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                <title>दुनिया की सबसे खतरनाक सड़क भारत में... जानने के लिए पढ़े यह ख़बर</title>
                                    <description><![CDATA[दुनिया के सबसे खतरनाक रोड रूट के बारे में बताते हैं, जो भारत में ही स्थित है। जी हां, इन सड़कों को किलर से किश्तवाड़ सड़क के नाम से जाना जाता है। अगर आप ऐसी चुनौतियों का सामना करने के लिए बिल्कुल भी नहीं डरते, तो एक बार इस जगह की यात्रा जरूर करें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/worlds-most-dangerous-road-in-india-read-this-news-to/article-13313"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/v-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>श्रीनगर।</strong> क्या आप भी एडवेंचर के लिए तरस रहे हैं? अगर हां, तो चलिए आज हम आपको दुनिया के सबसे खतरनाक रोड रूट के बारे में बताते हैं, जो भारत में ही स्थित है। जी हां, इन सड़कों को किलर से किश्तवाड़ सड़क के नाम से जाना जाता है। अगर आप ऐसी चुनौतियों का सामना करने के लिए बिल्कुल भी नहीं डरते, तो एक बार इस जगह की यात्रा जरूर करें। असल में ये सड़क काफी टूटी हुई है, साथ ही पहाड़ भी काफी नीचे की ओर झुके हुए और ये रास्ता 114 किमी लंबा है।</p>
<p><br /><strong>उबड़-खाबड़ सड़क</strong> <br />जम्मू क्षेत्र के किश्तवाड़ जिले के पूर्वी छोर पर स्थित किलार से किश्तवाड़ रोड वाला रास्ता बेहद पतला है। इस रास्ते पर आपको तेज हवा का एहसास होगा और किनारों पर किसी भी तरह की रेल भी नहीं लगी हुई है। यहां का सबसे खतरनाक हिस्सा 1000 फीट की खड़ी घाटी है।</p>
<p><br /><strong>किलर टू किश्तवाड़ रोड</strong> <br />अगर आप किल्लार से किश्तवाड़ रोड को कवर करने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो इतनी ऊंचाई से किनारे से नीचे देखने की कोशिश भी न करें। ऐसी खड़ी ऊंचाई वाली ये सड़क देखने में ही बेहद खतरनाक है, ऐसे में अगर आप यहां से यात्रा करना चाहते हैं, तो सड़क के साइड से निकलते हुए नीचे की तरफ बिल्कुल भी न देखें।  सड़क के बारे में बताएं तो सड़क थोड़ी बजरी वाली, पथरीली और रेतीली है। साथ ही चट्टान भी इतनी झुकी हुई है कि इंसान को झुककर चलना पड़े। सबसे खतरनाक हिस्सा एक तरफ चंद्रभागा में 1000 फीट फ्रीफॉल और दूसरी तरफ एक पहाड़ी चट्टान है। सड़क पर ज्यादातर भूस्खलन की समस्या देखने को मिलती रहती है और हर समय लगभग खंडहर में रहती है। एक कारण है कि इस सड़क को कि दुनिया की सबसे खतरनाक सड़कों में से एक का खिताब दिया गया है। इसलिए प्लान करने से पहले अपनी सुरक्षा का भी ध्यान जरूर रखें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jun 2022 16:30:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यमन में आईईडी से कार में विस्फोट, पत्रकार की मौत, राहगीर घायल</title>
                                    <description><![CDATA[अदन | यमन के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र और बंदरगाह शहर अदन में  एक कार में विस्फोट होने की वजह से एक स्थानीय पत्रकार की मौत हो गई है। यह जानकारी एक सरकारी अधिकारी ने दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/car-explodes-with-ied-in-yemen-journalist-killed-pedestrians-injured/article-12325"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/yemeni-journalist.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">अदन।</span> <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">यमन के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र और बंदरगाह शहर अदन में बुधवार को एक कार में विस्फोट होने की वजह से एक स्थानीय पत्रकार की मौत हो गई है। एक सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी। नाम न जाहिर करने की शर्त पर एक स्थानीय सरकारी अधिकारी ने कहा</span>, ''<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">पत्रकार सबर नोमान अल-हैदरी जिस कार से जा रहे थे उसमें आईईडी फिट किया गया था। कार जब अदन के मंसूर से गुजर रही थी तब उसमें धमाका हो गया।