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                <title>West Bengal politics - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>West Bengal politics RSS Feed</description>
                
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                <title>पश्चिम बंगाल उपचुनाव: भाजपा ने की उम्मीदवारों की घोषणा, 6 अक्टूबर को होंगे चुनाव</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केंद्रीय चुनाव समिति ने पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने रेजिनगर सीट से शाखारव सरकार और हाई-प्रोफाइल नंदीग्राम सीट से हासिरानी रथ को प्रत्याशी बनाया है। इन सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/west-bengal-by-election-bjp-announces-candidates-elections-will-be-held/article-165639"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/bjp-kerala.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल की रेजिनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने मंगलवार को यहां जारी विज्ञप्ति में बताया कि भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा उप-चुनाव के लिए शाखारव सरकार और हासिरानी रथ के नाम पर सहमति प्रदान की है। </p>
<p>पार्टी ने सरकार को रेजिनगर से और रथ को नंदीग्राम सीट से उम्मीदवार बनाया है। उल्लेखनीय है कि इन दोनों सीटों पर छह अक्टूबर को मतदान होगा और नौ अक्टूबर को नतीजे घोषित होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 15 Sep 2026 14:17:42 +0530</pubDate>
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                <title>ममता बनर्जी की श्रीरामपुर सभा को हाई कोर्ट की हरी झंडी, जुलूस निकालने पर रोक, दो घंटे चलेगा राजनीतिक कार्यक्रम</title>
                                    <description><![CDATA[कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता बनर्जी को 11 सितंबर 2026 को हुगली के श्रीरामपुर स्थित महेश में जनसभा करने की सशर्त अनुमति प्रदान की है। हालांकि, अदालत ने जीटी रोड पर जुलूस निकालने पर रोक लगा दी है। सभा दोपहर 1 से 3 बजे के बीच होगी और इसमें अधिकतम 2,000 लोग ही शामिल हो सकेंगे।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mamata-banerjees-shrirampur-sabha-gets-green-flag-from-high-court/article-165227"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/mamta.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता बनर्जी को 11 सितंबर 2026 को हुगली के श्रीरामपुर में राजनीतिक सभा करने की अनुमति दे दी है लेकिन जुलूस निकालने पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कालीघाट तृणमूल कांग्रेस को महेश में जगन्नाथ देव स्नानपिरी मैदान में सभा करने की सशर्त अनुमति दी। अदालत ने निर्देश दिया कि राजनीतिक सभा दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच आयोजित की जाए और सभा में लोगों की संख्या 2,000 से अधिक नहीं हो। कालीघाट तृणमूल ने महेश से श्रीरामपुर की अदालत तक विरोध-जुलूस निकालने और उसके बाद बनर्जी की एक जनसभा आयोजित करने की योजना बनाई थी। </p>
<p>चिनसुराह के पूर्व विधायक असित मजूमदार ने जुलूस की अनुमति के लिए पुलिस से संपर्क किया था लेकिन अनुरोध स्वीकार नहीं किया गया। पुलिस ने इस आधार पर जुलूस का विरोध किया था कि इससे व्यस्त जीटी रोड पर यातायात बाधित हो सकता है। इसके बाद तृणमूल ने अनुमति न मिलने को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का रुख किया। सभा की अनुमति देते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम के हिस्से के रूप में कोई जुलूस नहीं निकाला जा सकता है।</p>
<p>न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने यह भी निर्देश दिया कि सभा में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कोई भी भड़काऊ बयान नहीं दिया जा सकता है। राज्य सरकार से कहा गया कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात करे कि कोई अप्रिय घटना न हो। आयोजकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे गुरुवार रात 8 बजे तक पुलिस को कार्यक्रम में मौजूद रहने वाले स्वयंसेवकों की सूची उनके फोन नंबरों के साथ सौंपें।</p>
