<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/schemes/tag-6098" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>schemes - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/6098/rss</link>
                <description>schemes RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जलदाय की लंबित प्रकरणों से लेकर योजनाओं तक सवालों के घेरे में व्यवस्था, मंत्री ने रिपोर्ट सहित तलब किए अफसर</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की 28 जनवरी 2026 की समीक्षा बैठक से पहले कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। लंबित अनुशासनात्मक मामलों, बजट कार्यों की धीमी प्रगति, जल जीवन मिशन व अमृत 2.0 योजनाओं में देरी, कमजोर राजस्व वसूली और ग्रीष्मकालीन जल योजना के अभाव से विभागीय लापरवाही उजागर हुई है।
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/amid-questions-ranging-from-pending-water-supply-issues-to-schemes/article-140698"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/jal-bhavan.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में 28 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक से पहले विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर कई नकारात्मक पहलू सामने आए हैं। जलदाय मंत्री की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक का एजेंडा ही यह संकेत दे रहा है कि विभाग कई मोर्चों पर अपेक्षित प्रगति नहीं कर पा रहा है।</p>
<p>सबसे चिंताजनक स्थिति विभाग में लंबे समय से लंबित अनुशासनात्मक जांच प्रकरणों (17 CCA, 16 CCA) की है, जो प्रशासनिक शिथिलता और जवाबदेही की कमी को दर्शाती है। इसके साथ ही बजट घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की धीमी प्रगति भी सवाल खड़े कर रही है, जिससे आमजन को मिलने वाले लाभ प्रभावित हो रहे हैं।</p>
<p>जल जीवन मिशन के तहत वृहद परियोजनाओं, OTMP कार्यों तथा अंतर-विभागीय समन्वय की कमजोर स्थिति एजेंडे का प्रमुख हिस्सा है। यह स्पष्ट करता है कि समयबद्ध क्रियान्वयन के बजाय योजनाएं कागजों तक सीमित होती जा रही हैं। वहीं अमृत 2.0 योजना में लंबित कार्यादेशों की अधिकता यह दर्शाती है कि योजना की गति जमी हुई है। शहरी जल योजनाओं में जल राजस्व प्राप्ति, बकाया वसूली और उपभोक्ताओं को बिल वितरण की स्थिति भी संतोषजनक नहीं बताई जा रही है। ग्रीष्म संवर्धन कार्यों के लिए अब तक ठोस कार्ययोजना का अभाव आने वाले गर्मी के मौसम में जल संकट को और गहरा सकता है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त अवैध जल कनेक्शनों को काटने के अभियान की जिलेवार प्रगति भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। बैठक से पहले ही अधिकारियों से आंकड़े और पीपीटी मांगना इस बात का संकेत है कि जमीनी स्तर पर कार्यों की वास्तविक स्थिति को लेकर विभाग स्वयं आश्वस्त नहीं है। कुल मिलाकर, यह बैठक विभागीय कार्यों की समीक्षा से अधिक, वर्षों से चली आ रही लापरवाहियों और कमजोर क्रियान्वयन पर पर्दा उठाने वाली साबित हो सकती है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/amid-questions-ranging-from-pending-water-supply-issues-to-schemes/article-140698</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/amid-questions-ranging-from-pending-water-supply-issues-to-schemes/article-140698</guid>
                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 12:20:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/jal-bhavan.png"                         length="603778"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur KD]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - सरकार ने दूर की तकनीकी खामी, आमजन को मिली राहत, जन आधार पोर्टल 2.0 में किया सुधार</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[अब परिवार के सभी 18 वर्ष से ऊपर के सदस्य एक साथ अपडेट हो सकेंगे ।
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--government-fixes-technical-glitch--provides-relief-to-common-people--improves-jan-aadhaar-portal-2-0/article-127102"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(4)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जन आधार पोर्टल 2.0 की प्रारंभिक तकनीकी खामियों को राज्य सरकार ने दुरुस्त कर दिया है। अब नागरिकों को अपने परिवार के सभी 18 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों का करेक्शन एक ही बार में करने की सुविधा मिल जाएगी। इसके साथ ही अलग-अलग टोकन कटवाने की झंझट खत्म हो गई है। इस बदलाव से न सिर्फ नागरिकों को राहत मिलेगी बल्कि ई-मित्र कियोस्क संचालकों का काम भी आसान हो जाएगा। पूर्व में पुराने जन आधार पोर्टल की जगह नया अपग्रेड वर्जन लांच करने के बाद जिले में जन आधार कार्ड से जुड़े काम प्रभावित हो रहे थे। पोर्टल का नया अपग्रेड वर्जन लांच किए जाने के बाद जन आधार कार्ड से सम्बंधित कायों में परेशानी आ रही थी। अब तकनीकी टीम ने खराबी को दूर कर दिया है। जिससे जनाधार सम्बंधी कार्य फिर से शुरू होने लगे हैं।</p>
<p><strong>सरकारी योजनाओं का मिलने लगा लाभ</strong><br />जानकारी के अनुसार नए पोर्टल में न तो नए जन आधार कार्ड बन पा रहे थे और न ही पुराने कार्डों में अपडेट हो पा रहे थे। सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि करेक्शन के दौरान केवल चयनित सदस्य या 18 वर्ष से कम आयु के सदस्य ही अपडेट हो पाते थे, जबकि 18 वर्ष से अधिक उम्र के अन्य सदस्यों को बाहर कर दिया जाता था। जन आधार पोर्टल 2.0 के शुरू होते ही तकनीकी गड़बड़ियों के चलते सरकार को अस्थायी रूप से पुराना पोर्टल 1.0 चालू करना पड़ा था। अब तकनीकी समस्या का समाधान होने के बाद पोर्टल 2.0 में अब परिवार के सभी 18 वर्ष से ऊपर के सदस्य एक साथ अपडेट हो सकते हैं। अब  ई-मित्र कियोस्क संचालकों और नागरिकों दोनों के लिए प्रक्रिया सरल हो गई है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />सरकार ने पुराने जन आधार पोर्टल की जगह नया अपग्रेड वर्जन 2.0 लॉन्च किया था। इस सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 8 सिंतबर को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर बताया था कि पोर्टल को जैसे ही इसे लागू किया गया, तकनीकी खामियां सामने आने लगीं। नतीजा यह हुआ कि न तो नए जन आधार कार्ड बन पा रहे हैं और न ही पुराने कार्ड अपग्रेड हो रहे हैं।  जन आधार कार्ड बनाने के लिए लोग रोजाना ई-मित्र और जन सेवा केन्द्रों पर चक्कर लगा रहे हैं। जन आधार कार्ड आमजन के लिए केवल पहचान पत्र ही नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का पासपोर्ट है। अनुदान, छात्रवृत्ति, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, पेंशन योजनाएं और नया राशन कार्ड बनाने जैसे तमाम काम जन आधार कार्ड पर आधारित हैं। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब खराबी दुरुस्त होने से आमजन को राहत मिली है।</p>