</span> <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">अधिकारी ने कहा</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">रात को हुई इस घटना में पत्रकार की मौत सहित कुछ राहगीर भी घायल हुए हैं।''<span>     <br /></span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">पत्रकार सबर नोमान अल-हैदरी एक जापानी न्यूज आउटलेट के लिए काम करते थे। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें क्यों निशाना बनाया गया है। अधिकारी ने इस पर जांच होने की जानकारी दी है। अभी तक किसी भी आतंकवादी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">हालांकि इस युद्धग्रस्त अरब देश में हाल के दिनों में पत्रकारों को निशाना बनाए जाने की ऐसी कुछ घटनाएं सामने आई हैं। यमन साल </span>2014 <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">के अंत से गृह युद्ध की चपेट में है। देश के उत्तरी हिस्से के कुछ प्रांतों को हुती विद्रोहियों ने अपने कब्जे में ले लिया है और सऊदी समर्थित यमनी सरकार को भी जबरदस्ती राजधानी सना से बाहर कर दिया है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jun 2022 13:29:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टाइगर श्रॉफ ने जीवन का सबसे चुनौतीपूर्ण शेड्यूल पूरा किया</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्राफ ने अपने जीवन का सबसे चुनौतीपूर्ण शेड्यूल पूरा किया है। टाइगर श्राफ इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म गणपत पार्ट वन को लेकर चर्चा में हैं। टाइगर ने इस फिल्म के अंतिम और सबसे चुनौतीपूर्ण शेड्यूल की शूटिंग को पूरा कर लिया है। गणपत पार्ट वन के अंतिम शेड्यूल की शूटिंग को खत्म करने की जानकारी टाइगर ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट साझा कर दी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/tiger-shroff-completes-the-most-challenging-schedule-of-life/article-10357"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/tiger-shroff.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्राफ ने अपने जीवन का सबसे चुनौतीपूर्ण शेड्यूल पूरा किया है। टाइगर श्राफ इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म गणपत पार्ट वन को लेकर चर्चा में हैं। टाइगर ने इस फिल्म के अंतिम और सबसे चुनौतीपूर्ण शेड्यूल की शूटिंग को पूरा कर लिया है। गणपत पार्ट वन के अंतिम शेड्यूल की शूटिंग को खत्म करने की जानकारी टाइगर ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट साझा कर दी हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, ''बस मेरे जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण शेड्यूल को पूरा कर लिया है। ये देखने के लिए आप लोगों का इंतजार नहीं कर सकता कि क्या आ रहा है। <br /><br />   गौरतलब है कि विकास बहल के निर्देशन में बनी रही गणपत पार्ट वन में टाइगर श्राफ और कृति सैनन की मुख्य भूमिका है।इस हाई-ऑक्टेन एक्शन फिल्म का निर्माण पूजा एंटरटेनमेंट के बैनर तले किया जा रहा है। टाइगर श्रॉफ की यह एक्शन ड्रामा फिल्म इस साल क्रिसमस के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 May 2022 18:39:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गहलोत ने बीजेपी पर साधा निशाना: भाजपा उद्योगपतियों पर एक तरफा दबाव बनाती है जिससे अधिकांश चन्दा मिलता है</title>
                                    <description><![CDATA[गहलोत ने कहा कि इलेक्टोरल बॉण्ड भारत के लोकतंत्र के सबसे बड़े घपलों में एक है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--gehlot-targets-bjp--bjp-creates-one-sided-pressure-on-industrialists--who-get-most-of-the-donation/article-7813"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/ashok1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी पर निशाना साधा है। गहलोत ने कहा कि इलेक्टोरल बॉण्ड भारत के लोकतंत्र के सबसे बड़े घपलों में एक है। इलेक्टोरल बॉन्ड ने पूरी चुनाव व्यवस्था को सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में कर दिया है। भाजपा उद्योगपतियों पर एक तरफा दबाव बनाती है जिसके कारण इलेक्टोरल बॉण्ड से अधिकांश चन्दा भाजपा को मिलता है। इन बॉन्ड्स में चन्दा देने वाले की जानकारी भी पता नहीं लगती इसलिए ये बॉन्ड कालेधन को चुनावों में इस्तेमाल लेने का एक तरीका बन रहे हैं।</p>
