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                            <item>
                <title>कृषक कल्याण एवं कृषि विकास: किश्तों की राशि एक अप्रेल, 2026 से 30 सितम्बर, 2026 तक एकमुश्त जमा कराए जाने पर ब्याज में शत-प्रतिशत छूट दिए जाने की घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में कृषि यंत्रों, तारबंदी, बीज, सिंचाई और डेयरी विकास हेतु हजारों करोड़ के अनुदान की घोषणा। लाखों किसान, पशुपालक और ग्रामीण उद्यमी लाभान्वित होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/announcement-of-100-interest-rebate-if-the-amount-of-farmer/article-142834"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(9)9.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए किसान साथियों को विभिन्न कृषि यंत्रों यथा पावर, टिलर, डिस्क, कल्टीवेटर आदि के लिए 160 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाना प्रस्तावित है। इससे लगभग 50 हजार कृषक लाभान्वित होंगे साथ ही, आगामी वर्ष 500 कस्टम हायरिंग सेंटर्स की 96 करोड़  रुपए की लागत से स्थापना की जाएगी। नीलगाय, जंगली जानवरों व निराश्रित पशुओं से फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए आगामी वर्ष 50 हजार किसानों को 20 हजार किलोमीटर तारबंदी के लिए 228 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। साथ ही, सामुदायिक तारबंदी में कृषकों की न्यूनतम संख्या 10 से घटाकर 7 किया जाना प्रस्तावित है।आधुनिकतम तकनीकों तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के आधार पर खेती करने में आसानी एवं क्षमता विकास के लिए उठाएं जाएंगे विभिन्न कदम</p>
<p><strong>एग्री स्टैक पीएमयू का होगा गठन</strong></p>
<ul>
<li>आगामी वर्ष 5 लाख कृषकों को मूंग, एक लाख कृषकों को मोठ तथा एक लाख कृषकों को ज्वार, बाजरा व बरसीम फसल के मिनिकिट का वितरण किया जाना प्रस्तावित है। इस के लिए 33 करोड़ रुपए से अधिक का अनुदान उपलब्ध करवाया जाएगा। गुणवत्तायुक्त उन्नत बीज उत्पादन के लिए मुख्यमंत्राी बीज स्वावलम्बन योजना अन्तर्गत 90 प्रतिशत अनुदान पर 70 हजार क्विंटल बीज उपलब्ध करवाया जाना प्रस्तावित हैै। इस योजनान्तर्गत 50 करोड़ रुपए का व्यय कर 3 लाख कृषकों को लाभान्वित किया जाएगा।<br />  <br />छोटे बाजरे की बढ़ती मांग तथा जनजाति क्षेत्रों के किसानों की आय में वृद्धि के लिए कांगनी, कोदो, सांवा, कुटकी, चीना, रागी आदि छोटे बाजरे के 100 हेक्टेयर क्षेत्रा में प्रदर्शन आयोजित कर एक हजार कृषकों को लाभान्वित किया जाएगा। जलवायु परिवर्तन से कृषि भूमि के पोषक तत्वों पर होने वाले प्रभावों का आंकलन तथा मृदा उर्वरा शक्ति के प्रबन्धन के लिए आगामी वर्ष एक लाख 92 हजार मृदा नमूनों की जांच की जानी प्रस्तावित है।  </li>
<li>प्रत्येक ग्राम पंचायत में वर्मी कम्पोस्ट इकाई स्थापित करने के संकल्प को पूरा करने की दृष्टि से सर्वप्रथम 5 हजार से अधिक आबादी वाली 3 हजार 496 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध रूप से वर्मी कम्पोस्ट इकाइयां स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। आगामी वर्ष, प्रथम चरण में 2 हजार 98 ग्राम पंचायतों में इस के लिए लगभग 270 करोड़ रुपए से अधिक का व्यय किया जाएगा। </li>
<li>कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रा में एआई/एमएल का वृहद स्तर पर उपयोग किए जाने व उत्पादकता वृद्धि के साथ-साथ कृषकों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एग्री स्टैक पीएमयू का गठन किया जाएगा। राज किसान साथी पोर्टल 3.0 पर विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत आवेदन से अनुदान तक की गतिविधियों के ऑनलाइन मॉडयूल का उन्नयन किया जाएगा।  </li>
<li>कृषकों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने, उनकी क्षमता वृद्धि करने के उद्देश्य से नॉलेज इनहांसमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत आगामी वर्ष 3 हजार 300 किसानों को राज्य से बाहर एक्सपोजर विजिट करवाई जाएगी। मधुमक्खी पालकों को वैज्ञानिक तरीके से मधुमक्खी पालन करने के साथ-साथ उच्च मूल्य वाले उत्पादकों व मधुमक्खी पराग के उत्पादन की जानकारी देने के लिए एक हजार मधुमक्खी पालकों को किट, वर्कशॉप व एक्सपोजर विजिट की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।</li>
<li>डिजिटल कृषि मिशन के अन्तर्गत कृषि सूचना एवं प्रबंधन प्रणाली राज-एम्स विकसित की जाएगी। इसके अन्तर्गेत कृषि में एआई/एमएल, जीआईएस, रिमोट सेंसिंग एवं सेटेलाइट इमेजरी आदि तकनीकों द्वारा किसानों को जलवायु जोखिम से बचाव, मौसम आधारित बुवाई, फसल स्वास्थ्य की निगरानी सम्बन्धी सुविधायें उपलब्ध कराई जाएंगी। इस के लिए 77 करोड़ रुपए व्यय किये जाएंगे। </li>
<li>उन्नत तकनीक के ग्रीन हाउस-पॉलीहाउस/शेडनेट, लो टनल, प्लास्टिक मल्च उपलब्ध करवाने के लिए आगामी वर्ष 4 हजार कृषकों को 200 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। </li>
<li>प्रदेश में उद्यानिकी विकास के लिए औषधीय पौधों व मसाला फसलों तथा फूल व सब्जी आदि की खेती संवर्द्धन के लिए विभिन्न कार्य करवाए जाएंगे। ये कार्य हैं- </li>
<li>कृषि जोत भूमि के निरन्तर घटते जा रहे आकार को देखते हुए सब्जियों के गुणवत्तायुक्त उत्पादन वृद्धि के लिए वर्टिकल सपोर्ट सिस्टम आधारित खेती के लिए 5 हजार कृषकों को अनुदान उपलब्ध करवाया जाएगा। </li>
<li>उद्यानिकी उत्पादों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए कृषकों को अनुदानित 500 सोलर क्रॉप ड्रायर्स उपलब्ध करवाए जाएंगे।  </li>
<li>पश्चिमी राजस्थान में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक हजार कृषकों को ईसबगोल, अश्वगंधा, सफेद मूसली, एलोवेरा आदि औषधीय पौधों के उन्नत बीज व आदान उपलब्ध कराये जायेंगे।  </li>
<li>प्रदेश में जीरा, धनिया, सौंफ, मेथी आदि मसाला फसलों का 4 हजार हेक्टेयर क्षेत्रा में विस्तार किए जाने के लिए अनुदान दिया जाएगा।  </li>
