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                <title>बाहर से हैरीटेज लुक, अंदर से खंडहर हुआ बृज टॉकीज</title>
                                    <description><![CDATA[साथ ही इस चौराहे पर स्थित बृज टॉकीज परिसर  के पास की चार दीवारी को भी ऊंचा करवाकर हैरीटेज लुक दिया गया। जिससे टॉकीज के अंदर की दुर्दशा ढक सके। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/heritage-look-from-outside--ruins-from-inside--brij-talkies/article-65053"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/bahar-se-heritagelook,-andar-se-phul-hua-brij-talkies...kota-news-25.12.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर के हृदय स्थल नयापुरा चौराहे पर सबसे पुराने पिक् चर हॉल बृज टॉकीज जो कभी शहर की शान होता था और यहांं लोग पिक्कर देखने जाते थे। वह टॉकीज जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते न केवल दुर्दशा का शिकार हुआ है। वरन् पूरी तरह से खंडहर हो चुका है। इसके खिड़की-दरवाजे और टीनशेड तक चोरी हो गए। जिसकी किसी को भनक तक नहीं लगी।  वर्तमान में नयापुरा स्थित विवेकानंद चौराहा शहर का प्रवेश व हैरीटेज लुक के हिसाब से सबसे बेहतर चौराहों में गिना जा रहा है। नगर विकास न्यास ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करोड़ों रुपए खर्च कर इस चौराहे का सौन्दर्यीकरण कराया। साथ ही इस चौराहे पर स्थित बृज टॉकीज परिसर  के पास की चार दीवारी को भी ऊंचा करवाकर हैरीटेज लुक दिया गया। जिससे टॉकीज के अंदर की दुर्दशा ढक सके। </p>
<p><strong>कुछ समय में खंडहर में हुआ तब्दील</strong><br />स्थानीय दुकानदारों व जानकारों ने बताया कि बृज टॉकीज में किसी जमाने में पिक् चर देखने जाते थे। लेकिन यह कई सालों से बंद पड़ा है। कुछ समय पहले तक यहां निगम का कचरा डलता था। लेकिन जब से वह बंद हुआ उसके बाद यहां दिन रात स्मैकची व चोर घुसे रहते हैं। धीरे-धीरे करके यहां से टॉकीज के खिड़की, दरवाजे व टीनशेड और लोहा चोरी होने लगा। हालत यह है कि अब यहां कुछ भी नहीं बचा है। जिससे यह पूरी तरह से खंडहर हो चुका है। हालत यह है कि जिस हॉल में बैठकर लोग पिक्चर देखते थे उस हॉल की छत तक गायब हो गई है। पूरे परिसर में कचरे का अम्बार लगा हुआ है। </p>
<p><strong>शनिवार को भी लोहा काट रहा था स्मैकची</strong><br />जानकारों के अनुसार शनिवार को जब मिट्टी व मलबा चोरी होने का मामला सामने आया। उस समय नयापुरा पुलिस मौके पर पहुंची। उस समय भी वहां कई स्मैकची लोहा काट रहे थे। पुलिस को देखकर मौके से भाग गए। लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ा तक नहीं। </p>
<p><strong>जेईएन ने लिखा निगम की सम्पति</strong><br />मलबा चोरी होने का मामला सामने आने पर जब निगम की ओर से नयापुरा थाने में रिपोर्ट दी गई। उस समय निगम के कनिष्ठ अभियंता राहुल कुमार मीणा ने रिपोर्ट में लिखा कि बृज टॉकीज निगम की सम्पति है। यहां पुराना मलबा व मिट्टी पड़ी हुई है। यह निगम की सरकारी सम्पति है। </p>
<p><strong>चार दीवारी के बाद अंदर क्या हो रहा किसी को पता नहीं</strong><br />जानकारों के अनुसार बृज टॉकीज परिसर में विवाद होने के बाद यह पिछले कई सालों से बंद है। इसका मामला अदालत में विचाराधीन है। जिससे यह सम्पति विवादित मानकर इसमें कोई भी किसी भी तरह का विकास व निर्माण नहीं करवा सका। नगर विकास न्यास ने इसके चारों तरफ चार दीवाी बनाई। उसके बाद से इस टॉकीज के अंदर क्या हो रहा है उसकी जानकारी किसी को नहीं है। पहले यहां निगम का कचरा ट्रांसफर स्टेशन था। उसे यहां से हटा दिया गया। उसके बाद न्यास के काम करने के दौरान निकला मलबा डाला गया। जिससे इसकी दुर्दशा हो गई। चौराहे पर पुलिस रहने के बावजूद और निगम व न्यास अधिकारियों की अनदेखी से टॉकीज के अंदर से लोहा समेत अन्य सामान चोरी गया। जिसकी किसी को भनक तक नहीं लगी।</p>
<p><strong>विवादित सम्पति, कोई काम नहीं करवा सकते</strong><br />इधर नगर निगम के अधिशाषी अभियंता कुलदीप प्रेमी से जानकारी करने पर उन्होंने बताया कि यह निगम की सम्पति नहीं है। यह विवादित है। इसका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट का स्टे होने से यहां किसी तरह का कोई काम नहीं हो सकता।  पहले यहां निगम का अस्थायी कचरा ट्रांसफर था जिससे कुछ समय पहले यहां से हटा दिया गया है। यहां से सामान चोरी होने की जानकारी नहीं है। मलबा व मिट्टी चोरी होने की जानकारी मिली थी। इस पर निगम की ओर से थाने में रिपोर्ट दी गई है। आगे की कार्रवाई नयापुरा थाना पुलिस करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Dec 2023 21:11:55 +0530</pubDate>
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                <title>बेंगलुरु से 4 करोड़ के आभूषण लूट कर भाग रहे सशस्त्र लुटेरों को पुलिस ने बेगूं क्षेत्र में दबोचा</title>
                                    <description><![CDATA[बेंगलुरु से 4 करोड़ के आभूषण लूट कर भाग रहे सशस्त्र लुटेरों को पुलिस ने बेगूं क्षेत्र में दबोचा, लुटेरों ने बैंगलोर एवं उदयुप पुलिस पर की अंधाधुंध फायरिंग, कुछ वाहन भी ठोके, बेगूं क्षेत्र के श्रीनगर तिराहे पर दबोचे लुटेरे, 2 पिस्टल एवं 5 जिन्दा कारतूस बरामद, 13 किलो 640 ग्राम चांदी व 3 किलो 900 ग्राम सोने के आभूषण भी बरामद । पुलिस को मोबाइल लोकेशन के जरिए मिली बड़ी सफलता। 
 ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bhilwara/police-caught-armed-robbers-fleeing-from-bangalore-after-looting-jewelery-worth-4-crores-in-begun-area/article-13770"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/new-5.jpg" alt=""></a><br /><p>बेगूं। विगत 4 जुलाई को सुबह 7 बजे कर्नाटक के  बेंगलुरु में  रामदेव ज्वैलर्स नामक दुकान पर  करीब 3-4 करोड़ के सोने-चांदी के आभूषणों की लूट को अंजाम देकर भाग रहे चार लुटेरों को  बेंगलुरु एवं उदयपुर पुलिस ने लगातार पीछा करते हुए बुधवार सुबह बेगूं थाना क्षेत्र के श्रीनगर तिराहे स्थित  रावतभाटा-बेगूं स्टेट हाईवे मार्ग पर कड़ी मशक्कत के बाद दबोच कर चोरी के आभूषण बरामद कर लिए है। इस दौरान लुटेरों द्वारा बेगूं रावतभाटा मार्ग पर करीब 3 कि.मी. तक पीछा करती पुलिस पर रिवाल्वरों से फायर किए, इसके जवाब में पुलिस ने भी लुटेरों पर फायर किया। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से दो रिवाल्वर एवं पांच जिन्दा कारतूस भी बरामद कर लिए हैं। उप पुलिस अधीक्षक रतना राम देवासी ने बताया कि बेंगलुरु में  लुटेरों द्वारा आभूषण की दुकान पर लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद बेंगलुरु पुलिस ने  वारदात के कुछ देर बाद ही मोबाइल लोकेशन के आधार पर लुटेरों का पीछा करना शुरू कर दिया। बताया गया कि बेंगलुरु से फरार हुए लुटेरे  आभूषणों के साथ बुधवार प्रात: मध्य प्रदेश नीमच, सिंगोली मध्य प्रदेश से बेगूं राजस्थान की सीमा में प्रवेश किया। इस दौरान उदयपुर एवं बेंगलुरु पुलिस लगातार लुटेरों का पीछा कर रही थी।  पुलिस ने बुधवार प्रात: चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं थाना क्षेत्र में लुटेरों को दबोच ने का प्रयास शुरू किया तो लुटेरों ने पीछा कर रही पुलिस पर लगभग 3 किलोमीटर  तक पुलिस की गाड़ियों पर फायर किए। इस दौरान लुटेरों की कार  रावतभाटा बेगूं मार्ग पर  श्रीनगर तिराहे के पास बेकाबू होकर एक गड्ढे में लुढ़क गई, जहां से लुटेरे  आभूषणों के बैग लेकर खेतों की ओर भागने लगे, इस दौरान पुलिस ने भी लुटेरों का पीछा करते हुए घेरा डालकर उन्हें दबोच लिया। </p>
<p> <strong>फिल्मी अन्दाज में टैंकर पर किया फायर और वाहनों को मारी टक्कर </strong></p>