<p><br />माननीय सुप्रीम कोर्ट को इलेक्टोरल बॉन्ड के संबंध में दायर याचिकाओं पर शीघ्र फैसला देकर इन पर रोक लगानी चाहिए जिससे सभी पार्टियों को एक लेवल प्लेइंग फील्ड मिल सके। गहलोत ने एक अंग्रेजी अखबार में छपे संपादकीय भी साझा किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Apr 2022 17:43:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ज्यादातर महिलाओं में होती है हीमोग्लोबिन की कमी</title>
                                    <description><![CDATA[  58 फीसदी बच्चे और 53 फीसदी युवा महिलाएं तथा 50 फीसदी गर्भवती महिलाएं खून की कमी का शिकार होती हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/health--news--hemoglobin-deficiency-occurs-in-most-women/article-7470"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/05.jpg" alt=""></a><br /><p>एनीमिया खून से संबंधित एक बीमारी है, जो ज्यादातर महिलाओं में पाई जाती है। एक्सपर्ट्स की मानें तो अब इसकी जांच करने के तरीकों में बदलाव करने की तैयारी है।  एनीमिया खून से संबंधित एक बीमारी है, जिसे शरीर में खून की कमी होना भी कहा जाता है। इस बीमारी के कारण शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है।</p>
<p><strong>ताजा रिपोर्ट बताती हैं</strong><br />  58 फीसदी बच्चे और 53 फीसदी युवा महिलाएं तथा 50 फीसदी गर्भवती महिलाएं खून की कमी का शिकार होती हैं। इसे दूर करने के लिए हालांकि सरकार द्वारा कई तरह के काम किए जा रहे है ,लेकिन इसमें कुछ नीतिगत बदलावों की रुपरेखा भी तैयार होने लगी है। भारतीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ विश्व स्वास्थ्य संगठन  के साथ परामर्श कर एनिमिया जांच के मानकों में बदलाव करने की तैयारी कर रहे हैं।</p>
<p><br /><strong>एनीमिया के लक्षण</strong> <br />शरीर में आयरन की कमी होने लगती है। जब शरीर में ब्लड सेल्स धीरे-धीरे खत्म होने लगते हैं। ऐसा तब होता है जब बॉडी को जरूरत के मुताबित डायट नहीं मिलती है। ज्यादातर ये परेशानी किशोरावस्था में होती है।</p>
<p><br /><strong>क्या हैं इसके लक्षण  </strong><br />इसके लक्षणों की बात करें तो इसमें पीली स्किन, थकान, सांस लेने में तकलीफ , छाती में दर्द, ठंडे हाथ और पैर, सिरदर्द, चक्कर आना, थकान, दिल की धड़कन तेज होना।  </p>
<p><br /><strong>क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स</strong> <br />एक्सपर्ट की मानें तो नए दिशा-निर्देशों को बेहद सरल तरीके से आम लोगों के सामने रखा जाएगा ताकि सामान्य पढ़ा-लिखा व्यक्ति भी उन्हें समझ सके और उसके अनुरूप अपना खान-पान सुनिश्चित कर सके। इसी के साथ नये दिशा-निर्देशों को तीन पैरामीटर पर केंद्रित रखा गया है। खाने की मात्रा, गुणवत्ता और खाने की चीजें। खाने की चीजों में सब्जी, फल, नट, फैट और मिल्क प्रोडक्ट शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Apr 2022 12:57:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान का भिवाड़ी सर्वाधिक प्रदूषित शहर</title>
                                    <description><![CDATA[ रिपोर्ट में कहा गया है कि यहां पिछले साल की तुलना में प्रदूषण 15 प्रतिशत तक बढ़ा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bhiwadi-most-polluted-city-of-rajasthan--delhi-most-polluted-capital-of-the-world/article-6573"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/air-pollution.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। यह लगातार चौथा वर्ष है, जब दिल्ली को दुनिया की सर्वाधिक प्रदूषित राजधानी घोषित किया गया है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि यहां पिछले साल की तुलना में प्रदूषण 15 प्रतिशत तक बढ़ा है। स्विटजरलैंड की एक फर्म के अनुसार वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट में कहा गया कि वर्ष 2021 के अंत तक भारत में वायु प्रदूषण की स्थिति में भारी गिरावट आई। रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली दुनिया की सबसे अधिक प्रदूषित राजधानी है, लेकिन दुनिया का सर्वाधिक प्रदूषित क्षेत्र राजस्थान का भिवाड़ी है। जबकि प्रदूषण के मामले में उत्तरप्रदेश का गाजियाबाद दुनिया में दूसरे नम्बर पर। उल्लेखनीय है कि ये दोनों शहर भी दिल्ली के बहुत करीब हैं।</p>