<p>जनाधार पोर्टल के नए वर्जन की तकनीकी खामी को ठीक कर दिया गया है। अब ई-मित्र केन्द्रों पर जाकर विभिन्न सरकारी योजनाओं से सम्बंधित कार्य करवाए जा सकते हैं।<br /><strong>- कृष्णमुरारी, पटवारी</strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--government-fixes-technical-glitch--provides-relief-to-common-people--improves-jan-aadhaar-portal-2-0/article-127102</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--government-fixes-technical-glitch--provides-relief-to-common-people--improves-jan-aadhaar-portal-2-0/article-127102</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Sep 2025 14:49:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/_4500-px%29-%284%291.png"                         length="445879"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पहले नाम बदला अब टॉपर्स विद्यार्थियों की पुरस्कार राशि भी घटाई</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[पुरस्कार राशि में 15 से 25 हजार की कटौती।
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/first-the-name-was-changed--now-the-prize-money-of-toppers-students-has-also-been-reduced/article-124699"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1n9e1ws-(1).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग में चलाई जा रही योजनाओं के नाम बदलने के बाद अब टॉपर्स विद्यार्थियों की पुरस्कार राशि में भी भारी कटौती कर दी गई। वहीं, बोर्ड परीक्षाओं में सर्वोच्चय अंक प्राप्त करने वाली प्रतिभाओं को लैपटॉप देने की योजना को भी बदलकर टैबलेट योजना कर दिया गया। जिससे विद्यार्थियों व अभिभावकों में रोष है।    इतना ही नहीं  शिक्षक दिवस पर दिए जाने वाले शिक्षक सम्मान में भी कटौती की गई है। पहले जिला व राज्य स्तर के साथ ब्लॉक स्तर पर भी उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाता था लेकिन अब ब्लॉक स्तर पर सम्मान की व्यवस्था खत्म कर दी गई। सरकार के निर्णय से शिक्षक वर्ग में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। </p>
<p><strong>लैपटॉप योजना अब टैबलेट में बदली </strong><br />उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग ने हर साल 8वीं, 10वीं, 12वीं में राज्य व जिला स्तर पर 27900 लैपटॉप देने की योजना बनाई थी। तत्कालीन सरकार को 5 साल में 1.20 लाख बच्चों के लैपटॉप देने थे, जो नहीं बंटे। <br />- ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों के सम्मान पर भी चली कैंची </p>
<p><strong>पद्माक्षी पुरस्कार योजना : 15 से 25 हजार की कटौती </strong><br />यह पुरस्कार 8 कैटेगरी में दिया जाता है। हर कैटेगरी में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 8, 10 व12वीं (हर संकाय में अलग-अलग) की परीक्षाओं में जिले में प्रथम रहने वाली बालिकाओं को दिया जाता है।</p>
<p><strong>पहले -</strong> इस योजना में पहले 8वीं की बालिका को 40 हजार, 10वीं में 75 हजार और 12वीं की छात्रा को 1 लाख रुपए पुरस्कार राशि दी जाती थी।</p>
<p><strong>अब - </strong>8वीं की बालिका को 25 हजार, 10वीं में 50 हजार और 12वीं की छात्रा को 75 हजार रुपए की राशि पुरस्कार के रूप में दिए जाएंगे।</p>
<p><strong>बढ़ाना था बजट, कर दी कटौती</strong><br />शिक्षक नेता मोहर सिंह ने बताया कि योजना का संचालन  बालिका फाउंडेशन द्वारा किया जाता है। फाउंडेशन अब 33 जिलों की बजाय 41 जिलों के आधार पर चयन करेगा, जिससे बालिकाओं की संख्या बढ़ेगी। इस कारण फाउंडेशन ने पुरस्कार राशि के बजट में ही कटौती कर दी। </p>
<p><strong>पहले ब्लॉक स्तर अब जिला व राज्य स्तर पर सम्मान </strong><br /><strong>पहले -</strong> 50 जिलों में 150 शिक्षकों को राज्य स्तरीय, जिला स्तर-150 और ब्लॉक स्तर हर ब्लॉक में 3 शिक्षकों को सम्मान देना था। प्रदेश में 358 ब्लॉकों में 1074 शिक्षकों को सम्मानित किया जाना था। ऐसे में 1374 शिक्षक सम्मानित होते थे। राज्य स्तरीय- 21 हजार, जिला स्तर पर 11 हजार और ब्लॉक स्तर पर 5100 रुपए पुरस्कार राशि देने का प्रावधान था। </p>
<p><strong>अब - </strong>राज्य स्तर पर शिक्षक सम्मान की संख्या घटाकर 66 कर दी। इनमें पहली से 5वीं तक 22, छठी से आठवीं तक 22 और 9वीं से 12वीं तक 22 शिक्षकों का चयन होगा। अब 41 जिलों में 123 शिक्षकों को जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान मिलेगा। इस बार ब्लॉक स्तर की व्यवस्था खत्म कर दी गई। </p>
<p><strong>93 हजार बच्चों को बांटे टैबलेट </strong><br />कांग्रेस सरकार ने जनवरी 2023 में योजना को बदलकर लैपटॉप की बजाय टैबलेट देने का निर्णय लिया। आखिरी साल में टेंडर किए। पहले चरण में 93 हजार बच्चों को टैबलेट बांटे। अब योजना में टैबलेट ही बांटे जा रहे हैं।</p>
<p><strong>यह कहते हैं अभिभावक</strong><br />सरकार को बजट बढ़ाना चाहिए था, जो न करके बोर्ड परीक्षाओं में टॉप करने वाली बेटियों की पुरस्कार राशि में कटौती करना सही नहीं है। बालिकाओं को उत्साहित करने की जगह मायूस किया जा रहा है। <br /><strong>- मनमोहन कुमार, अभिभावक संजय नगर </strong></p>
<p>पद्माक्षी योजना में 12वीं बोर्ड परीक्षा की टॉपर बालिका को पहले 1 लाख रुपए पुरस्कार  राशि मिलती थी, जिसे घटाकर 75 हजार रुपए कर दी गई। कटौती का निर्णय गलत है। <br /><strong>- मुरली मनोहर, अभिभावक बोरखेड़ा </strong></p>
<p>क्या कहती हैं छात्राएं<br />पुरस्कार राशि में कटौती करना बेईमानी है। यह पुरस्कार राशि हमारे लिए स्कोलरशिप की तरह है, आगे की पढ़ाई में काम आती है। <br /><strong>- तपस्या मेघवाल, छात्रा देवली अरब </strong></p>
<p>पहले सरकार ने योजना के तहत लैपटॉप देने की बात कहीं लेकिन जब मेरिट में आए तो पता चला कि लैपटॉप की जगह टैबलेट दिए जाएंगे।  सरकार को छात्राओं का हित देखना चाहिए।<br /><strong>- मनभर राठौर, छात्रा ताथेड़</strong></p>