<p>श्रीरामपुर कार्यक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 2026 के विधानसभा चुनावों और सरकार बदलने के बाद कोलकाता के बाहर ममता बनर्जी का पहला राजनीतिक कार्यक्रम होगा। गौरतलब है कि चुनाव के बाद से उनके सभी राजनीतिक कार्यक्रम अब तक कोलकाता में ही आयोजित किए गए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 16:40:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जमीन मामला: अभिषेक बनर्जी के निजी सचिव सुमित रॉय गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट से राहत खत्म होते ही CID ने लिया एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में साल्बोनी में सरकारी जमीन की कथित हेराफेरी मामले में सीआईडी ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सचिव सुमित रॉय को गिरफ्तार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने और गिरफ्तारी से अंतरिम राहत हटाए जाने के तुरंत बाद सीआईडी ने यह कार्रवाई की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/land-case-abhishek-banerjees-personal-secretary-sumit-roy-arrested-cid/article-165237"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)17.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल के साल्बोनी में सरकारी जमीन की कथित हेराफेरी से जुड़े मामले में सीआईडी ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सचिव सुमित रॉय को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने और गिरफ्तारी से मिली अंतरिम राहत हटाने के बाद हुई।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, सीआईडी की टीम ने गुरुवार को कोलकाता स्थित अभिषेक बनर्जी के कालीघाट आवास से सुमित रॉय को हिरासत में लिया। जांच एजेंसी इससे पहले भी उन्हें पूछताछ के लिए कई बार नोटिस जारी कर चुकी थी।</p>
<p>मामले में रॉय ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। अदालत ने छह अगस्त को उन्हें जांच में सहयोग करने की शर्त पर गिरफ्तारी से अस्थायी सुरक्षा दी थी। हालांकि, गुरुवार को शीर्ष अदालत ने अग्रिम जमानत की मांग ठुकरा दी और पहले दी गई गिरफ्तारी से सुरक्षा भी समाप्त कर दी। इसके तुरंत बाद सीआईडी ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 15:24:44 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट का कलकत्ता हाईकोर्ट को निर्देश, TMC कार्यालय से बिलबोर्ड हटाने के मामले पर जल्द सुनवाई करने को कहा</title>
                                    <description><![CDATA[उच्चतम न्यायालय ने कलकत्ता उच्च न्यायालय को निर्देश दिया कि वह तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यालय से कोलकाता नगर निगम द्वारा बिलबोर्ड हटाए जाने के खिलाफ याचिका पर शीघ्रता से फैसला सुनाए। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल बिलबोर्ड हटा दिए जाने से मामला निष्प्रभावी या समाप्त नहीं हो जाता।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-court-directs-calcutta-high-court-to-quickly-hear-the/article-164910"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/supreme-court-of-india.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय से कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस की उस याचिका पर जल्द सुनवाई करे जिसमें कोलकाता नगर निगम द्वारा पार्टी के कोलकाता स्थित कार्यालय से एक बिलबोर्ड हटाए जाने को चुनौती दी गई है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की खंडपीठ तृणमूल कांग्रेस की उस विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो उच्च न्यायालय द्वारा इस मामले में अंतरिम राहत देने से इनकार करने के खिलाफ दायर की गई थी।</p>
<p>यह याचिका कोलकाता में कैमक स्ट्रीट पर तृणमूल कांग्रेस के दफ़्तर के ऊपर लगे एक बिलबोर्ड को कथित रूप से ग़ैर-क़ानूनी तरीक़े से हटाए जाने से जुड़ी है। पश्चिम बंगाल की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका की स्वीकार्यता पर सवाल उठाए, जबकि तृणमूल के वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि बिना किसी नोटिस के बिलबोर्ड को हटा दिया गया था।</p>
