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                <title>act - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>देश में 19 साल पहले लागू हुआ था सूचना का अधिकार कानून, कार्यकर्ताओं को करनी पड़ी थी लंबी मशक्कत </title>
                                    <description><![CDATA[पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए बने क्रांतिकारी कानून को लागू करने की अलख ब्यावर के चांग गेट से शुरू हुई थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/right-to-information-act-was-implemented-in-the-country--workers-doing-movement/article-92864"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(8)8.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सरकारी काम काज में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए लागू किए गए सूचना का अधिकार कानून को 19 साल पूरे हो रहे हैं। यह कानून 2005 में लागू हुआ था। राजस्थान में यह अधिनियम पहली बार 2000 में लागू हुआ था। इस कानून के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं को लंबी मशक्कत करनी पड़ी थी। इस कानून को लागू करने के लिए राजस्थान में अजमेर में जन आंदोलन शुरू हुआ था। पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए बने क्रांतिकारी कानून को लागू करने की अलख ब्यावर के चांग गेट से शुरू हुई थी। </p>
<p>चांग गेट पर मजदूर किसान शक्ति संगठन ने सरकारी सूचनाओं और कागजों में पारदर्शिता की मांग को लेकर धरना दिया था। देश की प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता अरूणा रॉय के नेतृत्व में दिए गए धरने में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। यह ऐसा समय था, जब कोई यह सोच भी नहीं सकता था कि सरकारी ऑफिस की किसी फाइल में से कागज की नकल उसे लेने का अधिकार है। जन आंदोलन के बाद कानून लागू हुआ तो देश के प्रथम सूचना आयुक्त ने 2015 को चांग गेट पर सूचना का अधिकार का शिलान्यास किया। शिलालेख का लोकार्पण राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सुरेंद्र नाथ भार्गव ने 2016 में किया। </p>
<p><strong>49 साल पहले शुरू हो गई थी मशक्कत</strong><br />सूचना के अधिकार के लिए सजगता 1975 में आई थी, जब सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार बनाम राजनारायण के मामले की सुनवाई हुई। इस प्रकरण में कोर्ट ने अपने आदेश में सरकारी अधिकारियों को सार्वजनिक कार्यों का ब्यौरा जनता को उपलब्ध कराने आदेश दिया। केंद्रीय कानून बनने के बाद राजस्थान  में राज्य सूचना आयोग का गठन 2006 में किया गया। राज्य सूचना आयोग का कार्यालय जयपुर में है। राज्य के प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त एमडी कोरानी को नियुक्त किया गया था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Oct 2024 12:51:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पेपर लीक रोकने के लिए लागू हुआ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम कानून, 3 साल की कैद और 10 लाख रुपए का लगेगा जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[इस कानून के तहत पेपर लीक करने या उत्तर पुस्तिका के साथ छेड़छाड़ करने पर कम से कम तीन  साल की कैद और 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/public-examination-act-implemented-to-stop-paper-leaks-3-years/article-82363"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/paper-leak1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पेपर लीक को लेकर मचे बवाल के बीच देश में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम (केंद्रीय  भर्ती और केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए परीक्षाओं के लिए  पेपर लीक विरोधी कानून) 2024 प्रभावी हो गया है। केंद्र सरकार की ओर से देर रात इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गयी। इस कानून के तहत पेपर लीक करने या उत्तर पुस्तिका के साथ छेड़छाड़ करने पर कम से कम तीन  साल की कैद और 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय की ओर से जारी राजपत्र अधिसूचना में कहा गया है। सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 (2024 का 1) की धारा 1 की उप-धारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार एतद्द्वारा 21 जून 2024 को उक्त अधिनियम के प्रावधानों के लागू होने की तिथि के रूप में तय करती है। </p>
