<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/responsible/tag-6121" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>responsible - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/6121/rss</link>
                <description>responsible RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>छात्रा को कुचलने के बाद जागे जिम्मेदार</title>
                                    <description><![CDATA[जोधपुर में 3 जुलाई रविवार को सड़क हादसे में सिटी बस ने छात्रा को कुचल दिया था। तेज स्पीड से चल रही बस से टक्कर के बाद यह हादसा हुआ। इसके बाद अब जिम्मेदारों की आंख खुली है और बेलगाम सिटी बसों को लेकर कार्रवाई की जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/responsible-woke-up-after-crushing-the-girl-student/article-13825"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/32.jpg" alt=""></a><br /><p style="margin:10px 0px;padding:0px;line-height:30px;font-size:18px;">जोधपुर। जोधपुर में 3 जुलाई रविवार को सड़क हादसे में सिटी बस ने छात्रा को कुचल दिया था। तेज स्पीड से चल रही बस से टक्कर के बाद यह हादसा हुआ। इसके बाद अब जिम्मेदारों की आंख खुली है और बेलगाम सिटी बसों को लेकर कार्रवाई की जा रही है।</p>
<p style="margin:10px 0px;padding:0px;line-height:30px;font-size:18px;">गुरूवार को मोबाइल मजिस्ट्रेट हिमांशु कुमावत ने सिटी बसों की स्पीड गवर्नर को लेकर कार्रवाई की। पावटा चौराहे पर मजिस्ट्रेट ने कार्रवाई की और तेज स्पीड में आने वाली बसों को सीज कर दिया।बता दें कि शहर की सड़कों पर तेज रफ्तार में दौड़ती सिटी बसों से आए दिन हादसे होते हैं। लेकिन इन सिटी बसों की रफ्तार पर नकेल कसने की कवायद हर बार नाकाफी ही नजर आई। कार्रवाई के दौरान सिटी बस संचालक रूल फॉलो करते नजर आते हैं लेकिन कुछ दिनों बाद उनकी वही रफ्तार शुरु हाे जाती है। बता दें कि जोधपुर के कुल 11 मार्गों पर 658 सिटी बसें चल रही हैं। इनमें पाल चुंगी नाके से आयुर्वेद विश्वविद्यालय व गुरों के तालाब से आयुर्वेद विश्वविद्यालयके लिए करीब 129 बसों के परमिट हैं।</p>
<p style="margin:10px 0px;padding:0px;line-height:30px;font-size:18px;">इसी तरह बोरानाडा से नांदडा कलां के लिए 105 बसे चल रही हैं। चांदपोल से मंडोर केके फिलिंग स्टेशन मंडलनाथ फांटा व एयरफोर्स गुरुद्वारे से मंडोर औद्योगिक क्षेत्र के लिए 24 बसों को परमिट दिया हुआ है। इन बसों में स्पीड गवर्नर नहीं हो रहा था। जिम्मेदार परिवहन विभाग ने पिछले तीन माह में मात्र 95 चालान ही स्पीड को लेकर काटे हैं। ऐसे में इन सिटी बसों के चालक नियम तोड़ते नजर आते हैं। वहीं सवारियां लेने की होड़ में यह चालक सड़क पर बसें दौड़ाते हैं। लंबे समय से शिकायत के बाद गुरुवार को मोबाइल मजिस्ट्रेट ने खुद कार्रवाई की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/responsible-woke-up-after-crushing-the-girl-student/article-13825</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/responsible-woke-up-after-crushing-the-girl-student/article-13825</guid>
                <pubDate>Thu, 07 Jul 2022 17:25:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/32.jpg"                         length="133685"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[jodhpur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दस किमी टूटी सड़क दे रही हादसों का न्यौता, जिम्मेदार बेफिक्र</title>
                                    <description><![CDATA[क्षेत्र के ग्राम पंचायत जयस्थल से अरनेठा तक व्यस्ततम दस किमी टूटी सड़क हादसों को न्यौता दे रही है। जिम्मेदार पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी बेपरवाह है। एक साल से अरनेठा और आसपास के ग्रामीण बदहाली झेल रहे है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/ten-km-broken-road-is-inviting-accidents--responsible-careless/article-13417"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/10-km.-tooti-sadak-de-rahi-hadso-ko-nyota.jpg" alt=""></a><br /><p>अरनेठा। क्षेत्र के ग्राम पंचायत जयस्थल से अरनेठा तक व्यस्ततम दस किमी टूटी सड़क हादसों को न्यौता दे रही है। जिम्मेदार पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी बेपरवाह है। एक साल से अरनेठा और आसपास के ग्रामीण बदहाली झेल रहे है। सड़क पर गड्ढों की वजह से विद्यार्थी के अलावा आए दिन ग्रामीण गिर जाते है। आमजन को इस सड़क से निकलने में डर लगने लगा  हैं। मानसून शुरू हो चुका है। ऐसे में बरसात होने से गड्ढों में पानी भर जाता है। इस वजह से चंद मिनिटों का सफर में खासा समय लग रहा है। खास बात यह है कि इस साल के बजट में इस लिंक रोड को स्टेट हाइवे में शामिल कर दिया गया है लेकिन अब तक इस सड़क के लिए बजट स्वीकृत नहीं होने से इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>गर्भवती महिलाओं को ले जाना हो रहा मुश्किल</strong></p>
<p> ग्रामीण ने बताया कि सड़क पूरी खराब हो गई हैं। आवागमन में अब चंद मिनटों के सफर में लंबा समय लग रहा हैं । इस सड़क पर डामर उखड़ गया , गिट्टी बाहर आ गई है। अब तो मिट्टी ही नजर आने लग गई हैं। बारिश का मौसम चल रहा हैं। गड्ढों में पानी भर गया हैं जिससे अब दुर्घटना का खतरा और बढ़ गया हैं । आमजन में अब पीडब्ल्यूडी विभाग के प्रति भारी नाराजगी हैं। कुछ तो अब जनप्रतिनिधियों को भी कोसने लग गए है। समय आने पर जबाव देने की मंशा में है। गर्भवती महिलाओं को इस सड़क से लाना भारी काम हो गया है। टूटी फूटी इस सड़क की वजह से गर्भवती महिलाओं को गड्ढों की वजह से असहनीय दर्द सहना पड़ रहा है। साथ ही मरीज, सरकारी कार्मिक,  वकील , बुजुर्ग, स्कूली बच्चे आदि को आवागमन में भारी समस्या हो रही है।ं ग्रामीणों ने अब इस लम्बे समय से चली समस्या से छुटकारा  पाने की संबंधित विभाग से आग्रह किया हैं। </p>
<p><strong>12 गांवों के 3 हजार लोग हर रोज गुजरते है</strong></p>
<p>ग्राम पंचायत जयस्थल से अरनेठा तक दस किमी टूटी सड़क से हर रोज आसपास के 12 गांवों के 3 हजार लोग इस व्यस्ततम रोड से रोज गुजरते है। यहीं नहीं इस खस्ताहाल रोड से होकर प्रसिद्ध कोडक्या बालाजी मंदिर जाने वाले श्रद्धालू भी आवागमन को लेकर परेशान है। इस टूटी रोड को बनवाने को लेकर राकेश सुमन , दयाराम बैरवा ,  बृजमोहन महावर ,रामचंद्र महावर, राजेंद्र मेघवाल, श्याम सेन, मूलचंद मालव, हरिओम सोनी, गोविंद प्रजापत, मोनू धाभाई,महावीर सावंत,नरेंद्र गोत्तम,हरिओम शर्मा,सत्यनारायण बना , मुकेश वैष्णव, दीपक सुमन,अशोक कंडारा,आत्माराम योगी, नरेश सुमन,किशन सैनी,मोहनलाल चादीजा, गौरव मालिक , प्रेमशंकर प्रजापत, आदि ग्रामीणों ने मांग की है। </p>