<p> आभूषण लुटेरों का पीछा कर रही बैंगलुरू एवं उदयपुर पुलिस से बचने के लिए लुटेरों ने ठुकराई चौराहे से श्रीनगर तिराहे के बीच फिल्मी स्टाईल में ज्वलनशील पदार्थ से भरे एक टेंकर पर भी फायर कर विस्फोट करने और पुलिस से बचने का प्रयास किया। इस दौरान लुटरों के वाहन ने तीन चार वाहनों को भी अपनी चपेट में लेकर क्षतिग्रस्त कर दिया। इनमें भैंसरोड़गढ़ की पूर्व प्रधान वीणा दशोरा का वाहन भी शामिल है। </p>
<p> <strong>श्रीनगर तिराहे पर वाहन आडे लगाने और बेगूं पुलिस दल के भी समय पर पहुंच जाने से मिली बड़ी सफलता</strong></p>
<p>बेंगलुरू से आभूषण लूट कर भाग रहे लुटेरों की सूचना बेगूं पुलिस को मिल जाने पर उप पुलिस अधीक्षक रतना राम देवासी एवं बेगूं थानाधिकारी शिल लाल मीणा ने भी अपने पुलिस दल के साथ पहुंंच कर लुटेरों को पकड़ने में सहयोग किया। इस दौरान जब श्रीनगर तिराहे पर लुटेरों की कार एक गड्डे में उतर गई तो लुटेरे आभूषणों का बैग लेकर खेतों में भागने लगे। इस दौरान ग्रामीणों ने भी पुलिस की मदद की।</p>
<p> <strong>वरिष्ठ आईपपीएस अधिकारी दिनेश एनएम की सूचना पर अलर्ट हुई उदयपुर पुलिस</strong></p>
<p>जानकारी मिली है कि बैंगलुरू पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर लुटरों का पीछा करते हुए ही राजस्थान के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एवं वर्तमान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारी दिनेश एमएन को सूचना देकर राजस्थान में घुस रहे लुटेरों को पकड़ने में सहयोग मांगा था। इस पर दिनेश एमएन ने उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक चन्द्र शील ठाकुर को उक्त सूचना से अवगत कराया। इस पर ठाकुर ने उदयपुर पुलिस के कांस्टेबल सुमित यादव बेल्ट न. 1445, गोविन्द सिंह एवं डालाराम बेलट न. 1118 सुखेर पुलिस थाना को बाकायदा हथियारों से लैस कर बैंगलुरू पुलिस के साथ किया। इसी पुलिस टीम ने लुटरों की फायरिंगों का सामना करते हुए लुटेरों को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उधर बंैगलुरू पुलिस की टीम में नंजयगौड़ा (सर्किल इंसपेक्टर) इलेक्ट्रोनिकसीटी बेंगलोर सीटी के साथ पुलिस दल चल रहा था। चुंकि कर्नाटक बैगलोर की भाषा अलग होने और उन्हे राजस्थान के रास्तों का भी ज्ञान नहीं होने से उन्हे राजस्थान के लोगों से बात करने में बड़ी परेशानी हुई, लेकिन उदयपुर पुलिस के साथ रहने से उन्हे अपराधियों को पकड़ने में सफलता मिल ही गई। </p>
<p> <strong>इन लुटेरों को किया गिरफ्तार</strong></p>
<p>बैंगलुरू से आभूषण लूट कर भाग रहे देवाराम (47) पुत्र सुखराम चौधरी सैनी,  सोजत सिटी पाली, अनिल (25) पुत्र पेमाराम मेघवाल निवासी सोमूकी थाना पाली, राहुल (27) पुत्र  अशोक सोलंकी हरिजन दोराजपुरा माउंटआबू व राम सिंह (24) पुत्र शंकर सिंह राजपूत भोपालगढ़ जोधपुर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इन चारों आरोपियों से  दो पिस्टल एवं पांच जिंदा कारतूस  बरामद किया वहीं बेगूं पुलिस थाने पर आरोपियों के कब्जे  से बरामद हुए आभूषणों का तोल किए जाने पर 13 किलो 640 ग्राम चांदी के आभूषण एवं 3 किलो 900 ग्राम सोने के आभूषण बरामद हुए । </p>
<p> <strong>पीड़ित ज्वैलर्स के रिश्तेदार ने कहा 5 लुटेरों ने दिया अंजाम को अंजाम</strong></p>
<p>बेंगलुरू में लूट का शिकार हुए रामदेव ज्वैलर्स के मालिक पारसमल सिरवी के साले नगला राम जो बैंगलुरु पुलिस के साथ वारदात के बाद से साथ में चल रहा था, ने बेगूं पुलिस थाने पर पत्रकारों के बीच जानकारी देते हुए बताया कि  यह लुटेरे  संख्या में पांच थे ए एक लुटेरा पुणे में अपना हिस्सा लेकर उतर गया।  </p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>भीलवाड़ा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Jul 2022 13:23:06 +0530</pubDate>
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                <title>फर्जी ई-चालान के जरिये करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी करने वाला गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर कमिश्नरेट की एसआईटी टीम ने सोमवार को जयपुर शहर के विभिन्न उप पंजीयक कार्यालयों में फर्जी ई-चालान के जरिए विक्रय पत्र पंजीयन करवाकर सरकार को करोड़ों रुपयों की राजस्व क्षति पहुंचाने वाले अभियुक्त सुनील चौधरी को गिरफ्तार किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tax-evader-of-crores-of-rupees-arrested-through-fake-e-invoice/article-13126"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/qq13.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> जयपुर कमिश्नरेट की एसआईटी टीम ने सोमवार को जयपुर शहर के विभिन्न उप पंजीयक कार्यालयों में फर्जी ई-चालान के जरिए विक्रय पत्र पंजीयन करवाकर सरकार को करोड़ों रुपयों की राजस्व क्षति पहुंचाने वाले अभियुक्त सुनील चौधरी को गिरफ्तार किया है। पुलिस आयुक्त आनंद श्रीवास्तव ने बताया कि कूट रचित ई-चालान के जरिए विक्रय पत्र पंजीयन होने की जानकारी सब रजिस्ट्रार कार्यालय के अधिकारियों को होने पर उन्होंने संबंधित क्रेता पक्षों को नोटिस जारी कर राशि 12 प्रतिशत ब्याज सहित जमा कराने के निर्देश दिए थे।</p>
<p>क्रेता पक्षों ने डीड राइटर, ई-मित्र संचालक व स्टांप संचालक, स्टाम्प वेंडर की ओर से बनाकर दिए गए ई-चालान की पूरी राशि अदा कर दी गई थी। इसलिए क्रेता पक्षों ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी की रिपोर्ट थाना बनीपार्क में दर्ज कराई थी। इसकी जांच करन शर्मा कर रहे है। शर्मा ने उप पंजीयक कार्यालयों, एनआईसी, बैंकों व ई-ग्रास, वित्त विभाग से रिकॉर्ड प्राप्त कर फर्जी जीआरएन नंबर तैयार करने वाले आरोपियों को नामजद किया और जांच कर सुनील चौधरी निवासी जोतड़ावाला सांगानेर सदर को गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p>अब तक की जांच में उप पंजीयक जयपुर दशम के कार्यालय में 227 दस्तावेज, उप पंजीयक जयपुर द्वितीय में 105 दस्तावेज, उप पंजीयक पंचम में 135 दस्तावेज और उप पंजीयक अष्ठम में भी फर्जी ई-चालान का उपयोग हुआ है। इस प्रकार 543 लोगों को पीड़ित कर उनसे 10 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। अब तक इस प्रकरण में 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jun 2022 12:23:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>अजमेर में 5 हजार करोड़ का निवेश खतरे में</title>
                                    <description><![CDATA[ नगर निगम के अफसर पर लगाया परेशान करने का आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/investment-of-5-thousand-crores-in-danger-in-ajmer/article-12799"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/satguru-group-press-confrence.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर। अजमेर के विकास से जुड़ा सतगुरु इंटरनेशनल ग्रुप नगर निगम के एक अफसर से परेशान होकर इन्वेस्ट राजस्थान के तहत अजमेर में 1055 करोड़ के हुए एमओयू पर अमल को लेकर पुनर्विचार करने के साथ ही अजमेर में अपना कारोबार सीमित करने की कवायद में जुट गया है। इसके मूल में सावित्री स्कूल के सामने मैसर्स दीपमाला इन्फ्राएस्टेट एंड टाउंस प्राइवेट लिमिटेड की ओर से बन रही सात मंजिला इमारत को लेकर उपजा विवाद है। </p>