<p><strong>यह बोले शिक्षक</strong><br /><strong>विद्यार्थियों की योजनाओं में नहीं हो कटौती</strong><br />लैपटॉप, टेबलेट वितरण योजना एवं बालिकाओं से जुड़ी पद्माक्षी योजना में कटौती का निर्णय गलत है। जबकि, इन योजनाओं से लाभान्वित होने से विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ता है। वहीं शिक्षक सम्मान समारोह में मिलने वाली राशि को बंद कर देना चाहिए क्योंकि 2019 से पूर्व भी शिक्षकों को सम्मान समारोह में राशि नहीं मिलती थी।<br /><strong>- मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष,शिक्षक संघ रेसटा </strong><br /><strong> </strong><br /><strong>यह मनोबल गिराने वाला कदम</strong><br />लैपटॉप की जगह टैबलेट देना और पद्माक्षी के तहत पुरस्कार राशि में 15 से 25 हजार की कटौती करना प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का मनोबल गिराना जैसा है। टॉपर्स विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है, ऐसे में सरकार को बजट बढ़ाना चाहिए।<br /><strong>- नवल सिंह, शिक्षक झालावाड़</strong></p>
<p>यह राशि घटाने या बढ़ाने का विषय नहीं है। योजनाओं का बजट घटाया नहीं है  बल्कि बोर्ड परीक्षाओं में 90% से अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में सभी को पुरस्कार राशि मिले, इसलिए  योजना का निर्धारित बजट विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में बांटा गया है।  रही बात शिक्षक सम्मान की तो ब्लॉक स्तर पर चयन प्रक्रिया को लेकर शिकायतें आती थी। इस पर जिला स्तरीय कमेटी बनाकर प्रक्रिया शुरू की है। ताकि, उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मान मिल सके।<br /><strong>- सतीश कुमार गुप्ता, विशेषाधिकारी, शिक्षा मंत्री</strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/first-the-name-was-changed--now-the-prize-money-of-toppers-students-has-also-been-reduced/article-124699</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/first-the-name-was-changed--now-the-prize-money-of-toppers-students-has-also-been-reduced/article-124699</guid>
                <pubDate>Mon, 25 Aug 2025 15:53:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/1n9e1ws-%281%29.png"                         length="383259"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - केडीए ने की सात आवासीय योजना में खाली पड़े भूखंड आवासों की लांचिंग</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[नवज्योति में खबर छापने के बाद केडीए हरकत में आया।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---kda-launched-vacant-plots-and-houses-in-seven-housing-schemes/article-114830"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(1)35.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा विकास प्राधिकरण ने आय बढ़ाने के लिए पुरानी योजनाओं में खाली पड़े भूखंडो की लांचिंग की है। उल्लेखनीय है कि 11 मई को दैनिक नवज्योति ने पेज पांच पर आवासीय योजनाओं को लंबा हो रहा इंतजार शीर्षक से खबर छापने के बाद केडीए हरकत में आया और मंगलवार को सात आवासीय योजनाओं में खाली पड़े भूखंडो व आवासों की लॉचिंग की।  कोटा विकास प्राधिकरण के मंथन सभागार में मंगलवार को अध्यक्ष राजेंद्र सिंह शेखावत ,आयुक्त ऋषभ मंडल, सचिव कुशल कोठारी, वित्त निदेशक डॉ नीतू सिंह, निदेशक अभियांत्रिकी रविंद्र माथुर के साथ बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे ।</p>
<p>प्राधिकरण द्वारा सावित्रीबाई फुले आवासीय योजना में 26, सीए नगर योजना में 124, मोहनलाल सुखाड़िया ब्लॉक सी और एफ में 100, गोविंद नगर आवासीय योजना में 289, देवनारायण नगर आवासीय योजना में 49, चंद्र मौली आवासीय योजना में 49 भूखण्डों और कुंदकुंद निर्मित आवास योजना में 12 आवास के लिए आवेदन मांगे हैं । 26 मई से आवेदन पत्रों का विक्रय शुरू हो जाएगा और 16 जून तक आवेदन विक्रय और जमा किए जाएंगे । लॉन्चिंग के समय भी अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह ने  विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से नई योजनाओं और दरों के संबंध में भी चर्चा की और उसको लेकर सुझाव भी दिए। अध्यक्ष राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि आने वाले समय में और भी योजनाएं कोटा विकास प्राधिकरण प्लान कर रहा है । </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---kda-launched-vacant-plots-and-houses-in-seven-housing-schemes/article-114830</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---kda-launched-vacant-plots-and-houses-in-seven-housing-schemes/article-114830</guid>
                <pubDate>Wed, 21 May 2025 15:02:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-05/news-%281%2935.png"                         length="477739"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>योजनाओं पर अरबों रुपए खर्च, फिर भी नहीं बुझ रही प्यास </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[रामगंजमंडी में नियमित रूप से नहीं हो रही पेयजल सप्लाई।
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/billions-of-rupees-spent-on-schemes--still-thirst-is-not-being-quenched/article-113067"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news7.png" alt=""></a><br /><p>रामगंजमंडी। रामगंजमंडी उपखण्ड क्षेत्र में रावतभाटा-रामगंजमंडी, रावतभाटा पचपहाड़ व हर घर पेयजल जल जीवन मिशन जैसी तीन बड़ी योजनाएं संचालित हैं। जिन पर केंद्र व राज्य सरकार अरबों की राशि खर्च कर चुकी है। लेकिन विडम्बना है कि आज भी भीषण गर्मी में लोगों को पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है। रामगंजमंडी नगर में 72 से 80 घण्टों में पानी की सप्लाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार रामगंजमंडी नगर के लिए बनी रावतभाटा-रामगंजमंडी पेयजल योजना हमेशा भीषण गर्मी में असफल रहती आई है। हाल ही में अम्बाकुआं क्षेत्र में आई तकनीकी खराबी से नगर में एक सप्ताह से पेयजल सप्लाई प्रभावित हो रही है। रामगंजमंडी नगर के लोगों को 72 से 80 घण्टों में पानी की सप्लाई हो रही है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अम्बाकुआं के जल स्त्रोत में पावर सप्लाई नहीं मिलने से पानी की सप्लाई गड़बड़ा जाती है। लेकिन यह समस्या हमेशा गर्मी के दिनों में ही होती रही है। क्षेत्र की तीन बड़ी पेयजल योजनाओं पर रामगंजमंडी क्षेत्र में पानी सप्लाई के लिए अब तक 2 अरब से भी अधिक राशि खर्च हो चुकी है। फिर भी नियमित रूप से पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को पावर सप्लाई के लिए पूर्व से ही तैयारी करनी थी। ये पावर सप्लाई पुरानी लाइनों से हो रही है तो गर्मी से पूर्व ही योजना बनाते समय पावर सप्लाई का भी ध्यान रखना था। प्रतिवर्ष गर्मी के मौसम में अरबों की राशि खर्च होने के बाद भी पूरी रामगंजमंडी तहसील में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची रहती है। गर्मी के मौसम में पानी की आपूर्ति नहीं होने से टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है। </p>