<p><strong>इनका कहना हैं </strong></p>
<p>सड़क खस्ताहाल हो गई हैं । आमवागम में भी आमजन को भारी समय आ रही हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग  का अब इस मामले पर संवेदनशील होना अति आवश्यक हैं।   <strong> -नरेंद्र गौतम,ग्रामीण  </strong></p>
<p>पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई हैं मिनिटों का सफर घंटों में बदल गया हैं। दुर्घटना की संभावना  बढ़ गई हैं। </p>
<p><strong>-हरिओम शर्मा,ग्रामीण  </strong></p>
<p>अरनेठा -जयस्थल यह सड़क  कोडक्या बालाजी  धार्मिक स्थल को जाने वाली सड़क हैं। इस सड़क से निकलने वाले ग्रामीण भी परेशान है। इस दस किमी टूटी सड़क की हालत जल्द सुधारनी चाहिए। </p>
<p><strong>-गौरव मालिक, सामाजिक कार्यकर्ता</strong></p>
<p>यह सड़क पहले लिंक रोड थी। इस साल के बजट में इस सड़क को स्टेट हाइवे में कन्वर्ट कर दिया गया है। इस सड़क के लिए बजट की स्वीकृति नही आई हैं। इस मार्ग पर अन्य घोषित स्टेट हाइवे पर की अपेक्षा कम लोगों का आवागमन है। इसमें 2 किलोमीटर का नॉन पेचबल हैं जो बिल्कुल टूट गई हैं। बाकी की बारिश के बाद पेच हो जायेगा। </p>
<p><strong>  -वी के जैन, एस ई, पीडब्लूडी विभाग बूंदी</strong></p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/ten-km-broken-road-is-inviting-accidents--responsible-careless/article-13417</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/ten-km-broken-road-is-inviting-accidents--responsible-careless/article-13417</guid>
                <pubDate>Sat, 02 Jul 2022 13:00:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/10-km.-tooti-sadak-de-rahi-hadso-ko-nyota.jpg"                         length="57675"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीनी रक्षा मंत्री का दावा: हमें बहुत सारे भारतीय हथियार मिले सीमा विवाद के लिए भारत जिम्मेदार</title>
                                    <description><![CDATA[सिंगापुर। चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंग ने लद्दाख में सैन्य गतिरोध के लिए भारत को दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा कि चीन और भारत पड़ोसी हैं और उनके लिए अच्छे संबंध रखना समझदारी है। चीनी रक्षा मंत्री ने यह भी दावा किया कि उन्हें भारतीय पक्ष के स्वामित्व वाले बहुत सारे हथियार मिले हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/we-got-a-lot-of-indian-weapons--india-is-responsible-for-the-border-dispute/article-11988"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/generalwei01---copy.jpg" alt=""></a><br /><p>सिंगापुर। चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंग ने लद्दाख में सैन्य गतिरोध के लिए भारत को दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा कि चीन और भारत पड़ोसी हैं और उनके लिए अच्छे संबंध रखना समझदारी है। चीनी रक्षा मंत्री ने यह भी दावा किया कि उन्हें भारतीय पक्ष के स्वामित्व वाले बहुत सारे हथियार मिले हैं। हालांकि, उन्होंने इन हथियारों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। जनरल वेई फेंग ने कहा कि भारत और चीन ने कोर कमांडर स्तर की 15 दौर की वार्ता की है और दोनों पक्ष इस क्षेत्र में शांति के लिए काम कर रहे हैं।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>सीमा विवाद पर शांति का पीटा ढोल</strong></span><br />चीनी रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि भारत और चीन ने कोर कमांडर स्तर की 15 दौर की वार्ता की है और दोनों पक्ष इस क्षेत्र में शांति के लिए काम कर रहे हैं। चीन सरकार के मुखौटा दर्शन का बखान करते जनरल वेई फेंग ने कहा कि हमारी दुनिया ऐसे कई संकटों का सामना कर रही है जो इतिहास में शायद ही कभी देखे गए हों, आगे का रास्ता बहुपक्षवाद को बनाए रखने से ही निकलेगा। उन्होंने चीनी नीति की जमीनी हकीकत के खिलाफ शेखी बघारते हुए कहा कि शांति और विकास मानवता का साझा लक्ष्य होना चाहिए।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>शांगरी-ला डायलॉग 2022 के सत्र में पूछे गए सवाल</strong></span> <br />जनरल वेई फेंग ने सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग 2022 के पांचवें पूर्ण सत्र में गलवान संघर्ष को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि चीन और भारत पड़ोसी हैं। अच्छे संबंध बनाए रखना दोनों देशों के हितों को पूरा करता है और हम इसी पर काम कर रहे हैं। लेकिन सीमावर्ती क्षेत्रों में संघर्ष पर मुद्दे स्पष्ट हैं। मैंने व्यक्तिगत रूप से रक्षा मंत्री के रूप में टकराव की शुरूआत और अंत का अनुभव किया। हमें भारतीय पक्ष के स्वामित्व वाले बहुत सारे हथियार मिले हैं। उन्होंने लोगों को चीनी क्षेत्र में भी भेजा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/we-got-a-lot-of-indian-weapons--india-is-responsible-for-the-border-dispute/article-11988</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/we-got-a-lot-of-indian-weapons--india-is-responsible-for-the-border-dispute/article-11988</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Jun 2022 12:36:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/generalwei01---copy.jpg"                         length="47210"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> 20 दिन से खुले पड़े मौत के चैम्बर, जिम्मेदार मौन </title>
