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                <title>West Bengal politics - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>West Bengal politics RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 : 45 दिन के अंदर लागू करेंगे 7वां वेतन आयोग...अमित शाह ने जारी किया भाजपा का घोषणापत्र</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बंगाल चुनाव के लिए भाजपा का घोषणापत्र जारी किया। इसमें महिलाओं को ₹3000 मासिक सहायता, 33% आरक्षण और युवाओं के लिए 1 करोड़ नौकरियों का वादा किया गया है। शाह ने स्पष्ट किया कि भाजपा की जीत पर बंगाल की मिट्टी का ही कोई योग्य चेहरा मुख्यमंत्री बनेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/west-bengal-elections-2026-amit-shah-released-bjps-manifesto-will/article-149921"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/amit-shah.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का घोषणापत्र जारी किया जिसमें महिलाओं के लिए योजनाओं की भरमार है। अमित शाह ने इस घोषणा पत्र को संकल्प पत्र का नाम दिया है। उन्होंने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने पर राज्य में मजबूत, सक्षम और योग्य मुख्यमंत्री को नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया मुख्यमंत्री बंगाल से ही होगा। इसके साथ ही संकल्प पत्र में कुर्माली और राजबोंगशी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की पहल का वादा किया गया है</p>
<p>अमित शाह ने घोषणा पत्र जारी करते हुए अपने संबोधन में कहा कि भाजपा राज्य में एक सशक्त स्थानीय नेतृत्व देने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य में "विश्वास का युग" लाने का लक्ष्य रखती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बंगाल का ही होगा और केंद्र सरकार के साथ बेहतर समन्वय में काम करेगा। भाजपा ने पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन का लक्ष्य रखते हुये 'संकल्प पत्र' में रोजगार, महिला सशक्तिकरण, कृषि, उद्योग और बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्रित एक व्यापक रोडमैप पेश किया है।</p>
<p>भाजपा ने घोषणा पत्र में अगले पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करने का वादा किया है। इसके साथ ही राज्य के बेरोजगार युवाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 15,000 रुपये की छात्रवृत्ति देने का भी ऐलान किया गया है। भाजपा ने महिलाओं के लिए हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण और महिला पुलिस बटालियन व 'दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड' के गठन का वादा किया गया है। गर्भवती महिलाओं को 21,000 रुपये की सहायता और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का वाद किया गया है।</p>
<p>भाजपा के घोषणा पत्र में किसानों का भी ध्यान रखा गया है। इसमें धान, आलू और आम की खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ मछुआरों को पीएम मत्स्य संपदा योजना से जोड़ने का वादा किया गया है, जिससे बंगाल को प्रमुख मछली निर्यातक राज्य बनाने की योजना है। भाजपा ने ताजपुर और कुलपी में डीप-सी पोर्ट विकसित करने, सिंगूर में औद्योगिक पार्क स्थापित करने और बंद पड़ी जूट मिलों को पुनर्जीवित करने की योजना पेश की है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा करने का लक्ष्य है।</p>
<p>भाजपा ने आयुष्मान भारत सहित सभी केंद्रीय योजनाओं को राज्य में पूरी तरह लागू करने, मुफ्त एचपीवी वैक्सीनेशन और ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग जैसी सुविधाएं देने का वादा किया है। साथ ही 7वें वेतन आयोग को 45 दिनों के भीतर लागू करने और केंद्र के बराबर महंगाई भत्ता देने की बात कही गई है। भाजपा ने घोषणा पत्र में उत्तर बंगाल में एम्स, आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थान स्थापित करने, दार्जिलिंग के चाय उद्योग को बढ़ावा देने और 'वंदे मातरम' संग्रहालय बनाने का भी प्रस्ताव किया है। इसके साथ ही कुर्माली और राजबोंगशी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की पहल का वादा किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 