<p><strong>पाइप लाइन बिछने के बावजूद सप्लाई नहीं हुई शुरू</strong><br />रामगंजमंडी क्षेत्र में रामगंजमंडी-रावतभाटा, रामगंजमंडी-पचपहाड़ व जल जीवन मिशन योजना जैसी तीन योजनाओं पर अरबों की राशि  खर्च हो चुकी है। लेकिन इसके बावजूद लोग भीषण गर्मी में पेयजल के लिए तरस रहे हैं। तहसील क्षेत्र के गांवों में जल जीवन मिशन योजना के तहत 1 अरब 45 करोड़ की राशि से सब जगह लाइनें बिछा दी गई हैं। लेकिन गांवों में भी पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। यहां भी टैंकर से ही पानी की सप्लाई की जा रही है। जबकि जल जीवन मिशन योजना की समयावधि पूर्ण हो चुकी है। फिर भी कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। </p>
<p><strong>गर्मी के दिनों में हमेशा होती है परेशानी </strong><br />गर्मी के दिनों में नगरवासियों को हमेशा ही पेयजल के लिए परेशान होना पड़ता है। 30 वर्ष पूर्व शिक्षा मंत्री रहे हरिकुमार औदिच्य ने रावतभाटा-रामगंजमंडी पेयजल योजना स्वीकृत करवा कर बजट उपलब्ध करवा दिया था। बाद में खाद्य आपूर्ति मंत्री रामकिशन वर्मा के कार्यकाल में रामगंजमंडी के लोगों को रावतभाटा से चंबल नदी का पानी पहली बार पीने को मिला था। तब लोगों को उम्मीद थी कि अब हमेशा पेयजल मिलेगा। तब से रावतभाटा से चंबल नदी का पानी मिलता भी आया है। किन्तु तकनीकी खराबी के चलते एक सप्ताह से पानी सप्लाई व्यवस्था चरमराई हुई है।</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />रामगंजमंडी परियोजना के जल स्त्रोत अम्बाकुआं इन्टेकवेल पम्प हाउस पर पिछले दिनों से लगातार पावर सप्लाई व्यवधान से पम्प लगातार नहीं चल पाए। जिससे क्षेत्र के ग्रामीण व शहरी एरिया में जल उत्पादन पर्याप्त नहीं होने से जलापूर्ति प्रभावित हो रही है। शनिवार को भी पावर ट्रिपिंग व रात 9 बजे से प्रात: 3 बजे तक पावर फाल्ट रहा। जिससे रविवार को कई क्षेत्रों में पानी की सप्लाई नहीं हुई। बार-बार पावर ट्रिपिंग से पाइप लाइन के डैमेज व लीकेज होने की भी लगातर संभावना बनी रहती है।</p>
<p>कल तेज हवा के कारण दो जगह इंसुलेटर पंक्चर हो गए थे। जिन्हें रात दो बजे तक दुरुस्त कर विद्युत सप्लाई चालू कर दी गई थी। <br /><strong>- देवेंद्र नागर, एईएन, विद्युत विभाग, रावतभाटा</strong></p>
<p>सर्दी व बरसात के मौसम में पानी की समस्या नहीं रहती। 48 घण्टे में पानी मिल जाता है। लेकिन गर्मी के दिनों में हमेशा यहां तकनीकी फाल्ट की समस्या बता कर पानी की सप्लाई नहीं की जाती। नगर के यादव मोहल्ले में 3 से 4 दिनों में सप्लाई दी जा रही है। पानी सप्लाई 24 घण्टे में तो मिलना चाहिए। यह गम्भीर समस्या है।<br /><strong>- कमल टेलर, यादव मोहल्ला, रामगंजमंडी </strong></p>
<p>इस संदर्भ में विद्युत विभाग को फिर पत्र लिखकर व अधिकारियों से बात करके योजना पर निर्बाध पावर सप्लाई की मांग की गई है। <br /><strong>- बलभद्र शर्मा, सहायक अभियंता, पीएचईडी</strong></p>
<p>विभागीय डेडिकेटेड फीडर पर विद्युत आपूर्ति निर्बाध रूप से दिलवाने के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा है।<br /><strong>- सोमेश मेहरा, अधिशासी अभियंता, पीएचईडी</strong></p>
<p><strong>हैंडपम्प से भरते हैं पानी </strong><br />रामगंजमंडी नगर की कई कॉलोनियां ऐसी हैं, जहां सर्दी व बरसात के मौसम में 48 घण्टे में पानी की सप्लाई होती है। लेकिन गर्मी शुरू होते ही 76 से 80 घण्टे के बाद पेयजल सप्लाई हो रही है। नगरवासी इस दौरान हैंडपम्प से पानी भरते हैं। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/billions-of-rupees-spent-on-schemes--still-thirst-is-not-being-quenched/article-113067</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/billions-of-rupees-spent-on-schemes--still-thirst-is-not-being-quenched/article-113067</guid>
                <pubDate>Mon, 05 May 2025 17:02:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-05/news7.png"                         length="456716"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली चुनाव में लाडली लेडीज पर फोकस, महिलाओं के लिए केंद्र और राज्यों की ओर से पहले से ही लागू हैं कई स्कीम</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ दिल्ली में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों की ओर से महिलाओं के लिए तरह-तरह के वादे किए गए हैं]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/focus-on-ladli-ladies-in-delhi-elections-many-schemes-are/article-102279"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/78-(1)7.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों की ओर से महिलाओं के लिए तरह-तरह के वादे किए गए हैं। कांग्रेस पार्टी ने प्यारी दीदी योजना के तहत हर महीने 2500 रुपये देने का वादा किया है, तो वहीं सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने 2100 रुपये देने का चुनावी वादा किया है। बीजेपी भी इस रेस में पीछे नहीं है और पार्टी की ओर से महिलाओं को 2500 रुपये प्रति माह देने के साथ-साथ, गर्भवती महिलाओं को 21000 रुपये देने का वादा किया गया है. इसके अलावा आप को चुनौती देने के लिए बीजेपी सीनियर सिटीजन को भी पेंशन देने का वादा कर चुकी है।</p>
<p><strong>महिला वोटर्स पर पार्टियों का फोकस</strong><br />यह पहली बार नहीं है जब सियासी दल महिलाओं को सीधे फायदा देने का वादा कर उन्हें अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे प्रयास पहले भी देशभर में होते रहे हैं ताकि महिला वोटर्स को अपने साथ जोड़ा जा सके जो कि वोटिंग में निर्णायक भूमिका निभाती हैं। हाल में हुए चुनावों में भी देखा गया है कि राजनीतिक दलों की ओर से महिलाओं को फोकस में रखकर वादे किए गए हैं। महिला कल्याण के लिए केंद्र की योजनाओं के अलावा राज्य सरकारें भी महिलाओं से संबंधित योजनाओं पर भारी-भरकम राशि खर्च करती आई हैं।</p>