                                    <description><![CDATA[शहर के अंदरुनी इलाकों में हो रहे निर्माण कार्यों में सरकारी मशीनरी व जिम्मेदारों की बदइंतजामी का दंश पिछले एक साल से शहरवासी भुगत रहे हैं। पहले आरयूडीपीआई ने सीवरेज पाइप लाइन डालने के लिए कॉलोनियों की सड़कें उधेड़ डाली। हालांकि सीसी रोड बनाया है लेकिन सीवरेज के दो फीट चौड़े और चार फीट गहरे चैम्बरों को खुला छोड़ दिया, जो हादसों का कारण बन रहे हैं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/death-chambers-lying-open-for-20-days--responsible-silence/article-11909"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/l2.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के अंदरुनी इलाकों में हो रहे निर्माण कार्यों में सरकारी मशीनरी व जिम्मेदारों की बदइंतजामी का दंश पिछले एक साल से शहरवासी भुगत रहे हैं। पहले आरयूडीपीआई ने सीवरेज पाइप लाइन डालने के लिए कॉलोनियों की सड़कें उधेड़ डाली। डिल मशीनों की कानफाडू आवाज के बीच लोगों ने जैसे-तैसे परेशानियों के दिन काटे। लंबे अरसे बाद काम पूरा होने पर लोग चेन की सांस ले पाते उससे पहले ही नगर निगम भी जेसीबी लेकर उन्हीं कॉलोनियों में कूद गया और रोड चौड़ा करने के नाम पर घरों के आगे बनी चबूतरियों को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया। हालांकि सीसी रोड बनाया है लेकिन सीवरेज के दो फीट चौड़े और चार फीट गहरे चैम्बरों को खुला छोड़ दिया, जो हादसों का कारण बन रहे हैं। इन दिनों विज्ञान नगर के वार्ड 39 में ऐसे ही हालात बने हुए हैं। दरअसल, कोटा दक्षिण नगर निगम द्वारा वार्डों में विभिन्न निर्माण कार्य करवाएं जा रहे हैं। जिनमें सीसी सड़क, सीवरेज चैम्बर, इंटरलोकिंग सहित अन्य कार्य शामिल हैं। <br /><br /><strong>सड़क पर गिरे बाइक सवार दंपती</strong><br />अनिल लालवानी का कहना है, चैम्बर का ढकान करवाने के लिए पार्षद को बोला था लेकिन अनसुना कर दिया। हालात यह हो रहे हैं, दिन में तो गड्ढे दिखाई देने से वाहन चालक संभलकर निकल जाते हैं लेकिन रात को स्ट्रीट लाइट बंद रहती है, जिससे कॉलोनी में अंधेरा होने से चैम्बर दिखाई नहीं देते। तीन दिन पहले शाम साढ़े सात बजे करीब बाइक सवार दम्पति सीवरेज गड्ढे में गिकर चोटिल हो गए। महिला के हाथ में छोटा बच्चा था, जिसे भी मामूली चोट आई। <br /><br /><strong>घर के आगे फिर मलबे का ढेर</strong><br />कविता कुकरेजा ने बताया कि पहले सीवरेज पाइप लाइन डालने के लिए आरयूडीपीआई के ठेकेदारों ने सड़क खोदकर मलबे का ढेर लगाया, अब नगर निगम ने इंटरलॉकिंग के नाम पर घर के बाहर बनी चबुतरियां तोड़कर फिर से मलबे का ढेर लगा दिया। धूल-मिट्टी से जीना मुहाल हो गया। निगम ठेकेदार एक कॉलोनी का काम पूरा किए बिना ही दूसरी कॉलोनी में काम शुरू कर देते हैं, जिससे दोनों ही कॉलोनी के बाशिंदे बदइंतजामी से परेशान हो रहे हैं। <br /><br /><strong>रोड लाइटें बंद, कॉलोनी में अंधेरा</strong><br />स्थानीय निवासियों का कहना है, कॉलोनी की रोड लाइटें बंद पड़ी हैं। शाम ढलते ही अंधेरा हो जाता है और खुले पड़े चैम्बर हादसों का सबब बनते हैं। यहां 20 दिन में कई हादसे हो चुके हैं। पार्षद से ढकान करवाने को कहा लेकिन अनसुना कर दिया। निगम अधिकारी भी मौका मुआयना नहीं करते। जिसकी वजह से ठेकेदार व जनप्रतिनिधि मनमर्जी चलाते हैं। लोग शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं।  <br /><br /><strong>10 साल के मासूम की बच गई जान</strong><br />स्थानीय निवासी लविशा खत्री बतातीं है, गत बुधवार की शाम ट्यूशन पढ़कर घर लौट रहा 10 वर्षीय बालक सीवरेज गड्ढे में गिरकर लहुलूहान हो गया। होठों से लेकर नाक का उपरी हिस्सा कट गया। मोहल्लेवासियों ने तुरंत बच्चे को बाहर निकाल पास ही क्लिनिक लेकर पहुंचे। इधर, सागर लोहिया कहते हैं, घर के सामने खुले पड़े सीवरेज गड्ढे खतरनाक साबित हो रहे हैं। बच्चे बाहर जाने की जिद करते हैं, ऐसे में साए की तरह उनके पीछे लगे रहते हैं। <br /><br /><strong>चैम्बर में फंस रहे वाहन</strong> <br />कॉलोनीवासी मधु मूलचंदानी ने बताया कि सीवरेज चैम्बर का ढकान नहीं होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। कुछ दिनों पहले देर शाम चेम्बर में कार फंसने से चालक चोटिल हो गया। मोहल्लेवालों ने बमुशिकल कार को बाहर निकाला। वहीं, लोडिंग वाहन भी पलटने से बाल-बाल बचा। इसके अलावा आए दिन बाइक सवार चोटिल हो रहे हैं। <br /><br /><strong>खुले पड़े 2 फीट चौड़े सीवरेज चैम्बर</strong> <br />विज्ञान नगर अशोक पार्क स्थित कॉलोनी में करीब 16 फीट चौड़ी सीसी सड़क बनाई गई है। जिस पर 2 फीट चौड़े व 4 फीट गहरे 8 से 10 सीवरेज चैम्बर बने हैं, जो 20 दिन से खुले पड़े होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। रात को रोड लाइटें बंद होने से कॉलोनी में अंधेरा रहता है। जिससे वाहन चालकों को चैम्बर दिखाई नहीं देते और उसमें गिरकर चोटिल हो जाते हैं। <br /><br />नगर निगम द्वारा वार्डों में सीसी सड़क, इंटरलोकिंग, सीवरेज चैम्बर सहित अन्य कार्य करवाए जा रहे हैं। पार्षद होने के नाते लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखना मेरी जिम्मेदारी है। मैने ठेकेदार को अस्थाई रूप से सीवरेज के गड्ढों के आसपास अवरोधक लगाने को कहा था। वैसे, चेम्बरों के ढकान बनकर तैयार हो गए हैं, शनिवार या रविवार को सभी का ढकान कर दिया जाएगा। वहीं, वार्ड की अन्य कॉलोनियों में 20 फीट से अधिक चौड़ी सड़क बनाई है, जहां चैम्बरों के ढकान करवा दिया है।  <br /><strong>- मनोज गुप्ता, पार्षद वार्ड 39</strong><br /><br />सीवरेज से सबंधित काम आरयूडीपीआई या यूआईटी द्वारा करवाया जा रहा है। यदि, किसी वार्ड में कोई समस्या है तो वार्डवासी हमें बताएं, तुरंत समाधान करवाया जाएगा। वैसे, हमारे पास इस तरह की शिकायत नहीं आई, जैसे ही कोई शिकायत आएगी तो जेईएन को मौके पर भेज समाधान करवा देंगे। <br /><strong>- राजीव अग्रवाल, महापौर कोटा दक्षिण नगर निगम</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/death-chambers-lying-open-for-20-days--responsible-silence/article-11909</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/death-chambers-lying-open-for-20-days--responsible-silence/article-11909</guid>
                <pubDate>Sat, 11 Jun 2022 14:47:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/l2.jpg"                         length="90921"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान में महंगे सिलेंडर के लिए गहलोत सरकार दोषी: दीया कुमारी</title>
                                    <description><![CDATA[ केन्द्र की मोदी सरकार के आठ वर्ष पूर्ण होने एवं सांसद के 3 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जिला कार्यालय राजसमंद में भाजपा द्वारा प्रेसवार्ता रखी गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/rajsamand/gehlot-government-responsible-for-expensive-cylinders-in-rajasthan-diya-kumari/article-11218"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/diya-k.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p></p>