18:19:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले हुमायूं कबीर को बड़ा झटका : एआईएमआईएम ने तोड़ा नाता, स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का किया ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM ने हुमायूं कबीर के साथ गठबंधन खत्म कर दिया है। कथित स्टिंग वीडियो विवाद के बाद ओवैसी की पार्टी ने अब स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का फैसला किया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह हाशिए पर खड़े मुस्लिम समुदाय के उत्थान के लिए बिना किसी समझौते के अकेले अपनी स्वतंत्र आवाज बुलंद करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-blow-to-humayun-kabir-before-west-bengal-assembly-elections/article-149859"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/humau-kabir.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने शुक्रवार को आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के साथ अपना गठबंधन तोड़ने की घोषणा की है। यह कदम हुमायूं कबीर से जुड़े विवादों और उन पर लगे आरोपों के बाद उठाया गया है। एआईएमआईएम का कहना है कि इन विवादों ने राज्य में मुसलमानों की अखंडता और प्रतिनिधित्व को लेकर चिंताएं पैदा कर दी हैं। एआईएमआईएम ने स्पष्ट किया है कि वह अब पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी।</p>
<p>सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में पार्टी ने कहा कि कबीर से जुड़े घटनाक्रमों ने बंगाल के मुस्लिम समुदाय की संवेदनशीलता को उजागर किया है और पार्टी ऐसे किसी भी बयान या कृत्य के साथ नहीं जुड़ सकती जो मुसलमानों की निष्ठा पर सवाल खड़ा करें। एआईएमआईएम ने कहा कि दशकों के 'धर्मनिरपेक्ष शासन' के बावजूद बंगाल के मुसलमान सबसे गरीब, उपेक्षित और उत्पीड़ित समुदायों में बने हुए हैं। पार्टी ने जोर देकर कहा कि एआईएमआईएम का राजनीतिक उद्देश्य हाशिए पर रहने वाले समुदायों को एक स्वतंत्र आवाज प्रदान करना है। साथ ही पार्टी ने यह भी घोषणा की कि भविष्य में पश्चिम बंगाल में उसका किसी भी राजनीतिक संगठन के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा।</p>
<p>यह अलगाव तब हुआ है जब राजनीतिक हलकों में एक कथित स्टिंग वीडियो सामने आया है, जिसमें हुमायूं कबीर को कथित तौर पर विवादित टिप्पणी और राजनीतिक सौदेबाजी करते हुए दिखाया गया है। इन दावों ने राज्य में एक नया राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। हालांकि, कबीर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 15:58:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: मतदाता सूची से नाम हटाने के मामले में मुर्शिदाबाद सबसे अधिक प्रभावित, साढ़े चार लाख से अधिक मतदाताओं के कटे नाम </title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के बाद मुर्शिदाबाद सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। चुनाव आयोग ने राज्य भर में कुल 90.8 लाख नाम हटाए हैं, जिनमें से अकेले मुर्शिदाबाद के 4.5 लाख मतदाता शामिल हैं। इस बड़े पैमाने पर हुई कार्रवाई ने राज्य की सियासत और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर नई बहस छेड़ दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/murshidabad-is-the-most-affected-in-the-case-of-removal/article-149822"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/west-bengal2.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में मतदाताओं का नाम हटाए जाने के मामले में मुर्शिदाबाद जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां साढ़े चार लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। चुनाव आयोग की ओर से जारी जिलावार आंकड़ों के अनुसार, मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 74,775 नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी यही स्थिति है, जहां लालगोला में 55,420, रघुनाथगंज में 46,100 से अधिक, फक्का में 38,222 और सूती में 37,965 नाम हटाए गए हैं। मतदाताओं के नाम हटाने के मामले में मुर्शिदाबाद राज्य का सबसे अधिक प्रभावित जिला बनकर उभरा है, जहां कुल 4,55,137 नाम हटाए गए हैं। डोमकल, जंगीपुर, खरग्राम और भगवानगोला में भी 30 से 50 हजार के बीच नाम हटाए गए हैं।