<p>रिसर्च से पता चलता है कि ऐसी योजनाओं का वोट शेयर और टर्नआउट पर बड़ा असर पड़ा है। जो राजनीतिक दल महिलाओं के लिए स्कीम्स का ऐलान करता है उसे महिलाओं के वोट भी बढ़चढ़ कर मिले हैं। कई चुनावों में तो महिलाओं का वोट राजनीतिक दलों की जीत में निर्णायक भी रहा है। केंद्र और राज्यों की ओर से साल 2024-25 में महिलाओं के लिए योजनाओं का पिटारा खोला गया है जिससे महिला वोटर्स तक सीधे पहुंचा जा सके। लैंगिक समानता और महिला कल्याण के लिए देशभर में प्रयास होते रहे हैं और केंद्र हो या फिर राज्य सरकारें दोनों ने ही महिलाओं से जुड़ी योजनाओं पर बड़ा बजट खर्च किया है। वित्त वर्ष 2024-25 में लागू की गई ऐसे योजनाओं में वित्तीय मदद के अलावा स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा के अलावा महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया गया है।</p>
<p><strong>महिलाओं के लिए केंद्र की योजनाएं</strong></p>
<p>केंद्रीय बजट 2024-25 में महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं के लिए 3.10 लाख करोड़ का फंड आवंटित किया गया था जो कि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 38.7 फीसदी ज्यादा है। यह कुल बजट का का करीब 6.5 फीसदी है। केंद्र की ओर से महिलाओं के लिए निम्न योजनाएं लागू की गई हैं।</p>
<p><strong>बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना:</strong> लड़कियों की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए लागू इस योजना का बजट 629 करोड़ है जिसमें वन स्टॉप सेंटर्स और महिला हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं आती हैं।<br />सुकन्या समृद्धि योजना: यह एक सेविंग स्कीम है जो बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के तहत आती है और इसमें ब्याज दर को बढ़ाकर अब 8.2 फीसदी किया गया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना : इस योजना के लिए 2500 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है जिसमें गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को वित्तीय मदद मुहैया कराई जाती है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना: इस योजना के तहत गृहणियों को हर एलपीजी सिलेंडर पर 300 रुपए की सब्सिडी दी जाती है। साथ ही योजना का कुल बजट 12 हजार <br />करोड़ है।</p>
<p><strong>स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण):</strong>  इस योजना का बजट 7192 करोड़ है, जिसका मकसद ग्रामीण इलाकों को खुले में शौच से मुक्त करना है, साथ ही योजना में कचरे का प्रबंधन शामिल है। जल जीवन मिशन: इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में नल का पानी पहुंचाया जा रहा है और इसके लिए 70163 करोड़ का फंड तय किया गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कुल 15047 करोड़ के बजट की इस योजना के तहत महिलाओं के स्वयं सहायता समूह को सपोर्ट किया जाता है और ग्रामीण इलाके में उनकी आजीविका के लिए मदद दी जाती है।</p>
<p><strong>सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण मिशन 2.0: </strong> इस योजना के तहत नवजात बच्चों के पालन पोषण को बेहतर बनाने के लिए मदद दी जाती है और इसका बजट 21200 करोड़ है। केंद्र के अलावा राज्य सरकारों की ओर से भी महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम उठाए गए हैं। देश के कई राज्यों में महिलाओं को फोकस करते हुए योजनाएं लागू की गई हैं।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/focus-on-ladli-ladies-in-delhi-elections-many-schemes-are/article-102279</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/focus-on-ladli-ladies-in-delhi-elections-many-schemes-are/article-102279</guid>
                <pubDate>Tue, 28 Jan 2025 12:33:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-01/78-%281%297.png"                         length="333176"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रामगंजमंडी में बार बार पेयजल संकट क्यों?</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[रामगंजमंडी के लोगो को वर्षो पहले भीषण गर्मी के मौसम में चार माह तक पेयजल उपलब्ध नहीं होता था। 
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/why-is-there-a-frequent-drinking-water-crisis-in-ramganj-mandi/article-93029"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(4)13.png" alt=""></a><br /><p>रामगंजमंडी। रामगंजमंडी नगर में पेयजल संकट वर्षों पुराना है। वर्षों से ही यहां लोग पेयजल के लिए त्राहि त्राहि करते रहे है। आज भी यही हाल है जबकि यहाँ अलग अलग योजनाओं पर करोड़ो की राशि खर्च हो चुकी है। रावतभाटा रामगंजमंडी पेयजल योजना, रावतभाटा पचपहाड़ पेयजल योजना, इसके बाद नगर में पुनर्गठित पेयजल योजना आदि पर करोड़ों की राशि खर्च हो चुकी है, किंतु रामगंजमंडी जैसे मुख्यालय जहां राज्य के कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधित्व करते है, वहां आज भी पेयजल के लिए कभी 96 घण्टे तो कभी120 घण्टे तक पानी नहीं मिल पा रहा है। हाल ही में नगर में 5-6 दिनों बाद घरों पर पानी सप्लाई हुआ। </p>
<p><strong>वर्षों से शहर के लोग पेयजल को तरसे </strong><br />रामगंजमंडी के लोगो को वर्षो पहले भीषण गर्मी के मौसम में चार माह तक पेयजल उपलब्ध नहीं होता था, पूर्व शिक्षा मंत्री हरिकुमार औदीच्य रावतभाटा पेयजल योजना को लाए थे,यह योजना पूर्व मंत्री रामकिशन वर्मा के कार्यकाल मे शुरू हुई ,तब से यहाँ 24 घण्टे में एक बार पेयजल आपूर्ति होती है। विधायक प्रहलाद गुंजल के समय एक ओर पेयजल योजना रावतभाटा पचपहाड़ पेयजल योजना शुरू हुई जो रामगंजमंडी आस पास गांवों सहित रामगंजमंडी में भी पेयजल सप्लाई होते हुए भवानीमंडी जा रही थी, आजकल यह योजना भी सिर्फ रामगंजमंडी तक ही सीमित है। भवानीमंडी में अलग पेयजल योजना वहां शुरू कर दी है, 2015-16 में रामगंजमंडी शहर में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा रामगंजमंडी शहर में प्रतिदिन नल आए इसके लिए 11.50करोड़ की पुनर्गठित पेयजल योजना में यहाँ 3 पानी टैंक बनाए व सारी पुरानी पाइप लाइन व नई कोलोनी की पाइप लाइन जोड़ी गई, विभाग का फिर यही वादा था कि यहां प्रतिदिन नल आएंगे। लेकिन आज भी लोग 48 घण्टे के बाद पानी सप्लाई होता है।</p>
<p>नवरात्र और दशहरे के त्योहार पर आया, यह जल संकट रामगंज मंडी के इतिहास का सबसे बड़ा जल संकट था। घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो इसलिए सारे मामले की जांच कर दोषी ठेकेदार और कर्मचारियों पर कार्यवाही होनी चाहिए। पाइपलाइन के रखरखाव रिपेरिंग के लिए विभाग ठेकेदार को प्रति माह मोटी राशि का भुगतान कर रहा है अभी घटित घटना लाइन टूटने फूटने दुर्घटनाग्रस्त होने जैसी आकस्मिक घटना नहीं थी बल्कि लाइन में एक लीकेज आया था, जिसे पूर्व तैयारी के साथ  सुधारा जाना था और इसके लिए 24 घंटे का समय पर्याप्त था पर विभाग ने अग्रिम सावधानी बरतते हुए 6 और 7 अक्टूबर दो दिन का सप्लाई ब्रेक ले लिया था, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के चलते इसमें चार दिन लग गए और बड़ा जल संकट खड़ा हो गया। विद्युत लाइन में फ्यूज उड़ना एवं फॉल्ट आना एक सामान्य प्रक्रिया है पानी आपूर्ति पंप जेसी अति आवश्यक लाइन का फ्यूज फाल्ट ठीक करने में विद्युत विभाग को 10 घंटे का समय लगा जो अत्यधिक लापरवाही है। यह यह भी जांच का विषय है की विद्युत विभाग को फाल्ट के बारे में समय पर बताया गया या नहीं बताया गया और यदि समय पर बताया गया तो विद्युत विभाग ने तुरंत ठीक क्यों नहीं किया जो भी दोषी है उसे पर कार्यवाही होनी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो ।</p>