<p>प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 को पांच फरवरी को लोकसभा में पेश किया था और लोकसभा में यह बिधेयक छह  फरवरी को पास हो गया था। इसके बाद इसे राज्यसभा में पेश किया गया,  जहां पर इसे 09 फरवरी को पास कर दिया गया था।  दोनों सदनों से पास होने के बाद इस विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के पास मंजूरी के लिए भेजा गया और उन्होंने 13 फरवरी को इसे मंजूरी प्रदान कर दी थी। अब केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर इस कानून को आधी रात से देश में में लागू कर दिया है।</p>
<p>इस कानून के  तहत पेपर लीक करने या अनुचित साधन का इस्तेमाल करने पर कम से कम तीन साल की  सजा और 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। इसके साथ ही  परीक्षा संचालन के लिए नियुक्त सेवा प्रदाता के दोषी पाए जाने पर एक करोड़ रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इस कानून के दायरे में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), कर्मचारी चयन आयोग(एसएससी), संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई), नीट, सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी), रेलवे, बैंङ्क्षकग भर्ती परीक्षाएं और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की तरफ से आयोजित सभी परीक्षाएं आएंगी। अब इन परीक्षाओं में कोई भी किसी भी तरह की गड़बड़ी करता पाया जाएगा,  उसके खिलाफ इस कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Jun 2024 14:24:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बाल विवाह अपराध और सामाजिक अभिशाप </title>
                                    <description><![CDATA[तालुका विधिक सेवा समिति लालसोट के तत्वावधान में गुरुवार को तहसील कार्यालय परिसर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। अधिवक्ता विजय कुमार ठाकुरिया ने बाल विवाह को अपराध एवं सामाजिक अभिशाप बताते कहा कि भारत में और विशेषकर राजस्थान में बच्चों की छोटी उम्र में शादी की कुरीति को रोकने के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 से लागू किया गया है, जिसमें लड़के की आयु 21 से कम है और लड़की की आयु 18 वर्ष से कम है तो वे विवाह योग्य नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/child-marriage-crime-and-social-curse/article-12917"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/child-marriage.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लालसोट।</strong> तालुका विधिक सेवा समिति लालसोट के तत्वावधान में गुरुवार को तहसील कार्यालय परिसर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। अधिवक्ता विजय कुमार ठाकुरिया ने बाल विवाह को अपराध एवं सामाजिक अभिशाप बताते कहा कि भारत में और विशेषकर राजस्थान में बच्चों की छोटी उम्र में शादी की कुरीति को रोकने के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 से लागू किया गया है, जिसमें लड़के की आयु 21 से कम है और लड़की की आयु 18 वर्ष से कम है तो वे विवाह योग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि विवाह के समय लड़का या लड़की दोनों में से कोई भी विवाह योग्य उम्र का नहीं है तो ऐसा विवाह बाल विवाह होने से एक अपराध माना गया है।</p>
<p>शिविर में अधिवक्ता तेजराम मीणा ने नालसा द्वारा संचालित बच्चों के लिए विधिक सेवाएं एवं उनके संरक्षण के लिए विधिक सेवाएं योजना की जानकारी प्रदान की। उन्होंने नालसा की तस्करी और वाणिज्यक यौन शोषण पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विधिक सेवा योजना, आदिवासियों के अधिकारों के संरक्षण और प्रवर्तन के लिए विधिक सेवा योजना की जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, बाल श्रम विरोधी अधिनियम, राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 13 अगस्त 22 व श्रमिकों के अधिकारों के बारे में उपस्थित लोगों को बताया एवं श्रमिक  कल्याण के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों  द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jun 2022 15:45:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसीबी को विधायक-एमपी पर कार्रवाई की छूट दें सरकार: गुलाबचंद कटारिया</title>
