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                <title>issued - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>बिना अधिकारियों की रिपोर्ट के जारी हो रही फायर एनओसी, अधिकारियों के पद रिक्त होने से आ रही समस्या</title>
                                    <description><![CDATA[फायरमैन व कार्मिक ही कर रहे आॅनलाइन फायर एनओसी की मैपिंग।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/fire-nocs-being-issued-without-reports-from-officials/article-146675"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(2)16.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रदेश की कई नगरीय निकायों में बिना तकनीकी अधिकारियों की जांच के ही फायरगैन व कार्मिकों द्वारा फायर एनओसी की मैपिंग की जा रही है। यह समस्या अधिकतर उन जगहों पर आ रही है जहां अधिकारियों के पद रिक्त हैं। नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिकाओं द्वारा बहुमंजिला इमारतों, आवासीय व व्यवसायिक इमारतों के 15 मीटर ऊंचाई से अधिक होने पर फायर एनओसी जारी की जाती है। फायर एनओसी जारी होने से पहले उसकी ऑनलाइन मैपिंग की जाती है। यह काम फायर अनुभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारी, अग्निशमन अधिकारी व सहायक अग्निशमन अधिकारियों द्वारा किया जाता है। लेकिन हालत यह है कि कई जगह पर सीएफओ, एफओ व एएफओ के पद रिक्त होने से वहां फद्दायरमैन व कार्मिकों द्वारा ही ऑनलाइन मैपिंग की जा रही है। जिसके आधार पर एनओसी भी जारी हो रही है।</p>
<p>एपीओ चल रहे सीएफओ देवेन्द्र कुमार मीणा ने स्वायत्त शासन विभाग के उप निदेशक प्रशासन को इस संबंध में पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र के माध्यम से मांग की है कि ऑनलाइन मैपिंग का कार्य तकनीकी अधिकारियों द्वारा ही किया जाता है। जहां तकनीकी अधिकारी नहीं हैं वहां नजदीकी निकायों के अधिकारियों से मैपिंग करवाई जाए। साथ ही जहां फायरमैन व कार्मिक जैसे अतकनीकी कार्मिक ऑनलाइन मैपिंग कर रहे हैं उन्हें ऐसा करने से रोका जाए।</p>
<p><strong>सबसे अधिक एएफद्दओ के पद रिक्त</strong><br />जानकारी के अनुसार प्रदेश में मुख्य अग्निशमन अधिकारी(सीएफओ), अग्निशमन अधिकारी(एफओ) व सहायक अग्निशमन अधिकारी (एएफओ) के कुल 118 पद स्वीकृत हैं। जिनमें सीएफओ के 6, एफओ को 28 व एएफओ के 84 पद स्वीकृत हैं। इनमें से सीएफओ के दो पद अधिक हैं। जबकि 19 एफद्दओ कार्यरत हैं और 9 पद रिक्त है। वहीं सबसे अधिक एएफओ 49 पद रिक्त हैं जबकि कार्यरत मात्र 35 ही हैं।</p>
<p><strong>कोटा संभाग में झालावाड़ खाली</strong><br />कोटा संभाग के फायर अनुभाग में से कोटा में सीएफओ, दो एफओ व एएफओ कार्यरत हैं। बूंदी व बारां में एक-एक एएफओ हैं। जबकि झालावाड़ में पद रिक्त हैं। वहां कोई भी अधिकारी कार्यरत नहीं हैं।</p>
<p><strong>नियमानुसार तो तकनीकी अधिकारी ही करते हैं मैपिंग</strong><br />सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि फायर एनओसी जारी होने से पहले आॅनलाइन मैपिंग की जाती है। यह कार्य तकनीकी अधिकारी सीएफओ, एफओ व एएफओ द्वारा ही किए जाने का नियम है। लेकिन कई जगह ऐसी हैं जहां अधिकारी नहीं होने से नजदीकी अधिकारियों से मैपिंग करवाई जा रही है। कोटा संभाग में ऐसी कुछ ही जगह हैं। जबकि अधिकतर तो कोटा में ही मैपिंग करवाने आ रहे हैं। लेकिन कुछ जगहों पर फायरमैन व कार्मिक ही मैपिंग कर रहे हैं जो गलत है। इस संबंध में कोटा में सीएफओ रहे व वर्तमान में एपीओ चल रहे देवेन्द्र कुमार मीणा ने उप निदेशक स्वायत्त शासन विभाग को पत्र लिखा है। जिसमें मैपिंग का काम तकनीकी अधिकारियों से करवाने व फायरमैन व कार्मिकों से करवाए जा रहे इस कार्य को रूकवाने की मांग की है। जिससे फायर एनओसी सही तरह से जारी की जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 14:49:29 +0530</pubDate>
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                <title>अनियमितता वाले होटल, रेस्टोरेंट आदि संस्थानों को परिषद ने नोटिस जारी किए</title>
                                    <description><![CDATA[भारी बरसात में बेसमेंट में पानी भरने पर हादसे का खतरा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/the-council-has-issued-notices-to-the-irregular-hotels--restaurants-etc/article-86998"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/photo-size-(2)5.png" alt=""></a><br /><p>बारां। दिल्ली और जयपुर में बेसमेंट हादसे में हुई मौतों के बाद बारां नगर परिषद ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। शहर में बेसमेंट, सुरक्षा इंतजाम, फायर एनओसी आदि अनियमितता वाले होटल, रेस्टारेंट आदि स्थानों को नगर परिषद ने सोमवार को नोटिस जारी किए है। इसके बाद अब गुरुवार को सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि बारां शहर में बेसमेंट सहित  अन्य अनियमितता बरतने पर बारां शहर में बेसमेंट में धड़ल्ले से चल रही कारोबारी गतिविधियां...शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिस पर नगर परिषद ने गंभीरता से लेते हुए लापरवाही बरतने वाले होटल, रेस्टोरेंट आदि संस्थानों को नोटिस जारी किए है। नगर परिषद के सहायक अग्निशमन अधिकारी उवेश शेख ने बताया कि अस्पताल रोड स्थित होटल दावत रेस्टोरेंट, चारमूर्ति चौराहा निवासी होटल सिटी सेंटर, होटल रेड स्टोन, होटल महक, कोटा रोड स्थित होटल राधिका, कोटा रोड स्थित होटल श्रीजी को नोटिस जारी किया गया है। गुरुवार को इन संस्थानों को सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली के बाद  जयपुर में भी बेसमेंट में बरसाती पानी भरने से तीन लोगों की मौत हो गई। जिस पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सख्ती बरती है। राज्य सरकार के निर्देश पर अब बारां शहर में शुक्रवार को 21 भवनों की जांच की गई थी।</p>
