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                <title>ड्रग एडिक्ट हैं इमरान, कोकीन के बिना नहीं रह सकते: अताउल्लाह</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री  इमरान खान देश भर में घूम रहे और पार्टियां कर रहे हैं। उनकी सभाओं में भीड़ भी खूब जुटती है और वे शहबाज शरीफ  सरकार पर अटैक भी खूब कर रहे हैं और उन्हें चुनाव में उतरने की चुनौती दे रहे हैं। लेकिन इस बीच पंजाब सूबे के होम मिनिस्टर अताउल्लाह तरार ने उन पर सनसनीखेज आरोप लगाया है।  जिस पर चर्चाएं तेज हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/imran-is-a-drug-addict-cant-live-without-cocaine-ataullah/article-13727"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/pakistan-khan.jpg" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री  इमरान खान देश भर में घूम रहे और पार्टियां कर रहे हैं। उनकी सभाओं में भीड़ भी खूब जुटती है और वे शहबाज शरीफ  सरकार पर अटैक भी खूब कर रहे हैं और उन्हें चुनाव में उतरने की चुनौती दे रहे हैं। लेकिन इस बीच पंजाब सूबे के होम मिनिस्टर अताउल्लाह तरार ने उन पर सनसनीखेज आरोप लगाया है।  जिस पर चर्चाएं तेज हैं। तरार ने कहा कि इमरान खान शुरू से ही ड्रग ऐडिक्ट रहे हैं। सरकार जानती है कि उनके आलीशान घर बनीगाला तक ड्रग्स कौन पहुंचाता है। चरस और कोकीन के बिना तो इमरान 2 घंटे भी नहीं रह सकते।<br /><br />किसी भी वक्त कर सकते हैं अरेस्ट<br />लाहौर में मीडिया से बात करते हुए तरार ने कहा कि हम ड्रग्स लेने के आरोप में इमरान खान को किसी भी वक्त अरेस्ट कर सकते हैं। लेकिन ऐसा करना नहीं चाहते। वह जेल में बिना नशे के कैसे रह पाएंगे। हमें पता है कि सैकड़ों एकड़ में फैले उनके आलीशान घर बनीगाला तक ड्रग्स कौन पहुंचाता है। हम उनकी लत के बारे में बात क्यों नहीं करते। चरस तब से इस्तेमाल कर रहे हैं, जब वह क्रिकेटर थे। यही नहीं इमरान खान को जेल भेजने की धमकी देते हुए मंत्री ने कहा कि इमरान जेल इसलिए नहीं जाना चाहते, क्योंकि वह जानते हैं कि हम उन्हें जेल में कोकीन नहीं देंगे। फिलहाल तो हम उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कर रहे हैं। <br /><br />पत्नी बुशरा बीबी पर भी भ्रष्टाचार के आरोप<br />इस दौरान कानून मंत्री मलिक मोहम्मद खान भी मौजूद थे। उन्होंने तो इमरान खान की मौजूदा पत्नी बुशरा बीबी पर भी भ्रष्टाचार के मामलों में शामिल होने का आरोप लगाया। मलिक ने कहा कि बुशरा बीबी और उनकी फरार हो चुकी दोस्त फराह खान ने अरबों रुपये का खेल किया था। उन्होंने कहा कि 60 करोड़ रुपए की जमीन 8 करोड़ में खरीद ली गई, वह भी उस इलाके में जहां जमीन खरीदी ही नहीं जा सकती। हम इसकी जांच कर रहे हैं। बता दें कि इमरान खान पर ड्रग्स लेने के आरोप पहली बार नहीं लगे हैं। उन पर 2020 में भी ऐसे ही आरोप लगे थे। तब पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज सरफराज नवाज ने खुलेआम टीवी पर कहा था कि इमरान खान को ड्रग्स लेने की लत है। यही नहीं नवाज के आरोपों के बाद इमरान खान की दूसरी तलाकशुदा पत्नी रेहम खान ने भी यही बात कही थी। उन्होंने कहा था कि इमरान खान नशे के आदी हैं और उसके बिना नहीं रह सकते।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Jul 2022 14:26:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>बिना चिकित्सक और रजिस्ट्रेशन के चला रहे निजी अस्पताल, प्रतिनिधि के खिलाफ मामला दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[बीदासर। कस्बे मे बुधवार की देर शाम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा के नेतृत्व मे गठित दल ने राजकीय बांठिया माध्यमिक विद्यालय के सामने चल रहे एक निजी हॉस्पीटल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद निजी अस्पताल मे मिली अनियमिताओं के खिलाफ बीदासर पुलिस थाना में सीएमएचओ मनोज शर्मा की ओर से देर रात्रि में अस्पताल के संस्थान प्रतिनिधि के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया। है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/churu/private-hospitals-running-without-doctor-and-registration/article-12416"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/25.jpg" alt=""></a><br /><p>बीदासर। कस्बे मे बुधवार की देर शाम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा के नेतृत्व मे गठित दल ने राजकीय बांठिया माध्यमिक विद्यालय के सामने चल रहे एक निजी हॉस्पीटल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद निजी अस्पताल मे मिली अनियमिताओं के खिलाफ बीदासर पुलिस थाना में सीएमएचओ मनोज शर्मा की ओर से देर रात्रि में अस्पताल के संस्थान प्रतिनिधि के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया। है। सीएमएचओ मनोज शर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान लैब संचालित मिली जो क्लिनिकल स्टेबलिस्टमेन्ट एक्ट 2010 के अन्तर्गत पंजीकृत नही मिली जिसके चलते लैब को सीज कर दिया गया साथ ही गर्भवती महिलाओं के प्रसव करवाने के उपकरण व दवाइयां भी सीज किए।</p>