                                    <description><![CDATA[सीएम गहलोत का जाना तय: कटारिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--government-should-give-permission-to-acb-to-act-on-mla-mp--gulabchand-kataria/article-8582"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/gulab-ji.jpg" alt=""></a><br /><p><br /> जयपुर। नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने अलवर कलक्टर रहे आईएएस नन्नूमल पहाड़िया पर एसीबी की कार्रवाई के बाद एक बयान जारी कर कहा है कि अधिकारी रिश्वत लेते पकड़े जा रहे हैं। विधायक-सांसद को लूट देने के लिए छोड़ रखा है। जितने भी जनप्रतिनिधि, विधायक, सांसद हैं उन पर भी कार्रवाई की छूट एससीबी को दें। उन्हें भी एसीबी ट्रैप करें। इसके अलावा उन्होंने सीएम के खुद का इस्तीफा सोनिया गांधी के पास होने के बयान पर कहा है कि बहुत पहले ही सोनिया गांधी को अपना त्यागपत्र दे दिया था। इतने दिनों बाद इस बात को उजागर कर रहे हैं। इसका मतलब है कि उनका जाना तय है। वे अब अपनी झेंप मिटाने के लिए ऐसा कह रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Apr 2022 16:04:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर के रामगंज में मासूम से दुष्कर्म का प्रयास, बीमार मां के लिए दवा लेने गई थी बच्ची, क्लीनिक में कंपाउंडर ने कर दी गंदी हरकत</title>
                                    <description><![CDATA[रामगंज थाना पुलिस ने 9 साल की बालिका के साथ छेड़छाड़ के आरोप में कंपाउंडर मोहम्मद अजलान को गिरफ्तार किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/an-attempt-to-rape-an-innocent-in-ramganj--jaipur--the-girl-had-gone-to-take-medicine-for-a-sick-mother--the-compounder-did-a-dirty-act-in-the-clinic--compounder-arrested-for-molesting-girl/article-4529"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/51.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ख़बर जयपुर के रामगंज थाना क्षेत्र से है। जहां रामगंज थाना पुलिस ने 9 साल की बालिका के साथ छेड़छाड़ के आरोप में कंपाउंडर मोहम्मद अजलान को गिरफ्तार किया है। आरोपी रामगंज इलाके में रहकर निजी क्लीनिक चलाता है। रामगंज एसीपी सुनील प्रसाद शर्मा ने बताया कि 2 दिन पहले थाना इलाके में रहने वाली 9 साल की बालिका आरोपी के क्लीनिक पर बीमार मां के लिए दवा लेने गई थी। इस दौरान आरोपी ने बालिका के साथ छेड़छाड़ कर दी। बालिका ने यह बात अपने घर आकर बताई। इसके बाद बालिका के पिता ने रामगंज थाने में रिपोर्ट दी। जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को शांतिभंग में गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी जेल में है, अब पुलिस उसे मुकदमे में गिरफ्तार करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Feb 2022 15:07:50 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अंग्रेजी हुक्मरानों के यूनिवर्सिटी में लागू कानून बदलेंगे, कॉमन एक्ट ड्राफ्ट सालभर से तैयार, बिल का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[सभी यूनिवर्सिटीज में एक जैसे होंगे नियम-कायदे, समितियां और शक्तियां,प्रोफेशनल यूनिवर्सिटीज में कुलपति उसी फील्ड के एक्सपर्ट होंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%A8-%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87--%E0%A4%95%E0%A5%89%E0%A4%AE%E0%A4%A8-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AD%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%A4%E0%A5%88%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0--%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-4410"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/ru_new.