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                <title>Karnataka politics - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Karnataka politics RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कर्नाटक भर्ती विवाद में बढ़ा सियासी घमासान, गृह मंत्री के बयान पर विपक्ष ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक में सिविल पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर गृह मंत्री प्रियांक खरगे की लाठीचार्ज संबंधी टिप्पणी से विवाद गहरा गया है। विपक्ष ने गृह मंत्री से तत्काल इस्तीफे और परीक्षा केंद्रों में हुई गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/political-turmoil-increases-in-karnataka-recruitment-controversy-opposition-opens-front/article-161880"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(2)8.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने सोमवार को यह कहकर राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया कि अगर प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी अपना आंदोलन जारी रखते हैं, तो पुलिस उन पर 'लाठीचार्ज' कर सकती है। उनके इस बयान पर बवाल मच गया है और विपक्ष ने परीक्षा में धांधली को लेकर फिर से उनके इस्तीफे की मांग की है। अपने इस्तीफे की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री खरगे ने कहा, "पहले वे 25 दिनों तक उपवास करें। उन्हें भूख हड़ताल पर बैठने दें। इसके बाद भी अगर वे नहीं मानते हैं, तो हम एक बार लाठीचार्ज करेंगे और उसके बाद मैं इस्तीफा दे दूंगा।"</p>
<p>यह बयान रविवार को विजयपुरा जिले के टिकोटा स्थित एक केंद्र पर आयोजित सिविल पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों के विरोध-प्रदर्शन के बीच आया है। अभ्यर्थियों का दावा है कि प्रश्नपत्र लगभग 30 मिनट देर से बांटे गये थे और अलग-अलग कक्षाओं में अलग-अलग प्रक्रियाओं का पालन किया गया। पुनर्परीक्षा की मांग करते हुए कई अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र से बाहर निकल आये। उनका आरोप था कि इन गड़बड़ियों के कारण उन्हें नुकसान हुआ है। वहीं परीक्षा अधिकारियों ने कहा है कि परीक्षा 'कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण' (केईए) के मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार आयोजित की गयी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट लेकर परीक्षा हॉल से बाहर जाने वाले अभ्यर्थियों को दोबारा प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गयी, क्योंकि उन्होंने नियमों का उल्लंघन किया था।</p>
<p>3,991 सिविल पुलिस कांस्टेबल पदों पर भर्ती के लिए पूरे कर्नाटक में 800 से अधिक केंद्रों पर आयोजित लिखित परीक्षा में लगभग 4.54 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। अधिकारियों ने बताया कि शिकायतें केवल कुछ केंद्रों तक ही सीमित थीं और पर्यवेक्षकों के निर्धारित प्रक्रिया स्पष्ट किये जाने के बाद बाकी जगह परीक्षा सामान्य रूप से संपन्न हुई। विपक्ष के नेता आर अशोक ने कांग्रेस सरकार पर प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाया और श्री खरगे के इस्तीफे, प्रभावित केंद्र पर परीक्षा रद्द करने, संबंधित अभ्यर्थियों के लिए नये सिरे से परीक्षा आयोजित करने और स्वतंत्र जांच की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हावेरी और हासन जिलों से भी ऐसी ही अनियमितताओं की खबरें आयी हैं।</p>
<p>विपक्ष की मांग को खारिज करते हुए खरगे ने सवाल उठाया कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती घोटाले के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और तत्कालीन गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र सहित भाजपा नेताओं ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया था। खरगे ने विवाद को तूल न देने का प्रयास करते हुए कहा कि लाखों अभ्यर्थियों के शामिल होने के बावजूद केवल 120 के करीब अभ्यर्थियों ने ही आपत्तियां जतायी थीं। इन बयानों ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है, जहां विपक्ष ने गृह मंत्री पर अभ्यर्थियों के प्रति संवेदनहीन होने का आरोप लगाया है और नये सिरे से जांच की मांग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 18:28:36 +0530</pubDate>