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, लगभग 60 लाख नामों को 'विचाराधीन' श्रेणी में रखा गया था, जिसकी जांच करीब 700 न्यायिक अधिकारियों ने की। इनमें से 27,16,393 नाम हटा दिए गए हैं, जिससे राज्य में हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या 90,83,345 हो गई है। इसके अलावा, मालदा जिले के सुजापुर में 26,829 नाम हटाए गए हैं। उत्तर दिनाजपुर के चोपड़ा में 27,898 और इस्लामपुर में 15 हजार से अधिक नाम सूची से बाहर हुए हैं। दक्षिण 24 परगना के मटियाबुर्ज में 39,579 नाम हटाए गए, जबकि कैनिंग पूर्व, बसंती और गोसाबा में भी हजारों मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इसके विपरीत, भांगड़ में यह संख्या अपेक्षाकृत कम 2,183 रही।</p>
<p>कोलकाता में भी इस प्रक्रिया का व्यापक असर दिखा है। कोलकाता पोर्ट में 13,395, चौरंगी में 10,424, बेलेघाटा में 9,532 और एंयली में 9,092 नाम हटाए गए। भवानीपुर में 3,893 और बालीगंज में 6,174 नाम हटाए गए, जबकि मानिकतला में सबसे कम 733 नाम हटाए गए। पश्चिम वर्धमान के आसनसोल उत्तर, कुल्टी और बाराबनी में 10,000 से 14,000 के बीच नाम हटाए गए हैं। कुल मिलाकर चुनाव आयोग के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि राज्य के कई निर्वाचन क्षेत्रों में 30,000 से 70,000 तक नाम हटाए गए हैं। विशेष रूप से अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों और मुर्शिदाबाद एवं मालदा जैसे जिलों में बड़े पैमाने पर हुई कार्रवाई ने एसआईआर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 14:04:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: पहले चरण की मतदाता सूची फ्रीज; न्यायाधिकरण की पहुंच अभी भी अनिश्चित, 23 और 29 अप्रैल को होंगे मतदान</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की मतदाता सूची सोमवार मध्यरात्रि से फ्रीज कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल के अनुसार, 60 लाख विचाराधीन नामों में से लगभग 27 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। प्रभावित लोग न्यायाधिकरण में अपील कर सकेंगे, लेकिन इस चुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/west-bengal-assembly-elections-first-phase-voter-list-freeze-tribunals/article-149412"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/west-bengal-election-20261.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की मतदाता सूची को सोमवार मध्यरात्रि से ‘फ्रीज’ कर दिया गया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने आज ही कूछ घंटे पहले संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि राज्य विधानसभा चुनाव के पहले चरण की मतदाता सूची आज मध्य रात्रि को ‘फ्रीज’ कर दी जायेगी। यदि न्यायाधिकरण इस समय सीमा के बाद किसी मतदाता का नाम सूची में शामिल करने की मंजूरी देता है तो उसे सूची में शामिल किया जायेगा लेकिन वह इस चुनाव में मतदान नहीं कर पायेगा। यद्यपी ऐसे व्यक्ति को अगले चुनाव में मतदान करने की अनुमति होगी।</p>
<p>चुनाव आयोग के अनुसार, गहन मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान लगभग 60 लाख मतदाताओं के नाम विचाराधीन थे। इनमें से न्यायिक अधिकारियों ने लगभग 58 लाख मामलों का निपटारा कर दिया है। हालांकि, अग्रवाल ने हटाए गए नामों की सटीक संख्या नहीं बताई, लेकिन उन्होंने कहा कि निपटाए गए लगभग 45 प्रतिशत मामलों में अंततः मतदाता सूची से नाम हटाए जा सकते हैं, जिससे संकेत मिलता है कि लगभग 27 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। हालांकि, प्रभावित व्यक्तियों के पास न्यायाधिकरणों के समक्ष अपील करने का विकल्प होगा। इसके बावजूद, आम जनता के लिए न्यायाधिकरण कब पूरी तरह से काम करना शुरू करेंगे, इस पर अनिश्चितता बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 17:59:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मिशन वाम से राम: जमीनी नेताओं से संपर्क अभियान तेज, बंगाल में वामपंथी वोटों पर भाजपा की रणनीतिक घेराबंदी</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा वामपंथी वोट बैंक को साधने के लिए 'बूथ स्तर' पर सक्रिय है। पार्टी असंतुष्ट वाम कार्यकर्ताओं को "विचारधारा दिल में, वोट भाजपा को" के मंत्र से जोड़ रही है। 