<p>निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ के साथ गठित टीम मे औषधी नियंत्रण अधिकारी मनोज कुमार गढ़वाल, बीसीएमएचओ डॉ. ओमप्रकाश धानिया, पीसीपीएनडीटी समन्वयक चूरू राजकुमार, जिला आशा समन्वयक फरजाना साथ थे।संस्थान प्रतिनिधि के विरुद्ध कराया मामला दर्ज पुलिस थाना में बुधवार की देर रात सीएमएचओ मनोज शर्मा ने मामला दर्ज करवाया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रतनगढ़ को प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर गठित टीम के सदस्यों द्वारा जीवन रक्षा हॉस्पीटल का निरीक्षण किया। इस दौरान संस्थान प्रतिनिधि ऋषिकेश कडवासरा द्वारा हॉस्पीटल का संचालन करना पाया गया तथा मौके पर फर्द बनाई गई।</p>
<p>मौके पर ऋषिकेश कड़वासरा द्वारा आधुनिक चिकित्सा पद्धति से चिकित्सा अभ्यास करने के लिए आवश्यक कोई प्रमाण पत्र डिग्री प्रस्तुत नही की गई। उक्त संस्थान मे आधुनिक चिकित्सा पद्धति से चिकित्सा अभ्यास करने के लिये आधुनिक चिकित्सा परिषद अधिनियम के अन्तर्गत पंजीयन नहीं पाए गए। इस प्रकार भोलीभाली ग्रामीण जनता के साथ गुमराह कर आधुनिक चिकित्सा पद्धति से चिकित्सा अभ्यास कर रहा है। जो भारतीय दण्ड संहिता की धारा 419, 420 के तहत दण्डनीय अपराध है। पुलिस ने सीएमएचओ की रिपोर्ट पर संस्थान के प्रतिनिधि के खिलाफ मामला दर्ज किया है।</p>
<p>इस दौरान सीएमएचओ शर्मा ने एक अन्य सूचना पर प्राइवेट क्लिनिक का भी निरीक्षण किया। शर्मा ने बताया कि क्लिनिक की जैसी सूचना मिली थी वो निरीक्षण के दौरान नहीं मिली। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की संस्था हो या झोला छाप नीम हकीम हो उनके खिलाफ भविष्य मे ऐसी कार्यवाही लगातार की जाएगी। किसी भी सुरत में आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का कोई अवसर नहीं दिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने रात्रि मे सीएचसी बीदासर तथा मणोत डिस्पेंसरी का भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान ओटी में सफाई व्यवस्था को लेकर असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि ठेकेदार को सफाई को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा तथा सुधार नहीं होने पर ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। इस मौके पर सीएमएचओ ने सीएचसी प्रभारी डॉ. धर्मवीर स्वामी को निर्देश दिये कि रात्रि मे भी रोगियों की जो सुविधा मिलने चाहिये वो मिलनी चाहिये। इस दौरान बीसीएमएचओ सुजानगढ डॉ. औमप्रकाश धानिया भी उनके साथ थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चूरू</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jun 2022 13:00:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>खनिज विभाग व पंचायत की अनुमति के बिना बेच दी चारागाह भूमि</title>
                                    <description><![CDATA[रामगंजमंडी की ग्राम पंचायत खैराबाद के सरपंच द्वारा खैराबादकी चारागाह भूमि पर अवैध रूप से खनन कर हजारों टन मिट्टी खोदकर रेलवे ठेकेदार को रेलवे ट्रेक बनाने के लिए बेचने तथा सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/pasture-land-sold-without-permission-of-mineral-department-and-panchayat/article-9692"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/khanij-vibhag-charagaah-bhumi.jpg" alt=""></a><br /><p> रामगंजमंडी। रामगंजमंडी की ग्राम पंचायत खैराबाद के सरपंच द्वारा खैराबादकी चारागाह भूमि पर अवैध रूप से खनन कर हजारों टन मिट्टी खोदकर रेलवे ठेकेदार को रेलवे ट्रेक बनाने के लिए बेचने तथा सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है।<br /><br />मामले में खैराबाद के जागरूक ग्रामीणों ने उपखण्ड अधिकारी विनोद मीणा को ज्ञापन देकर चारागाह भूमि को खोदकर बर्बाद करने वाले दोषी लोगों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया कि खसरा नं. 552 जो कि ग्राम पंचायत रिकॉर्ड में चारागाह के नाम पर दर्ज है, उस भूमि से मिट्टी खोदकर ग्राम पंचायत ने बेच दी। जिससे चारागाह भूमि का स्वरूप बिगड़ गया। पंचायत ने अवैध खनन कर करोड़ों के राजस्व का चूना लगाया है। समूचे प्रकरण की जांच की मांग की है। जानकारी के अनुसार गुजरात की रोबोट कंस्ट्रक्शन कम्पनी ने मिट्टी खरीदकर रेलवे को बेच दी है। उससे रामगंजमंडी सुभाष कॉलोनी से मोड़क के पास तक का रेलवे ट्रेक तैयार किया जा रहा है। हजारों टन मिट्टी सप्लाई की जा चुकी है।<br /><br /><strong>नहीं ली ग्राम पंचायत व खनिज विभाग की स्वीकृति</strong><br />ग्राम पंचायत खैराबाद द्वारा जो खनन कार्य मिट्टी खोदकर किया है, वह गैर कानूनी श्रेणी में आता है। इसमें न तो ग्राम पंचायत की स्वीकृति ली गई है और न ही खनिज विभाग की एसटीपी ली।<br /><br /><strong>आए दिन अवैध खनन के आ रहे मामले</strong><br />रामगंजमंडी में खनिज अभियन्ता कार्यालय है। खनिज अभियन्ता बैठते हैं। दो फोरमेन भी हैं। फिर भी यहां आए दिन अवैध खनन के मामले सामने आ रहे हैं। <br /><br /><strong>खनिज विभाग की अनुमति अनिवार्य</strong><br />खैराबाद में खोदा गया गड्डा 30 फिट गहरा है। इतने गहरे खनन की इजाजत खनिज विभाग से लेना अनिवार्य है। उन्होंने हजारों टन मिट्टी खुदाई के मामले में अपना पक्ष भी नहीं रखा। बात करने पर मीटिंग में होने का हवाला दिया। <br /><br /><strong>ज्ञापन देने वालों में यह रहे शामिल</strong><br />ज्ञापन देने वालों में सरफराज, शाहिद भाई, शाकिर, सद्दाम, इरशाद, अनवर, आबिद सहित कई ग्रामवासी शामिल रहे। <br /><br />मिट्टी खुदाई की इजाजत ग्राम पंचायत द्वारा नहीं दी गई है। ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा ही स्वीकृति जारी की गई है। इस स्वीकृति में मेरे हस्ताक्षर नहीं हैं।<strong>-छोटूलाल, सचिव, पंचायत समिति, खैराबाद</strong><br /><br />उक्त मामले की जांच पूर्व में भी कर चुकी हूं। खसरा नं. 552 चारागाह की भूमि है। इसमें न तो खनिज विभाग की एसटीपी है और न ग्राम पंचायत का अनापत्ति प्रमाण पत्र। सरपंच ने स्वंय एनओसी दी है। तहसीलदार के निर्देश पर पुन: जांच कर रही हूं। <strong>-प्रियंका, पटवारी, खैराबाद</strong><br /><br />उपखण्ड अधिकारी को चारागाह भूमि पर किए मिट्टी खुदाई कार्य की जांच हल्का पटवार खैराबाद को दे दी गई है। कितने टन मिट्टी खुदाई हुई है सारी जांच की जाएगी। <strong>-भारत सिंह, तहसीलदार, रामगंजमंडी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 May 2022 15:44:17 +0530</pubDate>
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                <title>बिना आधार कार्ड अस्पताल पहुंचे तो होगी उपचार में परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों का उपचार तो नि:शुल्क कर दिया। लेकिन उपचार करवाने के लिए सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं के पार पाना मुश्किल होता जा रहा है। इसका एक उदाहरण है बिना आधार कार्ड के अस्पताल में पर्ची काउंटर पर पर्ची ही नहीं बनेगी इलाज तो बाद में होगा। 

]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-you-reach-the-hospital-without-aadhar-card--there-will-be-trouble-in-treatment/article-9472"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/4444.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों का उपचार तो नि:शुल्क कर दिया। लेकिन उपचार करवाने के लिए सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं के पार पाना मुश्किल होता जा रहा है। इसका एक उदाहरण है बिना आधार कार्ड के अस्पताल में पर्ची काउंटर पर पर्ची ही नहीं बनेगी इलाज तो बाद में होगा। <br /><br />एक दिन के अवकाश के बाद सोमवार को सुबह जैसे ही अस्पताल खुला वैसे ही मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। गर्मी अधिक होने से शहर व दूरदराज से आने वाले अधिकतर मरीज सुबह जल्दी ही अस्पताल पहुंच गए थे। जबकि कई ग्रामीण क्षेत्रों से आए थे। बीमार होने पर अस्पताल पहुंचने की इतनी जल्दी थी कि अधिकतर लोग अपने साथ किसी तरह का कोई पहचान दस्तावेज लेकर नहीं पहुंचे। जैसे ही मरीज व उनके तीमारदार एमबीएस अस्पताल में पर्ची काउंटर की कतार में खड़े होकर पर्ची बनवाने पहुंचे। वैसे ही काउंटर पर मौजूद कर्मचारी ने उनसे पहचान के लिए आधार कार्ड मांगा। अधिकतर लोगों के पास आधार नहीं मिला। ऐसे में कर्मचारी ने उनकी पर्ची नहीं बनाई। उसका कहना था कि पर्ची बनवाने के लिए आधार कार्ड या अन्य कोई पहचान कार्ड बताना होगा। जिनके पास आधार कार्ड नहीं थे उन्हें वहां से बैरंग ही लौटना पड़ा। <br /><br /><strong>ऐसे कई मरीज शहर के थे तो कई ग्रामीण क्षेत्रों से आए हुए</strong><br />कई मरीजों ने कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे पांच या दस रुपए शुल्क लगता है वह लें ले और पर्ची बना दें जिससे वे डॉक्टर को दिखा सकेें। लेकिन कर्मचारी का कहना था कि पर्ची का कोई शुल्क नहीं है। पर्ची नि:शुल्क बनेगी लेकिन आधार कार्ड साथ लाना होगा। ऐसे में अधिकतर मरीज परेशान हुए और सरकारी व्यवस्था पर नाराजगी भी जाहिर की। ऐसे में आस-पास रहने वाले मरीज तो अपने घर से आधार कार्ड या अन्य पहचान कार्ड लेकर आए या किसी से मंगवा लिए। जबकि बाहर से आए लोग परेशान होते रहे। ऐसे मरीज जिनके पास पहचान संबंधी कोई भी दस्तावेज नहीं था उन्हें बिना उपचार के ही लौटना पड़ा। इनमें महिलाएं व बुजुर्ग भी शामिल थे। जानकारों के अनुसार अन्य राज्यों के मरीजों से शुल्क लेने के कारण स्थानीय मरीजों को भी परेशान होना पड़ रहा है। ऐसे में जो भी मरीज अस्पताल में उपचार के लिए जाए वह अपने साथ आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज साथ लेकर जरूर जाए। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />राज्य सरकार ने भी आदेश जारी किया है। वह किसी एक अस्पताल के लिए नहीं सभी के लिए है। जिसमें राजस्थान के लोगों का नि:शुल्क उपचार होगा। पर्ची बनाने से लेकर जांच और दवा तक सभी नि:शुल्क मिलेंगे। जबकि राज्य के बाहर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश व गुजरात से आने वाले मरीजों से शुल्क लिया जाता है। पर्ची बनाने से लेकर जांच व दवा तक सभी का शुल्क लगेगा। ऐसे में लोगों को पर्ची बनाते समय पहचान संबंधी 5-6 दस्तावेजों में से कोई भी एक दिखाना होगा। जिससे उसके राजस्थान व अन्य राज्यों के होने का सबूत मिल सके। सरकार द्वारा अन्य राज्यों के मरीजों की रिपोर्ट मांगी जा रही है। ऐसे में उन्हें क्या बताएंगे। जबकि पूर्व में कहा जा रहा था कि अन्य राज्यों के कई मरीज यहां उपचार के लिए आ रहे हैं। किसी को जायज परेशानी होने पर उसके साथ विचार कर काम कर दिया जाता है। <br /><strong>-डॉ. नवीन सक्सेना, अधीक्षक, एमबीएस अस्पताल</strong> <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 May 2022 15:32:25 +0530</pubDate>