<p>खंडपीठ ने कहा कि बिलबोर्ड हटाने से केस निरर्थक नहीं हो जाता और अगर उसे हटाना गैर-कानूनी सिद्ध होता है तो उसे फिर से लगाया जा सकता है। शीर्ष अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए दोनों पक्षों को उच्च न्यायालय के सामने अपनी दलीलें रखने की छूट दी और उच्च न्यायालय से सभी मुद्दों पर जल्द से जल्द फैसला करने का अनुरोध किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 16:48:40 +0530</pubDate>
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                <title>TMC पार्टी कार्यालय में तोड़-फोड़ पर भड़के अभिषेक, बोले- 'यह लोकतंत्र नहीं, राजनीतिक गुंडागर्दी है' , BJP पर लगाया हमला करवाने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यालय में सुबह तड़के हथियारबंद उपद्रवियों ने घुसकर तोड़फोड़ की और पार्टी कार्यकर्ताओं से मारपीट की। टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे भाजपा की साजिश बताया, जबकि पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/angered-by-the-vandalism-in-tmc-party-office-abhishek-said/article-164555"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(4)5.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने आरोप लगाया है कि गुरुवार तड़के कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित पार्टी ऑफिस में कुछ उपद्रवी घुस आए, उन्होंने फर्नीचर में तोड़-फोड़ की और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की। बताया जा रहा है कि यह घटना सुबह करीब 4:30 बजे हुई। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को हिरासत में लिया है। टीएमसी के अनुसार, हमलावरों ने ऑफिस में मौजूद कार्यकर्ताओं के मोबाइल फोन भी छीन लिए। पार्टी का आरोप है कि एयर प्यूरीफायर, प्रिंटर और टेलीविज़न जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी ले जाए गए। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, जो अभी दिल्ली में हैं, ने इस घटना की निंदा की और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने घटना का सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की भी मांग की।</p>
<p>बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि पार्टी कार्यकर्ताओं और वकीलों ने फ़ोन और ईमेल के ज़रिए पुलिस से बार-बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन लगभग दो घंटे तक कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा, "यह बेहद निंदनीय है और इसे किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जा सकता।" बनर्जी ने घटना की विस्तृत जांच की भी मांग की, जिसमें यह पता लगाया जाए कि हमले की योजना और आयोजन किसने किया और किसके कहने पर इसे अंजाम दिया गया।</p>
<p>उन्होंने सवाल उठाया कि सूचना मिलने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की। बनर्जी ने कहा, "अगर हथियारों से लैस लोगों का एक समूह सुबह 4:30 बजे किसी राजनीतिक पार्टी के दफ़्तर में घुसकर कार्यकर्ताओं पर हमला कर सकता है, फ़ोन छीन सकता है और दफ़्तर में तोड़-फोड़ कर सकता है, और उस समय पुलिस निष्क्रिय रहती है, तो पश्चिम बंगाल में कानून का शासन कहाँ रह जाता है?" टीएमसी ने इस घटना को "सोचा-समझा हमला" बताया और आरोप लगाया कि इसके पीछे भाजपा कार्यकर्ता थे। पार्टी का दावा है कि हमलावरों को ऑफिस के लेआउट और उसके अलग-अलग हिस्सों की जानकारी थी।</p>
<p>टीएमसी ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट में सवाल उठाया कि कथित उपद्रवियों को ऑफिस की जानकारी कैसे थी। इन आरोपों पर भाजपा की प्रतिक्रिया तुरंत नहीं मिल सकी। पुलिस ने भी अब तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पिछले कुछ दिनों से कैमक स्ट्रीट स्थित ऑफिस के आसपास काफी हलचल रही है। यह ऑफिस, जहाँ से बनर्जी अपने ज़्यादातर राजनीतिक कामकाज करते हैं, पिछले हफ़्ते तब विवादों में आ गया था जब कोलकाता नगर निगम के अधिकारी पुलिस के साथ वहाँ टीएमसी का बिलबोर्ड हटाने गए थे।</p>
<p>नगर निकाय अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि बिलबोर्ड गैर-कानूनी तरीके से लगाया गया था और खतरनाक ढंग से लटका हुआ था। हालांकि, टीएमसी कार्यकर्ताओं ने इसे हटाने का विरोध किया, जिससे टकराव की स्थिति पैदा हो गई। इसके बाद आरोप लगाए गए कि श्री बनर्जी और उनके समर्थकों ने नगर निकाय अधिकारियों को उनके काम करने से रोका। अग्निशमन विभाग और पुलिस के अधिकारियों ने सोमवार को उस इमारत का दौरा किया जिसमें श्री बनर्जी का ऑफिस है। उन्होंने यह जांचने के लिए दौरा किया कि क्या मंज़ूर बिल्डिंग प्लान से हटकर कोई निर्माण किया गया है।</p>