<p><strong>होटल, रेस्टोरेंट आदि में इमारतों में जांच में मिली भारी अनियमितता</strong><br />परिषद की अग्निशमन टीम ने शुक्रवार को बारां शहर में संचालित कोचिंग सेंटर, लाईब्रेरी, रेस्टोरेंट, हॉटल, कॉम्पलेक्स, अस्पताल, स्कूल सहित आवासीय और वाणिज्यिक संस्थानों का शुक्रवार को जांच की गई। इनमें 5 संस्थान में सुरक्षा उपकरण सही  अवस्था में पाए गए। जबकि शेष 16 संस्थानों में सुरक्षा उपकरण नहीं पाए गए। इन इमारतों के बेसमेंट, भवन, भवन निर्माण स्वीकृति, फायर एनओसी, फायर सिस्टम, यूडी टैक्स, लेंड यूज आदि की जांच की गई। जांच में 16 इमारतों कई सुरक्षा खामियां भी मिली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Aug 2024 17:13:02 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - किसान को ठगने वाली दोनों व्यापारिक फर्मों को नोटिस जारी </title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति ने मंडी में व्यापारियों द्वारा किए जा रहे किसानों के शोषण की खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---notice-issued-to-both-business-firms-cheating-farmers/article-73738"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/asar-khabar-ka---kisano-ko-thgne-wali-dono-vyaparik-farmo-ko-notice-jari...kota-news-26-03-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>रामगंजमंडी। कृषि उपज मंडी समिति रामगंजमंडी में शुक्रवार को एक किसान की कृषि उपज की बोली लगाने के बाद भी व्यापारी द्वारा उपज के सही दाम नही मिलने के मामले का कृषि उपज मंडी सचिव के हस्तक्षेप के बाद निस्तारित हो गया। गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति में शुक्रवार को मंडी में व्यापारियों द्वारा किए जा रहे किसानों के शोषण की खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। उसके बाद कृषि उपज मंडी सचिव दिवाकर दाधीच ने बताया कि शुक्रवार को यह मामला मेरी जानकारी में आया था। उसके बाद दोनों व्यापारिक फर्मों को फोन पर समझाइश कर मामले का निस्तारण कर दिया था। जितनी बोली लगाई गई थी, उतनी ही राशि व्यापारिक फर्म से दिलवा दी गई है। लापरवाही बरतने के मामले में दोनों व्यापारिक फर्मों को नोटिस भी जारी कर दिया है।  </p>
<p>किसान ने बोली लगाते समय जो जिंस दिखाई थी, बाद में उस ढेरी में अन्य जिंस भी मिला दी थी। इसलिए विवाद हुआ था।<br /><strong>- मुकेश धाकड़,अध्यक्ष, ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन     </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Mar 2024 15:48:32 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>16वीं विधानसभा के गठन की अधिसूचना जारी</title>
                                    <description><![CDATA[ भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य में 16वीं विधान सभा के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/notification-issued-for-formation-of-16th-assembly/article-63443"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/rajasthan-assembly1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य में 16वीं विधान सभा के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण कुमार गुप्ता ने बताया कि अधिसूचना का प्रकाशन चार दिसम्बर 2023 के राजस्थान राज.पत्र के विशेषांक में कर दिया गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/notification-issued-for-formation-of-16th-assembly/article-63443</link>
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                <pubDate>Tue, 05 Dec 2023 10:28:44 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>हाई सिक्युरिटी नंबर प्लेट, ना इधर के रहे, ना उधर के रहे</title>
                                    <description><![CDATA[ पूर्व में चल रहे इन हाई सिक्योरिटी प्लेट के आवेदन लिंक को कुछ माह पहले ही विभाग ने आदेश जारी कर बंद किया था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/high-security-number-plate-neither-here-nor-there/article-61060"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/high-security-number-plate,-na-idhr-k-rhe,-na-udhr-k-rhe...kota-news-01-11-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। किसी चलते हुए कार्य को बंद कर अपने हाथ में लेना फिर उसमें लेटलतफिी करना परिवहन विभाग से सीखा जा सकता है। विभाग ने पूर्व में लगाए जा रहे हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के कार्य को बंद कर नए सिरे से 1 अप्रैल 2019 से पूर्व पंजीकृत सभी वाहनों के लिए नई हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के एक माह पूर्व जारी किए आदेश को अभी तक क्रियान्वन में नहीं लाया जा सका है। पिछले महीने राज्य परिवहन विभाग ने 1 अप्रैल 2019 से पुराने सभी प्रकार के वाहनों पर नई तरह की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के आदेश जारी किए थे जिसके तहत 21 मार्च 2024 तक सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना का लक्ष्य था लेकिन अभी तक विभाग द्वारा आवेदन लिंक भी जारी नहीं किया है। जिससे इन नंबर प्लेटों को लगवाने वालों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। </p>