<p><strong>जल संकट पर चला घटनाक्रम </strong><br />5 और 6 अक्टूबर को रावतभाटा रामगंजमंडी पेयजल योजना की लाइन में आए, लीकेज को ठीक करने की योजना बनी। 7 और 8 अक्टूबर को पानी आपूर्ति का ब्रेक लिया गया, लेकिन  9 और 10 अक्टूबर को भी पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र जैन के साथ शहर के लोग जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी कार्यालय पहुंचे और जवाब सवाल किए तो 11 अक्टूबर को सप्लाई चालू हुई और आधे से ज्यादा शहर में पानी पहुंचा, लेकिन रात को 9 बजे सप्लाई सेंटर अंबाकुई घाटे रावतभाटा में विद्युत लाइन में फाल्ट आ गया, जिससे 12 अक्टूबर को सुबह शेष आधे शहर में जो पानी की सप्लाई की जानी थी  वह नहीं  हुई, तो पालिका प्रतिपक्ष नेता महेंद्र समरिया और पूर्व पालिका अध्यक्ष विजय गौतम पानी की टंकी पर चढ़ गए, जिन्हें समझाइश कर नीचे उतर गया और विद्युत फाल्ट से उपजे संकट से अवगत करवाया गया कुछ मोहल्ले में टैंकर से आपूर्ति कर संतुष्ठ किया गया। इधर भाजपा नेता वीरेंद्र जैन और नगर मंडल अध्यक्ष कमलेश गोइन भी  दुबारा  कार्यालय पहुंचे और शनिवार शाम को 4 बजे बाद ही शहर में पानी की सप्लाई चालू करने के लिए अधिकारियों से चर्चा कर सप्लाई चालू करवाने की बात की। जिससे जनता को काफी राहत मिली। रविवार की जल आपूर्ति को जोड़कर समाचार लिखे जाने तक लगभग सभी मोहल्ले में व्यवधान आने के बाद दो-दो बार पानी की आपूर्ति हो चुकी है जो राहत की बात है। पर अब चिंता की बात यह है कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृति नहीं हो। </p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />कर्मचारियों की लापरवाही साफ दिख रही है।  समय पर लीकेज दुरुस्त नहीं करने वाले ठेकेदार और  विद्युत सप्लाई को समय पर चालू नहीं करने वाले दोषी कर्मचारियों पर सारे मामले की जांच कर  सख्त कार्यवाही होनी चाहिए ताकि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति और लापरवाही फिर नहीं हो ।<br /><strong>- वीरेन्द्र जैन, भाजपा नेता</strong></p>
<p>पाइप लाइन में फाल्ट सुधारने में हुई लेटलतीफी के मामले में ठेकेदार को नोटिस दिया जाएगा। जुर्माना भी लगाया जाएगा,भविष्य में लेटलतीफी न हो विभागीय कार्यवाही की जाएगी। विद्युत विभाग द्वारा भी फाल्ट सुधारने में की गई लेटलतीफी के मामले में भी विद्युत विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा,भविष्य में ऐसी गलती न हो विभाग के बड़े अधिकारियों को भी पत्र लिखा जाएगा,मामला ऊर्जा मंत्री के संज्ञान में डाल दिया है।विभाग नियमित पेयजल आपूर्ति के पूरे प्रयास कर रहा है।आज भी जिन वार्डो में सप्लाई नही हुई थी वहां भी सप्लाई की गई है शेष वार्डो में भी सप्लाई की जाएगी।<br /><strong>- अंकित सारस्वत अधिषासी अभियन्ता रामगंजमंडी</strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/why-is-there-a-frequent-drinking-water-crisis-in-ramganj-mandi/article-93029</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/why-is-there-a-frequent-drinking-water-crisis-in-ramganj-mandi/article-93029</guid>
                <pubDate>Mon, 14 Oct 2024 17:14:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-10/630400-size-%284%2913.png"                         length="661068"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तीन साल से राशन कार्ड में नहीं जुड़ रहे नए नाम </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[कोरोना काल में राशन कार्ड में सदस्यों के नए नाम शामिल करने की प्रक्रिया बंद हो गई थी। इससे कई लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/new-names-are-not-being-added-to-the-ration-card-for-three-years/article-69312"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/transfer1.jpg" alt=""></a><br /><p>दीगोद। क्षेत्र के सैंकड़ों परिवारों के सदस्यों का नाम राशन कार्ड में नहीं होने से उन्हें सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। साथ ही सरकार का संबंधित पोर्टल भी लॉक है। जिससे उपभोक्ता अपने परिवार के नए सदस्यों का नाम राशन कार्ड में शामिल करने से वंचित हैं। जानकारी के अनुसार पिछले 3 वर्ष से उपभोक्ता पोर्टल चालू होने और राशन कार्ड में नाम जुड़ने का इंतजार कर रहे हंै। सरकार ने अभी तक पुराने राशन कार्ड में परिवार के किसी भी सदस्य का नाम शामिल करने की प्रक्रिया शुरू नहीं की है। कोरोना काल में राशन कार्ड में सदस्यों के नए नाम शामिल करने की प्रक्रिया बंद हो गई थी। इससे कई लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। वहीं क्षेत्र के कई सामूहिक परिवारों के सदस्यों की शादी होने के बाद 3 वर्ष से अधिक का समय बीत गया है। लेकिन दुल्हन तथा उनके बच्चों के नाम भी अभी तक राशन कार्ड में नहीं जुड़ पाए हैं। </p>
<p><strong>पुराने राशन कार्डों में नहीं जुड़ पा रहे नए नाम</strong><br />राज्य सरकार ने खाद्य सामग्री में नए नाम शामिल करने के लिए पिछले वर्ष पोर्टल ओपन किया था। उस दौरान कई नए राशन कार्ड खाद्य सामग्री योजना में शामिल हो गए थे। लेकिन पुराने राशन कार्ड में नए सदस्यों के नाम नहीं जुड़ पाए हैं।</p>
<p><strong>बदस्तूर जारी है नाम हटाने की प्रक्रिया </strong><br />गौरतलब है कि राशन कार्ड से परिवार के सदस्य का नाम हटाने की व्यवस्था पूर्व की भांति चल रही है। जबकि खाद्य सुरक्षा और नाम जोड़ने का कार्य पूर्णतया बंद है।</p>
<p>राशन कार्ड में नाम नहीं जोड़ना और सरकारी योजना का लाभ आमजन को नहीं मिलना यह बहुत बड़ी समस्या है। गरीब परिवार के लोग इस योजना का लाभ पाकर अपनी भूख मिटाते हैं। ऐसे में जल्द से जल्द इस पोर्टल को खोला जाना चाहिए और राशन कार्ड में नाम भी जोड़ना चाहिए। कांग्रेस सरकार ने पोर्टल खोला था। अब दोबारा बीजेपी सरकार को भी जल्द से जल्द इस ओर ध्यान देकर आमजन को राहत पहुंचाना चाहिए।<br /><strong>-हरिप्रकाश शर्मा, जनप्रतिनिधि, दीगोद</strong></p>