<p>अधिकारियों ने बाहरी शेड पर आपत्ति जताई और बेसमेंट पार्किंग एरिया तथा वहां आग से सुरक्षा के इंतज़ामों की जांच की। जगह का निरीक्षण करने के बाद, अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि कुछ कमियां पाई गई हैं और मौजूदा इंतज़ामों की आधिकारिक दस्तावेज़ों से तुलना करने के बाद नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने फायर अलार्म सिस्टम और आग लगने की स्थिति में निचली मंजिलों से पानी के छिड़काव के इंतज़ामों की भी जांच की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 12:04:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अभिषेक बनर्जी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत: गिरफ्तारी पर लगी रोक, जांच में सहयोग करने का निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[कलकत्ता उच्च न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी को बड़ी राहत देते हुए तीन प्राथमिकियों में 30 नवंबर तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि पूछताछ के लिए कस्टडी की जरूरत नहीं है और जांच एजेंसी को पूछताछ से 48 घंटे पहले सूचित करना होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-relief-to-abhishek-banerjee-from-high-court-ban-on/article-163837"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/kolkata-hc.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी की उनके खिलाफ दर्ज तीन प्राथमिकियों के मामले में 30 नवंबर तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अभिषेक बनर्जी को कोलकाता के भवानीपुर पुलिस स्टेशन और दक्षिण 24 परगना के कालीतला और बिष्णुपुर पुलिस स्टेशनों में उनके खिलाफ दर्ज तीन प्राथमिकियों के मामले में गिरफ्तारी पर 30 नवंबर तक रोक लगा दी है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गिरफ्तारी पर रोक 30 नवंबर तक बढ़ाते हुए कहा कि इन मामलों में पूछताछ के लिए अभिषेक बनर्जी को हिरासत में लेने की कोई ज़रूरत नहीं है।</p>
<p>न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने हालांकि बनर्जी को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने कहा कि अगर जांच एजेंसी को उनकी मौजूदगी की ज़रूरत होती है, तो उन्हें कम से कम 48 घंटे पहले सूचित करना होगा। न्यायालय ने यह भी साफ किया कि अगर बनर्जी जांच में सहयोग नहीं करते हैं, तो राज्य सरकार न्यायालय का रुख कर सकती है। वह न्यायालय की इजाज़त के बिना विदेश यात्रा नहीं कर सकते। न्यायमूर्ति ने ध्यान दिलाया कि उच्चतम न्यायालय ने अभिषेक बनर्जी को 10 अगस्त को आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की इजाज़त दी थी। उन्होंने हालांकि अभी तक यात्रा नहीं की है।</p>
<p>न्यायालय ने साफ किया कि उसके आदेश का असर उच्चतम न्यायालय द्वारा विदेश में इलाज के लिए दी गयी इजाज़त पर नहीं पड़ेगा। इस मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को तय की गयी है। पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों के पश्चात सरकार बदलने के बाद बनर्जी के खिलाफ़ अलग-अलग आरोपों में 16 प्राथमिकी दर्ज की गयी थीं। इन प्राथमिकियों को चुनौती देते हुए डायमंड हार्बर सीट से सांसद अभिषेक बनर्जी ने अदालत का रुख किया था। आज के आदेश के साथ, उन्हें अब 16 में से आठ मामलों में राहत मिल गयी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 16:57:34 +0530</pubDate>
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                <title>TMC के 20 बागी सांसदों की सदस्यता पर संकट, सुप्रीम कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी की याचिका पर जारी किया नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों की अयोग्यता याचिका पर जल्द फैसला लेने की मांग को लेकर अभिषेक बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने बागी सांसदों को नोटिस जारी कर उनका रुख मांगा है, जबकि लोकसभा अध्यक्ष की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जवाब दाखिल करने की जानकारी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/crisis-on-membership-of-20-rebel-tmc-mps-supreme-court/article-163829"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/tmc1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों की लोकसभा सदस्यता का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। शीर्ष अदालत ने मंगलवार को TMC नेता अभिषेक बनर्जी की याचिका पर सुनवाई करते हुए इन सभी सांसदों को नोटिस जारी किया है। बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से सांसदों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है।</p>