<p><strong>विभाग ने ही बंद किया था पहले से लग रही प्लेटों को</strong><br />डकनिया स्टेशन रोड स्थित एक कार डीलर ने बताया की पूर्व में चल रहे इन हाई सिक्योरिटी प्लेट के आवेदन लिंक को कुछ माह पहले ही विभाग ने आदेश जारी कर बंद किया था। डीलर ने बताया कि इससे पूर्व वाहनों पर सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का कार्य डीलरों के माध्यम से ही किया जाता था। लेकिन विभाग ने इसे अपने हाथ में लेते हुए पूर्व में क्रियान्वित आवेदन पोर्टल को चार महीने पहले बंद कर दिया था। उसके बाद पिछले महीने विभाग ने नए आदेश जारी कर एक नया आवेदन लिंक शुरू करने को कहा था लेकिन उसके बाद इस पर अभी तक कोई नया कार्य आदेश नहीं मिला और ना ही आवेदन पोर्टल शुरू हुआ है। हमारे स्तर पर भी हमने विभाग से इस बारे में चर्चा की तो कोई संतुष्ट जवाब भी नहीं मिला।</p>
<p><strong>हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से कई फायदे</strong><br />वाहनों पर लगने वाली इन हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से कई फायदे हैं। इन प्लेटों पर रेट्रो रिफ्लेक्टिव शीट का इस्तेमाल होगा जो रात के समय में भी 200 मीटर दूर से भी आसानी से पढ़ा जा सकेगा। वहीं इन प्लेटों को स्नेप लॉक द्वारा वाहनों पर लगाया जाएगा जिससे ये एक बार लगने के बाद टूटने पर ही खुलेगें। ये नंबर प्लेट वाहन पर डीलर द्वारा वाहन की संपूर्ण जानकारी जैसे चैसिस नंबर और इंजन नंबर पोर्टल पर चढ़ाने के बाद ही लगेंगी। वहीं इन प्लेटों पर मौजूद सात नंबर के डिजिट यूनिक कोड होता है जिससे दुर्घटना के समय वाहन व मालिक के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकती है। वाहन चोरी हो जाने की दशा में प्लेट पर मौजूद लेजर डिटेक्टर स्टीकर से वाहन के बारे में कैमरे की सहायता से पूरी जानकारी प्राप्त की जा सकती है जिससे वाहन को ढूंढने में आसानी होगी। वहीं उभरे हुए अंक होने के कारण वाहन में आग लगने की स्थिति में भी ये प्लेट मौजूद होने से वाहन के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।</p>
<p><strong>प्लेट के अंतिम अंक के अनुसार लगनी थी नई </strong><br />विभाग के आदेशानुसार 1 या 2 अंतिम अंक वाली पुरानी नंबर प्लेट वाले वाहनों के नई हाई सिक्योरिटी प्लेट 30 नवंबर तक, 3 व 4 अंक वालों के 31 दिसंबर तक, 5 व 6 अंक वालों के वाहनों के लिए 31 जनवरी 2024 तक 1 वब 8 अंक वाले वाहनों के लिए 28 फरवरी 2024 तक और 9 या 0 अंकों के वाहनों के लिए 31 मार्च 2024 तक की तिथि निर्धारित की थी लेकिन विभाग द्वारा इस संबध में अभी तक कोई अग्रीम कारवाई नहीं हुई है। </p>
<p><strong>करीब 1 लाख वाहनों का होगा रजिस्ट्रेशन</strong><br />शहर में छोटे बड़े सभी तरह के वाहन मिलाकर करीब 1 लाख ऐसे वाहन हैं जिनका पंजीकरण 1 अप्रैल 2019 से पूर्व का है और इन सभी वाहनों पर नई तरह की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगनी है। अब सवाल उठता है कि जब विभाग द्वारा अभी तक लिंक ही चालू नहीं किया गया है तो इन वाहनों पर तय समय सीमा अनुसार कैसे ये नंबर प्लेट लगाई जा सकेंगी। वहीं विभाग के आदेशानुसार तय समय पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के बाद ही वाहनों के बाद ही वाहनों का पंजीयन नवीकरण, आरसी हस्तांतरण, फिटनेस नवीनीकरण और पता बदलाव जैसे कार्य हो सकेंगे।</p>
<p>नई हाईसिक्योरिटी प्लेट लगने से दूसरे राज्यों में आने जाने में आसानी होगी क्योंकि राजस्थान को छोड़कर आसपास के सभी राज्यों में लगने कि प्रक्रिया जारी है और राजस्थान में ये लेट शुरू हुई अभी फिर बंद हैं। <br /><strong>- रोहन राठौर, टैक्सी संचालक</strong></p>
<p>हाई सिक्योरिटी प्लेट के लगने से हमारा ही फायदा है क्योंकि वाहन की ट्रैकिंग आसान होगी और दुर्घटना के समय भी इससे मालिक की जानकारी लेने में आसानी होगी।<br /><strong>- राजेन्द्र वैष्णव, कार चालक मालिक</strong></p>