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                <title>सरकार वोटों की खेती पकाने के लिए तो रमजान में बिना कटौती बिजली आपूर्ति करती है, परंतु किसानों की फसल से उसे कोई वास्ता नहीं- रामलाल शर्मा</title>
                                    <description><![CDATA[बिजली की कटौती के कारण किसान की फसल के अंदर पर्याप्त पानी नहीं जाने के कारण करोड़ों रुपए की सब्जी की फसल किसानों की बर्बाद हो चुकी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/-government-supplies-electricity-without-cutting-in-ramadan-to-cook-the-crops-for-votes--but-it-has-nothing-to-do-with-the-farmers--crops---ramlal-sharma/article-9172"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/ramlal.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर।  भारतीय जनता पार्टी प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के अंदर किसान दुखी, परेशान और पीड़ित है और इस परेशानी का प्रमुख कारण प्रदेश में बिजली की कटौती। बिजली की कटौती के कारण किसान की फसल के अंदर पर्याप्त पानी नहीं जाने के कारण करोड़ों रुपए की सब्जी की फसल किसानों की बर्बाद हो चुकी है। ये तो एक कारण था लेकिन प्रदेश सरकार हमेशा एक बात के लिए चिंतित रहती है कि कांग्रेस की हमेशा से नीति रही है कि उसकी वोटों की राजनीति फसल कभी खराब नहीं हो।  रमजान के महीने में 2 दिन तक बिना कटौती के बिजली की आपूर्ति होती रही। प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि प्रदेश में 2 दिन तक बिजली कहा से आई, लेकिन सरकार ने बिजली की उपलब्धता इस आधार पर कार्रवाई की उसके वोटों की फसल रमजान के त्योहार के ऊपर खराब नहीं हो।</p>
<p><strong>किसान दुखी और परेशान</strong></p>
<p>आज प्रदेश का किसान सिर्फ बिजली कटौती से परेशान नहीं है। चारे के भाव 1500 रुपये प्रति क्विंटल होने की वजह से आज किसान दुखी और परेशान है  सरकार द्वारा जिला कलेक्टर को निर्देश दिए गए, लेकिन क्या जिला कलेक्टर ने चारे की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए काम किया? आज भी पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश से आने वाला चारा ब्लेकियो के हाथों में किस तरीके से 1500 रुपये पर पहुंच गया है। सरकार को सुनिश्चित करने के लिए मध्यस्थ लोगो और जो मोटा मुनाफा कमाने का काम करते हैं उनके खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करें। तब जाकर किसानों को राहत मिलेगी  जो चारा 600-700 रुपये प्रति क्विंटल मिलता था, आज वो चारा 1500 रुपए प्रति क्विंटल में खरीद कर किसान अपने पशुपालकों को बचा पाएगा या नहीं बचा पाएगा? यह बहुत मुश्किल है। लेकिन यह बात तो तय है किसान बर्बादी के कगार के ऊपर जा चुका है, समय रहते हुए सरकार चेते, यही सरकार से उम्मीद है।</p>
<p><strong>जोधपुर की घटना पर भाजपाइयों का जयपुर में प्रदर्शन</strong><br />भारतीय जनता पार्टी के जयपुर शहर इकाई की ओर से गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट पर जोधपुर की घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। शहर अध्यक्ष राघव शर्मा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता यहां पर इकट्ठे हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद राज्यपाल कलराज मिश्र के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 May 2022 16:29:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अब बिना तार के घर-घर दौड़ेगी बिजली!</title>
                                    <description><![CDATA[यूएस नेवल रिसर्च लेबोरेटरी ने किया परीक्षण]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/now-electricity-will-run-from-house-to-house-without-wires--america-sent-1-6-kw-electricity-from-microwave-to-1-km/article-8572"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/dishtv.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका ने बिना तार के बिजली सप्लाई करने का कारगर तरीका खोज लिया है। इससे बिजली की आपूर्ति करने के लिए किसी ओवरहेड या अंडरग्राउंड वायर की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस तकनीक का सफल परीक्षण करते हुए अमेरिका ने एक किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक 1.6 किलोवाट बिजली की सप्लाई की है। बिना तार के बिजली सप्लाई करने का विचार लगभग 100 साल पुराना है। दुनियाभर के कई देशों में बिना तार के बिजली पहुंचाने को लेकर कई प्रोजक्ट भी चलाए गए हैं, पर किसी को भी पूर्ण रूप से सफलता नहीं सकी है।