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में अब सभी यूनिवर्सिटीज में एक जैसे नियम-कायदों से संचालन के लिए कॉमन एक्ट की कवायद को जल्द अमलीजामा पहनाए जाने की उम्मीद है। अभी सभी यूनिवर्सिटीज एक्ट में कई अलग-अलग नियम-कायदे हैं।<br />इनमें से ज्यादातर एक्ट राजस्थान यूनिवर्सिटीज के स्थापना के वक्त अंग्रेजी हुक्मरानों के जनवरी 1947 में बनाएं कानून ही शामिल हैं। यूनिवर्सिटीज में चल रहे कानूनों को बदलने की कवायद गहलोत सरकार ने दो साल पहले शुरू की थी। सभी यूनिवर्सिटीज में एक जैसा कानून, शक्तियां, सरकारी हस्तक्षेप इत्यादि स्पष्टत: तय करने के लिए कॉमन एक्ट तैयार करने के लिए जोधपुर की जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी के कुलपति पीसी त्रिवेद्वी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था। कमेठी ने एक साल पहले ही एक्ट का ड्राफ्ट तैयार कर उच्च शिक्षा विभाग को सौंप दिया है। लेकिन इसे कानूनी अमलीजामा पहनाकर बिल का रुप दिया जाना बाकी है। विधानसभा का सत्र शुरू हो चुका है। उच्च शिक्षा विभाग ने इसे अभी बिल में तब्दील नहीं किया है। ऐसे में इस सत्र में इसके आने की गुजाइंश कम ही है। इसे वैधानिक मंजूरी मिले तो सभी यूनिवर्सिटीज के वर्तमान में लागू आदिम कानून विलोपित हो जाएंगे और समान कानून संहिता का तय फाूर्मला लागू हो जाएगा। प्रोफेशनल यूनिवर्सिटीज में यूजीसी की गाइडलान के साथ ही उसी फील्ड से जुड़े शिक्षक या व्यक्ति को कुलपति बनाए जाने का बड़ा फैसला भी ड्राफ्ट में शामिल है। ऐसा हुआ तो प्रदेश की मेडिकल, पत्रकारिता, कृषि, विधि इत्यादि विषयों की यूनिवर्सिटीज में उसी फील्ड के एक्सपर्ट ही कुलपति बन सकेंगे। <br /><br /><strong>महाराष्ट्र-केरल में पहले से लागू है कॉमन एक्ट</strong><br />महाराष्ट्र और केरल राज्य में यूनिवर्सिटीज के लिए पहले से कॉमन एक्ट बनाकर लागू कर चुके हैं। इसी की तर्ज पर राजस्थान में ड्राफ्ट तैयार किया गया है। जिसमें वर्तमान परिदृश्य के मुताबिक यूनिवर्सिटीज के एक्ट में रिफॉर्म करने, उसमें फेरबदल करने, शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने, प्रबन्धन ढांचे में बदलाव को फोकस कर तैयार किया गया है। <br /><br />ड्राफ्ट पर अधिकारियों से चर्चा हुई है। जल्द इसे बिल में तब्दील करने के लिए फिर से बैठक करूंगा। प्रयास रहेगा कि इसी सत्र में इस पारित कराके लागू किया जाए। - <strong>राजेन्द्र यादव, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री</strong><br /><br /><strong>ड्राफ्ट में ये सिफारिशें</strong><br /> प्रो वाइस चांसलर का पद सृजित हो, कुलपति की यूजीसी की तय गाइडलाइन के  अनुरूप यूनिवर्सिटी के ही सीनियर प्रोफेसर की नियुक्ति इस पद पर की जाए। <br /> सभी यूनिवर्सिटी में एक जैसी प्रबन्धन बॉडी और उनकी शक्तियां-कार्यप्रणाली हो। अभी यूनिवर्सिटीज में बोर्ड आॅफ मैनजमेंट, सिंडीकेट, सीनेट, एक्ज्यूक्टिव कमेटी, एकडेमिक काउंसिल इत्यादि अपने-अपने एक्ट के मुताबिक है। <br /> यूनिवर्सिटीज में न्यूनतम तय शैक्षणिक विभाग होना अनिवार्य होगा , टीचर्स की संख्या भी तय होगी। <br /> टीचर्स के पद तय करने और भर्ती के लिए सरकार की अनुमति लेने की जरुरत ना पड़े।  <br /> प्रबन्धन बॉडी में सरकारी अफसरों का हस्तक्षेप घटे, कहीं दो तो कहीं पांच सचिव स्तर के अफसर सदस्य। एक ही सचिव को शामिल करने का प्रस्ताव। <br /> हर विभाग में स्थाई फैकल्टी जरुरी होगी। अभी कई यूनिवर्सिटीज में ऐसे विभाग, जिन्हें खुले दो दशक से ज्यादा लेकिन स्थाई टीचर्स भी नहीं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Feb 2022 17:36:48 +0530</pubDate>
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                <title>जोधपुर में बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के अधिवक्ता भवन के लोकार्पण समारोह में बोले CM गहलोत : एडवोकेट एक्ट में संशोधन कर दुबारा करेंगे पारित</title>