<p>वाहनों के आवेदन लिंक के संबंध में अभी कोई नवीन आदेश नहीं मिला है आदेश मिलते ही प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उसके बाद आवेदक निर्धरित स्लॉट में अपना पंजीकरण करवा सकेंगे।<br /><strong>- प्रमोद लोढ़ा, जिला परिवहन अधिकारी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Nov 2023 15:53:44 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - वन विभाग ने कोटा यूनिवर्सिटी को थमाया नोटिस, मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[वन विभाग ने माना कि कोटा विश्वविद्यालय के वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट की लैबोरेट्री में बिना सक्षम स्वीकृति के कोबरा, करेत और चैकर्ड कीलबैक के मृत शरीर रखे हुए थे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---forest-department-served-notice-to-kota-university--created-a-stir/article-60525"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/asar-khabar-ka---van-vibhag-ne-kota-university-ko-notice,-macah-hadkamp....kota-news-26-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा विश्वविद्यालय में अवैध रूप से शेडयूल 1 व 2 के वन्यजीवों के मृत शरीर व हड्डियां रखे जाने के मामले में मंगलवार को वन विभाग ने विश्वविद्यालय प्रशासन को नोटिस थमा दिया है। टीम  के यूनिवर्सिटी पहुंचते ही वहां शिक्षकों व छात्रों में हड़कम्प मच गया। वन अधिकारी ने वन्यजीव विभाग की कोर्डिनेटर सहित मामले से संबंधित तीन लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं। इन्हें बयान देने के लिए वनमंडल कोटा कार्यालय में उपस्थित होने की हिदायत दी गई है। साथ ही इसकी प्रतिलिपि रजिस्ट्रार को सौंपी गई है। इधर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी कमेटी गठित कर दी है, जो मामले की जांच में जुटी है। </p>
<p><strong>इन्हें जारी हुए नोटिस</strong><br />वन विभाग ने कोटा विश्वविद्यालय के वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट की कोर्डिनेटर डॉ. रंजना, रेप्टियल साइंस के को-कोर्डिनेटर विनित महोबिया और कम्प्यूटर आॅपरेटर घनश्याम शर्मा के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं। जिसके तहत इन्हें बुधवार दोपहर 12 बजे नयापुरा स्थित वन मंडल कार्यालय में जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर बयान दर्ज करवाने के निर्देश दिए गए हैं। यह लोग बयान दर्ज नहीं करवाते हैं तो इनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की जाएगी। </p>
<p><strong>नोटिस में माना, बिना स्वीकृति के रखे सांप</strong><br />सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जारी किए गए नोटिस में वन विभाग ने माना कि कोटा विश्वविद्यालय के वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट की लैबोरेट्री में बिना सक्षम स्वीकृति के शेड्यूल-1 व 2 के कोबरा, करेत और चैकर्ड कीलबैक के मृत शरीर रखे हुए थे। साथ ही हड्डियां भी अवैध रूप से रखे हुए थे, जो वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 की धारा-9 के तहत धारा 39 व 51 के अंतर्गत दोष में आता है। </p>
<p><strong>इन धराओं में समझें वन्य अपराध की गंभीरता</strong><br />वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत यह मामला गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। मामले की गंभीरता को इन धाराओं के माध्यम से समझ सकते हैं, जो इस प्रकार है। </p>
<p><strong>धारा-9 के तहत शिकार का मामला बनता है</strong><br />- धारा-39 के तहत कोई भी व्यक्ति या संस्थान बिना सक्षम अनुमति के वन्यजीवों  को जीवित या मृत नहीं रख सकता। यदि रखता है तो तस्करी की श्रेणी में आता है, क्योंकि इस अधिनियम में उल्लेखित वन्यप्राणी सरकार की सम्पति हैं।<br />- धारा-44 : वन्यजीवों के अंगों को रखना एवं प्रदर्शनी करना कानून का उल्लंघन की श्रेणी में है। <br />- धारा 48-ए (क) : कोई भी व्यक्ति वन्यप्राणी या प्राणी वस्तु का मुख्य वन्यजीव संरक्षक या राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत अन्य अधिकारी की परिमिशन के बिना एक स्थान से दूसरे स्थान पर परिवहन नही कर सकता। यदि करता है तो तस्करी की श्रेणी में आता है।<br />- धारा 49 : वन्यजीवों को जीवित, मृत या अवशेष रखना व किसी से लेकर अपने पास रखना अपराध की श्रेणी में आता है। <br />- धारा 51 के तहत वन्यजीव या किसी भी वन्यप्राणी को मारने की श्रेणी में आता है।</p>
<p><strong>नोटिस जारी कर दिए हैं</strong><br />कोटा विश्वविद्यालय के वाल्ड लाइफ डिपार्टमेंट की कोर्डिनेटर डॉ. रंजना गुप्ता, कम्प्यूटर आॅपरेटर घनश्याम शर्मा व रेप्टियल साइंस के को-कोर्डिनेटर विनित महोबिया के खिलाफ अनवेषण अधिकारी द्वारा बयान अभिलेखबद्ध के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। इन्हें बुधवार दोपहर 12 बजे वन मंडल कार्यालय में अनवेषण अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर बयान दर्ज करवाने होंगे। <br /><strong>- जयराम पांड्ेय, उप वन संरक्षक, वन मंडल कोटा</strong></p>
<p><strong>जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है</strong><br />मामले की आंतरिक जांच के लिए कोटा विश्वविद्यालय द्वारा कमेटी गठित कर दी गई है, जिसे रिपोर्ट सौंपने के लिए 7 दिन का समय दिया गया है। अब कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>- आरके उपाध्याय, रजिस्ट्रार, कोटा यूनिवर्सिटी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Oct 2023 17:51:02 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मिठाइयों पर अधिकांश दुकानदार नहीं लिख रहे एक्सपायरी डेट</title>