<p>सतगुरु ग्रुप के वाइस प्रेसीडेंट राजा डी. थारवानी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस प्रोजेक्ट को आकार देने में आ रही बाधाओं के लिए नगर निगम के एक अफसर को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि यह अफसर फर्म को बेवजह परेशान कर रहा है। उन्होंने कहा इस वजह से इन्वेस्ट राजस्थान के तहत अजमेर में होने वाला 5 हजार करोड़ रुपए का निवेश प्रभावित होगा। यही नहीं, कुछ लोगों की नकारात्मक सोच और फर्म को परेशान करने की नीयत के चलते उपजे इस विवाद के कारण ही इस ग्रुप के साथ एसोसिएटेड अन्य विदेशी निवेशक भी लगभग 4 हजार करोड़ के निवेश की योजनाओं को निरस्त करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। साथ ही ग्रुप की ओर से किए गए 1055 करोड़ रुपए के एमओयू के भी निरस्त होने की संभावनाएं प्रबल हो चली हैं। </p>
<p>थारवानी ने बताया कि मैसर्स दीपमाला इन्फ्राएस्टेट एंड टाउंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सावित्री स्कूल के सामने सात मंजिला इमारत का निर्माण किया जा रहा है। जिस जमीन पर यह इमारत बन रही है, निगम ने इसके सौ साल पुराने रजिस्टर्ड डॉक्यूमेंट एवं रजिस्टर्ड लीज डीड, वर्ष 1930 के नक्शे, वर्ष 1962 के म्यूटेशन को देखते हुए वर्ष 2018 में दीपमाला के नाम नामांतरण कर दिया था। निगम ने खुद माना कि स्वामित्व फर्म का है। इसके बाद 19 नवम्बर 2020 को नगर निगम ने इसका मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का नक्शा स्वीकृत किया। अब तक 4 बार निगम की टीम निर्माणाधीन इमारत का मौका निरीक्षण कर चुकी है। निरीक्षण कर, नापचौक करने के बाद इस आदेश की कॉपी दीपमाला केविजय मंगलानी को दी है कि मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुरूप किया जा रहा है और निर्माण में किसी तरह नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया है। निगम उपायुक्त सीता वर्मा ने गत 14 जून को जिला कलक्टर को रिपोर्ट दी है कि बिल्डिंग नियमानुसार और स्वीकृत नक्शे के अनुरूप बन रही है। वह खुद संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर को सभी दस्तावेज दिखा चुके हैं। उन्होंने भी माना है कि निर्माण नियमानुसार किया जा रहा है। </p>
<p><strong>खसरे पर खामख्वाह विवाद</strong></p>
<p>थारवानी ने बताया, जिस खसरा नम्बर को सरकारी बताकर हंगामा किया जा रहा है कि यह जमीन राजस्व रिकॉर्ड में नगर निगम के नाम दर्ज है, उनकी इमारत उस खसरे पर नहीं बन रही है। हंगामा करने वालों को इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी सम्पत्ति का स्वामित्व रजिस्टर्ड दस्तावेजों से देखा जाता है। उनके पास इस निर्माणाधीन इमारत की भूमि से जुड़े सभी दस्तावेज हैं। उनमें सौ वर्षों से ज्यादा के रजिस्टर्ड विक्रय पत्र, कब्जा पत्र, वर्ष 1921 मेंं  तत्कालीन जिला कलक्टर द्वारा भूखंड विक्रय करने की दी गई एनओसी, हरविलास शारदा के नाम का नामांतरण, वर्ष 1923 का लेफ्टीनेंट विलियम ग्रांट का रजिस्टर्ड विक्रय पत्र, वर्ष 1930, 1935 और 1942 का विक्रय पत्र, पिछले 40 सालों से अधिक वर्षों की हाउस टैक्स की रसीदें, वर्ष 2017 में हुआ दीपमाला इन्फ्राएस्टेट एंड टाउंस प्राइवेट लिमिटेड का रजिस्टर्ड विक्रय पत्र, वर्ष 2018 का विधिसम्मत नियमानुसार हुआ नामांतरण तथा वर्ष 2020 में स्वीकृत नक्शा शामिल है। उन्होंने बताया, वे किसी भी सम्पत्ति को खरीदने से पहले उसके दस्तावेजों की जांच  एक्सपर्ट्स से करवाते हैं और उनकी रिपोर्ट के बाद ही किसी भी सम्पत्ति को खरीदने का निर्णय लिया जाता है। </p>
<p><strong>मुख्यमंत्री ने दिया था निवेश का न्यौता </strong></p>
<p>थारवानी ने बताया सतगुरु इंटरनेशनल ग्रुप का कारोबार 75 देशों में फैला हुआ है। इसीलिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तीन मंत्रियों को दुबई भेज था। जिन्होंने ग्रुप के पदाधिकारियों से राजस्थान में निवेश करने का आग्रह किया था। मंत्रियों ने यह भरोसा भी दिलाया था कि राजस्थान में निवेश करने पर उन्हें किसी तरह की परेशानी की सामना नहीं करना पडेÞगा। लेकिन अजमेर में ग्रुप को परेशान किया जा रहा है।</p>
<p><strong>अजमेर में कराया विकास</strong></p>
<p>ग्रुप ने अजमेर मेंं बड़ा निवेश कर रखा है। अजमेर को स्मार्ट सिटी बनाने में सतग्रुरु ग्रुप ने डेढ़ दशक में बड़ा योगदान दिया है। ग्रुप ने शहर में दो होटल, तीन मल्टी स्टोरी बिल्डिंग, तीन विला, कॉमर्शियल आॅफिस, सतगुरु इंटरनेशनल स्कूल, सतगुरु लिटिल स्टार्स बनाए। शहर के एक हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है। दो चैरिटेबल ट्रस्ट हैं। जिनके जरिए पिछले नौ साल से ब्लड डोनेशन कैम्प, मेडिकल कैम्प, नि:शुल्क ट्रीटमेंट, फिजियोथैरेपी, आश्रम में दान, स्टेशनरी, बैंच, शव वाहन, सब स्टोरेज डीप फ्रीजर, कोविड-19 के दौरान मास्क, सैनिटाइजर, पीपीई किट का वितरण, सीएम फंड में कॉन्ट्रीब्यूशन सहित अन्य काम हुए।</p>
<p> <strong>खुद तीन बार देकर आ चुके हैं सभी दस्तावेजों की प्रति</strong></p>
<p>नगर निगम में निर्माणाधीन इमारत की फाइल गायब होने के सवाल पर राजा डी. थारवानी ने कहा कि उन्हें इस सम्बंध में कोई जानकारी नहीं है। वह खुद तीन बार सभी दस्तावेजों की फोटो कॉपी नगर निगम के अधिकारियों को देकर आ चुके हैं। निगम इसकी जांच करे कि फाइल वहां से कैसे गायब हो गई। </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jun 2022 13:04:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
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                <title>घर पर हुई करोड़ों  की चोरी का तीसरे दिन भी नहीं लगा सुराग</title>
                                    <description><![CDATA[ जिले के खेतड़ी नगर थानान्तर्गत जसरापुर गांव के गैस एजेंसी संचालक के घर पर हुई करोड़ों रुपए के जेवरातों व लाखों रुपए की नकदी का पुलिस तीसरे दिन भी सुराग लगाने में कामयाब नहीं हुई। पुलिस क्षेत्र में लगे हुए सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है वहीं चोरी की वारदात के समय लोकेशन एरिया में आए मोबाइलों को भी ट्रेस किया जा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhunjhunu/there-was-no-clue-even-on-the-third-day-of/article-11271"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/police.jpg" alt=""></a><br /><p>झुंझुनूं। जिले के खेतड़ी नगर थानान्तर्गत जसरापुर गांव के गैस एजेंसी संचालक के घर पर हुई करोड़ों रुपए के जेवरातों व लाखों रुपए की नकदी का पुलिस तीसरे दिन भी सुराग लगाने में कामयाब नहीं हुई। पुलिस क्षेत्र में लगे हुए सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है वहीं चोरी की वारदात के समय लोकेशन एरिया में आए मोबाइलों को भी ट्रेस किया जा रहा है। मंगलवार की देर रात्रि को जसरापुर के गैस एजेंसी संचालक दुलीचंद खिंची के घर पर चोरी की वारदात हुई थी। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की दो टीमें गठित की गई है। एक टीम थानाधिकारी खेतड़ी नगर के नेतृत्व में तथा दूसरी एचसी राजेश के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। दोनों टीमें क्षेत्र के सभी सीसीटीवी कैमरे को खंगाल रही है तथा साथ ही चोरी की वारदात के समय आस-पास के मोबाईल नंबर भी ट्रेस कर रही है। चोरी के आरोप में संदिग्ध लग रहे व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा रही है।</p>
<p><br />ज्ञात रहे कि मंगलवार देर रात्रि को दुलीचंद खिंची अपने मकान के चौक में सो रहा था। अज्ञात चोर दीवार फांद कर अंदर घुसे तथा अलमारी से करीब डेढ करोड़ रूपए के जेवरात करीब 12-13 लाख रूपए की नकदी लेकर घर के पीछे की तरफ से फरार हो गए। घर के पीछे की तरफ  पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण पीछे कोई मकान भी नहीं है। आरोपी को दबोचने के लिए पुलिस ने मौके पर डॉग स्क्वायड, एफएसएल टीम, एमओबी टीम, बीटीएस टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए, लेकिन पुलिस अभी खाली हाथ है। उधर झुंझुनूं स्थित मोदियों की जाव में गत दिनों अंकुर मोदी के घर हुयी करीब 70 लाख की चोरी के मामले में पुलिस फिलहाल खाली हाथ दिखाई दे रही है। <br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झुंझुनूं</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jun 2022 14:58:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> नगरीय विकास मंत्री प्रोफेशनल एप्रोच से पार किया 6 हजार करोड़ का टर्न ओवर</title>