2019 के बाद गिरे वाम वोट शेयर का लाभ उठाकर भाजपा, तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने की रणनीतिक योजना पर काम कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mission-left-to-ram-contact-campaign-with-grassroots-leaders-intensified/article-147911"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/bjp.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। बंगाल विधानसभा चुनाव एक बार फिर राम बनाम वाम के दिलचस्प राजनीतिक समीकरण की ओर बढ़ रहा है। भाजपा ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है कि तृणमूल को सत्ता से बेदखल करने के लिए वह वामपंथी वोट बैंक खासतौर पर जमीनी स्तर के निष्क्रिय कार्यकर्ताओं और समर्थकों को अपने पक्ष में लाने के लिए संगठित प्रयास कर रही है। इसके तहत बूथ स्तर तक पर्सनल कालिंग और घर-घर संपर्क जैसे अभियान तेज किए गए हैं। पार्टी रणनीतिकारों के अनुसार, वामपंथी समर्थकों का भाजपा को मौन समर्थन इस चुनाव में एक्स-फैक्टर साबित हो सकता है। भाजपा के लिए वाम वोट केवल संख्या नहीं, बल्कि सत्ता तक पहुंचने की रणनीतिक कुंजी साबित हो सकती है। भाजपा ने ऐसे वामपंथी कार्यकर्ताओं की पहचान शुरू की है, जो या तो सक्रिय राजनीति से दूर हैं या अपनी पार्टी से असंतुष्ट या निराश हैं। स्थानीय कार्यकतार्ओं को निर्देश दिया गया है कि वे इन मतदाताओं से सीधे संवाद स्थापित करें और उन्हें भाजपा के पक्ष में मतदान के लिए प्रेरित करें। मतदाता सूची के विश्लेषण के आधार पर चल रहा यह अभियान सामान्य प्रचार से आगे बढ़कर व्यक्तिगत संपर्क पर केंद्रित हो गया है।</p>
<p><strong>विचारधारा दिल में, वोट भाजपा को : प्रदेश अध्यक्ष</strong></p>
<p>शमिक भट्टाचार्य ने परिवर्तन यात्रा के दौरान वाम समर्थकों से अपील की थी कि वे अपनी विचारधारा को कायम रखते हुए राज्यहित में भाजपा का साथ दें। पार्टी का तर्क है कि विपक्षी वोटों का बिखराव सत्ताधारी दल को सीधा फायदा पहुंचा सकता है। बंगाल में लाल से भगवा का यह झुकाव 2011 के बाद धीरे-धीरे उभरा। 2014 में वाम मोर्चा का वोट शेयर जहां करीब 30 प्रतिशत था, वहीं 2019 में यह घटकर लगभग 7.5 प्रतिशत रह गया। इसी दौरान भाजपा का वोट शेयर बढ़कर करीब 40 प्रतिशत तक पहुंच गया। 2021 के विधानसभा चुनाव में वाम दल खाता नहीं खोल सके, जबकि भाजपा 77 सीटों के साथ मुख्य विपक्ष बनकर उभरी। निचले स्तर पर एक नारा भी प्रचलित हुआ था, आगे राम, पोरे वाम, जो यह दर्शाता है कि तृणमूल के खिलाफ भाजपा को एक प्रभावी विकल्प के रूप में देखा गया।</p>
<p><strong>कैडर ट्रांसफर का असर: </strong>वाम दलों की ताकत उनका संगठित कैडर रहा है। संगठन कमजोर होने के साथ ही इसका बड़ा हिस्सा या तो निष्क्रिय हुआ या भाजपा में शामिल हो गया। भाजपा अब उसी कैडर क्षमता का उपयोग कर रही है। खगेन मुर्मू और शंकर घोष जैसे नेताओं के उदाहरण को पार्टी निचले स्तर तक लागू करने की कोशिश कर रही है। चुनौती भी बरकरार: हालांकि, हालिया उपचुनावों और निकाय चुनावों में वाम वोटों की आंशिक वापसी के संकेत मिले हैं। वाम दल भी अपने आधार को पुनर्जीवित करने में जुटे हैं। ऐसे में भाजपा के लिए इस वोट बैंक को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा। भाजपा के लिए वाम वोट केवल संख्या नहीं, बल्कि सत्ता तक पहुंचने की रणनीतिक कुंजी हैं। 2026 का चुनाव तय करेगा कि यह लाल से भगवा का रुझान स्थायी बदलाव बनता है या वामपंथ वापसी कर पाता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 09:34:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सीएम ममता बनर्जी ने दी देश की महिलाओं को शुभकामनाएं, गैस कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र पर साधा निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महिला दिवस पर केंद्र द्वारा रसोई गैस की कीमतें बढ़ाने की तीखी आलोचना की। उन्होंने महिलाओं से काली साड़ी पहनकर विरोध प्रदर्शन करने की अपील की। ममता ने अपनी सरकार की लक्ष्मी भंडार और कन्याश्री जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए बंगाल को महिला सशक्तिकरण का केंद्र बताया और सुरक्षा हेतु अपराजिता विधेयक पर जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/cm-mamata-banerjee-congratulated-the-women-of-the-country-on/article-145727"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/mama.