                                    <description><![CDATA[खाद्य सुरक्षा अधिकारी पिछले दो साल नये नियमों को को लेकर समझाइश ही कर रहे अभी तक किसी पर जुर्माना कार्रवाई नहीं होने से व्यापारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/most-of-the-shopkeepers-are-not-writing-expiry-date-on-sweets/article-60113"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/mithaiyon-par-adhikansh-dukanadar-nahi-likh-rahe-expiry-date...kota-news-21-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । नवरात्र के साथ ही त्यौहारी सीजन शुरू हो चुका है। शहर में मिठाइयों की दुकानें सजने लगी हैं। लेकिन इन मिठाइयों की शुद्धता की जांच के लिए एफएसएसएआई द्वारा  दो साल पहले बनाए नियम लागू होते दिखाई नहीं दे रहा है।  लोगों को बासी मिठाई खाने से बचाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने एक अक्टूबर 2021 से बाजार में बिकने वाली खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने के आदेश जारी किए थे। इसमें  छोटी  बड़ी सभी दुकानों  पर मिठाई बनाने, उसकी एक्सपायरी डेट, कब तक खाना है कि पूरी जानकारी मिठाई की ट्रे के उपर लिखना जरूरी किया था। इससे ग्राहक को पता चल सके कि मिठाई ताजा है या बासी है। अब तक यह सुविधा पैकिंग वस्तुओं पर ही लागू थी । इसे एक अक्टूबर 2021 से देश में खुली वस्तुओं की बिक्री पर भी लागू कर दिया है। लेकिन दो साल बीतने आए फिर भी शहर में अभी इस नियम का पालन  मिठाइयों की दुकानों पर होता दिखाई नही दे रहा है। </p>
<p>हालांकि शहर के कुछ प्रतिष्ठ मिठाई की दुकानों वाले जरूर इस नियम का पालन कर रहे है लेकिन वो भी रोज तारीख ही बदलते माल नहीं। बाकी बचे अधिकांश दुकानदार अभी मिठाई दुकानदार पुराने ढ़र्रे पर ही बिना एक्सपायरी डेट लिखे फ्रीजर में रखी मिठाइयां बेच रहे हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी पिछले दो साल नये नियमों को को लेकर समझाइश ही कर रहे अभी तक किसी पर जुर्माना कार्रवाई नहीं होने से व्यापारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे है। दो साल साल बाद भी अभी कई दुकानदारों  को तो इस नियम की पूरी जानकारी ही नहीं है। दूसरी तरफ मिठाई कारोबारियों को का कहना है कि  हालांकि शहर की कुछ बड़ी मिठाई की दुकानों ने तो एक्सपायरी डेट लिखना शुरू किया लेकिन वो भी रोज डेट बदल कर ग्राहकों चुना ही लगा रहे है। </p>
<p><strong>बासी और खराब पर रोक के लिए बनाया था नियम</strong><br />बासी और पुरानी मिठाइयां बेचने की लगातार आ रही शिकायतों के बाद  भारतीय  खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने मिठाई की दुकानों के लिए यह नियम अनिवार्य कर दिया कि वे मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट को लिखें। पहले यह निर्णय जून 2021 से  लागू होना था, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते इसे 1 अक्टूबर 2021 से लागू किया। दो साल पहले लागू हुए  इस नियम की कोटा जिले में पालना होती नहीं दिखाई दे रही है। जबकि सरकार ने प्रदेश में भी सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इस नियम की पालना कराने के निर्देश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जयपुर की ओर से जारी किए हैं। लेकिन पालना अभी भी नहीं हुई है।</p>
<p><strong>मिठाई की खपत से दस फीसदी कम तैयार कर  रहे माल</strong><br />नये नियम के वजूद में आने के बाद से मिठाई की खपत से दस फीसदी मिठाई कम तैयार कर रहे है। जिससे नुकसान से बचा जा सके। इसका असर बिक्री पर ज्यादा पड़ेगा। मिठाई के डिब्बे तैयार कराएं जिस पर मिठाई तैयार करने की डेट, एक्सपायरी डेट, कब तक खा सकते हैं आदि जानकारी अंकित की हुई है। इस नियम से खाद्य सुरक्षा अधिकारी जानबूझकर दुकानदारों को परेशान कर सकते हैं।  वो मिठाई का सैंपल लेने के बाद उसी दिन लैब में भेज देंगे इस बात की क्या गारंटी है इससे इंस्पेक्टर राज को ही बढ़ावा मिलेगा। <br /><strong>-रामप्रकाश सैनी, मिठाई व्यापारी कोटा</strong></p>
<p><strong>दुकानदार बोले नया नियम अप्रासंगिक है</strong><br />देश में 80 फीसदी मिठाई का काम असंगठित क्षेत्र से होता है। ऐसे में इस तरह के नियम दुकानदारों को परेशान करने के लिए हैं। दो साल पहले बनाया ये नियम अप्रासंगिक है। जिससे लोग पालना नहीं कर रहे है। एफएसएसआई को टर्नओवर और एक से अधिक दुकान जैसी कई श्रेणी बनाकर इस प्रकार के नियम लगाने चाहिए थे। शहर में करीब दो सौ से अधिक मिठाई की दुकानें हैं। अधिकांश छोटे दुकानदार है कैसे करेंगे नियमों की पालना।<br /><strong>-राजू अग्रवाल, मिठाई व्यापारी कोटा</strong></p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />दो साल पहले एक अक्टूबर 2021 से खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने का नियम लागू है।  शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के दौरान मिठाई दुकानदारों को इसके लिए पाबंद किया जा रहा है। विभाग की ओर से अनवरत जांच का अभियान जारी है। दुकानों की जांच कर सैंपल लेने का कार्य जारी है। दशहरा पर्व के बाद  शुद्ध के लिए युद्ध अभियान में बिना एक्सपायरी लिखी मिठाई की दुकानों पर कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong>-संदीप अग्रवाल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Oct 2023 20:29:17 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - आचार संहिता की पालना करते हुए आमजन के दैनिक कार्य नियमित रूप से करें</title>