                                    <description><![CDATA[नगरीय विकास, स्वायत्त शासन एवं आवासन मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि राजस्थान आवासन मण्डल लीक से हटकर नई योजनाओं पर काम कर रहा है और अपनी इन योजनाओं से मण्डल ने आम आदमी का भरोसा जीतने में फिर से कामयाबी हासिल की है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/urban-development-minister-crossed-the-turnover-of-6-thousand-crores/article-11234"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/whatsapp-image-2022-06-03-at-16.27.30.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर।  नगरीय विकास, स्वायत्त शासन एवं आवासन मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि राजस्थान आवासन मण्डल लीक से हटकर नई योजनाओं पर काम कर रहा है और अपनी इन योजनाओं से मण्डल ने आम आदमी का भरोसा जीतने में फिर से कामयाबी हासिल की है।<br />धारीवाल शुक्रवार को हॉस्पिटल रोड स्थित राजकीय निवास पर आवासन मण्डल की जयपुर में विभिन्न योजनाओं के शुभारम्भ तथा लोकार्पण कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। नगरीय विकास मंत्री ने इस अवसर पर आवासन मण्डल द्वारा विकसित प्रताप नगर एवं मानसरोवर चौपाटियों में आने वाले लोगों की सुविधा के लिये मोबाइल एप 'Book My Chaupati' की भी लॉन्चिंग की।</p>
<p><br /><strong>बुधवार नीलामी उत्सव से मिली कामयाबी</strong><br />नगरीय विकास मंत्री ने कहा कि जब हमारी सरकार बनी तब आवासन मंडल हमें करीब-करीब बंद होने के हालात में मिला। करीब 20 हजार अधिशेष आवास थे लेकिन मात्र साढे तीन साल की छोटी सी अवधि में ही मण्डल की टीम ने पूरी मेहनत और प्रोफेशनल एप्रोच से काम कर 6 हजार करोड रूपये से अधिक का टर्नऑवर हासिल किया है। कुल 14437 आवासीय एवं व्यावसायिक सम्पत्तियों का विक्रय कर करीब 3 हजार 120 करोड रूपये का राजस्व प्राप्त किया है जो निश्चय ही बडी उपलब्धि है। मण्डल ने अपनी अधिशेष सम्पत्तियों को बेचने के लिये बुधवार नीलामी उत्सव योजना सफलता से लागू की। वित्तीय वर्ष 2022-23 के शुरूआती दो माह में ही बुधवार नीलामी उत्सव के माध्यम से 950 आवासीय एवं व्यावसायिक अधिशेष सम्पत्तियों का विक्रय कर कुल 122 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त किया गया है।</p>
<p><br /><strong>कोचिंग हब के आवंटन की प्रक्रिया इसी माह से</strong><br />नगरीय विकास मंत्री ने इस सफलता के लिये आवासन आयुक्त पवन अरोडा को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आवासन आयुक्त ने लीडरशिप की मिसाल प्रस्तुत करते हुए अपनी टीम में कामयाबी का जज्बा पैदा किया। इसी का नतीजा है कि आज आवासन मण्डल कोचिंग हब, विधायक आवास, सिटी पार्क, फाउंटेन स्क्वायर, कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब, मुख्यमंत्री शिक्षक एवं प्रहरी आवासीय योजना और एआईएस रेजीडेन्सी जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं को तेज गति से पूरा कर रहा है। यह हम सभी के लिये बडे गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि कोचिंग हब के आवंटन की प्रक्रिया भी इसी माह में शुरू हो जाएगी।</p>
<p><br /><strong>इसी मानसून में आमजन के लिये खुलेगा सिटी पार्क</strong><br />नगरीय विकास मंत्री ने कहा कि सिटी पार्क के प्रथम चरण का कार्य पूरा होने को है। आगामी मानसून में हम इसे सघन पौधारोपण के कार्यक्रम के साथ आमजन के लिये खोल देंगे। उन्होंने कहा कि बोर्ड मुख्यमंत्री शिक्षक एवं प्रहरी आवासीय योजनाओं के फ्लैट्स का कब्जा इसी जुलाई माह में देने के लिये प्रयत्नशील हैं। मण्डल 18 छोटे शहरों में भी 3 हजार से अधिक स्वतंत्र आवासों का निर्माण कर रहा है जिसमें से लगभग 15 शहरों में यह निर्माण कार्य पूर्ण हो भी चुका है। सिर्फ आउटर डवलपमेंट का काम चल रहा है। इनका भी पजेशन हम इसी जुलाई माह में देने का प्रयास कर रहे है। धारीवाल ने कहा कि पहली बार मण्डल ने 7 मुख्यमंत्री जन आवास योजनाओं के 4500 ईडब्ल्यूएस/एलआईजी फ्लैट्स निर्माण कार्य हाथ में लिया है। जिनका काम भी तेजी से चल रहा है। इनमें से 4 योजनाओं में फ्लैट्स का कब्जा इसी वर्ष दे दिया जाएगा।</p>
<p><strong>प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास विभाग बोले</strong><br />प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास विभाग कुंजीलाल मीणा ने कहा कि मण्डल को राज्य सरकार से पूरा सहयोग मिल रहा है और जो भी योजना मंजूरी के लिये प्राप्त होती है उसे अविलम्ब स्वीकृति दी जाती है। प्रदेश के जिन नगरपालिका क्षेत्रों में आवासन मण्डल की योजनाएं नहीं है वहां भी भूमि अवाप्त कर योजनाएं लाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा लैंड फॉर लैंड की नीति लाई गयी है जिसके तहत अभियान चला कर आने वाले तीन महिने में किसानों की भूमि अवाप्ति से संबंधित लम्बित प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा।</p>
<p><strong> श्रेय आवासन मण्डल की पूरी टीम को</strong><br />इससे पहले आवासन आयुक्त पवन अरोडा ने मण्डल की सफलता का श्रेय आवासन मण्डल की पूरी टीम को दिया। उन्होंने कहा कि जयपुर के प्रताप नगर के हल्दीघाटी मार्ग पर 65 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा कोचिंग हब प्रोजेक्ट देश का अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है। देश के कई राज्यों के कोचिंग संचालकों ने इसमें  रूचि दिखाई है। इसके प्रारंभ होने से रिहायशी क्षेत्रों में कोचिंग संस्थानों के कारण यातायात, पार्किंग एवं व्यावसायिक गतिविधियों की समस्या से निजात मिलेगी और एक ही स्थान पर कोचिंग से संबंधित गतिविधियां संचालित हो सकेंगी।</p>
<p><strong>बडे लग्जरी फ्लैट्स</strong><br />आवासन आयुक्त ने बताया कि राजस्थान आवासन मण्डल जयपुर में बडे लग्जरी फ्लैट्स बनाने जा रहा है। मण्डल ने ऑल इण्डिया रेजीडेंसी के अधिकारियों के लिये फेज-1 एवं फेज-2 लॉन्च किया है और उनको देखते हुए ही सभी स्टेट सर्विसेज के अधिकारियों की भी मांग थी कि इस तरह के आवास हमारे लिये भी उपलब्ध करवाए जाएं। आज स्टेट सर्विस रेजीडेन्सी आवासीय योजना का शुभारम्भ किया जा रहा है जिसमें कुल 175 फ्लैट्स तैयार करवाये जा रहे है जिसमें राज्य सरकार के सभी विभागों के राज्य सेवा के अधिकारी भाग ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि मण्डल के इतिहास में पहली बार इन्दिरा गांधी नगर में 3 एमएलडी एवं मानसरोवर में 2 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान्ट भी तैयार करवाया गया है। इन्दिरा गांधी नगर एसटीपी का पानी वहां के 21 पार्कों को दिया जाएगा। द्रव्यवती नदी से निकलने वाले पानी का शोधन करते हुए सिटी पार्क में भी पानी सिंचाई के लिए दिया जाएगा।</p>