<li>फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए लूज फ्लॉवर एवं पॉलीहाउस में डच रोज की 500 हेक्टेयर क्षेत्रा में खेती के लिए कृषकों को अनुदान उपलब्ध करवाया जाएगा।  </li>
<li>राज्य में एग्रो फॉरेस्ट्री के पौधे तैयार करने के लिए जोधपुर, पाली एवं कोटा में ही टेक नर्सरी की स्थापना की जाएगी।  </li>
<li>प्रदेश में चूरू सहित खारे पानी की उपलब्धता वाले जिलों में झींगा पालकों को राहत देने के लिए सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। </li>
<li>कृषि अनुसंधान, कृषि प्रसार शिक्षा तथा कृषि शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यों को और अधिक गति दिए जाने के लिए कृषि विश्वविद्यालयों में रिक्त पद चरणबद्ध रूप से भरे जाने प्रस्तावित हैं। आगामी वर्ष 443 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। </li>
<li>दलहनी एवं तिलहनी फसलों की उत्पादकता में वृद्धि तथा आत्मनिर्भरता के लिए मूंग, उड़द, अरहर, सोयाबीन, सरसों, तिल एवं अरण्डी आदि फसलों के 70 हजार प्रदर्शनों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, 2 लाख 50 हजार से अधिक किसानों को दलहनी एवं तिलहनी फसलों के अनुदानित प्रमाणित बीजों का वितरण कर लाभान्वित किया जाएगा। इन पर 135 करोड़ रुपए का व्यय किया जाना प्रस्तावित है। </li>
<li>प्रदेश में कृषि विकास के लिए उन्नत बीज, भूमि सुधार, बायो एजेंट्स एवं छोटे बाजरे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होंगे विभिन्न कार्य  </li>
</ul>
<p><strong>मुख्यमंत्राी बीज स्वावलम्बन योजना से होगा 3 लाख कृषकों को लाभ</strong></p>
<ul>
<li>राज्य में हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 5 हजार कृषकों को नेपियर घास का नि:शुल्क वितरण किया जाएगा।  </li>
<li>क्षारीय एवं लवणीय भूमि के सुधार तथा भूमि की उर्वरता बढ़ाने के लिए 50 हजार ढैंचा बीज मिनिकिट का कृषकों को नि:शुल्क वितरण किया जाएगा।  </li>
<li>कृषि उत्पादों के गुणवत्ता संवर्द्धन में बायो एजेंट्स की उपयोगिता को दृष्टिगत रखते हुए इनका उत्पादन 100 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 200 मीट्रिक टन किया जाना प्रस्तावित है।  </li>
<li>नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी को बढ़ावा देने के लिए एक लाख हेक्टेयर क्षेत्रा में इनके छिड़काव के प्रदर्शनों के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।  </li>
<li>राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में अनियमित एवं अनिश्चित वर्षा के कारण वर्षा जल का संग्रहण कर बिना छीजत के पानी का उपयोग सुनिश्चित किए जाने के लिए आगामी वर्ष 8 हजार डिग्गियों व 15 हजार किलोमीटर सिंचाई पाइप लाइन सहित आगामी दो वर्षों में 36 हजार फार्म पोंड्स के लिए 585 करोड़ रुपए से अधिक का अनुदान दिया जाएगा। इससे 80 हजार से अधिक किसान लाभान्वित होंगे।</li>
</ul>
<p><strong>कृषि विपणन एवं सहकारिता</strong></p>
<ul>
<li>ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण वितरण योजना के अन्तर्गत आगामी वर्ष 35 लाख से अधिक किसान साथियों को 25 हजार करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए जाने की घोषणा। इस के लिए 800 करोड़ रुपए ब्याज अनुदान पर व्यय किए जाएंगे।</li>
<li>दीर्घकालीन सहकारी कृषि एवं नॉन फार्मिंग सेक्टर्स के लिए 590 करोड़ रुपए के ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाना प्रस्तावित है। इससे लगभग 26 हजार किसान एवं लघु उद्यमी लाभान्वित होंगे। </li>
<li>एग्रो प्रोसेड प्रोडक्ट्स को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान तथा इनसे जुड़े कृषकों को बेहतर मूल्य दिलवाने की दृष्टि से मिशन राज गिफ्ट होगा प्रारंभ <br />प्रदेश में भण्डारण क्षमता वृद्धि, कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग, क्षमता विकास, मण्डी विकास तथा आधारभूत संरचना निर्माण सम्बन्धी विभिन्न कार्य करवाए जाएंगे।</li>
</ul>
<p><strong>गोदाम निर्माण, क्षमता संवर्द्धन, मण्डी सम्बन्धी कार्य</strong></p>
<ul>
<li>वर्ष 2047 तक 30 लाख मीट्रिक टन भण्डारण क्षमता के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रदेश में 250 मीट्रिक टन एवं 500 मीट्रिक टन क्षमता के 50-50 गोदामों का निर्माण करवाया जाएगा। इस के लिए लगभग 20 करोड़ रुपए का व्यय किया जाएगा।</li>
<li>गुराडिया माना, सरोद (डग) व लावासल (मनोहरथाना)- झालावाड़ सहित 100 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 100 मीट्रिक टन क्षमता के जीर्ण-शीर्ण गोदाम मय चारदीवारी के पुनर्निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा।</li>
<li>ठीकरिया चारणान-बूंदी व गैलानी, सालरिया (झालरापाटन), बडाय (खानपुर), पाडलिया, चाडा, सुनारी (डग)- झालावाड़ सहित 200 नवगठित गोदाम विहीन ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 100 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम एवं कार्यालय भवन मय चारदीवारी निर्माण के लिए 30 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे।  </li>
<li>प्याज की फसल को खराब होने से बचाने एवं मूल्य के उतार-चढ़ाव के नियंत्रण के लिए आगामी वर्ष तीन हजार किसानों को कम लागत की प्याज भण्डारण संरचनाओं के निर्माण के लिए लगभग 26 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा।  </li>
</ul>
<p><strong>मसाला उत्पादन तथा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कॉन्क्लेव ऑन स्पाइस</strong></p>
<ul>
<li>प्रदेश में मसाला उत्पादन तथा निर्यात को बढ़ावा देने की दृष्टि से आगामी वर्ष राष्ट्रीय स्तर के कॉन्क्लेव ऑन स्पाइस का आयोजन किया जायेगा।  </li>
<li>अलवर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ऑनियन, श्रीगंगानगर में सेंटर  ऑफ एक्सीलेंस फॉर किन्नू तथा बांसवाड़ा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर मैंगो खोले जाएंगे।</li>
<li>आमजन को जैविक कृषि उत्पाद उपलब्ध कराने की दृष्टि से जोधपुर, कोटा व उदयपुर में ऑर्गेनिक फूड मार्केट की स्थापना की जाएगी।  </li>