                                    <description><![CDATA[विभिन्न विकास कार्यों के टेंडर के संबंध में निर्वाचन आयोग के अलग से जारी निर्देशों की पालना की जाएगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---do-the-daily-work-of-common-people-regularly-by-following-the-code-of-conduct/article-59921"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/asar-khabar-ka---achaar-sanhita-ki-palna-krte-hue-aamjan-k-dainik-karya-niyamit-roop-s-kre...kota-news-19-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगरीय विकास एवं आवासन विभाग की ओर से बुधवार को आदेश जारी किया गया। जिसमें आदर्श चुनाव आचार संहिता की पालना करते हुए आमजन के दैनिक प्रगति के कार्य नियमित रूप से करने को कहा गया है।  जिससे आमजन को असुविधा न हो। विभाग के संयुक्त शासन सचिव द्वितीय जुगल किशोर मीणा की ओर से कोटा समेत सभी नगर विकास न्यास के सचिव, विकास प्राधिकण के सचिव,आवासन मंडल के सचिव व मुख्य नगर नियोजकों को आदेश जारी किए हैं। जिसमें कहा कि चुनाव की आचार संहिता के नाम पर आमजन के दैनिक नियमित कार्य भी नहीं किए जा रहे हैं।  चुनाव आयोग के आदेशों में लिखा  है कि आचार संहिता के दौरान नि:शुल्क व रियायती पट्टा न तो बनाएंगे और न ही जारी करेंगे। साथ ही किसी भी संस्था या व्यक्ति को भूमि आवंटित नहीं करेंगे। इस क्रम में प्रशासन शहरों के संग अभियान में विभिन्न दरों में दी गई  रियायतों व छूट के आधार पर आचार संहिता के दौरान पट्टे जारी नहीं किए जाएंगे। विभिन्न विकास कार्यों के टेंडर के संबंध में निर्वाचन आयोग के अलग से जारी निर्देशों की पालना की जाएगी। आदेश में कहा कि निर्वाचन आयोग की आदर्श आचार संहिता की पालना करते हुए आमजन के दैनिक प्रगति के कार्य नियमित रूप से करें आमजन को असुुविधा न हो। </p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</strong><br />गौरतलब है कि चुनाव आचार संहिता की आड़ में नगर विकास न्यास द्वारा आमजन के दैनिक कार्य तक नहीं किए जा रहे थे। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राशि जमा होने के बाद भी पट्टे जारी नहीं करने समेत एक दर्जन से अधिक काम अटके हुए थे। दैनिक नवज्योति ने 17 अक्टूबर के अंक में पेज एक पर समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें न्यास सचिव ने यूडीएच को पत्र लिखकर उन कामों के संबंध में मार्ग दर्शन चाहा था। जिसके बाद नगरीय विकास विभाग ने यह आदेश जारी किए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Oct 2023 15:37:41 +0530</pubDate>
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                <title>अब कोटा के कोचिंग संस्थान नौंवी से पहले स्टूडेंट को प्रवेश नहीं दे सकेंगे: कलक्टर</title>
                                    <description><![CDATA[कोचिंग संस्थानों से गाइड लाइन की सख्ती से पालना करने को कहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now-coaching-institutes-of-kota-will-not-be-able-to-give-admission-to-students-before-9th--collector/article-58419"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/kota3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिक्षा नगरी कोटा में अब नौंवी कक्षा से पहले स्टूडेंट को कोचिंग में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। जो स्टूडेंट कोचिंग में अभी पंजीकृत हैं और वह कोचिंग छोड़ना चाहते हैं तो कोचिंग संस्थान को उन्हें शेष अवधि की फीस लौटानी पड़ेगी। यह बात जिला कलक्टर ओपी बुनकर ने नवज्योति के साथ बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मीटिंग के बाद जारी गाइडलाइन सभी कोचिंग संस्थानों में भेज दी गई है। कोचिंग संस्थानों से गाइडलाइन की सख्ती से पालना करने को कहा है।</p>
<p><strong>- नवज्योति- </strong>कोटा के कोचिंग में नौंवी से पहले के जो स्टूडेंट वर्तमान में पढ़ रहे हैं उनको लेकर क्या निर्णय रहेगा।  <br /><strong>कलक्टर- </strong>हमने गाइडलाइन सभी को भेज दी है। गाइडलाइन की पालना करवाई जाएगी। कोटा में कोचिंग वालों का कहना है कि नवीं से पहले कोचिंग नहीं पढ़ाई जाती है। जो पढ़ाते हैं वह बंद कर देंगे। नवीं से पहले के स्टूडेंट  स्कूल में ही पढ़ते हैं। यह कंपोजिट स्कूल हैं। उन्हीं में इन्हें पढ़ाया जाता है।<br /><strong>- नवज्योति- </strong>वर्तमान में नौंवी में कोचिंग में  पढ़ रहे स्टूडेंट्स को क्या तुरन्त हटा दिया जाएगा। <br /><strong>कलक्टर-</strong> गाइडलाइन में इस संबंध में कहा गया है कि नौंवी से पहले के स्टूडेंट को कोचिंग में प्रवेश को प्रोत्साहित नहीं किया जाए। स्टूडेंट को प्रोत्साहित करने का काम अभिभावक ही करते हैं।  <br /><strong>- नवज्योति- </strong>वर्तमान में नौंवीं से पहले के कोचिंग स्टूडेंट कोचिंग छोडना चाहेंगे तो उनका क्या करेंगे। <br /><strong>कलक्टर- </strong>गाइडलाइन के अनुसार ऐसे स्टूडेंट यदि कोचिंग छोडना चाहते हैं तो उन्हें शेष रहे समय की फीस कोचिंग संस्थान को लौटानी पड़ेगी।<br /><strong>- नवज्योति - </strong>गइडलाइन कब से जारी मानी जाएगी।<br /><strong>कलक्टर- </strong>कल सीएस के साथ मीटिंग में यह गाइडलाइन जारी कर दी गई थी। सभी जिला कलक्टर और एसपी को यह लागू करवाने को कहा है। हमने जिला स्तरीय कमेटी को निर्देशित कर दिया है। कोचिंग संस्थानों को भेज दिया है। इस पर कार्य शुरू हो गया है। <br /><strong>- नवज्योति-</strong> गाइडलाइन के अन्य बिन्दु क्या हैं। <br /><strong>कलक्टर-</strong> मुख्य रूप पढ़ाई में तनाव कम करने और बच्चें का मानसिक स्वास्थ्य बेहतर करने से संबंधित बिंदु  हैं। </p>
