<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/heavier/tag-6108" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>heavier - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/6108/rss</link>
                <description>heavier RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रावण से भी भारी कोरोना : प्रभु राम की बाट जोह रहे हैं अब रामलीला मंच</title>
                                    <description><![CDATA[सूने मंच बिना यशगान, कौनसी दिशा में गए मेरे भगवान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE---%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AD%E0%A5%81-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%9F-%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%B9-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9A/article-1600"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/ravan-ramleela-maidan.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर</strong>। बोलो ए जमीं, बोलो आसमान, कोई तो जवाब दो खोलो ए जुबान, कौनसी दिशा में गए मेरे भगवान... राष्ट्र कवि प्रदीप की यह गीत रचना कोरोना के कारण सूने पड़े रामलीला मंचोंं पर सटीक बैठती है। वाकई कोरोना अब रावण से भी भारी हो गया है, जिसके कारण त्योहारों के साथ अब प्राचीनकाल से चली आ रही रामलीला जैसी परंपराओं पर भी विराम लग गया है। जयपुर में आजादी के बाद से ही भगवान राम की लीलाएं अनवरत रूप से मंचित होती आई हैं, लेकिन विगत दो साल से ये कोरोना की भेंट चढ़ी हुई हैं। बिना भगवान राम के यशगान के रामलीला मैदान सूने पड़े हैं। यूं देश आजाद होने के साथ ही जयपुर में कई जगह रामलीलाओं का मंचन होने लगा था, लेकिन सबसे बड़ा मंच न्यू गेट स्थित रामलीला मैदान था। यहां रामलीला की शुरुआत आज से करीब 70 साल पहले सोहनमल हरिश्चन्द्र ओसवाल जैन परिवार ने की थी। वे भगवान राम के अनन्य भक्त थे। उनकी इस परम्परा को उनके पौत्र सुरेन्द्र गोलछा आज भी निभा रहे हैं, लेकिन कोरोना गाइडलाइन के चलते पिछले दो साल से रामलीला मंचन नहीं हुआ। इस आयोजन के लिए उन्होंने गोलछा चेरिटेबल ट्रस्ट के बैनर तले रामलीला महोत्सव समिति का गठन भी कर रखा है। इसके महामंत्री प्रवीण बड़े भैया का कहना है कि न्यू गेट रामलीला मैदान में रामलीला के लिए मथुरा-वृंदावन से मंडलियां बुलाई जाती हैं। करीब दो दशक पहले तक इस रामलीला के प्रति दर्शकों का काफी क्रेज हुआ करता था। इसे देखने शहर के दूरदराज इलाकों से लोग परिवार समेत आते थे। दिल्ली की तरह जयपुर में भी रामलीला मैदान है।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff00ff;"><strong>महिला कलाकार भी आने लगीं</strong></span></span><br /> आदर्श नगर राम मंदिर भी दूसरी बड़ी रामलीला के रूप में जाना जाता है। यहां भी रामलीला करीब छह दशक से हो रही है। इस मंच पर जयपुर के ही कलाकार रामलीला के विभिन्न पात्रों को निभाते थे, लेकिन सबकी व्यस्तताएं बढ़ने के कारण यहां भी बाहर से मंडलियां बुलाई जाने लगी। आदर्श नगर राम मंदिर प्रन्यास के सचिव इन्द्र कुमार चड्ढ़ा ने बताया कि दो साल से कोरोना के चलते रामलीला मंचन नहीं हो रहा है। शहर में होने वाली अन्य लीलाओं में महिला पात्रों को पुुरुष ही निभाते हैं, लेकिन प्रन्यास ने समय के साथ इसमें बदलाव कर महिला कलाकारों को भी बुलाना प्रारंभ किया है, जिनके अभिनय को काफी सराहा गया।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff00ff;"><strong>यहां भी होती हैं रामलीलाएं </strong></span></span><br /> जवाहर नगर रामलीला समिति की ओर से भी पिछले चार दशक से जवाहर नगर रामलीला मैदान में रामलीला का मंचन किया जा रहा है। समिति के महासचिव गोपी किशन माछर ने बताया कि इस मंच पर भी मथुरा आदि से कलाकार बुलाए जाते हैं, लेकिन इस बार रामलीला नहीं की जा रही है। इसी तरह शास्त्री नगर हाऊसिंग बोर्ड, अम्बाबाड़ी नया खेड़ा और सांगानेर सहित विभिन्न क्षेत्रों में रामलीलाएं होती रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE---%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AD%E0%A5%81-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%9F-%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%B9-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9A/article-1600</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE---%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AD%E0%A5%81-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%9F-%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%B9-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9A/article-1600</guid>
                <pubDate>Tue, 12 Oct 2021 12:43:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/ravan-ramleela-maidan.jpg"                         length="265643"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        