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं और रसोई गैस की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने राज्य की महिलाओं से इसके विरोध में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील भी की।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट संदेश में समाज में महिलाओं के योगदान को रेखांकित करते हुए बंगाल के इतिहास से जुड़ी कई महान महिलाओं को याद किया। उन्होंने लिखा, मैं बंगाल की इस मिट्टी को नमन करती हूं-यह प्रीतिलता वद्देदार, मातंगिनी हाजरा, कल्पना दत्ता, बीना दास, सुनीति चौधरी और मदर टेरेसा की भूमि है। साथ ही उन्होंने घरेलू और वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। </p>
<p>सीएम ममता बनर्जी ने लिखा कि उनकी सरकार हमेशा लोगों के साथ खड़ी रहने की कोशिश करती है, जबकि केंद्र सरकार का काम लोगों को परेशान करना बन गया है। उन्होंने कहा कि गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर लोगों की रसोई पर पड़ेगा। उन्होंने कहा, गैस की कीमतें जिस तरह बढ़ाई गई हैं, उससे लोगों की रसोई प्रभावित होगी। इसलिए बंगाल की महिलाएं आज काली साड़ी पहनकर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने रविवार को गैस कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ महिलाओं के नेतृत्व में राज्य में विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया है और प्रदर्शन में शामिल होने वाली महिलाओं से काले कपड़े पहनने को कहा है। इस मौके पर उन्होंने महिलाओं के लिए अपनी सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि लक्ष्मी भंडार योजना के तहत फिलहाल करीब 2.41 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति परिवारों की महिलाओं को 1,700 रुपये प्रति माह तथा अन्य महिलाओं को हाल ही में 500 रुपये की बढ़ोतरी के बाद 1,500 रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं।</p>
<p>ममता बनर्जी ने कहा कि स्वास्थ्य साथी के तहत लगभग 2.42 करोड़ महिलाओं को स्मार्ट कार्ड मिले हैं, जबकि करीब एक करोड़ लड़कियां कन्याश्री प्रकल्प की लाभार्थी हैं, जिसे यूनेस्को से अंतरराष्ट्रीय मान्यता भी मिली है। अन्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि रूपाश्री प्रकल्प के तहत करीब 23 लाख महिलाओं को वित्तीय सहायता दी गई है और सबुज साथी के तहत लगभग 1.48 करोड़ साइकिलें वितरित की गई हैं, जिनमें करीब 79 लाख साइकिलें लड़कियों को मिली हैं।</p>
<p>महिलाओं की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अपराजिता विधेयक पारित किया गया है, 49 महिला पुलिस थाने स्थापित किए गए हैं और महिलाओं से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 52 फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाई गई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 18:55:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>''बंगाल राजनीति का चाणक्य'' कहे जाने वाले मुकुल रॉय का निधन; 71 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, टीएमसी ने जताया शोक</title>
                                    <description><![CDATA[वयोवृद्ध नेता मुकुल रॉय का 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्य और पूर्व रेल मंत्री रॉय को बंगाल की चुनावी राजनीति का माहिर रणनीतिकार माना जाता था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mukul-roy-known-as-chanakya-of-bengal-politics-passed-away/article-144218"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/mukul-roy-dies.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ राजनेता एवं विधायक मुकुल रॉय का रविवार देर रात कोलकाता में निधन हो गया। वह 71 साल के थे। रॉय का लंबे समय से शहर के एक निजी अस्पताल में गुर्दे से जुड़ी दिक्कतों समेत कई बीमारियों का इलाज चल रहा था। मुकुल रॉय को इलाज के दौरान दिल का दौरा पड़ा था। उनके निधन से पूरे राजनीतिक माहौल में मातम छा गया है।     </p>