<p><strong>यह हैं गाइडलाइन के अन्य मुख्य बिंदु</strong><br />- कोचिंग संस्थान असेसमेंट रिजल्ट सार्वजनिक नहीं करेंगे<br />- बच्चें को सप्ताह में डेढ़ दिन का साप्ताहिक अवकाश दिया जाएगा।<br />- बच्चें में तनाव रोकने के लिए हरसंभव उपाए किए जाएंगे<br />- निर्देशों की पालना कराने की जिम्मेदारी जिला कलक्टर व जिला पुलिस अधीक्षक की रहेगी</p>
<p><strong>पढ़ाई के बोझ की वजह से किसी बच्चे की जान ना जाए</strong><br />मुख्य सचिव ने गुरुवार को सचिवालय में प्रदेश में संचालित कोचिंग संस्थानों में अध्यनरत विद्यार्थियों में तनाव कम करने एवं उनका मानसिक स्वास्थ्य बेहतर करने के लिए दिशा-निर्देश 2023 की अनुपालना में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने कहा कि बच्चों में पढ़ाई के अवांछित तनाव को कम करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि बच्चे हताश और निराश होकर गलत कदम ना उठा लें। बच्चे अपने उम्र के बहुत ही नाजुक दौर में अपने माता-पिता से दूर कोचिंग में पढ़ने आ जाते हैं, जहां उन्हें गला काट प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। कोचिंग संस्थानों ने भी अपनी सफलता दर बढ़ाने के लिए बच्चों को इस अंधी दौड़ में धकेल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चे हमारी धरोहर हैं। हमारी जिम्मेदारी है कि पढ़ाई के बोझ की वजह से किसी बच्चे की जान ना जाए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Sep 2023 14:23:47 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - पीपलखेड़ी सरपंच से वसूले जाएंगे 9 लाख 21 हजार रुपए</title>
                                    <description><![CDATA[उक्त राशि को सात दिन के अंदर जमा कराना होगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/effect-of-news---9-lakh-21-thousand-rupees-will-be-recovered-from-peepalkhedi-sarpanch/article-53035"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/47.jpg" alt=""></a><br /><p>केलवाड़ा। पीपलखेड़ी ग्राम पंचायत के सरपंच ने जेसीबी की सहायता से करीबन 10 लाख पक्के खरंजे को उखाड़ कर पत्थरों को निजी एवं सरकारी निर्माण कार्य में लगाने की खबर दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित की थी। दैनिक नवज्योति की खबर के बाद प्रशासन हरकत में आ गया और खबर का बड़ा असर देखने को मिला। ग्राम पंचायत पीपलखेड़ी सरपंच के खिलाफ पत्थरों का पक्का खरंजा खुर्दबुर्द करने के आरोप की जांच कराने के बाद शाहाबाद बीडीओ छुट्टनलाल मीणा ने सरपंच से  खरंजा निर्माण में खर्च हुई राशि 9 लाख 21 हजार रुपए की वसूली करने के लिए सात दिन का समय देते हुए नोटिस जारी किया है।</p>
<p>सरपंच की ओर से किसी सक्षम अधिकारी की स्वीकृति लिए बिना पद का दुरुपयोग करते हुए पीपलखेड़ी पंचायत की परिसंपत्ति खरंजे को खुर्दबुर्द किया। इस नुकसान की भरपाई के लिए पंचायत समिति की ओर से सरपंच  को खरंजा निर्माण में खर्च हुई राशि 9 लाख 21 हजार रुपए का वसूली नोटिस जारी किया गया है। बीडीओ मीणा के अनुसार उक्त राशि को सात दिन के अंदर जमा कराना होगा अन्यथा पंचायती राज एक्ट के मुताबिक सरपंच मेहता के खिलाफ उचित कार्रवाई की अमल में लाई जाएगी।</p>
<p>ग्राम पंचायत पीपलखेड़ी सरपंच पर हनुमान मंदिर से लेकर मुक्तिधाम तक वर्ष 2017-18 में बनाए गए पत्थरों के पक्के खरंजे को खुर्दबुर्द करने का आरोप लगाया गया था। सरपंच पर लगे आरोपों की जांच करने के लिए टीम का गठन कर पड़ताल की गई। जिसमें सरपंच के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए। <br /><strong>- छुट्टनलाल मीणा, बीडीओ। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Jul 2023 12:44:43 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - सड़कों पर उतरा परिवहन विभाग, 25 वाहनों के काटे चालान</title>
                                    <description><![CDATA[अभियान के तहत गुरुवार को परिवहन विभाग शहर की प्रमुख सड़कों व चौराहों पर नजर आया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---transport-department-landed-on-the-roads--challans-of-25-vehicles/article-52982"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/news-(5).jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। बाल वाहिनियों में बच्चों को भेड़-बकरियों की तरह ठूंस मासूमों की जान से खिलवाड़ करने का मामला दैनिक नवज्योति में प्रकाशित होने के बाद परिवहन विभाग हरकत में आ गया। शहरभर में गुरुवार को विभाग का अमला सड़कों पर नजर आया। बच्चों को स्कूल से घर और घर से स्कूल ले जाते एक-एक वाहनों की जांच कर फिटनेस, परमिट, इंश्योरेंस, जीपीएस सहित सुरक्षा के इंतजाम परखे। नियमों के विपरित पाए जाने पर 25 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चालान काटे। वहीं, स्कूल प्रबंधन को अपनी बाल वाहिनियों में जीपीएस लगवाने व वाहनों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को पाबंद किया।</p>