<p><br />स्विटजरलैंड की एक फर्म के अनुसार वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट में कहा गया कि वर्ष 2021 के अंत तक भारत में वायु प्रदूषण की स्थिति में भारी गिरावट आई। दिल्ली में औसत वायु प्रदूषण प्रति घनमीटर में 58.1 माइक्रोग्राम रहा। यह विश्वस्थास्थ्य संगठन के शुद्धता के मानदंड से दस गुणा ज्यादा है। उल्लेखनीय है कि वायु शुद्धता के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानदंडों पर भारत का कोई भी शहर खड़ा नहीं उतरा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Mar 2022 12:38:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> एनसीआर का नए सिरे से पुनर्गठन, राजस्थान का 7000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र बाहर</title>
                                    <description><![CDATA[आरपी-2041 को मार्च 2022 तक अंतिम रूप दिया जाएगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/restructuring-of-ncr--7000-sq-km-area-out-of-rajasthan--world-s-most-populous-region-by-2030--territories-of-other-states-also-outside/article-5299"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/ncr.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का नए सिरे से पुनर्गठन लगभग फाइनल हो गया है, मार्च में इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। नए मापदण्डों के आधार पर पुनर्गठन से राजस्थान का करीब 7000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र एनसीआर से बाहर हो गया है, अब केवल करीब 6000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र ही एनसीआर में रह सकेगा।</p>
<p><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>आरपी-2041 को मार्च 2022 तक अंतिम रूप दिया जाएगा</strong></span><br />दरअसल, दिल्ली के केन्द्र बिन्दु से 100 किलोमीटर की परिधि में क्षेत्र रखा गया है। इसके चलते भरतपुर और अलवर के क्षेत्र इस दायरे से बाहर आ रहे है, जबकि इनके कुछ क्षेत्रों के तो वर्ष 2020 में सब रीजन प्लान भी तैयार किए गए है। इस परिधि में किसी तहसील का 50 प्रतिशत या इससे अधिक क्षेत्र आता है तो उस तहसील का पूरा क्षेत्र एनसीआर में शामिल रहेगा। एनसीआर में बढ़ते शहरीकरण के साथ यह क्षेत्र 2030 तक दुनिया का सबसे बड़ी आबादी वाला क्षेत्र बनने जा रहा है। एनसीआर के मौजूदा क्षेत्र के जिन शहरी क्षेत्रों में मास्टर प्लान बन चुके है, वे इलाके भी एनसीआर में शामिल होंगे। ऐसे नेशनल राजमार्ग और राज्य राजमार्ग जो वर्तमान में जितनी लंबाई तक क्षेत्र में शामिल है, इन राजमार्गों उस लंबाई तक दोनों तरफ एक-एक किलोमीटर का इलाका भी शामिल किया जाएगा। यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने केन्द्र के समक्ष अनुरोध करते हुए कहा था कि एनसीआर में शामिल राजस्थान के अलवर व भरतपुर जिलों को पूरी तरह से शामिल रखा जाए।</p>
<p><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>क्षेत्रीय योजना-2041 का प्रारूप तैयार</strong></span><br />बोर्ड ने कुछ संशोधनों के साथ मसौदा क्षेत्रीय योजना-2041 का प्रारूप तैयार किया। इस प्रारूप पर राज्यों से आपत्ति व सुझाव मांगे गए थे। आरपी-2041 को मार्च 2022 तक अंतिम रूप दिया जाएगा। केन्द्र का मानना है कि एनसीआर में बढ़ते शहरीकरण के साथ यह क्षेत्र 2030 तक दुनिया का सबसे बड़ी आबादी वाला क्षेत्र बनने जा रहा है, जो इस क्षेत्र के भविष्य के लिए बड़ी चुनौती उत्पन्न करेगा। आरपी-2041 के मसौदे में जनसंख्या अनुमान को लेकर राज्यों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। राज्य अगले बीस वर्षों के लिए अपने अनुमानों और उनके बुनियादी ढ़ांचे और अन्य विकास आवश्यकताओं के अनुसार आंकड़े ले सकते है।</p>