<p>राशन कार्ड में नाम जोड़ने के साथ खाद्य सुरक्षा का भी पोर्टल बंद है। कई गरीब परिवारों को गेहूं नहीं मिल पा रहे हैं। इसको लेकर कई बार सरकार के जिम्मेदार अधिकारियों को लिखित में शिकायत देकर अवगत करवाया है। लेकिन अभी तक पोर्टल शुरू नहीं हुआ है। इस समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए। <br /><strong>-कृष्णा शर्मा, प्रधान, पंचायत समिति सुल्तानपुर</strong></p>
<p>कई परिवारों के सदस्यों की शादी को कई वर्ष बीत चुके हैं। कई युवा पत्नी का नाम राशन कार्ड में शामिल करवाने के लिए ई-मित्र पर चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। समस्या का समाधान जल्द होना चाहिए। ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। <br /><strong>-डॉक्टर एलएन शर्मा, पूर्व भाजपा देहात जिलाध्यक्ष</strong></p>
<p>मेरी शादी 30 अप्रैल 2021 को हुई थी। शादी को करीब 3 साल होने को आए। लेकिन अभी तक मेरी पत्नी का नाम राशन कार्ड में नहीं जुड़ पाया है। जिसकी वजह से हमें सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा। ऐसे में जल्द से जल्द सरकार को पोर्टल चालू करना चाहिए और खाद्य सुरक्षा में नाम जोड़ना चाहिए।<br /><strong>-रितेश मेघवाल, ग्रामीण, भीमपुरा </strong></p>
<p>फिलहाल खाद्य सुरक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना विभाग की तरफ से नहीं मिली है। जैसे ही पोर्टल चालू होने या राशन कार्ड में नाम जोड़ने की कोई सूचना आती है तो उसको सार्वजनिक किया जाएगा। ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।<br /><strong>-पुष्पा हरवानी, डीएसओ, कोटा</strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/new-names-are-not-being-added-to-the-ration-card-for-three-years/article-69312</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/new-names-are-not-being-added-to-the-ration-card-for-three-years/article-69312</guid>
                <pubDate>Tue, 06 Feb 2024 16:40:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-02/transfer1.jpg"                         length="66390"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेयजल योजनाओं पर खर्च होंगे 1100 करोड़</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ बैठक में 35वीं एवं 37वीं एसएलएसएससी में पहले से ही मंजूर 912.38 करोड़ की ओटीएमपी तथा 183.20 करोड़ की नई परियोजनाओं का अनुमोदन किया गया। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/1100-carore-will-be-spent-on-drinking-water-schemes/article-57799"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/si-(3).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत 11 पेयजल परियोजनाओं पर 1100 करोड़ खर्च होंगे। जलदाय मंत्री महेश जोशी की अध्यक्षता वाली राजस्थान वाटर सप्लाई एवं सीवरेज मैनेजमेंट बोर्ड (आरडब्ल्यूएसएसएमबी) की नीति निर्धारण समिति (पीपीसी) की 210वीं बैठक में विभिन्न पेयजल परियोजनाओं के प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। बैठक में 35वीं एवं 37वीं एसएलएसएससी में पहले से ही मंजूर 912.38 करोड़ की ओटीएमपी तथा 183.20 करोड़ की नई परियोजनाओं का अनुमोदन किया गया। अनुमोदित परियोजनाओं में जेजेएम के तहत 35वीं एसएलएसएससी में स्वीकृत 303.54 करोड़ की 31 ओटीएमपी जेजेएम के तहत 37वीं एसएलएसएससी में स्वीकृत 75.45 करोड़ की 8 ओटीएमपी तथा 37वीं एसएलएसएससी में स्वीकृत 533.39 करोड़ की 61 ओटीएमपी की संशोधित स्वीकृति शामिल है।</p>
<p>इन परियोजनाओं को मंजूरी:पीपीसी में जिन नई परियोजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति का अनुमोदन किया गया, उनमें 38.61 करोड़ की सिलिसेढ़ झील से अलवर के पुराने शहर को जलापूर्ति योजना के संवर्धन, 27.64 करोड़ की लालसोट (दौसा) शहरी जलापूर्ति योजना के संवर्धन, 20.74 करोड़ की मंडावरी (दौसा) की शहरी जलापूर्ति योजना के संवर्धन, 20.79 करोड़ की भरतपुर शहरी जलापूर्ति योजना के तहत पुरानी एवं जीर्ण-शीर्ण पाइप लाइन बदलने, जयपुर हेरीटेज के वार्ड संख्या 5,6,7 एवं कच्ची बस्ती, शास्त्री नगर को रामनगर हैडवर्क्स से जोड़ने की 20.10 करोड़ की योजना, 8.69 करोड़ की वनस्थली टोंक में पाइप्ड वाटर संवर्धन की योजना, 6.16 करोड़ की पंप हाउस गोयला से पंप हाउस तांतोती, सावर अजमेर तक मैन ट्रांसमिशन पाइप लाइन, इंदिरा गांधी नहर की जय नारायण व्यास लिफ्ट कैनाल में 19.75 करोड़ की शेयर कॉस्ट की प्रशासनिक स्वीकृति, 15.04 करोड़ की पीएचईडी जयपुर सिटी डिवीजन-तृतीय की हैडवर्क्स पर न्यू फिल्टर प्लांट पुनर्गठन की तथा बाडमेर के बालोतरा एवं सिवाना कस्बों में जलापूर्ति के लिए 20.21 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति के अनुमोदन सहित अन्य योजनाएं शामिल हैं। बैठक में संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/1100-carore-will-be-spent-on-drinking-water-schemes/article-57799</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/1100-carore-will-be-spent-on-drinking-water-schemes/article-57799</guid>
                <pubDate>Sat, 23 Sep 2023 10:25:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-09/si-%283%29.png"                         length="498824"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फ्लैट और आवासों के लिए योजनाएं शीघ्र होंगी लांच  </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[आवासन आयुक्त अरोड़ा ने बताया कि नई लांचिंग के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। कुछ शेष बचे कामों के साथ जल्द ही आवासीय योजनाएं लांच कर दी जाएंगी।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/schemes-for-flats-and-houses-will-be-launched/article-36796"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/q-94.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आमजन के आवास का सपना पूरा करने के लिए राजस्थान आवासन मंडल प्रदेश के विभिन्न शहरों में स्वतंत्र एवं बहुमंजिला आवासों की योजनाएं लांच करेगा। मंडल इन योजनाओं में 4300 से अधिक आवासों का निर्माण कराएगा। जल्द ही स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल इन योजनाओं को लांच करेंगे। आवास योजनाओं की लांचिंग की तैयारियों को लेकर मंडल मुख्यालय आवास भवन के बोर्ड रूम में आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शहरों में पुरानी योजनाओं में बचे आवासीय भवनों व नई योजनाओं के रेरा में पंजीकरण, योजनाओं की लागत और उपभोक्ताओं के लिए तय दर तथा लांचिंग से जुड़ी सम्पूर्ण प्रगति की समीक्षा की गई।</p>