                                    <description><![CDATA[कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश दिनेश माहेश्वरी और राजस्थान हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अकील कुरैशी भी मौजूद रहे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%89%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%91%E0%A4%AB-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AD%E0%A4%B5%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B9-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%87-cm-%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4---%E0%A4%8F%E0%A4%A1%E0%A4%B5%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%A4/article-2948"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/gehlot1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के जोधपुर में नए भवन का रविवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्चुअल लोकार्पण किया। इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश दिनेश माहेश्वरी और राजस्थान हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अकील कुरैशी भी मौजूद रहे।</p>
<p><br />मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि मैं भी वकील समाज से ही राजनीति में आया हूं। राजनीतिक व्यवस्थाओं के चलते वकीलात में पीछे मुड़ कर देखने के लिए समय नहीं मिला, लेकिन आज भी वकीलों के हितों के लिए तैयार रहता हूं। गहलोत ने कहा कि देश में आज हर व्यक्ति सुलभ और सस्ता न्याय चाहता है। राजस्थान हाई कोर्ट में भी जजों के काफी पद खाली पड़े हैं। इन खाली पदों को भरने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बहस होनी चाहिए, ताकि सरकारों पर दबाव बने। आज देश में जिस तरह का माहौल बना हुआ है वह दुर्भाग्यपूर्ण है। लोगों का अगर न्यायपालिका पर भी भरोसा नहीं रहा तो वह तो फिर किस पर भरोसा करेंगे। गहलोत ने कहा कि हमने अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एडवोकेट एक्ट बनाया था, लेकिन कुछ अधिवक्ताओं ने उस पर आपत्तियां जाहिर की थी। इसी कारण वह हमें राज्यपाल से वापस मंगवाना पड़ा। अगले सत्र में हम इसे संशोधित कर वापस एक्ट को पारित करेंगे। हमने जो अब अधिवक्ता कल्याण कोष बनाया उससे करो ना काल में कई जरूरतमंद वकीलों को सहायता मिली। हाई कोर्ट की तरफ से जब भी कोई सरकार को सलाह दी गई तो हमने उसकी पालना करने की पूरी कोशिश की है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस दिनेश महेश्वरी ने कहा कि कोरोनाकाल मे न्यायपालिका ने बेहतरीन काम किया। मैं नहीं राजस्थान हाई कोर्ट जोधपुर से ही अपना करियर शुरू किया था उस समय के अनुभव आज मेरे सुप्रीम कोर्ट में काम करते समय उपयोग में आ रहे हैं। कोर्ट के जस्टिस को भी वकीलों से सीखने को मिलता है। लोकार्पण समारोह में हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अकील कुरैशी ने कहा की विधायिका और न्यायपालिका एक दूसरे का सम्मान करते हैं, यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। लोगों के सामने जब सारे रास्ते बंद हो जाते हैं तो वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हैं। न्यायपालिका समाज में दबाव को कम करने का काम करती हैं। समाज में यदि न्यायपालिका व्यवस्था नहीं होती तो बड़ा विस्फोट हो जाता।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Dec 2021 16:49:13 +0530</pubDate>
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                <title>सुप्रीम कोर्ट ने रियल इस्टेट (नियमन और विकास) अधिनियम को सही ठहराया</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। रियल इस्टेट (नियमन और विकास) अधिनियम 2016(रेरा)को सही ठहराने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का दूरगामी नतीजा सामने आना निश्चित है। उल्लेखनीय हैम कि यह फैसला उन सभी चालू रियल्टी परियोजनाओं के सम्बंध में है, जिन्हें उक्त कानून के प्रभावी होने तक पूरा होने का प्रमाण पत्र नहीं मिला था। अब उम्मीद जताई जा रही है कि इस कानून में विहित राज्यों से सम्बंधित नियमों में भारी परिवर्तन होंगे।