<p><br /><strong>इन योजनाओं का शुभारम्भ तथा लोकार्पण</strong><br />•प्रताप नगर के सेक्टर-24 में 315 करोड रूपये की एनआरआई स्काई पार्क आवासीय योजना का शुभारम्भ। (3 बीएचके, 4 बीएचके एवं 5 बीएचके के 166 फ्लैट्स)<br />•प्रताप नगर के सेक्टर-19 में RAS, RPS, RJS एवं राज्य सेवा के अन्य अधिखारियों के लिये 127 करोड रूपये की स्टेट सर्विस रेजीडेन्सी आवासीय योजना का शुभारम्भ। (एचआईजी-प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय के कुल 175 फ्लैट्स)<br />•मानसरोवर में फार्म हाउस आवासीय योजना का शुभारम्भ। (1500 से 1800 वर्ग मीटर के 8 फार्म हाउस)<br />•दो सामुदायिक केन्द्रों (प्रताप नगर के सेक्टर-3 एवं 5 तथा सेक्टर-26 में 4 करोड 65 लाख रूपये की लागत से) का लोकार्पण।<br />•दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों (मानसरोवर एवं इन्दिरा गांधी नगर में कुल 5 एमएलडी क्षमता के 14 करोड 50 लाख रूपये की लागत से निर्मित) का लोकार्पण।  <br />•आवासन मण्डल द्वारा विकसित प्रताप नगर एवं मानसरोवर चौपाटियों में आने वाले लोगों की सुविधा के लिये मोबाइल एप 'Book My Chaupati' की लॉन्चिंग।<br />•मण्डल की विभिन्न आवासीय योजनाओं के पार्कों में द्वितीय चरण के तहत 50 खुली व्यायाम शालाओं के कार्य का शुभारम्भ। (परियोजना की लागत 1 करोड 11 लाख रूपये)<br />•इन्दिरा गांधी नगर, जगतपुरा की 200 फीट चौडी 4.7 कि.मी. लम्बाई में मुख्य सम्पर्क सडक (गंगा मार्ग 6 लेन का) सुदृढीकरण एवं सौन्दर्यकरण के काम की लॉन्चिंग। (परियोजना की लागत 48 करोड रूपये)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jun 2022 17:12:43 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title> चावंड में 5 करोड़ की लागत से बनेगा महाराणा प्रताप पैनोरमा</title>
                                    <description><![CDATA[ उदयपुर। महाराणा प्रताप की जयंती पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को मेवाड़ को एक और अनूठी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप की संकटकालीन राजधानी और समाधि स्थल रहे चावंड में लगभग 5 करोड़ रुपए की लागत से महाराणा प्रताप पैनोरमा बनाने की घोषणा की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/maharana-pratap-panorama-to-be-built-in-chavand-at-a/article-11119"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/6.jpg" alt=""></a><br /><p> उदयपुर। महाराणा प्रताप की जयंती पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को मेवाड़ को एक और अनूठी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप की संकटकालीन राजधानी और समाधि स्थल रहे चावंड में लगभग 5 करोड़ रुपए की लागत से महाराणा प्रताप पैनोरमा बनाने की घोषणा की है।इस पैनोरमा में महाराणा प्रताप के जीवन संघर्ष तथा तत्कालीन मेवाड़ की सभ्यता व संस्कृति का चित्रण किया जाएगा एवं आसपास के स्थलों को विकसित किया जाएगा।</p>
<p><br /><strong>प्रताप की संकटकालीन राजधानी रहा है चावंड</strong><br />संकटकालीन राजधानी रहे चावंड में महाराणा प्रताप ने अपना लंबा समय व्यतीत किया था। उन्होंने अपने महलों का विकास न करते हुए इस स्थान को आखेट, पहाड़ अधिवास, जल संचय, ज्ञान विज्ञान, कला व वाटिका निर्माण की दृष्टि से विकसित किया। चावंड में ही वर्ष 1597 में माघ शुक्ल एकादशी के दिन महाराणा प्रताप का निधन हुआ था। वर्तमान में चावंड में महाराणा प्रताप के महल, बंडोली चावंड में उनका समाधि स्थल और महाराणा प्रताप स्मारक बना हुआ है। मेवाड़ के लिए इन दो दिनों में सरकार ने अनूठी सौगात दी है, महाराणा प्रताप जयंती से एक दिन पूर्व 1 जून को जिले के गोगुंदा में स्थित महाराणा प्रताप से संबंधित प्रमुख ऐतिहासिक स्थल मायरा की गुफा प्रताप शस्त्रागार के लिए 5 करोड़ 40 लाख 44 हजार रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jun 2022 14:04:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[udaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हेलमेट और फर्राटे में उड़ा दिए करोड़ों रुपए, फिर भी नहीं सुधरे</title>
                                    <description><![CDATA[शहर के लोग ट्रैफिक रूल मानने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। लापरवाही का आलम यह है कि सिर्फ हेलमेट नहीं पहनने के चलते ही कोटा ट्रैफिक पुलिस पिछले ढाई सालों में 1 करोड़ 33 लाख 6 हजार 300 रुपए का जुर्माना वसूल चुकी है। करोड़ों रुपए गंवाने के बावजूद कई लोग  न तो हेलमेट लगा रहे और न ही अपनी रफ्तार कम कर रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/crores-of-rupees-were-spent-in-helmet-and-over-speed--still-not-improved/article-10309"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/helmet-nahi.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के लोग ट्रैफिक रूल मानने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। लापरवाही का आलम यह है कि सिर्फ हेलमेट नहीं पहनने के चलते ही कोटा ट्रैफिक पुलिस पिछले ढाई सालों में 1 करोड़ 33 लाख 6 हजार 300 रुपए का जुर्माना वसूल चुकी है। इतना ही नहीं ओवरस्पीड के मामलों में भी 1 करोड़ 14 लाख 18 हजार 800 रुपए वसूले गए हैं। करोड़ों रुपए गंवाने के बावजूद कई लोग  न तो हेलमेट लगा रहे और न ही अपनी रफ्तार कम कर रहे हैं। ऐसे में सैकड़ों लोग अपनी जान से हाथ धो रहे हैं। <br /><br /><strong>हेलमेट और ओवरस्पीड में वसूले करोड़ों रुपए</strong><br />बिना हेलमेट वाहन चलाना और हवा से बातें करना, जैसे बाइक चालकों का फैशन बन गया है। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2020 से अप्रेल 2022 तक पुलिस ने बिना हेलमेट पहनने वाले 44 हजार 350 लोगों के चालान बनाए। जिनसे 13306300 का जुर्माना वसूला। वहीं, ओवर स्पीड के 14318 लोगों के चालान बनाकर 11418800 रुपए जुर्माना वसूला गया। हादसे का सबसे बड़ा कारण मोबाइल पर बात करना यातायात अधिकारियों के मुताबिक सड़क हादसे का सबसे बड़ा कारण मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाना है। क्योंकि, मोबाइल के कारण चालक का ध्यान भटक जाता है, जो हादसे की वजह बनता है। पुलिस ने इन ढाई सालों में 1250 लोगों का चालान बनाकर 10 लाख 90 हजार 500 रुपए का जुर्माना वसूला है। इसमें इसमें सभी तरह के वाहन शामिल हैं। <br /><br /><strong>यहां देखें किसका कितना जुर्माना</strong><br />यातायात पुलिस के अनुसार मोबाइल पर बात करने पर 1000 रुपए, बाइक-स्कूटर पर तीसरी सवारी बैठाने पर 1000, सीट बेल्ट नहीं लगाने पर 1000, बिना हेलमेट 1000, तेज रफ्तार ड्राइविंग पर 1000, खतरनाक ड्राइविंग पर 1000 रुपए (पहली बार), 10 हजार (दूसरी बार), बिना बीमा- बाइक पर 1000 और चौपहिया वाहन पर 2000 रुपए, रेड लाइट क्रॉस करने पर दुपहिया वाहन के 100 और चौपहिया वाहन के 200 रुपए जुर्माने का प्रावधान है।<br /><br /><strong>नो-पार्किंग के 52,214 चालान</strong> <br />ट्रैफिक नियम जानते हुए भी शहरवासी रूल तोड़ रहे हैं। नो-पार्किंग में वाहन खड़ा कर देते हैं। जिससे जाम की समस्या बन जाती है। कई बार तो हादसे तक हो जाते हैं। शहरभर में नो-पार्किंग में वाहन खड़े करने के 52 हजार 214 चालान काटे गए हैं। <br /> <br /><strong>रॉन्ग साइड के बने 37669 चालान</strong> <br />आंकड़ों के मुताबिक लोगों में जरा भी ट्रैफिक सेंस नहीं है। गत ढाई सालों में हेलमेट के बाद सबसे ज्यादा चालान रोंग साइड़ के बने हैं। वर्ष 2020 से अप्रेल 2022 तक 37 हजार 669 लोग चालान कटवाकर लाखों रुपए भुगत चुके। इनमें सबसे ज्यादा संख्या बाइकर्स की है। आलम यह है, शहर में जिन सडकों पर दांए से बाएं जाने के लिए कोई कट नहीं बना हुआ है और यू-टर्न लेने के लिए लंबा चक्कर से बचने को बाइक सवार रोंग साइड में घुस जाते हैं। जिन सड़कों पर कंजेक्शन ज्यादा रहता है वहां तो यह टेंÑड आम हो चला है। शहर के मुख्य मार्ग एरोडाÑम सर्कल, अंटाघर, जेल चौराहा, घोडेÞ वाले चौराहे पर हर दिन ऐसे ही हालात बने रहते हैं।<br /><br /><strong>सीट बेल्ट नहीं, 42,61200 वसूले</strong><br />बाइकर्स के अलावा चौपहिया वाहन चालक भी अपनी सुरक्षा को लेकर सजग नहीं है। पुलिस ने 9447 चालान बनाकर 42 लाख 61 हजार 200 रुपए का जुर्माना किया है।  <br /><br /><strong>तीन सवारी बैठाकर दौड़ाते हैं बाइक</strong><br />शहर में बिना हेलमेट के अलावा तीन सवारी बैठाकर बाइक दौड़ाने के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इन्हें न तो अपनी और न ही दूसरों की जान की परवाह है। पिछले तीन सालों में 9 हजार 145 बाइकर्स के चालान बनाकर 9 लाख 14 हजार 500 रुपए जुर्माना वसूला। <br /><br /><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />  2020<br />चालान: 127242<br />जुर्माना :26373250</p>