<li>कृषि जिन्सों के प्रोसेसिंग, व्यवसाय एवं निर्यात को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से प्रदेश के चयनित जिलों में 2 हजार कृषकों, प्रोसेसर्स व्यापारियों व निर्यातकों को प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा।  </li>
</ul>
<p>नवीन कृषि उपज अनाज मण्डी-बागीदौरा-बांसवाड़ा, सिकराय-दौसा, राजियासर स्टेशन (सूरतगढ़)-श्रीगंगानगर, कृषि उपज अनाज मण्डी में आवश्यक विकास कार्य-नदबई-भरतपुर, कोटपूतली-कोटपूतली बहरोड़, लोसल (धोद)-सीकर, राजलदेसर-चूरू थोक सब्जी मण्डी-नोखा-बीकानेर, सब्जी मण्डी-सवाई माधोपुर, बयाना-भरतपुर अनार मण्डी जीवाणा-जालोर में मूलभूत सुविधाओं का निर्माण कराया जाएगा। गौण मण्डी यार्ड, मूंडवा-नागौर में विशिष्ट पान-मैथी यार्ड तथा आधारभूत संरचनाओं का विकास कार्य ग्रामीण हाट (झालरापाटन)-झालावाड़ के लिए 10 करोड़ रुपए का व्यय किया जाएगा।  </p>
<p><strong>समस्त जिलों में नवीन उपहार विक्रय केन्द्र होंगे शुरू </strong></p>
<ul>
<li>उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त ग्रोसरी एवं अन्य खाद्य उत्पाद उपलब्ध करवाये जाने के लिए नवगठित जिलों में जिला सहकारी उपभोक्ता भण्डार स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, समस्त जिलों में नवीन उपहार विक्रय केन्द्र शुरू किए जाएंगे। </li>
<li>दूरदराज से कृषि उपज की बिक्री के लिए कृषि उपज मण्डियों में आने वाले किसानों को गर्मी एवं बरसात से बचाव के लिए शेड निर्माण सहित मण्डियों तक पहुंच मार्ग एवं यार्डों मेंअन्य आधारभूत कार्यों के लिए 350 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। </li>
</ul>
<p><strong>पशुपालन एवं डेयरी: 200 ग्राम पंचायतों में खोले जाएंगे पशु चिकित्सा उपकेन्द्र  </strong></p>
<p>न्यूनतम 3 हजार पशुधन वाली पशु चिकित्सा संस्था विहीन ग्राम पंचायतों में से गहनौली (नदबई)-भरतपुर, धांधोला (जहाजपुर), बांगोलिया (रायपुर)-भीलवाड़ा, पावली (राशमी)-चित्तौड़गढ़, गढ़ोरा (सिकराय)-दौसा, रतनपुरा (संगरिया) -हनुमानगढ़, सामोर (आंधी)-जयपुर, आलवाड़ा (सायला)-जालोर, रेवासा दलेलपुरा (नावां)-डीडवाना कुचामन, संगतडा-सलूम्बर, 17 एमडी (घड़साना) -श्रीगंगानगर सहित 200 ग्राम पंचायतों में पशु चिकित्सा उपकेन्द्र खोले जायेंगे। </p>
<p>ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में क्रमश: 6 किमी.की परिधि में न्यूनतम 5 हजार पशुधन तथा 4 किमी.की परिधि में न्यूनतम 3 हजार पशुधन की अनिवार्यता को प्राथमिकता देते हुए चतरपुरा (बानसूर)-कोटपूतली बहरोड़, मालपुर (गोविन्दगढ़)-अलवर, लीडी (पीसांगन)-अजमेर, बामडला (सेड़वा)-बाड़मेर, नवलपुरा (लाखेरी)-बूंदी, कौरेर-डीग, घोटािद (सागवाड़ा)-डूंगरपुर, मांडियाई खुर्द (तिंवरी)-जोधपुर, कितलसर (डेगाना), हरसोलाव (मेड़तासिटी)-नागौर, डाबरकलां, सिरोही, टोडा का गोठडा, सावतगढ़ (देवली)-टोंक, तलावड़ा (खण्डार)-सवाई माधोपुर, गोमावाली (विजयनगर)- श्रीगंगानगर, खिवाड़ा (राणी)-पाली सहित 25 पशु चिकित्सा उपकेन्द्रों को पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत किया जाएगा।  </p>
<p>ग्रामीण क्षेत्रा में 6 किमी.की परिधि में न्यूनतम 5 हजार पशुधन तथा शहरी क्षेत्रा में 4 किमी.की परिधि में न्यूनतम 2 हजार पशुधन की पात्राता रखने वाले उपरेड़ा (बनेड़ा)-भीलवाड़ा, बिलोठी (सेवर)-भरतपुर, थांवला, राजमहल, चांदली (देवली)-टोंक, बान्दनवाड़ा (भिनाय)-अजमेर, अजबपुरा (नारायणपुर), बुद्ध विहार-अलवर, द्वारापुरा (बांदीकुई)-दौसा, जखराना-कोटपूतली बहरोड़, कठोती (जायल)-नागौर, कोटडी सिमारला (श्रीमाधोपुर)-सीकर, भालेरी (तारानगर)-चूरू, नेवरी व इन्द्रपुरा (उदयपुरवाटी)-झुंझुनूं सहित 50 पशु चिकित्सालयों को प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालयों में क्रमोन्नत किया जाएगा।  </p>
<p>प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय से बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नयन- जमवारामगढ़-जयपुर, खेतड़ी-झुंझुनूं, फलौदी बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय, झालरापाटन-झालावाड़ के भवन निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा।  </p>
<p>प्रदेश में डेयरी एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हमारे द्वारा गठित राजस्थान सहकारी डेयरी अवसंरचना विकास कोष की राशि एक हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर दो हजार करोड़ रुपये किये जाने की घोषणा। </p>
<p>सरस ब्राण्ड को गुणवत्तापूर्ण राष्ट्रीय डेयरी ब्राण्ड के रूप में स्थापित करने के लिए एनसीआर, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में सरस उत्पादों के आउटलेट्स खोले जायेंगे। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा।</p>
<p>दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना के अंतर्गत वर्तमान में 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान दिया जा रहा है। आगामी वर्ष इस योजना में 700 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाना प्रस्तावित है। इससे लगभग 5 लाख पशुपालक लाभान्वित होंगे। </p>
<p>विकसित राजस्थान @2047 के लिए प्रदेश में मिल्क प्रोसेसिंग कैपेसिटी 200 लाख लीटर प्रतिदिन तथा दूध और दुग्ध उत्पाद बिक्री केन्द्रों की संख्या एक लाख किये जाने का लक्ष्य है। इसके लिए प्रदेश के उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त दूध व मिल्क प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराने, मिल्क प्लांट्स की स्थापना, अपग्रेडेशन एवं विस्तार करने की दृष्टि से विभिन्न कार्य करवाये जाएंगे। </p>
<p><strong>दुग्ध केन्द्र/संयंत्रा की स्थापना/संवर्द्धन कार्य  </strong></p>
<ul>
<li>ग्रामीण क्षेत्र में आगामी वर्ष होगी एक हजार नवीन दुग्ध संकलन केन्द्रों स्थापना</li>
<li>आगामी वर्ष, ग्रामीण क्षेत्र में एक हजार नवीन दुग्ध संकलन केन्द्रों की स्थापना की जाएगी।  </li>
<li>अलवर में 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के लिए 200 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा।  </li>