<p>चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई की। हालांकि, अदालत ने लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय और लोकसभा महासचिव को अलग से नोटिस जारी करने से इनकार कर दिया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में केंद्र की ओर से उनका पक्ष रखने की बात कही।</p>
<p>अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सांसदों के खिलाफ दलबदल विरोधी कानून के तहत दायर याचिकाओं पर फैसला लेने में देरी हो रही है। उन्होंने पहले भी लोकसभा अध्यक्ष को रिमाइंडर भेजा था और 12 अगस्त को उनसे मुलाकात की थी।</p>
<p>मामला तब शुरू हुआ जब TMC के 20 लोकसभा सांसदों ने त्रिपुरा स्थित नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल होने या विलय का दावा किया। TMC का कहना है कि यह स्वेच्छा से पार्टी छोड़ने के समान है, जबकि बागी सांसद इसे वैध विलय बता रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद उनकी सदस्यता पर फैसला और महत्वपूर्ण हो गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 14:36:03 +0530</pubDate>
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                <title>शुभेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी पर बड़ा हमला, बोले- चुनाव हारने के बाद तृणमूल बिखरी, बंगाल में नहीं चलेगा क्षेत्रवाद</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पार्टी अब पूरी तरह बिखर चुकी है। उन्होंने तृणमूल की संकीर्ण राजनीति को खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रवाद, सनातन संस्कृति और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/shubhendu-adhikaris-big-attack-on-mamata-banerjee-said-trinamool/article-163635"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/west-bengal2.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (तृणमूल ) प्रमुख ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव में हार के बाद पार्टी अब पूरी तरह से बिखर चुकी है और उनकी संकीर्ण तथा क्षेत्रवादी राजनीति अब बंगाल में नहीं चलने वाली है। सीएम अधिकारी ने भवानीपुर के सुभाष उद्यान में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चुनाव के बाद तृणमूल की स्थिति का मजाक उड़ाया। उन्होंने ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का नेतृत्व बंटा हुआ है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "हारी हुई तृणमूल बिखर गयी है। एक कहता है कि मैं कालीघाट से हूं, दूसरा कहता है कि मैं उत्तर चला गया हूं, भतीजा विदेश में है और बुआ के घर पर ताला लगा है।" सीएम अधिकारी ने ममता बनर्जी पर भाषा, जाति और क्षेत्र के आधार पर राज्य और लोगों को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार राष्ट्रवाद, देशभक्ति पर कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी ने भाषा और जाति के नाम पर अपनी संकीर्ण सोच और क्षेत्रवाद के जरिए हमारे राष्ट्रवादियों को बांटने की कोशिश की।"</p>