<p><br />2021<br />चालान: 149035<br />जुर्माना : 34072200</p>
<p><br />2022 अप्रैल तक<br />चालान: 25044<br />जुर्माना : 5380850<br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />हेलमेट लगाना और यातायात नियमों का पालन करना वाहन चालक व उसके परिवार के हित में है, न की ट्रैफिक पुलिस के। नियमों का पालन करवा रहे हैं, उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हैं। <br /><strong>- राजेंद्र कविया, यातायात निरीक्षक</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 May 2022 17:16:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पशु चिकित्सा केंद्रों की होगी मम्मत,  15 करोड़ होंगे खर्च</title>
                                    <description><![CDATA[न्यायालयों के लिए अपरलोक अभियोजक एवं राजकीय अभिभाषक (अधिवक्ता संवर्ग) के 3 पद, क्लर्क ग्रेड-2 के 3 पद एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 3 पदों का सृजन किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--veterinary-centers-will-be-repaired--15-crores-will-be-spent/article-10264"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/ashok-g3.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के 3 हजार पशु चिकित्सा संस्थानों में मरम्मत एवं उन्नयन के कार्य के लिए 15 करोड़ रूपए के अतिरिक्त बजट प्रावधान को मंजूरी दी है। गहलोत ने वर्ष 2022-23 के बजट में घोषणा की थी कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्रदेश के 3 हजार पशु चिकित्सा संस्थानों में 15 करोड़ रूपए की लागत से मरम्मत एवं उन्नयन के कार्य पशु चिकित्सा रिलीफ सोसायटी के माध्यम से करवाये जाएंगे। <br /><br /><strong>3 अपर जिला न्यायाधीश न्यायालयों में विभिन्न नवीन पदों का सृजन</strong><br />गहलोत ने अलवर जिले के भिवाड़ी, चूरू के तारानगर और बीकानेर के नोखा में नवसृजित अपर जिला न्यायाधीश न्यायालयों में नवीन पद सृजित किए जाने और कार्यालय व्यय राशि उपलब्ध कराए जाने के प्रस्तावों को स्वीकृति दी है। प्रस्ताव के अनुसार उक्त न्यायालयों के लिए अपरलोक अभियोजक एवं राजकीय अभिभाषक (अधिवक्ता संवर्ग) के 3 पद, क्लर्क ग्रेड-2 के 3 पद एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 3 पदों का सृजन किया जाएगा। साथ ही, उपरोक्त कार्यालयों के लिए नवीन टेबल, कुर्सी, अलमारी एवं अन्य सामग्री की खरीद की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 May 2022 12:49:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> दो साल बाद एक दिन में एक हजार करोड़ के गहने बिके</title>
                                    <description><![CDATA[ड्यूटी फ्री गोल्ड-सिल्वर उपलब्ध नहीं, निर्यातकों को ऑर्डर पूरा करने में परेशानी
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/after-two-years--jewelery-worth-one-thousand-crores-was-sold-in-one-day/article-9110"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/gold-silver.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दो साल में कोरोना के कारण सोने-चांदी को इस बार आखातीज ने नई चमक दी है। प्रदेश में इस आखा तीज पर दस हजार से अधिक शादियों के कारण आभूषणों की बिक्री खूब हुई है। सर्राफा कारोबार विश्लेषकों के अनुसार एक दिन में एक हजार करोड़ का कारोबार संभव है। जयपुर में 200 से 250 करोड़ का कारोबार हुआ है। इंडिया ज्वैलरी फोरम, राजस्थान के अध्यक्ष मनीष खूटेंटा ने बताया कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी सोने के गहनों की बिक्री बढ़ गई है।<br /><br /><strong>देश में 15,000 करोड़ का अनुमान</strong><br />वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के सीईओ पीआर सोमसुंदरम के मुताबिक दो सालों के बाद अक्षय तृतीया पर सर्राफा कारोबार अच्छा हुआ है। एक दिन में देश में 15 हजार करोड़ रुपए का सोना बिकने का अनुमान है। जो प्री.कोविड की तुलना में करीब डेढ़ गुना है। वजन में सोने की बिक्री प्री.कोविड की तुलना में 23 फीसदी अधिक की उम्मीद है।  <br /><br /><strong>कोरोना से अच्छा नहीं रहा कारोबार</strong><br />सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के महामंत्री मातादीन सोनी ने बताया कि पिछले दो साल अक्षय तृतीया के दौरान लॉकडाउन रहने की वजह से कारोबार बहुत अच्छा नहीं रहा था, इस साल कोविड का प्रकोप कम है और आर्थिक गतिविधियों में तेजी है। <br /><br /><strong>ड्यूटी फ्री गोल्ड-सिल्वर उपलब्ध नहीं, निर्यातकों को ऑर्डर पूरा करने में परेशानी</strong><br />रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद राजस्थान के क्षेत्रीय अध्यक्ष निर्मल कुमार बरडिया के अनुसार आभूषण निर्यातकों को सीमा शुल्क मुक्त सोना-चांदी मिलने मे कठिनाई आ रही है। विदेश व्यापार नीति के अंतर्गत बहुमूल्य धातुएं जैसे सोना, चांदी, प्लेटिनियम आदि का आयात नोमिनेटेड एजेंसी ही कर सकती हैं। <br /><br /><strong>मुंबई में उपलब्ध जयपुर में नहीं</strong><br />निजी क्षेत्र की एक कंपनी मुंबई में निर्यातकों को यह शुल्क मुक्त धातुएं उपलब्ध करवा रही है परन्तु जयपुर में वह कार्यरत नहीं है। रत्न तथा आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद ने केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय को पत्र लिख कर एमएमटीसी को पुन: शुल्क मुक्त धातुएं निर्यातकों को उपलब्ध करवाने के लिए निर्देशित करने का आग्रह किया है। <br /><br /><strong>ड्यूटी ड्रॉबेक का सहारा</strong><br />सभी निर्यातक उपयोग कर रहे हैं और वह हैं निर्यात के उपरांत सीमा शुल्क विभाग द्वारा देय ड्यूटी ड्रॉबेक। ड्रॉबेक की दरें वित्त मंत्रालय तय करता है जिसका उद्देश्य है कि निर्यात की गई वस्तु के निर्माण मे इस्तेमाल किए गए कच्चे माल पर दी गई जीएसटी और सीमा शुल्क का पुनर्भरण। अमूमन यह दर वास्तविक रूप मे दिए गए शुल्क और टैक्स से कम ही रहता है जिसका नुकसान निर्यातकों को उठाना पड़ता है।<br /><br /><strong>निर्यातक घरेलू बाजार पर निर्भर</strong><br />निर्यात ऑर्डरों को पूरा करने के लिए  घरेलू बाजार पर निर्भर हो गए हैं जिसमें साढ़े सात प्रतिशत की दर से सीमा शुल्क शामिल है और यह उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजर में प्रतिस्पर्धा से बाहर कर रहा है। <br /><br /><strong>एमएमटीसी से नहीं मिल रहा सोना</strong><br />एमएमटीसी एक मात्र नोमिनेटेड एजेंसी है जो जयपुर के निर्यातकों को आयात शुल्क मुक्त सोना चांदी धातुएं दे रही है और इस सुविधा की बदौलत यहां के निर्यातक अंतरराष्टÑीय बाजार की प्रतिस्पर्धा मे टिक रहे थे परन्तु एक महीने से एमएमटीसी ने बिक्री बंद कर रखी है। निर्यातक परेशान हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 May 2022 15:03:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>स्वास्थ्य दिवस पर आइए जानें कैसी है हेल्थ सिस्टम की सेहत</title>