<p>आवासन आयुक्त अरोड़ा ने बताया कि नई लांचिंग के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। कुछ शेष बचे कामों के साथ जल्द ही आवासीय योजनाएं लांच कर दी जाएंगी। मंडल ने अब तक कुल 78 योजनाओं को रेरा में पंजीकृत कर दिया गया है और उन्होंने अधिकारियों को आगामी 24 फरवरी तक 100 योजनाओं को पंजीकृत करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि रेरा में 100 का आंकड़ा छूते ही मंडल देशभर में सर्वाधिक रेरा पंजीकृत संस्था बन जाएगी।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/schemes-for-flats-and-houses-will-be-launched/article-36796</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/schemes-for-flats-and-houses-will-be-launched/article-36796</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Feb 2023 11:05:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-02/q-94.jpg"                         length="200851"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल जीवन मिशन की 62 लघु पेयजल योजनाएं स्वीकृत, 167 गांवों में खर्च होंगे 521 करोड़</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने हाल ही में 167 गांवों के लिए 521.03 करोड़ रूपए की 62 ओटीएमपी की मंजूरी दी है। इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में 62 हजार 930 हर घर जल कनेक्शन दिए जाएंगे।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/62-small-drinking-water-schemes-of-jal-jeevan-mission-approved/article-30969"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/jal_bhavan-11.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जेजेएम के तहत वृहद एवं लघु पेयजल परियोजनाओं (ओटीएमपी) ने गति पकड़ी है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने हाल ही में 167 गांवों के लिए 521.03 करोड़ रूपए की 62 ओटीएमपी की मंजूरी दी है। इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में 62 हजार 930 हर घर जल कनेक्शन दिए जाएंगे। इसमें सर्वाधिक 142.26 करोड़ रूपए की 19 ओटीएमपी डूंगरपुर जिले के लिए स्वीकृत की गई हैं। इन लघु योजनाओं के माध्यम से डूंगरपुर जिले के 19 गांवों में 16 हजार 10 जल कनेक्शन दिए जाएंगे। दूसरे नम्बर पर उदयपुर जिला है जहां 137.30 करोड़ रूपए की 15 ओटीएमपी स्वीकृत की गई हैं। इन लघु योजनाओं के माध्यम से उदयपुर जिले के 62 गांवों में 18 हजार 820 जल कनेक्शन दिए जाएंगे। </p>
<p>इसी प्रकार धौलपुर जिले में 77.30 करोड़ रूपए की 3 ओटीएमपी के माध्यम से 31 गांवों में 5 हजार 217 जल कनेक्शन दिए जाएंगे। सिरोही जिले में 31.29 करोड़ की 5 ओटीएमपी स्कीम के माध्यम से 18 गांवों में 4 हजार 257 जल कनेक्शन, सीकर जिले में 49.81 करोड़ की 8 ओटीएमपी स्कीम से 8 गांवों में 7 हजार 900 जल कनेक्शन, प्रतापगढ़ में 25.56 करोड़ की 4 ओटीएमपी स्कीम से 4 गांवों में 3 हजार 394 जल कनेक्शन, श्रीगंगानगर जिले में 21.01 करोड़ की 2 ओटीएमपी स्कीम से 17 गांवों में 1095 जल कनेक्शन, अलवर में 12.60 करोड़ की 2 ओटीएमपी स्कीम से 2 गांवों में 2 हजार 62 जल कनेक्शन, सवाई माधोपुर में 7.78 करोड़ रूपए की एक ओटीएमपी स्कीम से 2 गांवों में 1982 जल कनेक्शन एवं चितौड़गढ़ जिले में 5.27 करोड़ रूपए की एक ओटीएमपी स्कीम से 2 गांवों में 690 जल कनेक्शन दिए जाएंगे। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि प्रदेश में अभी तक 30 लाख 80 हजार ग्रामीण घरों में जल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। सर्वाधिक जल कनेक्शन नागौर, राजसमंद एवं हनुमानगढ़ में हुए हैं। विभाग द्वारा कुल स्वीकृत 134 वृहद परियोजनाओं में से 86 परियोजनाओं के तहत 9234 गांवों में 22.21 लाख जल संबंधों के लिए 10 हजार 835 करोड रूपए के कार्यादेश जारी हो चुके हैं। अन्य योजनाओं (ओटीएमपी) में 14,793 गांवों में 35.26 लाख जल संबंधों के लिए निविदाएं आमंत्रित कर ली गई हैं। इनमें से 27.08 लाख जल कनेक्शन के लिए कार्यादेश भी जारी कर दिए गए हैं।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/62-small-drinking-water-schemes-of-jal-jeevan-mission-approved/article-30969</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/62-small-drinking-water-schemes-of-jal-jeevan-mission-approved/article-30969</guid>
                <pubDate>Mon, 28 Nov 2022 14:33:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-11/jal_bhavan-11.jpg"                         length="196534"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>युवाओं को उद्यम के क्षेत्र में बढ़ने के लिए की योजनाओं की घोषणा : शर्मा </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[देश के युवाओं को उद्यम के क्षेत्र में बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाले फेडरेशन ऑफ मेंटोर्स क्लब (एफओएमसी) की योजनाओं की घोषणा कर दी है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-schemes-announced-for-youth-of-fomc--says-sharma/article-13745"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/46546546532.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। देश के युवाओं को उद्यम के क्षेत्र में बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाले फेडरेशन ऑफ मेंटोर्स क्लब (एफओएमसी) की योजनाओं की घोषणा कर दी है। शिव विलास रिसोर्ट में आयोजित इंट्रोडक्शन इवेंट में इसकी जानकारी दी गई। क्लब के चेयरमैन जयकुल शर्मा ने बताया कि उन युवाओं के लिए काम कर रहे है, जिनके बिजनेस कोरोना के कारण प्रभावित हुए है या फिर खत्म हो गए है। एफओएमसी स्टार्टअप लांच के तहत महज 12 साल के अमन शर्मा का एक ऐप भी लांच किया गया।</p>
<p>शर्मा ने बताया कि एफओएमसी युवा उद्यमियों को स्टार्टअप और बिजनेस के लिए फंडिंग में सहायता करेगा। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को अगले महीने दिल्ली में विधिवत लांच किया जाएगा। इसके बाद मुंबई, बैंगलोर और अहमदाबाद में ऐसे ही 10 इवेंट आयोजित किए जाएंगे। <br /><br /></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-schemes-announced-for-youth-of-fomc--says-sharma/article-13745</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-schemes-announced-for-youth-of-fomc--says-sharma/article-13745</guid>
                <pubDate>Wed, 06 Jul 2022 15:54:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/46546546532.jpg"                         length="151467"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        