<li>बारां तथा सिरोही में के 50 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के लिए 100 करोड़ रुपए का व्यय किया जएगा।  </li>
<li>जैसलमेर मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का सुदृढ़ीकरण करते हुए क्षमता 30 हजार लीटर से बढ़ाकर 50 हजार लीटर प्रतिदिन की जायेगी। इस पर 25 करोड़ रुपये का व्यय होगा।  </li>
<li>ग्रामीण क्षेत्रा में दुग्ध व दुग्ध उत्पादों के विपणन के साथ-साथ रोजगार उपलब्ध कराये जाने के लिए 500 डेयरी बूथ आवंटित किये जाएंगे।</li>
<li>एक लाख पशुपालकों को वेल्यू एडेड दुग्ध आधारित उत्पाद- शुद्ध घी, मावा, पनीर, मिठाई आदि तैयार किये जाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। </li>
<li>प्रदेश में मुर्गीपालन तथा गो उत्पादों को बढ़ावा दिये जाने की दृष्टि से विभिन्न कार्य करवाये जायेंगे, जिनमें मुर्गीपालन/गोशाला संवर्द्धन सम्बन्धी विभिन्न कार्य प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, सिरोही, जालोर, पाली आदि में हैचरी, कोल्ड स्टोरेज एवं प्रोसेसिंग यूनिट की सुविधायुक्त बैक यार्ड के 35 पॉलट्री के 35 क्लस्टर्स महिला शक्ति पोल्ट्री समूह के माध्यम से स्थापित किये जायेंगे। इसके अन्तर्गत प्रति ब्सनेजमत 10 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा।  </li>
<li>उचित मूल्य पर मुर्गी दाना उपलब्ध करवाने के लिए तबीजी-अजमेर में पॉलट्री, फीड यूनिट स्थापित की जाएगी।  </li>
<li>गोशालाओं द्वारा उत्पादित गोकाष्ठ के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 100 गोशालाओं को रियायती दर पर गोकाष्ठ मशीनें उपलब्ध करवायी जाएंगी।  </li>
<li>गो उत्पादों को प्रोत्साहन देने व आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए राज्य स्तरीय प्रदर्शनी लगायी जाएगी।  </li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 11:39:06 +0530</pubDate>
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                <title>फर्जी दस्तावेज बनाकर बैंक से धोखाधड़ी कर लाखों रुपए का लोन उठाने वाला शातिर ठग गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[यह एचडीएफसी बैंक से चार लोन प्राप्त कर ठगी कर चुका है। इसके खिलाफ अलग-अलग थानो में चार से अधिक मामले दर्ज हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/vicious-thug-who-took-loan-of-lakhs-of-rupees/article-97369"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/9930400-sizee-(23)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विद्याधर नगर थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज बनाकर बैंक से धोखाधड़ी कर लाखों रुपए का लोन उठाने वाले शातिर ठग को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपित विष्णु लखेरा धोखाधड़ी करने का आदतन अपराधी है। आरोपी अपने तीन प्रकार के आइडेन्टिटी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पेन कार्ड में छेड़छाड़ कर धोखाधड़ी करता है। यह एचडीएफसी बैंक से चार लोन प्राप्त कर ठगी कर चुका है। इसके खिलाफ अलग-अलग थानो में चार से अधिक मामले दर्ज हैं। </p>
<p>गिरफ्तार आरोपित विष्णु लखेरा उर्फ  विष्णु लक्षकार सुनीता कॉलोनी बालाजी मंदिर रेलवे लाइन के पास सांगानेर का रहने वाला है। पुलिस उपायुक्त उत्तर राशि डोगरा डूडी ने बताया कि परिवादी प्रिया शेखावत एक्जीक्यूटिव एचडीएनफसी बैंक टाइम स्कवायर विद्याधर नगर ने इस्तगासे से रिपोर्ट दी कि विष्णु लखेरा ने अपने नाम से तीन विभिन्न प्रकार की आइडेन्टिटी दस्तावेज पेनकार्ड, आधार कार्ड में छेड़छाड़ कर एक ही व्यक्ति को तीन विभिन्न व्यक्ति बताकर बैंक से पांच लोन लिए हैं। आरोपी अपने खुद के मोबाइल में अलग-अलग ऐप्स के माध्यम से आधार कार्ड व पेन कार्ड में अपना नाम, सरनेम, जन्मतिथि में एडेटिंग कर नए प्रिन्ट आउट निकाल लेता था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Dec 2024 10:17:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल ने राजस्व का 29 प्रतिशत हिस्सा ऋण चुकाने में किया खर्च : रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण एशियाई देश ने 2023-24 में विकास गतिविधियों के लिए पूंजीगत व्यय के रूप में 191.75 अरब आवंटित किये।         ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nepal-spent-29-percent-of-its-revenue-on-loan--economy-must-be-boosted/article-91069"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/427rtrer-(17)1.png" alt=""></a><br /><p>काठमांडु। नेपाल सरकार ने हाल के वर्षों में देश का सार्वजनिक ऋण अधिक बढ़ जाने के कारण वित्तीय वर्ष में अपने राजस्व का 29 प्रतिशत हिस्सा ऋण चुकाने में खर्च किया है। सार्वजनिक ऋण प्रबंधन कार्यालय द्वारा जारी नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान ऋण सेवा के लिए 305.37 अरब नेपाली रुपये का उपयोग किया गया, जो कुल सरकारी राजस्व का 29 प्रतिशत है। इसके अलावा दक्षिण एशियाई देश ने 2023-24 में विकास गतिविधियों के लिए पूंजीगत व्यय के रूप में 191.75 अरब आवंटित किए।         </p>
<p>पिछले महीने तक कार्यालय में कार्यरत वित्त मंत्रालय में अवर सचिव दिलाराम गिरी ने कहा कि नेपाल की ऋण सेवा हाल के वर्षों में सार्वजनिक ऋण में वृद्धि के साथ-साथ बढ़ रही है। यह आवश्यक है कि हमें बढ़ते ऋण को चुकाने के लिए अपनी अर्थव्यवस्था को बढ़ाना होगा। कार्यालय के अनुसार नेपाल ने 2019-20 में अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 2.22 प्रतिशत ऋण सेवा पर खर्च किया, लेकिन 2023-24 में यह अनुपात बढ़कर 5.35 प्रतिशत हो गया।       </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Sep 2024 15:20:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल को कर्ज के नाम पर लूट रहा है चीन,  2% का वादा करके फंसाया</title>