                                    <description><![CDATA[अभी कुल 52 हजार डॉक्टर, सात सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ही सालाना 1.76 करोड़ मरीज ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--news--on-health-day--let-s-know-how-is-the-health-of-the-health-system-lack-of-20-thousand-doctors-in-the-state--16-thousand-government-doctors-are-treating-9-crores/article-7512"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/health.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:left;"> जयपुर। राजस्थान की वर्तमान आबादी तकरीबन 7.25 करोड़ है। इनके स्वास्थ्य को ठीक रखने का जिम्मा प्रदेश के सरकारी और प्राइवेट मिलाकर करीब 52 हजार डॉक्टरों (राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड) पर है। आदर्श स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अभी भी 20 हजार और डॉक्टरों की जरूरत है, क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन मानता है कि बेहतर हेल्थ मैनजमेंट को प्रति एक हजार की आबादी पर एक डॉक्टर होना चाहिए। राजस्थान में 1538 की आबादी पर एक डॉक्टर है। प्रदेश का बड़ा तबका सरकारी अस्पतालों पर ही निर्भर है। हालांकि प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य और मेडिकल शिक्षा महकमे में तीन हजार से ज्यादा डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं। यदि पूरे पद भी भर दिए जाएं तब भी बड़ी संख्या में और डॉक्टर चाहिए, क्योंकि सरकार के सात मेडिकल कॉलेज और 2863 अस्पतालों में करीब 16 हजार ही डॉक्टर हैं। इन्होंने बीते साल करीब 9 करोड़ बीमार होकर आने वाले लोगों यानी आबादी से 1.75 करोड़ से अधिक लोगों का इलाज किया। आंकड़े चिंता में इसलिए डालते हैं कि गंभीर मरीजों के इलाज के लिए बने सरकार के सातों मेडिकल कॉलेजों में केवल 3169 ही बड़े डॉक्टर (मेडिकल टीचर्स) हैं। बीते साल इन अस्पतालों में इलाज को 1.76 करोड़ से अधिक मरीज पहुंचे थे। इनमें भी सर्जरी के एक्सपर्ट तकरीबन 10 फीसदी ही हैं, जिन्होंने 4.38 लाख ऑपरेशन कर मरीजों को नई जिंदगी दी। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>विश्व स्वास्थ्य दिवस </strong></span><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>प्रदेश में अभी 1349 मरीजों पर एक डॉक्टर</strong></span><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>5 साल में WHO के मुताबिक होंगे डॉक्टर</strong></span></p>
<table style="width:778px;">
<tbody>
<tr>
<td style="text-align:center;width:773px;" colspan="2"><span style="background-color:#cc99ff;color:#000080;"><strong>सरकार की मुफ्त इलाज और नीरोगी राजस्थान की मुहिम</strong></span></td>
</tr>
<tr>
<td style="width:35.9px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:737.1px;"> सरकारी अस्पतालों में मरीजों का भार कम करने और प्राइवेट अस्पताल की मुफ्त सेवाओं को चिंरजीवी बीमा से 1.33 करोड़ परिवार बीमित हैं। ये 10 लाख तक का इलाज पर 714 करोड़ रुपए बीमा राशि से हुए।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:35.9px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:737.1px;">सभी सरकारी अस्पतालों में इलाज पूरी तरह फ्री कर दिया गया है। अस्पतालों में इस साल 150 से अधिक जांचें हुई, जिनमें 10 हजार तक की मुफ्त जांचें।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:35.9px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:737.1px;"> अस्पताल में मौजूदा 969 मुफ्त दवाओं के अतिरिक्त बाहर से महंगी दवा आने का खर्चा भी सरकार उठा रही।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:35.9px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:737.1px;">अब तक 30 जिलों में केन्द्र की मदद से 23 मेडिकल कॉलेज मंजूर।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:35.9px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:737.1px;"> डॉक्टरों की उपलब्धता के लिए प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की जल्द नीति आएगी।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:35.9px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:737.1px;">राइट टू हेल्थ कानून लागू होने जा रहा है।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:35.9px;"><strong>.</strong></td>
<td style="width:737.1px;">कुल बजट का सात फीसदी हेल्थ पर खर्च, एनएचएम के तहत 4358.78 करोड़ रुपए केन्द्र दे रहा।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<table style="width:778px;">
<tbody>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:774px;" colspan="2"><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>बीते साल कितने मरीजों का इलाज हुआ</strong></span></td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:774px;" colspan="2"><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>सात सरकारी मेडिकल कॉलेजों में</strong></span></td>
</tr>
<tr style="height:41.5px;">
<td style="height:41.5px;width:58.7px;"><strong>.</strong></td>
<td style="height:41.5px;width:715.3px;"> 1,76,42,822 मरीज ओपीडी में</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:58.7px;"><strong>.</strong></td>
<td style="height:41px;width:715.3px;">1,31,67,576 मरीज भर्ती हुए</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:58.7px;"><strong>.</strong></td>
<td style="height:41px;width:715.3px;"> 4,38,915 ऑपरेशन हुए।</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:58.7px;" colspan="2"><span style="background-color:#cc99ff;color:#000080;"><strong>8 राजसैम व सोसायटी मेडिकल कॉलेज में 90 लाख मरीज</strong></span></td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:58.7px;" colspan="2"><span style="background-color:#ccffff;color:#993300;"><strong>2863 अस्पताल</strong></span></td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:58.7px;"><strong>.</strong></td>
<td style="height:41px;width:715.3px;">ओपीडी में 6.45 करोड़</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:58.7px;"><strong>.</strong></td>
<td style="height:41px;width:715.3px;">भर्ती हुए 70 लाख</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align:left;"> </p>
<p style="text-align:left;">824 डॉक्टरों की जल्द भर्ती कर रहे हैं। जिलों में अस्थायी आधार पर डॉक्टर रखने के आदेश हाल ही में दिए हैं। वहीं एक हजार अधिशेष डॉक्टरों को भी जिन जगह डॉक्टर नहीं है, वहां भेजा जा रहा है।  राजमैस के तहत संचालित मेडिकल कॉलेज में मेडिकल टीचर्स की अस्थाई भर्ती की रियायत दी है।  अस्पतालों में पूरी तरह से इलाज फ्री कर दिया गया है। चिरंजीवी से प्राइवेट की भी सेवाएं 1.33 करोड़ परिवार ले सकते हैं। ऐसी योजनाएं लाएं है कि हेल्थ पर जनता की जेब अब ढीली नहीं होगी। - <strong>परसादी लाल मीणा, चिकित्सा मंत्री, राजस्थान    </strong></p>
<table style="width:708px;">
<tbody>
<tr style="height:41px;">
<td style="text-align:center;height:41px;width:703px;" colspan="3"><span style="background-color:#ffcc99;color:#ff6600;"><strong>हमारा हेल्थ सिस्टम</strong></span></td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:112.1px;" rowspan="4">
<p style="text-align:left;"><span style="background-color:#ccffcc;color:#008000;"><strong>इलाज की क्षमता</strong></span></p>
<p style="text-align:left;"><strong>मेडिकल कॉलेज में भर्ती की क्षमता 24,517, अन्य सरकारी अस्पतालों में 60 हजार</strong></p>
</td>
<td style="height:41px;width:550.9px;" colspan="2">