<p><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>ग्रामीण क्षेत्र में उद्योगों को फायदा</strong></span><br />एनसीआर से जिन क्षेत्रों को बाहर रखा गया है, उनमें शहरी व ग्रामीण दोनों शामिल है। शहरी क्षेत्रों में संबंधित निकाय की ओर से विकास कार्य होते रहेंगे, प्लानिंग बोर्ड से वित्तीय सहायता नहीं मिल सकेगी, जबकि जो ग्रामीण क्षेत्र बाहर हुआ है, उस क्षेत्र में यह फायदा रहेगा कि वहां पर किसी तरह का उद्योग लगाने के लिए जो पहले एनजीटी सहित कई एनओसी लेनी पड़ती थी, अब उनसे राहत मिल सकेगी।<br /><br />इसका भविष्य में पता चल सकेगा कि क्या नुकसान होगा। राज्य की ओर से क्षेत्रीय योजना-2041 के प्रारूप पर सुझाव भी दिए गए है। कुछ क्षेत्रों के तो 2020 में ही सब रीजन प्लान तैयार किए गए थे। राज्य सरकार ने मौजूदा क्षेत्र को रखने का सुझाव दिया था। -<strong>ओम प्रकाश पारीक, सीटीपी एनसीआर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Mar 2022 10:31:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पहला निलंबन : 1982 में दाऊदयाल जोशी का हुआ, अब तक 58 विधायक हो चुके हैं निलंबित </title>
                                    <description><![CDATA[निलंबित हो चुके विधायकों में से अभी अधिकांश मंत्री, वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष भी हो चुके हैं एक बार निलंबित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%A8---1982-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%8A%E0%A4%A6%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%B6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%86--%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%A4%E0%A4%95-58-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%95-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%A4/article-4401"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/vidhan-sabha2.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विधानसभा में अब तक 58 विधायक निलंबित हो चुके हैं। निलंबन की पहली कार्रवाई 40 साल पहले सातवीं विधानसभा में हुई थी। निलंबित हुए थे दाऊदयाल जोशी। घटना 15 मार्च 1982 की है। इसके बाद 11 मार्च 1983 को भाजपा के देवीसिंह भाटी निलम्बित हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी भी एक बार निलंबित हो चुके हैं। विधानसभा में भाजपा के चार सदस्यों के निलंबन के विरोध में दो दिन से गतिरोध है। विधानसभा के अनुसार आठवीं विधानसभा में 18 जुलाई 1989 को जगतसिंह दायमा, जगदीप धनकड़, अमराराम चौधरी, भंवरलाल शर्मा और जुबेर खान भी निलम्बित हुए। धनकड़ अभी पश्चिम बंगाल के राज्यपाल हैं। 11वीं विधानसभा में 10 अप्रैल, 2002 को देवीसिंह भाटी और 19 मार्च को नाथूलाल गुर्जर तथा 2 अप्रैल 1999 को मदन दिलावर को निलम्बित किया गया। 12वीं विधानसभा में 24 मार्च 2006 को एक साथ छह सदस्यों को निलम्बित किया गया था। इनमें डॉ.सीपी जोशी, अत्तर सिंह भड़ाना, अशोक बैरवा, संयम लोढ़ा, सीडी देवल और रणवीर गुढ़ा थे। डॉ.जोशी अब विधानसभा अध्यक्ष हैं। इसके बाद विभिन्न सत्रों में आठ और विधायकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। उस समय अध्यक्ष पद पर सुमित्रा सिंह थी। 13वीं विधानसभा में विभिन्न सत्रों के दौरान पांच सदस्यों का निलंबन हुआ,जिनमें ज्ञानदेव आहुजा, हेमसिंह भड़ाना, भवानीसिंह राजावत, राजेन्द्र राठौड़ और हनुमान बेनीवाल शामिल हैं। राठौड़ अभी विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता है। सबसे ज्यादा सदस्यों का निलंबन 14वीं विधानसभा में हुआ। इस विधानसभा में अध्यक्ष पद पर दीपेन्द्र सिंह शेखावत थे। इसमें विभिन्न सत्रों में 22 सदस्यों का निलंबन हुआ। <br /><br /><strong>एक बार ऐसा मौका भी आया, जब 14 सदस्यों का हुआ निलंबन</strong><br />सबसे ज्यादा 14 सदस्यों का एक साथ निलंबन 26 