                                    <description><![CDATA[काठमांडू में तैनात चीनी राजदूत चेन सोंग ने कूटनीतिक सीमा पार करते हुए एक्स पर धमकी दे डाली। इसके साथ ही ये खबर दुनिया के सामने आ गई कि किस तरह से चीन अपने पड़ोसी नेपाल को धोखा दे रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/china-is-looting-nepal-in-the-name-of-loan/article-80274"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/t211rer-(15)1.png" alt=""></a><br /><p>काठमांडू। चीन से कर्ज लेने वाला कोई भी देश बीजिंग के जाल में फंसे बिना नहीं निकल पाया है। अब पड़ोसी नेपाल के साथ ही चीन ने ऐसा ही खेल किया है, जिसके बाद चीनी कर्ज काठमांडू के गले की फांस बन गया है। चीन ने नेपाल के पोखरा में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को बनाने के लिए 2 फीसदी की दर से लोन दिया था लेकिन इसकी वसूली 5 प्रतिशत की दर से कर रहा है। विनियम दर को जोड़ दिया जाए तो यह 36 फीसदी पहुंच जाता है। चीन की इस चालबाजी का जब नेपाल एक पत्रकार ने खुलासा किया तो काठमांडू में तैनात चीनी राजदूत चेन सोंग ने कूटनीतिक सीमा पार करते हुए एक्स पर धमकी दे डाली। इसके साथ ही ये खबर दुनिया के सामने आ गई कि किस तरह से चीन अपने पड़ोसी नेपाल को धोखा दे रहा है।</p>
<p><strong>चीनी राजदूत ने नेपाली पत्रकार को दी धमकी</strong><br />संडे गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल में वित्त मामलों की रिपोर्टिंग करने वाले वरिष्ठ पत्रकार गजेंद्र बुधाथोकी ने 27 मई को नेपाली में ट्वीट किया कि पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की खातिर लिए गए कर्ज की ब्याज दर 2 प्रतिशत बताई गई थी, लेकिन यह 5 प्रतिशत थी। इस पर सोंग ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे अब तक का सबसे बुरा झूठ बताया। सोंग ने लिखा, यह सार्वजनिक जानकारी है, फिर भी आप इसके बारे में झूठ बोलने की हिम्मत करते हैं। पत्रकार ने राजदूत को जवाब दिया कि वे सबूतों के साथ एक लेख प्रकाशित करेंगे जो साबित करेंगे कि कर्ज वास्तव में 5 प्रतिशत की दर से लिया जा रहा था। बात यहीं खत्म नहीं हुई। सोंग ने फिर पलटवार करते हुए लिखा कि अगर आपके पास दस्तावेज हैं तो उसे प्रकाशित करो। अगर आपको सबूत खोजने की समय नहीं चाहिए तो आखिर इरादा क्या है। </p>
<p>पहले झूठ फैलाओ, फिर तूफान के कम होने का इंतजार करो और इसे फिर फैलाओ। बुधाटोकी ने संडे गार्जियन से बात करते हुए बताया कि उनके पास जो आधिकारिक दस्तावेज हैं, उनसे स्पष्ट है कि नेपाली सरकार 5 प्रतिशत की दर से कर्ज चुका रही थी। उन्होंने कहा कि नेपाल सरकार और चीन के आयात-निर्यात बैंक के बीच 2 प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज के लिए हस्ताक्षर हुए थे।</p>
<p><strong>असल में 36 फीसदी की दर से कर्ज चुका रहा नेपाल</strong><br />समझौते के अनुसार नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण को सीधे चीनी बैंक को कर्ज चुकाना है और पिछले 7 वर्षों से वह इसे 5 प्रतिशत की दर से चुका रहा है। ब्याज के अलावा सीएएएन 0.2 प्रतिशत की दर से प्रबंधन शुल्क और 0.2 प्रतिशत की दर से प्रतिबद्धता शुल्क भी दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जब कर्ज पर हस्ताक्षर किए गए तो विनिमय दर 1 डॉलर के लिए 86 नेपाली रुपए थी और अब 1 डॉलर 134 नेपाली रुपए पर पहुंच गया है। इसलिए सही मायनों में नेपाल की सरकार 36 फीसदी की दर से कर्ज चुका रही है। उन्होंने बताया कि वह इस मामले पर जल्द ही लेख प्रकाशित करने वाले हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Jun 2024 10:46:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोन नहीं चुकाने पर 15 दिन की जेल </title>
                                    <description><![CDATA[फाइनेंस कंपनी ने ट्रैक्टर को सीज कर उसकी नीलामी कर दी थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/15-days-jail-for-not-repaying-the-loan/article-79807"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(5)29.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। एडीजे क्रम संख्या एक के न्यायाधीश रमेश कुमार ने बुधवार को फाइनेंस कंपनी का समय पर लोन नहीं चुकाने पर ऋणी को 15 दिन के लिए जेल भेजने का आदेश दिया है। मोरू खुर्द तहसील कनवास निवासी ऋणी शिवराज ने 2 लाख 30 हजार रुपए का श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड कंपनी से लोन लिया था। लेकिन लोन की किश्तों को वह समय पर नहीं चुकता कर पाया।</p>
<p>एडवोकेट देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि शिवराज ने वर्ष 2015 में ट्रैक्टर के लिए 2.30लाख रुपए का लोन श्रीराम फाइनेंस शाखा कोटा  से लिया था, लेकिन समय पर किश्त अदा नहीं करने पर फाइनेंस कंपनी ने ट्रैक्टर को सीज कर दिया था और उसकी नीलामी कर दी थी। बकाया राशि की वसूली के लिए कंपनी ने  एडवोकेट गोपाल दत्त शर्मा के माध्यम से एक शेष राशि वसूली का दावा कोर्ट में पेश किया था। इस पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने ऋणी शिवराज  के गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए। स्पेशल सेल आमीन सरविंदर कौर व एडवोकेट धन सिंह गौड़ ने ऋणी शिवराज   को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद ऋणी शिवराज को 15 दिन के लिए जेल भेज दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 May 2024 16:23:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एलएंडटी फाइनेंस ने शुरू किया द कम्प्लीट होम लोन</title>