<p>दरअसल, जैसलमेर के पोखरण में स्कूली बच्चों से भरी बस पलटने से 35 बच्चे घायल और एक शिक्षक की मौत हो गई थी। हादसे के बाद परिवहन विभाग मुख्यालय ने 26 जुलाई से 4 अगस्त तक बाल वाहिनियों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। दैनिक नवज्योति ने बुधवार को अभियान की पड़ताल की थी। जिसमें बाल वाहिनी के नाम पर निजी वाहनों को व्यावसायिक रूप से संचालित किया जा रहा था और ऑटो, मैजिक, वैन और वाल मिनी बसों में क्षमता से अधिक बच्चों को बिठाकर अभियान की धज्जियां उड़ाते वाहनों की तस्वीरे और खबर प्रकाशित की थी। जिसके बाद विभाग हरकत में आया। </p>
<p><strong>सड़कों पर नजर आया अमला </strong><br />अभियान के तहत गुरुवार को परिवहन विभाग शहर की प्रमुख सड़कों व चौराहों पर नजर आया। बच्चों से भरे वाहनों की जांच कर फिटनेस, परमिट, इंश्योरेंस के कागजात कीजांच की। वहीं, वाहनों में सुरक्षा  के इंतजाम परखे। इस दौरान कई वाहनों के चालान काटे तो कई को सीज किया।  साथ ही स्कूल प्रबंधन को भी बाल वाहिनी नियमों को सुनिश्चित करवाने के लिए पाबंद किया। </p>
<p><strong>दो वाहन किए सीज</strong><br />सिंह ने बताया कि चैकिंग के दौरान नियमों के विपरित संचालित होने वाले दो वाहनों को सीज किया गया है। इनमें एक वाहन बिना फिटनेस तथा दूसरा निजी वाहन था, जिसे किराए पर व्यवसायिक रूप से संचालित किया जा रहा था। नियमों का उल्लंघन करने पर दोनों वाहनों को सीज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि अभियान लगातार जारी रहेगा। वहीं, वाहन चालकोें को नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी है। </p>
<p><strong>25 वाहनों के बनाए चालान</strong><br />जिला परिवहन अधिकारी अरविंद सिंह ने बताया कि अभियान के तहत शहरभर में स्कूली वाहनों की जांच की गई। जिसमें खामियां पाए जाने पर 25 वाहनों के चालान बनाए गए। इसमें फिटनेस के 2, निजी वाहनों को किराए पर व्यवसायिक रूप से संचालित किए जाने के 14, इंश्योरेंस के 1, बाल वाहिनी नियमों का उल्लंघन करने के 8, क्षमता से अधिक बच्चों को बिढ़ाने के मामले में 3 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चालान बनाए गए। </p>
<p><strong>जीपीएस लगवाने को किया पाबंद </strong><br />परिवहन विभाग के अधिकारी बाल वाहिनी बस संचालित करने वाले निजी स्कूलों में पहुंचे और प्रबंधन को बसों में जीपीएस ल\गवाने के लिए  पाबंद किया है। अधिकारियों ने चेताया कि यदि, वाहिनियों में जीपीएस चालू स्थिति में नहीं मिला तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />प्रदेशभर में बाल वाहिनियों की जांच के लिए विशेष अभियान चल रहा है। जिसके तहत जिलेभर में स्कूली वाहनों की परमिट, फिटनेस, इंश्योरेंज, वाहनों के पीछे स्कूल का नाम, ड्राइवर का अनुभव, जीपीएस, ड्राइविंग लाइसेंस, प्रदूषण प्रमाण पत्र सहित सुरक्षा इंतजाम परखे जा रहे हैं। गुरुवार को कार्रवाई करते हुए 25 वाहनों के चालान काटे गए हैं। वहीं, वाहनों में बच्चों की सुरक्षा इंतजामों को लेकर स्कूल प्रबंधन को भी पाबंद किया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को बख्शा नहीं जाएगा। लापरवाही बरतने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। <br /><strong>- अरविंद सिंह, जिला परिवहन अधिकारी, आरटीओ कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Jul 2023 17:15:45 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - निगम ने वसूल किया 19,500 रुपए जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में गंदगी फेैलाते पाह जाने और सड़क पर निर्माण सामग्री डालकर रास्ता अवरूद्ध करने वालों के खिलाफ जुर्माना व चालान किया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---corporation-recovered-fine-of-rs-19500/article-52180"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/b-story-(7).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा दक्षिण में स्वच्छता सर्वेक्षण-2023 के अंतर्गत शहर में गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई लगातार की जा रही है। मंगलवार को भी कार्रवाई करते हुए 19 हजार 500 रुपए जुर्माना वसूल किया गया।  इस संबंध में हाल ही नवज्योति ने इस संबंध में समाचार प्रकाशित कर समस्या को उजागर किया था। कार्यवाहक आयुक्त राजेश डागा ने बताया कि   सभी स्वास्थ्य निरीक्षकों को निर्देशित किया हुआ है। जिसमें शहर में गंदगी फेैलाते पाह जाने और सड़क पर निर्माण सामग्री डालकर रास्ता अवरूद्ध करने वालों के खिलाफ जुर्माना व चालान किया जा रहा है। उसी के तहत मंगलवार को सेक्टर 6 के स्वास्थ्य निरीक्षक सुरेंद्र पंवार ने महावीर नगर क्षेत्र के वार्ड  70 में निर्माण सामग्री सड़क पर डालने पर मौके पर ही दो जनोंं पर कार्रवाई करते हुए 14 हजार  रुपए का जुर्माना किया। वहीं सेक्टर 8 के स्वास्थ्य निरीक्षक नासिर ने भी  कार्रवाई करते हुए चालान काटे गए और जुर्माना राशि 55 सौ रुपए वसूल की गई। डागा ने बताया कि नगर निगम कोटा दक्षिण के स्वास्थ्य निरीक्षकों ने 19 हजार 500 रुपए निगम कोष में जमा करवाए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Jul 2023 13:25:00 +0530</pubDate>
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