अप्रैल 2017 को हुआ। उस दिन अशोक, गोविन्द सिंह डोटासरा, घनश्याम, धीरज गुर्जर, भजनलाल, मनोज कुमार, मेवाराम जैन, रमेश, राजेन्द्र सिंह यादव, शंकुन्तला रावत, श्रवण कुमार, सुखराम विश्नोई, हनुमान बेनीवाल और हीरालाल दरांगी शामिल हैं। इससे पहले तीन मार्च, 2015 को अशोक चांदना, श्रवण कुमार, धीरज गुर्जर, गोविन्द्र सिंह डोटासरा, सुखराम विश्नोई, रमेश, बिजेन्द्र ओला और गिरिराज सिंह को निलम्बित किया गया । इनमें से डोटासरा अभी राजस्थान प्रदेश कांगे्रस के अध्यक्ष, राजेन्द्र सिंह यादव, शकुंतला, सुखराम विश्नोई, अशोक चांदना और बृजेन्द्र सिंह ओला मंत्री हैं और बेनीवाल लोकसभा सदस्य। 15वीं विधानसभा में 24अगस्त,2020 को राजेन्द्र सिंह राठौड़ तथा एक मार्च 2021 को वासुदेव देवनानी को निलम्बित किया गया था। एक दिन पहले गुरुवार को भाजपा के चार विधायकों को  निलम्बित किया गया। <br /><strong><br />पहले सदस्य सदन में आचरण का ध्यान रखते थे : सुमित्रा सिंह</strong><br /> सन् 1957 से सबसे लम्बे समय तक सदस्य रहीं और पूर्व विधानसभाध्यक्ष सुमित्रा सिंह का मानना है कि 1977 के बाद सदस्यों के आचरण में गिरावट शुरू हुई। इससे पहले हर सदस्य सदन के नियमों और परम्पराओं का पूरा ध्यान रखते थे। इसलिए किसी सदस्य को निलंबित करने की नौबत ही नहीं आई। आसन जब पैरों पर रहता था तो कोई भी सदस्य अपनी सीट पर खड़ा नहीं होता था और न बीच में बोलता था। आसन पैरों पर रहते समय पूर्व मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया तक सदन में प्रवेश तक नहीं करते थे। कई मौके ऐसे आए, जब सुखाड़िया दस मिनट तक गेट पर इंतजार करते रहे। नेता प्रतिपक्ष सदन के नेता पर जमकर आरोप लगाते थे, लेकिन न तो सदन का नेता और न उसकी पार्टी के सदस्य बीच में बोलते थे। पहले जब कोई सदस्य बोलता था, तो दूसरा सदस्य उसके सामने से नहीं गुजरता था। बिना आसन की इजाजत के कोई भी सदस्य सदन नहीं छोड़ता था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Feb 2022 15:39:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जहरीली हवा</title>
                                    <description><![CDATA[हर साल की तरह इस साल भी देश की राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत के ज्यादातर क्षेत्रों में प्रदूषण बेहद खतरनाक बिन्दु तक पहुंच गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%9C%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%B5%E0%A4%BE/article-2237"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/jahrili-hawa_polution.jpg" alt=""></a><br /><p>हर साल की तरह इस साल भी देश की राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत के ज्यादातर क्षेत्रों में प्रदूषण बेहद खतरनाक बिन्दु तक पहुंच गया है। कुछ-कुछ इलाकों की हालत तो ऐसी बन गई है जहां सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। दिल्ली व आसपास के इलाकों में तो दिवाली के बाद फैले प्रदूषण की बेहद खराब स्थिति को देखते हुए लोगों की हिदायतें दी जा रही हैं। वैसे हर साल ही दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्र्राम जैसे इलाकों में हर साल ही अक्टूबर के बाद हवा में जहर घुलना शुरू हो जाता है। इसका बड़ा कारण पड़ोसी राज्यों से आने वाला पराली का धुआं है। लेकिन इस बार तो दिल्ली सहित देश के कई शहरों की हवा जो बिगड़ी है, उसका बड़ा कारण पटाखों का धुआं रहा है। कोरोना महामारी का स्तर काफी हद तक गिर जाने के कारण लोगों ने दिवाली पर जमकर पटाखे छुड़ाए। हालांकि कई राज्यों में ग्र्रीन पटाखों की अनुमति दी गई थी, लेकिन दुकानदारों ने हर प्रकार के पटाखे ग्र्राहकों की मांग के अनुसार बेच डाले। दिल्ली में तो पटाखों पर पूर्ण पाबंदी थी, लेकिन सरकार पटाखे छोड़ने वालों को रोकने में नाकाम रही। दिवाली के बाद दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई इलाकों में वायु की गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। हालांकि प्रदूषण के लिए पराली, पटाखों के अलावा शहरों में हजारों ऐसी गाड़ियां हैं, जो रोजाना जहरीला धुआं छोड़ती हुई दौड़ती है। यातायात