<p>राजसमंद। केन्द्र की मोदी सरकार के आठ वर्ष पूर्ण होने एवं सांसद के 3 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जिला कार्यालय राजसमंद में भाजपा द्वारा प्रेसवार्ता रखी गई। भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं सांसद दीया कुमारी ने जनकल्याणकारी केन्द्र सरकार की योजनाएं बताई। फिर मीडियाकर्मियों ने सवाल किया कि राजसमंद जिले की क्या उपलब्धियां बताएं, तो सांसद दीया ने कहा कि 2 पेज लिखकर लाई हूं और एक-एक करके बताती हूं। सांसद दीया कुमारी ने कहा कि मावली- मारवाड़ रेल लाइन का फाइनल सर्वे पूरा करवा दिया व भीम और राजसमंद में दो केन्द्रीय स्वीकृत करवा दिए। इससे ज्यादा कुछ चाहते हो, तो मुझे 5 साल और दे दीजिए।<br /><br /><strong>महंगे सिलेंडर के लिए गहलोत सरकार को ठहराया जिम्मेदार</strong><br />महंगे सिलेंडर के चलते उज्जवला योजना का लाभ 10 फीसदी परिवार ही उठा पा रहे हैं, जिसके लिए कौन जिम्मेदार है। इसका जवाब देते हुए सांसद ने कहा कि भ्रष्टाचार हो रहा होगा। देखिए सिलेंडर महंगा मिल रहा है, तो गहलोत सरकार के अतिरिक्त टैक्स की वजह से है। सांसद ने कहा कि अगर सिलेंडर महंगा नहीं है, तो आप गुजरात व यूपी से कम्पेयर करके देख लीजिए। सिलेंडर के साथ पेट्रोल- डीजल सब राजस्थान में महंगा मिल रहा है। कांग्रेस सरकार ने इतना स्टेट टैक्स क्यों लगा रखा है। गुजरात, यूपी व हरियाणा की तरह एक समान स्टेट टैक्स लगाए, ताकि महंगाई कम हो सकें। इसमें गलती तो राजस्थान सरकार की है। फिर मीडियाकर्मियों ने क्रॉस सवाल किया कि अब तो केन्द्र सरकार चुनावी मोड़ में आ चुकी है, जिससे उज्जवला योजना में फिर सब्सिडी की घोषणा की है, तो सांसद ने कहा कि अभी कोई चुनावी मोड़ में नहीं है, भाजपा व केंद्र सरकार अब चुनावी मोड़ में आएगी। कोविडकाल में केन्द्र सरकार ने 80 करोड़ लोगों को अनाज दिया, वह बात तो आप करेंगे नहीं।</p>
<p>गैस सिलेंडर सब्सिडी क्यों बंद की ? <br />मीडियाकर्मियों ने सांसद दीया कुमारी से सवाल किया कि आखिर गैस सिलेंडर पर सब्सिडी मोदी सरकार द्वारा क्यों बंद की गई। इस पर सांसद ने कहा कि सरकार ने किसी वजह से सब्सिडी बंद की होगी। हो सकता है, सब्सिडी का दुरुपयोग हो रहा होगा। किसी न किसी वजह से सब्सिडी बंद हुई होगी। फिर सांसद ने कहा कि राजसमंद में बहुत ज्यादा गड़बड़ हो रही है। फिर मीडियाकर्मी बोले कि आप जनप्रतिनिधि है, तो सांसद दीया कुमारी ने कहा कि दिशा मीटिंग में उनके द्वारा कृष्णा सर्किट का घोटाला सामने रखा, तो मीडियाकर्मी बोले कि आपने खुलासा किया तो मीडिया ने प्रमुखता से छापा भी है। सांसद दीया कुमारी ने कहा कि अनियमितता के लिए जो भी अधिकारी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही सरकार स्तर पर कोई कमी होगी, तो उसे पूरा करना हमारी जनप्रतिनिधि होने के नाते जिम्मेदारी है और उस कमी को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। <br /><br /><strong>सांसद ने ये प्रमुख कार्य गिनाएं</strong> <br />सांसद दीया कुमारी ने बताया कि मंडियाना से नाथद्वारा तक रेल लाइन स्वीकृत के साथ कार्य शुरू हो गया। इसी तरह गोमती- ब्यावर फोरलेन का अधूरा फोरलेन निर्माण, घरेलू व औद्योगिक गैस लाइन का कार्य प्रगति, ग्राम पंचायत स्तर पर सीएससी केंद्र खोले, उपली ओडन- चारभुजा तक वाया खमनोर, केलवाड़ा हाइवे निर्माण, गोमती से उदयपुर तक हाइवे किनारे सर्विस रोड स्वीकृत, नाथद्वारा के लालबाग चौराहे पर अंडरपास स्वीकृत, प्रधानमंत्री सडक़ योजना में 60 सडक़ें स्वीकृत होकर 15 सडक़ें पूर्ण हो गई। इसी तरह राजसमंद में राष्ट्रीय खेल स्टेडियम स्वीकृत, नाथद्वारा अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लग चुका है, जबकि मावली से मारवाड़ रेल लाइन का नए सिरे से फाइनल सर्वे पूरा हो चुका है और जून में होने वाली बैठक में लेकर इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा। <br /><br /><strong>चौहान ने की शुरुआत, बारहठ ने दिया धन्यवाद</strong> <br />केंद्र सरकार के 8 वर्ष पूर्ण होने पर प्रेसवार्ता की शुरुआत भाजपा जिला प्रभारी वीरेंद्रसिंह चौहान ने की, जबकि जिलाध्यक्ष मानसिंह बारहठ ने अंत में आभार ज्ञापित किया। चौहान ने केन्द्र सरकार की कल्याणकारी योजनाएं बताते हुए कांगे्रस की नाकामियां भी गिनाई। लोकतंत्र में कांगे्रस के बूरे हालात पर चिंता भी जताई। इस दौरान कार्यक्रम संयोजक अशोक रांका, मीडिया प्रवक्ता अरविंदसिंह भाटी, महेश पालीवाल, गणेश पालीवाल, कुलदीपसिंह ताल, जवाहरलाल जाट आदि मौजूद थे। <br /><br /><strong>राजसमंद विधायक रही नदारद</strong> <br />केंद्र सरकार के 8 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित प्रेसवार्ता में राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी व उनके समर्थक नदारद रहे। इस तरह भाजपा का एक धड़ा इस पे्रसवार्ता में नहीं आया, जिससे गुटबाजी भी खुलकर फिर सामने आ गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>राजसमंद</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/rajsamand/gehlot-government-responsible-for-expensive-cylinders-in-rajasthan-diya-kumari/article-11218</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/rajsamand/gehlot-government-responsible-for-expensive-cylinders-in-rajasthan-diya-kumari/article-11218</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jun 2022 16:07:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/diya-k.jpg"                         length="27713"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>घास तुरंत कटवाए, वरना अग्नि दुर्घटना की जिम्मेदारी आपकी होगी</title>