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%B2-%E0%A4%87%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%87%E0%A4%9F--%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%A8-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B8--%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%A0%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE/article-2428"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/sc2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली</strong>। रियल इस्टेट (नियमन और विकास) अधिनियम 2016(रेरा)को सही ठहराने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का दूरगामी नतीजा सामने आना निश्चित है। उल्लेखनीय हैम कि यह फैसला उन सभी चालू रियल्टी परियोजनाओं के सम्बंध में है, जिन्हें उक्त कानून के प्रभावी होने तक पूरा होने का प्रमाण पत्र नहीं मिला था। अब उम्मीद जताई जा रही है कि इस कानून में विहित राज्यों से सम्बंधित नियमों में भारी परिवर्तन होंगे।  उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को साफ कर दिया कि इस कानून के लागू होने की तिथि तक अपूर्ण रहे और पूरा होने का प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं करने वाली परियोजनाओं पर रेरा कानून लागू होगा। उल्लेखनीय है कि उत्तरप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु के नियम इस निर्णय के अनुपकूल नहीं हैं। इन राज्यों को सभी चालू परियोजनाओं को रेरा के अंतर्गत लाने के लिए अपने नियमों में संशोधन करना पड़ सकता है।  वर्ष 2017 में तत्कालीन आवासन मंत्री वेंकैया नायडू ने विभिन्न राज्यों द्वारा रेरा कानून को कमजोर करने पर चिंता जताई थी।</p>
<p><br /> उन्होंने उन राज्यों से कहा था कि उन्हें ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है। मंत्रालय ने चालू परियोजनाओं और रेरा के क्षेत्राधिकार में टकराव के सम्बंध में कहा था कि जिन परियोजनाओं को एक मई 2017 तक पूरा होने का प्रमाण पत्र नहीं मिला, उन्हें रेरा के अंतर्गत रहना होगा।</p>
<p><br /> मकान खरीदने वालों की संस्था कलेक्टिव एफोर्ट्स के अध्यक्ष अभय उपाध्याय नेम कहा कि सुप्रीम कोर्ट को फैसले ने इस कानून के लागू होते समय तक अपूर्ण सभी रियल इस्टेट परियोजनाओं पर रेरा के क्षेत्राधिकार की पुष्टि कर दी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Nov 2021 12:56:15 +0530</pubDate>
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                <title>दैनिक नवज्योति स्पेशल : ना ‘पाक’ हरकत: हुस्न और रुपयों का लालच देकर करवाते हैं जासूसी</title>
                                    <description><![CDATA[इंटेलीजेंस की सक्रियता से दबोचे गए सूचना देने वाले : तीन साल में जासूसी करते पकड़े गए 17 जासूस : मात्र दस हजार से लेकर 30 हजार रुपए में ही बेच दिया ईमान और दी जानकारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A6%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%B2---%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E2%80%98%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%95%E2%80%99-%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%A4--%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A8-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%9A-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%B8%E0%A5%80/article-1738"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/indian-army-pakistani-spies-07-1488885229.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर</strong>। प्रदेश की सीमा से सटे जिलों में आर्मी कैम्प की जानकारी लेने के लिए पाक आए दिन नापाक हरकत करता रहता है। पाकिस्तानी की सक्रिय आतंकवादी एजेंसियां जानकारी जुटाने के लिए प्रयास करती हैं। भारतीय सेना से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए पाक महिला हैण्डलिंग अफसर भी पीछे नहीं हैं। सोशल मीडिया के जरिए प्रदेश में सीमा से सटे लोगों से जानकारी जुटाने के लिए महिलाएं दोस्ती करती हैं और चेटिंग कर हनीट्रैप में फंसाकर जानकारी जुटाती हैं। ऐसे छह मामलों में 11 लोगों को फंसाकर जानकारी जुटाई। इसके अलावा अन्य 6 लोगों को रुपयों का लालच देकर आर्मी कैम्प और बीएसएफ पोस्ट की जानकारी ली। कोई बड़ी जानकारी लीक होती इससे पहले ही प्रदेश की इंटेलीजेंस शाखा ने इन्हें दबोच लिया। पाकिस्तान के लोगोें ने यह जानकारी व्हाट्सएप के जरिए ली। जब इंटेलीजेंस ने जांच की तो सामने आया कि मात्र 10 से 30 हजार रुपए तक ही पाकिस्तान की ओर से भेजे गए थे। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>एक नजर में जासूसी</strong></span></span></span><br /> 11 जनवरी, 2019 : महिला के हुस्न को देखकर और रुपए के लालच में फंसे सोमवीर निवासी रोहतक हरियाणा हाल 75 आर्म्ड बटालियन जैसलमेर, इरफान बेग निवासी सुईवालान चांदनी महल दिल्ली, शाहनवाज उर्फ साहिल उर्फ सुल्तान निवासी बाजार मटिया महल जामा मस्जिद दिल्ली, मोहम्मद परवेज निवासी गली पत्तेवाली सुईवालान चांदनी महल दिल्ली ने पाक हैण्डलिंग अफसर को सेना से संबंधित गोपनीय सूचनाएं दी और रुपए प्राप्त किए।</p>
<p><br /> 12 मार्च, 2019 : नबाव खां निवासी भांका जैसलमेर ने रुपयों के लालच में आकर सेना से संबंधित जानकारी पाक हैण्डलिंग अफसर को भेजी।</p>
<p><br /> 6 नवम्बर, 2019 : बिचित्र बेहरा निवासी निवासी आकारोड़ा हिजिलिकाटू उड़ीसी हाल पोकरण जैसलमेर ने रुपए व हनीट्रैप के प्रलोभन में आकर भारतीय सेना से संबंधित सामरिक महत्व की गोपनीय सूचनाएं पाक महिला हैण्डलिंग अफसर को भेजी।</p>
<p><br /> 8 जून, 2020  : विकास कुमार निवासी किसारी बहादुरवास मंडावा झुंझुनूं हाल सिविलियन डिफेंस ट्रेडमैन एफएडी और चिमन लाल निवासी अजीतमाना लूणकरणसर बीकानेर हाल संविदाकर्मी महाजन फील्ड फायरिंग रेंज बीकानेर ने रुपयों व हनीट्रैप के प्रलोभन में आकर भारतीय सेना की सूचनाएं व्हाट्सएप के जरिए पाक एजेंसी को भेजी।</p>
<p><br /> 27 अगस्त, 2020  : मुस्ताक अली निवासी बामरला डेर भंवार सेड़वा बाड़मेर ने रुपयों के लालच में सेना की गोपनीय जानकारी पाक हैण्डलिंग अफसर को भेजी।</p>
<p><br /> 26 अक्टूबर, 2020  : रोशनदीन निवासी सरूपे का तला बिजराड बाड़मेर ने रुपयों के लालच में अहम जानकारी पाकिस्तानी को भेजी।</p>
<p><br /> 31 अक्टूबर, 2020  : रामनिवास निवासी बाजवास पीलवा नागौर हाल चालक एमईएस सीएमडी ओजी एजीई कार्यालय निवारू जयपुर ने हनीट्रैप के प्रलोभन में आकर भारतीय सेना से संबंधित जानकारी लीक की। ये जानकारी व्हाट्सएप के जरिए भेजी है।</p>
<p><br /> 10 जनवरी, 2021  : सत्यनारायण पालीवाल निवासी लाठी जैसलमेर ने हनीट्रैप के प्रलोभन में आकर भारतीय सेना से संबंधित जानकारी पाक महिला हैण्डलिंग अफसर को जरिए व्हाट्सएप पर भेजी।</p>
<p><br /> 13 मार्च 2021  : आकाश महरिया निवासी मालसर बलारा सीकर हाल सिपाही जाट रेजीमेंट ने हनीट्रैप के प्रलोभन में आकर भारतीय सेना से संबंधित जानकारी व्हाट्सएप पर भेजी।</p>
<p><br /> 15 जुलाई, 2021  : कवलजीत सिंह निवासी न्यूकोट आत्माराम सुल्तान बिंडरोड बी-डिवीजन अमृतसर पंजाब और अर्जुन कुमार निवासी बकेनवाला बोदीवाला फजलिका पंजाब ने मादक पदार्थों की तस्करी की एवज में अन्तरराष्ट्रीय सीमा व बीएसएफ की गोपनीय सूचनाएं व्हाट्सएप पर भेजी।</p>
<p><br /> 10 अगस्त, 2021  : भरत निवासी खेड़ापा जोधपुर हाल एमटीएस रेलवे डाक सेवा जयपुर हनीट्रैप के प्रलोभन में आकर महिला पाक हैण्डलिंग अफसर  को आर्मी से संबंधित पत्रों की सूचनाएं व्हाट्सएप पर भेजी।</p>
<p><br /> 16 सितम्बर, 2021 :संदीप कुमार निवासी नरहड़ पिलानी झुंझुनूं ने रुपयों के प्रलोभन में आकर आर्मी कैम्प नहरड़ के फोटोग्राफ्स एवं संवेदनशील गोपनीय सूचनाएं व्हाट्सएप से पाक हैण्डलिंग अफसर को भेजी।</p>
<p><br /> 14 अक्टूबर 2021 : मिलट्री इंजीनियरिंग सर्विस के तहत चीफ  इंजीनियर जोधपुर जोन एमईएस के अधीन कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामसिंह को इंटेलीजेंस टीम ने पाकिस्तानी महिला हैण्डलर के हनीट्रैप में फंसकर उसे सूचनाएं भेजने के मामले में गिरफ्तार किया। यह पत्रावलियों को इधर-उधर ले जाने एवं फोटो स्टेट मशीन चलाने आदि कार्य के दौरान वह दस्तावेजों की फोटो अपने मोबाइल फोन से खींच कर भेज रहा था। महिला पाक हैण्डलर ने इसे शादी करने का झांसा दिया था।</p>