पुलिस, इसे गंभीरता से नहीं लेती। परिवहन विभाग भी ऐसी गाड़ियों पर निगरानी बरतने में कोताही बरतता है। और तो और सरकारें भी इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं देती। सरकारें प्रदूषण संबंधी कानूनों का भी पालन कराने में असमर्थ है। पिछले कई सालों से दुनिया के पहले तीस प्रदूषित शहरों में भारत के कई शहर दर्ज होते रहे हैं। विभागों व सरकारों की अनदेखी या किसी प्रकार की हिचकिचाहट की वजह से हवा को जहरीली बना रहे हैं। इस बात से कोई अनजान नहीं है कि जहरीली हवा से लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। फिर चिकित्सा विशेषज्ञ चेतावनी दे चुके हैं कि वायु प्रदूषण से कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। सरकारों व आम लोगों को प्रदूषण को गंभीरता से लेना चाहिए और अपने परिजनों, समाज व देश के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Nov 2021 14:21:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मर्ज का घटिया इलाज : कोरोना की दवाओं में घालमेल जांच में हार्ट और शुगर की दवा हुई सबसे ज्यादा फेल</title>
                                    <description><![CDATA[एक साल में दवाओं की जांच में एक फीसदी सैम्पल फेल हुए, 66 दवा प्रतिबंधित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%98%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%87%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%9C---%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%88-%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%AB%E0%A5%87%E0%A4%B2/article-1694"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/pills-_dawai_mks.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। मरीज के इलाज में दवा का ही अहम रोल होता है। डॉक्टर मर्ज देखकर दवा लिखता है, लेकिन घटिया दवाओं के कारोबार के चलते दवा ही मर्ज को बढ़ा रही है। प्रदेश में पिछले एक साल में ऐसी दवाओं की धरपकड़ को औषधि नियंत्रक इकाई ने करीब 650 दवाओं के जांच सैम्पल लिए। जिनमें करीब 1 फीसदी यानी 66 दवाईयां घटिया मिली। जांच में जो दवा गुणवत्ता के मापदंड पर फेल हुई, उनमें सबसे ज्यादा दवा हार्ट-शुगर की बीमारियों से जुड़ी हुई है। गंभीर बात यह है कि कोरोनाकाल में इलाज में काम आने वाली दवाइयां जांच में घटिया निकली,जिन्हें ड्रग यूनिट ने कार्रवाई कर प्रतिबंधित किया और बाजार में बेचान से रोका।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>हार्ट-शुगर-बीपी की ये दवा निकली सब-स्टैंडर्ड</strong></span></span><br /> डायबिटीज को संतुलित रखने वाले साल्ट पियोगलिटेजॉन हाइड्रोक्लोराइड 7.5 एमजी, ग्लिमप्रराइड 2 एमजी, खून को पतला रखने वाले साल्ट एट्रोवासटेटिन, रोसूवासटेटीन एस्प्रिन,क्लोपिडोग्रेल एंड एस्प्रिन , हाई ब्लड-प्रेशर व कॉरोनरी आॅर्टरीज डिजीज कंट्रोल करने वाली एम्लोडिडपाइन टेबलेट्स खराब क्वालिटी की पाई गई। संभवत: दवाओं को प्रतिबंधित करने से पहले दवा लेने वाले मरीजों की डायबिटीज कंट्रोल नहीं हुई होगी, खून जितना पतला होना चाहिए, नहीं हुआ होगा और बीपी नॉर्मल होने में दवा कारगर नहीं रही होगी।</p>
<p><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong><br /> देशभर में दवा प्रतिबंधित, लेकिन हमारे यहां बिकती रही</strong></span></span><br /> केन्द्र सरकार ने बुखार-जुकाम में काम आने वाली पांच साल्ट सिट्रीजीन, फिनाइएलएफ्रिन, पेरासिटामॉल, कैफीन, निमुसुलाइड के काम्बीनेशन वाली दवाओं को स्वास्थ्य के लिए 7 सितम्बर 2018 को गंभीर घातक मानते हुए देशभर में प्रतिबंधित किया था, लेकिन यह दवा प्रदेश में दो साल बाद तक बिकती मिली। सूचना पर ड्रग इकाई ने जयपुर, दौसा, अजमेर, चित्तौडगढ़ में कार्रवाई कर इसके स्टॉक को जब्त किया और विक्रेताओं पर ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट में कार्रवाई की। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>कोरोना के इलाज में ये दवाएं फेल</strong></span></span><br /> केन्द्रीय ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने प्रदेश को 11 जून 2021 को पत्र लिखकर मैसर्स मैक्स रिलीफ हेल्थकेयर की फैवीपिराविर की 200 और 400 एमजी दवा घटिया क्वालिटी की होने की सूचना प्रदेश की ड्रग कंट्रोलर इकाई को दी,जिस पर 17 जून को कार्रवाई कर प्रदेशभर में दवा के चार बैचों की दवा को तुरंत प्रतिबंधित करवाया। बेचान से पहले स्टॉक को बाजार से हटवाया, लेकिन इससे पहले बाजार में जिन कोरोना संक्रमितों ने यह दवा ली होगी, उस पर कारगर रही होगी, इस पर सवाल खड़े हुए। इसी तरह कोरोना के इलाज में बुखार की पैरासिटामोल और इम्यूनिटी  बढ़ाने में सहयोगी दवा कैल्शियम-विटामिन डी-3 की दवा भी घटिया निकली। कैल्शियम-विटामिन डी-3 बनाने वाली 9 फॉर्मा कंपनियों, पैरासिटामोल और मोन्टूल्यूकॉस्ट टेबलेट बनाने वाली एक-एक कंपनी की दवा खराब निकली और उन्हें प्रतिबंधित कर कार्रवाई की गई।<br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong><br /> क्या होती है कार्रवाई</strong></span></span><br /> <span style="color:#ff0000;">सवाल:</span> घटिया दवा पर अंकुश को विभाग क्या करता है?<br /> <span style="color:#ff0000;">उत्तर:</span> प्रदेश में कुल 104 ड्रग इंस्पेक्टर है। हर इंस्पेक्टर का प्रतिमाह न्यूनतम 6 दवाओं के सैम्पल लेकर लैब में क्वालिटी जांच कराना अनिवार्य है, कम जांच पर इंस्पेक्टरों-अधिकारियों पर कार्रवाई करते हैं। मुखबिर से, विभाग को आमजन से ई-मेल  आईडी पर आई शिकायतों, अन्य राज्यों की ड्रग इकाई के अलर्ट के आधार पर जांच कार्रवाई करते हैं। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>चीफ ड्रग कंट्रोलर राजाराम शर्मा से बातचीत</strong></span></span><br /> <span style="color:#ff0000;">सवाल:</span> जांच का प्रोसेस क्या है, घटिया दवा बनाने वाली फार्मा कंपनी पर क्या कार्रवाई होती है?<br /> <span style="color:#ff0000;">उत्तर:</span> डग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत घटिया दवा प्रतिबंधित की जाती है। निर्माता पर मुकदमा दर्ज करवाया जाता है, जिस राज्य में मैन्यूफेक्चरिंग है, वहां सूचना भेजकर कंपनी के लाइसेंस निरस्तीकरण, प्रोडेक्शन रुकवाने, फैक्ट्री बंद करने की कार्रवाई करवाते हैं। एक्ट में दोषियों पर 3 साल से आजीवन कारावास का प्रावधान है।</p>
<p><br /> <span style="color:#ff0000;">सवाल: </span>घटिया दवा पर पूर्ण अंकुश कैसे लगे?<br /> <span style="color:#ff0000;">उत्तर:</span> विभाग हमेशा अलर्ट मोड में रहता है। पहले काफी ज्यादा दवा जांच में फेल होती थी। अब इसे कम कर  एक फीसदी से कम पर लेकर आए हैं। पूरी तरह संकल्पबद्ध हैं कि घटिया दवा बनाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करें। जल्द और भी कई नए प्रावधान व कार्ययोजना लागू कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Fri, 15 Oct 2021 10:58:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपीए के समय का सूचना का अधिकार अधिनियम सबसे महत्वपूर्ण कानूनों में से एक है : CM गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 आज ही के दिन लागू हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%9A%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE-%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%B9%E0%A5%88---cm-%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4/article-1605"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/ashok_gehlot_630x4002.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 आज ही के दिन लागू हुआ, जो ऐतिहासिक दिन है। अब हमारा फोकस इसे मजबूत करने पर होना चाहिए। गहलोत ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि इस दिन ऐतिहासिक सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 लागू हुआ, हमारा ध्यान अधिनियम को मजबूत करने पर होना चाहिए। यह यूपीए के समय का सबसे महत्वपूर्ण कानूनों में से एक है, जो नागरिकों को पहले की तरह सशक्त बनाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Tue, 12 Oct 2021 14:33:43 +0530</pubDate>
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