<p>मुकुल रॉय के निधन की खबर आने के तुरंत बाद, तृणमूल कांग्रेस के नेता, कार्यकर्ता और समर्थक उनके घर के बाहर जमा होने लगे। पार्थिव शरीर को दोपहर में पश्चिम बंगाल विधानसभा ले जाया जाएगा, जहां अध्यक्ष और विधायकों के अंतिम दर्शन करने की उम्मीद है। बाद में पार्थिव शरीर को कांचरापाड़ा में उनके घर ले जाया जाएगा। मुकुल रॉय को अक्सर बंगाल राजनीति का चाणक्य कहा जाता है। वह कई सालों से सेहत से जुड़ी दिक्कतों से जूझ रहे थे और अक्सर अस्पताल में भर्ती रहते थे।</p>
<p>उनके हाल के सालों में राजनीतिक करियर में कई उतार-चढ़ाव आए। तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद उन्होंने 2021 का विधानसभा चुनाव कृष्णानगर उत्तर से भाजपा के टिकट पर लड़ा और जीत हासिल की। बाद में वह तृणमूल कांग्रेस में लौट आए लेकिन उन्होंने अपने विधायक पद से इस्तीफ़ा नहीं दिया और रिकॉर्ड में भाजपा विधायक बने रहे। बाद में उन्हें लोक लेखा समिति का अध्यक्ष बनाया गया।</p>
<p>रॉय की विधायकी को रद्द करने की कानूनी कार्रवाई अदालत तक पहुँची और कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इसे रद्द करने का आदेश दिया था, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने इस फैसले पर रोक लगा दी। मुकुल रॉय ने तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्य बनने से पहले कांग्रेस के साथ अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था। उन्होंने राज्यसभा सदस्य के तौर पर काम किया और केंद्र में शिपिंग और बाद में रेलवे सहित अहम मंत्रालय संभाले थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 14:03:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने की नई पार्टी बनाने की घोषणा, आगामी चुनावों में इतनी सीटों पर लड़ेंगे चुनाव</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने नया राजनीतिक दल ‘जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी)’ बनाने की घोषणा की। पार्टी की औपचारिक शुरुआत मुर्शिदाबाद में होगी, और 2026 के विधानसभा चुनावों में रेजीनगर व बेलडांगा सीटों से चुनाव लड़ने की योजना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/suspended-tmc-mla-humayun-kabir-announced-to-form-a-new/article-136802"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/tmc-humayu-kabir.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने सोमवार को नया राजनीतिक दल बनाने की घोषणा की। हुमायूं कबीर ने बताया कि उनकी पार्टी का नाम जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) होगा। इसकी राज्य समिति में 75 सदस्य होंगे, जिनमें करीब 20 प्रतिशत प्रतिनिधित्व हिंदू समुदाय का होगा।</p>
<p>हुमायूं कबीर ने बताया कि पार्टी की औपचारिक शुरुआत मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में एक जनसभा के दौरान की जायेगी। मुर्शिदाबाद मुस्लिम बहुल जिला है। इस क्षेत्र में राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों में से 30 सीटें हैं। वर्ष 2026 के मार्च-अप्रैल में यहां चुनाव होने हैं। हुमायूं कबीर ने कहा कि इस दौरान वह आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कम से कम पांच संभावित उम्मीदवारों की भी घोषणा करेंगे।</p>
<p>उन्होने कहा कि वह रेजीनगर और बेलडांगा दोनों सीटों से चुनाव लडऩे की योजना बना रहे हैं और उन्हें 2026 में दोनों सीटें जीतने का भरोसा है। बेलडांगा मैदान में उनके सैकड़ों समर्थकों के बीच कुछ के हाथों में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के झंडे भी लहरा रहे थे। सुंदरबन उन्नयन शैक्षिक ट्रस्ट से जुड़े एक समर्थक ने शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने के लिये एक करोड़ रुपये की राशि देने की भी घोषणा की। हुमायूं कबीर ने कहा कि प्रस्तावित बाबरी मस्जिद परिसर के पास इसे भविष्य में स्थापित किया जायेगा।</p>