                                    <description><![CDATA[ हम मुख्य रूप से नए घर खरीदारों को टारगेट कर रहे हैं, जो तैयार संपत्तियों (तैयार घरों) या अंडर कंस्ट्रनक्शरन (निर्माण किए जा रहे घरों) के लिए होम लोन की तलाश कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/lt-finance-launches-the-complete-home-loan/article-78302"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(2)34.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एलएंडटी फाइनेंस लिमिटेड (एलटीएफ ) नेजयपुर के ग्राहकों के लिए द कम्प्लीट होम लोन लाँच किया है, जिसमें उन्हें अपना घर खरीदने का सपना पूरा करने के लिए सभी जरूरी सहायता मिलेगी। द कम्प्लीट होम लोन में होम डेकोर फाइनेंस की सुविधा है, जो ग्राहकों को एक एक समर्पित रिलेशनशिप मैनेजर के साथ डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से पेश किया जाता है। होम डेकोर फाइनेंस का लक्ष्य रहने की आरामदायक जगह के लिए फर्निशिंग के सामान प्राप्त करने में आसान सुविधा प्रदान करना है। एलटीएफ  में चीफ  एक्जीक्यूटिव अर्बन फाइनेंस संजय गरियाली ने कहा कि द कम्प्लीट होम लोन के लाँच के माध्यम से, हम मुख्य रूप से नए घर खरीदारों को टारगेट कर रहे हैं, जो तैयार संपत्तियों (तैयार घरों) या अंडर कंस्ट्रनक्शरन (निर्माण किए जा रहे घरों) के लिए होम लोन की तलाश कर रहे हैं।</p>
<p>ग्राहकों की जरूरतों को समझकरए हमें रिसर्च के आधार पर डिजाइन किए गए द कम्प्लीट होम लोन पेश करने पर गर्व है, जिसका उद्देश्य ग्राहकों को बेहतर समाधान प्रदान करना है। इसमें पहले बताई गई विशेषताओं के अलावा पेपरलेस प्रोसेसिंग, बिना किसी परेशानी के डॉक्युमेंटेशन और सबसे अच्छे सेवा मानक और आकर्षक ब्याज दरों जैसी विशेषताएं इस पेशकश को बहुत खास बना देती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 May 2024 11:03:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है कर्ज, 84 ट्रिलियन पहुंचा लोन</title>
                                    <description><![CDATA[इस स्थिरता ने विदेशी ऋण में वृद्धि को कम करने में मदद तो की है। लेकिन साथ ही कम क्रेडिट रेटिंग के कारण विदेशी वाणिज्य बैंकों को पाकिस्तान को नए कर्ज देने में बाधा हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/debt-is-creating-trouble-for-pakistan-loan-reaches-84-trillion-loan/article-78303"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(7)12.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान के लिए आर्थिक संकट मुश्किलें खड़ी कर रहा है। पिछले वर्ष के दौरान उसकी कुल ऋण और देनदारियां 81 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपए के नए रिकॉर्ड पर पहुंच गई हैं। जंक क्रेडिट रेटिंग के कारण पाकिस्तान में निवेश नहीं हो रहा। ऐसे में वह अपने कर्जों को पूरा करने के लिए वित्तपोषण के नए स्रोत ढूढ़ रहा है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के अनुसार मार्च के अंत तक पाकिस्तान का कुल कर्ज और देनदारियां पिछले वर्ष की तुलना में 8.4 ट्रिलियन रुपये बढ़ गईं। देश का कर्ज और देनदारियां रिकॉर्ड 81 ट्रिलियन रुपए तक पहुंच गईं। इसमें से 4.4 ट्रिलियन देनदारियों के कारण है। यह बोझ अब देश की अर्थव्यवस्था के तीन-चौथाई के बराबर है। पिछले वर्ष की तुलना में ऋण और देनदारियां 12 फीसदी की दर से बढ़ीं। औसतन 31 अरब रुपए प्रति दिन। हालांकि स्थिर विनिमय दर के कारण ऋण संचय धीमा हो गया, लेकिन यह चिंताजनक बनी हुई है। एक साल पहले की तुलना में पाकिस्तानी रुपए का मूल्य स्थिर हो गया और इसमें कुछ सुधार भी दिखा है। इस स्थिरता ने विदेशी ऋण में वृद्धि को कम करने में मदद तो की है। लेकिन साथ ही कम क्रेडिट रेटिंग के कारण विदेशी वाणिज्य बैंकों को पाकिस्तान को नए कर्ज देने में बाधा हुई।</p>
<p><strong>सरकार नहीं उठाती कदम</strong><br />पाकिस्तान में हर सरकार कर्जे कम करने के लिए कठोर उपाय उठाने की बात कहती हैं। लेकिन यह सिर्फ सैद्धांतिक ही बनकर रह गया है। किसी भी सरकार ने कर्ज को बढ़ने से रोकने के लिए सार्थक सुधार लागू नहीं किए हैं। चालू वित्त वर्ष के लिए, वित्त मंत्रालय ने शुरू में ब्याज भुगतान के लिए 7.3 ट्रिलियन रुपए का बजट रखा था, जो अब बढ़कर 8.3 ट्रिलियन रुपए होने की उम्मीद है। कर्ज चुकाने की लागत तब तक कम नहीं की जा सकती, जब तक कि केंद्रीय बैंक प्रमुख नीति दर कम नहीं करता और सरकार कटौती के लिए वाणिज्यिक बैंकों के साथ बातचीत नहीं करती।</p>
<p><strong>सरकारी कंपनियों के कर्जे भी बढ़े</strong><br />द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों का ऋण और देनदारियां मार्च के अंत तक 3.8 ट्रिलियन रुपए तक पहुंच गई। इसमें से ज्यादातर धन बड़े पैमाने पर उनके नुकसान को पूरा करने के लिए उधार ली गई थी। किसी भी सरकार ने सरकारी कंपनियों में सुधार से जुड़े कदम नहीं उठाए हैं। शहबाज सरकार ने अभी तक उन संस्थाओं की सूची को अंतिम रूप नहीं दिया है, जिन्हें वह अपने पास रखना या बेचना चाहती है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 May 2024 10:44:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत ने आईएमएफ को दी चेतावनी, पाकिस्तान कर्ज से न खरीदे हथियार</title>
                                    <description><![CDATA[समीक्षा के दौरान आईएमएफ के कार्यकारी निदेशक कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड के सामने भारत का रुख रखा था। भारत आमतौर पर पाकिस्तान द्वारा मांगे गए ऋण पर मतदान से दूर रहता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-give-warning-of--imf--pakistan-should-not-buy-weapons-to-loan/article-72127"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/6633-copy15.jpg" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। भारत ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से मिलने वाले कर्ज पर कड़ा रुख अपनाया है। भारत ने आईएमएफ से कहा है कि वह पाकिस्तान को दिए जाने वाले किसी भी कर्ज की देखरेख करें। भारत ने इस बात पर जोर दिया है कि आईएमएफ से मिलने वाले धन का उपयोग सैन्य खर्चों या किसी दूसरे देशों से लिए गए कर्ज के भुगतान में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। पाकिस्तान को दिए गए 3 अरब डॉलर के अल्पकालिक स्टैंड-बाय अरेंजमेंट (एसबीए) की हालिया समीक्षा के दौरान आईएमएफ के कार्यकारी निदेशक कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड के सामने भारत का रुख रखा था। भारत आमतौर पर पाकिस्तान द्वारा मांगे गए ऋण पर मतदान से दूर रहता है।</p>