<p>उन्होंने पिछली सरकार पर उन लोगों को वंचित रखने का भी आरोप लगाया जिन्होंने भाजपा का समर्थन किया था। उन्होंने वादा किया कि उनकी सरकार उन लोगों को प्राथमिकता देगी जिन्हें राजनीतिक कारणों से मौकों से वंचित रखा गया था। अधिकारी ने कहा, "पिछली सरकार के दौरान जिन लोगों को भाजपा का समर्थन करने के कारण वंचित रखा गया था, उन्हें यह सरकार प्राथमिकता देगी।" सीएम अधिकारी ने जादवपुर विश्वविद्यालय कवरेज को लेकर मीडिया के कुछ हिस्सों की भी आलोचना की और वहां के कुछ कार्यकर्ताओं पर 'राष्ट्र-विरोधी' होने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वे 'वंदे मातरम्' गाने का विरोध करते हैं और गणतंत्र दिवस तथा स्वतंत्रता दिवस नहीं मनाते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, "वे मीडिया समूह उनके समर्थन में चाहे कितना भी लिखें, हम जादवपुर के अंदर और बाहर राष्ट्रवाद की स्थापना करेंगे।" सीएम ने कहा कि उनकी सरकार डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के स्वप्न को पूरा करने के लिए आई है और वह भारतीय और सनातन संस्कृति, राष्ट्रीय ध्वज, 'वंदे मातरम' और 'जन गण मन' को बढ़ावा देगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 11:08:40 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 : 45 दिन के अंदर लागू करेंगे 7वां वेतन आयोग...अमित शाह ने जारी किया भाजपा का घोषणापत्र</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बंगाल चुनाव के लिए भाजपा का घोषणापत्र जारी किया। इसमें महिलाओं को ₹3000 मासिक सहायता, 33% आरक्षण और युवाओं के लिए 1 करोड़ नौकरियों का वादा किया गया है। शाह ने स्पष्ट किया कि भाजपा की जीत पर बंगाल की मिट्टी का ही कोई योग्य चेहरा मुख्यमंत्री बनेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/west-bengal-elections-2026-amit-shah-released-bjps-manifesto-will/article-149921"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/amit-shah.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का घोषणापत्र जारी किया जिसमें महिलाओं के लिए योजनाओं की भरमार है। अमित शाह ने इस घोषणा पत्र को संकल्प पत्र का नाम दिया है। उन्होंने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने पर राज्य में मजबूत, सक्षम और योग्य मुख्यमंत्री को नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया मुख्यमंत्री बंगाल से ही होगा। इसके साथ ही संकल्प पत्र में कुर्माली और राजबोंगशी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की पहल का वादा किया गया है</p>
<p>अमित शाह ने घोषणा पत्र जारी करते हुए अपने संबोधन में कहा कि भाजपा राज्य में एक सशक्त स्थानीय नेतृत्व देने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य में "विश्वास का युग" लाने का लक्ष्य रखती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बंगाल का ही होगा और केंद्र सरकार के साथ बेहतर समन्वय में काम करेगा। भाजपा ने पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन का लक्ष्य रखते हुये 'संकल्प पत्र' में रोजगार, महिला सशक्तिकरण, कृषि, उद्योग और बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्रित एक व्यापक रोडमैप पेश किया है।</p>
<p>भाजपा ने घोषणा पत्र में अगले पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करने का वादा किया है। इसके साथ ही राज्य के बेरोजगार युवाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 15,000 रुपये की छात्रवृत्ति देने का भी ऐलान किया गया है। भाजपा ने महिलाओं के लिए हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण और महिला पुलिस बटालियन व 'दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड' के गठन का वादा किया गया है। गर्भवती महिलाओं को 21,000 रुपये की सहायता और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का वाद किया गया है।</p>
<p>भाजपा के घोषणा पत्र में किसानों का भी ध्यान रखा गया है। इसमें धान, आलू और आम की खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ मछुआरों को पीएम मत्स्य संपदा योजना से जोड़ने का वादा किया गया है, जिससे बंगाल को प्रमुख मछली निर्यातक राज्य बनाने की योजना है। भाजपा ने ताजपुर और कुलपी में डीप-सी पोर्ट विकसित करने, सिंगूर में औद्योगिक पार्क स्थापित करने और बंद पड़ी जूट मिलों को पुनर्जीवित करने की योजना पेश की है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा करने का लक्ष्य है।</p>
