचित जवाब देंगे। दक्षिणी ईरान के स्थानीय सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि निवासियों ने धमाकों की आवाज़ सुनी थी, लेकिन बंदर अब्बास में जनजीवन सामान्य रूप से चल रहा है। बंदरगाह के कामकाज, नागरिक जीवन और रणनीतिक बुनियादी ढांचे पर इसका कोई असर पड़ने की सूचना नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 14:01:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव से बर्बाद हुआ ड्रैगन, धराशायी हुई अर्थव्यवस्था </title>
                                    <description><![CDATA[निक्की एशिया के मुताबिक, चीन ने पाकिस्तान के ग्वादर (बंदरगाह शहर) को लान्च पैड के रूप में चुना था और इसे हिंद महासागर में बीजिंग की वाणिज्यिक खिड़की के रूप में प्रस्तुत किया, जो कि बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत क्षेत्रीय एकीकरण का केंद्र था, लेकिन अभी भी कई परियोजनाएं जमीन पर उतरने में विफल रही हैं या इनके खराब परिणाम मिले हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/-draft--add-your-title/article-18880"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/ff3.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन की बेल्ट एंड रोड पहल (बीआरआई) अब संकट के कगार पर पहुंच गई है। इससे बीजिंग को फायदा कम, नुकसान ज्यादा हो रहा है। यह पहल अब चीन के लिए बोझ बन गई है। इसे चीन ने 2013 में शुरू किया था।</p>
<p><strong>ग्वादर को लॉन्च पैड के रूप में चुना</strong><br />निक्की एशिया के मुताबिक, चीन ने पाकिस्तान के ग्वादर (बंदरगाह शहर) को लान्च पैड के रूप में चुना था और इसे हिंद महासागर में बीजिंग की वाणिज्यिक खिड़की के रूप में प्रस्तुत किया, जो कि बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत क्षेत्रीय एकीकरण का केंद्र था, लेकिन अभी भी कई परियोजनाएं जमीन पर उतरने में विफल रही हैं या इनके खराब परिणाम मिले हैं।</p>
<p><strong>चीन की कोई भी परियोजना पूरी नहीं हुई</strong><br />चीन द्वारा शहर में एक नए हवाई अड्डे, ग्वादर फ्री जोन, एक 300-मेगावाट कोयला बिजली संयंत्र और एक जल विलवणीकरण संयंत्र जैसी विकास परियोजनाओं की सूची की घोषणा के लगभग आठ साल बाद भी इनमें से कोई भी कार्य पूरा नहीं हुआ है।</p>
<p><strong>ग्वादर से झिंजियांग तक फैला बीआरआई</strong><br />बीआरआई पहली बार 2013 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा सिल्क रोड के रूप में एक भाषण में सामने आया था, जिसे अप्रैल 2015 में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे की घोषणा के साथ हटा दिया गया था। बीआरआई ग्वादर से चीनी शहर झिंजियांग में काशगर तक फैला था। सीपीईसी ने चीन-पाकिस्तान की सभी मौसम की दोस्ती को 46 बिलियन अमेरिकी डालर के गिरवी रखे धन के साथ प्रदर्शित किया जो तब से बढ़कर 50 बिलियन अमेरिकी डालर हो गया है। इसे अब बदले हुए बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव की रीढ़ बनना था।</p>
<p><strong>चीन ने पाकिस्तान में खर्च किए 53 बिलियन अमेरिकी डालर</strong><br />-2013 से 2022 तक कुल निवेश के रूप में, चीन ने पाकिस्तान में 53 बिलियन अमेरिकी डालर खर्च किए हैं। <br />-ग्वादर में 300 मेगावाट का पावर प्लांट बनना था, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है।<br />-बिजली की कमी वहां किसी भी सार्थक विकास के लिए सबसे बड़ी बाधा है।<br />-बीजिंग स्थित थिंक टैंक इनबाउंड के संस्थापक गोंग चेन के अनुसार, जब चीन ने 2013 में बीआरआई शुरू किया, तो बीजिंग की मुख्य प्रेरणा घरेलू थी, शुरूआती दिनों में बीआरआई के बारे में केंद्र सरकार को सलाह दी थी। <br />-चेन ने कहा कि, जब अवधारणा को पहली बार नीति निमार्ताओं को प्रस्तुत किया गया था, तो इसके प्राथमिक चालक चीन की गंभीर रूप से उम्र बढ़ने वाली आबादी, पर्ल नदी डेल्टा में श्रमिकों की भर्ती की कठिनाई, अपने बाजार पैमाने का विस्तार करने की चीन की इच्छा और कई आर्थिक क्षेत्रों में अतिरिक्त क्षमता की अधिकता थी।</p>