<p><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>16 मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में</strong></span></p>
<p><strong>01. सात सरकारी मेडिकल कॉलेज , झालावाड़ में सोसायटी द्वारा संचालित,  7 राजसैम से जिलों में संचालित, 1 अलवर में ईएसआई संचालित</strong></p>
</td>
</tr>
<tr style="height:41.5667px;">
<td style="height:41.5667px;width:550.9px;" colspan="2">
<p><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>2863 अस्पताल</strong></span></p>
<p><strong>02. 29 जिला,32 सब डिविजनल, 649सीएचसी, 2153 पीएचसी, (13779 सब सेंटर अलग)</strong></p>
</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:550.9px;" colspan="2">
<p><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>डॉक्टर</strong></span></p>
<p><strong>03. 12500 चिकित्सा विभाग,  3169 मेडिकल कॉलेज टीचर्स,  805 सीनियर रेजीडेंट्स डॉक्टर <br /></strong></p>
</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;width:550.9px;" colspan="2">
<p style="text-align:left;"><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>रिक्त पद </strong></span></p>
<p style="text-align:left;"><strong>04. 633 मेडिकल टीचर्स, 2500 डॉक्टर,  30हजार पैरामेडिकल स्टाफ, 66 हजार नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ, 52 हजार आशा सहयोगिनियां</strong></p>
</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<table style="width:602px;">
<tbody>
<tr>
<td style="text-align:left;width:600px;" colspan="2"><span style="background-color:#ffcc99;color:#ff6600;"><strong> नि: शुल्क दवा और जांच</strong></span></td>
</tr>
<tr>
<td style="width:54.3333px;"> </td>
<td style="width:545.667px;">4 हजार निशुल्क दवा वितरण केंद्र: 8.58 करोड़ मरीजों को दी मुफ्त दवा, 760 करोड़ रुपए खर्च।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:54.3333px;"> </td>
<td style="width:545.667px;">3 हजार से ज्यादा अस्पताल: 4.4 करोड़ जांचे हुई, 100 से ज्यादा मुफ्त जांच,  150.34 करोड़ खर्च।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:54.3333px;"> </td>
<td style="width:545.667px;">अब मंहगी एमआरआई, सीटी स्कैन,  डायलिसिस सहित सभी फ्री होंगे।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:54.3333px;"> </td>
<td style="width:545.667px;">डॉक्टर की जरूरत जल्द पूरी होने की आस, अभी 4200 डॉक्टर बन रहे है, जल्द 7000 तक मिलने लगेंगे।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:54.3333px;"> </td>
<td style="width:545.667px;">3 साल पहले 8 मेडिकल कॉलेज:  जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर, कोटा, झालावाड़ और जयपुर में आरयूएचएस थे, कुल सीटें 1900।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:54.3333px;"> </td>
<td style="width:545.667px;">अब नए 7 नए मेडिकल कॉलेज और शुरू: भरतपुर, भीलवाड़ा, चूरू, डूंगरपुर, पाली, बाड़मेर, सीकर कुल सीटें 980।</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:54.3333px;"> </td>
<td style="width:545.667px;">
<p style="text-align:left;">नए प्रस्तावित कॉलेज: 15 को मंजूरी, 2023 तक शुरू होंगे।</p>
<p style="text-align:left;">तीन जिलों में जंहा और कॉलेज की कवायद: राजसमंद, जालौर, प्रतापगढ़।</p>
</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align:left;"> </p>
<p style="text-align:left;"> </p>
<p> </p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong></p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong></p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong></p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong></p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong></p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong></p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong></p>
<p> </p>
<p style="text-align:left;"> </p>
<p style="text-align:left;"><strong> </strong>     <br />    <br />   <br />    <br />   <br />    <br />    <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Apr 2022 10:33:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होली से पहले शेयर बाजार में तूफानी तेजी, निवेशकों ने कमाये 4.56 लाख करोड़</title>
                                    <description><![CDATA[होली से पहले गुलजार हुआ बाजार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/stormy-boom-in-the-stock-market-before-holi--investors-earned-4-56-lakh-crores--sensex-and-nifty-up-more-than-1-85-percent/article-6280"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/share-market-011.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। वैश्विक स्तर से मिले सकारात्मक संकेतों के साथ ही घरेलू स्तर पर हुई चौतरफा लिवाली के बल पर बुधवार को शेयर बाजार में तूफानी तेजी दर्ज की गयी जिससे सेंसेक्स और निफ्टी में 1.85 प्रतिशत से अधिक की तेजी रही और इससे निवेशकों ने 4.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1039.80 अंकों  की बढ़त के साथ 56816.65 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 312.35 अंक उछलकर 16975.35 अंक पर रहा। इस दौरान छोटी और मझौली कंपनियों में भी लिवाली हुयी जिससे बीएसई का मिडकैप 1.80 प्रतिशत बढ़कर 23572.74 अंक पर और स्मॉलकैप 1.47 प्रतिशत चढ़कर 27383.82 अंक पर रहा। <br /><br />इस तेजी से बीएसई का बाजार पूंजीकरण पिछले दिवस के 25166630.06 करोड़ रुपये की तुलना में 456878.40 करोड़ रुपये की बढ़त के साथ 25623508.46 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस तरह से निवेशकों ने 4.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की। बीएसई में शामिल सभी समूहों में तेजी रही जिसमें रियल्टी में सबसे अधिक 3.66 प्रतिशत और हेल्थकेयर में सबसे कम 0.72 प्रतिशत की तेजी रही। बीएसई में कुल 3534 कंपनियों में कारोबार हुआ जिसमें से 2265 हरे निशान में और 1168 लाल निशान में रही जबकि 101 में कोई बदलाव नहीं हुआ। <br /><br />वैश्विक स्तर पर लगभग सभी बड़े सूचकांक हरे निशान में रहे जिसमें हांगकांग का हैंगसेंग 9.08 प्रतिशत, चीन का शंघाई कंपोजिट 3:48 प्रतिशत, जर्मनी का डैक्स 3.26 प्रतिशत, जापान का निक्केई 1.64 प्रतिशत और ब्रिटेन का एफटीएसई 1.22 प्रतिशत शामिल है। बीएसई का सेंसेक्स 778 अंकों की बढ़त के साथ 56555.33 अंक पर खुला। सत्र के दौरान यह 56389.26 अंक के निचले स्तर तक उतरा लेकिन वैश्विक स्तर से मिले सकारात्मक संकेतों से हुयी लिवाली के बल पर यह 56860.89 अंक के उच्चतम स्तर तक चढ़ा। अंत में यह पिछले दिवस के 55776.85 अंक की तुलना में 1.86 प्रतिशत अर्थात 1039.80 अंक बढ़कर 56816.65 अंक पर रहा। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से सन फार्मा और पावरग्रिड को छोड़कर शेष 28 कंपनियों में तेजी रही। <br /><br />एनएसई का निफ्टी 213 अंकों की तेजी लेकर 16876.65 अंक पर खुला। सत्र के दौरान यह 16987.90 अंक के उच्चतम और 16837.85 अंक के निचले स्तर के बीच रहा। अंत में यह पिछले दिवस के 16663 अंक की तुलना में 312.35 अंक अर्थात 1.87 प्रतिशत चढ़कर 16975.35 अंक पर रहा। निफ्टी में शामिल कंपनियों में से 47 हरे निशान में और तीन लाल निशान में रही। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Mar 2022 18:13:16 +0530</pubDate>
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