<p>भाजपा ने आयुष्मान भारत सहित सभी केंद्रीय योजनाओं को राज्य में पूरी तरह लागू करने, मुफ्त एचपीवी वैक्सीनेशन और ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग जैसी सुविधाएं देने का वादा किया है। साथ ही 7वें वेतन आयोग को 45 दिनों के भीतर लागू करने और केंद्र के बराबर महंगाई भत्ता देने की बात कही गई है। भाजपा ने घोषणा पत्र में उत्तर बंगाल में एम्स, आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थान स्थापित करने, दार्जिलिंग के चाय उद्योग को बढ़ावा देने और 'वंदे मातरम' संग्रहालय बनाने का भी प्रस्ताव किया है। इसके साथ ही कुर्माली और राजबोंगशी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की पहल का वादा किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 18:19:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले हुमायूं कबीर को बड़ा झटका : एआईएमआईएम ने तोड़ा नाता, स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का किया ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM ने हुमायूं कबीर के साथ गठबंधन खत्म कर दिया है। कथित स्टिंग वीडियो विवाद के बाद ओवैसी की पार्टी ने अब स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का फैसला किया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह हाशिए पर खड़े मुस्लिम समुदाय के उत्थान के लिए बिना किसी समझौते के अकेले अपनी स्वतंत्र आवाज बुलंद करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-blow-to-humayun-kabir-before-west-bengal-assembly-elections/article-149859"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/humau-kabir.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने शुक्रवार को आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के साथ अपना गठबंधन तोड़ने की घोषणा की है। यह कदम हुमायूं कबीर से जुड़े विवादों और उन पर लगे आरोपों के बाद उठाया गया है। एआईएमआईएम का कहना है कि इन विवादों ने राज्य में मुसलमानों की अखंडता और प्रतिनिधित्व को लेकर चिंताएं पैदा कर दी हैं। एआईएमआईएम ने स्पष्ट किया है कि वह अब पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी।</p>
<p>सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में पार्टी ने कहा कि कबीर से जुड़े घटनाक्रमों ने बंगाल के मुस्लिम समुदाय की संवेदनशीलता को उजागर किया है और पार्टी ऐसे किसी भी बयान या कृत्य के साथ नहीं जुड़ सकती जो मुसलमानों की निष्ठा पर सवाल खड़ा करें। एआईएमआईएम ने कहा कि दशकों के 'धर्मनिरपेक्ष शासन' के बावजूद बंगाल के मुसलमान सबसे गरीब, उपेक्षित और उत्पीड़ित समुदायों में बने हुए हैं। पार्टी ने जोर देकर कहा कि एआईएमआईएम का राजनीतिक उद्देश्य हाशिए पर रहने वाले समुदायों को एक स्वतंत्र आवाज प्रदान करना है। साथ ही पार्टी ने यह भी घोषणा की कि भविष्य में पश्चिम बंगाल में उसका किसी भी राजनीतिक संगठन के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा।</p>
<p>यह अलगाव तब हुआ है जब राजनीतिक हलकों में एक कथित स्टिंग वीडियो सामने आया है, जिसमें हुमायूं कबीर को कथित तौर पर विवादित टिप्पणी और राजनीतिक सौदेबाजी करते हुए दिखाया गया है। इन दावों ने राज्य में एक नया राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। हालांकि, कबीर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 15:58:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: मतदाता सूची से नाम हटाने के मामले में मुर्शिदाबाद सबसे अधिक प्रभावित, साढ़े चार लाख से अधिक मतदाताओं के कटे नाम </title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के बाद मुर्शिदाबाद सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। चुनाव आयोग ने राज्य भर में कुल 90.8 लाख नाम हटाए हैं, जिनमें से अकेले मुर्शिदाबाद के 4.5 लाख मतदाता शामिल हैं। इस बड़े पैमाने पर हुई कार्रवाई ने राज्य की सियासत और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर नई बहस छेड़ दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/murshidabad-is-the-most-affected-in-the-case-of-removal/article-149822"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/west-bengal2.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में मतदाताओं का नाम हटाए जाने के मामले में मुर्शिदाबाद जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां साढ़े चार लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। चुनाव आयोग की ओर से जारी जिलावार आंकड़ों के अनुसार, मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 74,775 नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी यही स्थिति है, जहां लालगोला में 55,420, रघुनाथगंज में 46,100 से अधिक, फक्का में 38,222 और सूती में 37,965 नाम हटाए गए हैं। मतदाताओं के नाम हटाने के मामले में मुर्शिदाबाद राज्य का सबसे अधिक प्रभावित जिला बनकर उभरा है, जहां कुल 4,55,137 नाम हटाए गए हैं। डोमकल, जंगीपुर, खरग्राम और भगवानगोला में भी 30 से 50 हजार के बीच नाम हटाए गए हैं।