<p><strong>आईएमएफ ने पाक को दिया है कर्ज</strong><br />जनवरी के मध्य में, जब आईएमएफ बोर्ड ने पाकिस्तान को दिए गए कर्ज की समीक्षा की, तो भारत के प्रतिनिधि ने फिर से मतदान में भाग नहीं लिया। इसके बाद आईएमएफ ने पाकिस्तान को 700 मिलियन डॉलर की किश्त जारी की। हालांकि, इस बार, भारत सरकार ने सुब्रमण्यम से अनुरोध किया कि वे आईएमएफ बोर्ड को पाकिस्तान द्वारा आईएमएफ धन के उपयोग पर नियंत्रण और संतुलन स्थापित करने और कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने की आवश्यकता के बारे में बताएं। भारत ने कहा था कि इस तरह की निगरानी यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि विकास अनिवार्यताओं को पूरा करने के लिए प्राप्त धन को रक्षा खर्च और तीसरे देशों को दिए गए विदेशी ऋण के पुनर्भुगतान में न लगाया जाए।</p>
<p><strong>मुश्किलों से जूझ रहा है पाकिस्तान</strong><br />पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था 2022 से ही भीषण बाढ़, बाहरी झटकों और तीव्र मुद्रास्फीति से प्रभावित से जूझ रही है। चुनावों से पहले, आईएमएफ कर्मचारियों ने पाकिस्तान के प्रमुख राजनीतिक दलों-पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और पाकिस्तान तहरीक इंसाफ के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी ताकि अपने ऋण कार्यक्रम के लिए उनके समर्थन की पुष्टि की जा सके।</p>
<p><strong>आईएमएफ से और कर्ज मांग रहा पाकिस्तान</strong><br />भारत की प्रतिक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान की नवगठित सरकार और अधिक कर्ज पाने के लिए आईएमएफ के साथ इमरजेंसी बातचीत कर रही है। आईएमएफ के समर्थन ने नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को बाहरी भुगतान संकट से बचाने में मदद की थी, जिसका सामना उसे पिछले जून में करना पड़ा था। उस समय पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार कम होकर केवल 3.5 बिलियन डॉलर रह गया था, जो मुश्किल से एक महीने के आयात बिल का भुगतान करने के लिए पर्याप्त था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Mar 2024 10:34:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिल्पकारों को आर्थिक रूप से मजबूत करेगी विश्वकर्मा योजना : राठौड़</title>
                                    <description><![CDATA[अभी कारीगरों को एक साल के लिए एक लाख रुपए का ऋण मात्र 5 प्रतिशत ब्याज पर दिया जा रहा है, जिससे वे अपना व्यापार बेहतर कर रहे है, जब वे इस ऋण को चुकाएंगे, तो इन्हें और बड़ा ऋण दिया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/modi-start-of-the-scheme-in-the-country/article-57382"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/si.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वकर्मा जयंती पर प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की देश में शुरुआत की। जयपुर के वैशाली नगर में हुए कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री और जयपुर ग्रामीण के सांसद कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि यह योजना कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक रूप से मजबूत करेगी और देश तीव्र गति से विकास करेगा। 13 हजार करोड़ रुपए इस योजना के लिए रखा गया है। </p>
<p>अभी कारीगरों को एक साल के लिए एक लाख रुपए का ऋण मात्र 5 प्रतिशत ब्याज पर दिया जा रहा है, जिससे वे अपना व्यापार बेहतर कर रहे है, जब वे इस ऋण को चुकाएंगे, तो इन्हें और बड़ा ऋण दिया जाएगा। देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में बड़े उद्योगपतियों के साथ गांव के अंदर रेहड़ी लगाने वाले और कारीगरों व शिल्पकारों का भी योगदान है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में 18 पारंपरिक शिल्पों को शामिल किया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Sep 2023 10:16:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बैंक ऑफ इंडिया ने दिए 19 करोड़ के ऋण</title>
                                    <description><![CDATA[ गत वित्तीय वर्ष में 315 स्वयं सहायता समूहों को 19 करोड़ के ऋण दिए हैं। बीओआई 351 स्वयं सहायता समूहों को 22 करोड़ के ऋण स्वीकृत कर चुके हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bank-of-india-give-loan-of-19-carore/article-54199"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/news-(4).jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बैंक ऑफ इंडिया ने एमडी एवं सीईओ रजनीश कर्नाटक के आगमन पर स्वयं सहायता समूह ऋण संवितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। एनबीजी से महाप्रबंधक प्रशांत थपलीयाल ने अंचल की 90 शाखाओं द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए व्यवसाय की जानकारी दी। अनुपमा सक्सेना (राजीविका) ने महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता एवं महिला सहशक्तिकरण के लिए स्वयं सहायता समूह की उपयोगिता बतायी और उन्होंने यह भी बताया कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था मुख्यतया कृषि क्षेत्र के कार्यों पर निर्भर है, जिनमें डेयरी एवं एसएचजी का महत्त्वपूर्ण योगदान है। </p>
<p>राजस्थान में गत वित्तीय वर्ष में 315 स्वयं सहायता समूहों को 19 करोड़ के ऋण दिए हैं। बीओआई 351 स्वयं सहायता समूहों को 22 करोड़ के ऋण स्वीकृत कर चुके हैं। आगामी समय में बीओआई राजस्थान 3000 स्वयं सहायता समूहों को 200 करोड़ का ऋण उपलब्ध कराएगा। राजीविका के सहयोग से बीओआई जयपुर अंचल की 60 से अधिक शाखाओं द्वारा 1000 स्वयं सहायता समूहों को 60 करोड़ का ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Aug 2023 10:55:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोन दिलाने के नाम पर 1.19 लाख की धोखाधड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[शेर सिंह ने कुछ डाक्यूमेंट्स पर साइन कराए और उसकी आईडी संबंधी दस्तावेज ले लिए। उसके आईटीआर के दस्तावेज व दुकान का फोटो भी लिया। उसने कुछ दिन में लोन राशि खाते में आने की बात कही, लेकिन राशि नहीं आई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/1-19-lakh-fraud-in-the-name-of-getting-loan/article-53719"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/fn.