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                <title>विजयेंद्र येदियुरप्पा ने बोला खड़गे पर हमला : प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तीजनक टिप्पणी करने पर की माफी की मांग, राजनीतिक अवसरवाद का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कथित "आतंकवादी" टिप्पणी को लेकर निर्वाचन आयोग ने मल्लिकार्जुन खरगे को नोटिस जारी किया है। कर्नाटक भाजपा नेताओं, आर. अशोक और विजयेंद्र येदियुरप्पा ने इसे शर्मनाक बताते हुए खरगे से बिना शर्त माफी और इस्तीफे की मांग की है। भाजपा ने चेतावनी दी है कि माफी न मिलने तक उनका विरोध जारी रहेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/vijayendra-yediyurappa-attacks-kharge-demands-apology-for-making-objectionable-remarks/article-151436"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/pm-modi.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ "आतंकवादी" की कथित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को चुनाव आयोग (ईसीआई) की ओर से जारी नोटिस के मद्देनजर उनसे बिना शर्त माफी मांगने और इस्तीफे की मांग की है। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने इसकी शुरुआत करते हुए खरगे की कथित टिप्पणियों को "कांग्रेस पार्टी के लिए शर्मनाक" बताया और उन पर राजनीतिक अवसरवाद का आरोप लगाया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर पहले से ही बैकफुट पर है और आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर नेतृत्व की महत्वाकांक्षाओं के कारण ही इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग के हस्तक्षेप का भी समर्थन करते हुए कहा कि चुनाव के लिहाज़ से संवेदनशील इस दौर में यह नोटिस "पूरी तरह से उचित" था। भाजपा नेताओं की शिकायत के बाद ईसीआई ने खरगे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।</p>
<p>उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक खरगे माफी नहीं मांग लेते और अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक भाजपा का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा , केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने भी खरगे के बयान की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उनका अतीत में भी भड़काऊ बयान देने का एक सिलसिला रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 18:29:30 +0530</pubDate>
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                <title>कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर फिर अटकलें तेज, मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने किया अंदरूनी गुटबाली के आरोपों को ​खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की मुलाकात। कांग्रेस आलाकमान ने गुटबाजी के दावों को किया खारिज। डीके शिवकुमार भावी मुख्यमंत्री की दौड़ में मजबूत दावेदार। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/speculation-again-intensifies-regarding-the-post-of-chief-minister-in/article-144573"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/karnataka-cm1.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव की उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात को एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन पर लगातार लग रही अटकलों की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और डिप्टी सीएम डी के शिवकुमार समेत कांग्रेस के टॉप नेतृत्व ने हालांकि अंदरूनी गुटबाजी के आरोपों को खारिज कर दिया है और कहा है कि मीडिया रिपोर्टस ऐसी जगहों पर फूट डालने की कोशिश कर रही हैं जहां कोई फर्क नहीं है।</p>
<p>राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह बैठक पार्टी के अंदर चल रही शांत राजनीतिक रुख के बीच हुई है, जिसमें डी के शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद की अनौपचारिक दौड़ में एक अहम दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि कांग्रेस की राज्य इकाई में नये राजनीतिक समीकरण बन रहे हैं।</p>
<p>पार्टी के अंदर के लोगों का कहना है कि हालांकि, शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद के लिए कोई सीधा दावा नहीं किया है लेकिन भविष्य के नेतृत्व पर विचार करने से पहले उनकी राजनीतिक पहुंच और संगठनात्मक ताकत पर करीब से नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री गुंडू राव जनता और मीडिया से ऐसी अनौपचारिक बैठक को राजनीतिक न बनाने की अपील कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, ये बातचीत सामान्य थी और इसका मकसद शासन समन्वय को बेहतर बनाना और नीतिगत मामलों पर चर्चा करना था। उन्होंने कहा, कोई अंदरूनी मतभेद नहीं हैं, सिर्फ बाहरी लोग ही इस बारे में बात कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 17:01:19 +0530</pubDate>