<p>हनीट्रैप या रुपयों के लालच में आकर किसी ने भी कोई जानकारी दी है, उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है। आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। किसी भी अनजान व्यक्ति को कोई भी किसी तरह से आर्मी या अन्य गोपनीय जानकारी नहीं दें और सोशल मीडिया पर किसी से भी सम्पर्क पहचान होने के बाद ही करें। <br /><strong>-उमेश मिश्रा, महानिदेशक पुलिस इंटेलीजेंस</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Oct 2021 11:17:59 +0530</pubDate>
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                <title>विरोध के बाद बाल विवाह रजिस्ट्रेशन कानून पर सरकार का यू-टर्न : राठौड़</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक पर गर्माई सियासत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A7-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%B0%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AF%E0%A5%82-%E0%A4%9F%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A8---%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A0%E0%A5%8C%E0%A4%A1%E0%A4%BC/article-1607"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/rajendra-rathor1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। राजस्थान विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक 2021पर सियास एक बार फिर गर्मा गई है। मुख्यंत्री अशोक गहलोत के बयान सुप्रीम कोर्ट की भावनाओं के अनुकूल कानून पारित किया गया, लेकिन इस कानून को लेकर कंट्रोवर्सी पैदा हुई है। हमने पहले भी इस पर कानूनी राय ली है। गवर्नर साहब से निवेदन करेंगे कि जो कानून हमने पास किया है, वो हमारे पास वापस भेज दें। हम इसे दिखवा लेंगे। आगे कानूनी राय अगर विपरीत आएगी तो, हम इसे आगे नहीं बढ़ाएंगे। सीएम गहलोत के इस बयान के बाद अब राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने बयान जारी कर कहा है कि विगत माह सितंबर में सत्र के दौरान राजस्थान विधानसभा में पारित राजस्थान विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक 2021 पर गहलोत सरकार को देशव्यापी स्तर पर हो रही सरकार की आलोचनाओं, विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा विरोध तथा राज्यपाल महोदय द्वारा टिप्पणी कर इसे वापिस भेजने के बाद अब यू-टर्न लेना ही पड़ा।</p>
<p>राठौड़ ने कहा कि जब कांग्रेस सरकार विधानसभा में यह बिल लाकर बाल विवाह को प्रोत्साहन देने का महापाप कर रही थी तब मेरे सहित प्रतिपक्ष के सभी विधायकों ने इस बिल का जमकर विरोध किया था लेकिन सरकार ने हमारी दलीलों को उस वक्त स्वीकार नहीं किया।<br /> <br /> राठौड़ ने कहा कि देर आए दुरुस्त आए ! मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी को धन्यवाद देना चाहूंगा जिन्होंने आखिरकार इस बिल को वापिस लेने का निर्णय किया है। अगर कांग्रेस सरकार ने इस बिल के संबंध में कानूनी राय और अध्ययन वक्त रहते पहले ही किया होता, तो आज सरकार के समक्ष बिल को लेकर इस तरह से यू-टर्न लेने की नौबत नहीं आती।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <title>यूपीए के समय का सूचना का अधिकार अधिनियम सबसे महत्वपूर्ण कानूनों में से एक है : CM गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 आज ही के दिन लागू हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%9A%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE-%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%B9%E0%A5%88---cm-%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4/article-1605"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/ashok_gehlot_630x4002.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 आज ही के दिन लागू हुआ, जो ऐतिहासिक दिन है। अब हमारा फोकस इसे मजबूत करने पर होना चाहिए। गहलोत ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि इस दिन ऐतिहासिक सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 लागू हुआ, हमारा ध्यान अधिनियम को मजबूत करने पर होना चाहिए। यह यूपीए के समय का सबसे महत्वपूर्ण कानूनों में से एक है, जो नागरिकों को पहले की तरह सशक्त बनाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Tue, 12 Oct 2021 14:33:43 +0530</pubDate>
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