<br /><br /><strong>यूएस नेवल रिसर्च लेबोरेटरी ने किया परीक्षण</strong><br />यूएस नेवल रिसर्च लेबोरेटरी  ने मैरीलैंड में यूएस आर्मी रिसर्च फील्ड में माइक्रोवेव बीम का उपयोग करके एक किलोमीटर (3,280 फीट) से अधिक 1.6 किलोवाट बिजली को पहुंचाया। इस परियोजना में शामिल वैज्ञानिक ने बताया कि इसका सिद्धांत काफी सरल है। बिजली को माइक्रोवेव में परिवर्तित किया जाता है, जिसे बाद में रेक्टेना एलिमेंट से बने रिसीवर पर एक बीम में केंद्रित किया जाता है। ये बहुत ही सरल घटक हैं, जिनमें एक आरएफ डायोड के साथ एक एक्स-बैंड डाईपोल एंटीना होता है। जब माइक्रोवेव रेक्टेना से टकराते हैं, तो एलिमेंट करंट उत्पन्न करते हैं।<br /><br /><strong>व्यावहारिकता की हो रही है जांच</strong><br />अडवांस कॉन्सेप्ट ग्रुप के प्रमुख क्रिस्टोफर रोडेनबेक के नेतृत्व में एनआरएल टीम को रक्षा विभाग ने एक सेफ एंड कन्टिन्यूअस पावर बीमिंग- माइक्रोवेव प्रोजक्ट को विकसित करने का काम सौंपा था। उनका मिशन इस तरह की तकनीक और उसकी व्यवहारिकता का पता लगाना था।<br /> उन्होंने कहा कि प्रारंभिक संदेह के बावजूद, माइक्रोवेव बीमिंग आश्चर्यजनक रूप से कुशल साबित हुई है। ऐसे में इस तकनीक पर आगे भी काम किया जाएगा।<br /><br /><br /><strong>150 साल पहले की थी परिकल्पना</strong><br />1890 के दशक में सबसे पहले टेस्ला ने ही बिना तार के पावर की सप्लाई की परिकल्पना की थी। इसके लिए उन्होंने टेस्ला कॉइल नाम की एक ट्रांसफार्मर सर्किट पर काम भी किया था, जो बिजली को पैदा करता था, लेकिन वह यह साबित नहीं कर सके कि वह लंबी दूरी पर बिजली के एक बीम को नियंत्रित कर सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Apr 2022 14:55:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजनीतिक चश्मे के आधार पर जिम्मेदारी ना देकर योग्यता के आधार पर सरकार कार्य करती तो आज प्रदेश के हालात के ये नहीं होते- रामलाल शर्मा</title>
                                    <description><![CDATA[कहा, 'प्रदेश में मासूम बच्चियों की दरिंदगी से लेकर भगवा रैली के ऊपर पत्थर फेंकने वाले लोगों तक इसमे शामिल है, आज भी वो लोग खुले घूम रहे हैं।' ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--if-the-government-had-acted-on-the-basis-of-merit-without-giving-responsibility-on-the-basis-of-political-spectacles--it-would-not-have-happened-to-the-situation-of-the-state-today--ramlal-sharma/article-8080"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/ramlal.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि आखिरकार मुख्यमंत्री का दर्द झलक  ही गया और दर्द इस बात पर झलका कि मेरी सरकार में मैंने अमुक अमुक लोगों को अमुक अमुक जिम्मेदारी दी। उसके बावजूद भी लोकसभा में आप के लोगों ने हमें वोट नहीं दिया। उन्होंने कहा राजनीति के अंदर एक प्राकृतिक सिद्धांत है कि हकदार व्यक्ति को सम्मान मिले और गुनहगार व्यक्ति को सजा मिले, लेकिन आपकी सरकार तो हकदार व्यक्ति को जो अपने आप को असहाय महसूस कर रहा है और गुनहगार व्यक्ति सरेआम खुले घूम रहे हैं। उनको सजा दिलाने का काम सरकार नहीं कर रही।</p>
<p> </p>
<p>प्रदेश में मासूम बच्चियों की दरिंदगी से लेकर भगवा रैली के ऊपर पत्थर फेंकने वाले लोगों तक इसमे शामिल है, आज भी वो लोग खुले घूम रहे हैं उनको आपकी सरकार कानूनी आधार पर सजा देने में नाकाम साबित हुई है और प्रदेश के हालात इस प्रकार के बने हुए हैं यदि योग्यतम व्यक्ति को सम्मान मिलता और योग्यतम व्यक्ति को पदस्थापित करते हो तो आप के हालात यह नहीं होते, लेकिन आपकी सरकार में तो राजनीतिक चश्मे के आधार पर पदस्थापन होते हैं जिमसें ये देखा जाता है कि मुझे आने वाले समय के अंदर कौन लोग फायदा देंगे और कौन लोग नुकसान देंगे। आने वाले समय के अंदर जनता सब कुछ समझती है और जनता उचित समय के ऊपर उचित निर्णय लेने का काम भी करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Apr 2022 15:42:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर के गुलाल गोटे बिना अधूरी लगती है होली</title>
                                    <description><![CDATA[देश के कई राज्यों और विदेशों में भी है डिमांड ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/holi-seems-incomplete-without-the-gulal-gote-of-jaipur--the-work-of-making-gulal-gota-starts-by-planting-holi-danda--there-is-demand-in-many-states-of-the-country-and-also-abroad/article-5169"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/gulal.