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अजमेर। एक महिला के साथ शातिर ठग ने लोन दिलाने के नाम पर एक लाख 19 हजार रुपए की धोखाधड़ी कर दी। पीड़िता को धोखाधड़ी का उस वक्त पता चला जब वह अपने लिए टू-व्हीलर खरीदने पहुंची। उसने टू-व्हीलर फाइनेंस कराने की प्रक्रिया शुरू की तो फाइनेंस कम्पनी कर्मचारी ने उसकी पहले से सिविल खराब होना बता दिया। जांच की तो सामने आया कि उसके नाम पर पहले से ही 1.19 लाख रुपए का पर्सनल लोन जारी हो रखा है। उसने मामले में क्रिश्चियनगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।<br /><br />शिव मन्दिर के पास, ईदगाह कॉलोनी, वैशाली नगर निवासी आरती देवी पत्नी लाल बहादुर सिंह ने रिपोर्ट दी है कि उसके पड़ोस में ही रहने वाली शबीना पत्नी कालू नाम की महिला से उसके दोस्ताना संबंध थे। आरती ने बताया कि वह घर पर किराना की दुकान चलाती है। उससे ही अपने परिवार का गुजारा करती है। उसे शबीना ने पूर्व में बताया था कि वह फाइनेंस कम्पनी वाले को जानती है। वह उससे कहकर लोन दिलवा देगी। जिससे अपनी दुकान में माल भर लेना। उसके बाद उसने शेर सिंह नामक युवक से मिलवाया। शेर सिंह ने इण्डिया मोटर्स चौराहा स्थित स्वामी कॉम्पलेक्स में ऑफिस बताया और जल्द लोन दिलाने का भरोसा दिया। शबीना के कहने पर उसने शेर सिंह को लोन संबंधी सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए। शेर सिंह ने कुछ डाक्यूमेंट्स पर साइन कराए और उसकी आईडी संबंधी दस्तावेज ले लिए। उसके आईटीआर के दस्तावेज व दुकान का फोटो भी लिया। उसने कुछ दिन में लोन राशि खाते में आने की बात कही, लेकिन राशि नहीं आई। बाद में उसने लोन पास नहीं होने की बात कही, लेकिन डॉक्यूमेंट्स नहीं लौटाए तथा डॉक्यूमेंट्स कम्पनी में जमा हो जाना बता दिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सॉरी...आपकी सिविल खराब है<br /></strong>आरती ने बताया कि वह गत 1 अगस्त को अपने लिए दुपहिया वाहन एक्टिवा लेने के लिए गई। वहां उसने वाहन पसन्द कर उसे फाइनेंस कराना चाहा तो फाइनेंस कम्पनी कर्मचारी ने उसके दस्तावेज देखकर उसके नाम पर पहले से लोन होना व उसकी किश्तें बकाया होने के कारण उसकी सिविल खराब होने की जानकारी दी। जिसे सुनकर वह हैरान रह गई। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>खाते में नहीं आई लोन राशि<br /></strong>उसने जब लोन के संबंध में जानकारी जुटाई तो पता चला कि जयपुर के आम्रपाली सर्किल वैशाली नगर स्थित निजी फाइनेंस कम्पनी से 1 नवम्बर 2022 को उसके नाम पर 1.19 लाख रुपए का पर्सनल लोन जारी किया गया है। बैंक ने उसे जो मोबाइल नम्बर बताया, वह उसका मोबाइल नम्बर नहीं था। उसने अजमेर में वैशाली नगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में जाकर उसके खाते के संबंध में जांच की तो उसमें भी किसी तरह की लोन राशि फाइनेंस कम्पनी से ट्रांसफर नहीं हुई थी। आरती का कहना है कि उसने कोई लोन नहीं लिया। उसने शबीना, शेर सिंह व जयपुर की अवांस फाइनेंस कम्पनी पर षड्यंत्रपूर्वक धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया। पुलिस ने उसकी रिपोर्ट पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Aug 2023 11:48:12 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>एडीबी राजस्थान में शहरी सेवाओं के विस्तार के लिए 20 करोड़ डॉलर का देगा ऋण</title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान द्वितीयक शहरी विकास क्षेत्र परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्तपोषण के रूप में 20 करोड़ डॉलर के ऋण का करार किए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/adb-will-give-200-million-loan-for-expansion-of/article-52997"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/news-(3).jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केन्द्र सरकार और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने आज जल आपूर्ति एवं स्वच्छता प्रणालियों का विस्तार करने और चयनित शहरों में चल रहे राजस्थान द्वितीयक शहरी विकास क्षेत्र परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्तपोषण के रूप में 20 करोड़ डॉलर के ऋण का करार किए हैं। इस समझौते पर भारत सरकार की ओर से वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव वुमलुनमंग वुअलनाम और एडीबी की ओर से एडीबी के भारत रेजिडेंट मिशन के कंट्री निदेशक ताकेओ कोनिशी ने हस्ताक्षा किये। वुलनाम ने कहा कि अतिरिक्त वित्तपोषण राजस्थान सरकार को जल आपूर्ति और स्वच्छता सेवाओं का विस्तार करके और चयनित शहरी स्थानीय निकायों में रहने की क्षमता में सुधार करके शहरों में बुनियादी ढांचे को मजबूत बनायेगा।</p>
<p>कोनिशी ने कहा कि यह परियोजना बुनियादी शहरी सेवाओं के विस्तार के लिए विभिन्न समाधानों को शामिल करेगी और निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाने के लिए राज्य के जल और स्वच्छता क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी को संचालित करने के अलावा विरासत संरचनाओं के पुनर्वास के लिए प्रकृति-आधारित समाधानों को शामिल करेगी। सितंबर 2020 में स्वीकृत चल रही परियोजना ने अब तक 1,451 किलोमीटर जल आपूर्ति पाइप, 1,110 किलोमीटर सीवर पाइप बिछाए हैं, और राजस्थान के चयनित शहरों में 68,098 घरों को जल सेवाओं से जोड़ा है। अतिरिक्त वित्तपोषण से सभी भूजल स्रोतों को सतही जल में परिवर्तित करके, लगभग 700 किलोमीटर लीक हो रहे पानी के पाइपों को बदलकर, 1,400 किलोमीटर नई जल आपूर्ति पाइपलाइनों को स्थापित करके और 77,000 घरों में पानी के मीटर के साथ कनेक्शन प्रदान करके कम से कम सात शहरों में जल आपूर्ति प्रणालियों में सुधार किया जाएगा। तीन नए जल उपचार संयंत्र भी लगाये जायेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Jul 2023 17:01:34 +0530</pubDate>
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