                                    <description><![CDATA[झालावाड़ रोड स्थित हवाई अड्डा परिसर में बार-बार सूखी घास व झाड़ियों में लग रही आग की घटनाओं को देखते हुए नगर निगम कोटा दक्षिण आयुक्त ने हवाई अड्डा अधिकारी को पत्र लिखा है। जिसके बाद हवाई अड्डा प्रबंधन ने जेसीबी से घास कटाई शुरू कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/get-the-grass-cut-immediately--otherwise-you-will-be-responsible-for-the-fire-accident/article-8818"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/airport-grass-kota.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । झालावाड़ रोड स्थित हवाई अड्डा परिसर में बार-बार सूखी घास व झाड़ियों में लग रही आग की घटनाओं को देखते हुए नगर निगम कोटा दक्षिण आयुक्त ने हवाई अड्डा अधिकारी को पत्र लिखा है। जिसके बाद हवाई अड्डा प्रबंधन ने जेसीबी से घास कटाई शुरू कर दी है। हालांकि गुरुवार को भी दिन में फिर से वहां आग लगी थी। <br /><br />हवाई अड्डा परिसर में पिछले एक सप्ताह में  तीन बार सूखी घास व झाड़ियों में आग लग चुकी है। सबसे अधिक आग 23 अप्रैेल को दिन में लगी थी। जिस पर शाम तक काबू पाया गया था। उस दिन करीब डेढ़ किमी. क्षेत्र में आग फैल गई थी। जिसे काबू पाने में 2 लाख लीटर पानी काम में लिया था। उसके 24 घंटे बाद 25 अप्रैल को फिर से परिसर में आग लगी। दोनों बार आग परिसर की सूखी घास व  झाड़ियों में लगी थी। दूसरी बार कीे आग पेट्रोल पम्प के पीछे की तरफ लगी थी। जिसे बड़ी मुश्किल से काबू में किया गया था। लगातार दो बड़ी घटनाएं जल्दी-जल्दी होने पर नगर निगम कोटा दक्षिण आयुक्त ने हवाई अड्डा अधिकारी को पत्र लिखा। पत्र में आयुक्त ने लिखा कि हवाई अड्डा परिसर में काफी समय से घास व सूखी झाड़ियां उगी हुई हैं। जिन्हें कटवाने के लिए पूर्व में कई बार पत्र लिखा जा चुका है। उसके बाद भी दो बार आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। एयरपोर्ट परिसर के आस-पास दुर्गा बस्ती, अभय कमांड सेंटर, दैनिक नवज्योति कार्यालय व पेट्रोल पम्प भी है। ऐसे में एयरपोर्ट परिसर में आग लगने व अधिक बढ़ने पर जान और माल का नुकसान भी हो सकता है। पत्र में लिखा कि एयरपोर्ट परिसर में अग्निशमन वाहनों में पानी भरने की व फायर उपकरणों को भी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में वे अविलम्ब एयरपोर्ट परिसर में उगी सूखी घास व झाड़ियों को कटवाएं। यदि भविष्य में कोई अग्नि दुर्घटना होती है तो उसकी समस्त जिम्मेदारी एयरपोर्ट प्रबंधन की होगी। <br /><br /><strong>बार-बार पत्र का भी नहीं हो रहा असर</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक राजोरा ने बताया कि एयरपोर्ट प्रबंधन को पिछले तीन साल से घास कटवाने के लिए पत्र लिखे जा रहे हैं। एक माह में दो बार पत्र लिखे जा चुके हैं। लेकिन उन पर कोई असर नहीं हो रहा है। वे हर बार टेंडर होने के बात कहकर बचते रहते हैं। जबकि  एयरपोर्ट परिसर में आग लगने पर परेशानी प्रशासन को हो रही है। साथ ही जनता को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शहर के बीच होने से आग कभी भी फैली तो बड़ा हादसा हो सकता है। <br /><br /><strong>तीसरी बार फिर लगी आग, दो दमकल भेजी</strong><br />इधर नगर निगम कोटा दक्षिण के सहायक अग्निशमन अधिकारी देवेन्द्र गौतम ने बताया कि गुरुवार को दिन में भी एयरपोर्ट परिसर की झाड़ियों में आग लगने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर दो दमकलें मौके पर भेजी थी। हालांकि आग घोड़ा बस्ती के पीछे की तरफ लगी थी। समय रहते आग पर काबू पा लिया। जिससे आग अधिक नहीं फैल सकी। एयरपोर्ट परिसर में एक सप्ताह में यह तीसरी बार आग लगी है। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />एयरपोर्ट परिसर में घास कटाई का ठेका किशनगढ़ से हो गया है। वह फाइनल स्वीकृति के लिए वित्त विभाग में गया है। वहां से स्वीकृति मिलते ही शीघ्र ही परिसर से घास कटाई का काम शुरू कर दिया जाएगा। लेकिन उससे पहले अपने स्तर पर ही जेसीबी मशीन लगाकर पेट्रोल पम्प के पीछे की तरफ से घास कटाई का काम शुरू कर दिया है। <br /><strong>-नरेन्द्र मीणा, हवाई अड्डा अधिकारी </strong><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/get-the-grass-cut-immediately--otherwise-you-will-be-responsible-for-the-fire-accident/article-8818</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/get-the-grass-cut-immediately--otherwise-you-will-be-responsible-for-the-fire-accident/article-8818</guid>
                <pubDate>Fri, 29 Apr 2022 13:28:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/airport-grass-kota.jpg"                         length="80369"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बढ़ती आबादी भी भ्रष्टाचार की जिम्मेदार है...?</title>
                                    <description><![CDATA[देश में समस्याओं के दो ही कारण है, जनसंख्या और भ्रष्टाचार। बेतहाशा बढ़ती आबादी का असर हर चीज पर पड़ता है। जिस रफ्तार से जनसंख्या बढ़ रही है, संसाधन घटते जा रहे है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/%E0%A4%AC%E0%A5%9D%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A5%88--/article-3028"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/population_jansankhya.jpg" alt=""></a><br /><p> कोटा। देश में समस्याओं के दो ही कारण है, जनसंख्या और भ्रष्टाचार। बेतहाशा बढ़ती आबादी का असर हर चीज पर पड़ता है। जिस रफ्तार से जनसंख्या बढ़ रही है, संसाधन घटते जा रहे है। इसका असर खाने- पीने की वस्तुओं , दवाइयों, बेरोजगारी, फल-सब्जियों,दूध, पानी, बिजली, आवास जैसी जरूरी चीजों की उपलब्धता पर पड़ता है। जब यह सब जनता को उपलब्ध नहीं होता, तब भ्रष्टाचार बढ़ता है। इसका असर देश के विकास की राह पर पड़ता है। भ्रष्टाचार से सृजनात्मकता खत्म हो जाती है। अपराध बढ़ते है। रोजगार के अवसर तेजी से गिरते जाते है। योग्य लोगों की काबिलियत पर असर पड़ता है। बढ़ती आबादी, बेरोजगारी की समस्या सीधे तौर पर, भ्रष्टाचार से जुड़ी हुई है। आईआईटी, नीट, रीट, पटवारी, आरएएस की परीक्षाएं हो या अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं इनमें प्रवेश के लिए सीट सीमित होती है। लेकिन इन परीक्षाओं में बैठने वाले  प्रतियोगियों की संख्या लाखों में होती है। नतीजा यह होता है कि फर्जी तरीके अपनाकर सीट की जोड़ तोड़ करते है। किसी भी काम को करवाना हो रिश्वत, चुनावों में धांधली, टैक्स चोरी, परीक्षार्थियों का गलत मूल्यांकन, पैसे लेकर वोट देना, यह सब भ्रष्टाचार ही है। </p>