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। होली आने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं, लेकिन बाजारों में ऐसे रंगों की भरमार हो गई है जो त्वचा, आंखों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। हालांकि खाद्य पदार्थों में मिलावट को नियंत्रित करने के उपाय हैं, लेकिन हानिकारक रसायनों वाले रंगों को रोकने के लिए कम प्रयास किए हैं। हर साल एलर्जी और श्वसन संबंधी शिकायत के सैकड़ों मामले सामने आते हैं। प्रशासन उन मिलावतकर्ताओं पर नजर रखने के लिए भी तैयार है। जैविक रंग अच्छी आर्थिक पृष्ठभूमि से आते हैं। ग्राहक अक्षत मदान ने कहा कि मेरे लिए इतना पैसा खर्च करना संभव नहीं है, ये रंग सस्ते भी होने चाहिए। शहर के मनिहारों का रास्ता के मुस्लिम परिवार जो लाख की चूड़ियां बनाने में शामिल थे, वे भी जड़ी-बूटियों के रंगों से भरा गुलाल गोटा बनाने में लगे हुए हैं। इन परिवारों को उस तरह की बिक्री नहीं मिल रही है जैसी 1990 के दशक तक मिलती थी। यह लाल और हरे गोटा का उपयोग व्यापारिक और राज घरानों द्वारा उपहार पैक के लिए किया जाता है या यह हमारे मंदिरों में। गुलाल गोटे का उपयोग 300 से अधिक वर्षों से होली समारोह के दौरान किया जाता है। हालांकि होली रंगों की प्रचुरता के साथ पिंकसिटी में गुलाल गोटा भी दुनियाभर में प्रसिद्ध है।<br /><br /><span style="background-color:#00ff00;"><strong>कोरोना के बाद अब मिली राहत</strong></span><br />गोटे के निर्माता कोरोना काल में बहुत परेशान थे। हालांकि अब आमजन को कुछ निजात मिली है, जिससे बाजारों और त्योहारों में रोनक देखने को मिलेगी। जयपुर के मनिहारों के रास्ता में महिला गुलाल गोटा निर्माता हिफाकत सुल्तान ने बताया आज गुलाल गोटे के बहुत कम लेने वाले हैं। लाख की चूड़ियां बनाने के अलावा गुलाल गोटा की तैयारी होली उत्सव के लिए हमारे पारंपरिक शाही परिवार से रहे हैं। यह अंदर से खाली है और गुलाल का नेतृत्व किया जाता है। इस गुलाल गोटे को लोगों पर फेंकते है, जब यह टूट जाता है तो गुलाल फैल जाता है।<br /><br /><span style="color:#ff6600;background-color:#ffff99;"><strong>यह पारंपरिक काम, लेकिन अब आकर्षक नहीं</strong></span><br />विक्रेता अमजद ने बताया कि बिक्री में गिरावट पहले से थी। अब रहा सहा व्यापार कोरोना से ठप हो गया। परिवारों की युवा पीढ़ी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक नहीं है। वे पढ़ाई में हैं और नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हम उन्हें सीमित करने के पक्ष में भी नहीं हैं। यह पारंपरिक काम है, जो अब आकर्षक नहीं है।<br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff00ff;"><strong>1990 के बाद से नहीं मिल रहे हैं पर्याप्त गुलाल गोटे के ग्राहक</strong></span><br /><br />    <span style="background-color:#ffff99;color:#ff00ff;"><strong>ऐसे बनाता है गुलाल गोटा</strong></span> <br />जयपुर का गुलाल गोटा लाख से बनाता है। करीब 2.3 ग्राम लाख की छोटी-छोटी गोलियों को एक बांसुरीनुमा नलकी में लगाकर फूंक मारते हुए घुमाया जाता है। धीरे-धीरे यह गुब्बारे की तरह फूल जाता है। फिर धीरे से इसको नलकी में से निकालकर पानी भरे हुए बर्तन में रख दिया जाता है। बाद में प्राकृतिक सुगंधित गुलाल भरी जाती है।</p>
<p><br />   <strong> <span style="background-color:#ffff99;color:#008000;">जयपुर स्थापना से चली आ रही परंपरा</span></strong><br />1727 में जब महाराजा जयसिंह द्वितीय ने जयपुर की स्थापना की थी। उस समय शाहपुरा के लखेर गांव से आमेर आए हुए इन कारीगरों के पूर्वज को मनिहारों के रास्ते में बसाया था। तब से आज तक यह गुलाल गोटा बनाने वाले कारीगर इस काम को करते आ रहे हैं। ये परिवार गुलाल गोटा बनाने का काम होली का डांडा रोपने से करते हैं।</p>
<p><br />   <span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"> <strong>उपहार में देने का बढ़ा प्रचलन</strong></span> <br />आजकल जयपुरवासी दूसरे शहरों में रहने वाले अपने संबंधियों को गुलाल गोटे के पैकेट उपहार स्वरूप भेजते हैं। यहां से भी कुछ लोग ऐसे हैं जो कि गुलाल गोटा खरीदकर दूसरे शहरों में होली मनाते हैं। गुलाल गोटा अहमदाबाद, सूरत, बड़ोदरा, मुबंई, नागपुर, पुणे, आगरा, मथुरा, वृंदावन जैसी जगहों पर भेजा जा रहा है। वहीं विदेशों में अमरीका, स्वीटजरलैण्ड, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर, इलैण्ड जैसे देशों तक लोग इसे ले जाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Feb 2022 12:00:37 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>एसएमएस अस्पताल के चिकित्सकों का कमाल : बिना हड्डी काटे छह साल के बच्चे के दिल में छेद का किया सफल ऑपरेशन, टोसिंग बिंग नामक बीमारी से ग्रसित था</title>
                                    <description><![CDATA[बच्चे को टोसिंग बिंग यानि दिल में छेद की समस्या जन्म से ही थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/amazing-of-doctors-of-sms-hospital--successful-operation-of-hole-in-the-heart-of-six-year-old-child-without-cutting-bone--was-suffering-from-a-disease-called-tossing-binge/article-4649"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/13.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। एसएमएस अस्पताल के कार्डियो थोरेसिक विभाग के चिकित्सकों ने एक छह साल के बच्चे के दिल में छेद की विकृति का बिना छाती की हड्डी काटे सफल ऑपरेशन किया है। बच्चे को टोसिंग बिंग यानि दिल में छेद की समस्या जन्म से ही थी। सामान्यतया ओपन हार्ट सर्जरी छाती की हड्डी (स्टर्नम) को काट कर की जाती है लेकिन इस केस में छाती में बांयी तरफ  छोटे से चीरे के जरिए बिना छाती की हड्डी काटे सर्जरी की गई है। विभाग के चिकित्सकों ने दावा किया है कि यह सर्जरी अपने आप में विश्व की पहली सर्जरी है और इसका मेडिकल जर्नल्स में अभी तक उल्लेख नहीं हैं।