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, लगभग 60 लाख नामों को 'विचाराधीन' श्रेणी में रखा गया था, जिसकी जांच करीब 700 न्यायिक अधिकारियों ने की। इनमें से 27,16,393 नाम हटा दिए गए हैं, जिससे राज्य में हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या 90,83,345 हो गई है। इसके अलावा, मालदा जिले के सुजापुर में 26,829 नाम हटाए गए हैं। उत्तर दिनाजपुर के चोपड़ा में 27,898 और इस्लामपुर में 15 हजार से अधिक नाम सूची से बाहर हुए हैं। दक्षिण 24 परगना के मटियाबुर्ज में 39,579 नाम हटाए गए, जबकि कैनिंग पूर्व, बसंती और गोसाबा में भी हजारों मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इसके विपरीत, भांगड़ में यह संख्या अपेक्षाकृत कम 2,183 रही।</p>
<p>कोलकाता में भी इस प्रक्रिया का व्यापक असर दिखा है। कोलकाता पोर्ट में 13,395, चौरंगी में 10,424, बेलेघाटा में 9,532 और एंयली में 9,092 नाम हटाए गए। भवानीपुर में 3,893 और बालीगंज में 6,174 नाम हटाए गए, जबकि मानिकतला में सबसे कम 733 नाम हटाए गए। पश्चिम वर्धमान के आसनसोल उत्तर, कुल्टी और बाराबनी में 10,000 से 14,000 के बीच नाम हटाए गए हैं। कुल मिलाकर चुनाव आयोग के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि राज्य के कई निर्वाचन क्षेत्रों में 30,000 से 70,000 तक नाम हटाए गए हैं। विशेष रूप से अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों और मुर्शिदाबाद एवं मालदा जैसे जिलों में बड़े पैमाने पर हुई कार्रवाई ने एसआईआर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 14:04:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: पहले चरण की मतदाता सूची फ्रीज; न्यायाधिकरण की पहुंच अभी भी अनिश्चित, 23 और 29 अप्रैल को होंगे मतदान</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की मतदाता सूची सोमवार मध्यरात्रि से फ्रीज कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल के अनुसार, 60 लाख विचाराधीन नामों में से लगभग 27 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। प्रभावित लोग न्यायाधिकरण में अपील कर सकेंगे, लेकिन इस चुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/west-bengal-assembly-elections-first-phase-voter-list-freeze-tribunals/article-149412"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/west-bengal-election-20261.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की मतदाता सूची को सोमवार मध्यरात्रि से ‘फ्रीज’ कर दिया गया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने आज ही कूछ घंटे पहले संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि राज्य विधानसभा चुनाव के पहले चरण की मतदाता सूची आज मध्य रात्रि को ‘फ्रीज’ कर दी जायेगी। यदि न्यायाधिकरण इस समय सीमा के बाद किसी मतदाता का नाम सूची में शामिल करने की मंजूरी देता है तो उसे सूची में शामिल किया जायेगा लेकिन वह इस चुनाव में मतदान नहीं कर पायेगा। यद्यपी ऐसे व्यक्ति को अगले चुनाव में मतदान करने की अनुमति होगी।</p>
<p>चुनाव आयोग के अनुसार, गहन मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान लगभग 60 लाख मतदाताओं के नाम विचाराधीन थे। इनमें से न्यायिक अधिकारियों ने लगभग 58 लाख मामलों का निपटारा कर दिया है। हालांकि, अग्रवाल ने हटाए गए नामों की सटीक संख्या नहीं बताई, लेकिन उन्होंने कहा कि निपटाए गए लगभग 45 प्रतिशत मामलों में अंततः मतदाता सूची से नाम हटाए जा सकते हैं, जिससे संकेत मिलता है कि लगभग 27 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। हालांकि, प्रभावित व्यक्तियों के पास न्यायाधिकरणों के समक्ष अपील करने का विकल्प होगा। इसके बावजूद, आम जनता के लिए न्यायाधिकरण कब पूरी तरह से काम करना शुरू करेंगे, इस पर अनिश्चितता बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 17:59:44 +0530</pubDate>
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