<div>भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी मजबूत हो चुकी है कि कोई भी क्षेत्र इससे अछूता नहीं है। जनसंख्या जैसे-जैसे बढ़ेगी चीजों की डिमांड बढ़ती जाएगी,  उसके अनुरूप सप्लाई कम होती जाएगी। खाद्य पदार्थों में मिलावट, सिंथेटिक दूध, फल-सब्जियों की जल्दी पैदावार के लिए पेस्टीसाइड का छिड़काव करना। फसलों की उपज बढ़ाने के लिए खेतों में ज्यादा कीटनाशक डालने से भूमि का बंजर होना । खाद्य-पदार्थों में मिलावट स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है इनके  सेवन से कैंसर, अस्थमा, अल्सर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती है। पानी का दोहन जिस तरह से  हो रहा है वर्ष 2030 तक पीने का पानी खत्म हो जाएगा। पीने के पानी के लिए मारामारी शुरू हो जाएगी। सरकार संसाधनों को एक सीमा तक ही बढ़ा सकती है। जनसंख्या वृद्धि से शत-प्रतिशत भ्रष्टाचार भी बढ़ेगा? इससे देश के आर्थिक विकास की गति प्रभावित होती है। </div>
<div>बढ़ती आबादी और भ्रष्टाचार इन दोनों से लड़ना चुनौती बन गया है। भ्रष्टाचार की समस्या इतनी उग्र है कि हर व्यक्ति इससे त्रस्त है। जनसंख्या बढ़ेगी तो लोगों का ना तो जीवन स्तर सुधरेगा, ना ही शिक्षा मिलेगी और ना ही रोजगार उपलब्ध होगा।  दुनियाभर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए 9 दिसंबर को अंतरराष्टÑीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर दैनिक नवज्योति ने शहरवासियों के सामने एक प्रश्न रखा कि क्या जनसंख्या बढ़ने के साथ-साथ भ्रष्टाचार भी  बढ़ता है?</div>
<div> </div>
<div>  जनसंख्या बढ़ेगी तो पूरी सुविधाएं नहीं मिलेगी इससे समस्याएं हो जाती है और लोग गलत तरीके से इस्तेमाल करेंगे। यदि अच्छी शिक्षा देंगे अच्छे संस्कार लेंगे तो करप्शन नहीं बढ़ेगा, अच्छी सुविधाएं, अच्छा मार्गदर्शन नहीं मिलेगा, अच्छा एनवायरमेंट नहीं मिलेगा तब वह गलत रास्ता अपना लें। अगर पूरी कम्यूनिटी उस पॉपुलेशन पर ध्यान देगी तो सब अच्छे से ग्रो करेंगे।  हमारे यहां पॉपुलेशन ज्यादा होने से अच्छी एज्युकेशन नहीं मिल रही है। दूसरी बात मार्डनाइजेशन हो रहा है हर व्यक्ति को कार व सभी सुविधाएं चाहिए। एक्सपेक्टेशन बढ़ जाती है तो समस्या होती है। हम सिर्फ पॉपुलेशन को ही नहीं कह सकते करप्शन बढ़ने के कई सारे फैक्टर्स है।</div>
<div><strong>- डॉ. आरके अग्रवाल, डायरेक्टर,सुधा हॉस्पिटल </strong></div>
<div> </div>
<div>जनसंख्या जब बढ़ती है तो सरकार के सामने चुनौती तो होती है। जनसंख्या जैसे बढ़ेगी शिक्षा की व्यवस्था करना और भी बहुत दैनिक आवश्यकताएं होती है जिनकी पूर्ति करनी होती है। जब बच्चा बड़ा होता है तो रोजगार की समस्या आती है। सरकार को रोजगार भी मुहैया करवाना है। कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार की संभावनाएं इसलिए है क्योंकि जनसंख्या बढ़ेगी तो कहीं न कहीं स्थितियां विस्फोटक होती है। शिक्षा रोजगार स्वास्थ्य आदि सुविधाएं सभी को नहीं मिल पाती।</div>
<div><strong>- हनुमान सिंह तंवर, फाउंडर एवं डायरेक्टर,एक्सीलेंट लॉ कॉलेज</strong></div>
<div> </div>
<div>जनसंख्या बढ़ने के साथ साथ बिल्कुल भ्रष्टाचार बढेÞगा। अभी इतनी जनसंख्या है, उसमें ही देखें भ्रष्टाचार कम नहीं है। यह तो बिल्कुल बढ़ेगा। जनसंख्या नियंत्रण का बिल आ रहा है केन्द्र सरकार को नियम बनाना चाहिए। रोजगार के सोर्स नहीं हैं व्यक्ति अपने हिसाब से रोजी-रोटी चलाने के लिए कुछ तो करेगा, ऐसे में भ्रष्टाचार बढेÞगा।</div>
<div><strong>- विजय पंडित, राष्टÑीय सचिव, मानवाधिकार एंड एंटीकरप्शन मिशन</strong></div>
<div> </div>
<div>जनसंख्या का अधिक होना भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है। यदि संसाधन जिसमें रोटी,कपड़ा,मकान से लेकर शिक्षा, चिकित्सा व नौकरी तक शामिल हैं, उस अनुपात में नहीं बढ़ रहें जैसे कि जनसंख्या तो ऐसी स्थिति में भ्रष्टाचार बढ़ता है । क्योंकि सीमित संसाधनों में से ज्यादा से ज्यादा हासिल करने के लिए लोग भ्रष्ट आचरण अपनाते हैं। एक तरह से जिनके पास पैसा और पावर है गलत इस्तेमाल से सब हासिल करने की कोशिश करता है और जिनके पास पैसा और पावर नहीं है वह चोरी और दूसरे गलत तरीके से ये सब हासिल करने की कोशिश करता है। इसका सबसे ताजा उदाहरण है भर्ती परीक्षाओं में नकल और पेपर आउट होना। नौकरियां सीमित है, लेकिन चाहिए तो सबको। इसलिए नौकरी हथियाने की कोशिश में कहीं नकल होता है तो कहीं पेपर आउट। अगर जनसंख्या भी सीमित हो तो यही संसाधन सभी को आसानी से बिना किसी भ्रष्ट आचरण के इस्तेमाल के भी उपलब्ध होंगे।</div>
<div><strong>-डॉ. पूनम जायसवाल, सहायक आचार्य, वनस्पति शास्त्र , जेडीबी राज. कन्या महाविद्यालय, कोटा</strong></div>
<div> </div>
<div>वर्ल्डवाइड अगर आंकड़ें देखें तो उसमें भ्रष्टाचार और जनसंख्या का कोई को-रिलेशन नहीं है। जो को-रिलेशन होता है वह विकसित, अल्पविकसित और विकासशील देश का बनता है। विकासशील और अल्पविकसित देश में भ्रष्टाचार ज्यादा होता है। चाहे जनसंख्या ज्यादा हो या कम हो। ऐसे कोई आंकड़ें उपलब्ध नहीं है कि पॉपुलेशन ज्यादा होगी तो भ्रष्टाचार ज्यादा हो जाएगा। अल्पविकसित और विकासशील देशों में भ्रष्टाचार ज्यादा देखा जा रहा है। विकसित देश बड़ा है जैसे अमेरिका वहां करप्शन कम है। इसका मतलब है भ्रष्टाचार और पॉपुलेशन में कोई सह-संबंध नहीं है। जिस देश में प्रशासनिक लागते कम रखी जाए तो फायदे मिलते है और भ्रष्टाचार कम होता है पॉपुलेशन के संदर्भ  में फिर वह चाहे बड़ा हो या छोटा हो। पॉपुलेशन ग्रोथ के साथ में अगर हमारे पास कोई डाटा है जनसंख्या वृद्धि के अनुपात में भ्रष्टाचार के मामले बढ़ें है तो कह सकते है कि पॉपुलेशन के कारण भ्रष्टाचार बढ़ा है। लेकिन ऐसा कोई डाटा नहीं है। डेमोक्रेसी जैसे- जैसे वाइब्रेंट होता है इसमें जनसंख्या से ज्यादा जरूरी हैं लोकतंत्र किस तरह से डवलप हुआ है। अगर वह ज्यादा ग्रेंड स्प्रेंट हो उसमें ज्यादा वाइब्रेन्सी हो तो निश्चित रूप से भ्रष्टाचार कम होना चाहिए। देश में अब लग रहा है कि भ्रष्टाचार के मामले बढ़ गए है क्योंकि रिपोर्टिंग भी बहुत ज्यादा हो रही है। सरकारी एजेंसी जो करप्शन फाइट करती है उनके पास ज्यादा मामले आ रहे है। जब से देश आजाद हुआ उसके बाद से। एक समाज के रूप में ज्यादा भ्रष्ट हो गए है? ये कैसे कहेंगें जो वर्ल्डवाइड डेटा है उसमें तो यही कहा जा रहा है जहां पर प्रजातंत्र ज्यादा पारदर्शी है, जहां पर डेमोक्रेसी के एडमिनिस्ट्रेटिव कॉस्ट बहुत कम है वहां पर भ्रष्टाचार कम है। पॉपुलेशन से कोई लेना-देना नहीं है।</div>
<div><strong>-डॉ. अमिताव बासु, एसोसिएट प्रोफेसर, इकोनॉमिक्स, गवर्नमेंट आर्टस कॉलेज,कोटा</strong></div>
<div> </div>