<p>हुमायूं कबीर ने दावा किया कि उनकी पार्टी का झंडा जल्द ही पूरे राज्य में दिखेगा। पार्टी का झंडा तृणमूल कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय ध्वज जैसा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए काम करते रहेंगे, हुमायूं कबीर ने कहा, चुनाव आयोग की ओर से आवंटन के आधार पर पार्टी का चिह्न 'टेबल','जोड़ा गुलाब या 'नारियल पेड़' हो सकता है। मेरी पहली पसंद टेबल है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी राज्य में अगली सरकार बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी और मुर्शिदाबाद में जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) सीपीआई(एम), इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) और कांग्रेस के साथ गठबंधन करेगी। हुमायूं कबीर ने कहा, हम मुर्शिदाबाद में नया इतिहास रचने जा रहे हैं। 2026 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस समाप्त हो जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 15:44:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>SIR विरोधी रैली में CM ममता का मोदी सरकार पर बड़ा हमला, बोलीं-पूरे देश को हिला दूंगी..., जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल सीएम ममता बनर्जी ने एसआईआर सूची को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला और वैध मतदाताओं के नाम हटाने पर कड़ी चेतावनी दी। उत्तर 24 परगना में रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को 2024 में इसी सूची के आधार पर वोट मिले थे, लेकिन अब मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। ममता ने आगाह किया कि ऐसे कदम केंद्र सरकार की सत्ता को हिला सकते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/in-the-anti-sir-rally-cm-mamta-made-a-big-attack/article-133590"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/mamta1.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल सीएम ममता बनर्जी ने एसआईआर को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला है। सीएम ममता ने एसआईआर सूची से वैध मतदाताओं का नाम काटने को लेकर मोदी सरकार को चेतावनी दी है। सीएम ममता ने बांग्लादेश की सीमा से सटे उत्तर 24 परगना जिले में एक रैली का संबोधित करते हुए कहा कि, पीएम मोदी को साल 2024 में इसी सूची के हिसाब से वोट मिले थे, इसके आगे सीएम ममता ने हमला बोलते हुए कहा कि, यदि एसआईआर के नाम पर इसी तरह से नाम हटवाते रहे तो एक दिन ऐसा आएगा जब आपकी सरकार गिर जाएगी और फिर आपको सत्ता में आने के लिए काफी कुछ करना पड़ेगा। इसके साथ ही सीएम ममता ने केंद्र सरकार से पूछा कि, एसआईआर की आपको इतनी जल्दी क्यों पड़ी है।</p>
<p><strong>चुनाव आयोग या 'भाजपा आयोग'</strong></p>
<p>सीएम ममता ने जनसभा में चुनाव आयोग को भी आड़े हाथ लेते हुए उसे भाजपा आयोग करार दिया। इसके आगे सीएम ममता ने शरणार्थी मतुआ समुदाय के लोगों से वादा किया कि, जब तक मैं यहां हूं आपको कोई इस राज्य से बाहर नहीं निकाल सकता है और ना ही कोई आपका नाम मतदाता सूची से बाहर कर सकता है। इसके आगे सीएम ममता ने कहा कि, यदि आपको बांग्लादेशियों से ही समस्या है तो आप यूपी और एमपी में एसआईआर क्यों करवा रहे हो। इसके आगे सीएम ममता ने जनसभा में बिहार चुनाव का भी उल्लेख किया और कहा कि, विपक्षी पार्टी भाजपा का खेल नहीं समझ पाएं और बिहार चुनाव को भारी मतों से हार गए, लेकिन हम उनके इस खेल का समझते हैं और पश्चिम बंगाल में हम उनको इस खेल में कामयाब नहीं होने देंगे। अगर किसी ने भी पश्चिम बंगाल को छूने की भी कोशिश की तो हम पूरे देश को आग लगा देंगे।</p>
<p><strong>ममता ने दी केंद्र सरकार को चेतावनी</strong></p>
<p>इसके आगे सीएम ममता ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, इस समय ट्रेनें, प्लेन, बार्डर सब सेंट्रल एजेंसियों के कंट्रोल में है और ये सब केंद्र सरकार ही देखती है। ऐसे में हम पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशियों की एंट्री कैसे करवा सकते हैं। ममता बनर्जी ने किसी का नाम लिए बिना आरोप लगाते हुए कहा कि, भाजपा नागरिकता दिलाने के नाम पर अपना कार्ड बेच रही है और काला धन इक्टठा कर रही हैै, इसलिए मैं आप सबको आगह कर रही हूॅं कि, आप भाजपा सरकार के झासें में ना आए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Nov 2025 17:33:15 +0530</pubDate>
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