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                <title>कर्नाटक में शिवकुमार के सोशल मीडिया पोस्ट ने दी नेतृत्व परिवर्तनों के कयासों को हवा, राजनीतिक गलियारे में मची हलचल</title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक में नेतृत्व बदलाव की अटकलों के बीच डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार की “अपनी बात पर कायम रहने” वाली पोस्ट से राजनीतिक हलचल तेज हो गई। सिद्दारमैया सरकार के ढाई साल पूरे होने पर यह पोस्ट नेतृत्व फॉर्मूले की याद दिलाती मानी जा रही है। कांग्रेस आलाकमान जल्द फैसला कर सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/shivakumars-social-media-post-gives-rise-to-speculations-about-leadership/article-133824"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/karnataka-polic.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की एक पोस्ट ने राजनीतिक हलकों में नयी बहस छेड़ दी है। डीके शिवकुमार ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक पर पोस्ट में लिखा कि, दुनिया में सबसे बड़ी ताकत अपनी बात पर कायम रहना है।</p>
<p>गौरतलब है कि, राज्य में सिद्दारमैया सरकार ने 20 नवंबर को ढाई साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। ऐसे में डिप्टी सीएम शिवकुमार की पोस्ट ने कांग्रेस और राजनीतिक गलियारे में नयी बहस छेड़ दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा, शब्दों की ताकत ही दुनिया की ताकत है। दुनिया में सबसे बड़ी ताकत अपनी बात पर कायम रहना है। चाहे वह जज हो, अध्यक्ष हो या कोई और हो, जिसमें मैं भी शामिल हूं। सभी को अपनी बात पर चलना होगा।</p>
<p>इसके आगे डिप्टी सीएम शिवकुमार ने कहा कि, इस बात का अर्थ यह निकाला जा रहा है कि, यह कांग्रेस आलाकमान को अभी भी अनसुलझे नेतृत्व परिवर्तन फॉर्मूले के बारे में एक सीधी याद दिलाने वाला बयान है, जो मई 2023 से सिद्दारमैया-शिवकुमार समीकरण पर मंडरा रहा है। राज्य में कांग्रेस सरकार ने पिछले हफ़्ते ढाई साल पूरे कर लिये हैं, जिससे इस बात पर चर्चा तेज हो गई है कि, क्या पार्टी सत्ता साझेदारी को लेकर अपनी अंदरूनी समझ पर फिर से विचार करेगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को कहा कि, यह मामला वरिष्ठ नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी से सलाह-मशविरा के बाद ही सुलझाया जाएगा।</p>
<p>उधर, मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और श्री शिवकुमार के बीच बार-बार अनबन की खबरों को कम करके आंका गया है, लेकिन डीके शिवकुमार के नए पोस्ट ने इस बात के कयासों को फिर से हवा दे दी है कि, राज्य में नेतृत्व का सवाल जल्द ही जरूरी हो सकता है। राज्य प्रशासन के राजनीतिक रूप से संवेदनशील दौर में जाने के साथ, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता निजी तौर पर मानते हैं कि, पार्टी को अपने कार्यकाल के दूसरे हिस्से की ओर बढ़ते हुए प्रशासन की उम्मीदों और अंदरूनी महत्वाकांक्षाओं दोनों को संभालना होगा।</p>
<p>बता दें कि, कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने अपनी कुर्सी बचाने की कोशिशें तेज कर दीं हैं जबकि उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के खेमे ने नयी दिल्ली में पार्टी आलाकमान पर दबाव बढ़ा दिया है। डीके शिवकुमार के 2023 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत के बाद पांच-छह नेताओं के बीच नेतृत्व परिवर्तन पर एक गोपनीय समझ होने की बात सबके सामने कहने के एक दिन बाद उनके गुट ने ढाई साल के सत्ता साझेदारी फॉर्मूले का हवाला देते हुए राष्ट्रीय राजधानी का दौरा किया है। उनके साथ जुड़े कई विधायकों ने दिल्ली में शीर्ष नेताओं से मुलाकात की और केन्द्रीय नेतृत्व से तुरंत फैसला लेने की अपील की। </p>
<p>डीके शिवकुमार ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीधे टकराव से परहेज किया, लेकिन विवेक आधारित राजनीति पर अपना रूख दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस को अंदरूनी झगड़े से कमजोर नहीं होना चाहिये। इस बीच सीएम सिद्दारमैया ने अपना दावा मजबूत करने के लिए साथ-साथ कोशिशें भी शुरू कीं। मुख्यमंत्री ने आलाकमान को बताया कि, बदलाव को लेकर जो अनिश्चितता है वह खत्म होनी चाहिए और आखिरी फैसला केन्द्रीय नेतृत्व को ही लेना चाहिये। </p>
<p>उन्होंने गुरुवार सुबह अपने आवास पर जी. परमेश्वर, सतीश जारकीहोली, महादेवप्पा, वेंकटेश और कृष्णा बायरे गौड़ा समेत वरिष्ठ मंत्रियों के साथ एक बैठक बुलायी थी। सूत्रों के अनुसार, कर्नाटक की राजनीति में इस मामले को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दखल देते हुए उन्हें और डीके शिवकुमार दोनों को नयी दिल्ली बुलाया है। श्री खरगे ने पुष्टि की है कि, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य नेता विवाद सुलझाने के मकसद से होने वाली इस बातचीत में हिस्सा लेंगे। इस बैठक के आज दिन में होने की उम्मीद हैं।  </p>
<p>फिलहाल, इस मामले को लेकर राज्य में स्थिति अस्थिर बनी हुई है, क्योंकि दोनों खेमे अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं, जिससे कांग्रेस नेतृत्व पर एक निर्णायक समाधान का दबाव बना हुआ है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Nov 2025 16:15:24 +0530</pubDate>
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