<div>जनसंख्या बढ़ने के साथ भ्रष्टाचार बढ़ता है ऐसा नहीं है। जनसंख्या से भ्रष्टाचार का कोई संबंध नहीं है। भ्रष्टाचार का रिलेशन है कि हम कितने जागरूक है। अभी हम रास्ते ढूंढ़ते है कि ये करें या ये करें। जैसे जैसे कानून आते जा रहे हैं थोड़ी स्ट्रिजेंसी होती जा रही है। टैक्सेशन की रेट कम होती जाएगी। अगर हमारी अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार नहीं होगा तो रोजगार अपने आप जनरेट होगा। इकोनॉमी के साथ टैक्सेशन प्रॉपर रहेगा। अपने आय ही सोशल डवलमेंट की तरफ ज्यादा जाएगा। जॉब अपने आप क्रिएट होंगे। अभी अमीर आदमी अमीर बनता जा रहा है गरीब-गरीब ही बनता जा रहा है। मेरे विचार से जनसंख्या से भ्रष्टाचार का कोई लेना देना है, अगर लेना देना है तो हमारी विचारधारा से है हर व्यक्ति ईमानदारी से टैक्स पे करने लग जाए तो धीरे-धीरे इकोनॉमी में अपने आप ही टैक्सेशन आ जाएगा। जब टैक्स चोरी होती है तो वह डेवलपमेंट में काम ही नहीं आता है। टैक्स चोरी ना करके टैक्स प्लानिंग करनी चाहिए। जिससे इकोनॉमी का पैसा वाइट इकोनॉमी में रहे और वह सोशल डेलपमेंट में काम आए और रोजगार सृजन में काम आए।</div>
<div><strong>- निमिषा मेघवानी, सीए  </strong></div>
<div> </div>
<p><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/%E0%A4%AC%E0%A5%9D%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A5%88--/article-3028</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/%E0%A4%AC%E0%A5%9D%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A5%88--/article-3028</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Dec 2021 12:38:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-12/population_jansankhya.jpg"                         length="20903"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दैनिक नवज्योति स्पेशल : राज्य की पहली चार सरकारों में ना महिला, ना एससी-एसटी</title>
                                    <description><![CDATA[राजनीतिक बदलाव : अब मंत्रिमंडल में इनकी संख्या ज्यादा विभाग भी जिम्मेदारी वाले]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A6%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%B2---%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE--%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%8F%E0%A4%B8%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%8F%E0%A4%B8%E0%A4%9F%E0%A5%80/article-2628"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/first-pic-rajasthan-govt.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नए मंत्रिमंडल में महिला, आदिवासी और अनुसूचित जाति के मामले में बड़ा शिफ्ट किया है। इस मंत्रिमंडल में संख्या और विभागों के हिसाब से पहली बार ये वर्ग ताकतवर होकर उभरे हैं। इसकी तुलना राज्य के और कांग्रेस के भी शुरू के चार मंत्रिमंडलों से करें तो बदलाव सुखद है।  शुरू के तीनों मंत्रिमंडलों में न तो कोई महिला थी और न ही एससी-एसटी के किसी प्रतिनिधि को मंत्री बनाया गया था।  राजस्थान में बनी पहली अन्तरिम सरकार में मात्र 10 मंत्री थे, इस सरकार का कार्यकाल 30 मार्च, 1949 से 5 जनवरी, 1951 तक रहा। इस सरकार के मुख्यमंत्री हीरालाल शास्त्री थे। इसके बाद गठित अन्तरिम सरकार में 11 मंत्री शामिल किए गए थे और जयनारायण व्यास को मुख्यमंत्री बनाया गया था। दूसरी अन्तरिम सरकार का कार्यकाल 26 अप्रैल,1951 से 3 मार्च,1952 रहा। इसके बाद राजस्थान में पहली लोकतांत्रिक सरकार का गठन हुआ जिसमें टीकाराम पालीवाल मुख्यमंत्री थे। पहली लोकतांत्रिक (निर्वाचित) सरकार का कार्यकाल 3 मार्च, 1952 से 01 नवम्बर, 1952 रहा। पहली अन्तरिम सरकार के मुख्यमंत्री शास्त्री के पास सामान्य प्रशासन, राजनीतिक, वित्त और राजस्व विभाग थे। उनके मंत्रिमण्डल के सदस्य नृसिंह कछवाहा के पास श्रम,हकार, ग्रामीण पुनर्गठन, प्रेमनारायण माथुर के पास पुलिस, शिक्षा, प्रचार, कारखंजाब, भ्रष्टाचार निरोधक तथा फूलचन्द बाफना के पास स्वायत्त शासन, भूरेलाल बया के पास यातायात, सार्वजनिक निर्माण,रघुवर दयाल गोयल के पास कृषि, वन, नागरिक आपूर्ति, वेदपाल त्यागी के पास न्याय, विधि, शरणार्थी सहायता पुननर्वास, शेभाराम के पास राजस्व, भू-प्रबन्ध, सिद्धराज ढढ्ढा के पास वाणिज्य,उद्योग, राजस्व और हनुवन्त सिंह के पास जेल, चिकित्सा, जन स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा था। इसके बाद गठित दूसरी अन्तरिम सरकार में मुख्यमंत्री जयनारायण व्यास के पास सामान्य  प्रशासन, राजनीतिक, गृह, नियुक्ति और कुम्भाराम आर्य के पास स्वायत्त शासन, श्रम,जसवन्त सिंह के पास पृथक राजस्व, वित्त (ग्रुप-ाा),टीकाराम पालीवाल के पास राजस्व, मुद्रण लेखन सामग्री,नरोत्तमलाल जोशी के पास न्याय विधि, विधि परामर्शी,निर्वाचन, बलवंत सिंह मेहता के पास वाणिज्य, उद्योग,बृजसुन्दर शर्मा के पास वित्त (ग्रुप-Þ1),मथुरादास माथुर के पास शिक्षा, चिकित्सा, जन स्वास्थ्य, मोहनलाल सुखाडिया के पास नागरिक आपूर्ति, कृषि, युगलकिशोर चतुर्वेदी के पास सार्वजनिक निर्माण, शरणार्थी सहायता निर्वास और अमृतलाल यादव के पास अजा,अजजा व पिछडा वर्ग कल्याण विभाग का जिम्मा था। पहली लोकतांत्रिक सरकार में टीकाराम पालीवाल  मुख्यमंत्री बने थे। इस सरकार का कार्यकाल 3 मार्च, 1952 से 1 नवम्बर, 1952 रहा। पालीवाल के मंत्रिमण्डल में कुल आठ सदस्य थे। मुख्यमंत्री पालीवाल के पास गृह, नियुक्ति,सामान्य प्रशासन (देवस्थान रहित) राजनीतिक, आयोजना,अमृतलाल यादव के पास वन, सहकार, श्रम, शरणार्थी सहायता, पुनर्वास,नाथूराम मिर्धा के पास वित्त, शिक्षा, स्वायत्त शासन,भोगीलाल पाण्ड्या के पास खाद्य, नागरिक आपूर्ति, सिंचाई, अजा,अजजा व पिछडा वर्ग कल्याण, देवस्थान, भोलानाथ के पास सार्वजनिक निर्माण,पृथक राजस्व, शरणार्थी सहायता, पुनर्वास, यातायात, मोहनलाल सुखाडिया के पास कृषि, राजस्व (वन व सहकार रहित), अकाल राहत, रामकरण जोशी के पास स्वायत्त शासन, श्रम और रामकिशोर व्यास के पासउद्योग, चिकित्सा, जन  स्वास्थ्य, न्याय,विधि, विधि परामर्शी, विधानसभा, निर्वाचन, नगरीय विकास एवं वाणिज्य विभाग की जिम्मेदारी थी। चौथा मंत्रिमंडल जयनारायण व्यास का (1-11-52 से 13-11-54) था। इसमें भी एससी-एसटी और महिला को प्रतिनिधित्व नहीं मिला। महिला को मौका मिला मोहनलाल सुखाड़िया मंत्रिमंडल (13-11-54 से 11-4-57) में। इसमें कमला को लिया गया था। <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A6%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%B2---%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE--%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%8F%E0%A4%B8%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%8F%E0%A4%B8%E0%A4%9F%E0%A5%80/article-2628</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A6%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%B2---%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE--%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%8F%E0%A4%B8%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%8F%E0%A4%B8%E0%A4%9F%E0%A5%80/article-2628</guid>