<br /><br /><strong>एक ही छोटे से चीरे से सर्जरी के फायदे</strong><br />    यह सर्जरी पारम्परिक उपकरणों से की जा सकती है और इसके लिए बहुत ज्यादा खर्चे और विशिष्ट उपकरणों की आवश्यकता नहीं है।<br />    बेहतर कॉस्मेटिक परिणाम।<br />    सर्जरी के दौरान कम खून की आवश्यकता।<br />    छाती की हड्डी काटने से होने वाले इन्फेक्शन का कोई खतरा नहीं।<br />    जांघ में कोई अतिरिक्त चीरा नहीं लगाना पड़ता।<br />    मिनिमल इनवेसिव सर्जरी के दौरान जांघ में केन्युलेशन से होने वाले दुष्परिणामों से मुक्ति और पैरों में रक्त अवरोध से होने वाले नुकसान का कोई खतरा नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Feb 2022 14:35:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>टेनिस स्टार नोवाक जोकोविच अदालत की सुनवाई से पहले हिरासत में, ऑस्ट्रेलिया में बिना टीकाकरण के रहने या उन्हें देश से निकालने पह होगा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[नोवाक जोकोविच को निर्वासन अपील से पहले हिरासत में लिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/61e160e0325f8/article-3993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/novak.jpg" alt=""></a><br /><p>केनबरा। ऑस्ट्रेलियाई आव्रजन अधिकारियों ने टेनिस स्टार नोवाक जोकोविच को रविवार को अदालत की सुनवाई से पहले हिरासत में लिया ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि वह देश में बिना टीकाकरण के रह सकते हैं या उन्हें देश से निकाला जाएगा। सूत्रों के मुताबिक इस फैसले का मतलब है कि नंबर एक टेनिस खिलाड़ी को अब निर्वासन का सामना करना पड़ सकता है, वह हालांकि अभी भी ऑस्ट्रेलिया में रहने के लिए एक और कानूनी चुनौती दे सकते हैं।</p>
<p>दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी 34 वर्षीय सर्बियाई जोकोविच का शुक्रवार को दूसरी बार वीजा रद्द करने के बाद निर्वासन का सामना करना पड़ा, जब ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने उन्हें कोरोना टीका नहीं लगाने पर जनता के लिए खतरा करार दिया। लहाल जोकोविच का अभी सोमवार को ऑस्ट्रेलियन ओपन में खेलना तय है। उनके वकीलों ने एक 'तर्कहीन' फैसले के खिलाफ अपील दायर करने का फैसला किया है।<br /> <br /> जोकोविच पर अगली सुनवाई रविवार को स्थानीय समय साढ़े नौ बजे होगी। अगर वह वह अपील हार जाते हैं, तो उनको निर्वासन और तीन साल के वीजा रद्द करने का सामना करना पड़ेगा। अगर जोकोविच को देश में रहने दिया जाता है और वह दसवीं बार टूर्नामेंट जीतते हैं, तो वह खेल के इतिहास में सबसे सफल पुरुष टेनिस खिलाड़ी बन जाऐंगे।</p>
<p> </p>
<p>आस्ट्रेलिया ओपन के ड्रॉ में जोकोविच का नाम<br /> गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया ओपन के आयोजकों ने जोकोविच को उनके ऑस्ट्रेलिया में रहने को लेकर अनिश्चितताओं के बावजूद टूर्नामेंट के ड्रॉ में नामित किया और उन्हें पुरुष वर्ग में शीर्ष वरीयता दी गई। <br /> <br /> पूर्व क्रिकेट लीजेंड शेन वार्न ने कहा: ऑस्ट्रेलिया केपास जोकोविच को वापस भेजने का अधिकार<br /> पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वार्न ने शुक्रवार को कहा कि अगर दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच कोरोना वैक्सीन न लगवाने के लिए मजबूर हैं, तो ऑस्ट्रेलिया के पास भी उन्हें वापस भेजने का अधिकार है। शेन ने ट्वीट में कहा कि जोकोविच एक महान टेनिस खिलाड़ी हैं और सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में से एक हैं। इसमें कोई शक नहीं, लेकिन उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश संबंधी फॉर्म में झूठ बोला था। खुद के कोरोना संक्रमित होने के बारे में पता होने के बावजूद वह सार्वजनिक रूप से बाहर घूमे और अब कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं।<br /> <br />  पूर्व ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज स्पिनर ने इससे पहले मंगलवार को एक ट्वीट में कहा था कि क्या नोवाक को चिकित्सीय छूट प्राप्त थी। यदि हां तो क्या उन्हें यह छूट देने वाले की पहचान कर ली गई है। वह छूट क्या थी। बस तथ्यों को प्राप्त करने की कोशिश कर रहा हूं, क्योंकि मैं इस स्थिति में एक विक्टोरियन के रूप में शर्मिंदा हूं। विक्टोरिया सरकार चुप है। क्या कोई हमें सरल शब्दों में समझा सकता है।<br />  </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Jan 2022 11:39:34 +0530</pubDate>
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                <title>बिना बहस के कृषि कानून वापसी बिल संसद के दोनों सदनों से पारित</title>