<p><strong>मई में डिफाल्ट हुआ श्रीलंका</strong><br />श्रीलंका, जो बीआरआई का एक अन्य केंद्र बिंदु था, में चीनी ऋणों ने बुनियादी ढांचे में तेजी ला दी, लेकिन उसे मई में अपने पहले ऋण डिफाल्ट में धकेल दिया, जिसके परिणामस्वरूप पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को सत्ता से बाहर होना पड़ा। कई श्रीलंकाई भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं, जिसके कारण लाखों लोगों को भोजन, ईंधन और दवा की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>ग्वादर को कहा पाक का आर्थिक भविष्य</strong><br />जब सीपीईसी समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, तो पाकिस्तान की सरकार ने ग्वादर को पाकिस्तान का आर्थिक भविष्य कहा और दावा किया कि ग्वादर का सकल घरेलू उत्पाद 2017 में अनुमानित 430 मिलियन अमेरिकी डालर से बढ़कर 2050 तक 30 बिलियन अमेरिकी डालर हो जाएगा। यह यहां की 90 हजार जनसंख्या के लिए 12 लाख नौकरियों का उत्पादन करेगा। लेकिन आज, बीजिंग में 20वीं चीनी कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस होने तक, सीपीईसी संकट के कगार पर है, जैसा कि खुद बीआरआई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Fri, 12 Aug 2022 15:34:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>अडानी के सभी पोर्ट पर पाक, ईरान और अफगानिस्तान से आया माल बैन</title>
                                    <description><![CDATA[मुंद्रा बंदरगाह पर ड्रग मिलने के बाद बड़ा फैसला : एपीएसईजेड ने जारी किया सर्कुलर, 15 नवम्बर से लागू होगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%85%E0%A4%A1%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%95--%E0%A4%88%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%AB%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A8/article-1597"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/adani-portjpg.jpg-101221.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अहमदाबाद/गांधीधाम</strong>। अफगानिस्तान से भेजे गए हजारों करोड़ रुपए के करीब 3000 किलोग्राम ड्रग्स (नशीले पदार्थ) की पिछले माह गुजरात के कच्छ जिले के मुंद्रा स्थित अडानी समूह संचालित बंदरगाह से हुई सनसनीखेज बरामदगी के बाद सोमवार को समूह ने एक परिपत्र जारी कर आगामी 15 नवंबर से तीन पड़ोसी मुल्कों से कंटेनर के जरिये इसकी ओर से संचालित किसी भी पोर्ट पर माल लाने पर रोक लगा दी है। अडानी पोट्र्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एपीएसईजेड) की ओर से सोमवार को जारी परिपत्र यानी  सर्कुलर में कहा गया है कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान और ईरान से कंटेनर में रख कर आने वाले किसी भी माल को 15 नवंबर से अगले आदेश तक एपीएसईजेड संचालित बंदरगाहों के किसी भी टर्मिनल अथवा थर्ड पार्टी टर्मिनल पर नहीं उतारा जाएगा। यह परिपत्र पोर्ट का इस्तेमाल करने वालों ग्राहकों को सम्बोधित है। एपीएसईजेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुब्रत त्रिपाी  की ओर से जारी इस परिपत्र में ऐसा करने का कोई कारण नहीं बताया गया है। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>सितम्बर में मिला था 2998 किलोग्राम ड्रग्स</strong></span></span><br /> गत तीन सितंबर को इस बंदरगाह से डिरेक्टर ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेन्स यानी राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की टीम ने दो कंटेनर से कुल 2998 किलोग्राम ड्रग्स बरामद किए थे जो मूलत: अफगानिस्तान से ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट पर लाकर वहां से भारत लाया गया था। इस मामले में कई लोगों की गिरफतारी भी हुई है और कस्टम तथा एनआईए समेत कई एजेंसियां इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर रही हैं। इस घटना को लेकर देश के बड़े बंदरगाहों को निजी हाथों में सौंपने की सरकारी नीति तथा अडानी समूह को खासी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। समझा जाता है कि इसी के मद्देनजर समूह ने यह कदम उठाया है।<br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>अडानी ग्रुप करता है एक दर्जन से अधिक टर्मिनल का संचालन</strong></span></span><br /> अडानी समूह एपीएसईजेड के जरिये देश के छह तटीय राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, ओड़िशा, तमिलनाडु, केरल और गोवा में करीब 10 बंदरगाहोंं पर एक दर्जन से अधिक टर्मिनल और लगभग 50 बर्थ का संचालन करती है। देश में कुल माल ढुलाई का करीब एक चौथाई इन्हीं के माध्यम से होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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