                <pubDate>Tue, 23 Nov 2021 10:47:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-11/first-pic-rajasthan-govt.jpg"                         length="186626"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंचायत चुनाव: जीतकर पाला बदला तो सिफारिश करने वाले होंगे जिम्मेदार</title>
                                    <description><![CDATA[स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की ही जिम्मेदारी होगी कि वे चुनाव लड़ने वाले कार्यकर्ताओं को जीतने के बाद पार्टी से जोड़कर रखें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A4-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B5--%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-1771"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/cong1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अलवर और धौलपुर में पंचायत चुनाव में प्रत्याशी जीत के बाद पाला बदलता है तो सिफारिश करने वाले नेताओं और विधायकों की जिम्मेदारी होगी। पिछले चुनावों में कई प्रत्याशियों के पाला बदल लेने से राजनीतिक संकट बना था,जिसका अब सिफारिश करने वालों को जिम्मेदार बनाकर रास्ता निकाला है।</p>
<p><br /> अलवर प्रभारी और पीसीसी सचिव जसवंत गुर्जर ने बताया कि पिछले चुनावों से सबक लेते हुए कांग्रेस ने इस बार ये फैसला लिया है। जयपुर जिला प्रमुख चुनाव में जिस प्रकार का घटनाक्रम हुआ,उसके बाद से हम लोगों ने यह निर्णय लिया है कि जो व्यक्ति,नेता या विधायक जिन लोगों की टिकट के लिए सिफारिश करेगा,जीतने के बाद उसके पार्टी पक्ष में बने रहने को जिम्मेदारी भी सिफारिश करने वाले की होगी। स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की ही जिम्मेदारी होगी कि वे चुनाव लड़ने वाले कार्यकर्ताओं को जीतने के बाद पार्टी से जोड़कर रखें। पिछले चुनावों में विधायकों की सिफारिश से टिकट लेकर चुनाव जीतकर पाला बदलने के सवाल पर कहा कि विधायकों की जिम्मेदारी भी तय होगी कि यदि उन्होनें किसी व्यक्ति की सिफारिश की है और उन कार्यकर्ताओं को चुनाव जीतने के बाद पाला बदला तो वे भी जिम्मेदार होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A4-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B5--%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-1771</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A4-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B5--%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-1771</guid>
                <pubDate>Tue, 19 Oct 2021 14:02:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/cong1.jpg"                         length="65096"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गलत राजनीतिक नियुक्तियों में सिफारिश वाले ज़िम्मेदार-राजेन्द्र चौधरी</title>
                                    <description><![CDATA[गलत सिफारिश का खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%97%E0%A4%B2%E0%A4%A4-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A5%9B%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%9A%E0%A5%8C%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-1602"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/rajendra-chaudhry.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कांग्रेस शासन में भाजपा कार्यकर्ताओं को राजनीतिक नियुक्ति मिलने के सवाल पर पीसीसी उपाध्यक्ष राजेन्द्र चौधरी ने सिफारिश करने वालों को जिम्मेदार माना है। उन्होंने कहा कि पार्टी को गलत सिफारिश करने वाले लोगों को जिम्मेदार मानना चाहिए। पीसीसी में मीडिया से बात करते हुए चौधरी ने कहा कि इस तरह की गलतियां सिफारिश करने वालों की तरफ से होती हैं। जब मंत्री या मुख्यमंत्री से किसी नाम की सिफारिश की जाती है तो चेहरा सिफारिश करने वाले का देखा जाता है। मंत्री या मुख्यमंत्री तो केवल गिने चुने चेहरों को जानते हैं। ऐसे में गलत सिफारिश का खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ता है। क्योंकि अक्सर नियुक्तियों में पार्टी विचारधारा से जुड़े लोग ही शामिल होते हैं। यदि अन्य विचारधारा का व्यक्ति नियुक्ति हासिल करेगा तो वो पार्टी के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में रुचि नहीं दिखाएगा। सबसे बड़ी बात तो ये है कि ऐसी नियुक्ति पाने वालों को ही मना कर देना चाहिए और कह देना चाहिए कि मैं तो पार्टी में नहीं हूं।  नियुक्तियों में राज्य सरकार विचारधारा समर्पित लोगों को आगे लाती है। दूसरी विचारधारा वाले लोगों को लेने पर पार्टी को फायदा नही होगा। बिजली संकट पर चौधरी ने कहा कि पूरे देश मे बिजली संकट छाया हुआ है। केन्द्र सरकार को इस मामले में राजनीति नहीं करके लोगों को राहत देने की दिशा में काम करना चाहिए। कोयला की खदानें केन्द्र के अधीन हैं। राज्यों के लोगों की परेशानी देखते हुए तुरन्त कदम उठाने चाहिए। यदि राज्यों के साथ समन्वय की कमी है तो बातचीत के जरिए लोगों के हित मे समाधान निकालना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%97%E0%A4%B2%E0%A4%A4-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A5%9B%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%9A%E0%A5%8C%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-1602</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%97%E0%A4%B2%E0%A4%A4-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A5%9B%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%9A%E0%A5%8C%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-1602</guid>
                <pubDate>Tue, 12 Oct 2021 13:25:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/rajendra-chaudhry.jpg"                         length="127433"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        