                                    <description><![CDATA[बिल अब भेजा जाएगा राष्ट्रपति के पास]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/61a4a18ac6f32/article-2825"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/sadan_parliyament1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विवादास्पद तीनों कृषि सुधार कानूनों को वापस लेने की संसदीय प्रकिया सोमवार को संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन पूरी कर ली गई। संसद के दोनों सदनों में इन कानूनों को वापस लेने के लिए सरकार की ओर से प्रस्तुत कृषि कानून निरसन विधेयक 2021 को हंगामे के बीच ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। लोकसभा की कार्यसूची में यह प्रस्ताव पहले दर्ज था। लोकसभा में मंजूरी के बाद राज्य सभा के सदन पटल पर इसे (सोमवार को) आज ही रख दिया गया।<br /> <br /> लोकसभा में पूर्वाह्न पहले स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने विधेयक को पेश और पारित कराने के प्रस्ताव रखे। विपक्षी सदस्य इस पर बहस कराने की मांग को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आसन के सामने आ गये और हंगामा करने लगे।  बिरला ने कहा कि सदस्यों को बोलने का पूरा अवसर दिया गया है लेकिन इस स्थिति में (आसन के सामने हंगामा) बहस नहीं करायी जा सकती। अध्यक्ष ने विधेयक  को ध्वनिमत से पारित किये जाने की घोषणा की।<br /> <br /> राज्य सभा में भी यह विधेयक  तोमर ने पेश किया जिसे बाद में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस दौरान हालांकि कुछ सदस्यों ने अपनी बात रखनी चाही लेकिन शोरशराबे के कारण वे ऐसा नहीं कर सके। इससे पूर्व सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा कि विधेयक वापस लेने में काफी देर कर दी गयी है। इस कानून के विरोध में आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में किसानों की मौत हुई है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Nov 2021 15:35:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लॉयन, टाइगर और पैंथर का शुक्रवार को रहता है व्रत</title>
                                    <description><![CDATA[रोजाना की डाइट 8 किलो मीट, लेकिन एक दिन रहते हैं बिना खाने के]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B2%E0%A5%89%E0%A4%AF%E0%A4%A8--%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%A5%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4/article-1893"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/wild-life-tiger.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर। </strong>नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में विभिन्न प्रजातियों के वन्यजीव रहवास करते हैं। इनमें से खासकर लॉयन, टाइगर और पैंथर पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र हैं। वे यहां आकर इनकी अटखेलियां देखकर रोमांचित हो जाते हैं, लेकिन क्या उन्हें पता है कि कैट फैमिली के इन तीनों वन्यजीवों को सप्ताह में एक दिन डाइट नहीं दी जाती यानि कि सप्ताह में एक दिन का इनका उपवास रहता है। बायोलॉजिकल पार्क प्रशासन के अनुसार लॉयन, टाइगर और पैंथरों को सप्ताह में शुक्रवार का दिन छोड़कर रोजाना खाना दिया जाता। इनमें लॉयन को 8 किलो, टाइगर को 8 किलो और पैंथर को 4 किलो मीट दिया जाता है। हालांकि कोरोना के कारण खासकर मादा शेरनी, बाघिन और पैंथर को शुक्रवार को डाइट में केवल मुर्गा दिया जा रहा है। वहीं इस दिन मेल टाइगर, लॉयन और पैंथर का उपवास रहता है। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#339966;"><strong>एक नवम्बर से बदलेगी वन्यजीवों की डाइट</strong></span></span><br /> चिड़ियाघर के डॉ. अशोक तंवर ने बताया कि जू में रहवास कर रहे विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों की डाइट में एक नवंबर से बदलाव होगा। सर्द मौसम में मगरमच्छ की डाइट कम कर दी जाती है। इस दौरान मगरमच्छ को जहां डेली डेढ़ किलो मछली दी जाती है वहीं सर्दियों में इनकी डाइट कम कर एक किलो कर दी जाती है। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#339966;"><strong>बिना मशक्कत किए मिलती है डाइट</strong></span></span><br /> वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जंगल में लॉयन, टाइगर और पैंथर 5 से 7 दिन में एक बार शिकार करते हैं। इस दौरान इन वन्यजीवों की भागदौड़ से अच्छी एक्सरसाइज हो जाती है। साथ ही इनका डाइजेशन बना रहता है। तो वहीं दूसरी ओर बायोलॉजिकल पार्क और लॉयन सफारी में रहवास कर रहे कैट फैमिली के इन वन्यजीवों को बिना किसी भागादौड़ी के डाइट मिल रही है। इसलिए इन्हें सप्ताह में शुक्रवार को खाना नहीं दिया जाता, ताकि उनका डाइजेशन बना रहे और पेट खराब ना हो। <br /> <br /> कैट फैमिली के लॉयन, टाइगर और पैंथर को सप्ताह में एक दिन शुक्रवार को डाइट नहीं दी जाती। इससे इनका डाइजेशन बना रहता है। लेकिन बाघिन, शेरनी और मादा लेपर्ड को इस दिन डाइट में केवल 2 किलो मुर्गा दिया जाता है। सर्दियों में बायोलॉजिकल पार्क के अधिकतर वन्यजीवों की डाइट में बदलाव होगा। <br /> <strong>-बनवारी शर्मा, रेंजर, नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Oct 2021 14:02:40 +0530</pubDate>
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